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उसके बाद वो मुझे कहने लगी- तुम्हारा वीर्य तो काफ़ी टेस्टी है, मुझे बहुत मज़ा आया.उस दिन मम्मी मेरे मामा के यहां गई हुई थी, तो मैंने लैपटॉप निकालना औरएडल्ट मूवीदेखने लगा.

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मैं अपने एक हाथ से उनका दूसरा आम दबा रहा था, कभी निप्पल छेड़ रहा था. मैंने ध्यान देना शुरू किया तो समझ आया कि वो बाइक हफ्ते में दो बार सोसाइटी के बाहर खड़ी रहती थी. मेरी पिछली कहानीशीला का शीलऔरवो सात दिन कैसे बीतेथीं।असल में जिओ ने मेरी नौकरी की वाट लगा दी थी, फिर काफी संघर्ष भरा वक़्त गुज़रा इस बीच, जिससे मैं इस मंच से अपना कोई अनुभव साझा न कर सका।अब फिर से किसी ठिकाने लग गया हूँ तो सुकून है और इस बीच जो अनुभव ख़ास रहे, उन्हें आपके साथ ज़रूर साझा करूँगा। ऐसा तो नहीं है कि इस बीच कहीं सहवास के मौके न मिले हों.

पूजा बोली- ये आप क्या कर रहे हो फूफाजी?रमेश का लन्ड पूजा की चूत से सटा हुआ था और वो पूजा को कस कस के चुम्बन कर रहा था. मुझे उसकी इस बात पर प्यार भी आ रहा था और अपने आप गुस्सा भी…मैंने उससे कान पकड़ कर सॉरी कहा तो उसने मेरे हाथ को रोक कर खुद मेरे होठों पर अपने होंठ रख दिये. मैंने अपने लंड पर थोड़ी वैसलीन लगाई और सोनिया की दोनों टांगें ऊपर उठाकर चुत के छेद पर लंड सैट करके जोरदार धक्का लगा दिया.

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मामी फड़फड़ाकर बोलीं- अबे मादरचोद, मार डाला! बाहर निकाल जल्दी से!और मुझे अपने हाथों से धक्का देने लगीं.

मैं खुश था कि शादी के इस भीडभाड़ वाले माहौल में भी मुझे अपनी बंजारिन बहू को चोदने का परम सुख मिल गया था.

वो चुदास से भरी हुई सिसकारियां ले रही थी- ओह्ह… इश इष्ह इश उम्म्ह… अहह… हय… याह… विराट अयेए मजा आ रहा है. उम्मीद है आप सबको मेरी पहली रिअल सेक्स स्टोरी पसंद आई होगी। आगे की सच्ची वाली कहानी लिखने के लिए मुझे ईमेल लिख कर प्रेरित करें।[emailprotected]. 5 फीट लम्बा सांवला सा नाइजीरियन नंगा ही बाहर निकलकर आया। उसका 6-7 इंच लंबा का सोया हुआ काला लंड उसकी जांघों के बीच में झूल रहा था।मैं एक बार हक्का-बक्का रह गया… ये क्या बला है.

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नहाने के बाद मैं बाहर निकला तो मुझे कुछ आवाज सुनाई दी, तो मैं देखने लगा कि आवाज कहां से आ रही है.

कुछ ही देर में अलीगढ़ आने वाला था, तो वो बोली- राहुल, हम स्टॉप से पहले उतर जाते हैं. प्रेरणा- ठीक है, वैसे आप कहाँ आ सकते हैं?मैंने- आपको जिधर उचित लगे, आप बता दें. शाम को ही कटौती हुई थी, बिजली आने का इंतजार करते करते रात बहुत हो गई.

वहाँ जा कर मनोरमा और वो आदमी दोनों नंगे हो कर एक दूसरे को चूमने चाटने लग गए. मैं चाची को चुदाई करते वक्त कहता हूँ कि आपके मम्मों में जो दूध आएगा, वो आधा मेरा होगा. मैंने तभी लाल जी को आवाज दी कि लालजी अन्दर आना, मेरे को थोड़ी तेरी हेल्प चाहिए.

कुछ वो बहुत दिनों से चुदी ना होने के कारण चुत भी खड़े हुए लंड को देख कर पानी पानी होती जा रही थी.

