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उनकी हाइट 5 फिट से कुछ कम ही थी … क्योंकि जब वो खड़ी थीं, तब मेरे सीने तक ही आ रही थीं.करीब घंटे भर बाद लगभग 3 बजे मेरी आंख खुली, तो मैंने पाया कि हेमा चाची का हाथ मेरी छाती पर था और उनकी गोरी जांघ मेरे लंड पर रखी हुई थी.

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मैं भी हेमा चाची से चिपक कर लेट गया और मैंने दूसरी ब्लू फिल्म लगा ली.

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करीब दो मिनट में मैंने उसे और जोर से लंड पर खींचा तो वो चिल्ला उठी- नहीं ठाकुर सा … मैं मर जाउंगी … मेरी फट जाएगी. पत्नी ने सोचते हुए कहा- रूबी से कह देती हूँ, वो तुम्हारे लिए सुबह शाम का खाना दे जाया करेगी. मेरी कहानी को पढ़ने के लिए शुक्रिया, फिर मिलेंगे एक और नई कहानी के साथ![emailprotected].

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अब वो मेरे गाल से गाल रगड़ कर मुझे ये सब बताते हुए मुझे उत्तेजित करने लगी थीं. मैंने अपने लंड को जोर से हिलाया और हेमा चाची की गांड के छेद के मुँह पर अपना लंड रख दिया. अबकी बार साहिल ने फिर से रागिनी की चूत में ताबड़ तोड़ हमला करना शुरू कर दिया.

दोनों कमरों के साथ अटैच्ड बाथरूम, बढ़िया फर्नीचर, किचन सब कुछ बहुत अच्छा था. ये देखकर हेमा चाची और घबरा गईं और फिर हम जल्दी से वहां पास में ही छत पर बने बाथरूम का गेट खोल कर घुस गए. जो नये लड़के इस मेल प्रोस्टीटयूशन धंधे में जाना चाहते हैं खासकर उनके लिए मैंने ये जानकारी लिखी.

वो अब गर्म होने लगी और जोर जोर से चिल्लाने लगी- आह अन्दर पेल पहले … आह क्यों तड़फा रहा है आह उह उइ मां अब चोद भी दे.

उसके ऊपर उसने लाल मोतियों वाला दुपट्टा, जो सिर्फ़ उसके दाहिने कंधे पर टिका था हुआ, पहना था. अब तो गाहे बगाहे माला मैडम मुझे दिल्ली बुलाती रहती हैं और मुझे काफी कीमती तोहफे भी देती हैं. उसकी चूचियां कसाव में आने लगीं और धीरे धीरे मेरे हाथों से मसले जाने के कारण टाइट हो गयीं.

मुकाबला भी बहुत था इस लाइन में क्योंकि नये नये लड़के जिम करके इसी धंधे में उतरने लगे थे. मेरे मम्मी पापा रोड एक्सीडेंट में चल बसे।हम दोनों भाई बहन के 10-15 दिन तो ठीक से गुजरे लेकिन बाद में खाने को भी लाले हो गये. अजमेर से भीलवाड़ा का सफर ज्यादा दूर का नहीं है तो थोड़ी देर में ट्रेन भीलवाड़ा पहुंचने वाली थी … पर हमारा खेल बिना कुछ बोले चलता चला जा रहा था.

शबाना- ये आपका लंड है और ये इतना बड़ा कैसे है?मैंने- क्यों सोहेल का नहीं पकड़ा था क्या कभी?शबाना- अरे यार … तभी तो कह रही हूँ कि उसका तो इतना बड़ा नहीं था.

जबकि उन तीनों के मुंह से आह्ह … आह्ह … सेक्सी भाभी … आह्ह तेरी चूत … आह्ह … चुदो भाभी … ओह्ह … क्या माल है … आह्ह … फाड़ देंगे आज … इस तरह की आवाजें आ रही थीं. आह … क्या कोमल हाथ था हेमा चाची का कि मैं शब्दों में बयान ही नहीं कर सकता.

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हिंदी में बीएफ भेजिए हिंदी में मैंने पूछा- क्या हुआ है? चुदवाकर ही तो आई है न अपने यार से?वो बोली- हां, मयंक ने पहले खुद चोदा और फिर अपने दो दोस्तों को भी बुला लिया था. 10 मिनट तक लगातार उसकी ताबड़तोड़ चुदाई की और फिर उसकी चूत में जलन होना शुरू हो गयी.

गूं … गूं … ऊं … ऊं … करके वो अपने दर्द को बयां करने की कोशिश करती रही.

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झड़ते समय मैं इतना मदहोश था कि अपने लंड को पजामे के अन्दर करना ही भूल गया. मुझे उस समय चरम सुख का आनन्द मिला और मैंने झड़ते हुए अपना सारा वीर्य हेमा चाची के मुँह में ही छोड़ दिया. मैं- अब मैं तुम्हारे ऊपर लेट गया हूं और मेरा लंड तुम्हारी चूत में है.

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किस करते करते उसने मेरी पैंट और शर्ट को उतार दिया और फिर मेरे अंडरवियर के ऊपर से ही लंड पर हाथ रखकर उसको सहलाने लगी.

