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और फिर सबसे पहले एकता ने और उसके बाद क्रमशः कल्पना किरण और अलका सभी ने एक एक करके अपने समूचे कपड़े अपने शरीर से अलग कर दिए.कुछ देर के बाद उसका लंड मेरे मुंह में फिर से तन गया और उसने एक बार फिर से मेरी चूत फाड़ दी.

मैंने उसे इशारे से निकल जाने को कहा और वो अगले ही पल मेरे मुँह में अपनी मलाई छोड़ बैठा. सेक्सी बीएफ सेक्स बीएफ सेक्स बीएफ मैंने तुरन्त उस शॉप से निकलने का सोचा और मम्मी से बहाना बनाकर उनके पीछे गयी.

पांच मिनट बाद उन्होंने अपना लंड निकाला और मेरे मुँह में दे दिया और मैंने लंड चूसना चालू किया.

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एक दो को संकोच आया लेकिन उसने आश्वस्त किया कि किसी के साथ कोई ज़बरदस्ती नहीं है. मैंने कहा- आपको तो अच्छा नहीं लगता था ये?तो वो बोली- तुमने मुझे मेरी चुत चूस कर इतना मजा दिया तो क्या मैं तुम्हारे लिये इतना भी नहीं कर सकती!यह कह कर प्रमिला आंटी फिर से मेरी जीभ को चूसने लगी. सच में जब मैंने पहली बार उसके कपड़े उतारे, तो मुझे तो बड़ा अजीब लगा था कि आज के जमाने में भी जवान लड़कियां बिना मॉडर्न पैंटी और ब्रा के कैसे रह सकती हैंखैर … मैं ये बताता हूं कि कैसे इस तरह की गांव वाली लड़की ने मुझसे चुदवाया था.

मैंने उनके आगे से उनके कंधे को पकड़ा और तुरंत ही एक हाथ से उनकी चूची को टच करके दबा दिया. अब तो मैं बस उनकी चूत के छेद में उन्हीं की चूत से निकला लंड डालना चाहता था. उसने मेरी तरफ प्यार से देख कर हां का इशारा किया, तो मैंने एक धक्का दे मारा.

वे दोनों लड़के एक गली में जाकर प्रीति को बारी बारी से किस कर रहे थे और उसकी चुचियां दबा रहे थे. अच्छी बात ये थी कि मेरी योनि गीली होने की वजह से लिंग सर्र से बिना किसी परेशानी के अन्दर चला गया. एक दो बार उसकी जांघों पर हाथ फिराने के बाद उसने पेटीकोट में फंसी उसकी साड़ी को खींच कर बाहर निकाल लिया और साड़ी की सिलवटें खोलते हुए मेरी बीवी की साड़ी को उसके बदन से अलग कर दिया.

उफ़्फ़ … क्या मारू फिगर था … सही से नहीं कह सकता, लेकिन बड़ी चिकनी लौंडिया थी. अगर मैं आज की समझ के हिसाब से बोलूँ, तो उसने माँ की पेंटी को अपने लंड पर रखी हुई थी.

मोनिषा आंटी एकदम दुल्हन की तरह सजी संवरी थीं, जिसे देख संजय पागल हो गया.

भगदड़ सी मची हुई थी जो हम दोनों को आगे की तरफ धकेल कर ले जाने का आमादा थी.

मैंने कम्प्यूटर में विन्डोज़ इन्स्टालेशन पर लगा दी, लेकिन मेरे लंड के सॉफ्टवेयर ज्योति की चूत की गहराइयों को नापने के लिए बार-बार नोटिफिकेशन दे रहे थे. कुछ देर बाद मैं उठी और देखा तो बिस्तर पर खून ही खून के दाग लग गए थे. जब उसने मेरा खड़ा लंड देखा, तो वो कुछ भय से भरी आवाज में कहने लगी- उई माँ … इतना बड़ा कैसे जाएगा … अंधेरे में कल आपका सही से दिखा नहीं था … लेकिन अब मैं समझ गयी हूँ कि दीदी क्यों लंगड़ा रही थी … इतनी छोटी चूत में इतना बड़ा लौड़ा जाएगा तो चुत की तो माँ चुदना पक्का ही है.

