दिल्ली का हिंदी बीएफ

छवि स्रोत,सेक्सी फोटो सनी

तस्वीर का शीर्षक ,

लड़का लड़की से: दिल्ली का हिंदी बीएफ, ’मैं जरीना की दोनों टांगों को ऊपर करके उसे टेबल पर लिटा कर खप्पा खप गच्चा गच्च चोदे जा रहा था.

माँ बेटी की चुदाई

मेरी बहन एक कंपनी में काम करती थी और मैं भी उसी की कंपनी में जॉब करता था. बीएफ बीएफ सेक्सी फिल्मऔरत को जितना लंड मजा देता है, उससे कहीं ज़्यादा मज़ा आपकी जीभ देता है.

करीब दस मिनट तक चोदने के बाद सीमान्त ने अपना पूरा माल मेरी गांड में निकाल दिया. बीएफ वीडियो में दिखाएं बीएफअब वो उठीं और बोलीं- देखो आपने क्या कर दिया … बिस्तर की चादर भी खराब हो गई.

पहले तुम ऊपर नीचे हो कर धक्के लगाओ। फिर मैं लगाऊंगा।” मैंने दोनों हाथ उसकी कमर पर सपोर्ट के लिहाज से जमाते हुए कहा।ओके जानेमन.दिल्ली का हिंदी बीएफ: फिर भी तुम चाहती हो तो ठीक है, कल चलेंगे सामान लेने! अभी कौन सा हम दोनों को कुछ पहनना है.

मैं तो खुद चुदाई से इतनी ज्यादा पागल हो गई थी कि आज मुझे सर के लंड की जरा भी याद नहीं आ रही थी, मुझे खुद फिलहाल चुदाई के अलावा कुछ नहीं दिख रहा था.वेरोनिका ने मेरे कंधों पर दोनों हाथ रखते हुए पूछा- बताओ न राज … क्या तुम एना को पसंद कर रहे हो? क्या आज रात तुम उसको चोदना चाहोगे?मैंने पूछा- अगर मैं आज रात एना के साथ गुजारूंगा तो उसके ब्वॉयफ्रेंड हेक्टर का क्या होगा?वेरोनिका ने तुरंत जवाब दिया- मैं हेक्टर को झेल लूंगी.

ટીચર અને સ્ટુડન્ટ - दिल्ली का हिंदी बीएफ

कल, दोपहर 12 बजे मुझे फिर कॉलेज बाथरूम में मिलना और हम दोनों फिर से वही मज़ा करेंगे.मगर बिक्कू ने मेरी बात नहीं सुनी और वो उठ कर जल्दी से कपड़े पहनने लगा.

रशीद ने सलमा की करीब 15 मिनट तक बहुत चुदाई की और फिर रशीद के चूतड़ उछलने बंद हो गए. दिल्ली का हिंदी बीएफ इसलिए मोहन भैया ने जरा सा ही धक्का दिया और उनका लंड मेरी चूत में अन्दर तक घुसता चला गया.

उन दिनों, चैटिंग काफी लोकप्रिय थी और मैंने याहू मैसेंजर और रेडिफ बोल दोनों पर एकाउंट्स बना रखे थे.

दिल्ली का हिंदी बीएफ?

उसके पति से मैं नहीं मिल पाया लेकिन मिलना चाहता हूँ क्योंकि मैं देखना चाहता हूं कि उसका पति कैसा है जो इतनी गर्म औरत की चूत को शांत भी नहीं कर पाता है. पूजा की खुशियों का कोई ठिकाना नहीं था, जो पूजा अभी तक सो रही थी अब उसकी नींद उड़ चुकी थी!मैंने शैम्पेन खोली और हिलाते हुए चियर्स किया. तो मेरे हसबैंड ने कहा- ठीक है!बस फिर क्या था मैंने अपने पहले चाहने वाले से बात की और और वह मान गया.

रात को मनोज ने जानबूझकर एक थ्रीसम सेक्स मूवी लगायी अपने बड़े टीवी स्क्रीन पर, जिसमें एक दोस्त अपनी बीवी अपने दोस्त के साथ शेयर करता है. मैं- चांद जैसी तेरी खूबसूरती है, तमन्ना भाटिया जैसी तेरी आंखें, कैटरीना कैफ जैसी तेरी अदाएं, सूरज सी तेरी रोशनी है. मैंने उसके बाजू में लेट कर उसकी टी-शर्ट में हाथ डाल कर उसे ऊपर सरका दिया.

