शक्ति कपूर बीएफ

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ચૌદવા ના વિડીયો: शक्ति कपूर बीएफ, वो सब मेरे बॉस ने किया था मगर क्योंकि नौकरी करनी है तो सब कुछ सहना पड़ता है.

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मैंने बहुत हिम्मत करके दिन में उसे अपना प्रपोज़ल दिया कि वो मेरी गर्लफेंड बन जाए. गोरी लड़की बीएफफिर एक दिन हम सब घूमने गए, जहां से हमारी दोस्ती आगे परवान चढ़ने लगी.

मैंने देखा बहूरानी खिली खिली सी प्रसन्न लग रही थी, यह तो होना ही था. ಕನ್ನಡ ಬ್ಲೂ ಸೆಕ್ಸ್मुझे तो कभी कभी लगता था कि ये नंबर उसी का है क्योंकि वो दिन भर में 8 से 10 बार फोन कर ही देती थी और हर बार हम लोग लगभग आधे घण्टे बात करते.

कुछ समय बाद उसके पिताजी का देहांत हो गया और वो लोग अपने रिश्तेदार के यहाँ पुणे चले गए और हमारा सम्बन्ध पूरी तरह समाप्त हो गया।यह मेरी पहले अधूरे सेक्स की अधूरी कहानी है.शक्ति कपूर बीएफ: फिर मुझे देखते हुए बोला- पहले ही कर लेना चाहिये था, लेकिन कई बार जल्दबाजी भारी पड़ जाती है। यहां आओ।फिर वह मुझे पकड़ कर अंदर घसीट लाया जहां अहाना तख्त पर अब बैठ गयी थी और कपड़े भी उसने पहन लिये थे और डरी सहमी मुझे देख रही थी।राशिद ने परली साईड की खिड़की बंद की, दरवाजा वापस बंद किया और बत्ती जला दी। मैं उन दोनों को ही घूरे जा रही थी.

मेरी इस बात से उसे हँसी आ गयी और वो चुप हो गयी लेकिन हम दोनों एक दूसरे से चिपके ही थे.मुझे नीचे उनकी चुत में गर्म लावा फूटने का अहसास हुआ, मैं समझ गया कि बड़ी चाची का काम हो गया.

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अब भी वो दोनों रोज नाइट में मेरे घर आते हैं और मेरी वाइफ की चुत में लंड डालते हैं.पापा और चाचा को ऑफिस के कम से फ़ुर्सत नहीं मिलती इसलिये मम्मी और चाचियां अपने काम या खरीदी के लिये खुद ही अपनी कार लेकर बाज़ार जाती हैं.

मैंने उसके होंठों और मम्मों को चूसना शुरू कर दिया और साथ ही उसकी जांघों और पटों पर हाथ फिराने लगा. शक्ति कपूर बीएफ अब मैं माधुरी के 32 इंच के दूधों को मसलने लगा, वो भी मेरे लंड को दबाने लगी.

ये बात और थी कि तब मुझे यह भी पता नहीं था कि शाजिया अप्पी वहां शाहिदभाई के साथ नंगीहोकर क्या कर रही थीं।तब मैंने उनसे पूछने की कोशिश भी की लेकिन उन्होंने मुझे डांट कर चुप करा दिया था। उस वक़्त बड़ी चिल्ल पों हुई थी और अप्पी की पिटाई भी हुई थी, जबकि शाहिद भाई तो घर से ही भाग गये थे और एक हफ्ते बाद लौटे थे।खैर.

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चूत के नाम पर लंड अकड़ गया तो मुझे मुठ मार कर लंड की अकड़न समाप्त करनी पड़ी. मैंने उसको एक फोन लेकर दिया, जिसको वो छुपा कर अपनी पेंटी में रखती थी. मुझे नवीन की किस्मत से जलन होने लगी थी कि इतनी मस्त परी जैसी जवानी को एक देहाती नौकर चूस रहा है.

वो देखने में इतनी गोरी थीं कि उनके लाल रंग के निप्पल बड़े मस्त लग रहे थे. वो भी थोड़ी देर में ही राजी हो गई और मैं फिर से उसके ऊपर आ गया और लन्ड को उसकी चूत पर सेट करके उसको किस करने लगा. उस वक़्त कहाँ थी आपकी यादाश्त?मैंने फिर से बनते हुए कहा- आप शुक्र करो कि मैंने ससुर जी और सासू जी को नहीं बताया यह सब… वरना वो रात को ही बुआ जी को बुला लेते और आपकी इस हरकत के बारे में बताते.

ने आपने पढ़ा कि पुलिस वाली दो सहेलियों ने मुझे अपने पास ही रख लिया था और मेरा इस्तेमाल चूत गांड चुदाई के लिए करती थी. रात को लेट नाइट अचानक मैंने महसूस किया कि मुझे कोई टच कर रहा है लेकिन मैंने कुछ प्रतिक्रिया नहीं की. उसके बाद वो मुझे कहने लगी- तुम्हारा वीर्य तो काफ़ी टेस्टी है, मुझे बहुत मज़ा आया.