इधर एकता पूरा आठ इंच का अपनी गांड की टाईट घाटी में लेने में लगी हुई थी. फिर कुछ झटके के साथ में हम दोनों साथ में झड़ गए और हम थक कर डॉगी स्टाइल से नीचे बिस्तर पर गिर गए और हांफने लगे और ऐसे ही हम कब सो गए, पता ही नहीं लगा.

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थोड़ी देर बाद जब मैं झड़ने को हुआ तो मुझे याद आया कि मैंने इस बार कंडोम तो लगाया ही नहीं. दीदी ने भी अपनी चुत पसार दी थी, तो मैं अब बहुत जोर जोर से दीदी की चुत को चाट रहा था. पूजा के जाने के बाद मैं सो गया और सुबह पूजा की बड़ी भाभी ने मुझे उठाया.

कुछ देर बाद जब हम शांत पानी में गये तो हमारे राफ्ट गाइड ने हमें पानी में कूद कर तैरने को कहा यहां कोई खतरा नहीं है! लाइफ जैकट अपने पहनी हुई है, चिंता की कोई बात नहीं!मैं और संजू पानी में कूद गये और मंजू भी हमारे साथ आना चाहती थी लेकिन वह डर रही थी मैंने झटके से उसे पानी में खींच लिया.

अभी आधा लंड ही गया था कि भाभी की चीख निकल गई और बाहर निकालने को कहने लगीं. पूजा बोली- पापा जी, नाश्ता आने में टाइम लगेगा, इतने आप मेरी चूत के बाल काट दो. खैर चाची तो यह भी नहीं जानती थीं की ये है कौन और ना मैडम को पता कि इतनी भीड़ में चाची कौन?लेकिन जब मैं सुकून से कहीं बैठा होता तो अगल बगल से किसी खजैले कुत्ते की तरह देखतीं.

हम दोनों की ही आँखें खुलीं, हमारी साँसें अब भी गर्म हवाएं जोर जोर से छोड़ रही थीं. बस यूं समझ लीजिए कि उसका फिगर 28-28-30 का था, जो नॉर्मल ही होता है. वह हंस दी और मना करने लगी, तब मैं उससे विनती करने लगा- दीदी प्लीज़ दीदी…तब दीदी बोली- ओके, मैं कपड़े बदल रही हूं, जितना दिखेगा सो देख लेना.

पद्मिनी ने आसमान की तरफ अपनी आँखों को उठाकर कहा- उफ़ बापू, आप आज मुझको देर करवा ही छोड़ोगे आप, अब क्या है बापू. मैंने राज और मंजू का आपस में परिचय करवाया! राज की आखों में चमक थी, वो मेरी मंजू को देख खुश था!राज ने हमें कैम्पिंग करने के लिए कहा तो हम तीनों शिवपुरी कैंपिंग के लिए चल दिये.

मैं फूफा जी की तरफ़ चेहरा करके उनके गले में बाहें डालते हुए उनकी छाती के साथ अपने बूब्स दबा कर उनके लंड पर बैठ गयी; उनका लंड फिर से मेरी चूत में समा गया और वो मुझे अपनी गोद में उठा कर खड़े हो गये और खड़े खड़े ही मुझे अपने लंड पर अपनी दोनों बांहों से उठा उठा कर चोदने लगे. करीब 15 मिनट तक दीदी ने मेरे लंड को चूसने के बाद मेरा पानी भी निकलवा दिया. उनकी नजर मेरे खड़े लंड पर पड़ी वो अपने हाथों को आश्चर्य से अपने मुँह पर ले गईं और बोली- ओ गॉड इतना बड़ा.

वहाँ राज ने सारी व्यवस्था पहले ही कर ली थी, हमें एक टेंट दिया गया, जिसमें 3 बेड लगे थे अलग अलग!रात हो चली थी, हम तीनों ने थोड़ी थोड़ी शराब का स्वाद चख लिया, खाना खा लिया… अब बारी थी सोने की!अब आगे की कहानी राज से सुनिये.