अपनी जीभ की नोक से अंकित ने शबनम के होंठों को महसूस किया और उसे थोड़ा धक्का दिया. दो दिन बाद उसके पिता ने मुझे ट्यूशन के पैसे देते हुए पूछा- मेरी लड़की की पढ़ाई कैसी चल रही है?तब मैंने उनसे कहा- सर अगर आप बुरा ना माने, तो मुझे आपसे कुछ कहना है. दोनों की शादी को 3 साल हो गये हैं, वैवाहिक जीवन भी सुंदर चल रहा है.

मैंने पूछा- ये क्या शायद गलती से भेज दिया है?उसने कहा- नहीं … मैं आपके बिना जॉब नहीं करूँगी और आपको यहीं आना पड़ेगा. उस रात के बाद तुम मुझसे मिली क्यों नहीं?” मैंने अब उसके पास ही बिस्तर पर बैठते हुए कहा.

मैंने अपनी जेब से निकाल कर एक हार उनको अपनी शादीशुदा जिंदगी के पहले नज़राने के तौर पर दिया.

मैंने उसकी मैक्सी से लन्ड पौंछा और उसने भी अपनी चूत पौंछी, फिर सीधा मेरे लन्ड को पकड़ कर अपनी चूत की तरफ करके बैठ गयी।मेरा लन्ड थोड़ा खिंचाव सा महसूस करता हुआ उसकी चूत में घुस गया। हम दोनों को हल्का सा दर्द महसूस हुआ.

ये सब करते हुए मेरी आँखें बंद थी कि अगर वो जाग भी रही होंगी तो उन्हें यही लगेगा कि मैंने नींद में ऐसा किया है. हम दोनों दिल्ली में मिले, वह वीडियो में मेरा जिस्म देखकर पागल हो गया था. भाभी भी मजे से ‘अहह अहह … चोदो दीपक … और अन्दर तक चोदो … अहह हम्म्म … उइईई … सीईईई.

इसके बाद मैंने भाभी जी की फूली हुई डबलरोटी की तरह चूत को हाथ लगाया. मैंने एक कहानी पहले भी लिखी है, लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों की वजह से बता नहीं सकता. मैंने उससे बात की, तो उसने कहा- बरतन भांडे के मैं हजार रुपये लूंगी.

औरत अगर खूबसूरत हो और उसको कोई ना देखे … तो उसके खूबसूरत होने का क्या फायदा?सब कुछ अच्छा चल रहा था.

थोड़ी देर बाद मौसी ने सिसकारना शुरू कर दिया और मैं और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गया. सीमान्त ने भी मेरी गांड इतनी ज्यादा मारी थी कि हल्का सा रक्त भी निकलने लगा था. महेश नीचे होते हुए अपनी बहू की चूत के दाने को अपनी जीभ से चाटने लगा। नीलम ने अपार मज़े से अपने ससुर के सिर को बालों से पकड़कर अपनी चूत पर दबा दिया। महेश अपना मुँह खोलकर अपनी बहू की चूत के दाने को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और अपने हाथ से उसकी चूत के छेद को सहलाने लगा।नीलम का पूरा शरीर अपने पिता की इस हरकत से कांपने लगा.

’ करने लगी और कहने लगी- हनी प्लीज़ लिक माई पुसी … खा जाओ मेरी चूत को!ये सुन कर मैंने उसकी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रखी और उसकी चूत चाटने लगा. साढ़े दस का टाइम हो गया था तो नीतू मेरी तरफ उसके कमरे में आने का इशारा करके बोली- मुझे नींद आ रही है, मैं सोने जा रही हूं. अब मम्मी नीचे से पूरी नंगी रजाई में लेटी थी।विक्की भैया मम्मी के पास गये, उन्होंने मेरी मम्मी का हाथ पकड़ कर चेकअप किया.

कभी वो मूली गाजर की तरह लंड को काटते हुए उसे प्यार से चूसने लगती थीं.

मैंने अपनी आई-डी वापस ले ली और उसको उसके घर छोड़ कर वापस अपने गांव में आ गया. उसके साथ पंद्रह मिनट की जोरदार चुदाई के बाद जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने पूछा- आंटी कहां निकालूं?आंटी ने कहा- अन्दर ही छोड़ दे … मैं महसूस करना चाहती हूँ.

