बीएफ हनीमून

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आप लोगों ने मेरी कहानीबस में मिली लड़की के साथ सेक्स का मजापढ़ी और काफी सराहना की. संदेश ओपन सेक्समैंने पूछा- कैसे!निशी मुझे समझाने लगी- देख मैंने इंटरनेट पर पढ़ा था … और उसके हिसाब से सूरज का या तो लिंग कमजोर है … या उसे जल्दी झड़ने की बीमारी है.

वो बोली- परेशान मत होइए आप!मैंने कहा- कैसी परेशानी?मैं खाना बनाने लगा. फौजी की फोटो डाउनलोडऑफिस गर्ल सेक्स कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में कुछ और जानकारी देना चाहता हूं.

दोनों हसीना ने सैट वाली ब्रा पेंटी पहनी थी और ब्रा पेंटी में उनका आकर्षण देखते ही बनता था.बीएफ हनीमून: तभी मॉम बोलीं- क्यों क्या हुआ बेटे?सनी बोला- मासी, आप बोली थीं ना कि जब तक जीजू नहीं आते … अपनी बहन का ख्याल रखना.

कुछ देर के बाद उसने मुझे अपनी बांहों में जकड़ा और बोली- जीजा, मुझे अपनी बांहों में जकड़ लो.क्या सोच रही होगी वो मेरे बारे में? कितनी बार पानी निकला होगा उसकी चुत से? फिर भी लग तो ऐसा ही रहा था कि वो मेरे जाल में फंस जाएगी.

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दोपहर बाद जब सब मेहमान चले गये तो मैं सौरभ के कमरे में गई और उसके पास बैठ गई.मैंने गुड्डी का कुर्ता ऊपर उठाया ही था कि गुड्डी ने हाथ ऊपर कर दिए.

मैंने ये देखा, तो बिंदास आगे बढ़ कर उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी सलवार को पैंटी समेत घुटनों तक खींच दिया. बीएफ हनीमून मैं- हैलो मेघा, कैसी हो?मेघा- मैं बिल्कुल अच्छी हूं बेबी, लेकिन मेरी चुदासी चूत मुझे इतनी रात को भी सोने नहीं दे रही है.

सुमंत और महंत पहली बार किसी लड़की की चुदाई कर नए साल में आगाज़ कर चुके थे और अब अपनी सगी बहन अर्चना को चोदने की कोशिश में लगे हुए थे.

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उस दिन तेरे जीजू की छुट्टी रहेगी … उस दिन मैं तेरे पति के साथ बाजार चली जाऊंगी … और उसी समय तू अपने जीजू से घर में चुद लेना. उसे भी चेक करवा लो!और इतना कहते ही उसने मेरी सलवार का नाड़ा पकड़कर खींच दिया और सलवार नीचे कर दी. उसके बाद बस में तो कुछ नहीं कर पाये लेकिन फिर जहां हम जाकर ठहरे वहां कमरे में मैंने भाभी को खूब चोदा.

वो एकदम से उछल पड़ीं- आह संजय … मार ही डालोगे क्या आज … आह कितना सुख दे रहे हो यार … तुम तो आज मेरे शरीर के एक एक अंग को चूस ही जाओगे. मेरा सेक्स जीवन कहानी में पढ़ें कि मैं अपने मौसेरे भाई के साथ सुहागरात का मजा लेना चाहती थी. हम सामने वाले दरवाजे पर पहुंचे, तो दुकानदार ने शटर को थोड़ा ऊंचा करके हम दोनों को दुकान में घुसा लिया.

आज से तुम अपने लंड को समझा देना कि अपना पानी बाथरूम में ना बहाए, उसका जब मन करे मेरी चूत की नाली में छोड़ दे. मैं एक हाथ से अपनी एक स्तन खुद दबा रही थी तो दूसरे हाथ से पूरी ताकत से उसके बालों को खींच रही थी. वहां से उसने मुझे फोन किया और बोली- क्या नर्स से सैटिंग कर ली!मैंने कहा- हां, शराब पीने के लिए इन नर्सों के बैठने का कमरा है.

मैंने उसको सौ रुपए देकर कहा- कुछ चाय और बिस्कुट ले आओ … रात वाले गार्ड का नाम लेकर उसे बताया. नैना दूध चुसवाते हुए बोली- आह … बहुत मज़ा आ रहा है … रमित …उसने अपनी कमर की स्पीड बढ़ा दी.