वो बोली- पहेली तो समझो हो गई… तुम मेरे घर पर रहो क्योंकि मैं अकेली ही रहती हूँ… और दूसरी के बारे में रात तो घर पर बात करते हैं. मैंने भी बिना देर किए लेटे हुए ही अपनी टी शर्ट उतार फेंकी उसने अपना सर मेरे सीने में दबा लिया और मेरा चेस्ट छूने लगी. बाथरूम में पानी गिरने की आवाज़ और उसका गाना गुनगुनाना ‘मेरे रश्के कमर… तेरी पहली नजर.

फ़िर मैंने भी हिम्मत करके यहाँ वहाँ नजरें घुमाने के बाद सबके मम्मों को देखा. अभी आधा लंड ही गया था कि भाभी की चीख निकल गई और बाहर निकालने को कहने लगीं.

” चेतना बोली।कौन?” हम तीनों ने उसकी तरफ देखा तो वह घबरा गई।नहीं… कोई नहीं” वह बोली।कौन? कौन?” रंजू उसे चिढ़ाती हुई बोली।नही…कोई नहीं” चेतना इधर उधर देखते हुए बोली।तुम्हारा नौकर… क्या नाम है उसका?” राखी कुछ सोचते हुए बोली।कौन… दामोदर?” रंजू ने चेतना को चिकोटी काटते हुए पूछा।हाँ याररर… क्या मस्त है ना!” अब राखी लगी चेतना की टांग खींचने लगी।हाँ यार… उसका वो ना बहुत बढ़िया है… और मजबूत है. उसकी चूत का पानी निकल कर बाहर आ रहा था, जो मैं चप चप करते हुए पी रहा था. मैं जानता था कि वो ऐसा ही करेगी इसलिए मेरी पकड़ इतनी मज़बूत थी कि वो मुझे एक इंच भी पीछे न धकेल पायी.

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वही नज़ारा बापू के आँखों के सामने था और उसका लंड अंडरवियर से बाहर निकलने को उछल गया.

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सफ़ेद पजामा और हल्के नीले रंग का ढील ढाला स्लीवलेस टॉप जो उसके बदन पर खूब फब रहा था. बापू के समझ में नहीं आ रहा था कि अपनी पद्मिनी के साथ बात की शुरूआत कैसे करे. देसी सेक्सी भाभी की चूतमुझसे बिलकुल नहीं रहा जा रहा था… मैंने दीदी को कस के पकड़ा और उनके होंठों को प्यार से चूमने लगा.

अब मैंने आंटी को चोदना शुरू किया, लंड की चूत में अंदर बाहर करना शुरू किया, मेरा पहली बार था, मैं अभी आंटी को धीरे-धीरे चोद रहा था, पूरे कमरे में फच फच की आवाज गूंज रही थी. अगर दिल करे तो एक दो बार और मेरी चुदाई देख लेना इससे तुम्हारा हौसला बढ़ जाएगा.

विमला- अगर तुम चाहते हो कि मैं किसी को ना बोलूँ तो मैं जो बोलूँ वो तुम्हें करना पड़ेगा. जब यह सब काम हो गया तो उसने चूत में लंड डाल कर धक्के मारने शुरू कर दिए और हर धक्के का जवाब भी धक्के से मनोरमा अपनी चूत उछाल कर दे रही थी. जैसे ही मैंने अगला धक्का लगाया और मेरा लंड सबा की चूत में गया, आपा कमरे के अन्दर आ गईं.

मैंने फिर पूछा- खाला, क्या आप तैयार हो?उन्होंने हाँ में सर हिलाया और धीरे से बोली- इस रात का इंतज़ार तो हर लड़की करती है. गांड पहले से ही चिकनी थी, वह भी बड़ी धीरे धीरे डाल रहा था जैसे मैं कोई कम उम्र का नया लौंडा होऊं जिसकी पहली बार मारी जा रही हो… कहीं गांड फट न जाए, कोई तकलीफ न हो!जबकि मैं पुराना गांडू कम उमर से गांड मरवाने लगा था, तभी से बड़े बड़े लंडों की टक्कर गांड पर झेली. मैं सुन्न हो गया… मानो मैं कुछ हूँ ही नहीं! मैं तो बेवजह ही उछाल भर रहा था, मंजू तो मुझे अपना पति समझ रही थी.