दिल्ली का हिंदी बीएफ मेरी इस हरकत पर वो कहने लगी कि देख पंकू, तूने कहा था कि तू मेरे साथ कुछ भी नहीं करेगा. विकी के मुंह से सिसकारियां तड़प तड़प कर बाहर निकल रही थीं- आह्ह् स्सस … मेरी रांड … तू तो बहुत गर्म है साली.

दिल्ली का हिंदी बीएफ यह कहते हुए संजना मुझे खींच कर ले गई और मुझे बेड पर बैठा दिया जहां पर शीना पहले से ही एक दुल्हन की तरह सजी हुई थी. तभी भाभी जी बोली- सिर्फ देखते ही रहोगे या कुछ आगे भी बढ़ोगे?मैं उनके चढ़ ऊपर गया और भाभी जी के होंठों को चूमना चालू कर दिया.

मैं उसे तेज तेज झटके मारते हुए चोदने लगा और साथ साथ में किसी और मर्द से चोदने के लिए उत्तेजित करने लगा.

देसी भाभी की चुदाई जंगल में

ऐसा बोल कर वो मेरे चूचों को जोर से मसलने लगा और फिर दोनों चूचियों को उसने हाथ में भर लिया और एक को पकड़ कर अपने मुंह में ले लिया. फिर अचानक से मुझे अपनी उस ट्यूशन के बारे में याद आया, जिसके पिता ने कहा था कि जब पढ़ाई पूरी हो जाए, तो मुझ से मिलना. उसने टॉर्च की रोशनी मेरी गांड पर मारी, मैंने करवट लेकर अपनी बाईं जाँघ सीधी फैला रखी थी और दाईं जाँघ घुटने से मोड़ कर अपने पेट से सटा रखी थी.

ये कह कर मैंने उनकी चूत की फांकों को खोल दिया और अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया. तभी रीतिका ने मेरा हाथ पकड़ा और बोली- मुझे आपसे एक काम है, आप मेरे साथ आ रहे हैं।तभी एक बार फिर हॉल में सभी लोग इकट्ठे होने लगे। तभी मीटिंग ओवर होने की तथा दूसरे दिन किस प्लान पर बात होनी है उसकी न्यूज आयी। सभी वापिस जाने लगे. इस तरह से बातें करते हुए वो धीरे-धीरे अपनी बहन की चूत चुदाई कर रहा था.

प्रिया के साथ तो मेरा काम चल ही रहा था, मगर अब नेहा के आ जाने‌ के बाद मेरा दिल उसको भी पाने के लिए मचलने लगा था.

तब संतोष मैडम के पास गया और बोला- इतनी जल्दी कहां चलीं डियर डार्लिंग … मजे तो ले लेने दो … अभी तो आपकी गांड भी मारनी बाकी है. जिनको मेरी कहानियाँ पढ़नी हैं वो मेरी स्टोरीज़ इस कहानी के शीर्षक के नीच लिखे मेरे नाम पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं. पेशाब खत्म होते ही पूजा मुझसे बोली- कैसा लगा मेरी चूत से निकलती पेशाब की धार पीकर? मज़ा आया या नहीं?मैं पूजा से बोला- यार मज़ा आ गया.

हिना- अगले महीने और ज़्यादा होने वाली है धूप … उस समय वहां जाकर कुछ मजा नहीं आने वाला!चाचा- हिना तू अभी जाएगी?चाची- हां, मैं जीशान के साथ जाउंगी. इसके बाद तो जैसे मैं घर जाने की हालत में नहीं थी, तो उस दिन मैं रीमा के यहां ही आराम करने लगी. एक माला और गुलाब लेकर आधे घंटे के बाद मैंने कमरे का दरवाजा खोला, तो अन्दर का नज़ारा बदला हुआ था.

फिर मेरे बहुत जोर देने पर उस इनकम टैक्स ऑफिसर ने बताया कि मेरी बीवी ने ही उसे ऐसा करने के लिए कहा था क्योंकि मेरे सामने रहने से मेरी बीवी खुल कर चुदाई के मजे नहीं ले पा रही थी. वो मेरी टी-शर्ट निकालने लगी, मैंने हाथ आराम से उठा दिया … जैसा मैं भाई ले लिए करती थी.