मुझे तो तुम्हारी बात सुन कर ऐसा लग रहा है कि ये सब मेरी चुत के साथ हुआ है. एक दिन मैं ऑफिस जा रहा था, तभी मैंने मौका देखा और उनके कमरे में घुस गया.

नहाने के बाद मैं बाहर निकला तो मुझे कुछ आवाज सुनाई दी, तो मैं देखने लगा कि आवाज कहां से आ रही है.

तभी मैंने झटके मारना बंद कर दिए और भाभी को चूमने लगा और दूध को जोर-जोर से पीने लगा और भाभी को शांत कराने लगा.

खैर इसका असर यह हुआ कि उसने ऑनलाइन एक लंड स्ट्रेप ऑन वाला मंगवा लिया. मैं भाभी के मम्मों को मसलने लगा, भाभी ‘आह, ऊह…’ की आवाजें करने लगीं. थोड़ी देर ऐसा करने के बाद मैंने उसको नीचे लेटा लिया, उसकी टांगों को अपनी कंधों पर रखकर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा तो उसके मेरा लंड पकड़ के अपने चूतड़ों के होल पर यानि गांड पर रखा.

तब तक मेरा किराये का कमरा है कृष्ण नगर में वहीं दो घंटे थोड़ा रूकेंगे, नश्ता करेंगे फिर चल के तुमको बढ़िया ड्रेस दिलवाऊंगा।मैं बोली- ठीक है!काफी हाउस से जीजा ने नाश्ता पैक कराया और कोल्डड्रिंक लिए और चल दिए, रूम पहुंच गए. इस पकड़ धकड़ में मेरा हाथ उसके मम्मों से बार बार टकराया और मुझे बहुत मज़ा आया. मेरे पास और कोई रास्ता ही नहीं बचा था, सिवाए खुद को किसी लंड के हवाले कर दूं और वो जो चाहे जैसे मुझे नंगी करके चुदाई करे.

अब इधर मैं भाभियों और लड़कियों की प्यास बुझाता हूँ, पर यह बात मैंने उस से छिपाई है.

भाबी तो मुझसे एक कदम आगे निकलीं, उन्होंने मेरे लंड को पैन्ट के ऊपर से ही मसलना चालू कर दिया. उन्होंने मुझे कौतूहल भरी दृष्टि से देखते हुए कहा- कैसी लग रही हूँ?मैंने उसे ऊपर से नीचे तक देखते हुए कहा- जैसे उस दिन नूरे मल्लिका लग रही थीं, वैसी ही आज भी लग रही हो. मैं अपना हाथ जब आगे ले जाकर उसकी मालिश करता, तो मेरा लंड उसकी गांड में टच हो जाता.

इस बार मैंने उन्हें अपनी गोद में उठाया और दीवार के सहारे लगा कर चोदा, इस तरह से चूत चुदाई करना मेरी फेवरिट पोज़िशन है. प्रभा- मादरचोद आनन्द अपनी मम्मी को बीवी बनाया है, बच्चा टिका मादरचोद मेरी कोख में और अपनी बहन को बोल कि और कस के पेले मुझे!मैंने कहा- साली रंडी प्रभा, तेरी कोख में ही गिराऊंगा आज… जब तक तू मेरे बच्चे की माँ बन जाए!करीब आधे घंटे तक मैंने शीतल को चोदा इतने में शीतल का गर्म गर्म माल गिर गया, मैंने लंड निकाल लिया और शीतल को मम्मी के मुँह पे बैठ के चूत चटवाने को कहा. मैं समझ गया कि काँटा सही जगह जा फंसा है, मैं बोला- ओके, उसको मैंने कई बार चोदा है, वो मुझसे बड़ी खुश रहती है, उसने मुझे कई औरतों से मिलवाया है और वे सभी मेरी चुदाई से खुश हैं.

दीदी की शादी हो चुकी थी लेकिन तीन साल पहले उनका डाइवोर्स हो गया था, तब से वो भी यहीं कानपुर में ही हमारे साथ रहती हैं.

आपको पता था भाभी पीरियड से हैं तो आप चूत तक हाथ नहीं लेकर गए और धोखे में मेरे पूरे जवान और कुंवारे बदन को मसलते रहे. अभी मज़े से ताज़ी चूत को चोद!”मैं बोला- रीनू, क्या ये अपनी बहन को चोदते हैं?वो बोली- भइया, अभी आप मेरी चूत को शांत कर दो, फिर सारी कहानी बताती हूँ.