जैसे ही मेरा लंड तना, मैं विनीता को बेड के एक कोने पर खींचकर उसकी दोनों टांगें चौड़ी करके उसकी चूत के ऊपर मेरे लंड को घिसने लगा.

एक दुबली पतली सी, बहुत शरीफ दिखने वाली लड़की आज हम दोनों मर्दों के बीच हमारे दो दो लंड लेकर अपनी जवानी को गंदे गंदे शब्द बोल कर चुदवा रही थी.

एक बोला- अबे भोसड़ी के जिस चूत को तू चाट रहा है, उसे हम सबके लंडों ने चोदा है. इससे मेरी चूत और उसके आसपास छोटे छोटे दाने निकल आये जिनसे खुजली मचती थी. मेरे चेहरे पर चिंता के भाव देख बोली- क्या हुआ? किस टेंशन में डूबे हुए हो?मैंने हड़बड़ाते हुए कहा- कुछ नहीं.

लगभग बीस मिनट की चुदाई के दौरान मैं दो बार झड़ चुकी थी। लेकिन विजय अभी झड़ने का नाम नहीं ले रहा था. शायरा के चुभने में नर्म और दिखने में सख्त मम्मे मेरी पीठ पर लगे तो मेरी मस्ती बढ़ गई. वैसे तो स्कूटी नयी ही थी, पर काफी दिनों से खड़ी हुई थी, जिसके कारण थोड़ी बहुत उसने दिक्कत तो की, पर फिर भी मैंने उसे स्टार्ट कर ही लिया.

मैंने अनीता से पूछा- तुम्हें मेरे लंड का पानी पीना बुरा नहीं लगा?वो मुस्कुराते हुए बोली- यह तो अब मेरी आदत हो गयी है.

वैसे भी आजकल जमाना इतना आगे निकल गया है कि जो काम लोग 25-26 साल की उम्र तक जा कर करते थे, आजकल वही सब करने की कोशिश जवानी की शुरुआत में ही शुरू हो जाती है. भाभी के मुंह से कामुस सिसकारियां फूट पड़ीं- आह्ह … अम्म … ओह्ह … याह … स्सस … और जोर से … आईई … आआ … आह्ह अंश … बहुत मजा दे रहे हो … आह्ह … ऐसे ही करो।कुछ देर तक मैं उसकी चूचियों पीता रहा और दबाता रहा. उसके बाद उस मादरचोद कुत्ते ने मेरे मुँह से अपना लंड निकाल लिया और मेरे नीचे आ गया.

उनके गोरे गोरे बदन को देखकर और उनकी बड़ी बड़ी चुचियों को देखकर मेरा मन कर रहा था कि एक धक्के में अपने लंड को चुत के अन्दर कर दूँ. वो मेरे दूध दबा कर बोला- आह … क्या बात है!फिर वो मेरे क्लीवेज को चूम कर पीछे हट कर खड़ा हो गया. मैं सेक्सी मौसी की चूत में जोर से उंगली करता ही जा रहा था और उनकी चुत खुल कर फ़ैल गई थी.

लेकिन अब बात करके लग रहा है कि तुम बहुत अच्छे हो, मुझसे कभी नाराज़ मत होना, मुझे कभी छोड़ना नहीं दोस्त.

तब तक मैकेनिक की दुकान भी आ गया थी, इसलिए मैं और शायरा तो स्कूटी को लेकर मैकेनिक के पास रुक गए और वो औरत व लड़की सीधा बस स्टॉप के लिए आगे चली गईं. उसकी बड़ी बड़ी चूचियां मेरे मुंह में नहीं आ रही थी।हम 69 अवस्था में आ गए.

बीएफ हनीमून उसका लण्ड मेरे मुंह के अंतिम छोर तक जा रहा था और मेरे मुंह से थूक की लार गिर गिर कर मेरे घुटनों और मेरे बूब्स पर गिर रही थी. फिर एक दिन उन्होंने खुद ही मुझे एक एडल्ट जोक भेज दिया, तो मेरी तरफ से भी इसी तरह से एडल्ट जोक्स उनको जाने लगे.

बीएफ हनीमून यह तुम्हारा काम है और एक अच्छी रंडी को किसी के बारे में ज्यादा सोचने की कोई जरूरत नहीं होती।रेहाना- मगर अंकल!रमेश- अगर मगर कुछ नहीं. मैं कुछ देर उसकी आंखों में देखने लगी और अपने हाथ पांव ढीले करने लगी.

मेरी बाइक स्पोर्ट्स बाइक थी, तो इस पर पैर एक साइड करके बैठना सम्भव नहीं था.

