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वो लंड के सुपारे के करीब अपने होंठ लाईं और लंड को ऐसे चूसने लगीं, जैसे भूखी कुतिया को हड्डी मिल गई हो. सेक्सी बीपी फुल मराठीइस मस्त चुदाई की देसी कहानी को शुरू करने से पहले में बता दूँ कि मेरा नाम लॅविश गोयल है और मैं पंजाब का रहने वाला हूँ.

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मेरा नशा उतर चुका था मानो पी ही नहीं हो, मेरी आँखों से नींद गायब हो चुकी थी.जब मेरा लंड झड़ा तो चाची ने लंड की धार को सीधे अपने कंठ में ले लिया.

मेघा एक शाल ओढ़ कर दूसरे कमरे में गई पर जाते टाइम उसने बोला- नंगी जा रही हूँ तो मनोज बोलेगा कि फ़ोन क्यों लाई हो तो?तो मैंने कहा- ठीक है, तुम जाओ, मैं खिड़की मैं से देख लूँगा. सेक्सी बीएफ कंडोम लगाकर सभी साँसें रोके दोनों की बहस सुन रहे थे। एक बार तो ऐसा लगा कि ये ज़्यादा हो गया.

समझी तू?सुमन- ठीक है दीदी, मैं इस बात का ध्यान रखूँगी कि कोई आवाज़ ना हो.

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अबकी बार वो मान गई और मैंने उसको बोला- ब्लैक टॉप और जीन्स पहन के आना. फ्लॉरा अपने पापा से बहुत प्यार करती थी इसलिए कसम तोड़ने का सवाल ही नहीं था. टीना- बात पहले की है जब मैं बहुत छोटी थी, तब पापा का बिजनेस अच्छा चलता था और मेरे एक अंकल थे जो उनके पार्ट्नर थे.

वाश-रूम में मेक अप करते हुए मैंने रिया को ये बताया तो उसने मेरे पास आकर मेरे होंठ काटे और कहा-बोल बनना है रंडी?मैंने उसे झटक दिया- चुप कमीनी!तो उसने गिड़गिड़ाते कहा- यार चल ना. जब मैं ऊपर गई और उसके रूम के सामने गई तो देखा कि उसके रूम की लाइट जल रही है. उसने मुझे बाद में बताया कि उसने कई बार मुठ मारी हमारी आवाज ही सुनते सुनते.

थोड़ी देर बाद रिया आई, उसने जोर से कहा- लव यू निकी डार्लिंग! तुम्हारी वजह से मैं तो जन्नत में आ गयी यार!मैंने भी उसे ख़ुशी ख़ुशी गले लगा लिया. नताशा के मुंह के ठीक नीचे मेरी पैंट की जिप होने कि वजह से मैं उसकी गर्म सांसों को अपने लिंग पर अनुभव करने लगा और उत्तेजित हो उठा. पापा बोले- क्या बात है आज तुम पहले ही झड़ गई?मैंने कहा- पापा मैं झड़ी नहीं, ये तो मुनिया ने पेशाब कर दिया है.

मुझे ज्यादा इन्तजार नहीं करना पड़ा, करीब पंद्रह मिनट में ही वो धीरे से मेरे कमरे का दरवाजा खोल कर अन्दर आ गई और मुझे अपना लंड हिलाते हुए देखकर चहक कर बोली- वाह. रात के आठ बज चुके थे, बाहर बहुत सर्दी थी तो चाय का एक दौर और होना था.

आज सविता भाभी के मदमस्त जीवन की रंगीन कड़ियों में एक ऐसी कड़ी पेश है, जिसमें सविता भाभी ने अपने विवाह के बाद अपनी कुंवारे जीवन में की गई चुदाई की स्वीकार किया.

थोड़ी देर बाद जमीला उठी और डॉटेड कंडोम का पैकेट खोला और कंडोम निकाल कर मस्ताना पर टिका कर मुँह से मस्ताना को मुँह में लेते हुए उस पर कंडोम चढ़ा दिया और मस्ताना पर बैठ कर उसे अपनी रसीली चूत में लेते हुए सबीना को बोली- तुम इसके मुँह पर बैठो.

सास संगीता ने अपनी टांगों से जमाई की क़मर को जकड़ रखा था, उनके मुँह से चीख निकल रही थी मगर टांगों की जकड़न चन्दन की क़मर को अपनी चूत की तरफ खींच रही थी. पापा ने मुझको गोद में उठाया और बिस्तर पर लिटा कर मेरी टांगें चौड़ी कर दीं और मेरे होंठों पर किस किया. उसने अचानक से मुझे दबोच लिया और अपनी मजबूत भुजाओ में भर लिया, मैंने भी उसे जकड़ लिया.

दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसे खड़ा किया और दीवार के साथ लगा कर खड़ा कर दिया. मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी थी!राहुल को देख मैं घबरा सा गया और खड़ा हो गया. रानी के मुंह पर पीड़ा के चिह्न उभरे लेकिन वो दर्द को पी गई पर मुंह से कुछ न बोली.

‘बस आप पूछिए मत तिवारी जी, वो पल कितने रंगीन थे, मानो जैसे मैं मेरी पुरानी ज़िन्दगी में लौट गई थी.

पूजा के होंठ काफी गर्म थे और उसकी जीभ मेरे मुंह के अन्दर जाकर मेरी जीभ को चाटने लगी. उन्होंने आज रात को अशोक के लंड में आग लगाने का पूरा प्रोग्राम बना लिया था. अब बुर चुसाई से वो पागल हो गई और उसने जॉन को कस कर अपनी बुर से चिपका लिया.

अब मुझे उनके चूचे छूने में शर्म आती थी और वो भी अब मुझे उतना नहीं चिपकाती थीं. अगले दिन सुबह जब मैं 8 बजे उठा और सुसू करने गया, तब पहले जैसा दीदी आ गईं. रोहन ने मुझे बताया कि वे लोग जल्द ही वह और उसकी माँ उत्तर प्रदेश में लखनऊ के एक गांव जाने वाले हैं किसी शादी में.

कितने तरसने के बाद आज ये पल आये हैं मेरे जीवन में!’‘अंकल जी… समय कम है मैं इस एक घंटे में सारा जीवन जी लेना चाहती हूँ.

मुझे चूत चाटना पसंद नहीं है तो मैंने भी उससे लंड को मुँह में लेने के लिए नहीं कहा. टीना का रंग दूध सा सफ़ेद था और उसके चूचे 34 इंच के एकदम पके हुए खरबूजे थे.

सेक्सी बीएफ कंडोम लगाकर अब वो मेरे नीचे आ कर मुझे अपनी चुत के अन्दर लंड डालने का इशारा करने लगी. मैंने वापस अपने कमरे में आकर अपने कंप्यूटर पर कुछ पोर्न साइट्स खोलीं और तभी मुझे अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज.

सेक्सी बीएफ कंडोम लगाकर महीने में दो-तीन बार रीना कविता को अपने पास बुला लेती है और साथ डिनर के लिए, पर कविता उसके लाख रोकने पर भी कभी रात को नहीं रुकी. जब डायरेक्टर को फिर से ‘खतरा’ नजर आने लगा, तो उसने पुनः ‘कट’ का आदेश दिया और स्थिति को सामान्य कर दिया.

गुलशन- मैंने कहा ना… तुमने संपोले रखने वाले छोटे मोटे लोगों को देखा है मगर आज तुम्हारा पाला अजगर वाले संपेरे से पड़ा है, बस अपने आप को इन कपड़ों से आज़ाद कर दो.

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मेरी बच्चेदानी में बेटे का लंड टच हो रहा था और मुझे बेइंतहा मजा आ रहा था. जैसा कि आप लोगों ने मेरी पहली सेक्स कहानीदुबई में बेटे के साथ बनाया हनीमूनके दोनों भागों में पढ़ा था कि कैसे मैंने अपने बेटे रोहन को अपनी तरफ आकर्षित करके उसे फंसाया था. आयु 21 साल, पंजाब के जिला मोगा के एक छोटे से गाँव का रहने वाला हूँ.

हो सकता है ये असली कालगर्ल्स के नंबर हों या किसी ने किसी लड़की को परेशान करने के लिए उसके असली नम्बर शहर के नाम के साथ लिख दिए हों. उससे अंदाज़ा होता है कि ना जाने कितने दिनों से वो बाहर निकालने के लिए अन्दर उबल रहा था. वो जैसे ही मुझे चाय देने के लिए झुकीं, मेरी नज़र उनकी नंगी चूचियों पर पड़ी.

तभी आपके पास आऊंगी क्या? ऐसे नहीं बैठ सकती?गुलशन- अरे बेटी, तू तो मेरी जान है.

मैं अपने घर वापस आ गया और अगले दिन सुबह जॉगिंग के समय भाभी से फिर मुलाकत हुई. उसने आगे बढ़कर अपने होंठ मेरे होटों पे रखे और हम दोनों एक लम्बे किस में खो गयी. अपनी पत्नी की पहली रात ही मैंने चीखें निकलवा दी, क्योंकि मेरे पास 12 साल का चुदाई का तजुरबा था और मुझे पता था औरत कहाँ से और कैसे गरम होती और कैसे तड़पती है.