वो बोली- छोड़िए ना… क्या कर रहे सुबह सुबह…मैंने कहा- प्यार कर रहा हूँ.

मेरी भी आँखें बंद हो गईं और भाभी के साथ मेरी भी सिसकारियां निकलने लगीं- आह भाभी. गाड़ी चलते वक़्त गियर लगाते समय, मैंने उनकी जांघ पर हाथ रख दिया, उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मैं धीरे धीरे उनको सहलाने लगा.

उनकी बातों को मैंने समझते हुए कहा- ईदी के भी कोई पैसे लेता है क्या?उसके बाद उन्होंने मेरी कोई गर्लफ्रैंड न होने के बारे में पूछा. उसने मेरी पत्नी को उसके नितम्बों से जकड़ लिया और अपनी तरफ खींचने लगा. यह कहते हुए उसने पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, पेटीकोट नीचे खिसक कर गिर गई.

फिर मैंने आपा का लोअर नीचे किया तो आपा अन्दर कुछ नहीं पहने हुई थीं. थोड़ी देर बाद उनको मजा आने लगा और वो चूतड़ों को उठा कर गांड चुदवाने लगीं. जब भाभी मेरी बाइक पर बैठी थीं, तो थोड़ा मुझसे चिपक कर बैठी थीं, जिससे ब्रेक लगने से वो आगे को झुक जातीं और उनके गोल गोल मुम्मे मेरी पीठ से चिपक जाते.

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तभी मैंने लाल जी के होंठों को अपने होंठों में जकड़ लिया और जमकर चूसने लगी. उसने मेरा अंडरवियर भी निकाल दिया और लंड को हाथ में लेकर मरोड़ने लगी. अब स्नेहा रोने लगी थी और कह रही थी- मुझे दर्द हो रहा है सोनू, आज छोड़ दो, फिर कभी कर लेना!मगर मुझे पता था कि आज अगर छोड़ दिया तो दोबारा कभी मौका नहीं मिलने वाला मुझे… तो मैंने फिर उसे ज़मीन पे लेटने के लिए कहा और उसके ऊपर आ कर फिर अच्छे से अपना लन्ड सेट किया और जोर लगाया.

बापू ने फिर से पद्मिनी को चूमना शुरू किया और उसकी चूचियाँ दबाने लगा. मैंने उस वक्त अपनी लाइफ का पहला किस उसके माथे पर किया फिर उसके गाल पर उसके बाद मैंने उससे, होठों पर किस करने की अनुमति माँगी. कनाडा सेक्सी बीपीइतना सुनते ही तुरंत दिनेश अपना लंड मेरे मुँह के पास करके मेरे होंठों में अपना लंड रगड़ने लगा और घुसाने लगा.

मेरा नाम तुषार है, मैं महाराष्ट्र के जलगांव का रहने वाला हूँ, बात आज से 15 साल पुरानी है, मेरी उम्र तब 22 साल की थी, हम किराये के मकान में रहा करते थे, घर में मैं, बड़ा भाई, मम्मी पापा थे, मम्मी पापा भाई जॉब करते थे तो 10 बजे घर खाली हो जाया करता था।हम नीचे के फ्लोर पर रहते थे और ऊपर डॉक्टर मकान मालिक अपनी बीवी, एक बेटा और एक बेटी के साथ रहता था.

कुछ देर चोदने के बाद फिर उन्होंने मुझे सीट पर बैठा दिया और मेरे चेहरे पर मुट्ठ मारने लगे. मेरा भाई कॉलेज में रहता है दिन में और पापा खेती के काम में बिजी रहते हैं.

तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो…”मैं बोला- मैं भी चुदाई जैसे शब्दों का इस्तेमाल करूँ क्या?उसमें क्या दिक्कत है?”ना वो बात नहीं. मेरे लौड़े ने बीस पचीस तुनके मारे और हर तुनके के साथ गरम वीर्य के मोटे मोटे थक्के रेखा रानी के मुंह में झाड़े. मैंने हँस के बोल दिया- तेरा चुदाई करने का मन किया तो तेरे को चुत कहाँ से मिलेगी, हाँ अगर तेरी कोई गर्लफ्रेंड है तो तेरा काम बन सकता है, लेकिन मुझे तो हिला के ही तसल्ली करनी पड़ेगी.

