बीएफ सेक्सी गांव की लड़की

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मेरे चूत मसलने का असर ये हुआ कि उसने अपनी जांघें थोड़ी सी खोल दीं जिससे उसकी समूची चूत मेरी मुट्ठी में बड़े आराम से आ गयी. मेरी चालू बीवी-1इसलिए मैंने कपड़े नहीं पहने और बिस्तर पर लेट गई।वो तुरंत ही आकर मेरे ऊपर लेट गए और मेरी आँखों में देखते हुए बोले- एक बात बोलूं?जी बोलिये।”तुम इतने दिन क्यों नहीं मिली?”क्यों?”तुम्हारी जैसे पार्टनर हर किसी को नहीं मिलती.

मैंने उत्तर दिया- तुम अपनी इच्छा प्रीति के साथ पूरी कर चुकी हो, फिर मुझे क्यों मजबूर कर रही हो? तुम जानती हो मैं इस तरह का सम्भोग नहीं पसन्द करती. राजस्थानी बीएफ वीडियोन भी चाहती होती तो भी मैं तो पूरा ज़ोर लगाकर की चूचों की चटनी तो बनाता ही.

मैं धीरे से अनु के खड़े लंड पर चुत रखते हुए बैठने लगी … लेकिन मुझे बहुत दर्द हो रहा था.बीएफ सेक्सी गांव की लड़की: क्रॉसड्रेसिंग ऐसी बला है कि अगर एक बार की, तो बार बार करने मन करेगा.

वैसे मुझे भी यह सब करते हुए अच्छा नहीं लग रहा, पर आपके लिए और बिजनेस के लिए मैं थॉमस से चुदने के लिए तैयार हूँ.मुंह खुलते ही मैंने पिंकी के नितम्ब थाम के चूत को अपने मुंह से लगा लिया.

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वीर्य निकलते ही रोहन शांत हो गया और उसने अपनी लुल्ली को पैंट के अंदर डाल लिया.मैंने उसका जोश बढ़ाने के लिए कहा- चाचा औ भोसड़ी वाले चाचा … जरा आराम से करो! वरना 2 मिनट में निकल लोगे.

मेरी भी उंगलियों को उसके मनमाने स्थान पर जाने व छूने की मानो जैसे अनुमति मिल गयी थी. बीएफ सेक्सी गांव की लड़की फिर मैंने गीत के पीछे से अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रख कर अपना लौड़ा उसकी गांड में डाल दिया और बिना किसी ज्यादा दिक्कत से मेरा लंड अब गीत की गांड की सैर कर रहा था.

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एक दिन मैंने भाभी से कहा- भाभी, अब मुझे किसी दिन लंड का स्वाद चखना है. उसकी पांच मिनट की लंड चुसाई के बाद जब मेरी सहन शक्ति जवाब देने लगी, तो मैंने गांड को ऊंचा कर दिया. उन दोनों का हाल ये था कि रोहन को कुछ करना नहीं आ रहा था औ र… बस केवल मुठ मरवाने में ही मज़ा ले रहा था.

उसके बाद अपने ममेरे भाई बहनों को विदा कर मैं अनु दीदी को अपने साथ लेकर बुआ के घर छोड़ दिया. इतना बोल कर जिया चुप हुई, तो मैंने उसे चूमा और उसे भरोसा दिलाया कि मैं तुम्हारा हमेशा साथ दूंगा. इस समय सिर्फ और सिर्फ प्यार ही होता है जो हम एक दूसरे से जता रहे थे.

आप बस लंड हिलाना छोड़ कर पहले मेल करो कि मेरी मौसी सेक्स स्टोरी कैसी लग रही है. नेहा की बात सुन कर गीत फिर बोली- वाह मेरी जान, एक बार फिर बोल दे लंड की रानी! अरे मैं तो हूँ इनकी दीवानी … और रही बात गांड मरवाने की, वो तो इनकी विश पूरी की है मैंने, मैं तो आगे लेने की ही दीवानी हूँ. कभी उसकी लपलपाती जीभ मेरी चूत के बाहरी होंठों को चाटती … तो कभी मेरी चूत के नीचे से शुरू हुए छेद को रगड़ते हुए ऊपर तक आ जाती.