शक्ति कपूर बीएफ तुम्हें सारा से सिर्फ शादी ही नहीं करनी, उसके साथ सोना भी है और शौहर बीवी की तरह चोदना भी है. भाभी लाइट बन्द करने के लिए कहने लगी लेकिन भैया बोले- जान, आज की रात तो मैं लाइट बन्द नहीं करूंगा, तुम रोशनी में कितनी सुन्दर लग रही हो!और भैया ने वो लाइट जली रहने दी, उनको नहीं पता था कि कोई उन्हें देख भी रहा है।कभी गाल पर, कभी ठोड़ी पर, माथे पर किस करने के बाद भैया उठे और अपना कुर्ता पजामा और बनियान उतार दिया.

शक्ति कपूर बीएफ वह भी समझ चुका था कि उसे निदा के साथ गुज़रे पलों के बारे में सब पता था, हालाँकि खुद नितिन को यह नहीं पता था कि मैं अन्तर्वासना पे कहानी ही लिख रखी थी। उसे लगा था कि मैंने उसे सेक्स चैट के दौरान बताया होगा।फिर उसने जो मलाई रखी थी वह रज़िया को दे दी और रज़िया ने ही न सिर्फ अपने पूरे जिस्म पर वो मलाई मली और हम दोनों के जिस्मों पर भी उसी ने मल दी. मैंने कहा- शायद गलती से हुआ होगा, तुम्हें बुरा तो नहीं लगा न?तो वो बोली- नहीं!फिर मैं जब उससे दोबारा मिला तो हमेशा के जैसे उसे किस किया और फिर उसके बूब्स की तरफ उंगली करके उससे पूछा- मेरा हाथ उस दिन यहाँ पे था ना?तो वो बोली- हाँ!तो मैंने उसे कहा- सच बताना… उस दिन अच्छा लगा या बुरा?उसने कुछ नहीं कहा, पर मेरे ज़ोर देने पे बताया कि बहुत मज़ा आया था.

मैं बोली- तुम्हें दूल्हा बनना है, तो तुम अपने अच्छे कपड़े पहन लेना और अच्छे से तैयार हो जाओ.

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फिर 15 मिनट के बाद हमने एक दूसरे को प्यार से देखा और बस अब हम दोनों में प्यासे मर्द और औरत की वासना दिख रही थी. सुबह हुई तो मैं नहा धोके आफिस की ओर जाने को निकला तो लैपटॉप का ख्याल आ गया. हालाँकि मुझे उसके दर्द का एहसास उसकी सिसकारी से हो रहा था लेकिन फिर भी आरुषि ने मुझे अपनी गांड में उंगली करने से नहीं रोका.

हमें भी कुछ नया चाहिए ही था तो सबने हाँ कर दी।चलेगा राजू हमें दे दो न टेस्ट!” रंजू बोली।अभी बना के लाते हैं. जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो और एक झटके के साथ पूरा लन्ड उसकी चुत में उतार दिया, उसकी चीख अंदर ही रह गई और वो रोने लगी, उसकी चुत से खून आ रहा था तो मैं थोड़ा देर रुक गया, और जब वो नार्मल हुई तो फिर अपना लन्ड अंदर बाहर करने लगा. मैंने देखा पूजा अकेली है और यहाँ सही मौका है चौका मारने का।मैंने एक कोल्ड्रिंक ली और पूजा को ऑफर करने उसके पास बैठ गया और बात करने लगे.

और कल मैं कुछ अलग इंतजाम करती हूँअब तक सुबह के 4 बज चुके थे तो वो जाने लगी.

मैं बोला- ठीक है, आ जाओ!वो अंकल 5 मिनट बाद आये और बोले- चलो!तो मैं बोला- अंकल, मुझे बहुत डर लग रहा है।वो बोले- अरे, डरने की कोई बात नहीं है, चलो कुछ नहीं करूँगा. मैंने जब लंड उनके मुँह से बाहर निकाला, तो आंटी ने बेड पर ही उल्टी कर दी. मैंने उससे कहा- कब आ रही हो मेरे पास?उसने कहा- कल सोमवार है, कल आऊँगी.

उसको अच्छी तरह से समझा दिया था कि इसकी 4 लड़कों से अच्छी तरह से चुदाई करवा दो. एकता को पीठ के बल लेटाया, फिर डॉली को एकता के ऊपर हिप्स टिकाने का बोला, जिससे दोनों की चुत पास आ गईं. मैंने अपने मुंह बोले पुलिस ऑफिसर भाई से इस बारे में सलाह मांगी तो उसने मुझे दूसरे दिन सुबह बात करने का कह दिया.

इतने में ही मैं झड़ गया और अपने वॉशरूम में जाकर अपने लंड को साफ किया. तो उसने बोला- अरे ऐसे तो होता ही रहता है।मैं एकदम से डर गया और पूछा- क्या मतलब?वो बोला- अरे मेरे साथ भी होता है। मैंने तो कई बार सेक्स भी किया है।मुझे बिल्कुल भी यकीन नहीं हो रहा था, मुझे लगा कि शायद मजाक कर रहा होगा.

