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एक रात ऐसे ही मैं खेल कर आने के बाद भाभी के कमरे में कपड़े निकालकर लेट गया था और थकान के चलते मुझे नींद आ गयी थी. सेक्सी फिल्म लंड से चुदाईदीदी की चुत में मैंने उंगली कर दी, तो वो बोलीं- धीरे करो … और अभी ज्यादा मत करो.

तुम्हारी बुर की झिल्ली अभी तक क्यों नहीं फटी?”यह पूछने पर जया ने बताया कि पिछले तीन साल में आकाश ने मेरी चुदाई तो बहुत की है लेकिन तुम्हारे केले के मुकाबले उसकी मूँगफली थी. राजस्थानी सेक्सी फिल्म सेक्सी फिल्ममेरी मां रज्जी की हाइट कम होने की वजह से वो अपने मुँह को ऊपर उठाने लगीं.

उसने कहा- मैं भी आ रही हूं … उम्म्म म्म्म!फिर हम दोनों एक साथ झड़े और वो चीख सी पड़ी- ईई अर्र ईई आ!हम दोनों इस धाकड़ चुदाई के बाद थक गए थे, दोनों की सांसें तेज चल रही थी।काफी देर तक हम दोनों अपनी साँसें संभालते रहे.हिंदी सेक्स बीएफ ओपन: मैं उसके ऊपर आ गया और उसकी एक टांग ऊंची करके पीछे से दिखती चूत को चोदना आरम्भ कर दिया.

तभी रमेश मेरी दीदी के पीछे आ गया और उसने मेरी दीदी के दोनों मम्मे थाम लिए.मैंने कहा- चिंता मत मेरी रंडी … तेरा बेटा जल्दी ही अपनी अम्मी की चुत में अपना लंड पेलेगा.

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मैंने भी उसे अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में सब बताना शुरू किया और रोने भी लगी.जब मां का दर्द थोड़ा कम हुआ, तो मैंने धीरे धीरे धक्के मारना चालू कर दिए.

मेरी सेक्स चुदाई कहानी के पिछले भागटेलर मास्टर को चूत देकर काम करवायामें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं ड्रेस बदल कर आई तो डॉक्टर रोहित ने मेरे सेक्सी लुक की तारीफ की. हिंदी सेक्स बीएफ ओपन रोज़ तो मैं काउंटर के पिछले दरवाजे से जाकर पर्चा लेती थी … लेकिन आज मेरी चुल्ल ने मुझे ऐसा करने को मजबूर कर दिया था.

मिहिका बोला- कौन सा स्टाइल कह है?मैं बोला- कुते कुत्ती आला!मिहिका हंसी और उठ कर सर बेड पर लगा कर गांड उठा ली.

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मैंने बड़े आश्चर्य भरे भाव से उनसे पूछा- क्या सच में ऐसा होता है?उन्होंने मुझसे कहा- हां पगली, ऐसा होता है. फिर मैंने उसकी कैप्री उतार दी और उसकी गांड को जोर जोर से दबाने लगा, मसलने लगा. मैं पेट से भी हो चुकी थी।मैंने अपने पति के लंड को गर्म करने की बहुत कोशिश की लेकिन वो मेरी चूत की प्यास बुझाने में नाकाम ही रहा.

वीरू ने हचक कर लंड चुत में पेलना शुरू कर दिया और थोड़ी देर बाद दोनों झड़ गए. आपकी चुदक्कड़ बहन आशनाभाई बहन सेक्स कहानी का अगला भाग:छोटा भाई मेरी चुत का चोदू बना- 2. वो कहने लगी- आपने कुछ नहीं पहना है?मैंने कहा- हां गर्मी लग रही थी, इसलिए सब कपड़े उतार दिए.