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मेरी मदहोशी और बेकरारी को उसने समझा और मुझे नीचे देख कर चूसने का इशारा किया. आह … क्या कोमल हाथ था हेमा चाची का कि मैं शब्दों में बयान ही नहीं कर सकता.

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मैंने स्पीड और तेज़ कर दी लेकिन मैडम ने मुझे रोक दिया और लन्ड बाहर निकालने को बोला।उनकी चूत में से मैंने लन्ड बाहर निकाला. मगर फोन पर लाइव सेक्स वीडियो देखने और रियल लाइफ में जवान नंगी लड़की आंखों के सामने देखने में बहुत फर्क होता है. दूसरे दिन भैया एक हफ्ते के लिए काम से बाहर चले गए और उसी दिन मम्मी पापा को भी किसी रिश्तेदार की शादी में जाना था, तो वो दोनों भी चले गए.

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हर्षदीप- ठीक है, कल चलते हैं।अर्पित- अरे, मूवी तो अभी देखनी है, कल जाकर क्या करेंगे?हर्षदीप- अभी रात में?अर्पित- हां, तो क्या हुआ?हर्षदीप- अरे वो इलाक़ा ठीक नहीं है रात के लिए. मैंने पट्टी उतार कर देखा तो पूरा कमरा गुलाब के फूलों से सजा हुआ था. जिससे मैं जल बिन मछली की तरह तड़पते हुए उसकी बांहों में पिघल रही थी.

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तो बलविंदर ने अलीमा से बोला कि थोड़ा सा दर्द होगा … बर्दाश्त कर लोगी ना?उसके जवाब में अलीमा बोली- अगर बर्दाश्त नहीं भी करूंगी … तो क्या आप नहीं छोड़ दोगे!बलविंदर समझ गया कि अभी इसे चुदाई की भरपूर आग जाग गई है.

मेरी पिछली कहानी थीमेरे लंड ने तोड़ा सेक्सी चूत का घमंडजिस भाभी की रियल ब्लैकमेल सेक्स स्टोरी मैं आपको बताने जा रहा हूं मैं उससे पहली बार मिला था. वे रात को मेरे घर कैसे आए?लेखक की पिछली कहानी:ससुर जी का लंड लिया प्यासी चूत मेंदोस्तो, मेरा नाम प्रिया है. रूम बंद था और हम सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर थे इसलिए नीचे आवाज जाने का कोई सवाल नहीं था.

मैंने छोटू से पूछा- क्यों बुलाया है, क्या काम है?वो बोला- मुझे क्या पता … जाकर पूछ लो. अगले ही पल मैंने बोला- हां चाची … मैं आपकी रसीली चूचियों को मुंह में लेकर उनके निप्पल काटना चाहता हूं. देसी दारू बनाने का तरीकामेरा लंड मेरी लोअर में तना हुआ उसकी पैंटी के ऊपर उसकी चूत पर चुभ रहा था.

चुत चाटना पसंद करने वाले लोग समझ सकते हैं कि उस समय मुझे कैसा लग रहा होगा, खास कर महिलाएं और लड़कियों को अपनी चुत चटवाने की सोचकर ही चुत में पानी आ जाएगा. वैसे तो मैं हमेशा थोंग वाली ब्रा पैंटी पहनकर रखता था … लेकिन मैंने उस दिन ब्रा की जगह केवल समीज पहन रखी थी और नीचे पैंटी डाली हुई थी.

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उनकी मस्त चुत देखते हुए मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और उनकी चूत में पेल दिया. पर आप खुद ही देर कर रही।भाभी- मुझे क्या फायदा देर करने से। मेरा बस चले तो आज ही ले आऊँ।मैं- तो भाभी, आपने अपने घर बात क्यूँ ना करी.

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उसने कहा- आप खाने की क्यों चिंता करते हो … वो तो आपकी पूरी सेवा होगी. शबाना मेरे लौड़े को देखने लगी और मैं उसके सीने पर उभरे ज्वालामुखी देख रहा था. अब मामा मेरे बगल में आ लेटे और फिर उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया.

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इस बार मेरा लन्ड गांड के छेद में आगे तक पहुंच गया।पूजा भाभी फिर से दर्द से तड़प उठी और ज़ोर ज़ोर से ‘आह आह आह मर गई, ओह ओह आह आह आह आह बहुत दर्द हो रहा है!’ करने लगी. फिर हमने रात का खाना खाया और रीना भाभी बच्ची को सुलाने के लिए अपने रूम में ले गयी. मैंने उनसे पूछा- बाबा इतनी सुबह सुबह कहां जा रहे हैं?उन्होंने बोला- हां मेरे दोस्त के यहां कुछ जमीन का झगड़ा हो गया है, वहीं जा रहा हूं.