आप भी इंतजार कीजिए अगली कड़ी का, मैं जल्द ही हाजिर होऊंगा लेकर आगे की कहानी, रोहण की जुबानी!नीचे दिए ई-मेल पे आप मुझे अपना संदेश भेज सकते हैं. एक दिन मेरे मम्मी पापा दोनों शादी में बाहर गए थे और घर में मेरे भैया और मैं थी और मेरी चाची थी. फिर रंजीत ने एक तेज धक्का मारा और उसका पूरा लंड मेरी वाइफ की चुत में घुस गया.

और कुछ दिनों के बाद मुझे पता चला कि यह लड़की ऐसे ही लड़कों के साथ टाइम पास करती है.

रेखा रानी ने लण्ड बाहर निकाल के कहा- चुप करके पड़ा रह राजे… अब ये मेरा है… मेरा जैसा दिल में आएगा वैसा चूसूंगी… बिलकुल मत बोल बीच में… यह तेरा इनाम है बस मज़ा लूट. मैंने सुबह ही बाइक धोई थी और प्लान के मुताबिक बाइक की सीट पर बाइक शाइनर लगाया था, जिससे जो भी बैठा हो, वो जरा से ब्रेक या धचके में आगे की तरफ फिसल जाता है. इसके बाद हम दोनों ने जैसे कसम खा ली थी कि आज खेल पूरा ही करके दम लेंगे.

दनादन मेरे लंड से वीर्य के मोटे मोटे लौंदे एक के पीछे एक बड़ी रफ़्तार से छूटे. मैंने बोला- ये क्या है?तो भाभी बोलीं- तुम्हारे लिए स्वीड डिश यानि केला है.

फूफा जी हैरान होते हुए बोले- ज़बरदस्ती, क्या… मैंने कब की तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती, अब जब मेरी आँख खुली थी तो उल्टा तुम ही मेरे साथ लिपट रही थी. उस समय मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया, जो उसने चाट कर पी लिया. मेरी पूरी नींद खत्म हो चुकी थी, मैं भगवान से प्रार्थना कर रही थे कि जल्दी से 7 बजें और मेरा छुटकारा हो.

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उसने मेरे लंड को जड़ तक अपने मुँह में लेकर उसका बचा हुआ एक एक बूंद भी निचोड़ कर पी लिया.

कुछ ही देर में भाभी की चुत का पानी निकल गया और वे एकदम से ढीली पड़ गईं. करीब दस मिनट चुत चटाई के बाद मॉम ने नवीन का सर कस कर पकड़ लिया और तेज़ तेज़. मुझे देखते ही वो बोली- तुम पूनम ही हो ना?मैंने कहा- हाँ अच्छा हुआ जल्दी ही पहचान लिया.

और ये सब मेरे लिए पहली बार है!मैं- प्लीज कामिनी, एक बार चूस कर तो देखो, तुम्हें जरूर अच्छा लगेगा!कामिनी- नहीं…लेकिन नहीं नहीं करते करते हुए मैंने उसके मुंह में अपना लंड डाल ही दिया लेकिन उसने झट से बाहर निकाल दिया और बोली- छी… कितना गंदा टेस्ट है. अभिलाषा आनंद के सातवें आसमान पर झूल रही थी, वह आह… उई… याह… ओह… आदि शब्द बोले जा रही थी और अपना सिर इधर उधर मार रही थी. बहन को छोड़ाआपको पता था भाभी पीरियड से हैं तो आप चूत तक हाथ नहीं लेकर गए और धोखे में मेरे पूरे जवान और कुंवारे बदन को मसलते रहे.

मैंने कहा- अब कोई शिकायत नहीं होगी मेरी जान…इतने में सामने से बड़ी चाची बोलीं- डाल जोर से इसकी चुत में…बड़ी चाची की बात सुन कर मैंने एक जोर का धक्का मारा. मैंने पूछा- आप मेरे बारे में कैसे जानते थे?अशोक- उसके फोन में तुम्हारी फोटो थी, जिसे मैंने देखा था.

अब उसको घर बैठे दो महीने हो चुके थे और पापा ने उसका घर से बाहर जाना बंद कर दिया था. उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने गले लगा लिया और वो मेरे हाथ को किस करने लगा. मैंने हाथ नीचे ले जा कर उसकी टी-शर्ट को ऊपर करके दिया और उसकी कमर और पीठ को सहलाने लगा.

मैंने निशा से लड़की बन कर बोला- मैं कुछ लड़कों को जानती हूँ, जो मस्त सेक्स जॉब करते हैं. सुकन्या- उउह उउउहा … निचोड़ दो इन्हें… आअह्ह्म्म …मैं तो वही कर रहा था. मेरी यह कहानी मेरे और मेरी सास की है जिनका नाम रोज़ी (बदला हुआ नाम) है.