चूतड़ उचका उचकाकर उफ उफ करते हुए चित्रा ने मेरे लण्ड का पानी निकलवा दिया. तुमने देखा तुम्हारी माँ कितने प्यार और मजे से मेरा लन्ड चूस रही थी, और मेरा सारा माल कितने चाव से पी गई. लंड को ऐसे लग रहा था, जैसे चूत की फांकों से उसे प्यार किया जा रहा हो.

तो मां बोलने लगीं- बेटा ये कैसी साड़ी है, इसे पहन कर मैं बाहर कैसे जा सकती हूँ, मुझे बहुत शर्म आएगी. मैं उठा और बाथरूम में जाकर अपना लंड साबुन से धोया क्योंकि बिना कंडोम के पहली बार मैंने किसी की गांड चुत चुदाई और संभोग किया था.

जिससे मुझे पता लग गया था कि इसकी चुत में आग सुलगने लगी है और मेरी दवा ने असर शुरू कर दिया है.

उसने आगे बहुत ही भद्दे अंदाज में कहा- आपका तो एक बच्चा है न … तो आपके स्तनों में तो दूध भरा होगा.

मैंने भी अपने लौड़े की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा. जल्दी से खुद को ठीक किया और वो ऊपर निकल गया।मैं साड़ी ठीक करती हुई बाहर गई और गेट खोला. ‘आह … आह … आराम से इस्स … ओह … हांआं …’इन तेज मदभरी गर्म आवाजों को सुनकर मेरा ध्यान टूट गया.

आखरी डेढ़-दो इंच ही बचा होगा कि मैंने उनके सिर को झटके से ऊपर से दबाया और नीचे से लंड का धक्का लगा दिया. हां, एक बात और जो नए पाठक पाठिकाएं मेरी बहूरानी अदिति और मेरे यौन संबंधों को लेकर अनभिज्ञ हैं; उन्हें यह बात जरूर से ही कचोटेगी कि कैसे कोई पुरुष अपनी बेटी सामान पुत्रवधू के साथ सेक्स कर सकता है?आपकी जिज्ञासा उचित और सही है. ऐसे तेरे को बच्चा हो गया तो?वो सिसकारते हुए बोली- आह्ह … हां वही तो चाहती हूं मैं.

अभय तो ममता को देखता रह गया, जो थोड़ी देर पहले तक लंड को लंड बोलने में शर्मा रही थी, वही अब उसका लंड खुद निकाल कर बेशर्मों की तरह चूस रही है.

मैं उसे बार बार रोकने की कोशिश करता … मगर वो और जोर से नौंचने लगती. पहले तो चार-पांच दिन तक ऐसे ही नॉर्मल बात होती रही, फिर धीरे-धीरे जैसे-जैसे बातें बढ़ती गईं, उसने धीरे-धीरे खुलना चालू कर दिया. मैंने छोटी सी मीना को गोदी में उठाया तो उसने किसी नट की तरह अपने हाथ मेरी गर्दन पर लपेट लिए.

‘हाईई ईईई मांआआ उहुहुह उम्मह राहुउम्मम्म हाय … बड़े जालिम हो आप … ऊहूहूह और आपका ये ज़ालिम शैतान जैसा लंड … आह मार ही डाला मुझे …’यह कहते कहते मामी जी ने फिर से अपनी बांहों को मेरी पीठ पर कस लिया. विवेक ने हमें इशारा करके अपने पास आने को कहा, पर मैंने मना कर दिया क्योंकि मुझे लग रहा था कि अगर हम वहां गए, तो उन्हें पता चल जाएगा और हमारा मजा खराब हो जाएगा. वो औरत, जो वहां की मालकिन थी, हम सबका परिचय करवा कर वहां से चली गई.

चूंकि उत्सव चल रहा था इसलिए मैं थोड़ा रूक गई कि भीड़ छंट जाए, तब निकलूंगी.

अब ये सब बातें मेरी कहानी का विषय तो हैं नहीं तो चलो मुद्दे की बात पर आते हैं. मैंने वही पैंटी पहन ली और सारे कपड़े पहन घर का सारा काम निपटा सोने जाने लगी.