जिससे शायर ने अब झूठा गुस्सा दिखाते हुए मेरी पीठ पर हल्का सा एक मुक्का लगा दिया. उन दोनों की चुदाई बड़ी ही कामुक थी और चुदाई के समय मम्मी के मुँह से पापा के लिए निकलने वाली गालियों से भी मुझे बड़ी हैरानी हो रही थी.

सभी ने दीपक के कमरे में इकट्ठे की चुस्कियां लेते हुए आएशा भाभी के साथ खाना खाया।आएशा को कुछ ज्यादा चढ़ गई तो उसने रीना को अपने बांहों में जकड़ा और रीना की चूत चुसाई करके उसे धन्यवाद दिया.

फिर मूवी शुरू हुई और थोड़ी देर बाद ही मैंने उसकी जांघ को सहलाना शुरू कर दिया.

तभी वो लोग अपना समान लेकर आने लगे और मुझसे मदद के लिए पूछा तो मैंने भी उनका समान रखवा दिया।अब समस्या ये थी कि मेरे वाले केबिन में काफी समान हो गया था और लेटने में तकलीफ हो रही थी. ये मेरी कलम का गुण या दोष है कि मैं सेक्स को गंदे तरीके से नहीं लिख पाता हूँ. भाभी धीरे धीरे नीचे बैठ रही थी कि मैंने अचानक ऊपर की तरफ एक ज़ोर का झटका मार दिया जिससे लण्ड तेजी से भाभी की चूत में अंदर तक जा लगा और भाभी धप से मेरी जांघों पर गिर पड़ी और चीखी- हाय … कितनी बेदर्दी से शॉट मारते हो? इतना लंबा और मोटा लौड़ा है तुम्हारा, बच्चेदानी तक ठोक लगती है.

फिर हम तीनों ने अपनी जगह बदल ली और खड़े हो गए और अब हम तीनों आपस में किस कर रहे थे. जब उसने मेरी गांड की चुदाई कर ली, तो मैंने उसको नीचे फर्श पर लिटा दिया और उसके सीने के दोनों तरह अपनी कमर पर हाथ रख कर खड़ी हो गई. मैं कपिल को लेकर उसके घर गया और वहां से निकल कर वो राजीव चौक जाकर मेट्रो में बैठ गया.

कुछ ही देर में लंड ने चुत में जगह बना ली और मैं उन्हें पूरी रफ्तार से चोदे जा रहा था.

लंड को मेरी पैंटी में चूत के पास फंसाकर वो मेरी चूचियों को दबाने लगते हैं. फिर मैंने अपने लंड पर एक कंडोम खोल कर चढ़ाया और लंड को वापस सलोनी भाभी की मक्खन जैसी गोरी चुत की गहराई में उतार दिया. अब तो मुझे बहुत मजा आने लगा और मैं आह्ह … आह्ह … की आवाजें करते हुए भाईजान के लंड से चुदने लगी.

मैं- अरे नहीं … नहीं … मेरा तो ये रोज का काम है, अब रोजाना भी आपको तकलीफ़ देना‌ ठीक नहीं. मैंने मौसी की स्पोर्ट्स ब्रा उठायी और नाक के पास ले जा कर सूंघा, उसमें से मौसी के बदन और परफ्यूम की मिश्रित खुशबू आ रही थी. चूमने के इस काल में उसकी सांसों की गर्म हवा मुझे बहुत ही मादक आभास करा रही थी.

फिर मैंने पूछ ही लिया कि भाभी आपकी और कपिल की बनती क्यों नहीं है!भाभी बोलने लगीं- वो मेरा ध्यान नहीं रखता है.

वो एक बार मेरे लंड को देख रही थी और दूसरी बार मेरे मुंह को देख रही थी. मैंने नाटक करते हुए थॉमस को साधारण सा ‘हैलो’ बोला और उसे अन्दर बुला लिया.

बीएफ सेक्सी गांव की लड़की मैंने उनकी बात को अनसुना कर दिया और जल्दी जल्दी 2-3 जोर के झटके दे मारे. आप सब लोग मेरे बारे में जानते ही हैं मेरा नाम मोहिनी क्रॉसी (मोहित) है.

बीएफ सेक्सी गांव की लड़की बारिश जोरों से हो रही थी, जिससे अब रास्ते में काफी जगह रोड़ पर पानी इकट्ठा हो गया था. मैंने बोला- हां मेरी परमानेंट रंडी बन जाओ … मैं रोज इस पॉवर का मजा दूँगा.