तत्पश्चात बकरे की दाढ़ी वाले चंगेज़ ने मेरी भार्या की गांड को मांजने की हद तक चाटना शुरू कर दिया, और अंत में अपने मुंह से थूक का मोटा सा लेवड़ निकाल कर मेरी धर्मपत्नि की गांड पर थूक दिया. रजनी की चूत पूरी गीली हो चुकी थी और इस समय पूरी तरह से मस्त होकर मेरे लंड से खेल रही थी और कामुक आवाजें ‘ओह्ह ह्ह सरर्रर… बहुत मस्त लंड है आपका… कितना बड़ा है और मोटा भी. मॉंटी- अच्छा ये बात है मगर दीदी ने आपको क्यों बुलाया? उस दिन तो दीदी ने खुद तेल लगाया था?टीना- अरे बुद्धू ये सुमन को खुजली का इलाज करना आता है.

दूर बीच पे जा कर रिया की ख्वाइश खुले आसमान के नीचे और लहरों के ऊपर जैसा हमने दिन बिताया।जब तक चूत और गांड में दर्द नहीं हुआ तब तक सेक्स किया और जिंदगी का वो हसीन पल दिल में कैद कर लिया।शाम को हमने चेक आउट किया, हमारे फोन जो हमारे पास तीन दिन से नहीं थे, वो हमें मिले। मेरी से विदा लेकर हम एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गयी. भाभी शर्मा गईं और बोली- अच्छा जी, बदमाशी भी कर लेते हो?मैंने कहा- शुरुआत तो आप ने ही की है.

फिर मामा धीरे-धीरे शांत हो गए, मामा अपना लंड मेरी चूत के अन्दर ही छोड़ कर मेरे ऊपर लेट गए. उफ्फ… कितना अपनापन, कितनी गर्माहट थी उसके चुम्बन में… मेरा बस चलता तो मैं सारी रात यूं ही चूमने चाटने और अधर चुम्बन में गुजार देता!लेकिन समय की बंदिश थी, एक एक पल कीमती था, अतः मैं उसके ऊपर से थोड़ा उठा और उसका पेट नाभि चूमते हुये उसकी साड़ी निकाल दी और पेटीकोट के ऊपर से ही उसकी जांघें सहलाने लगा. थोड़ी देर मैं उन्होंने रेजर लाकर मेरी प्यारी सी मुनिया का मुंडन कर दिया.

संजय ने टीना की बात मान ली और टीना ने उसकी आँखों पर एक काली पट्टी बाँध दी.

यहाँ पर तो वही सब कुछ… रिसेप्शन, डॉक्टर्स के केबिन… पैथोलॉजी, एक्स रे, मेडिकल… यही सब था. यही सारी सोच के साथ मैं लगभग 11 बजे रात को जो प्राइवेट रूम लिया था उससे बाहर निकला, उस फ्लोर पर दोनों तरफ लाइन से प्राइवेट वार्ड ही थे इसलिए बहुत कम ही लोग वहाँ घूमते हुए दिख रहे थे. फिर चंदन ने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और चंदन ने बिना वक्त गंवाए अपनी सासू माँ की चूत पर मुँह लगा दिया और चुत को चूसने लगा.

उनके जाते ही मैंने घर का मेन गेट बंद किया और सीधा मौसी के पास आया- मौसी, मम्मी पापा बाहर गए हैं, दोपहर के बाद आएंगे, हम करें?मैंने एक ही सांस में कह दिया. मैं खुद को बचाने की बहुत कोशिश करता हूं पर मेरी कामना भी जाग जाती है और मैं अपनी बहूरानी को चोद डालता हूं.

थोड़ी देर चूसने के बाद मामा खुद नीचे लेट गये और लंड को हाथ से पकड़ कर ऊपर की ओर तान दिया, मामा जी का लंड एकदम तलवार की तरह सीधी खड़ी हो गया, वो बोले- मेरे पैर के तरफ चेहरा कर लो और मेरे लंड पर गांड का छेद रख कर बैठ जाओ. वो मस्त हो कर तड़पने लगीं और कहने लगीं- अह… अब रहा नहीं जाता… अपना लंड डाल भी दो करन… नहीं तो मैं मर जाऊंगी. मीनल मेरे कहने पर आई और उसके हाथ को पकड़कर मैं उसे उस रूम में ले गया.