हिंदी सेक्स बीएफ ओपन मैंने जल्दी से चड्डी भी उतार दी, मेरे लंड पर मां की नज़र गड़ी की गड़ी रह गयी. वो अपने दोस्त के साथ एक मैडम से पढता था और उसे दो घंटे लग जाते थे क्योंकि दोनों दोस्त ट्यूशन के बाद बाहर ही खेलने लगते थे.

हिंदी सेक्स बीएफ ओपन वहां मेरा ये काम था कि उस बाहर वाले काउंटर से एक बार में दस पर्चे लाना और फिर एक एक को बुला कर डॉक्टर साहब से मिलवाना. उसकी बुर चाटते वक्त मेरी नजर उसकी छोटी सी गांड पर चली गई और मेरा मूड बन गया.

ममता ने भी मुस्कुराते हुए अपने भाई से चिपकते हुए कहा- गुड नाईट भैया.

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जूस का गिलास मुझे पकड़ाते हुए बहार बोली- जीजू, आप जब से दिल्ली आये हो, मैं आपसे गिफ्ट पाने का इन्तजार कर रही हूँ, अब आप मना न करना. मैंने उसके हाथ से मोबाइल ले लिया और उसमें एक कहानी निकाली, जिसमें भाई बहन के सेक्स भरे संवाद थे. मैंने भी उसकी बात मान ली और अपनी तौलिया बाँध कर अपने कमरे में चला गया.

पूनम बुआ के मुँह से इतना सुन कर मैंने उनका हाथ अपने हाथों में थाम लिया और उनको सांत्वना देने लगा. ऐसे ही उसके मुँह से निकलने वाले, न जाने कितने अनगिनत अश्लील शब्दों ने मेरे खून में हवस को खौलाने का काम किया. उसके 34 के साइज के कड़क बूब्स, हाइट 5 फुट 2 इंच के, मस्त उठी हुई गांड, रेशम से बाल, रसगुल्ले से मीठे होंठ हैं.

वो अन्दर गया और रुबिका को पानी पिला कर उसको घोड़ी बना कर उसकी गांड में तेल लगाने लगा.

आती रहना कमरे पर।मैंने उनके नंबर भी लिए और सुरजन मुझे बस स्टैंड तक छोड़ने आया।बस में बैठी हुई मैं उन्हीं लम्हों को याद कर रही थी।ससुराल वालों का धोखा भी याद करने लगी. मेरे दिमाग में विचार आते देर ना लगी कि आज तो दावत में बुआ की चुत चोदने को मिल सकती है. सुबह कॉलेज जाने का समय हुआ तो जसविंदर पेट दर्द का बहाना बनाकर कॉलेज नहीं गई.

मम्मी की आह आह की मस्त आवाज निकलने लगी और वो मेरे सर को अपनी चूची पर दबाते हुए मुझे अपना दूध चुसाने लगीं. तभी रमेश मेरी दीदी के पीछे आ गया और उसने मेरी दीदी के दोनों मम्मे थाम लिए. उनके मुँह से ये सब इतना खुला सुनकर अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.

पूनम बुआ ने आंखें बंद कर लीं और पूर्ण समर्पण के साथ मेरे होंठों को चूसने लगीं. हम जिस रूम में थे, वहाँ एक छोटा बेड था … जिस पर सिर्फ एक आदमी सो सकता था.

बीच रास्ते में मुझे अपने फोन की याद आई तो मैं उसे लेने के लिए घर वापस आ गया. हम वापस आ गए, तो घर पर सुमन दीदी हमसे पूछने लगीं- क्या हुआ है मां को, हॉस्पिटल में देख कर क्या बोले डॉक्टर?तो मां ने बोला- कुछ नहीं बेटा, डॉक्टर ने बस कमज़ोरी बताई है और बोला है कि 2-3 दिन में मैं ठीक हो जाऊंगी. मैंने उसके मुँह से उसके होंठों में एक जोरदार चुंबन करके अपना मुँह हटा दिया.

