अंतर्वासना सेक्सी बीएफ

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मुझे देखते ही बोला- कपड़े उतार कर पूरी नंगी हो जाओ, जैसे आशीष के साथ थीं. पलंग तोड़मेरे यूं उसके फोटो शूट करने से बहूरानी मुझे कभी गुस्से से देखती हुई मना करती.

एक तरफ तो मेरी इज्जत और सास के रुतबे का ख्याल आ रहा था, दूसरी तरफ मुझे मेरी बेटी के भविष्य की चिंता भी हो रही थी. सेहुआ की अंग्रेजी दवाये मेरी फर्स्ट सेक्स स्टोरी है, उम्मीद करता हूँ कि आप सबको बहुत पसंद आएगी.

मैंने अपनी हथेली को टोपों से थोड़ा नीचे को खिसका लिया और टोपे नीचे को उतरती हुई चूत में फंस गए!नताशा थोड़ी सी कुनमुनाई, लेकिन उसने टोपों को बाहर नहीं निकलने दिया.अंतर्वासना सेक्सी बीएफ: मेरी चीख निकलने को हुई, पर सर का मुँह मेरे मुँह पर ढक्कन जैसा लगा हुआ था.

अगर कुछ देर पहले सिंधु की चुदाई करके झड़ा नहीं होता तो सिंधु की इस क्रिया से निश्चित रूप से मैं झड़ गया होता,फिर वो खड़ी हुयी, अब मेरी बारी थी, मैंने उसे दीवार से सटा दिया, अब मैंने उसके बूब्स को मसल मसल कर लाल कर दिया, निप्पल को मुंह में भर कर चूसने लगा, काटने लगा.दस मिनट की चुदाई के बाद मैं उसकी चुत में झड़ गया और मैंने अपना लंड बाहर निकाल कर उसके मुँह में दे दिया.

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विनय अभी नहीं झड़ा था, इसलिए दो पल बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से लंड मेरी चूत में पेल दिया.मेरी कामवासना भी कह रही थी कि लुटा दे अपनी जवानी अपने बॉस पर… मजा भी आयेगा और फ़ायदा भी होगा.

भाभी ने मेरी जीभ को चूसना शुरू कर दिया और मैं भाभी के मम्मों को जोर जोर से दबा रहा था।15 मिनट तक भाभी और मैं किस करते रहे, जब भाभी काम्पने लगी तो उन्होंने मुझे छोड़ दिया पर मैं दोबारा उन्हें किस करने लगा और किस करते करते उन्हें बेड पर लिटा दिया. अंतर्वासना सेक्सी बीएफ क्या आपको मेरी यह इरोटिक सेक्स स्टोरी अच्छी लग रही है? इस सपनीली सेक्स स्टोरी के ऊपर आपके मेल पाना चाहूँगा.

फिर मैंने सोचा ये तो गहरी नींद में सो रही थी, मेरा जरा सा हाथ क्या लगा इसने तो तुरंत ही आँखें खोल दीं, चक्कर क्या है, क्या इसके मन में कुछ चल रहा है.

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तभी मॉम ने झट से नवीन के चूतड़ पकड़ कर उसको अपनी चुत की तरफ दबाया ओर बोलीं- बाहर नहीं नवीन, चुत में ही गिराओ. ”यह सुनकर मेरा चेहरा उतर गया तो उसने मुझे आश्वासन दिया- फ़िक्र मत करो. फिर एक दिन मैंने रुचिका चौधरी से सीधे बोला- आपने कभी सेक्स किया है??तब उसने भी बिंदास बोला- हां.

हम सब लोग बिंदु के कमरे में चले गए जिसमें दीवार पर कुछ सेक्सी पिक्चर भी टंगी हुई थीं, जिसमें लड़का और लड़की लंड को चुत में फँसा कर रखे हुए थे. फिर ललिता ने अपना हाथ सीधे मेरे लंड पे रख दिया, जैसे वो नींद में रख दिया हो. बस मुझे इतना ही करना था कि अचानक सट से उसकी उंगली मेरी गांड में घुस गई.

मैं बहुत ही उत्तेजित हो गया था और किसी भी हालात में अपने लंड को शांत करना चाहता था. आंटी ने अपने घर का एड्रेस दिया और मैं ऑटो पकड़ कर उसके दरवाजे पर पहुंच गया. उसके बाद तीसरी चुदाई हमने रात का खाना खाने के बाद की, तीसरी चोदन क्रिया हमने घर की छत पर की क्योंकि काव्या का घर तिमंजिला था और आसपास कोई घर उतना ऊंचा नहीं था तो किसी के देखने का कोई सवाल नहीं था.