शीतल अंदर से एक हाफ पैंट पहन कर अपनी गोरी गोरी जान्घें दिखाती हुई बाहर आयी और आकर सीधा मेरी जान्घों पे बैठ गयी.

बस दो-तीन बार उन्होंने अपने कमर को ऊपर मेरे मुँह में घुसेड़ने की कोशिश की और फिर शांत होकर, निढाल सी बेड पे पसर गईं. उसको किस करते करते मैंने अपना एक हाथ पीछे से उसकी पेंटी के अन्दर डाल दिया और उसके गोरे गोरे और मुलायम चूतड़ों को सहलाने लगा.

भाभी लंड को देखते हुए मुझसे कहने लगीं- देखो मैं यह नहीं करने वाली … मैंने आज तक नहीं किया. उसने चुदास भरी आवाज में पूछा- हम दोनों कहां मिलेंगे?तो मैंने बोला- होटल बुक करते हैं. मेरी पहली कहानीबीवी की चुदाई मोटे लंड से करवाईआप सबने बहुत पसंद की और अभी तक मुझे मेल आ रहे हैं.

मैं पंजा चूसता, एक एक करके अंगूठे और उंगलियों पर जीभ फिराता, उंगलियों के बीच के स्थान को चाटता. वह कला सा गन्दा, घिनावना लिंग था लेकिन जाने कौन सा आकर्षण था उसमे कि मेरे दिमाग से निकलता ही नहीं था।वह पागल तो कई बार दिखा लेकिन फिर कभी उसका लिंग न दिख पाया. भाभी की चुत भी इतनी अधिक रसीली हो चुकी थी कि भाभी ने दांतों पर दांत दबाए और लंड को लील लिया.

शक्ति कपूर बीएफ जो चाहे जिसकी चुत में चाहे जो करे, कोई किसी को कुछ नहीं बोल रहा था. फिर पापा उंगलियों से अपने वीर्य को मेरे मुंह में डालने लगे, मैं धीरे-धीरे उनका सारा रस चाटने लगी.

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मैंने उसे लंड चूसने के लिए कहा, पहले उसने मना किया पर कई बार कहने पर मान गई. ये तो आपने पढ़ ही लिया था कि मेरी बहन सोनिया मौसी की लड़की बहुत सेक्सी है और उसके बड़े बड़े मम्मे हैं. मैंने अभिलाषा से कहा- देखिए अभिलाषा जी, अब हमारे अंदर एक दोस्ती का संबंध बन चुका है और मुझे पता है आप भी मुझे समझ चुकी हैं.

मैं नौकरी का मारा, मैंने तुरन्त उस नम्बर पर कॉल किया और पोस्टर में बताई गई जगह पर पहुंच गया. फिर रंजीत ने एक तेज धक्का मारा और उसका पूरा लंड मेरी वाइफ की चुत में घुस गया. देसी इंडियन ब्लूएक दिन मैंने भी सोचा कि इससे मिल ही लेती हूँ और सब कुछ इसको बता देती हूँ कि मैं उससे सेक्स नहीं कर सकती हूँ, मेरे घर वाले मुझे बाहर नहीं निकलने देते हैं.

बाथरूम में अपनी चूत धोकर अभिलाषा बाहर आई और अपनी यूनिफार्म पहनकर मुझसे हाथ मिला कर जाने लगी.

फिर उसने अपने मुंह से थोड़ा सा थूक निकल कर अपनी उँगलियों पर लगाया और उससे मेरे प्यार की गांड के छेद को तर कर दिया, फिर अपने सांप की छतरी जैसे चौड़े टोपे को मेरी धर्मपत्नी कि गांड से भिड़ा कर जोरदार धक्का मार दिया. जैसा कि आपने पिछले भाग में पढ़ा था कि मेरे ड्राइवर को अपने जाल में फंसा कर चुदाई का मजा लेने की प्लानिंग की गई थी.

मेरे पापा ने कहा- आपको कोई भी काम हो, तो आप बेझिझक हमारे घर पर आइएगा और मैं ना होऊं तो मेरे बेटे को बुला लीजिएगा. बापू ने पद्मिनी को उसकी पीठ के बल औंधा लिटा दिया… और खुद ने पद्मिनी की गांड पर अपना लंड रगड़ना शुरू कर दिया. इसलिए जीभ खूब गीली थी और उसकी टुकुर टुकुर से मेरे तमाम बदन में एक तेज़ झनझनाहट ऊपर नीचे, नीचे ऊपर दौड़ने लगी.

मेरा नाम सुलेखा है, मैं ग्वालियर की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 35 साल है.