तभी निखिल की नज़र उस समय मीरा पर पड़ गई, जब वो रीमा की चुत चूस रहा था.

अफ़रोज़- आपा आप तो ऐसे कह रही हैं … जैसे लड़कियां मेरे लिए सलवार नीचे और कमीज़ ऊपर किए तैयार हैं कि आओ पेंट खोलकर मेरी ले लो. कुछ देर लंड चूसने के बाद जैसे ही उसका लंड खड़ा हुआ तो मैं उठ गई और उसको पानी की बोतल और तेल की शीशी देते हुए अन्दर जाने को बोली. जैसे ही मैं बाहर निकली तो और हैरान हो गयी क्योंकि बहार चारों तरफ जंगल था.

मैंने उनके लंबे मोटे लंड को अपने मम्मों के बीच में फंसा लिया और मम्मों से लंड रगड़ने लगी. वो बोलीं- मंजूर है … लेकिन उनकी इच्छा हो तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है.

मां की हालत बहुत खराब हो गयी थी उनकी आंखों से आंसू निकल रहे थे और गांड की सील टूटने की वजह से गांड से खून भी निकल रहा था. वो नासमझ मालिश समझ कर कुछ नहीं बोल रही थी, बस मस्ती से अपना शरीर मुझसे मसलवा रही थी. बस अब तो चोदो मुझे, अब नहीं रहा जाता पापा!” बहूरानी ने अपनी कमर ऊपर की ओर उठा कर मुझे अपनी चुदास दर्शाई.

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उसके गाऊन की डोरी खोलकर मैंने उसके शरीर से अलग किया और अपनी टीशर्ट व लोअर उतार दिया.

नहाकर एक तौलिया लपेटकर जसविंदर बाथरूम से निकली और बोली- मेरे पास तो गर्मी दूर करने का यही एक तरीका है कि नहाते रहो, अब सबकी किस्मत हनीप्रीत जैसी तो होती नहीं. मैंने बरखा के ड्रेसिंग टेबल से कोल्ड क्रीम की शीशी निकाली और अपने सारे कपड़े उतार कर बेड पर आ गया. ’ करके चीख उठी लेकिन इस बार एक ही बार में पूरा का पूरा लंड पूजा की चूत को चीरते हुए बच्चेदानी से जा टकराया था.

फिर अंकल ने अपनी टेबल की दराज से एक कागज निकाला और उस पर कुछ लिख कर मुझे देते हुए कहा कि अपने दादा से इस पेपर पर साइन जरूर से करवा लेना. मैंने तुरन्त पैंट की जिप खोली और उसका हाथ पकड़कर अपने खड़े लौड़े पर रख दिया. सेक्सी फिल्में गुजरातीवो मेरी तरफ आंख मार कर उठी और जैसे ही उसने एक कदम आगे रखा, वो लड़खड़ाने लगी.

ममता ने अपने कमरे में आकर अन्दर से गेट लॉक किया और फटाफट अपने कपड़े उतार कर बाथरूम में नंगी घुस गई. ताला खोलकर जैसे ही हम घर के अन्दर घुसे, मैंने तुरंत सलोनी को पकड़ कर अपनी बांहों में खींच लिया और उसके मुलायम होंठों पर जोर जोर से किस करने लगा.

मैं मादक सिसकारियां लेने लगी- अआह आह!थोड़ी ही देर में राजेश ने मुझे बिल्कुल नंगी कर दिया था. हैलो फ्रेंड्स, मैं विशाल आपको अपनी सगी मां के साथ सेक्स रिश्तों पर आधारित सेक्स कहानी सुना रहा था. इस बार मेरा पूरा लंड उसकी हॉट चूत में घुस गया; वो तड़पने लगी और उसकी आंखों से आंसू निकल आए.