क्योंकि वो‌ मुझे‌ अब नजर तो नहीं आ रही थी, बस पहले‌‌ की तरह ही खिड़की पर उसके कपड़ों की वजह से नीला सा प्रकाश फैला‌ हुआ नजर आ रहा था.

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रमेश और रिया दोनों ही रति की ओर देख रहे थे कि क्या रिएक्शन होने वाला है. बस उस दिन जब घर आया तो मुझसे रुका ही न गया और मैं शशिकला भाभी की चूचियां याद करके दो बार मुठ मार चुका था. उसके बाद क्या हुआ?अंतर्वासना इंडियन हॉट गर्ल सेक्स स्टोरी के सभी पाठकों को प्यार भरा नमस्कार.

मैंने भी भाभी की चूचियों के निप्पल को अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगी. पता नहीं निशु के दिमाग में क्या चल रहा था, अचानक से उसने मेरे छोटे से लंड को मुँह में लिया और चूसने लगा. स्कूल कॉलेज भी नहीं करती, कहीं घूमने टहलने भी नहीं जाती … कहीं गई भी, तो बस किसी की शादी में … या फिर बीमार हुए तो डॉक्टर … या कभी मार्केट, वो भी अम्मी या दादी के साथ ज़िंदगी बोरिंग सी है.

बाहर आने के बाद एक बार वार्ड को गौर से देखा, कोई भी जागृत अवस्था में नहीं था.

मेरी तो आवाज ही नहीं निकल रही थी।वो बहुत ही धीरे धीरे अंदर बाहर कर रहे थे ताकि मुझे तकलीफ न हो। वो समझ चुके थे कि मेरी गांड ज्यादा नहीं चुदी थी और उनका मोटा लंबा लंड मेरे लिए बहुत बड़ा था।बहुत देर तक उन्होंने छेद को ढीला किया. ”अच्छा?”ए जान … एक बार वो ब्रा पेंटी दिखाओ ना … कैसी लग रही है तुम्हारे शरीर पर?” मैंने पेंट के ऊपर से उसकी बुर को मसलते हुए कहा।वो … मुझे शर्म आती है।यार अब शर्म की क्या बात रह गई है?”आपने तो मुझे बिल्कुल ही बेशर्म बना दिया. क्योंकि शायरा की चुत देखने में ही इतनी तंग लग रही थी कि मानो बस एक लाईन भर में ही उसने अपना सारा अनमोल खजाना छुपा रखा हो.

मैं उसी दिन से सपने लेने लगी थी कि कब तुम मेरी चूत में इसे उतारोगे और मुझे शांति दोगे. हैलो फ्रेंड्स, मैं चन्दन सिंह आपको अपनी भतीजी और उसकी सास की चुदाई की दुनिया में सैर करवाने के लिए हाजिर हूँ. अभी भी हम पूरे नंगे ही बिस्तर पर पड़े थे और जो हुआ था, उसका आनन्द ले रहे थे.

मैं अपनी पढ़ाई करता हूँ और थोड़ा बहुत अब्बू के ऑफिस का काम भी कर लेता हूँ. दोस्तो, मेरी फीमेल फीमेल सेक्स कहानी आगे का भाग आपको और भी अधिक पसंद आएगा, ऐसा मेरा विश्वास है.

मैंने डिब्बे के सभी फाटक अन्दर से बन्द करके अनीता से कहा कि अब आ जा, खुल कर तेरी चुदाई करता हूँ. अब रमेश खड़ा हो गया और अपना लंड रेहाना की गांड के छेद पर लगा कर पूरा उसकी गांड में उतार दिया. आँटी एकदम चिहुंक पड़ी और बोली- ये कहाँ डाल दिया?मैंने कहा- आपने ही तो कहा था पीछे डालो.

मुझे ये अच्छा लगा कि वो सेक्सी बातें करने के साथ ही मेरी मदद भी कर रही थी और मुझे अच्छी जानकारी भी दे रही थी.