अब आगे:आंटी ने मेरे पूरे बदन को चूमा और मुझे पलंग पर खड़ा कर दिया, कहा- राजा, अब देखो जब तुम अपने हाथ से हिलाते हो तो थोड़ा सा मजा आता है पर अब मैं जो करूँगी, उस से तुम्हें बहुत ज्यादा मजा आएगा. मैंने अपने होंठों को पूरी तरह से उसकी काली, गीली और बाल से भरी हुई बुर में चिपका दिया.

हम दोनों बहुत देर तक बिना झड़े चुदाई कर सकते हैं क्योंकि हमेशा की आदत बन चुकी है।जैसे ही नाज उठी, उसने जूही के होंठ अपने होंठों में ले लिए और किस करना शुरू कर दी, मैंने जूही को छोड़ कर नाज को घोड़ी बना कर लंड अंदर डाल कर चुदाई शुरू कर दिया.

मुझे प्रिया की योनि के अंदर अपने लिंग के आसपास गर्म-गर्म द्रव सा महसूस होने लगा.

मैंने वो पैकेट वहीं डाल दिया और थोड़ा सा थूक लगा कर आंटी की टाँगें उठाईं और लंड को चूत पे सैट करके हल्का सा धक्का दे मारा. मैंने एक हाथ उनके मम्मों पर रख दिया और भाई के रसभरे चूचों को दबाने लगा. पर मैंने जब ज़ोर दिया तो बोली कि आज मेरी शादी की सालगिरह है और मेरा पति साथ नहीं है, इसलिए मूड खराब है.

इसके बाद भी काफी दिन नार्मल ही बीते, पर धीरे धीरे अब वो भी मुझे प्यार करने लगी थी. उसने मेरा परिचय अपनी भाभी से कराया तो भाभी ने कहा- अच्छा ये वही हैं, जिनके बारे में बच्चे बात करते हैं. मैंने पिंकी के पैरों को पकड़ के फैला दिया, फिर मैंने रुई को थूक से गीला करके उसके मोटे गोल पुट्ठों को ऊपर उठाया और उसकी गांड के छेद में रख कर उंगली से थोड़ा घुसा दिया.

शाम हो चुकी थी मैंने रूम की लाइट ऑन कर ली और चुपचाप रूम में लेट कर आंटी का इन्तजार करने लगा.

मैंने अपना सुपारा उसके मुँह में घुसा दिया और उसके गालों को पकड़ कर धीरे धीरे धक्के मारने लगा. वो अब भी मेरी गर्लफ्रेंड है और अब हम कितनी बार अलग अलग पोजीशन में सेक्स कर चुके हैं. फिर मैंने लाइन में देखा वह किसी अनजान आदमी से बात बड़ी मस्ती से बात कर रही थी.

बहुत सा प्यार भी चाहिए इसलिए मैं उन्हें पूरा खुश करने की कोशिश कर रहा था. हम दोनों को एक ही फील्ड के होने के कारण एक दूसरे से बात करने का मौका मिल जाता था. मेरे दोस्त ने वाइफ को सीधा लिटा दिया और पैरों को ऊपर करके अपने लंड को मेरी वाइफ की चुत पर सैट किया और धक्का देने लगा.

थोड़ी देर बाद मैं धीरे से उठा, मेरे पैर काँप रहे थे, कमरे का दरवाजा धीरे से खोल कर बाहर झांका तो ड्राइंग रूम की लाइट बंद थी.

वैसे तो मैं एक शर्मीले किस्म का इन्सान हूँ, जिसके चलते मैं ज्यादातर लड़कियों से कम ही घुलमिल पाता हूँ. मॉम ने कोई आनाकानी नहीं की और मैं उनको बाथरूम में ही दीवार के सहारे झुका कर चोदने लगा.

अंतर्वासना सेक्सी बीएफ वो भी पक्की रांड थी, साली मादरचोद इतनी हॉट थी कि उठ कर सीधी लंड पर बैठ गई. नवीन ने फ़ौरन अपने लंड पे थोड़ा सा थूक लगाया और अपने लंड का सुपारा मॉम की चुत पे टिका कर मॉम की गांड पकड़ कर हल्का सा दबाव डाला.

अंतर्वासना सेक्सी बीएफ मैं कब से आपसे चुदवाना चाहती थी, पर बॉयफ्रेंड के चक्कर में नहीं चुदवा पाई. मगर आज भी मेरे और मीशा का रिश्ता है और एक बात कहना चाहूँगा कि मीशा का जो बेटा है, वो मेरा है.

तभी अचानक से इस शांति को भंग करते हुए किसी की हंसने की आवाज़ आई… जिसने सारे माहौल के सन्नाटे को भंग कर दिया.