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इस कम्पन से मेरी गांड में तरंग सी उठने लगी थी और मुझे बेहद मजा आने लगा था. लेकिन उस रात क्या हुआ?हैलो फ्रेंड्स, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. फिर वो मेरे साथ चैट करने लगा और वो भी मुझे बाहर मिलने के लिए बोलने लगा.

मगर जैसे ही जिया ने लंड चूसना शुरू किया, तो मानो मेरे तनबदन में आग सी लग गई और मैं मीठी आह के साथ जिया से अपना लंड चुसवाने लगा. आँटी- बताओ, क्या क्या कैसे कैसे हुआ?मैं- आँटी, लंबी कहानी है, फिर किसी दिन आराम से सुनाऊंगा. मैं अब आगे कुछ कहता, तब तक शायरा बीच में ही बोल पड़ी- मुझे लगता है आज के लिए इतनी बातें काफ़ी हैं, नहीं तो ऑफिस के लिए देर हो जाएगी.

चाचा जी बोले- सुहानी बेटा, आप तो बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही हो, इतनी सुंदर लड़की मैंने आज तक असलियत में नहीं देखी.

एक दिन प्रिया भाभी का फोन आया कि तुम्हारे भैया आज चार दिन के लिए बाहर जा रहे हैं; ये चार दिन मैं तुम्हारे साथ बिताना चाहती हूं, इसलिए सूरज के जाने के बाद, मैं घर से अपने मायके का बहाना करके निकल जाऊंगी. इतना कह कर मेमरानी सामने को झुक गई तो मम्मे मेरे मुंह के सामने आ गए. मैंने सोचा कि हाय रे किस्मत, कभी ये चाय के कप को भी साफ़ करने को कह रही थी … और आज देखो, मेरे लंड के रस को भी कैसे मज़े से चूस रही है.

मैंने फ़िल्म की तरफ़ देखा, तो पुरुष उन दोनों महिलाओं की चुत बारी बारी से चाट रहा था. तुम ही बोलो, मैं क्या करूं?मैंने बोला- कुछ नहीं … बस ऐसे ही लेटी रहो. लैपटॉप लाने के लिए वो जैसे ही पलटी, मेरी नजर उसकी मचलती गांड पर पड़ी, क्या मस्त माल थी वो.

बात तकरीबन 3 वर्ष पुरानी है, जब मैंने अपनी एक सेक्स स्टोरीचूत चुदाई चांदनी रात में जंगल मेंआपके साथ साझा की थी. अब इसी तरह धीरे धीरे मैं भी अभिषेक को अन्दर ही अन्दर पसंद करने लगी.

मैंने फ़िल्म की तरफ़ देखा, तो पुरुष उन दोनों महिलाओं की चुत बारी बारी से चाट रहा था. उसने टाँगें चौड़ी कीं और मेरे छाती के इधर उधर पैर टिका के उंगलियों से चूत के होंठ फैला लिए और घुटनों पर झुक के मेरी आँखों के सामने चूत ले आयी. निशी ने मुझे बड़ी शांति से समझाया कि यार सुहानी मुझे नहीं लगता कि सूरज तुझसे सच्चा प्यार करता है, क्योंकि अगर करता होता … तो वो कभी सेक्स के लिए दबाव नहीं बनाता.

इसलिए उसके पेटीकोट के ऊपर से ही चूत पर किस करने से मेरे होंठों पर चुतरस की नमकीन खरिश जम गयी.

अब आप करते हैं तो ठीक है, नहीं तो …मैंने उसकी बात समझते हुए अपना फैसला सुना दिया. और डॉक्टर फिर से मेरी नाजुक बुर को चोदने लगा।लगभग दस मिनट चोदने के बाद वह झड़ गया. शायरा मुझे झूठमूठ का डांट तो रही थी मगर शर्म से उसके गाल लाल हो रहे थे.

मुझे मूवी में कोई इंटरेस्ट नहीं था, मैं तो बस रुबीना के मजे लेना चाहता था. अब भाभी बोलीं- देवर जी आप देर मत करो … आज मेरी गांड का भी उद्घाटन कर ही दो, मुझे नहीं पता था कि इसमें भी इतना मजा आता है … नहीं तो मैं कब का आपका लंड अपनी गांड में घुसवा चुकी होती.