उसकी इस हरकत से धीरे-धीरे मेरा काबू खुद मेरे ऊपर से खत्म होता जा रहा था और हालत यह होने लगी कि मेरी जानेमन को भी अहसास होने लगा था. मैं यह देखकर हैरान हो गई कि इस लड़की का एक साल में तो बुरा हाल हो जाएगा और यह भी हो सकता है कि यह किसी भी ऐरे गैरे से चुदवा ले? मुझे मालूम हो गया था कि तुम यहां सरोज के घर रहने लग गए हो और तुम्हारे बारे में सरोज ने रिपोर्ट भी बहुत अच्छी दी थी तो मैंने सोचा तुम्हारे से ही मिल लिया जाए. हम दोनों ने हंस कर हाथ मिलाया, तभी मैं वीणा को एक आंख मार के मुस्कुरा दिया.

उसकी जीभ मेरी गांड के छेद को चाटना शुरू कर चुकी थी और मैं इस चुदाई की मस्ती के एक अलग आनन्द में डूब गई थी. मैंने भी चुदाई की पोजीशन सैट की और लंड का सुपारा चुत की फांकों में फिट कर दिया.

मैं उनकी बातों को बड़ी धैर्यता से सुन रहा था और वे मुझे सब बताती जा रही थीं. वैसे आप सभी मुझे अच्छी तरह से जानते होंगे, लेकिन फिर भी मैं आपको अपना परिचय दे देता हूँ. आप सभी चूत के पूजारी भाइयों व लंड की दीवानी भाभियों को आदित्य के खड़े लंड का नमस्कार.

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अब आँटी पूछने लगी- राज, तुम्हें क्या पसंद है, अपना तो बताओ?मैंने आँटी से कहा- मुझे आप जैसी गुदाज शरीर वाली मस्त हसीना की मस्त फूली हुई चूत को तरह तरह से चोदना पसंद है, मैं चाहता हूँ कि हर वक्त मेरा लौड़ा उस चूत में चलता रहे. जो लोग लड़कियों की माहवारी के समय चूत चूसते हैं वो इस विशेष सुगंध को पहचानते हैं. संजय बोला- क्या फाड़ कर रख दी?नेहा तुरंत संजय का जवाब देती हुई बोली- गांड फाड़ दी गीत की.

मैंने अन्दर वाली खिड़की‌ की तरफ देखा, तो शायरा मुझे जल्दी से बाहर जाती दिखाई‌ दी. एक बार मेरी फ्रेंड तो कंट्रोल कर सकती है … लेकिन लड़का कैसे रुक रहा है. தமிழ் ஆன்ட்டிகள் செக்ஸ் வீடியோக்கள்जैसे ही मैंने अपने सुपारे को क्लिटोरियस पर रखा, गीतिका तड़प गई और बोली- अन्दर करने से पहले ही जान निकाल दोगे क्या?मैंने थोड़ा झुककर गीतिका की दोनों चूचियों को पकड़ लिया और उसके गर्म होंठों पर अपने होंठ रख दिये.

मैं पुलिस वाले को एक साइड में ले गया और उससे कहा- हवलदार साहब, ये लड़के लड़कियों के चक्कर में आप न ही फंसो तो अच्छा है. उसने सीधा ही बोल दिया- सुहानी अब हमारी रिलेशनशिप को 4-5 महीने हो चुके हैं.

वो फिर बोली- राज जी, कामवाली बाई से बोलकर मकान साफ करवा दें तो अच्छा होगा, क्योंकि मैं चाहती हूँ कल सांय तक शिफ्ट कर लें. मैंने सौरभ से कहा- ठीक है, तुम्हें अच्छा लगता है तो मैं मम्मी को कुछ नहीं कहती. अपनी उखड़ती सांसों को संयत करके अनु दीदी ने मेरी तरफ़ देखा और एक जोरदार नीचे धक्का लगा दिया.

नैना दूध चुसवाते हुए बोली- आह … बहुत मज़ा आ रहा है … रमित …उसने अपनी कमर की स्पीड बढ़ा दी. धीरे-धीरे उसकी सिसकारियां तेज़ होती चली गईं … और वो अपने दांतों से अपने ही होंठों को काटने लगी थी. मैं सोचती हूँ कि जितना टाइम कहानी लिखने में लगाऊंगी, उतने में तो मैं दो राउंड चुत में लंड के ही करवा लूं.

मैंने भी थोड़ा झुकते हुए अपनी एक टाँग को उठाया और बूढ़े का लंड अपनी फुद्दी में ले लिया.

कविता भाभी मुझे प्यार से लिप किस दे कर बोलीं- आज की शाम के लिए धन्यवाद … चलो अब कुछ खाना पीना हो जाए. लगातार की चुदाई से रोहिणी को फिर से सेक्स का ज्वार आ गया … अब वो खुल कर साथ देने लगी.