आगे की सेक्स स्टोरी में मैं बताऊँगी कि कैसे अपनी चुत की भूख को मिटाने के लिए अपने मामा के यहां जाकर रंगरेलियां मनाईं. यदि उसका पति या साथी उससे कुछ उम्मीद रखता है तो उसके लिए उसे पहले उसका विश्वास जीतना होगा. मौका पाकर अनीता मेरे पास आई और कहने लगी कि आपसे अकेले में मिलना चाहती हूं.

अंकल जी अंकल जी, मुझे कसके पकड़ लो आप, जमीन सी हिल रही है मेरे भीतर से कुछ तेज तेज निकल रहा है.

मैंने तो खुद रकुल को शादी से पहले देखा नहीं था।सीमा- ऐसे कैसे हुआ?नील- बस दादा जी का अंतिम समय आने वाला था और उन्होंने अपनी इच्छा रख दी कि जल्दी से जल्दी नील की शादी करवाओ. मैं मन ही मन सोच रहा था कि काश मुझे भी कोई ऐसी खूबसूरत लड़की मिल जाए, तो मजा आ जाए. आजकल लोग अनजान व्यक्ति पर भरोसा नहीं कर पाते हैं, पर कितनी बार अगर भरोसा कर लिया जाए … तो कुछ अच्छा होने की उम्मीद भी हो जाती है.

आंटी के पति विदेश में नौकरी करते हैं, जो साल में एक डेढ़ महीने के लिए ही घर आ पाते हैं. धीरज ने अपनी आदत के हिसाब से जब उसकी फ्रॉक को नीचे से उठाया, तो फ्रॉक नायरा के चिकने चूतड़ों से उठती हुई कमर तक आ गयी.

हम लोग तैयार होने में हालांकि लेट हो गए पर जब ब्रेक फास्ट के लिए मेस में गए तो नाश्ता चल रहा था समापन दौर था।लेखक के आग्रह पर इमेल नहीं दिया जा रहा है. इससे पहले कि मैं कुछ बोलती, उन्होंने किसी से फ़ोन पर कहा- जल्दी से दो कॉफी और बिस्किट भेजो. मैं उनकी गर्दन को चाटने लगा और कहा- वाआह … सासू माँ … ऐसा चखना तो मुझे कभी नसीब नहीं हुआ … कहां छुपा कर रखा था आपने इतने सालों तक इसे?ये कहते हुए मैं उन्हें लेकर बेडरूम में ले गया.

लड़की की फोटो दिखाइए

उसको अगले दिन मेरे फ्लैट पर आना था तो मैंने पहले ही पास की दुकान से कंडोम, चॉकलेट और फल खरीदे और सुबह होने का इंतज़ार करने लगा।अगले दिन सुबह नौ बजे मैं उसको लेने के लिए निकल गया.

उस दिन सुलेखा भाभी अपनी पड़ोसन के साथ बाजार गयी हुई थीं और घर में बस नेहा और प्रिया ही थीं. मैंने पूछा- क्या अच्छा नहीं लग रहा है?वो बोली- बहुत अच्छा लग रहा है. उम्म्ह… अहह… हय… याह… मुझे थोड़ा सा दर्द हुआ क्योंकि उनका लौड़ा ज्यादा मोटा भी नहीं था … तो अच्छा भी लगने लगा.

चाची- आहह … मादरचोद अब मेरी गांड का भी भोसड़ा बनाएगा … आआआह…मैं एक हाथ से डिल्डो को अन्दर डाल नहीं पा रहा था … तो मैंने हिना आंटी को इशारे किया. चूमने के साथ ही वो अपने एक हाथ से मेरे मम्मों को मसलते हुए मुझे मजा देने लगा. नंगि फिल्म बताओमैं घर से बाहर निकल गया और बालकनी के रास्ते से खिड़की के पास आ गया.

जवान कोलेज गर्ल के साथ सेक्स की इस कहानी में अभी तक आपने पढ़ा कि मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझे अपनी सहेली के रूम पर बुलाया था. उस औरत ने आदमी से सिगरेट ले ली, उसने भी धुंआ उड़ाया और उस आदमी से मस्ती करने लगी.

बस यही कहते हुए उसने मोहिनी के सर को पकड़ा और उनके बाल खींचते हुए अपनी चूत पर उनका सर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी. मैं समझ गया कि भाभी डर रही थीं कि अर्चना को उनके और मेरे बारे में कुछ पता ना चल जाए. फिर भाभी बगल में लेट गईं और उनका पति उनकी बड़ी-बड़ी चूचियां दबाने लगा.