पहले तो मुझे धक्के मारने में थोड़ी परेशानी हुई पर जब मेरा लंड गांड से अच्छे से सैट हो गया … तो मां को भी मजा आने लगा. अब भी क्या कसावट थी, जिस अंग को जहां जैसा कड़क होना चाहिए … वैसे ही एकदम व्यवस्थित था. मैं पेट से भी हो चुकी थी।मैंने अपने पति के लंड को गर्म करने की बहुत कोशिश की लेकिन वो मेरी चूत की प्यास बुझाने में नाकाम ही रहा.

भाभी समझ गईं और वो घुटने के बल पर बैठ कर मेरा लंड मुँह में लेने लगीं.

उन्होंने कहा कि तभी मैं सोचूं कि कल रात को इतना मज़ा क्यों आ रहा था. फिर वो चाची को सिगरेट देते हुए बोले कि ले शब्बो रंडी तू भी मजा ले ले.

चूंकि मेरा बुरा हाल हो रहा था और अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था तो मैं उनके सामने आ गया और उनको जोर से हड़काते हुए बोला- ये सब क्या हो रहा है … यही सब करने कॉलेज आते हो. बहार ने अपनी टाँगों से मेरी कमर को जकड़ लिया और चूतड़ उचकाकर पूरा लण्ड अपनी बुर में ले लिया. फिर कैंटीन में पहुंचकर हमने देखा कि कैंटीन में बहुत भीड़ थी और वहां पर कोई टेबल खाली नहीं थी.

मैंने भी चॉकलेट को पूजा के मम्मे, नाभि, गर्दन, मुँह और चूत के अन्दर तक मला, हम एक दूसरे को चाटने लगे. 3सम सेक्स कहानी में पढ़ें कि मौसी ने अपने भानजे से सेक्स के बाद उसकी गर्लफ्रेंड को भी अपने सेक्स गेम में शामिल करके थ्रीसम सक्स और लेस्बियन का मजा लिया. पांच मिनट बाद गीत मेरे पास आयी और पानी देती हुई पूछने लगी- आप क्या लेंगे कॉफ़ी या चाय?मैंने कहा- आपने चाय पर बुलाया था तो चाय ही लेंगे.

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अब वो बेड के बिल्कुल किनारे पर आकर घोड़ी बन गईं और मुझे नीचे खड़ा होकर लंड पेलने की कोशिश करने को कहा. इस तरह मौसी के सामने मैंने राज खोला और उन्होंने मुझे फिटकरी से चूत की सिकाई करने को कहा. चूंकि चाची साड़ी पहनती थीं तो मम्मे बड़े होने के कारण उनका पल्लू ज़्यादा देर तक ऊपर नहीं रह पाता था.

अब तो ममता मदहोश होने लगी और उसने अपने भाई का लंड जोर से भींच लिया- आआआह भैया … अब सहन नहीं होता. मैं धीरे-धीरे उसके पास गयी और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसके पास ही बैठ गयी … वह चुपचाप लेटा रहा. सेक्सी पिक्चर कुत्ते और औरत कीएक पल के हम दोनों का चुम्बन टूटा और मैंने उनके टॉप को उनके बदन से अलग कर दिया और मैं फिर से उनके होंठों को चूसने लगा.

मैं कुछ नहीं बोलता था क्योंकि मुझे लगता था कि वो बस फ़्रेंडली हो रही हैं.

मैं उन्हें चूमकर बोली- अहमद के साथ मजा नहीं आया, आप मुझे संतुष्ट कर दो. ममता का हाथ अपनी फटी हुई चूत पर लगा, तो वो हल्का सा दर्द महसूस करते हुए बोली- भैया कैसी हालत कर दी आपने … मेरी नाजुक सी चूत की फूल कर कुप्पा हो गई.

चुत पर लंड सैट करके मेरा गला पकड़ लिया और जोर का धक्का देकर चुत में लंड घुसा दिया. मेरी दीदी ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद घर पर ही रहती हैं और घर का काम करती हैं. दोस्तो, इस तरह मैंने एक आंटी शन्नो को रात भर चोदा और उसके साथ सुहागरात मनाई.