आते ही मेरे पास बैठ गये और शादी, चढ़ावे के सामन वगैरह की बातें करने लगे. साथ साथ ऊपर पद्मिनी के चेहरे पर देख रहा था कि उसकी क्या प्रतिक्रिया होगी. नेहा का घर मेरे घर के पास ही है तो हमारा एक दूसरे के घर पर आना जाना था.

ब्लू वीडियो फोटोआर्थर के मजबूत लंड की रगड़ से मेरी कोमल पत्नी की चूत लाल हो चुकी थी, वो उसे निर्दयता के साथ किसी कुतिया की भांति चोदे जा रहा था. यह नजारा फिल्मों की वजह से मेरा देखा भाला था और उस वक्त मेरे लिये बाकी नजारे से ज्यादा खतरनाक था।रगों में खून चटकने लगा.

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वह बिना झिझक पूरा करो। मैं आपको पूरा सहयोग दूंगी।”उसकी बात सुनकर मैं उत्तेजित हो गया।एक औरत और वह भी मेरी साली. भाभी अपने पति देव का इन्तजार कर रहीं थीं, अन्दर लड़कियाँ मतलब की भाभी की ननदें भाभी से गंदे मजाक कर रहीं थीं और भाभी बस घूँघट में धीरे-धीरे मुस्कुरा रही थी. नींद तो कामिनी को भी नहीं आ रही थी तो वह मेरे साथ मस्ती करने लगी, वो मुझे यहां वहां छूने लगी, बहन की शरारतों से मुझे गुदगुदी होती थी.

सुमेर ने शशि से कहा- पैन्ट खोलो!शशि ने अपने कपड़े उतार दिए, फिर सुमेर देवेश से बोला- पहले तुम!देवेश रुका तो सुमेर उसके पैन्ट की चेन खोलने लगा- यार हर समय मजाक बहस नहीं, जल्दी करो।और हाथ डाल कर देवेश का लंड निकाल लिया, तेल की शीशी से तेल लेकर उसके लंड पर मल दिया और बोला- अब तो शुरु हो जा।देवेश ने थोड़ा से तेल अपने हाथ पर मांगा, सुमेर ने दे दिया. अलका ने कॉफ़ी मग के पास नाक ला कर दो तीन गहरी गहरी सांसें लीं- हूँ… खुशबू तो बढ़िया है इस ब्रांडी की… आइये लेखक साहिब आराम से बैठ कर कॉफ़ी पीते हैं. तो भाभी बोलीं- फिर कैसे?मैंने अपने मुँह में बियर भर कर उनके होंठों से होंठ लगा दिए.

मेरे आने के बाद वो फ्रेश होने चली गईं और नहा कर बिना कुछ पहने ही मेरे सामने आ गईं. फ़िर मैंने अपने मूसल को तेल में भिगोया और थोड़ा तेल चाची की चुत पर भी लगा दिया. एक घंटे बाद लौटा, लड़का आकर लेटा, मैंने पूछा- बड़ी देर लगी?तो बोला- भाई साहब दूसरा काम करने लगे।मैंने पूछा तो बोला- उन्होंने वहीं रेत पर लिटा कर पेल दिया।मैंने बलवीर से पूछा- क्यों बे?तो वह हँसने लगा.

तो भाभी ने बताया तुम्हारे भईया तो शहर के बाहर रहकर ही काम करते रहते हैं, मुझ पर तो ध्यान ही नहीं देते. फिर उनके बॉडी की आइस क्रीम को मैं चाटने लगा, पहले बूब्स पे लगी आइस क्रीम को चाट गया और फिर चूत के अंदर अपनी जीभ पे आइस क्रीम रखकर जीभ चूत के अंदर डाल दी.

अब की बार आधे से ज्यादा लंड छोटी चाची की चूत के अन्दर घुसता चला गया था.

हमारे घर के ऊपर वाले फ्लोर हमने एक फैमिली को किराये पर दे रखा है, वो भाभी मुझे उठाने अन्दर आ गईं. बीएफ देहाती सेक्सी फिल्मरात को सबने साथ में खाना खाया और खाना खाते वक्त सुना कि पापा दोनों चाचा से कहीं जाने की बात कर रहे थे. हिंदी बीएफ एचडी वीडियोएकता ने एक लम्बी साँस ले कर दो झटकों में मेरे पूरे आठ इंच के लंड को अपनी चुत के अन्दर निगल लिया और ऊपर नीचे होने लगी. जब पूरा फोरप्ले खत्म हुआ तो चुदाई आरम्भ हुई मैंने उसे पूर्ण श्रद्धा के साथ चोदने की कोशिश की और हार्डसेक्स किया उसके झड़ने के बाद भी… वो चिल्लाती रही और मैं पेलता रहा जब तक कि उनकी योनि मेरे वीर्य से भर ना गई।कुछ समय बाद मेरे एग्जाम्स शुरू होने थे तो मैंने इन सब पर ध्यान देना छोड़ा.