मैंने भी अपने दोनों हाथों से उसकी गांड को थाम लिया और उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया. वो कुछ ही देर में अपना पूरा लंड मेरी चूत में जड़ तक पेल कर मेरी चूत को चोदने लगे. मैंने थोड़ा रुक कर उनकी मांग पूरी करने का सोचा और नीचे उसकी चूत में अपनी दम लगाने लगा.

राहुल ने चूत चाट चाट करके चोकलेट अपने मुँह में ली और खड़ा होकर पिंकी के मुँह से मुँह लगा दिया.

मैंने दुपट्टे से उसका माथा गाल सब अच्छे से पोंछ डाले और उसे अपने सीने से चिपका लिया और उसके बालों में हाथ फेरते हुए उसे छोटी बच्ची की तरह दुलारने लगा. मेरे पास बहुत से पाठकों के मेल आये थे कि मैं जल्दी ही अपनी अगली चुदाई की कहानी अन्तर्वासना पर लेकर आऊं.

परसों जब चार्ली का फोन मुझे आया था तभी मैंने एक प्लान बनाया कि मैं तुम दोनों के बीच में चाहे जो भी हो उसको जानकर ही रहूंगी. कल अगर तुम ही मुझ पर ये गलत काम करने का आरोप लगाने लगे तो मैं कहाँ जाऊँगी बताओ?पूजा का ऐसा बोलना भी जायज़ था. मैं कपड़े पहनने लगा तो वन्दना ने मुझे रोका और झुक के मेरे लन्ड को चूसा फिर चूम कर अपने कपड़े पहनते हुए बोली- कसम से जीजू, आपके लन्ड से तो जी ही नहीं भरता.

फिर मैं अपने फोन में टाइम पास करते हुए नंगी लड़कियों की चूत और चूचियां देख कर, चुदाई स्टोरी पढ़ कर लंड को सहलाने लगा. हिंदी सेक्स कहानी पढ़ने वाले मेरे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम आकाश पांडे है. मैं बेबस थी … क्योंकि एक तरफ कामवासना से तप्त मेरा 27साल का बेटा था और उसके नीचे मेरी कमसिन 19 साल की बेटी दबी हुई थी.

दिल्ली का हिंदी बीएफ आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लग रही है, इसको लेकर आप क्या सोचते हैं, प्लीज़ मुझे मेल जरूर करें. लेकिन बस मैं देख तो सकता हूं न एक बार?ये कह कर मैंने उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिये और शर्ट खोल कर निकाल दी तो अंदर उसने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी.

होली के पुराने गीत

सुबह मैंने सोचा कि बॉस अपने घर चले जाएंगे लेकिन मुझे नहीं पता था कि वो अभी और रुकेंगे. शॉवर की गिरती बूंदों के बीच मुझे उसका साथ बड़ा ही मस्त अहसास दे रहा था. तो दोस्तो, इस तरह मैंने अपने जीजू का लौड़ा दीदी की सहमति से अपनी चूत चुदाई के हासिल किया.

कुछ ही देर में हम दोनों को पसीना आने लगा था, लेकिन चुदाई के आगे हम दोनों को गर्मी लग ही नहीं रही थी. मामा जी के मारने के बाद गांड असंतुष्ट रह गई थी, प्यास और भड़क गई थी. बीएफ नंगी फोटोसोनिया- क्यों, क्या हुआ?रोहन- वो कहते हैं ना ‘बटरफ्लाइज़ इन द स्टोमैक.

और यहां मेरा खाना-पीना, सोना सब हराम है सिर्फ उसी के ख्यालों खोया रहता हूँ.

पूजा ने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़कर अपने मुँह में भर लिया और मैं भी पूजा की चूत से अपना मुँह लगा दिया. धीरे धीरे मैं उनके गर्दन को चूमता हुआ नीचे को आया और उनके स्तन को चूसने लगा.

उसने टॉर्च की रोशनी मेरी गांड पर मारी, मैंने करवट लेकर अपनी बाईं जाँघ सीधी फैला रखी थी और दाईं जाँघ घुटने से मोड़ कर अपने पेट से सटा रखी थी. मैंने आज उसके मम्मों का कई बार दर्शन किया और उसी के घर बाथरूम में जाकर उसी के नाम की मुठ मार ली. अब मौसी भी अपनी चूत खोल कर चुसाई का पूरा मजा ले रही थीं और उनके मुँह से लगातार ‘ऊआहह … आआ आअह्ह्ह …’ की आवाजें निकल रही थीं.