फिर मम्मी ने कहा- डाक्टर साहब अब क्या करें?तो डाक्टर ने कहा- देखिये आप इसका आपरेशन करवा लीजिये।आपरेशन का नाम सुनते ही मेरी हालत खराब हो गयी।डाक्टर मम्मी को समझाने लगा- घबराइये मत! छोटे से आपरेशन से गाँठ निकल जायेगी कोई परेशानी नहीं होगी. उस दिन भाभी ने मेरे पास यूं ही बैठ कर अपना पल्लू गिराए हुए ही कहा- आज मुझे भी पीने का मन है. जिस चम्मच को शायरा के होंठों और जीभ ने छुआ था, उसको मुँह में लेने से एक बार तो ऐसा लगा जैसे मेरे होंठों ने शायरा के नर्म होंठों और उसकी जीभ को ही छूआ हो.

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फुद्दी की ऐसी हालत देख उसने अगले ही पल अपना लंड मेरी फुद्दी के मुँह पर रखा और मेरी फुद्दी में धकेलने की कोशिश करने लगा.

मैं अंधेरे में तीर चला कर बोला- मुझे अभी अर्जेन्ट जाना है … एक घंटे बाद मुझे जरूरत ही नहीं रहेगी. अपने चूतड़ भींचकर एकदम से मेरे लंड ने हवा में वीर्य की पिचकारी दे मारी. अब आगे सेक्सी गांड Xxx स्टोरी:सुबह मेरी नींद खुद ब खुद आठ बजे ही खुल गयी.

मेरी कॉलेज की गर्लफ्रैंड को मैं हफ्ते में कम से कम 3 बार जरूर चोदता था।फिर मेरा ब्रेकअप होने की वजह से मैंने कुछ ऑनलाइन जिगोलो वेबसाइट और क्लब में कोशिश करी, लेकिन सब फ़र्ज़ी थे। मैंने कुछ पैसे भी उसमें बर्बाद कर दिए।आखिर में एक फेसबुक पर एकाउंट बनाया. अब मैंने हम दोनों के रात को मिलने का हर रास्ता साफ कर दिया है, मैं थोड़ा बाथरूम में फ्रेश हो लेती हूँ, तुम्हें 15- 20 मिनट बाद बुलाती हूँ. सोनाक्षी की सेक्सीउसकी गांड का बाजा बजाते हुए मैंने उसके चूतड़ों पर थप्पड़ भी लगाता जाता.

अब हम दोनों ऐसे ही नंगे लेट गए।कुछ देर के बाद मैंने फिर से दीदी को अपने ऊपर खींच लिया. फिर मैंने या चाची ने क्या कहा?सभी भाभियों और अन्तर्वासना के पाठकों को आपके अरमान का नमस्कार.

फिर उसने मेरी कमीज़ और ब्रा को भी मेरे गले तक ऊपर उठा दिया और मेरे बूब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा. अब वो नर्स मेरे सामने नंगी हो गई थी।तभी लाइट आ गई मैं उसे देखकर पागल हो गया।वो बोली- राज तुम पहले गेट अंदर से बंद कर दो. कुछ देर लंड चुसवाने के बाद रमेश ने उसे गोद में उठाया और बेड पर ले जाकर पटक दिया.

दर्द ठीक हो जाएगा।फिर डाक्टर ने दो दिन की दवाई दी और कुछ हमें मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ी. बहुत दिनों बाद किसी से फ्री होकर बात की है … इसलिए मैं तो भूल ही गया था कि मुझे कॉलेज भी जाना है. फिर जब मैं पेटीकोट और सिर्फ ब्लाउज में बाहर आई, तो अभिषेक की मानो जैसे मेरी छाती देख कर आंखें ही फट गयी.

मैं दीदी की गांड सहलाये जा रहा था और मेरी वासना भी साथ साथ और ज्यादा बढ़ती जा रही थी.

कुछ ही देर में लंड ने पानी छोड़ दिया और वो सारा पी गयी; जीभ से चाट-चाट कर लंड को साफ कर दिया. भाभी भी उसके साथ खेल रही थी और मैं उनके अंग अंग को निहारने में लगा हुआ था.

भाभी मेरी जीभ को अपने रसीले होंठों में लेकर आईसक्रीम की तरह चूसने लगीं. मैंने सारा ध्यान चुदाई पर लगा कर ताबड़ तोड़ 15- 20 शॉट लगाए और भाभी की चूत को अपने वीर्य की गर्म पिचकारियों से भरने लगा. अभी तीन चार बार ही अनु ऊपर नीचे हुई थी कि उसके पति की सीत्कार निकलने लगी- ओह मां मर गया … आह मैं गया.