दोस्तो, मुझे उम्मीद है कि मेरी गर्लफ्रेंड सेक्स की कहानी आपको पसंद आई होगी. उसने मिहिर को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और उसकी छाती को अपने चूचों से सटा लिया और उसकी पीठ पर अपने कोमल हाथों से सहलाने लगी. आज मैं आपको अपने जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूं जो मेरे ननिहाल में हुई थी.

मैंने कहा- अब तो मैंने देख भी लिए है … इसलिए समय ख़राब मत करो … आंटी के आने से पहले कर सब दर्द दूर कर देता हूँ.

मैंने उससे आंख के इशारे से पूछा- क्या देख रहा है?उसने हाथ में चूची को पकड़ कर खाने के लिए मुँह बनाया और मैं हंस पड़ी. मामी मेरी गर्दन को चूमने लगी और मैंने मामी के चूचों की दरार में मुंह दे दिया. उस महिला का ध्यान मेरे तने हुए लंड पर न पड़े इसके लिए मैंने धीरे से अपने लिंग महाराज को हाथ से एडजस्ट भी किया मगर सामने वाली की नजर भी तेज थी.

मैं भी किचन में चला गया और पानी पीने के बहाने से मामी के बगल से होकर गुजरा. उसने कहा- तुम ऊपर जाओ, तब तक मैं अपने 3 साल के बच्चे और सास ससुर को डिनर करवा के और सुला कर आती हूँ. आपको मेरी यह कजिन सेक्स कहानी कैसी लगी इसके बारे में अपने विचार जरूर बतायें.

मैंने बहुत कोशिश की, मगर मुझे हर बार काफी दर्द हुआ और अन्दर डाली भी नहीं गई.

एक कामातुर नारी को यौन सुख ना देना बड़ा पाप है।हल्के धक्के के बाद रफ्तार तेज की, आनन्द के आंसू निशा जी की आँखों से बहने लगे. मैं जब भी विभोर के साथ कहीं बाहर घूमने के लिए जाती हूँ तो और विभोर के परिवार के लोग भी उसको कुछ नहीं बोलते.

सेक्सी बीएफ सेक्स बीएफ सेक्स बीएफ मैं जिस चूत को चोदने के लिए तड़प रहा था, आज वो मेरे सामने खुली पड़ी थी. ये बात मैंने तुरंत उसको कॉल करके बता दी कि कल सुबह मेरे घर वाले सब बाहर जा रहे हैं … पर मैं नहीं जा रहा हूँ.

सेक्सी बीएफ सेक्स बीएफ सेक्स बीएफ नवधा चाय पीती हुई मुझे आँख मार रही थी और इशारा कर रही थी कि रुक जाओ. आंटी अपने कपड़े गहरे गले के पहनती थीं, इसलिए उनके मम्मों की दरार हमेशा साफ़ दिखती थी.

उनका एक हाथ मेरे लंड पर चलने लगा और वो मेरे शॉर्ट्स से लंड को बाहर निकाल कर आगे पीछे करने लगीं.

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मगर मेरी ज़िंदगी में बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो सामान्य नहीं था, जिसने मुझे असामान्य बना दिया. मैंने उनका पेटीकोट घुटनों तक ही किया था कि माँ थोड़ा सा हिलीं और करवट बदल कर सो गईं. आंटी ने अपने पति को टिफ़िन बनाकर ऑफिस भेजा और बच्चे को स्कूल चले जाने दिया.

उसके धक्के इतने तेज और गहराई तक लगने लगे थे कि धक्कों की शुरूआत से ही मेरे मुँह से सारेगामापा … शुरू हो गया. जब मैंने मॉम की तौलिया हटा दी तो उन्होंने मुझसे बोला कि तुम भी चेंज करके आ जाओ … नहीं तो तुम्हारी इस कैपरी पर तेल लग जाएगा. हम दोनों पिछले चार साल से रिलेशनशिप में थे, पर मेरी पढ़ाई के कारण मुझे बाहर ही रहना होता था, तो हम बहुत कम ही मिल पाते थे.

वो बोली- अच्छा, तो फिर फोन कर लेते?मैंने कहा- नहीं बस इसलिए नहीं किया कि आप और मामा जी अभी लगे हुए होगे.