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मैंने भाभी को अपनी बांहों में लेकर किस किया और खूब प्यार करके वहां से निकल गया. थोड़ी देर स्टोरी सुनाने के बाद प्रीति बोली- तू सुन रही है न… हैलो हैलो शालिनी कहाँ गई… हैलो… हैलो…उधर शालिनी दीदी कहाँ सुनने वाली थीं… वो तू अपनी चुत चोदने में मस्त हो गई थीं. उन्होंने जो नाईट ड्रेस पहनी थी, वो पेट के ऊपर को हुई पड़ी थी औऱ कम्बल भी साईड में पड़ा था.

फिर एक और जोर का झटका लगाया और पूरा लंड उसकी चुत में पूरा अन्दर तक पेल दिया मेरे आंड उसकी चुत के मुँह पर जम गए थे. ”उन्होंने मुझे नीचे लिटा कर धीरे से चूत पर अपने लंड रगड़ा और धीरे से अन्दर डाल दिया. नताशा खड़ी हो गई और दोनों लड़कों के पैरों के बीच के स्थान में आकर झुक गई, दाहिने हाथ से दोनों आपस में जुड़े हुए, आसमान में सीना ताने खड़े लंडों को पकड़ कर अपनी चूत के मुंह से लगा दिया.

मैं रात के 3:30 तक उसको ऐसे ही चोदता रहा, फिर मैंने उससे एक बार फिर से लंड चुसवाया और गांड मारने के लिए बोला.

फिर मेरी तरफ गिलास बढ़ा कर बोले- लो पी लो… लंड लेने में आसानी रहेगी. थोड़ी देर ऐसे ही मेरी बीवी को चोदने के बाद उसने कामिनी को एक झटके में ऐसे ही उठा कर नीचे लेटा दिया और उसकी टांगें फैला दी और पूरे जोर से पेलने लगा. मैंने पूछा- आप कहाँ की रहने वाली हो?उसने बताया कि वो बंगलोर की है, अभी शादी हुई है, हज़्बेंड का बिजनेस है, वो ज़्यादातर टूअर पर रहते हैं.

वो अपनी चुत से लंड निकाल कर अपने हाथों और घुटनों के बल चौपाया जैसी बन गई. फिर मम्मी ने झोला लिया और बोली- आरती, कुछ भजिया पकौड़ी तल दो और चटनी पीस कर दे देना, मैं आती हूं कुछ सामान लेकर पास से ही!मुझे डर लगा अकेले होने से! मैं बोली- मम्मी मैं भी चलूं?पर मम्मी बोली- नहीं, मैं लाती हूं, तुम्हें जो बोला, उतना करो. मैं तुम्हारे साथ कुछ नहीं करूँगा क्योंकि मैं अपने ऑफिस की किसी भी लड़की से ऐसे कुछ भी करने की नहीं सोच सकता.

फ़िर जोर जोर से मेरी छाती पर किस करने लगीं, साथ में मेरी छाती पर काटने लगीं. कामिनी बोली- यार, मूड मत ख़राब करो, वो अंदर है!विवेक बोला- तो क्या कर लेगा?कामिनी बोली- ज्यादा हीरो मत बनो?वो बोला- जानू, आज तो तुम्हारी ले के ही जाऊंगा!बोली- पागल हो क्या? आज नहीं!मैं समझ गया कि मेरा शक ठीक था, ये दोनों मजे करते हैं.

अभी घर पर पहुँचे कुछ ही देर हुई थी कि उसका फोन आया कि आपके साथ कैसे आज का दिन बीत गया, कुछ पता ही नहीं लगा. वो नहीं मान रही थीं, लेकिन तभी उनका लड़का स्कूल से आ गया और बोला- मम्मी, क्या हुआ भैया को?तो चाची बोलीं- कुछ नहीं बेटा, तुम्हारे भैया को थोड़ी चोट लग गई है. तभी आर्मी वाले अंकल, जिनका नाम सुरेश है, जेब से 2000 के दो नोट निकालें और मेरे हाथ में दे दिए- आरती, यह तुम्हारे बॉडी मसाज के लिए है.

वो वापिस मेरे होंठों को चूमने लगी और अबकी बार उसने खुद अपना शर्ट उतार दिया.

अब उसको भी थोड़ा मजा आया और वो बोलने लगी- बेबी थोड़ा और तेज बेबी और तेज. विवेक ने स्पीड बढ़ा दी, मेरी चुदक्कड़ चालू बीवी कामिनी बोली- वाह राजा, क्या जोश के साथ मेरी चूत ले रहे हो!और फिर विवेक ने मेरी कमीनी बीवी कामिनी की चूत में ही अपने लंड की पिचकारी छोड़ दी. उसने मुझसे कहा- क्या तुम मुझे सेक्स के बारे में और बताओगी?तो मैंने भी मना नहीं किया.