मैंने कहा- कितने दिन हो गये भाभी आपको चुदे हुए?वो बोली- बहुत टाइम हो गया है इसलिए दर्द हो रहा है. वो- तो तुमको क्या जरूरत थी उससे फ़ालतू बात करने की!मैं- उसको चुप भी तो कराना जरूरी था, नहीं तो वो ऐसे ही कुछ ना कुछ बकती रहती … और तुम‌ ऐसे ही शर्माती रहती. इसी बीच उसकी ब्रा जमीन पर गिरी, मैंने झट से उसको भी उठाया और सूंघने लगा.

बीएफ हनीमून अपने पाठकों से एक बार फिर से कहना चाहता हूं कि मैं आपसे बात करूंगा लेकिन कोई मजबूत आधार हो. लेकिन धीरू अंकल वहां नहीं रुके; 2 उंगलियों से मेरी गांड के अंदर उंगली करना जारी रखा और अपनी दूसरे हाथ की 2 उंगली मेरी चूत में भी डाल दी.

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भैया- सुन … मैं नीचे जा रहा हूँ … फिर तुझे बताता हूँ कि प्रिया को उसके घर कैसे भेजना है. पति से चैट खत्म होने के बाद भाभी मेरे पास आ गईं और मेरे गले लग गईं. लेटते ही मैंने आंटी की साड़ी और पेटिकोट को उल्टा करके उनके पेट पर पलट दिया.

समाज के रीति रिवाजों को पूरा करने के लिए मैंने हवाई जहाज की दो टिकट बुक करवाईं और ससुराल आ पहुंचा. रिया- डैड, बहुत ही टेस्टी है आपका वीर्य।रमेश- तुझे पसंद आया?रिया- अरे ऐसे कैसे पसंद नहीं आएगा? क्या मॉम को पसंद नहीं है?रमेश- अरे उसे तो बहुत पसंद है मेरा वीर्य. रतलाम जिले के गांवइतने में दीदी बोलीं- तो क्यों नहीं लगवा लिया?मैं बोली- इतनी जल्दी किस बात की है … तड़पने तो दो थोड़ा, वैसे भी सब्र का फल मीठा होता है.

मैंने कहा कि बस आप देखते जाइए … भरोसा रखिए, मैं आपको निराश नहीं करूंगा.

मैं बोली- हां तो साफ साफ बोलो ना … क्या बोलना है … जब से घुमा रहे हो. इसके बाद लगभग एक महीने तक हमारी बेहिसाब बातें हुईं और इस बार हमारी बातों में प्यार का नशा था.

दोस्तो, जब कभी मेरी वाइफ की तबियत खराब हो जाती है तो मैं इसमें शर्म नहीं करता. मैंने भाभी की कान में धीरे से बोला- भाभी, मुझे विजय का लौड़ा लेना है, अभी इसी वक्त!भाभी ने चौंकते हुए मेरे सामने देखा और मुझसे बोली- तुझे अचानक एकदम से क्या हो गया?मैं बोली- प्लीज भाभी, अभी कुछ मत पूछिए बाद में सब बताऊंगी. भाभी- उम्म्हा … मुझे मर्द की छाती पर बाल बहुत पसंद है संजय … रजत के कम हैं, तुम्हारे तो बहुत हैं.

मेरा लंड चूत में से बाहर निकलते ही आंटी की गांड मेरे वीर्य से तर हो गई और मेरे बेड की चादर पर टपकने लगी.

फिर मूवी शुरू हुई और थोड़ी देर बाद ही मैंने उसकी जांघ को सहलाना शुरू कर दिया. लड़का लड़की पहले तो डरे हुए थे लेकिन बाद में नॉर्मल हो कर बात करने लगे. अनीता बोली- जब तक पहले मेरी चुत की प्यास नहीं मिट जाती तब तक हाथ लगाने की भी मत सोचना.

नगी सेकसी विडीयोदोस्तो, मेरे पास करीब सौ से ज्यादा भाभियों और लड़कियों के मेल आए थे, जिसमें उन्होंने मेरी अब तक की सभी कहानियों को काफी सराहा और अगली सेक्स कहानी के लिए रिक्वेस्ट की. उसकी बड़ी बड़ी चूचियां मेरे मुंह में नहीं आ रही थी।हम 69 अवस्था में आ गए.