मैंने भी उससे कह दिया कि जानी जब तू मेरे साथ है, तो क्या डर है, तू जिधर भी ले चल मैं तेरे साथ राजी हूँ. भाभी ने अचरज से मेरी ओर देखा और पीछे मुड़ गईं और बोलीं- जो करना है जल्दी कर ले. उन्होंने मुँह से लंड निकाला और मुझसे अपनी 40 इंच की चूचियां चूसने को कहा.

सुरेश- जब मजा आ ही रहा था, तो इतना नाटक क्यों कर रही थीं … बेकार में साड़ी और ब्लाउज फट गया!मैं- सुरेश सच कहूँ, तो मैंने इसके बारे में कभी नहीं सोचा था. दीदी ने मुझे देखा तो खीज कर बोली- क्या है?मैंने कहा- आप क्या देख रही हो, मुझे भी देखना है. साथ ही मैं उसकी चुत में अपनी दो उंगलियां डाल कर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा.

जैसा कि हर मर्द जानता है कि उसे अधिक से अधिक आनन्द एक कामुक महिला ही दे सकती है, पर चरमसुख की तीव्रता अधिक महिलाएं नहीं दे पाती हैं. काफी देर बहस करने के बाद मैंने कह ही दिया कि एक बात सुनो … मैं तुम दोनों से प्यार नहीं करता, तो लड़ना बेकार है.

मैंने पति पत्नी के बीच में बोलना सही नहीं समझा और चुपचाप सोफे पर बैठा रहा. कुछ ही पलों में सौम्या मेरे सामने सिर्फ ब्लैक ब्रा और ब्लैक पेंटी में थी. अब चूंकि मैं उससे दूर सो रही थी, तो वो दुबारा मेरे नजदीक आ गया और अपना लंड मेरी गांड को टच करवाने लगा.

विद्या ने अब अपने कोमल हाथों से मेरे लंड और गोटियों से खेलना शुरू कर दिया.

उसने मेरी टांगों को फैला दिया और मेरी बालों वाली चूत पर अपने लंड का सुपारा रख दिया. आपने अब तक मेरी इस सेक्स कहानी के पिछले भागपुराने साथी के साथ सेक्स-4में पढ़ा कि सुरेश में मुझे इतना अधिक चोदा था कि मैं खुद को निष्प्राण समझने लगी थी. मेरे हाथ उसके चूचों को दबाने लगा और उसकी बांहें मेरे गले में आकर पीछे से मेरे बालों को सहलाने लगीं.

मेरा लंड खड़ा था, तो मैंने लंड पर थूक लगा कर उसे खूब गीला कर रहा था. मैंने लंड पर कंडोम चढ़ाया तो वो बोली- मुझे देखना है कि कंडोम लगाने के बाद लंड चूसने में मजा आता है या नहीं.

कभी वो अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ती, तो कभी अपनी गांड पर लंड का स्पर्श करा देती. मैं उसके एक बूब को हाथों में भरकर और दूसरे को मुँह में लेकर चूसने लगा. मैं बोला- क्या प्राब्लम है सब ठीक है ना!वो बोली- हैलो माई सेल्फ़ दस्तूर (बदला हुआ नाम) यार … मेरी कार में कुछ प्राब्लम हो गई है, स्टार्ट ही नहीं हो रही है.

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उसके ना मानने पर ये तय हुआ कि ज्यादा दूर ना जाकर इंदौर से भोपाल ही जाया जाए.

मम्मी की चूत अपना रस छोड़ चुकी थी, लेकिन कल्लू ने दस बारह धक्कों के बाद अपना रस मम्मी की चूत में ही निकाल दिया. कुछ देर उसको फिर से चूमने चाटने के बाद मैंने फिर से झटका मारा, तो इस बार मेरा पूरा लंड अन्दर चला गया. वो गंदी गालियां निकाल रही थीं- भोसड़ी के बाहर निकाल मादरचोद … छोड़ दे मुझे कमीने … बहन के लौड़े निकाल … वर्ना तेरे चाचा को कह दूँगी.

उन्होंने इसका पहले विरोध किया पर थोड़ी देर में वो भी जोश में आ गयी और मेरा साथ देने लगी। अब में उनके रसीले होंठों का रस चूसने लगा. मैं उसी टाइम नहाने जा ही रहा था कि आंटी ने मुझे टोका- क्यों इतनी जल्दी नहाने क्यों जा रहे हो?मैंने कहा- गर्मी लग रही है. देसी लड़की के फोटोलगभग एक घंटे बाद मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि रंजन मुझे अपनी बांहों में लेकर सो रहा था और उसका लंड मेरी गांड से टच हो रहा था.