मीरा ने उससे कहा- रीमा तुम भी मेरा दुःख समझो कि इतने सालों से मैं भी कैसे बिना लंड के रहती आई हूँ.

जब उसको मजा आ रहा था तो मैं भी ये सोचने लगा था कि साहिल को उसकी अम्मी की चुत चोदने मिल जाए तो उन दोनों का काम बन जाएगा. मैंने भी थोड़ा सा खिसक कर उसके लिए जगह बनाई और कहा- देख जब लड़की से हाथ मिलाओ, तो उसको ज़्यादा देर तक पकड़ कर रखो, देखो कब तक नहीं छुड़ाती है … और जब पीछे से उसकी आंख बंद करके पूछो कि मैं कौन हूँ … तो अपना केला धीरे से उसके पीछे लगा दो. साहिल की अम्मी भी मुझसे चुदते समय अपने बेटे से चुदने की इच्छा जाहिर कर रही थी.

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जैसे ही अंकल का लंड चुत में फिर से लूंगी, मैं अपनी चुदाई की कहानी का अगला भाग आपके लिए लिखूंगी. ब्रा मैंने इसलिए नहीं उतारी थी क्योंकि उसके मम्मों पर ब्रा बहुत अच्छी लग रही थी. मैंने बोला- हम इस शहर में नहीं रहते हैं … हम दिल्ली से यहां टूर पर आए हैं.

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तभी राजेश की पिचकारी चूत में इतनी तेजी छूटी कि जैसे किसी मशीन ने प्रेशर से चूत में धार छोड़ी हो. मुझे शर्म-वर्म कुछ नहीं सीखना, बस तुम मुझे आज अभी ये एक्सपीरियंस कराओ. दीदी मुझसे अपने मम्मे मसलवा रही थीं और उन औरतों से बातें भी कर रही थीं.

मैंने मौसी की ताबड़तोड़ चुदाई करना शुरू कर दी और झड़ने को आ गया तो मैंने उनसे पूछा- कहां छोड़ूँ?मौसी ने अपना मुँह खोल दिया और जीभ बाहर निकाल दी. उसे देखने के बाद मेरा मन खराब होने लगा तो मैं अपने कमरे में आ गया और सारे कपड़े उतार कर उसकी गठीली देह के बारे में सोच कर मुठ मारने लगा.

मैंने शर्माने की एक्टिंग करते हुए कहा- अब्बू, अंदर के कपड़े लेने हैं.

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यहां ससुराल में सिर्फ मेरे सास-ससुर शाहिद और मैं, हम 4 ही रहते हैं।मेरी पहली चुदाई मेरे शौहर ने ही की थी, वो भी सुहागरात पर।मेरे शौहर का लौड़ा 7 इंच लम्बा है और काफी मोटा भी है। मतलब अच्छी खासी सुहागरात मनी जैसी ज़्यादातर लड़कियों की मनती है.

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तभी मेरे लंड ने माल छोड़ना शुरू कर दिया और वो उसकी बच्चेदानी को नहलाने लगा. चाची जाने को हुई ही थीं कि तभी मैं नहा कर सिर्फ तौलिया में बाहर आ गया. कोई दिक्कत है क्या?मैंने कहा- हां शायद ये आगे से सही से सैट नहीं हुई है.

मैं अभी उससे दुबारा से किस करके बताने को कहती तब तक उसने खुद ही अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा दिया.

मैं- मुझे एक मिनट के लिए तो लगा कि आप सच में मेरे उधर मालिश कर दोगी.