यही सोचते सोचते हम बस स्टैंड पहुंचे जहां से हमें यात्रा के लिए जाना था।बस वाले कन्डक्टर ने हमें हमारी सीट बता दी. जैसे ही गीत की गांड से मैंने लौड़ा निकाला तो सभी वहां से उठ गये और गीत और नेहा ने अपनी चूतों से डिल्डो भी निकाल दिया. फिर हम दोनों की नजरें मिलीं, तो एक पल का सन्नाटा छाया और अगले ही पल भाभी एक हाथ में साबुन लेकर मेरे शरीर पर मलने लगीं.

उन्होंने अनीता को अन्दर ले जाकर चूमा तो उसके मुँह से शराब की गंध आई. भाभी इस्स्स करते हुए पास आई और मेरे चौड़े फौलादी सीने को सहलाते हुए कहा- हाथ से ही पानी झड़ाओगे या मैं भी कुछ मदद करूं?दरअसल वो डबल मीनिंग बात कर रही थी. मैंने उस लड़के को सारी बात समझाई और कुछ देर के बाद कमरे में बुलाने के लिए कहा.

बीएफ सेक्सी गांव की लड़की सौरभ- तुम नाराज नहीं हो?मैं- यदि तुम मेरा साथ दोगे तो मैं नाराज नहीं हूँगी. वह मेरा हाल-चाल पूछने लगी तो उसको अपने स्तन के आपरेशन वाली बात बताने लगी.

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भाभी मेरी जीभ को अपने रसीले होंठों में लेकर आईसक्रीम की तरह चूसने लगीं. जैसे शमा जैसी सीधी सादी लड़की को शाही सर ने सिर्फ थोड़े से पैसे का लालच दे कर 5 मिनट में ही रंडी बनने के लिए पटा लिया. फिर धीरे धीरे हम एक दूसरे के होंठों की ओर बढ़ चले और हम दोनों ने पहली बार होंठों पर चुंबन किया.

मैं तो जैसे तैयार ही बैठी थी, घुटनों के बल बैठ कर विजय के लण्ड को अपने मुंह में पूरा भर लिया. इतनी सुन्दर अप्सरा लाल साड़ी में दुल्हन बन कर मेरे बाजू में सो रही हो, तो मुझे क्या झांट नींद आनी थी. बीएफ सेक्सी राजस्थान वालीवो बहुत ही ओपन माइंडेड थी और हम जैसी चाहे वैसी भाषा में उससे बात कर सकते थे.

थोड़ी देर तक भाभी ने कुछ नहीं कहा, तो फिर मैंने हिम्मत करके फिर से वही बात कही.

कुछ पल बाद मैंने एक हाथ उनकी पज़ामी में डाल दिया और उनकी चुत को टटोलने की कोशिश करने लगा. आँटी बोली- बुद्धू, निकालो दर्द हो रहा है, पीछे से चूत में डालो और मेरी चूचियों को पकड़कर मसलो.

मैं समझ गया था कि बस किसी तरह से इसको लंड मिल जाएगा, तो ये लेने के लिए राजी हो जाएगी. मैं एक हाथ से उसके सिर के बालों को सहलाने लगी और दूसरे हाथ से उसकी पीठ को!उसका जिस्म तो किसी मखमल का तकिया सा था. अर्चना ने उन दोनों को अलग किया, तो देखा कि महंत का तकरीबन आठ इंच लंबा और ढाई इंच मोटा काला मूसल जैसा लंड चमक रहा था.

मेरी बढ़ती स्पीड के साथ भाभी की सिसकारियां भी तेज होती गयीं- ओह्ह … यस … और जोर से … आह्ह … फक मी हार्ड अंश … आह्ह … चोदो डार्लिंग … आह्ह और चोदो … आईई … उफ्फ … ऊईई … ओह्हह यस … लव यू बेबी।इस तरह से 20-25 मिनट के लगभग मैं सेक्सी भाभी की चुदाई मजे लेकर करता रहा और फिर हम दोनों ने पोजीशन बदल ली.