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मैं शाम को ऑफिस से आया तो देखा कि वो सिर्फ़ एक मैक्सी में मेरी बीवी के साथ किचन में हैं.

उसकी गांड थोड़ी बाहर को निकली हुई थी, जिसे देख कर गुलशन जी का मन डोलने लगा. इसी वजह से जब मेरी बिल्ली हम दोनों के लंडों को इकट्ठा मुंह के अन्दर डालने का प्रयास करती थी तो उसे कामयाबी नहीं मिल रही थी. फिर मैंने इस दौरान भाभी के मम्मों को भी चूसा और जोर से लंड के दमदार झटके देने लगा.

फिर उसने धीरे से सुमन के कान में कहा कि संजय चुत की चुसाई बहुत मस्त करता है. चंदन ने एक बार फिर से अपनी जीभ अपनी सास की चूत में डाल दी और उसको चाटने और चूमने लगा. देसी भाभी की ब्लू पिक्चर सेक्सीदोस्तों, आप मुझे मेरी इस बाप बेटी सेक्स स्टोरी पर कमेंट्स कर सकते हैं.

मैंने उसकी पैंट के ऊपर से उसकी चूत पर हाथ फिराया और फिर पैंट को खोल कर नीचे खिसका दिया. अचानक यश के धक्के गहरे हो गए और कुछ ही पल में उसने मेरी गांड अपने पानी से भर दी.

मेरा लंड धीरे से मुरझाने लगा और ऋतु ने पूजा की तरफ देखा और उसे गले से लगा लिया और बोली- देखा कितना मजा आया… कितना उत्तेजक था. मजबूर होकर मैंने अनिता की माँ से शादी की, जब वो बीमार पड़ गई तो अनिता को मैंने अपनी बना लिया. रीना ने खुद को भी अपनी सोच जैसा मेन्टेन कर रखा है और विनय को भी वह स्टाइलिश बना कर ही रखती है.

वो उठी और अपना मुंह साफ़ करते हुए बोली- मुझे तो तुम्हारे वीर्य ने अपना दीवाना ही बना दिया है… और फिर मेरे लंड को पकड़ कर मेरे चेहरे पर अपनी गरम साँसें छोड़ती हुई बोली- आगे से तुम इसे कभी व्यर्थ नहीं करोगे… समझे ना!मैंने हाँ में गर्दन हिलाई. तो इसकी भी सुनो इसने अपने भाई को फास्ट करने के लिए जो पाप किया था, उसकी सज़ा इसको ये मिली कि धीरे धीरे मॉंटी इतना बिगड़ गया कि बाहर दोस्तो के साथ हर किस्म के फालतू काम करने लगा, रंडियों के पास जाने लगा. मुझे जैसे लगा कि जन्नत मिल गई हो।फिर मैंने भाभी के मम्मों को अपने मुँह में ले लिया, तो भाभी ने कामुक आवाज़ निकाली ‘आआआह.

ये बात तो मुझे समझ में आ गई थी कि भाभी की चूत में भी खुजली होने लगी है.

जब भी वो नाभिदर्शना साड़ी पहन कर बाहर निकलती हैं तो क्या बताऊं… मेरा बुरा हाल हो जाता है. फिर वो नीचे झुकते हुए मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर बोली- वाऊऊऊ, यमी…मेरा लंड अभी लटका हुआ था.

‘जी कहीं नहीं भाबी जी, आप कुछ बता रही थी?’ तिवारी अपने आप को ठीक करते हुए बोला. उसने दौड़ कर मुझे खींचा और एक लंबा किस करते हुए बोली- कहाँ जा रहा है मेरे राजा. मैं साफ कर देता हूँ।पूजा बेचारी इतना डर गई थी, उसको कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। उसने साइड होकर अपनी पेंटी उतार कर संजय को दे दी।संजय- तू जा बाथरूम में.

मामा जी ने झट से मेरे सारे कपड़े उतार दिए, अब मैं पूरी तरह से नंगी हो गयी थी, मामा जी खुद बेड पर पैर लटका कर बैठ गये और मुझे नीचे घुटने के बल बैठा दिया, एक हाथ से मामा अपने लंड को ऊपर से नीचे की ओर तान रहे थे और दूसरी हाथ से मेरी सर पकड़ कर अपना लंड मेरी मुँह में घुसा दिया. चुदाई ख़त्म होते ही वो मेरा गाल चूम के थैंक्यू पापा जी, यू आर सो लविंग” जरूर कहती और कपड़े पहन, सिर पर पल्लू डाल के संस्कारवान बहू की तरह लाज का आवरण ओढ़ बिल्कुल सामान्य बिहेव करने लगती थी जैसे हमारे बीच कुछ ऐसा वैसा हो ही नहीं!मैं चकित रहता था उसके ऐसे व्यवहार से. बात उस समय की है, जब मैं नागपुर में सन 2007 में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा था.