निर्मला ने राजशेखर को चूमते हुए उसे बिस्तर के एक किनारे गिरा दिया और उसके ऊपर चढ़ गई. आंटी ने एकदम आह भरी और बोलीं- बहुत जोर से करो …आंटी अब इतनी अधिक खुल चुकी थीं और बहुत प्यारी लग रही थीं.

मैं फिर से झड़ने लगी और योनि के भीतर से पानी, एक पतली धार बन कर लिंग के साथ बाहर निकलने लगा. वो सेक्स से हॉट हो कर धीरे धीरे अपनी गांड हिलाने लगी और कसके मुझसे चिपकने लगी. जब वो ऑफिस से निकलीं, तो उन्होंने मुझे देखा और पूछा- तू यहां क्या कर रहा है?मैंने बोला- मैं अपने दोस्त से मिलने आया था, इधर आपको आते देखा, तो रुक गया.

जब मेरा ध्यान मेरे हिलते हुए चूचों पर गया तो मुझे ख्याल आया कि कहीं साहब की नजर न पड़ गई हो. मिहिर ने एक अच्छे मेहमान की तरह आगे बढ़ कर उर्वशी की जीभ को लपक लिया, मानो दोनों ही एक दूसरे के अंदर समा जाना चाहते हों. उसने ऐसी पोजीशन में लेटाया कि दीदी की टांगें नीचे जमीन की ओर लटक रही थीं और उसका धड़ ऊपर टेबल पर लेटा हुआ था.

फिर संजय मोनिषा आंटी की चूत की तरफ बढ़ा और जोर जोर से उनकी चूत को चूसने लगा.

दस्तूर ने मेरा लंड पूरी हथेली में भर लिया और लंड को मसल मसल कर और भी तगड़ा कर दिया. मैंने उन दोनों के हर शब्द को गूगल पर सर्च मारा, तो मैं अर्थ देख कर हैरान था.

फिर मैंने ज्योति की चूत का रस अपने लंड पर लगाया … ज्योति मेरे लंड को देख कर घबरा गयी और बोली कि आह … इतने बड़े लंड से तो मैं मर ही जाऊँगी. सुरेश थक कर हांफ रहा था और मैं दर्द से तड़फ रही थी, मगर चिंता केवल चरम सुख की थी. मैं लगातार उसके गले व कानों के नीचे अपने गर्म होंठों से चुम्बन ले रहा था.

रूम पसंद आने के बाद मैंने आंटी से पूछा- आंटी, मैं कब से शिफ्ट हो सकता हूं?आंटी बोली- जब तुम चाहो।मैंने कहा- आंटी, मैं आज ही सामान रख लेता हूं. फिर एक उंगली अपने मुंह में डाल कर निकाली और वह थूक से भीगी उंगली मेरी गांड में डाल दी और उसे गोल गोल घुमाने लगे. पता नहीं था कि वो मेरे बारे में क्या सोच रही होगी, बस मैं अपनी हवस को किसी तरह काबू करने की जुगत में लगा था.

सेक्सी बीएफ सेक्स बीएफ सेक्स बीएफ मैंने एक्स्ट्रा पैसे के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि तेरी बीवी की ही कमाई है. आखिर मैंने धीरे से उसका दरवाजा छुआ, जिससे बस आहट हो, फिर आकर अपने बेड पर सो गया.

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मेरा कमरा मामी के रूम के सामने ही था और मेरे कमरे के बाहर मेरा बाथरूम बना हुआ था. भाभी के गहरे गले के ब्लाउज के अन्दर से उसके दोनों रसीले आमों के बीच की दरार भी बिल्कुल मेरी आंखों के सामने खुली दिख रही थी. ये एक ऐसा सच है, जो मेरे साथ हुआ है … और दोस्तो, यकीन मानियेगा कि ये मेरी जिंदगी का सबसे हसीन समय रहा.