आप मेरी खुशी के लिए आ रहे हैं, तो मैं आपको किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होने दूंगी. आगे उन्होंने बताया- मैं ये भी जानती हूँ कि वो बाहर की औरतो के साथ भी पैसे देकर सेक्स करते हैं और मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है. ठीक शाम साढ़े तीन बजे अपने मायके जाने के लिए बोलकर आएशा तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार आ पहुंची।बुरके में होने के कारण मैं कुछ भी नहीं देख पाया.

खेत में चुदाई सेक्सीमैंने नेहा से पूछा तो वह बोली- कुछ नहीं … वैसे ही मम्मी का मूड खराब है. मैंने उन्हें अपने रूम में ले गया और वहां बेड पर उन्हें लेटा कर उनकी चूत को चाटने लगा.

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मैंने उनसे कहा- मैंने आपको पहले ही बोला था कि आपको किसी बात की कमी नहीं रहने दूंगा. इस बारे में मैंने अपने एक दो दोस्तों से बात भी की कि यदि उनके पास कोई ऐसी महिला मित्र हो तो मेरा भी काम बन जाये. उसकी टाँगें कांपने लगी और फिर उसकी चूत से झरना फूट पड़ा।उसका शरीर ढीला पड़ गया।मैं बैठ गया बाजू में … और उसकी ओर देखने लगा.

और नीचे मेरे हाथ में लण्ड को आगे पीछे करते हुए उसने मेरे हाथ में ही वीर्य निकाल दिया. मैंने पूछा- क्या हुआ कुतिया?तभी छोटी चाची जो अब सोफ़े पर आकर बैठ गई थीं, वो बोलीं- मेरे घोड़े तू डाल जोर से … ये तो नाटक कर रही है साली. उसने अपनी दोनों आंटियों को चोदने के बाद मुझे कई मेल किए, जिसके बाद मैंने वहां जाने का फैसला किया.

मैंने पूछा- तुम क्या चाहती हो?अनीता बोली- हमेशा के लिए इस आदमी से छुटकारा. भाभी इस्स्स करते हुए पास आई और मेरे चौड़े फौलादी सीने को सहलाते हुए कहा- हाथ से ही पानी झड़ाओगे या मैं भी कुछ मदद करूं?दरअसल वो डबल मीनिंग बात कर रही थी. कविता ने भी बहुत कामुक किस्म की नाईटी पहन रखी थी जो केवल घुटनों तक की थी.

अब मैं तुमसे कुछ पूछूं?”मैं- क्यों नहीं यार … बोलिए न!सलोनी- मैंने तुम्हें आज एक घंटे पहले बुलाया था, पर तुम बीच में ही रुक गए थे. उसके बाद क्या हुआ?अन्तर्वासना के सभी पाठक और पाठिकाओं को मेरे की तरफ से नमस्कार!मैं अन्तर्वासना का पाठक हूं। आज मैं आप लोगों के सामने अपनी कहानी जो सच्ची घटना पर आधारित है। कहानी लिखने का मुझे ज्यादा अनुभव तो नहीं है। मेरी यह पहली कहानी है। इसलिए अगर कोई गलती हो जाये तो माफ करना।मेरा नाम मनु है.

उसी रात में सनी ने मेरी दोनों आर्मपिट में लंड फंसा कर मेरी बगलों की चुदाई की.

यह क्या है?और यह कहते ही गीतिका ने मेरे लोअर को नीचे कर दिया और मेरा 8 इंच लंबा और मोटा लौड़ा उसके सामने अकड़ कर फनफनाने लगा. हप्सी की बीएफएक अर्चना की मम्मी और मेरी मामी के साथ मेरी चुदाई की कहानी और दूसरी सेक्स कहानी वो जिसमें अर्चना की मदमस्त जवानी का मजा उसके दोनों भाइयों ने उसकी चुत चुदाई करके मजा लिया था. सेक्सी बीएफ हिंदी एचडी मेंमैंने और संजय ने अपने अपने लंडों को नेहा और गीत की गांड के अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था. मैंने उसको गर्म करते हुए कहा- श्यामू, मेरी चूत की भी मालिश कर दो ना!अब वो भी समझ चुका था कि मेरी गर्म चूत एक टाइट लंड को खोज रही है.

फिर भी उसके सुपारे को मैंने चूस कर गीला किया और ढेर सारी लार और थूक उस पर लगा दी.