मैंने उनके आने जाने पर ध्यान दिया तो पाया कि आजकल वे कुछ ज्यादा ही बाहर आने जाने लगी थीं जबकि पहले ऐसा कुछ नहीं था. तभी नवीन कपड़ा लेकर आया- मालकिन आपके पैरों से पानी पोंछ दूँ?मॉम ने मुस्कुराते हुए कहा- रहने दे नवीन अच्छा लग रहा है.

इस धक्के में मेरा आधे से ज्यादा लंड दीदी की गांड की गहराइयों में उतर गया. उसका संभालना मुश्किल हो गया था और वो मुझे बार बार कह रही थी कि नवीन जो करना है, प्लीज़ जल्दी करो वरना कोई आ जाएगा. दीदी अपनी साँस रोक कर एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ा और एक हाथ से अपनी गांड फैलाने की कोशिश करने लगीं.

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मेरी हालत बहुत खराब होने लगी, तभी मैं गहरी सांस लेने लगी और मेरा बदन टूटने लगा.

फिर अचानक उसके एक्स बॉयफ्रेंड को कहीं से पता चल गया कि रुचिका मेरे साथ चुदती है, फोन पर बात करती है. सबसे पहले मैंने दोबारा अपना फ़ोन चैक किया कि वीडियो रिकॉर्डिंग चालू है कि नहीं, रिकॉर्डिंग चालू थी, सब कुछ ठीक चल रहा था. अब मैं हल्की हल्की आवाजें निकालने लगा- आअ आआह्ह्ह… प्लीज चाची इसकी भी मालिश कर दो न… ये बहुत दर्द कर रहा है.

एकाध बार उन्होंने मुझे ये भी कहा है कि अनूप तू मेरी जिन्दगी मैं बहुत बड़ी सौगात बन कर आया है और मैं चाहती हूँ कि तू हमेशा के लिए मेरे पास ही बना रहे. मैंने माल उसके मुँह में निकलने से रोका और लंड बाहर खींच कर कपड़े से पोंछ कर फिर से लंड चूसने के लिए बोला. एचडी की फोटोवो उससे बोली कि पहले तुम्हारा टेस्ट लिया जाएगा, अगर पास हो गए तो नौकरी पक्की वरना मैं नहीं रखूँगी.

आप के और मेरे बीच एक बार जो हुआ वो किस्मत थी लेकिन मैं सुधा मौसी को बहुत प्यार करती हूँ और हरगिज़-हरगिज़ नहीं चाहती कि मैं उन के दुःख का कारण बनूँ. तुम चिंता न करो मैं तुम्हें पूरा मालामाल कर दूँगा और आज की रात में तुम्हें पूरे 70000 दूँगा जो मैंने तुम्हारी पहली कीमत आधी की थी.

मैंने पूछा- क्या तुम सिंगल हो?वो बोली- क्यों शादी करनी है?मैंने भी कह दिया- आप कहो तो कर लें?वो बोली- क्या कर लें. दीदी अपनी दो उंगलियां वी शेप बना कर अपनी चुत के दोनों फांकों पर रख दीं और उंगलियों को फैला कर चूत को पूरा खोल दिया. पंकज और स्मिता की लव मैरिज मैंने ही कराई थी, इसलिए वो दोनों मुझे बहुत मानते थे.

पर तभी मुझे ख्याल आया कि मैं भी अपनी साली को चोद सकता हूँ क्योंकि मेरे पास उसकी इस चुदाई का क्सक्सक्स वीडियो भी है. मैं जब तक उसको सॉरी बोलता, मेरे फ़ोन की बैटरी खत्म हो गई तो मैंने अगले दिन उसको कॉल किया और उसको सॉरी बोला. दीदी ज़ोर ज़ोर से कराह रही थीं- आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह आह फ़क मी… ओह…दीदी से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

मैं- यू लुकिंग ब्यूटिफुल…मैंने उसका हाथ अपने हाथ में लिया और उसकी उंगलियों को सहलाने लगा.

मेरा नाम मैं बताना नहीं चाहता, आप मुझे बस वर्मा जी के नाम से जान लो. जहाँ उसकी सास थीं।मैंने उनके पैर छुए और हाल-चाल पूछा।उन्होंने बताया- आज सुबह मैं बाथरूम में फिसल गई.

यह कहानी आप लोगों को पसंद आई होगी… प्लीज़ मेरी मेल आईडी पर ज़रूर लिखिएगा कि चुदाई की कहानी कैसी लगी ताकि मैं अगली कहानी भी लिखने की सोचूँ, वरना यह मेरी आखिरी कहानी ही होगी. मैं कब से आपसे चुदवाना चाहती थी, पर बॉयफ्रेंड के चक्कर में नहीं चुदवा पाई. वो भी अपनी माँ की जैसी नाटी यानि 4 फीट 8 इंच की साइज़ पर ही रूक जाएगी.