सेक्सी बीएफ कंडोम लगाकर मैं तो खुशी से झूम उठा था, मैं भी हमारे वार्ड में ही आ गया और उसके पास ही खड़ा हो गया. गुलशन जी ने उसे धमकी दी कि अगर वो उसके खिलाफ गई तो वो उसकी माँ का इलाज बंद करवा देंगे, फिर वो कभी ठीक नहीं होगी और उसको भी घर से निकाल देंगे.

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माँ के पतले गुलाबी होंठों को चूसते हुए मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में घुसा दी और उनकी चूचियों को कस कर दबाने लगा. उसने मेरे नीचे वाले होंठ को चूसना स्टार्ट किया और मैंने उसके ऊपर वाले को!किस्सिंग करते मेरा एक उसकी चुची पर गया और मैंने उसकी एक चुची को ज़ोर से दबाया तो वो चीख पड़ी- आह धीरे!फिर मैंने भी धीरे धीरे दबाना शुरू किया फिर धीरे से मैंने अपना दूसरा हाथ उसकी फुद्दी की तरफ बढ़ाना स्टार्ट किया और पाजामे के अंदर फुद्दी के ऊपर पहुँच गया. यह कैसे हुआ?आइए बताता हूं आपको उसके सच की कहानीशुरुआत के दिनों में उससे मेरी काफी बात हुई तो धीरे-धीरे उसने खुलते हुए बताया कि उसकी माँ बहुत ही अय्याश किस्म की औरत है, उसका अफेयर तो नहीं है किसी से लेकिन बहुत से मर्द को वह घुमाती है.

हमने चाय पी और मैं अपने कमरे में पलंग पर आकर लेट गई थी, पता नहीं कब नींद आ गई. इतना अधिक मजा आ रहा था कि मैं बस कुछ मिनट में ही चाची के मुँह झड़ गया. जवानी की आगदूर बीच पे जा कर रिया की ख्वाइश खुले आसमान के नीचे और लहरों के ऊपर जैसा हमने दिन बिताया।जब तक चूत और गांड में दर्द नहीं हुआ तब तक सेक्स किया और जिंदगी का वो हसीन पल दिल में कैद कर लिया।शाम को हमने चेक आउट किया, हमारे फोन जो हमारे पास तीन दिन से नहीं थे, वो हमें मिले। मेरी से विदा लेकर हम एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गयी.

तभी मुझे किसी ने बाल पकड़ कर सोफे पे अधलेटी किया और आगे से मेरी चुत में अपना हलब्बी लंड डाल कर आगे पीछे करना शुरू किया।तभी और एक मेरे पैरों के बीच लेट गया और अपने लंड के लिए वो जगह देखने लगा.

फिर जब उसे मज़ा आने लगा तो उसने दोनों टांगों को ढीला छोड़ दिया और मैं समझ गया कि अब बुर की चुदाई का सही वक्त आ गया है. सुमन इस हरकत से एकदम सिहर गई और जल्दी से पीछे हो गई, उसने अपनी टी-शर्ट ठीक की और गुलशन जी से नज़रें चुराने लगी.

जय बोला- जान … चिंता मत कर, मैं तुझे अपनी पसंद की कच्छी और कपड़े दिलवाऊंगा और तू वही पहनना. वह मान गई, मैंने ऐसा इसलिए किया ताकि वह उस ब्लू फिल्म को देखे और गर्म हो जाए. ऐसे कैसे पता लगेगा?सुमन- अब आपको क्या बताऊं दीदी मेरा मूड तो रात से खराब है.

फिर 4-5 ऐसे ही चलता रहा और धीरे-धीरे वो भी मेरे से कंफर्टबल होने लगीं.

यह बात साल 2014 गर्मी की जयपुर की है मेरे एक दोस्त ने मुझे बताया कि आज कल कोई *** app आई है उस पर लड़कियाँ आसानी से मिल जाती है और पट भी जाती है क्योंकि उस टाइम इस app पर कोई भीड़ नहीं थी. मैं डर गई कि कहीं वो डर तो नहीं गया क्योंकि मैं भी चाहती थी कि वो कोई हरकत करे. बाजू में ही शहद की बोतल रखी थी, मैंने वो खोली और शहद उसकी बुर और चुचों पर डाल दी.