अब कविता ने घुमा फिरा कर मुझे अपनी बातों में फंसाने की कोशिश शुरू कर दी. कम रोशनी में भी मुझे दीपिका के 38 साइज़ के भारी भारी मम्में और उन मम्मों पर तने हुए तीखे निप्पल साफ साफ दिखाई दे रहे थे. मैं उत्तेजित हो गया उसकी बात सुन कर!थोड़ी देर बाद उसे नींद आने लगी। असल में दर्द की गोली में नींद की दवाई भी थी.

उसकी बहू की मां विमला ने टिफिन निकाल कर अपने दामाद को उठाया और खुश होकर उसे खिलाने लगी. मैंने सोचा कि उस दिन भाभी मुझसे कप को साफ़ करके चाय पिलाने को कह रही थीं … आज देखो अपने बिस्तर में मेरे सामने एकदम नंगी हैं और आज ये मेरे लौड़े का पानी भी पियेंगी. इसी बीच उसकी ब्रा जमीन पर गिरी, मैंने झट से उसको भी उठाया और सूंघने लगा.

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उसके इस तरह से मेरी चिकनी चूत को चूसने से मैं पागल हो गई थी और जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो सका, तो मैं उसको धक्का दे कर पलट गई. कुछ देर बाद मैं उठा और मैंने ज़ीनिया से कहा- अब मैं चलता हूं क्योंकि मुझे घर भी जाना है. लेकिन अब बात करके लग रहा है कि तुम बहुत अच्छे हो, मुझसे कभी नाराज़ मत होना, मुझे कभी छोड़ना नहीं दोस्त.

ये सोचकर तो मेरा मन करने लगा कि उसको ऐसे चोदूं कि उसकी चूत के चिथड़े उड़ जायें.

मैंने कहा- पसंद आया?गीतिका बोली- वंडरफुल, पहली बार देखा है, ऐसा लौड़ा.

कुछ ही देर तक मैंने उनकी चूत को चाटा होगा कि उनकी चूत से पानी निकल गया. अब संजय ने पीछे से अपने लंड को हाथ में लेकर एक हल्का सा झटका लगाया जिससे गीत की गांड में उसका लंड का टोपा फिट हो गया. नेपाली देसी चुदाईबत्तीस-सी का वक्ष … और बत्तीस-डी के नितंब … नाभि के नीचे बंधी साड़ी.

मैं- अच्छा, अब तुम्हारा पति वापस कब आएगा?वो घड़ी की ओर देख कर बोली- बस वो आने ही वाला होगा. भाभी ने नौकरानी को अरुण के आने तक नीचे रहने की सख्त हिदायत दे रखी थी, जो मुझे बाद में पता चली. चुत के पानी से उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी और वो चुदाई के लिए मेरे लंड को आमंत्रित कर रही थी.

आख़िरकार मैं चरमसीमा पर पहुँच गयी और मेरा सारा लावा निकल कर उसके लंड से लथपथ होकर बाहर बहने लगा. मैं कुछ देर उसकी आंखों में देखने लगी और अपने हाथ पांव ढीले करने लगी.

उससे 1 दिन पहले मेरी मम्मी ने भाभी को बोला- शालिनी और बच्चों को कपड़े वगैरह दिलाने हैं.

मैं किसी अंग्रेज का नहीं लेती और न ही वहां मेरे पास इतना वक्त रहता है कि मैं कुछ कर सकूँ. दूध चूसने के बाद अब मेरी चुदास जाग गई और भाभी की चूत के दीदार करने का मन होने लगा. थोड़ी देर तक भाभी ने कुछ नहीं कहा, तो फिर मैंने हिम्मत करके फिर से वही बात कही.

ब्लू फिल्म 3 फिर धीरे धीरे चाचा जी के हाथ मेरे स्तनों यानि बूब्स की तरफ बढ़ने लगे और वो उन्हें ब्रा के ऊपर से हल्के हल्के भींचने लगे. मैंने भी दीदी को वहीं पलटा और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रखवा लिया, दीदी की फुद्दी की बाहरी दीवारों पर मैंने लौड़े को रगड़ा.

इस बात पर वो मेरा मज़ा लेते हुए बोला- अरे चलो चलो … रहने दो, ज्यादा अपने मुँह मियां मिट्ठू न बनो, पहले तो तुम चुड़ैल लगती थीं. साथियो आपको लंड चुत की इस गर्म पब्लिक सेक्स कहानी में मजा आ रहा होगा. एकता कुछ ज्यादा ही आवाज निकाल रही थी तो अन्नू बोली- क्या बात है यार, ऐसा लग रहा है जैसे पहली बार चुदवा रही है.