हां तुम अपने वकील से मिल कर अपना डाइवोर्स का केस शुरू करो और अगर किसी अच्छे वकील की ज़रूरत हो तो मुझे बताना में पूरी हेल्प करूँगा. थोड़ी देर बाद उनको भी इस जंगली सेक्स में मज़ा आने लगा और वो मेरे लंड का स्वागत चूतड़ उठा कर करने लगीं. और अब मेरी बहन भी मजा लेने लगी पर मुझे दिखाने के लिए शरीफ बन रही थी, मुझे रोक भी रही थी.

अंतर्वासना सेक्सी बीएफ वीरवार रात को निकलना था, शुक्रवार सारा दिन चढ़ाई कर के दर्शन करने थे, शुक्रवार रात वहाँ से वापसी कर के शनिवार सवेरे वापिस घर पहुँच जाना था. उस वक्त बहुत ज्यादा तो कुछ नहीं हुआ, बस यूं ही दुबारा मिलने की बात पक्की हो गई.

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जब वो नॉर्मल हुई तो मैंने फिर से धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी चुत में घुसा दिया. यारो… रानी के हर धक्के पर इधर उधर उछलते चूचे, रानी के बिखरे हुए बाल, उसके होंठों पर छायी हुई अनंत सुख की मुस्कान, लंड के अंदर बाहर होने पर फचाक फचाक फचाक की आवाज़ें और अलका रानी की ऊँची ऊँची आवाज़ में सिसकारियां इत्यादि सब मिल के वातावरण को अत्यधिक कामुक बना रहे थे. उत्तेजना के मारे प्रिया के मुंह से व्यर्थ से, आधे-अधूरे ऐसे लफ़्ज़ निकल रहे थे, जिन का कोई अर्थ नहीं था.

उन दिनों मनीषा और अंकिता के ब्वॉयफ्रेंड्स थे, वो दोनों भी दिखने में काफी हॉट थीं. सब लोग अब मेरी तरफ देख रहे थे, रोशनी को भी मेरा लंड फिर से देखने का मन कर रहा था. दांत में पानी लगने की दवावैसे तो मेरी बात अपनी साली से होती ही रहती थी, फोन पर हम खूब हंसी मज़ाक करते थे, पर अब तक कभी कोई ग़लत बात नहीं की थी.

जो बाहऱ निकला हुआ था और चूसने लगा।मधु को एक करन्ट सा लगा। उसने अपने पैरों को थोड़ा चौड़ा दिया और अपने हाथों से मेरे सिर को दबाने लगी। मैं कभी दाने को पकड़कर खींचता.

मैंने जल्दी से आंटी के कपड़े उतार दिए और आंटी ने मेरे कपड़े उतार दिए. अब मेरा दायाँ हाथ प्रिया की पीठ पर धीरे धीरे दायें-बायें, ऊपर-नीचे फिर रहा था.

नीला अपने मम्मों को पानी के अन्दर मेरे हाथों से दबवाते हुए कहने लगी- इनको दबाने से दूध निकलता है, जिसको पीने से आदमी धन्य हो जाता है. अब मैंने उनकी चिल्लपों को नजरअंदाज किया और जोर जोर से धक्के मारने लगा. अब स्वाति बोली- कैसी लग रही हूँ मैं?मैं बोला- बहुत प्यारी… लेकिन तुम रुक क्यों गयी?स्वाति बोली- मेरे पति जी, बेचैन मत होइए… मैं पूरी की पूरी आपकी ही हूँ…इतना कह कर उसने अपना ब्लाउज पूरा उतार कर मेरी ओर उछाल दिया जो उसके कैमरे से टकरा कर नीचे गिर गया.

हम लोग कार से निकले और कार में रोमांटिक गाना लगा कर मस्ती से कार चलाने लगा.

मैंने एक झटके से अपना अंडरवियर नीचे कर दिया और मेरा लंड ने झटका मारते हुए उसके एक बल्ब को छूते हुए उसके होंठों के सामने पेशी कर दी. तभी मैंने उसे खड़ा किया और पास में एक बिना हत्थे वाली चेयर पर बैठा दिया. यकीन मानिए अगले कुछ पल मेरी जिन्दगी के वो पल थे, जिनका मैंने कभी सपने में भी गुमान नहीं किया था.

स्कूल के बच्चों के पैसे कब आएंगे 2022तो मैंने कहा- आपने मुझे ही इस काम के लिए क्यों चुना?वो बोली- तुम्हारी बातों से विश्वास झलकता है तभी चुना. कोई 5 मिनट उसका फोन आया- बोलो डार्लिंग क्या सोचा फिर?मैंने जवाब दिया- आपने कुछ सोचने के लायक ही नहीं छोड़ा मुझको.