बस दो-तीन बार उन्होंने अपने कमर को ऊपर मेरे मुँह में घुसेड़ने की कोशिश की और फिर शांत होकर, निढाल सी बेड पे पसर गईं.

जैसे ही मनोहर की जीभ मेरी जांघों में चलने लगी, मैं पूरी की पूरी मदहोश होने लगी. मैं भी बोला- ठीक है, चलो!वो अंदर गए, एक तेल की शीशी लाये और मेरे लन्ड पर लगा दिया और उन्होंने अपनी गांड पर भी लगा लिया और बेड पर ऊपर पैर करके लेट गए।फिर मैंने उनकी गांड में पहले उंगली करके छेद देखा और अपना लन्ड लगा दिया, धीरे से अंदर धक्का दिया लेकिन लन्ड अंदर गया ही नहीं… दो तीन बार कोशिश की, फिर नहीं गया. तो आज गुड्डा गुड्डी के खेल में मैं और तुम दुल्हा-दुल्हन बनेंगे, वाह मजा आ जाएगा.

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अब उसने मेरी कमर को जोर से पकड़ लिया था और जोर जोर से अपना लंड मेरी चूत में अन्दर बाहर करने लगा. मेरे दोस्त ने उसको पटाया था, ये उसने मुझे बाद में बताया कि ये है तो उसकी जुगाड़, लेकिन मैं इसकी चूत का मजा तेरे को भी दिला दूंगा. मुझे सुबह उठना भी होता है रोनू; तुम्हारी तरह नहीं कि 8 बजे तक सोते रहो.

दीदी बोली- मेरा तो सिर्फ आइडिया है तू किसी देसी कपल को भी सैट कर सकता है, पर वो हमारे लिए अजनबी होना चाहिए. हम दोनों एक कैफ़े में पहुँचे, वहां पर मैंने देखा कि मेरे घर की कार पार्किग में खड़ी है. एक बार चूत में घुस गया ना तो फिर उसको चूत से बाहर निकलवाने के लिए हाथ जोड़ोगी.

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उसके सामने मैं तुम्हें नचवाऊंगा और तुम अपनी चुत खोल खोल कर उसे दिखलाना, मुझे ना दिखाना क्योंकि मैं तेरा सब देख चुका हूँ.

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मैंने भी कपड़े पहने और हिमानी को पहले दिन की ट्यूशन पढ़ा कर भाभी के पास आ गया.

फिर कपड़े निकालना चालू किए तो वो बोली- इसको मत निकालो, कोई आ गया तो जल्दी नहीं पहन पाऊंगी. नमस्कार दोस्तो, मैं अमित, आपने मेरी कहानीगर्लफ्रेंड की मर्द का लंड देखने की इच्छापढ़ी और उस पर आपके मेल मिले. विमला आंटी जो मेरी पड़ोसी थीं, एक दिन उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया.

मैंने उसे लंड चूसने को कहा तो अभिलाषा एकदम नीचे झुककर मेरे लंड को चूसने लगी. मैंने अपनी जीभ को अन्दर डालने की कोशिश की और उसको जोर से किस करने लगा. उधर आशीष पूरी इंजीनियरिंग करके बंगलोर में ही किसी कंपनी में जॉब करने लग गया.

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जैसे ही लंड धक्का मार कर बाहर आना चाहता था, चूत उछल कर उसे बाहर जाने से रोक देती थी. मैंने बिंदु को फोन किया ही था और अभी एक मिनट भी नहीं गुजरा था कि वो पूरी नंगी ही मेरे कमरे में आ गई. वो पूरी रात मेरे से लिपटी रही, मेरा भी लंड खड़ा था और मैं उसे चोदना चाहता था पर मैंने उसके हाथ से रगड़वा कर खुद को शान्त किया।मैंने भाई बहन के रिश्ते की पूरी नहीं तो थोड़ी ही मर्यादा रखते हुए अपनी बड़ी बहन को नहीं चोदा.