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तो मैं भी उसके कपड़े उतारने लगा कुछ ही पलों में हम दोनों ने एक दूसरे को नंगा कर लिया!अब वो मुझे किस करने लगी और किस करते-करते हम दोनों बिस्तर पर गिर गये!मैंने उसकी चूचियां चूसनी शुरू कीं तो ज़ारा तड़प उठी और नीचे हाथ ले जा कर मेरा लंड पकड़ लिया और सहलाने लगी. मैंने एक इम्पोर्टेड मस्क डीओ लगाया जिसमें आदमी की बॉडी की स्मेल बहुत सेक्सी हो जाती है. मैंने उससे पैग बनाने का इशारा करते हुए कहा- क्या बता दूं?फिर वो एक लार्ज पैग मेरे हाथ में देते हुए बोला- फूफाजी अनु मुझसे खुश नहीं रहती.

आगे से तो उसने अपनी चूचियों‌ को ढक‌ लिया … मगर पीछे से उसकी गुलाबी पैंटी और नितम्बों का उभार भी साफ नजर आ रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे कि हम भाई-बहन नहीं बल्कि बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड हैं.

धीरे धीरे बस दिन रात उसके ही सपनों में खोए रहना अब मुझे अच्छा लगने लगा.

शायरा तो मुझसे अब नज़र ही नहीं मिला रही थी मगर मैं अब थोड़े मज़ाक के मूड में आ गया था. फिर आंटी ने मेरे साथ क्या किया?अब आगे की नंगी आंटी सेक्स स्टोरी:भाभी- अभी इतना मजा आया तो फिर जब लंड अंदर जाएगा तो क्या होगा?मैं- तो क्या आदमी के साथ करने में और भी ज्यादा मजा आता है?भाभी बोली- पागल अगर आदमी ठीक ढंग का हो और उसका लंड भी ठीक साइज का हो, तो मजे का तो कोई अंत ही नहीं है. कोई 5 मिनट के तेज़ झटकों के बाद मेरा पानी निकालने वाला हुआ … तो मैंने अपना लंड चुत से बाहर खींच लिया और सलोनी भाभी के ऊपर झुक कर उनके होंठों को चूमने लगा.

दोस्तो, मैं साहिल … आपको तहे दिल से और सभी कुंवारी कन्याओं और भाभियों को लंड खड़ा करके नमस्कार करता हूँ. मैंने उससे पूछा- तुम क्या चाहती हो और मेरे साथ ऐसा क्यों कर रही हो?उसने उत्तर दिया- तुम तो अपना बदन ऐसे छुपा रही हो, जैसे मैंने कभी तुम्हें नंगी या चुदते हुए नहीं देखा. मैं उस दर्द को भूल जाऊं, इसके लिए वो मुझे प्यार करती, मेरे गालों, गले और स्तनों को चूमने लगती.

बलखाती कमर सुराहीदार गर्दन … सुडौलता की पराकाष्ठा को छूते स्तन … थिरकन में मयूर को मात देते उसके नितंब ऐसे कि फूल की मार भी ना झेल सकन वाले हों.

बीएफ सेक्सी गांव की लड़की: या तो अपना इलाज़ कराओ, या फिर मुझे किसी और के साथ सेक्स करना पड़ेगा, क्योंकि अब मैं और इंतज़ार नहीं कर सकती. इस कहानी की नायिका है मेरे चाचा के शहर की एक बहू जिन्हें मैं भाभी कह कर संबोधित करता हूं।उनका नाम दिव्या है और फिगर साईज 34-28-36 है जो अच्छे अच्छे चोदू लंडों का पानी 2 मिनट में निकाल दे.

धीरे धीरे करके उनका हाथ मेरे लंड पर चलने लगा और वो मेरे लंड को सहलाने लगीं. उसने कहा- वो कैसे?मैंने उससे कहा- जैसे तुम्हारी चूचियों को…वो- क्या … क्या नाम दोगे मेरी चूचियों को!मैं- उन्हें ना … मैं तुम्हारी दोनों बांहें कहूँगा. उस सेक्स कहानी में मैंने आपको बताया था कि कैसे मैंने प्रिया भाभी को पटाकर चोदा था.

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