” समीर ने अपने सिर को झुकाये हुए कहा।बेटे तुम ज्यादा चिंता मत करो, यह हवस की आग होती ही अंधी है.

क्यों रे साली … सुना है बड़ी नमकीन है तेरी चुत, खूब परपराती है क्या?”उषा के समझ में एकदम कुछ नहीं आया. बाकी के जो दो और मुझे चोद कर गए हैं, उनसे मेरा कोई बहुत अधिक परिचय नहीं था. पर इसमें तुम मेरा साथ दोगे?उन्होंने कहा- क्या करना होगा?मैंने उनसे कहा- क्यों ना कुछ नया किया जाए और कुछ पैसा भी कमाया जाए? ई-मेल पर बहुत सारे लोग जो मुझे प्यार करने वाले हैं, मुझे चोदने के लिए पैसे देने के लिए भी तैयार हैं.

सेक्स bf वीडियोमैं उस स्पोर्ट ब्रा के ऊपर से ही उसके मम्मों को चूमने लगा और चूसने लगा. कई बार मैं उससे मज़ाक करते समय उसके गालों पर … और कभी कभी जानबूझ कर उसके मम्मों पर हाथ लगा देता था.

सनी लियॉन सेक्सी फिल्म

उसकी सूरत रोने जैसी ही गई, पर मैंने खुद पर कंट्रोल किया और बात बदल दी. सो उन दो दिनों में मेरी अमायरा से काफी देर देर तक की मुलाकात हो जाती थी. सोनिया- तुम्हें अच्छी तरह पता है कि किसी महिला की तारीफ कैसे की जाती है.

कुछ पलों के भाभी जी ने अपनी कमर को हिलाया, तब मैंने उनकी कमर के नीचे तकिया लगाने के लिए उनको अपनी गोद में ले लिया. मैं उसके गले में अपनी नाक से सूंघते हुए धीरे धीरे उसकी टी-शर्ट के गले के अन्दर तक चूमने लगा. मैं दोबारा से उसके होंठों को चूसते हुए उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया और उसकी स्कर्ट को खोलने लगा.

एकदम गोल गोरे चुचे … उन पर भूरे रंग के कड़क निप्पल … मेरा लंड फिर से तुनकी मारने लगा. मैंने भी हाथ साफ़ किये और बाहर आ गई,हम दोनों बाहर कमरे में गए तो देखा कि मेरे पति सो चुके हैं।मैं उनको उठाने लगी तो सुखविन्दर ने मना कर दिया और बोले- कोई बात नहीं, रहने दो, उनको सोने दो; मैं अब चलता हूँ।और वो दरवाजे की तरफ चल दिए. वह एक निप्पल चूस रहा था और उसकी उँगलियाँ दूसरे स्तन के नरम मांस को सहला रही थीं.

मैंने उसे अन्दर आने का इशारा किया, तो वो बोली- नहीं, मैं तो बस फिल्म देख रही थी कि मम्मी कितना एंजाय कर रही हैं. आलिया- मैं तुम्हारे प्रपोजल को स्वीकार लूंगी, लेकिन इस के लिए तुम्हें मेरी कुछ शर्त माननी पड़ेगी.

अंकित कराहने की आवाज़ के साथ धीरे से शबनम के स्तनों की तरफ बढ़ गया और उसके निप्पल को चूसने लगा.

मगर हर महीने उनको कुछ ना कुछ पैसे ज़रूर भेजती रहती क्योंकि वो एक आस लगा कर रखते हैं कि जैसे ही महीना बीतेगा, उन्हें घर के खर्चे के लिए पैसे मिल जाएगें. हिंदी बीएफ लगाओउन्होंने रोते हुए कहा- दीपक तुम अभी कहां हो?मैंने बोला- भाभी मैं घर पर हूँ. सेक्स कैसे करे वीडियोराहुल मेरे मम्मों को अपने होंठों में दबाते हुए खूब जोर जोर से चूसने लगा. इतना कहकर पूजा अपने घुटनों के बल बिस्तर पर उल्टी हो गयी और उसने अपने हाथों को बिस्तर पर रख दिया.