लंड चुदाई सेक्सी चुदाईलेकिन गेम भी कब तक खेलो यार!मैंने कहा- सही है यार तुम्हारी बात भी!मैं बस इसी उधेड़बुन में था कि अब इस ताजे लंड को कैसे मैं कहीं अकेले में ले जाऊँ और इसके मोटे ताजे जंगली लंड का मजा लूं. चलते-चलते मैं जानबूझ कर अपनी पीठ से उसके मम्मों को दबा रहा था और गड्डे में होकर ही गाड़ी को चला रहा था, जिसकी वजह से वो आगे-पीछे हो रही थी और मैं उसके मदमस्त मम्मों की नरमी का मज़ा ले रहा था.

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खैर उठने के बाद मैंने नहा धोकर नाश्ता किया और अपने एक दोस्त के पास किसी काम से चला गया. यह कैसे हुआ?आइए बताता हूं आपको उसके सच की कहानीशुरुआत के दिनों में उससे मेरी काफी बात हुई तो धीरे-धीरे उसने खुलते हुए बताया कि उसकी माँ बहुत ही अय्याश किस्म की औरत है, उसका अफेयर तो नहीं है किसी से लेकिन बहुत से मर्द को वह घुमाती है. जब ऋतु ने ये देखा तो वो धीरे से बेड पर पूजा के बगल में लेट गई और हवा में अपनी टांगें उठा कर अपने हाथों से पैरों को पकड़ लिया और उसकी चूत खुल कर सामने आ गई.

तो उन्होंने कहा- लगता है आज ज़्यादा ही गौर से देख रहे हैं?मैं सिर्फ़ मुस्कुरा के रह गया. उसने कहा कि उसके पति का लंड तो इससे आधा भी नहीं है, उसका तो बच्चों जैसा है और वह भी मौके पर खड़ा नहीं होता. ‘बस अंकल, अब चढ़ जाओ मेरे ऊपर और ले लो मेरी चूत जी भर के… देखो कैसी गीली हो कर बह रही है.

उस अधनंगी लड़की को अपने सामने लेटा देख कर सब ये भूल गए कि ठोका-ठाकी डिनर के बाद करने का प्रोग्राम था. वो अकड़ गई और उसकी चूत हवा में उठ गई और वो झड़ने लगी और उसकी चूत में से रस दनादन बहकर बाहर आने लगा. मैंने मामा को मैसेज किया और पूछा- कहाँ हो आप?तो मामा ने रिप्लाइ मैसेज किया- क्लास मैं हूँ.

मेरा तो मुंह खुला रह गया, ये तो मेरे मन की बात थी… पर मैंने मुंह बनाया और चाची को बोला- ठीक है चाची, आपको चोद देता हूँ. मैंने एक हल्का झटका मारा और मेरा पूरा लंड उसकी रसीली चूत में जा घुसा।ऋतु ने अपनी आँखें बंद कर ली और पीछे हो कर तेजी से धक्के मारने लगी.

वो तो अब और भी हसीन और सेक्सी लग रही थी, उसकी गांड तो इतनी मस्त थी कि मैं सीधा गांड को चाटने लगा और उसकी चूत को उंगली से रगड़ने लगा.

मैं आपको बता दूँ कि वो पिछली बार भी पंजाबी सूट और पटियाला सलवार ही पहने थी और उसके कपड़ों की फिटिंग कुछ ऐसी थी जैसे उसके चूचे अभी उसके सूट को फाड़ कर बाहर आने को बेताब हैं. सेक्सी का वीडियो सेक्सी फिल्ममैंने उस को लेकर न जाने कितनी कपोल कल्पित कहानियाँ अपने दिमाग में लिख डाली थी जो मुझे बेहद प्रसन्नता प्रदान करती थी. सेक्सी मराठी सेक्सी मराठी सेक्सी वीडियोमैंने मौके की नजाकत को समझते हुए गर्म लोहे पर चोट मारी।सन्नी ने कहा- इस बात की क्या गारंटी है कि ये तुम्हारी बात मान जायेंगी?मैंने कहा- मैंने बोल दिया ना बस!तभी विकास बोला- और दूसरी वाली के बारे में क्या ख्याल है… क्या वो भी चूसने देगी?मैंने कहा- उसके बारे में मैं ये कह सकता हूँ कि उससे मैं अपना लंड चुसवा सकता हूँ. सामने एक परी खड़ी थी रेड कलर की साड़ी और बैकलैस ब्लाउस पहने हुई राज की बीवी मुस्कुरा रही थी.

मैंने अपना बदन ढीला छोड़ दिया, मनीष ने हल्का सा धक्का मारा, मेरे मुँह से किलकारी निकल गयी.