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मेरी योजना कामयाब तो हो गयी थी, लेकिन अब देखो इसका रियेक्शन क्या होता है. हैलो … मैं सारिका कंवल पुन: आपके सामने महिलाओं के मध्य होमोसेक्सुअल स्टोरी को लेकर हाजिर हूँ. लेकिन ये बात मुझे बिल्कुल भी मालूम नहीं थीं।डाक्टर ने मुझे देखा और कहा- अब ठीक हो नीलम … बस थोड़ी देर रुको।मैं बाहर बैठ कर अपनी बारी का इंतजार करने लगी।अस्पताल के बाकी डाक्टर भी जा चुके थे.

उनसे बातचीत से पता चला कि दोनों सहेलियां हैं और अपनी पढ़ाई के बाद कॉलेज के किसी काम से कोटा जा रही थीं. रिया- कोई बात नहीं डैड … आपकी बेटी है न? जितना मन करे उतना मेरी गांड मारो। माँ की कमी मैं पूरी करूँगी।रिया- डैड, अपनी बेटी रिया को चोद कर कैसा लगा?रमेश- यह भी कोई पूछने वाली बात है? तेरे जैसी बेटी भगवान सबको दे।उस रोज रमेश ने चार बार रिया को अपने मनचाहे पोज में चोदा. फिर गीत अपने दूसरे हाथ से मेरे टट्टे पकड़ कर उन्हें सहला रही थी और एक हाथ से लंड को पकडे़ हुए मेरे लंड से टपक रहे पानी को अपनी जीभ पर गिरवा रही थी.

उसकी गोरी कमर पर वो लाल पैंटी देखकर मेरी नजर तो वहीं पर उलझ कर रह गयी. इसलिए मैं भी जयपुर पहुंचने से पहले एक बार विजय के साथ चुदाई करना चाहती थी. मुस्कान के उसके साथ सैट हो जाने से मुझे घंटा फ़र्क नहीं पड़ा … बल्कि पूजा और मेरा रास्ता खुल गया.

फिर हम दोनों कार में बैठे, तो उन्होंने बोला- मुझसे आपका इंतजार ही नहीं हो रहा था. उसका लंड बिल्कुल तन चुका था, जिसको देखकर मेरी चुत भी पनियाने लगी थी.

पहले जहां हम दोस्त की तरह बात करते थे अब बात कम हो गयी और दोनों एक दूसरे को देखकर मुस्करा देते थे.

जब डेज़ी अपने कपड़े उतार रही थी, तब मैंने उससे कहा- रुक जाओ यार … मैं उतारता हूं. देसी सेक्स वीडियो घाघरा वालीऔर जब व्याकुलता कुछ अधिक ही बढ़ने लगी तो मेरा हाथ स्वयं मेरी योनि पर चला गया. कुस्ती फोटोवो अब खुले आम पीने लगी थी क्योंकि उसने देख लिया था कि इस समय कोई नहीं जाग रहा है. एक बात बताओ, ये इतना अनुभव कहां से आया? अभी तक कितनी लड़कियों के साथ सेक्स कर चुके हो?मैं- भाभी ये सब मेरे अन्दर की फीलिंग्स हैं, जो अन्तर्वासना पर पढ़ी सेक्स कहानियों और अलग अलग साइट्स पर सेक्स वीडियोज को देख देख कर विकसित हुए हैं.

मैंने कभी भी मनीषा भाभी को गलत नजरों से नहीं देखा था क्योंकि कपिल मेरा सबसे अच्छा दोस्त था.

वो शराब बहुत पीता है … और सेक्स करते वक़्त तो सीधा सलवार खोली और डाल कर अपना काम करके सो जाता है. अब भाभी की गांड में भी मेरे लंड की जगह बन चुकी थी, जिससे मैंने अपने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी और भाभी की गांड की ताबड़तोड़ चुदायी होने लगी. मेरा लंड खड़ा करने के लिए एक सेक्सी महिला की मद भरी आवाज ही काफी थी.

वैसे किसी से बात करने की सोचती हूँ, तो डर लगता है कि कहीं किसी से बता देगा तो या फिर वो मेरे बारे में क्या सोचेगा … मेरे अम्मी अब्बू की और मेरी बेइज़्ज़ती होगी … वगैरह वगैरह. फिर उसने भी मुझे बैंच पर लेटने के लिए कहा और खुद मेरी टाँगों के बीच में आ गया. मैं लेट गयी फिर कंपाउंडर ने मेरे स्तनों पर एक मशीन लगा दी और डाक्टर मेरे स्तन पकड़ कर कभी मशीन पर लगा देता तो कभी हटा देता.