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मुझे नहीं पता कि वो अभी तक सील पैक थी या नहीं, उसके दर्द से लग रहा था कि जैसे पहली बार चुद रही हो लेकिन उसकी चूत से कोई खून नहीं निकला था और उसकी हरकतें भी चुदी चुदाई लड़कियों जैसी ही थी. आप सोच सकते हो कि 2 चूत साथ हो और शराब… तो आदमी को बिना पिये ही नशा होने लगता है।मैं विह्स्की की एक बोतल और 4 बीयर ले आया क्योंकि अंजलि विहस्की नहीं लेती थी, पारुल खुले विचारों की थी, वो अपने पति के साथ भी ड्रिंक लेती थी जैसा कि पारुल ने मुझे बताया. उसने भी पलटकर मेरे अंडरवियर को निकाल दिया और मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर उस के टोपे को चाटने लगी.

वो हाथ अन्दर ले जाना चाहता था पर मैंने ही मना कर दिया कि अभी ये बाकी के दोस्त देख लेंगे. उसके बाद मैं भी घर के लिए निकल गया और जब घर पहुँचा तो देखा किसी का मिस कॉल पड़ा था. साले ने मेरे मम्मों को देख लिया था, इसलिए वो अपने लंड का पानी हाथ से निकालने लग गया.

मैंने सर उठाया और कहा- क्या हुआ मेम?वो बोलीं- तुमको नहीं पता क्या?मेम मुझे कैसे. तो बॉस ने बुला कर कहा- मैडम क्या बात है आपका काम में दिल नहीं लग रहा या कोई प्राब्लम है. अब सेजल भाभी के हाथ मेरी पीठ को सहला रहे थे और वो मेरे कंधों में अपने दाँत गड़ाए जा रही थी.

मैंने जैसे तैसे साड़ी से फटे ब्लाउज को ढका।रात को सब सोने लगे, मैं समधन जी के साथ सो रही थी।समधन जी के बगल में समधी जी भी लेट गए। कमरे में हल्की रोशनी थी।समधी जी समधन की यानी अपनी पत्नी का ब्लाऊज खोलने लगे, धीरे धीरे उन्होंने समधन जी की चुचियों को नंगी कर दिया और मसलने लगे।उन्हें देख कर मुझे भी गर्मी चढ़ गयी, मैं अपने हाथ से अपनी चुचियों को मसलने लगी. मैं सोचने लगा कि ये तो साली रांड निकली, मैं बेकार में इसको अब तक शरीफ समझ रहा था.

परंतु देवर जी ने मेरा साथ देते हुए कहा कि भैया अगर आप भाभी को छोड़ना चाहते हैं, तो बेशक छोड़ दें, परंतु मैं इनका साथ नहीं छोडूंगा, मैं उनसे कोर्ट मैरिज कर लूँगा.

अगले एक मिनट में मैं थोड़ा पीछे हट गया जिससे मेरे और मेरे छोटे भाई के बीच में काफ़ी जगह बन गई. इंडियन किन्नर सेक्सपंकज और स्मिता की लव मैरिज मैंने ही कराई थी, इसलिए वो दोनों मुझे बहुत मानते थे. मां और बेटेएक के बाद एक धीरे धीरे मैंने उसकी टांगों को चूमा और धीरे धीरे फिर से मैं उसकी चुत की तरफ आ गया, जिससे उसकी सेक्स की इच्छा फिर से जाग गई. एक सिगरेट फिर से सुलगा कर कश खींचते हुए फिर से मुझे बिस्तर में गिरा कर मेरे लंड को सक करने लगी.

लेकिन मुझे पता था ये मुझसे ही सैट होगी।दो साल मैंने तड़प कर गुजारे आखिर में जब मैं उसे भूलने लगा और उसके घर आना-जाना और बात करना बंद किया, तब उसने फिर खुद कॉल करके मुझसे अपने दिल की बात बताई।सारी लड़कियां ऐसी ही होती हैं। जब तक आप भाव दोगो.

वो झड़ने के बाद थोड़ी देर मेरे ऊपर लेटी रहीं, फ़िर साइड में लुढ़क गईं और जोर जोर से साँस भरने लगीं. मैं इसी तरह चुसाई कर रहा था कि अचानक से अर्जुन पूरा हिला और अपना लंड खुजलाने लगा. इसके बाद अगले दिन जब पंकज काम पर चला गया तो स्मिता ने मेरी तरफ अनुराग भरी नजरों से देखा.