भाई का अपनी बहन के साथ और बहू का अपने ससुर के साथ चुदाई का खेल अब रोज का ही रुटीन बन गया था.

मैं अपनी बीवी को लेकर होटल में पहुंच गया और उन दोनों को भी मैसेज कर दिया. बस यही कहते हुए उसने मोहिनी के सर को पकड़ा और उनके बाल खींचते हुए अपनी चूत पर उनका सर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगी. इसलिए अगले दिन मैं बेसब्री से उसके ऑनलाइन आने का इंतज़ार करता रहा, जब तक कि उसने मुझे पिंग नहीं किया.

तब पूजा मेरे ऊपर से उठ कर खड़ी हो गई और बोली- क्या तुम्हें पेशाब नहीं करना? चलो अभी तुम भी पेशाब कर लो, फिर हम लोग फिर से पलंग पर चलते हैं. मैंने अपनी वाइफ को आंख मार के इशारा कर दिया कि आज तुम्हारी माँ को भी उनकी बची हुई जवानी के मज़े दिलवाते हैं. तभी हम दोनों ने एना की कराह सुनी, तो पलट कर देखा, तो पाया कि एना और हेक्टर नंगे हो चुके थे.

भाभी की जुदाई

मैंने उन्हें फिर से याद दिलाया- आपके पति कहां हैं?और आपके बच्चे?श्वेता- आज मैं तुम्हारे सवाल का जवाब दूंगी. इधर मुझे लगता है कि प्रीति मेम, जिनका मैं सम्मान करता था और उन्हें सम्मानसूचक शब्दों से ही सम्बोधित कर रहा था, अब मेरी बीवी बन कर मेरे साथ सुहागरात मना रही थीं. पूजा छटपटाई लेकिन मैंने भी जोर से पकड़ रखा हुआ था और इसलिए वो कुछ नहीं कर पाई.

खैर वो 15 दिन की छुट्टी में शादी व हनीमून निपटाकर वापस अपनी पत्नी के साथ बालघाट आ गया.

उसने कहा- भैया, फिर तो आपकी भी कोई लड़की दोस्त होगी?तो मैंने हाँ कहा और उसे बताया- जब तू भी कॉलेज जाएगी तब तुझे भी पता चल जायेगा।फिर बातें करते करते हम मस्ती करने लगे तो अचानक एक छिपकली उसके ऊपर गिर गयी जिससे वह डरकर मुझसे लिपट गयी और कस कर मुझे पकड़ लिया.

अपनी चुत का सारा ज्वार उगलने के बाद प्रिया निढाल होकर बिस्तर पर धम्म से गिर गयी और लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी. वो बोला- भाई गोली मार देना अगर झूठ हो तो मेरी बात। मैंने अपनी आंखों से उसको दारू पीते हुए देखा है. सेक्सी बीएफ बंगलामैं बोली- बिक्कू ऐसा मत बोल, मैं बहुत गर्म हो चुकी हूं, देख मेरी चूत कैसे पानी छोड़ रही है.

उस लड़की ने मेरी मम्मी को घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी चूत में लंड पेल दिया. अब मैंने अपने लंड को जन्नत का दरवाजा दिखाया और उसे एक हाथ से दबा लिया ताकि वो फिसले न; फिर मैंने कम्मो की आंखों में झांका. उसकी काली चोली में टाइट मम्मे … आह इसकी माँ को चोदूं … ऐसे दिलकश मम्मे मैंने पहली बार देखे थे.

मैं देख सकती थी कि कुंवर साहब बातें करते वक्त घूर घूर से मुझे ऊपर से नीचे तक देख रहे थे. आज से एक महीने पहले की बात है, उसे आज मैं आपके सामने पेश कर रहा हूँ.

वन्दना ने लाल रंग की साड़ी पहन रखी थी, जो उसने अपनी सुहागरात पे पहनी थी.

बूब्स के नीचे बिल्कुल सपाट पेट हो जिस पर गहरी नाभि भी हो, जिसमें आपका पूरा से समा जाने का दिल करे. रीमा कुतिया बनी हुई धीरे धीरे आगे मेरी तरफ बढ़ रही थी … और उसके पीछे से लगा हुआ, हनी मुझ तक आ गया था. उसके नाजुक नर्म होंठों से लंड चुसवाकर मुझे जो मजा आया, वो मैं लिख कर बता ही नहीं सकता.