तब तक माँ ने अपनी चूची को ब्लाऊज से बाहर निकाल ली और मुझसे पूछने लगी- कितनी देर में आएगा आलोक?मैं बोला- बस माँ आ जायेगा… इंतजार करो!माँ अपने चूची को खुद दबाते हुए बोली- ओह बेटा, अब इंतजार ही तो नहीं हो रहा है. अबकी बार मैंने पूरा पी लिया मगर अपने मेरा रस क्यों पिया?टीना- अरे तेरा रस वेस्ट ना हो इसलिए पी लिया मेरी जान. पूरा प्रोग्राम बना कर चारों यार शुक्रवार को दोपहर को ही अपने अपने ऑफिस में आधे दिन की छुट्टी टिका कर निकाल पड़े.

लटकने की वजह से उसके मम्मे काफी बड़े लग रहे थे और मेरी हथेली में भी नहीं आ रहे थे. चाची की शादी को लगभग 15 साल हो गए हैं और 3 बच्चे भी हैं, पर कोई कह नहीं सकता था कि चाची की इतनी उम्र है. अब वो कॉलेज जाने लगी और उसके टयूशन आना छोड़ दिया मगर मैं आज भी आरती को अपने घर बुलाकर उसके साथ चुदाई करता हूँ.

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दो बजे मनोज को पेपर देने जाना था, नवीन उसको परीक्षा-केन्द्र छोड़ कर आ गए. जो दोस्त फेसबुक से जुड़े हैं वो मुझे अपनी फेसबुक आई डी ईमेल कर सकते हैं, मैं उन्हें खुद रिक्वेस्ट भेजूंगा. प्राची भाभी जब मेरा स्वागत कर रही थीं और जब मेरा नम्बर मांग रही थीं, तब मैंने गौर किया था कि उनकी हाइट मेरे कानों तक रही होगी.

झड़ने के बाद नीतू एकदम बेजान सी पड़ी रही, जैसे चुत के रास्ते उसके जिस्म का सारा खून बाहर निकल गया हो.

वह रेलिंग से टिक कर खड़ा हो गया जिससे उसका लंड रेलिंग को टच कर रहा था और मेरी नज़र उसके लंड के उभार पर ही अड़ी हुई थी.

मैं बहुत डर गया और उसके मुँह पर हाथ रख दिया, अब तक मेरा टोपा उसकी चूत के अंदर गया था. उसे मज़ा आने लगा और वो जोर-जोर से सिसकारियां लेने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’अब तो जैसे वो इस दुनिया से दूर चली गई हो. आदिवासी सेक्सी डूंगरपुरहम सभी इस टाइम बहुत थक चुके थे और कुछ देर रेस्ट करना चाहते थे तो सभी कुछ देर के लिए सो गये.

सुमन- चलो अब आप लेट जाओ और मैं भी आपको उसी तरह मज़ा दूँगी जैसे अपने मुझे अभी दिया है. मैंने उसे बेड के कोने पर घसीट लिया और नीचे फर्श पर खड़ा हो कर उसे चोदने लगा. मैंने कपड़े पहने और सविता को बस ब्रा पेंटी पहनने दी- जानू आज ऐसे ही चलो.

फिर मैं गांड को झटके के साथ ऊपर नीचे करने लगी, मामा भी अपने हाथ का सहारा देने लगे, मैं सर को ऊपर की करके आनन्द लेने लगी, कहीं खो सी गयी, गांड के अंदर हलचल होने के वजह से बीच बीच मेरी चूत से गर्म सू सू निकल जाती थी जो मामा जी जाँघ को गीली कर रही थी. वो आप को रियल सेक्स स्टोरी से पता चल जायेगा और जो भाभी मुझसे चुदती है वही ऐसे बोलती है.

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पहले तो मैंने इसे अपना वहम समझा लेकिन मैंने बार बार इसे कन्फर्म किया. स्वाति की शादी भी 20 साल की उम्र में हो गई थी और वो पटना के एक बैंक में काम करती है. जब उन्होंने टी-शर्ट और ऊपर की तो वो समझ गए कि सुमन ने ब्रा नहीं पहनी है.