पूजा की चूत घनी झांटों से घिरी हुई थी, लग रहा था कि जैसे पूजा ने लम्बे अरसे से झांट के बाल साफ़ ही ना किये हों.

वो तुरंत जग गई, उसने खुद को बहुत छुड़ाने की नाकामयाब कोशिश की, लेकिन न छूट पाई. मैंने आंटी को धकेल कर बिस्तर पर गिरा दिया, मैं आंटी के ऊपर आ गया, उनके होठों पर किस करने लगा, उनकी चूचियां दबाने लगा. दीदी- कल रात की चुदाई के बाद अब मेरी चूत सूज गई है प्लीज़ अभी नहीं रात को करेंगे.

ऐसा लग रहा था मानो उनके गोरे चुचे सामने से दावत दे रहे हों कि आओ और हमको खा जाओ. जिस ऑफिस से पासपोर्ट बन कर आया था, वहाँ के किसी आदमी ने मुझे चोद रखा था, तो उसको पता लग गया और उसने उस दलाल को भी इस बारे में बता दिया. उसने मुझे किस करते अपने हाथों से मेरे हाथ नीचे कर दिए और अपने बूब्स टॉप्स से फिर छिपा लिया.

बीएफ जबरदस्त वाली

क्या मजा आ रहा था!मैं थोड़ी देर में थक गई, फिर मैं घोड़ी बन गई और उसने पीछे से लण्ड मेरी चुत में डाल दिया, उसका पूरा का पूरा अंदर जा रहा था. सुमेर- हमारी बात केवल हाजिरी पर साइन की है।शशि- हां ठीक है।सुमेर ने अपनी पैन्ट की जेब से कमरे की चाबी निकाली और उसे दी- जाकर कमरे में बैठो, मैं आता हूं, हम दो लोग हैं।शशि देवेश की ओर देख आंखें फाड़ने लगा. उसके बाद मैंने अपने मोज़े उतारे और मैं भी रिलेक्स होकर बात करने लगा.

फिर जब केवल कुछ ड्रॉप्स उनके लंड से चिपके रह गए, तो उनके झड़े हुए लंड को मैं मुँह में लेकर चूसने लगी.

ऐसा लग रहा था मानो उनके गोरे चुचे सामने से दावत दे रहे हों कि आओ और हमको खा जाओ.

मैंने कहा- मॉम आप एक बिकिनी भी लाना और कभी कभी घर में वो ही पहनना, पर कपड़े सिर्फ तभी पहनना, जब कोई आए. मुझे डर था कि कहीं ये भी पास से मेरा भद्दा चेहरा देख कर मुझसे दूर न चल दे. हिंदी बीएफ एक्स एक्स एचडीअब तक मेरी मौसी के साथ सेक्स कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि आज मौसी की चुदाई का आखिरी दिन था, मौसी बहुत सज संवर कर तैयार हुई थी.

और ये कहके मुझसे छूटते हुए उन्होंने दरवाजा खोला और अपने फ्लैट में चली गईं. मेरी नज़र उनकी चूत पर पड़ी मैंने देखा एकदम क्लीन शेव्ड और लाल हुई पड़ी थी. क्यों जूही, अभी तुम कुँवारी हो या तुम्हारी चुत चुद चुकी है?”क्या कह रहे हो भाईजान… जानते हो अभी तक किसी ने भी टच नहीं किया था.

फिर उसके बाद मैंने सबा को सीधा किया और उसकी टाँगें फैला कर उसकी चुत पर अपने लंड का सुपारा सैट कर दिया. मैंने कहा- क्या?सोनिया ने कहा- तुम्हारे फ़ोन में वो पोर्न मूवी मुझे अच्छी लगी, मुझे वो तुम मेरे मोबाइल में सेंड कर दो.

मैं दर्द से तड़प उठी और फूफा जी को रोकना चाहा मगर तब तक फूफा जी का पूरा लंड मेरी चुत में घुस चुका था.

थोड़ी देर बाद भाभी भी पैसे देकर अपने बच्चे को लेकर अपनी स्कूटी पर बैठ गईं. वो तो हमेशा एक ही बात बोलता था- यार तेरी चूत और गांड की याद आ रही है… मुझे तेरी चुदाई करनी है… कोई मौक़ा ढूँढ ना. मेरे एक तरफ जीजा जी सोये हुये थे और दूसरी तरफ प्रिया और उसके बगल में दीदी सोई हुई थी.

ब्लू फिल्म गांव की देसी पूरे दस मिनट बाद भाईजान ने चुत से मुँह हटाया तो मुझे कुछ राहत मिली. इसलिए उस लौंडे ने गीता की एक ना सुनी और बोला- अगर तेरी चुत बच्चा निकालने का मन बना ही चुकी है तो मेरा लंड क्या करेगा.