मैंने पूछा- क्या हुआ भाभी … आप इतनी उदास क्यों हो?भाभी बोलीं- कुछ नहीं … बस ऐसे ही. ये सब सुनते ही मुझे कुछ कुछ होने लगा और अचानक मेरे मन में मैडम को चोदने का ख्याल आने लगा. सेक्सी फिल्म बीएफ ब्लूदो चार गहरे धक्के देने के बाद उसका लंड मेरी चूत में वीर्य की गर्म पिचकारियां गिराने लगा.

मैडम मेरी बांहों में लेटी हुई थी और उसकी कमर पर मेरा लंड नीचे से अपनी कदम ताल ठोक रहा था जिससे मैडम का पूरा जिस्म कांपने लगा था.

रात हुई तो उर्वशी को अकेलापन सताने लगा और वो सोच रही थी कि वो मिहिर से बात करे या ना करे? अपने पति के अलावा पहली बार वो किसी ग़ैर मर्द के बारे में सोच रही थी. अब उन्होंने मुझे धक्का दिया और मेरे ऊपर आकर मुझसे कहने लगीं- अब मेरी चूत की चुदाई की बारी है … मुझे लंड खड़ा करने दो.

जब उनका दर्द कम हो गया तो मैंने उसकी चूत में लंड को चलाना शुरू कर दिया. कुछ देर तक चूचों को दबाने के बाद उन्होंने मेरी कमीज को निकलवा दिया. यह जानते ही मैं एकदम खुश हो गई और अपनी टांगों से संजय की कमर को जकड़ कर उससे मस्ती से चुदवाने लगी.

कभी वो अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ती, तो कभी अपनी गांड पर लंड का स्पर्श करा देती.

करीब दस मिनट बाद मैंने उसको धीरे से उसके कान में बोला कि तुम ढक्कन उतार दो रानी … अब खेल शुरू करते हैं. अब दीदी के मुंह से जोर जोर की आवाजें निकलने लगी थीं जो कमरे के बाहर तक आ रही थीं. मेरे हाथ उसकी गांड को सहलाने लगे और उसका हाथ मेरे लंड को सहलाने लगा.

इंडियनबिएफमुझे उसके दूध दबाने में जो मज़ा आ रहा था, मैं वो शब्दों में बयान नहीं कर सकता. मामी ने दो मिनट के अंदर ही मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे पूरा नंगा कर दिया.

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प्रतिउत्तर में मैंने भी पहले तो उसके माथे पर चुम्बन लिया, फिर उसके दोनों गालों को चूमने लगा. थोड़ी देर बाद वो नार्मल हो गयी और मैंने लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया. एक लेडी गांड पे गुब्बारा लगाती, दूसरी अपनी चूत की टक्कर उसे फोड़ती है.

ये सब जानते हैं कि कनाट प्लेस (सी पी) का दिल्ली का पार्टी प्लेस है. उसकी लार मेरे मुंह में जा रही थी और मैं उसकी लार को खींच कर पी रही थी. वह भी अलग अलग लौंडों से!मेरे मुख से अनजाने में सच बात निकल गई, मैं फंस गया।मामा जी- तो उन दोस्तों से अब नहीं करवाते?मैं- मैं जहाँ पढ़ा, वह शहर छूट गया, कालेज का शहर भी छूट गया.

मैंने तौलिया खींच कर निकाल दीMom Ki Kamukta Sex Storyमैं घर पर होता हूँ, तो कैप्री पहनता हूँ. उधर बैठ कर उससे बहुत अधिक बात तो नहीं हो पा रही थी … क्योंकि और भी लोग बैठे थे. मुझे उसके साथ बड़ा आनन्द आने लगा था … और मैं भी टांगें मोड़ कर एड़ियों पर जोर डाल कर बीच बीच में अपने चूतड़ों को उठाने लगी.

उधर पठान भी कसकर दीदी को दबाये हुए चोद रहा था और लंड पेलता जा रहा था. फिर जब मामी के ऊपर आने की कोशिश करने लगे तो मामी ने उनको एक तरफ धकेल दिया और चादर ओढ़ कर लेट गई.

मैंने भी सोचा कि ये कुछ नया तो नहीं हुआ मेरे साथ … इसलिए मैं भी सब भूल गयी.