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तो वो गेट लगाने के लिए बाहर गई। मैं भी भाग कर गेट पर पहुँचा और गेट लगते ही उसको मुँह में मुँह डालकर फ्रेंच किस करने लगा। हम एक-दूसरे को क़िस कर रहे था. ‘लेकिन जहाँ तक मुझे मालूम है, ये तो एक बहुत ही इंटिमेट गेम है… एक-दूसरे के बहुत ही नजदीकी व्यक्ति ही आपस में इसे खेल सकते हैं क्योंकि लोगों को एक दूसरे के ऊपर नीचे होना पड़ता है!’ वगैरह-2 मैंने अपना ज्ञान बखारा. मैंने उसके पाँव पकड़े और खींच कर बेड के बीचों बीच लेटा दिया, दोनों टाँगे उसके टखनो से पकड़ कर खोली और अपना लंड बिना छूये ही उसकी चूत पर सेट किया, और एक झटके से उसकी चूत में घुसा दिया.

जब डायरेक्टर को फिर से ‘खतरा’ नजर आने लगा, तो उसने पुनः ‘कट’ का आदेश दिया और स्थिति को सामान्य कर दिया. अब तक की इस बाप बेटी सेक्स कहानी में आपने पढ़ा था कि सुमन ने अपनी पापा की गोद में बैठ कर खुद अपनी चुत को पानी-पानी कर लिया था और गुलशन जी के लंड को भी उत्तेजित कर दिया था.

अपने शरीर को कसरती बदन बनाने का मकसद सिर्फ इतना ही है कि मैं फिल्मों में काम करना चाहता था लेकिन यह नहीं मालूम था कि 9 इंच लम्बे लंड लिये हुए लड़के को भी उसी तरह की फिल्म मिलेगी.

भाभी ने अपनी चुत एकदम क्लीन शेव कर रखी थी, शायद चुदाई के लिए ही उन्होंने अपनी चुत तैयार की थी. उसने अपना लंड निकाला, मुझे अपनी तरफ घुमाया और किसी जानवर की तरह मेरे होंठ खाने शुरू किये, साथ में वो मेरे मम्मे बेदर्दी से दबा रहा था. उसकी नशीली आँखें… पतले लब… लम्बी गर्दन… उठी हुई चूचियाँ… पतली बल खाती नाजुक कमर… पतली लम्बी टांगें!वह कयामत की हसीना लग रही थी… मैं उस पर भूखे पशु की भांति टूट पड़ा, कभी उसके रस भरे लबों को चूसता, कभी उसके गले को… तो कभी उसकी चूचियाँ मसलता, तो कभी उसकी योनि को सहलाता.

किस खत्म होने के बाद वो एकदम से बदले हुए स्वर में बोलने लगीं- अरे नालायक, अपनी भाभी के साथ क्या करता है… तू तो हरामी है रे. अब मेरी बातें सरिता से कुछ डबल मीनिंग होनी शुरू हो गई, जैसे कि बात बात में मैंने सरिता की चुचियों को घूरते हुए कहा- आपके तो गाल बड़े मुलायम लगते हैं, काश इनको दबा कर देख पाता!इस पर वह हंसने लगी और बोली- मेरे गाल सबके हाथ में नहीं आते. जॉय और ममता से सुमन को मिलवाया और जैसे तैसे करके उन्हें घर भेज दिया बस फ्लॉरा वहीं रुक गई.

छोटी सी चड्डी उसने पहनी थी, जिसे देख कर लग रहा था कि इसकी चूत भी बिल्कुल चिकनी होगी.

सेक्सी बीएफ कंडोम लगाकर: मीना ने उसको कुछ टिप्स दिए जिसे सुनकर मोना के चेहरे पर ख़ुशी के भाव नज़र आने लगे. मैंने कॉफ़ी बनाई और उसके बाद उसने बोला- लैपटॉप कहाँ है तुम्हारा? कुछ देखते हैं.

दरअसल ये पार्ट उसी दिन बताना था मगर कहानी भेजने के टाइम मुझसे ये ग़लती से रह गया था. जब तक पूरा माल नहीं झाड़ा मैंने उसका चेहरा नहीं छोड़ा, और जब उसका चेहरा छोड़ा तो मैंने देखा, उसका मुँह लाल हो रखा था, आँखों से आँसू टपक रहे थे. रमेश का लंड जैसे अब तो और भी अंदर तक आ रहा था और जब वो अपना लंड पूरा अंदर डाल के अपने शरीर का वजन उस पे देता तो सरिता को बड़ा ही मजा आता था.

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मैंने राहुल से जय के बारे में पूछा तो वो कुछ नहीं बोला और मुस्करा दिया. रमेश का लंड काफी गर्म था और उसको हाथ लगाते ही सरिता की बुर के अंदर खुजली होने लगी. क्योंकि चाची करवट लेकर लेटी हुई थीं तो उनकी चूत उनकी जाँघों के बीच छिपी हुई थी और मुझे ठीक से दिख नहीं रही थी.