लेकिन मैंने यह नहीं कहा कि मैं अपना शरीर दिखाऊंगी।उनकी बातें सुनने के बाद मैं उन्हें अपना शरीर दिखाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता था और मेरा ऐसा करना भी काफी अजीब होता।मैं- ठीक है मम्मी मैं आपसे सहमत हूँ. चाय पीते हुए उससे काफी बातचीत हुई और मैंने उसे अपना नम्बर दे दिया कि आपको कभी किसी काम की जरूरत हो तो बेहिचक फोन कर लीजिएगा.

बस में अँधेरा था तो किसी को कुछ नहीं दिखने वाला था और वैसे भी रात काफी हो गयी थी तो सब सो चुके थे.

मेरी इस सेक्स कहानी के पिछले भागपड़ोसन आंटी की जिस्म की आग ठंडी कीमें आपने पढ़ा था कि मैंने अपनी पड़ोसन हेमा चाची को चोद दिया था और उनके बाजू में पड़ा अपनी सांसें नियंत्रित कर रहा था. सेकसी dj song भोजपुरी 2020 गाना22भाभी धीमी आवाज में बोलीं- देवर जी आप ये क्या कर रहे हो!मैंने कहा- भाभी, आपको देख कर मुझसे रहा नहीं गया. मारवाड़ी फुल सेक्सीमैंने ब्रा पैंटी को पहना और अपने कपड़े वापस से ब्रा पैंटी के ऊपर पहन लिए. शालू के माता पिता ने उसकी शादी प्रमोद के साथ इसलिए कर दी कि वो देखने में भी ठीक था और घर में पैसे या सुख सुविधा की कोई कमी नहीं थी.

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देसी भाभी की गांड स्टोरी में पढ़ें कि चूत चुदाई के बाद भाभी पैंटी पहनने लगी तो मैंने उनके हाथ से पैंटी छीन ली; कहा कि मुझे आपकी गांड मारनी है. अब पूनम साहिल के सामने आकर स्टूल को पकड़ कर खड़ी हो गयी।पूनम जानबूझ कर थोड़ा झुक कर खड़ी थी जिससे उनका पल्लू सरक गया. मगर मैं उसकी इस तड़फन का मजा लेने लगा और अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी.

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रुखसार दीदी से कह रही थी- तूने बताया नहीं कभी कि तेरा भाई भी है?दीदी बोली- सगा भाई नहीं है, मेरे मामा का बेटा है. फिर एक दिन …दोस्तो, मैं आपको अपनी बहन चुदाई की कहानी बताना चाहता हूं. अब मैं तो समझ गया था कि शिखा तो एक बहाना है उसके लिये; असली मकसद तो कुछ और ही था।फिर वो बोली- ठीक है, तो मैं कुछ देर गेम खेल लेती हूं.

आह … क्या कोमल हाथ था हेमा चाची का कि मैं शब्दों में बयान ही नहीं कर सकता. और मैं रागिनी को मनाने में लग गयी कि उसने जो कुछ भी देखा वो किसी को मत बताए.

ठीक हूं सर, मैंने होटल से चेक आउट कर लिया है और भट्टाचार्य जी के यहां रहने आ गयी हूं.

वो ‘ठीक है!’ कह कर वापस मुड़ी और इठलाते हुए अपनी गांड मटकाते हुए चली गई. जिसके बाद वो थोड़ा आगे होकर खड़ी हो गयी जिससे साहिल का लौड़ा उनके मुँह पे छुए।अब बार बार हो भी यही रहा था।कुछ देर बाद जब साहिल अपने दोनों हाथों से कुछ करने लगा. मेरे चूचियों को देखकर वो मदहोश हो गया और चूचियों को जोर से दबाने और चूसने लगा.

कितनी बार तो बात की तुमने फोन पर!भाभी- ऐसी बात फोन पर ना करते। तू पागल है. अब मैं समझ गयी कि पूनम मैडम आज इस सुहाने मौसम में चुदासी हो चुकी हैं. उस चुदाई की कहानी और मुखिया की कमसिन लौंडिया कोमल की चुदाई की कहानी को मैं बाद में लिखूंगा.

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हिंदी में बीएफ भेजिए हिंदी में: लेकिन फ़ोन उठाना भी ज़रूरी थी फिर मैंने अपनी उखड़ती हुए सांस को थोड़ा थामा और फिर फ़ोन उठाया. आप फालतू का गुस्सा हो रही थीं।दीदी ने कहा- मैंने भी कहा था भोसड़ी के … मैंने भी कहा था कि धीरे से डाल … मगर तू साला कुत्ता मुझे रंडी समझ कर घुसा रहा था.

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मैंने अपना लंड उसकी चूत की गुलाबी पंखुड़ियों पर लगाया और ऊपर नीचे करने लगा.

वो मुझे देख कर बोला- आ आजा … अंजलि है न तू!मैं बोली- यस तुम ही ऑर्डर दोगे?वो बोला- यार ये मेरे पापा का बिजनेस है … लेकिन मैं भी देख रेख करता हूँ. ठाकुर साहब का धन्यवाद करके उनसे खाना खाने के लिए बोला तो ठाकुर साब ने कहा- अभी रुक कर खाऊंगा, तुझे जाना है तो जा. सीढ़ियों से नीचे आने के बाद मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपने रूम में ले गया.