मैंने उसकी टाँगें खोलीं और टांगों को अपने कंधे पर रख के बिना तेल लगाए. रात में 2-3 बजे तक भी फोन चैट हुआ करती, जिसमें कभी कभी सेक्सी बातें भी हुआ करती थीं. रास्ते में उन्होंने उस दिन अंकल के मदद के लिए धन्यवाद दिया और वे उस चांटे के लिए सॉरी बोलीं.

निर्मल बीएफ

शायद इसे ही सच्चा प्यार कहते हैं।इसके बाद क्या हुआ… वो मैं आपकी कल्पना पर छोड़ता हूँ. उधर मैं घाट घाट का पानी पिया हुआ पांच फुट ग्यारह इंच का हट्टा कट्टा, हैंडसम आदमी जिसके बदन से ताकत फूटी पड़ती थी. ये सब आप जानेंगे कहानी के अगले भाग में, जुड़े रहिये अन्तरवासना के साथ।अपनी प्रतिक्रियाएँ मुझे इस मेल आई डी पर ज़रूर दें, आपका प्यार ही मेरी प्रेरणा है।[emailprotected]कहानी का अगला भाग:गे कहानी: दूध वाला राजकुमार-4.

मेरी इस हरकत से उनकी जोर से सिसकारी निकल गई और काँपती हुए आवाज में भाभी बोल उठीं- आह. आखिर में वह पीने के बाद वहां से निकला और वापस अपने घर जाते वक़्त पद्मिनी को अपने मन में सोचता हुआ चला जा रहा था.

मैंने फूफा जी के होंठ अपने मुँह में लिए और उनको चूसने लगी और अपनी ज़ुबान भी उनके मुँह में घुसेड़ दी और फिर उनको सीधा पलटती हुई उनके ऊपर चढ़ गयी और उनके गले में बांहें डाल कर ज़ोर ज़ोर से उनके होंठों को चूमने लगी और अपने बूब्स उनकी छाती पर रगड़ने लगी.

अगले ही कुछ पलों में हम दोनों में मानो होड़ सी लग गई थी कि कौन किसके कपड़े पहले उतारता है. जैसे कोई मस्ती भरी सनसनाहट पूरे जिस्म में दौड़ गयी हो।जबकि अहाना ने दोनों हाथ नीचे करके सलवार का जारबंद खोल दिया और मुझे कंधों से दबाते हुए पीठ के बल लिटा दिया और मेरी पैंटी में उंगलियां फंसाते उसे यूँ नीचे किया कि सलवार समेत उतरती चली गयी।अब हम दोनों बहनें एक जैसी अवस्था में थीं. ऐसा कुछ देर करने के बाद मैंने उन्हें सीधा लेटाया और मैं उनके दोनों पैरों के बीच में आ गया.

ये इतना बड़ा कैसे हो गया है?मैंने उससे कहा कि तुम आराम से लंड को देखो. पर मैंने कहा- दीदी तुमने भी तो मेरा देख लिया है, अब तुम मेरे सामने ही कपड़े बदल लो. मैंने उसका एक पैर पकड़ा हुआ था और दूसरा पैर उसने थोड़ा ऊपर कर रखा था.

रात को जब कभी मेरी आँख खुल जाती तो मैंने कई बार देखा था कि मम्मी बच्ची को देखने आ जाती हैं.

शक्ति कपूर बीएफ: मैंने उनके मम्मों को चूसना चालू किया और एक एक करके दोनों मम्मों को चूसता चला गया. चाय खत्म होने के बाद अंकल ने मुझे शाम को आते समय आम लाने को कह दिया.

मैं तो उसको देखता रह गया, वो तो बला की खूबसूरत थी… किसी परी से कम नहीं थी. उधर पूजा ने सोचा कि जब भाई बहन चुदाई कर रहे हैं तो फूफाजी से चुदाने में काहे की शर्म. मैंने अपने लंड की जोर जोर से मुठ मारते हुए कहा- मैं आपकी चूत में अपना लंड डालना चाहता हूँ.

अब हम दोनों एक दूसरे को किस करे जा रहे थे और कभी किस करते भाभी पीछे हो रही थीं, तो कभी मैं पीछे हुआ जा रहा था क्योंकि दोनों तरफ आग बराबर लगी थी.

यह कहते हुए उसने मेरे तौलिये को निकाल दिया और मैं उसके सामने एकदम नंगी हो गयी. दोस्तो, आपको ये प्यार भरी चुदाई की कहानी कैसी लगी जरूर बताएं, मेरा ईमेल आईडी है. जैसे ही वो दोबारा अकड़ने लगी तो फिर से बेड पर लिटा कर तेज झटके मारने शुरू कर दिए क्योंकि अब मेरा भी होने वाला था.