खेल शुरू ही होने वाला था … नाश्ता करते हुए मैंने उनसे पूछा- दोबारा सोच लो, चुदाई के प्लान में कोई बदलाव है या वैसा ही होगा?मेरा इशारा सुकन्या रानी समझ गयीं और होंठ चबाते हुए बोली- क्यों? नहीं होगा क्या आपसे?इतना सुनते ही मैं सुकन्या को एकटक देखने लगा और वो उसी तरह होंठ चबाते हुए मुस्कुरा रही थी.

मैंने दुबारा अपना लण्ड उनकी पैन्टी के ऊपर लगाया और अबकी बार लगभग उनके मम्मों के ऊपर अपने हाथ रख कर पहले तो खड़ा खड़ा उनके शरीर को भींचता रहा.

”फिर शुरू करें खेल?” सलीम हँसते हुए बोला।किसने रोका है, तुम ही कितनी देर से बिना कुछ किये पड़े हो. इतना सुनते ही मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और मैं वहां से चला गया और रात का इंतज़ार करने लगा. आती सेक्सीमैं भी पीयूष की जीभ को चूसने लगी और उसके होंठों को अपने दांतों से काटने लगी.

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कुछ देर बाद उस डॉक्टर ने कोई चीज़ डाल कर उसकी चुत को चौड़ा कर दिया, फिर उसमें इस तरह से झाँकने लगा बिल्कुल करीब आकर जैसे लगे कि वो ना सिर्फ मुँह मार रहा है बल्कि उसमें घुसने की भी चाह रखता है. इतनी रात में उनका वहाँ से आना ठीक नहीं, तो प्लीज़ तुम उसके घर चले जाओ.

मेरी वाइफ की चुत से बहुत पानी निकले रहा था, जो कि नीचे तक टपक रहा था.

मेरी बात सुनकर सर डर गए और उन्होंने मेरी बात मानते हुए कहा कि नहीं मैंने इसकी कोई कॉपी नहीं बनाई थी. उन्हें कैसे चूसा चाटा जा सकता है।”गंदगी दिमाग में होती है, वर्ना पीने वाले तो गौमूत्र भी श्रद्धा से पीते हैं और कभी इंसान फंस जाये तो उसे भी पीना पड़ता है। ऊपर स्पेस में जो एस्ट्रोनाट रहते हैं, वे भी अपना पेशाब ही शुद्ध करके पीते हैं। जरूरत साफ सफाई की है। अगर दोनों के अंग साफ हैं तो चूसने चाटने में क्या बुराई?”पर लड़की की मुनिया से तो वह वाला खून भी…”तो क्या हुआ. वो जल्दी मुझसे मिल नहीं पाती थी इसलिए वो अपनी चूत में उंगली भी चला लिया करती थी.

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मेरे पास मोटे कपड़े थे, जब मैंने उनको डालना शुरू किया तो बोली- क्या यार, तुम भी कहाँ की दकियानूसी हो. तो वो उठ कर मेरे पैरों के बीच में आ गई और उसने मेरे अंडरवियर पर हाथ फेर कर कहा- अरे ये तो तैयार है. बड़ी चाची ने मेरा लंड छोटी चाची के हाथ में से लिया और बोलीं- साली कुतिया अकेले ही लंड खाएगी क्या?कहानी जारी रहेगी.

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दो चार दफा जब कोशिश करने पर जब मेरी पकड़ ढीली न हुई तो उसने फिर कहा- प्लीज़ मुझे छोड़ दीजिये न… आप ऐसा गलत काम क्यों कर रहे हैं… मैं ऐसी वैसी लड़की नहीं हूँ… आप जाइये अपने घर. फिर मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस चूस कर पानी अपने मुँह में निकाल कर पी गईं. फिर सोनिया ने मेरी शर्ट को भी खोल दिया, जिससे हम दोनों ऊपर से नंगे हो गए.

जाते जाते उसने मुझे स्माइल दी, मैंने भी उसकी स्माइल का जवाब स्माइल से दिया. रंजीत बोला- भाभी, धीरे से नहीं जाएगा आपकी चुत भी बहुत टाइट है और एक लंड पहले ही आपकी चुत में घुसा हुआ है.

मेरा मेरी सहेली के घर आना जाना लगा रहता है और वो भी मेरे घर आती रहती है.