फिर इतना मज़ा आएगा कि आज जो भी हुआ, उससे कई गुना ज्यादा मज़ा आएगा।उसको मेरे जाल में फंसते देर न लगी।‘और मज़ा…’ का सुन कर वो खुश होते हुए तुरंत बोली- आज का मज़ा तो वैसे भी मैं कभी नहीं भूलूंगी। लेकिन अब अगर ‘और मज़ा. मैंने आज पहली बार काव्या को अपने सामने जीती जागती देखा तो मैं मस्त हो गया. और फिर अचानक मेरे तेजी से चलते कदमों में एक ठहराव सा आ गया; मेरी टांगें अपने आप पास पास आ गईं और मैं एकदम लड़कियों की तरह मटक मटक कर चलने लगी; मेरी चिकनी जांघें आपस में रगड़ खाने लगीं; मेरे कूल्हे अपने आप मटकने लग गए; मेरी चाल में अजीब सा नशा, अजीब सी ख़ुशी छाने लगी; मैं एक पूरी सेक्सी लड़की बन कर चलने लगी.

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कुछ होगा तो नहीं!हालांकि वो आज अपने कमरे को फूलों से सजा हुआ देख कर बहुत खुश थी और अब उसका मूड एकदम खिला हुआ था. मैं- पर तूने तो चुदने से मना कर दिया था ना?रीमा- मना नहीं किया था, बाद में चुदने को बोला था. मुझे प्रिया की योनि के अंदर अपने लिंग के आसपास गर्म-गर्म द्रव सा महसूस होने लगा.

मैंने कूपे को भीतर से लॉक किया और बहू रानी की पीठ से चिपक के उसको अपने बाहुपाश में कैद कर लिया और उसके स्तन मुट्ठियों में दबोच के उसकी गर्दन के पिछले हिस्से को चूमने चाटने लगा.

हम दोनों एक रेस्तरां में मिले, वहां मैंने उनको दो-तीन शर्तें बोलीं.

शादी से पहले हमारी काम वाली के लड़के ने मेरी कुंवारी गांड मारी, फिर मेरी शादी के बाद मैं अपनी ससुराल से अपने भतीजे (पति के भतीजे, जेठ के लड़के) के साथ अपने पति के पास जा रही थी और रास्ते में एक होटल में उसने मुझको गांड मरवाने के लिए राजी कर लिया।अब आगे. अचानक मुझे एक झटका सा लगा और महसूस हुआ कि आज की रात तो मुरादों वाली रात हो सकती है… आने वाले करीब 36 घंटे मेरी तमाम जिंदगी की हसरतों का हासिल हो सकते थे. डब्लू डब्लू सट्टा किंगमैंने तेल की बोतल ले कर अपने लंड पे तेल लगा लिया और उसकी चुत पर भी तेल की मालिश कर दी.

दोस्तो‌, मैं राज एक बार फिर आप लोगों के सामने अपनी एक बिल्कुल मौलिक देसी कहानी लेकर उपस्थित हुआ हूँ. मैंने उसकी बात से कोई इन्कार नहीं किया था, जिससे उसने मुझे चूमना चालू कर दिया. मम्मी ने पूछा- क्या हुआ?हमने कहा- कुछ नहीं, कॉलेज की एक बात याद आ गई है.

जिससे वह फिर से गर्म हो गई और मैं अब अपने लंड को आगे पीछे करने लगा. ”प्रिया ने मुदित आँखों से मुझे देखा, मुस्कुरायी और फिर प्यार से मेरे होंठों को चूम लिया.

”जैसे ही रोशनी झुकी, उसके गोल गोल पुठ्ठे देख कर मेरे लंड में तूफान आ गया, मन किया कि लंड निकाल कर दोनों पुट्ठों को चीर डालूँ, पर मैंने कण्ट्रोल किया फिर धीरे से उसके पुट्ठों को पकड़ कर फैलाया.

मैं पहली बार ऐसी खूबसूरत शर्मीली औरत के साथ संभोगरत होने जा रहा था इसलिए मेरी उत्सुकता कुछ ज्यादा ही बढ़ती जा रही थी. मैं उस समय भी खाली था, तो मैंने पूछा- अभी आ जाऊं?उसने कहा- हां आ जाओ. पहले परीक्षित ने मेरे मुँह को चोदा और उसके बाद चिंटू ने अपना लंड मेरे मुँह में घुसेड़ दिया.

न्यू गोल्डन मटका सागर और दूसरी तरफ से भाभी भी मुझे भरपूर मजा दे रही थी और मेरे लंड के चमड़े को पीछे खिसका कर आइसक्रीम की तरह सपर सपर करके चाट रही थी और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं स्वर्ग में आ गया हूँ. मैं आप सभी की पसंदीदा वेबसाईट के लिए बहुत सारी सच्ची चुदाई की कहानी भेजना चाहता हूँ.