तुम मुझे खुल कर मजा लेने और देने वाली लगीं, जैसा कि मैं अपनी पत्नी से चाहता था. देहाती बीएफ चोदा चोदीउनका 36-32-38 का फिगर और उनकी चौड़ी गांड देख कर लंड लपर लपर करने लगा. चोदा चोदी बीएफ चोदा चोदी बीएफफिर मैंने कपड़े पहने और बाथरूम में गया, वहाँ हाथ मुंह धोकर वापिस आ गया. मेरे पिताजी और माँ मुझे इतना प्यार करते हैं कि उन्होंने दूसरा बच्चा पैदा ही नहीं किया.

मैंने उससे अपने दिल की बात कही … पर उसने मना कर दिया, तो मैं वहां से हट गया.

मैंने मामी के मोटे चूचों को देखा तो मेरा मन मामी की नंगी चूत देखने के लिए मचलने लगा. फिर कुछ दिन बीत जाने के बाद मैं अपनी दीदी को लेने उसकी सुसराल गया और उसका भाई उसको भी ले आया. पूजा और संध्या के मम्मी पापा ने मेरी मम्मी और मेरा काफी सत्कार किया.

आशा करता हूँ कि सभी लड़कियों भाभियों और आंटियों को मेरी सेक्स की कहानी जरूर पसंद आयी होगी. वो भी मेरे साथ उठीं और उन्होंने मेरे लंड और अपनी चूत को कपड़े से साफ किया. चुदाई के दौरान ही मैंने रंजन से पूछा- पहले किसके साथ सेक्स किया है?उसने बताया कि मैंने बहुत सारी लड़कियों से बहुत बार सेक्स किया है.

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अब आगे:मैंने फोन उठाया, तो उधर से आवाज आई- डिस्टर्ब हो गयी … या फुरसत हो गयी?मैंने जवाब दिया- साली कुत्ती कमीनी कहीं की, इतनी रात क्यों फ़ोन किया?सरस्वती- अरे तूने बताया था न कि आज सुरेश आने वाला है तेरे घर … इसलिए सोचा कि पूछ लूं क्या चल रहा है. तो मैं बोला- ये तो कुछ नहीं … मैंने डरते डरते किया है, किसी दिन अकेले में मिलना, जब आपकी गांड मारूँगा ना … फिर देखना और कितना मजा देता हूँ. उसके पर्फ्यूम और शरीर की मादक खुशबू ने मेरे लंड का बाकी का काम भी बिगाड़ दिया.

कई बार तो मैंने उसके हाथ को अपने तने हुए लंड पर लगाने की कोशिश की लेकिन मैं कामयाब नहीं हो पाया.

मुझे भी लगा सोमेश दीदी को खुश रखेंगे, क्योंकि दीदी का ब्वॉयफ्रेंड सोमेश जैसा हो, तो कोई भी दीदी की तरफ आंख उठा कर नहीं देखेगा.

कुछ देर लंड अन्दर ही रहा, फिर उन्होंने ऊपर नीचे करना जैसे ही शुरू किया, मुझे लगा कि मैं झड़ रहा हूँ. मेरे लंड का टोपा काफ़ी मोटा है, जिससे उसे दर्द होने लगा और दस्तूर की आंखों से आंसू आ गए. ससुर और बहू का बीएफमगर मामी को देख कर मैंने जल्दी से अंडरवियर पहन लिया और तौलिया लपेट लिया.

मैंने मामी की गांड पर लंड को सटाते हुए कहा- मेरा बेलन भी तैयार है मेरी रानी. उसने दो मिनट तक मेरे लंड को चूसा और फिर मैंने दोबारा से उसको चुदाई के लिए नीचे लेटा दिया. मैंने उसकी पैंटी को एक हाथ से खींचना शुरू कर दिया तो उसने मेरा हाथ रोक दिया.

मैंने उसकी चूत में बिना देखे ही जोर लगाना शुरू कर दिया तो लंड उसकी चूत पर यहां वहां फिसलने लगा. मेरी पैंट में मेरा लंड मूसल की तरफ़ खड़ा हो चुका था, जो कि दस्तूर भी फील कर रही थी.

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इस माँ बेटा सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने सौतेले बेटे की वासना भड़का कर उससे अपनी चूत चुदाई करवा ली. हम दोनों इतने उत्तेजित और गर्म थे कि हमने एक दूसरे का पूरा साथ दिया … हर दर्द पीड़ा को भूल कर एक दूसरे को आत्मसात करने की कोशिश कर रहे थे. मैंने कहा- मैडम आप अपनी नहीं, मेरी नज़रों से देखो … सब आपके पीछे छूट जाएगा.