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अगली दोपहर को लगभग 2 बजे मैंने उस नम्बर पर कॉल किया और उससे पूछा कि मैं फ्री हूँ, तो आपकी प्रॉब्लम सही करने अभी आ जाऊं क्या?उसने हां कह दिया. मैं आपको शुरूआत से सब बताना चाहूँगा, तो आपको इस देसी हिंदी सेक्स कहानी के क्लाईमेक्स तक जाने में थोड़ा समय लगेगा. उस पर डिटेल्स डाल दिये और कई महिलाओं को रिक्वेस्ट रेंडमली भेज दी।मैं इंतज़ार करता रहा। लेकिन बहुत दिन हो गए किसी का न कोई मैसेज आया, न कोई रिक्वेस्ट आयी।बहुत दिन हो गए इंतजार करते-करते, मैंने फिर उम्मीद छोड़ ही दी थी।मगर एक दिन मैंने बहुत दिनों बाद एकाउंट खोला तो उसमें एक मैसेज रिक्वेस्ट पड़ी हुई थी प्रीति (बदल हुआ) नाम की लड़की की.

मैंने पूछा- और दिवेश से!तो बोली- हम्म … वो मेरे पति हैं, मेरे बेटे के पिता है … और ये ज़िन्दगी तो मुझे उनके साथ ही निभानी ही है.

फिर वे मुझसे अलग होकर बिस्तर पर जाकर लेट गए और मुझे अपने पास बुलाया और अपने मुंह पर मेरी गांड का छेद रख दिया; मेरी गांड को चाटना शुरू कर दिया.

मैंने उन्हें चुदाई की पोजीशन में लिटाया और अपने लंड को नीचे सेक्सी मौसी की चुत में सैट करके जोर से धक्का दे मारा. मेरे कितना भी कहने पर वह कोई नौकर भी नहीं रखती। अकेले बहुत थक जाती है यार मुझसे यह देखा नहीं जाता।राकेश- तो अब क्या मैं तुम्हारे लिए नौकर ढूंढ दूं?रमेश- अरे नहीं यार, पहले पूरी बात तो सुन।राकेश- हाँ तो बोल।रमेश- मैं चाहता हूँ कि वह कुछ दिनों के लिए अपने भाई के पास रानीखेत घूम आये. दिल्ली जीबी रोड सेक्सये देख कर मैंने देर ना करते हुए लंड एक ही ज़ोर के झटके में चुत की जड़ तक अन्दर पेल दिया.

तभी मेम रानी ने एक चीख मारी और ज़ोर से ऐसे छटपटाई जैसे कोई मछली पानी के बाहर आ गयी हो. फिर उसकी मम्मी ने बोला- एग्जाम खत्म हो गए, तो तुम बैग लेकर कहां घूम रहे हो निलेश!मैंने बोला- पूजा की बुक्स वापस करनी थी आंटी, इसलिए बैग में ले आया हूँ. क्या हुआ?”ये कहते हुए अब मैं भी उठकर बैठ गया‌ और देखा, तो सामने ही ममता जी‌ अपनी टांगें चौड़ी किए खड़ी थीं.

फिर मैंने अपना गाउन के बटन खोल दिए और गाउन उतार कर टेबल पर रख दिया. मैं अपनी पढ़ाई करता हूँ और थोड़ा बहुत अब्बू के ऑफिस का काम भी कर लेता हूँ.

कई भाभियों ने मेरा हौसला बढ़ाया जिससे प्रेरित होकर मैं अपनी दूसरी सच्ची कहानी लेकर आप लोगों के बीच में आज फिर से उपस्थित हुआ हूँ.

लण्ड के दबाव से निक्कर के ऊपर गहरा गढ़ा बन गया और बिन्दू आंख बंद करके चूत पर लण्ड का मजा लेने लगी. कुछ देर बाद मैं उठा और मैंने ज़ीनिया से कहा- अब मैं चलता हूं क्योंकि मुझे घर भी जाना है. मैंने भाभी से दुबारा पूछा तो बोली- कुछ नहीं, कोई पुरानी बात याद आ गई थी.

साड़ी सेक्सी मैंने उनकी चूत पर लंड को सटा दिया और उनकी गांड को भींचते हुए उनके होंठों को पीने लगा. मुझे मौसा जी कहीं दिख नहीं रहे थे तो मैंने मौसी से पूछा- मौसाजी घर पर नहीं है क्या?वो बोलीं- हां वो 5 दिन के लिए बाहर गए हैं.