दोस्तो, मेरा नाम मोना है। मैं अन्तर्वासना की नियमित पाठिका हूँ। सबकी कहानी पढ़ने के बाद मेरा भी मन हुआ कि मैं भी नंगी बहन की चूत कहानी बताऊं. एक दिन मेरे बेस्ट फ्रेंड ने मुझसे पूछा- क्या हुआ राजेश तू हमेशा दुखी क्यों रहने लगा है?पहले तो मैंने आना-कानी की, मगर जब उसने मुझे दोस्ती का वास्ता दिया तो मैंने उससे कसम खाने को कहा कि जो मैं तुझे बताऊंगा, वो तू अपने तक ही सीमित रखेगा और हो सके तो मुझे इस समस्या से निजात दिलाने में मदद करेगा. 4 लड़कियों की सेक्सी वीडियोअब तो आलम ये हो चला था कि वो पर्सनली मुझे अपनी हॉट इमेज भेजने लग गयी थीं और मैं खुल कर उनकी तारीफें किया करता था.

मैंने उसकी बांह पकड़ कर उसे अपने ऊपर कोहनी के बल लिटा लिया, जिससे उसका पूरा वज़न उसके घुटनों और कोहनी पर आ गया. मैंने बिंदु को छेडते हुए पूछा- कैसी रही सुहागरात?बिंदु ने शर्माते हुए मेरे गले लग कर मुझे थैंक्स कहा. उसमें लिखा हुआ था- सो गए क्या … क्या कर रहे हो?पहले कभी हमारी और कोई बात नहीं हुई थी … इसलिए मुझको इस तरह का मैसेज देख कर थोड़ा अजीब लगा.

मैं धीरे-धीरे उसके पास गयी और उसके कंधे पर हाथ रखकर उसके पास ही बैठ गयी … वह चुपचाप लेटा रहा. मैंने उससे बोला- मेरी ड्यूटी का टाइम चेंज हो गया है … क्या आप मेरी एक बाल्टी पानी की भर दिया करेंगी!तो उसने बहुत ही प्यार से हां बोल दिया.

मेरी और कृति की चुदाई के दौरान ही गर्म ही चुकी राजकुमारी मीना अपने कपड़ों के ऊपर से ही अपने एक हाथ से मम्मे और दूसरे हाथ से अपनी चूत को रगड़ रही थी.

अदिति का फोन आया था, बहू कह रही थी कि ग्वालियर वाली शादी में अभिनव ने तो जाने से मना कर दिया है; अगर आप इजाजत दो तो वो ही चली जाये. शहजाद ने सबा का हाथ पकड़ कर उसे अपनी गोद में खींच लिया और उसके लब चूमते हुए कहा- तो इसमें धमकी देने की क्या बात है मेरी सब्बो रानी. जैसे ही हम रूम में पहुंचे, वो मुझ पर टूट पड़ीं और मुझे बेतहाशा चूमने लगीं.

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करवट लेने से मेरी चूचियां ब्लाउज के ऊपर से आधी से ज़्यादा बाहर निकल आई थीं. थूक थूक कर गीला करती और उसकी लारें चाटती और उनको अपने गालों पर मसल देती. मैंने क्या पूरी नंगी फोटो निकालने के लिए कहा है?दीदी ने रंडी शब्द सुनकर एक बाद हंस कर दिखाया और बोलीं- यार, तुमने मुझे पूरी नंगी तो कर ही दिया है अब मेरी चूचियों की फोटो लेने के लिए भी कह रहे हो.

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पूरी फट गई, अब कौन शादी करेगा मुझसे … मेरे पति को पहली रात में ही पता चल जाएगा कि मेरी चुत चुदी हुई है. फिर मैंने कहा- कंडोम नहीं है क्या?उसने बिस्तर के नीचे से बनाना फ्लेवर का कंडोम निकाल कर लंड पर चढ़ा दिया और अपनी चूत में सेट कर दिया।मैंने जोर का धक्का लगाया, वो ऊईई ऊईई ऊईई करने लगी. सुरजन ने थप्पड़ मार मारकर मेरे चूतड़ लाल कर दिए।तभी सुरजन ने मुझे बांहों में उठा लिया और बिस्तर पर पटक दिया और मेरे सिर के पास बैठकर उसने लंड को होंठों पर खूब रगड़ा.