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मैंने उसकी बालों वाली चूत में लंड को पेलते हुए चूत की चुदाई की स्पीड तेज कर दी. समझ में नहीं आता कि क्या करूँ, अपनी ही माँ और बहन को देख देख कर अपने वीर्य का नाश कर रहा हूँ. आंटी सिसकारियाँ ले रही थी।अब मैं दिन की तरह ये सब करने में टाइम वेस्ट नहीं करना चाहता था क्यूंकि दिन में थोड़ी देर में ही मेरा पानी निकल गया था।आंटी ने कहा- तुम लेट जाओ, एक और सरप्राइज है तुम्हारे लिए!मैं लेट गया.

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वह एक साधारण, घरेलू, शादीशुदा औरत हैं। उसके पति सरकारी नौकरी करते हैं. मैं फिर से झड़ने लगी और योनि के भीतर से पानी, एक पतली धार बन कर लिंग के साथ बाहर निकलने लगा. उसके बाद उसने मेरी चूत को हथेली रगड़ते हुए अपना लंड मेरी गांड में लगा दिया.

मैं अपने हाथों से उसके मम्मों को सहला रहा था और साथ ही निप्पल को भी छेड़ता जा रहा था. मैंने कहा- ज्योति, मुझे घंटा फर्क पड़ता है, जो तुम मुझे ये बता रही हो … मैं तुमसे प्यार करता हूं.

कुछ ही धक्कों के बाद मेरी चूत का सैलाब उठ गया और मैं उसे जोर से कसते हुए उसके लंड पर झड़ने लगी.

मेरे परिवार की सारी मुश्किलें खत्म होने लगीं और मैं भी खुश रहने लगी क्योंकि मेरे पास खर्च करने के लिए काफी पैसा हो गया था. उस रात में मैंने मैडम को चार बार चोदा और वैसे ही हम दोनों किस करते हुए कब सो गए, पता ही नहीं चला. फिर जब उनको पता चला कि मैं भी उनको देख रहा हूं तो मामी ने नीचे फर्श पर देखना शुरू कर दिया.

हम लोग गांव में जब रहते थे, तब मैंने सुना था कि सुरेश मॉम को चोदता था. वो यह कह कर ड्रेस पहनने लगीं, तो मैंने बोला- थोड़ी देर ऐसे ही रहो ना … बहुत मस्त लग रही हो. अगली किटी पार्टी के लिए जॉयश ने सबको मैसेज किया कि सब लेडीज अपनी अपनी सेक्स फेंटेसी लिख कर लाएंगी और खुलकर लिखेंगी जो भी मन में हो, उसमें शर्म या ‘गन्दी है’ जैसी कोई बात नहीं होगी.

पर अगले ही पल उसने बताया कि जबरदस्ती करने का आईडिया सरस्वती ने ही दिया था.

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तो शुरू करो ना मेरे राजा … आज मुझे पूरी खुश कर दो … तगड़े लंड को तरस रही है मेरी चूत …”सुनील ने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे उठाया, मुझे खड़ा करके उसने एक झटके में मेरा गाउन उतार दिया. फिर बारी बारी से एक दूसरे को उत्तेजित करेंगे, तो समय और अधिक लगेगा. दोस्तो, मेरी मस्तराम सेक्स स्टोरी कैसी लगी? ज़रूर बताएं, वैसे मेरी सेक्स लाइफ की शुरुआत कैसे हुई, ये मैं आपको अपनी अगली कहानी लिखूँगा जिसमें एक टीचर ने मुझे चुदक्कड़ बना डाला था.

रंजन जिम जाता था, इसलिए उसका लंड दमदार था और उसके अन्दर बहुत ताकत थी.

कुछ थूक मेरी गांड पर चुपड़ कर अपने लंड का सुपारा मेरी गांड पर टिका दिया. पर मैं अपनी तरफ से कोई हरकत नहीं कर रही थी, बस जैसा वो कर रहा था, करने दे रही थी. मैंने उससे कहा- मजा तुम्हें तब आएगा जब मैं गर्म रहूंगी, ठंडी पड़ी तो तुम असली मजा खो दोगे.