गुजराती की चुदाई फिर बाद में धीरे से जीभ को चूत के अन्दर डाल दिया और चूत को चोदने लगा. चाची का दिल खुश था, क्योंकि उनकी चूत को भी मेरे लंड से चुदने का मौका मिल गया था.

बात उन दिनों की है, जब मैं गर्मी की छुट्टियों में अपने गाँव में था. मैं इतने मस्त कबूतरों को कैसे उड़ जाने देता, मैंने उन्हें झट से पकड़ लिया. उसने कहा- ठीक है, मैं आपके लिए और अपने लिए एक होटल में रूम बुक कर लेता हूं.

कैटरीना की ब्लू पिक्चर

अब उसने अपनी चूत को अपनी दोनों हाथों की उंगलियों से थोड़ा फैला कर मेरे होंठों पे रख दिया. मौसी मेरा लंड देखकर बोलीं कि ये तो राज के लंड से बहुत बड़ा है, मेरी तो चूत ही फट जाएगी. तभी उसने अपनी उंगलियों को मेरे सीने की घुंडियों पर फेरना शुरू कर दीं.

मुकेश ने बहुत झिझकते हुए कहा- यार शादी को 15 दिन से ज्यादा हो गए हैं और मैं निशा के साथ अब तक सेक्स नहीं कर पाया. जैसे जैसे उसका कुर्ता ऊपर हो रहा था, उसके बदन की चिकनाहट को देखकर मेरी आंखों की चमक भी बढ़ने लगी थी.

पीछे से राज मेरी पीठ पर किस करते हुए अपने लंड को मेरे चूतड़ों में घुसाने की कोशिश कर रहा था.

भाभीजी इस बीच में अपनी से इतना पानी छोड़ चुकी थीं कि हमारे नीचे का बिस्तर पूरा गीला हो चुका था. अतः आनन-फानन में हम दोनों की शादी हुई।श्लोक- वाह यार नील, बिना देखे भी तुम्हारी किस्मत तो चमक गई. वैसे आप बताइए … क्या आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है?सोनिया- हां, हैं मेरे पति.

करीब 15-20 मिनट धक्के देने के बाद मैं रुक गया और उसके पैर नीचे लेकर एक पैर नीचे रखकर एक पैर उठाकर अन्दर डाल दिया. विकी ने उनका परिचय बबलू और गजन के नाम से करवाया। गजन ने ऊ पर से नीचे तक मुझे बहुत गौर से देखा और बोला- हमें काफी देर से तुम लोगों का इंतज़ार था. कभी कोई बिजली की फिटिंग के चलते या कोई और मरम्मत के काम के चलते ऐसा कर दिया जाता था.

खैर थोड़ी देर में संजय पानी लेकर आया और बोला- आप आराम से बैठिये, इसे अपना ही घर समझें.

दिल्ली का हिंदी बीएफ: मेरे मुँह से तो हाय निकल गयी … क्योंकि उसके इस तरह झुकने से उसकी चूचियां और ज़्यादा बाहर को आने लगी थीं और क्लीवेज तो अब लगभग पूरी दिखाई दे रही थी. इस पर उसने एक हाथ मेरी जाँघों पर रख कर दूसरे हाथ से मेरा हाथ पकड़ कर कहा कि मैं अब तुमको नहीं छोड़ सकता.

उन्होंने मेरे लंड की तरफ अपना मुँह किया और मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगीं. ” महेश ने अपनी बहू की तरफ देखते हुए कहा।जी पिता जी, जैसे आपको ठीक लगे, मैं तैयार हूं. भाभी जी बोलीं- खाना?मैं बोला- आप आज कबाड़खाने को घर बना दो … खाना शाम को खाऊंगा.

अशोक ने उसकी दोनों टांगों को पकड़ा और बीच में आकर अपना मोटा लंड चूत पर टिका कर झटका दे मारा.

हम दोनों ऐसे ही करीब 15 सेकंड तक रहे होंगें और फिर जो गरम गरम 10 -12 धारें उसके लौड़े ने मेरी बच्चेदानी के मुँह पर मारीं, मैं शब्दों में उस आनन्द का जिक्र कर ही नहीं सकती. मैंने उनसे पूछा- भाभी जी क्या आपके घर में किराए के लिए कोई कमरा खाली है. लास्ट में मैंने उससे कहा- देख इशिता मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया, आगे तेरी मर्जी.