बनर्जी सन्यासी टाइप का आदमी लगा जिसे दीन दुनिया की कोई खास नॉलेज नहीं थी. दो ही मिनट मैंने अपने इस मर्द दोस्त से गांड मराने के सारे सपने देख लिए. अपने पाठकों से एक बार फिर से कहना चाहता हूं कि मैं आपसे बात करूंगा लेकिन कोई मजबूत आधार हो.

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अब क्योंकि चाचा जी मेरे से दुगनी से भी ज्यादा उम्र के थे, तो मुझे भी हल्की हल्की शर्म आ रही थी. पांच मिनट में ही भाभी अपनी गांड उठाकर चुत में से कामरस छोड़ने लगीं, जिसे मैं अपनी जीभ से चाटने लगा. मैंने धीरे से उन्हें उठाया और सीने से लगा कर भाभी की ब्रा का हुक खोल दिया.

मैं चाहती हूँ कि कोई असली मर्द मेरे ऊपर चढ़ जाए और अपने मजबूत लंड से मेरी जवानी को रौंद दे. रानी चिल्लाई- हाँ हाँ रुस्तम ऐसे ही चोद … हाँ हाँ हाँ … आह आह आह … बहनचोद साले तेरी माँ की चूत … हाय हाय हाय … और तेज़ और तेज़ … हाँ ऐसे ही … आह आह आह.

[emailprotected]पब्लिक सेक्स कहानी का अगला भाग:अतृप्त भतीजी और उसकी मौसी सास की चुदाई- 3.

मैं- कविता क्या हुआ, जो तुम रोने लगीं?भाभी- कुछ नहीं यार … बस ऐसे ही!मैंने उन्हें कुरेदा, तो भाभी अपनी शादी से पहले के टूटे हुए अफ़साने को कहने लगीं. फिर हम घर आ गयी और मैंने घर आकर ब्रा पहनी।मैं और मम्मी अगले दिन हॉस्पिटल गयी, डाक्टर से मिले. मैंने उन्हें इशारे से पूछा- क्या मतलब?तो वे बोले- अपने दोस्तों को बुला रहा हूं.

मैंने आँटी से पूछा- आँटी आपको सेक्स करने का कौन सा तरीका अच्छा लगता है?आँटी बोली- कई बार तो दिल करता है कोई मुझे ऐसे ही प्यार से चोदता रहे जैसे तुम अब चोद रहे हो. इसलिए मैं चाहती हूं कि तुम नीचे दीवान पर सोना चाहो तो हमें अच्छा लगेगा और हम अपने आपको ज्यादा सेफ महसूस करेंगे. यहां कोई भी ऐसा है क्या … जो कुछ और कर रहा है! या तुम्हारे पहचान वाला है.

मैं भाभी के पंजों पर थोड़ा सा तेल डाला और हाथ से थोड़ा दवाब बना कर उनके पंजे से टख़नों तक की मालिश करने लगा.

बीएफ हनीमून: अनु बोले- वहीं खिड़की के पास खड़ी हो जाओ … और बाहर का नजारा एंजाय करो. फिर मैंने अपना गाउन के बटन खोल दिए और गाउन उतार कर टेबल पर रख दिया.

जब मेरा मन करता, मैं उनके कमरे में जाकर उनके दोनों छेदों का मजा ले लेता. या यूं कहूं कि जीजू को मेरी तनी हुई चूचियां और उठी हुई गांड चोदने का निमंत्रण दे रही थी कि आपकी साली की चुत भोग लगवाने के लिए तैयार है. मैंने दोनों हाथों से कसकर अपनी सलवार पकड़ ली और उतारने नहीं दी।नर्स से मैंने कहा- आप ऐसे ही दवाई दे दीजिये.

मैंने उन दोनों से पूछा- तुम किस क्लास में पढ़ते हो?लड़का- मैं बॉयज कॉलेज में फर्स्ट ईयर में पढ़ता हूँ और यह मेरी फ्रेंड है जो गर्ल्स कॉलेज में फर्स्ट ईयर में पढ़ती है.

उसने वो तौलिया मुझसे ले लिया और अपनी कमर पर बांधकर अपनी गांड को भी छुपा लिया. मैं भाभी की बात ध्यान से सुनती रही और अगली रात के मजे का इंतजार करती रही. मैं उसके पास गई तो उसने दोनों हाथों को मेरी टांगों के नीचे से लेकर खुद खड़े खड़े मुझे अपनी गोदी में उठा लिया.