तभी नीचे पीयूष मेरी चूत को अपने जीभ से चाटने लगा, तो मैं एकदम जोश में लालजी का लौड़ा अपनी जीभ से चाटने लगी. रेखा की हंसी छूट गई, बोली- वो तो अकेले में भी ऐसा नहीं करते तो सबके सामने क्या करेंगे… दूसरे आप यह बताइये कि अगर अपने कुछ नहीं किया तो आपको क्या पता किमैं किस गड़बड़ की बात कर रही हूँ. अगले ही पल उसकी चूत ने एक जोरदार पिचकारी छोड़ दी, जिससे मेरा मुँह पूरी तरह भीग गया लेकिन मैंने उसकी चूत के दाने को जीभ से चाटना नहीं छोड़ा.

और 5-6 मिनट तक धक्के मारने के बाद मैंने कहा- मम्मी, मेरा लंड पानी छोड़ने वाला है तो पानी का क्या करूँ? क्या पानी आपकी गांड की मोरी में डाल दूं?तो मम्मी जी कहती- आरव जी, तुम्हें जो करना है, करो… मैं अब तुम्हारे वश में हूँ, अपने नहीं!तो मैंने वैसे ही किया और अपना सारा पानी उनकी चूतड़ की मोरी में डाल दिया. कुछ सहलाने पुचकारने के बाद अचानक मैंने अपने हाथों की पकड़ को मज़बूत करते हुए सुकन्या रानी की चूत को मुट्ठी में भर के दबा लिया. मैंने अभिलाषा से कहा- तो फिर आज मेरा क्या होगा? मेरा काम कैसे चलेगा?अभिलाषा कहने लगी- देखिए मिस्टर राज! जब कोई एम्प्लाई छुट्टी मांगता है तो, छुट्टी तो देनी ही पड़ती है.

मैं बैठ गई और उसके बाद हम दोनों कितनी देर तक बातें करते रहे। करीब 11 बजे मैं अपने कमरे में आई। मगर मेरी चूत तो पानी पे पानी छोड़ रही थी। रूम में आते ही मैंने अपनी नाईटी उतार फेंकी और नंगी ही बेड पे जा लेटी, अपनी उंगली चूत में डाली और चाचाजी चाचाजी करती हुई ने पानी छोड़ा।कहानी जारी रहेगी.

ब्लू पिक्चर बीएफ सेक्सी फिल्म: मैं एक बेहद शरीफ युवक हूँ, मैंने कभी किसी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था इस घटना से पहले. घोड़ी बना कर लगभग 40-50 धक्के देने के बाद मैंने उसे अपनी गोदी में उठा लिया और आरुषि ने अपनी बाहों का हार मेरे गले में डाल दिया और अपने चूतड़ उठा उठा कर लंड को अपनी फुद्दी में लेने लगी।ऐसे थोड़ी देर चोदने के बाद फिर से उसे बेड पर लिटा मैं उसके ऊपर आ गया और फुद्दी पर लंड लगा कर एक ही झटके में बच्चेदानी तक लंड उतार दिया.

उन्होंने कसमसाते हुए मुझसे छूटने का ड्रामा किया और अंततः मेरा साथ देने लगीं. तभी अंजलि ने कहा- क्यों न हम सब अच्छे से तैयार हो जायें पहले, फिर बाहर भी चलेंगे. चूत के आस पास का सारा भाग, जांघों का काफी बड़ा भाग, समस्त झांट प्रदेश रेखा रानी के मधु और मेरे वीर्य से सना हुआ था.

और वो लंड भी किस काम का जो इतनी छोटी उम्र की लड़की की चूत ना फाड़े.

चूत पर उंगलियां लगाईं तो पाया कि चूत रस से भरी हुई है, दोनों उंगलियां पूरी तरह से रस में तर हो गयीं. मैं कुछ देर ऐसे ही डाले लेटा रहा, जब उसकी गांड कुलबुलाने लगी तो धक्के देना शुरू कर दिए. अधिकतर मामलों में यही होता है।पर मेरा सवाल यह है कि लौंडेबाज जाने कैसे किसी भी माशूक लौंडे को देख कर समझ जाते हैं कि कि यह पट जाएगा और उसकी मार कर ही दम लेते हैं.