एक दिन मेरे कमरे में पीने का पानी नहीं आया था और मेरे पास भी पीने का पानी खत्म हो गया था. फिर मेरी माँ ने उन्हें कहा- सर आप स्कूल की लड़कियों के साथ ये कैसी हरकतें करते हो?मेरी माँ ने उन्हें खूब सुनाईं, इस बात से सर का चहरा नीचे हो गया और उनकी वाइफ ने भी ये सब सुन लिया था. जब सबका एक बार देखने में ये हाल हो सकता है तो फिर मेरा लंड कैसे काबू में रहता.

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अब रोज़ पापा के ऑफिस चले जाने के बाद हमारा दोनों का नंगा नाच शुरू हो जाता था. मैं वापस नीचे आ गया और सोचने लगा कि साला मैंने खुद ही सब बिगाड़ दिया. मैंने देर ना करते हुए उसे सहलाना चालू रखा और उसकी पेंटी के अन्दर हाथ डाल दिया.

मैं समझती हूँ कि उसका लंड, जो कि 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था, इस वक्त गुस्से में झटके मार रहा था. पर मैं सब बेइज्जती बर्दाश्त कर लूँगा सिर्फ और सिर्फ रचना के लिए…”वो इतना बोले और दूसरी तरह मुड़ गए.

अब मुझे थोड़ा सा अच्छा लगने लगा और मैंने विनय को बोल दिया- अब ठीक लग रहा है विनय.

अन्तर्वासना सेक्स कहानी पढ़ने वाले मेरे प्यारे दोस्तो, मेरी पिछली कहानीचूत चुदाई के खेल में लेस्बियन मसालाको आप लोगों ने बहुत पसंद किया, उसके लिए शुक्रिया. उन्होंने भी मुझे रंगते हुए मेरी चूचियों को मसल दिया तथा हाथ डालकर सहला भी दिया. इसके बाद रमेश अंकल ने मां को आँख मार कर कुछ इशारा किया तो मां बेड पे बैठ गईं.

धीरे धीरे उसने मेरे टॉप को ऊपर उठा दिया और मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरी चुचियों को दबाने लगा. मैं अपने पूरे शरीर की ताक़त लगा के पागलों की तरह उसे चोदने लगा और सोचने लगा कि ये साली 40-45 किलो की औरत मेरे वजन को सह कैसे पा रही है. अब मैंने उन्हें लिप किस करना शुरू किया, यहां एक हाथ से उनके मम्मों को जोर जोर से दबा रहा था, दूसरे हाथ से उनकी गांड जोर जोर दबा रहा था.

बाहर निकलने पर भाईसाहब मुस्कुरा कर पूछने लगे- कैसा रहा पाठा का लंड.

अंतर्वासना सेक्सी बीएफ: जब उनके पति आए तो भाभी मुझसे कुछ दिन नहीं मिलीं, पर एक दिन उनका फोन आया कि उनके पति को किसी रिश्तेदार के यहां जाना है और उनके साथ घर वाले भी जाएंगे, तुमको मैं फोन करूँगी, तो तुम आ जाना. मुझे पता नहीं क्या हो रहा है… बस जी कर रहा है कि तुम मुझे दबोच के मेरा मलीदा बना दो…फिर उसकी आवाज़ और ऊँची हो गयी- राजे… तोड़ दो… पीस डालो… मैं दुखी आ गई इस बेईमान बदन से… हाय… हाय….

ये सब इस तरह से करना कि हम दोनों का फेस ना नज़र आए मगर उस हरामी का चेहरा पूरा साफ़ नज़र आना चाहिए. कि तभी अचानक बिजली की स्पीड से एकदम मेरी चूत में एक बहुत बड़ा सा सख्त मोटा कुछ बहुत तेजी से पूरे जोर ताकत से एक झटके में मेरी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया. बस का चलने का टाइम हुआ तो 3 सुन्दर सी लड़कियाँ बस में चढ़ीं, उनमें से एक मेरे पास बैठी और बाकी दो 3 सीट वाली पर बैठ गईं.

अब मेरे दिमाग में बस चाची ही चाची थीं, मैं अब सिर्फ उनको भोगना चाहता था.

और मेरी कामुक बीवी ने कैंडल लाइट जला दी, कमरे का लाइट बंद कर दी; कमरे में अब रोशनी कम हो गई थी. मतलब मेरी माँ अब कुछ ज्यादा ही मेकअप करने लगी थीं और उनकी ड्रेस भी काफी हॉट होती जा रही थीं. फिर वो मुझे स्टेशन पर भेजने गया और वहां सीट पर बैठा कर किस की और बाहर आ गया.