मैं कुछ देर में अपने कपड़े बदल कर बाहर आई तो आज रोहित की आंखों में मुझे कुछ अजीब सी वासना दिखी. ममता- क्या जब?अभय- जाने दो ना यार, कुछ बातें परदे में रहें … तो ही अच्छा है.

आज भाभी को देखकर मेरी भी नीयत खराब होने लगी थी, पर मैंने अपने आप पर काबू रखा.

वह मुझसे उम्र में थोड़ी सी बड़ी भी थीं, इसलिए मैं उनको यथोचित सम्मान देती हूं. कमरे का दरवाजा और खिड़की बंद थी, तो मैं पीछे वाले खिड़की के पास गया. लेखक की पिछली कहानी:साली की चुदाई करके उसकी इज्जत बचाईहैलो फ्रेंड्स, मैं स्नेहा.

मैं बगल के कमरे से खिड़की के पास खड़े होकर उन दोनों की चुदाई का नज़ारा देखने की कोशिश कर रहा था. मैं लंड के लिए जगह बनाता गया और मौसी की गांड का छेद लुपलुप करने लगा. मैंने धन्यवाद कहने के लिए फोन किया तो बोलीं- किस बात का धन्यवाद, विजय साहब.

क्या आप चाय नहीं पिलायेंगी।वो डरी हुई थी, बोली- सर हां!मैंने कहा- पहले आप आराम से बैठिए और पानी पीजिए.

हिंदी सेक्स बीएफ ओपन: मैं समझ चुका था कि पूनम बुआ तैयार हैं और इसलिए मैंने दूसरे हाथ से पूनम बुआ के ब्लाउज के एक बटन को खोल कर गले को थोड़ा नीचे सरकाते हुए उनके निप्पल को बाहर निकाल लिया, ताकि मैं उसको अपने होंठों से चूम सकूं. हम दोनों के बीच काफी बार ऐसी बातें हो जाती थीं, जिससे मुझे लगने लगता था कि बड़ी दीदी के मन में सेक्स को लेकर कुछ चल रहा है.

मैं थक गयी तो उसने मुझे पलट कर नीचे किया और ज़ोर ज़ोर से पेलने लगा।सुन्दर ने तेज़ झटके दिये और हम एक साथ झड़ने लगे।मेरी चूत दूसरी बार झड़ी और मज़ा आ गया।सुरजन ने लंड मुंह से नहीं निकाला।सुन्दर साईड में लेट गया।फिर हम तीनों नंगे लेट गए. आंटी का शरीर मम्मी से काफी भारी था, यही कोई लगभग 36-40-38 का रहा होगा. हमारे बीच दोस्ती गहराने लगी, तो हम दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल नम्बर एक्सचेंज कर लिए और अब हम दोनों सीधे फ़ोन पर बात और चैट करने लगे.

मेरे शौहर ने आज तक कभी भी मेरे तलुवे नहीं चाटे थे, क्योंकि वो दस बारह धक्के पेल कर झड़ जाते थे.

नीतू बहुत देर तक झड़ती रही और मैं उसी तरह उसका रस कई घूंट गटकता गया।थोड़ी देर बाद नीतू पूरी तरह झड़ कर बेसुध हो गई।मैंने भी उसकी जांघों के बीच से अपना सर निकाला और उसकी चूत के पास सर रख कर लेट गया।अब आगे देसी आंटी सेक्स कहानी:वैसे ही लेट कर मैं अपनी सांसों को काबू करने लगा।फिर मैंने उसकी चूत को देखा तो उसमें से कुछ रस की कुछ बूंदें उसकी चूत के बाहर आकर रुक गई थी. रीमा उसके मुँह से उतर गयी और उसने निखिल को अपनी ओर आने का इशारा किया. कभी वह अपना लंड पूरा मेरी चूत में अन्दर तक डाल देता … और कभी पूरा लंड सुपारे तक चुत की फांकों तक बाहर निकाल लेता.