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एक दिन शाम को मेरी बीवी ने मुझे कहा- अपने सामने जो यह रानी आई है न!मैं- कौन रानी?मेरी बीवी- अरे श्याम की बीवी और कौन. हिना खान सेक्सी वीडियोसारे साथी मजा लेने लगे और उसी दिन से सबके सामने ये बात साफ़ हो गई थी कि जोया मेरा माल है.

कुछ समझा बुद्धूराम?मैंने कहा- ये गलत है; आपने ये क्या कर दिया? ऐसा आपको नहीं करना चाहिए था. ஆண்ட்டி கேர்ள் செஸ் வீடியோमेरा लंड पूरा अन्दर घुस चुका था, तो मैं नहीं चाहता था कि लंड बाहर निकले.

कुछ देर बाद एक खाली ऑटो हमारे करीब रुकी, तो पहले मैं उसमें जाकर एक किनारे बैठ गयी और वो लड़का भी मेरी तरफ वाली सीट पर बैठ गया.बिहारी सेक्सी बीएफ भेजो: दूसरे ही पल बसंत ने बड़ी बेरहमी से एक और झटका दे मारा और अब मेरी आवाज निकल पड़ी- आआहह मम्मी मर गई … आहह.

प्रिय पाठको, आप सबको मेरी पिछली सेक्स कहानीगर्लफ्रेंड की सहेली और अम्मी की चूत चुदाईअच्छी लगी और आपके इतने सारे मेल आए, इसके लिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद और आभार.उसने झट से मेरी कलाई पकड़ ली और रोकने की कोशिश की। मगर उसके हाथ को थामे हुए ही मैं उसकी योनि के ऊपर उँगलियाँ चलाता रहा।चूत के ऊपर हल्का सा दबाने पर उसने ‘आ … ह’ की आवाज निकालते हुए अपनी टांगें कसकर बंद करके आपस में जोड़ लीं।फिर मैं अपना एक हाथ उसकी टांगों के बीच ले गया और पैंटी के ऊपर से ही चूत को रगड़ लगाने लगा.

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अपने लंड को मैंने थोड़ा हिलाया और हाथ से खींचा, तो वह फिर से एकदम कड़क खड़ा हो गया.जिस्मों का मिलन पूरा हो गया था और अब चुदाई का आनंद लेने की बारी थी.

मैं भी उसे आया देख कर सकपका गई लेकिन मैं नाचती रही क्योंकि इधर वो मुझसे कुछ नहीं बोल सकता था. बिहारी सेक्सी बीएफ भेजो अचानक से दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आयी और एक पल में मम्मी उस कमरे में घुस आईं.

मधु काफी दिनों से लंड की भूखी थी, इसलिए वो बेशर्म होकर मेरे लंड पर अच्छे से दबाव बना रही थी.

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उसने अपने भैया से पूछा कि कौन सी लूँ?तो पीयूष बोला- ये सब बकवास देख रही हो, तुम थोंग वाली पैंटी ले लो. जींस पहनने के बाद आंटी ने मुझे शर्ट पहनाई और बटन बन्द करके मुझे देखते हुए बोलीं- बहुत अच्छे लग रहे हो. मैंने उसके मुँह पर हाथ रखकर पूरा लौड़ा चुत के अन्दर डाल दिया और रुक गया.

अब मैं अपनी बीवी को उसके ट्रेनिंग सेंटर पर छोड़ कर होटल के रूम में आ गया. जब मैंने चुत से लंड बाहर निकाला, तो मेरा पूरा लंड खून से लाल हो गया था. मैंने मामी के पेटीकोट के नाड़े को खोलने की कोशिश की तो मामी ने नाड़ा खुद ही ढीला कर दिया.

उन्होंने मुझसे कहा- मैं गली में जा रहा हूँ, तुझे देखना हो तो देख लेना. थोड़ी देर बाद मैंने सुनील की बहन सुरीली की गांड मारने की रफ़्तार बढ़ा दी और तेल की वजह से फच-फच की आवाज़ आने लगी. वो फिर से गांड हिलाते हुए कहने लगी थी- आह … जीभ को और अन्दर डाल दो.

जब मेरा एडमिशन हो गया तो राज़ ने मुझे गर्ल्स हॉस्टल के एक रूम में शिफ्ट कर दिया क्योंकि हम लोग एक ही रूम में नहीं रह सकते थे. सत्यम का वीर्य इतना ज्यादा निकला था कि वो मेरी चूत से बह कर सोफे तक आ गया.

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उन मोटे लम्बे लंड की फोटो देख कर मैं यह सोचती थी कि क्या सच में ऐसे लंड होते होंगे.

जेठजी मेरे कान में फुसफुसाये- सोनी, ऐसे कभी किया है?मैंने ना में सर हिलाया. फिर उसने एक झटके में अपना टॉप उतार दिया और आगे खिसक कर अपने मम्में लकी के मुख में दे दिए. अब मैं अपनी बहन की गांड चाटने लगा और इसमें मेरी बहन को भी मजा आने लगा था.

तीन चार मिनट तक चाची ने मेरे लंड को मजे से चूसा और फिर उठकर वो अपनी साड़ी खोलने लगी. उसने एक पल की भी देर न करते हुए अपना मुँह अपनी मॉम की चूत पर लगा दिया. अंजलि जब चाय डाल रही थी, तो उसकी साड़ी का पल्लू नीचे आ गया, जिससे उसके गहरे गले के ब्लाउज से नुमाया होते चूचे एक अलग ही सीन दिखाने लगे थे.

फिर इसी तरह बाकी बची आइस क्रीम आकृति आंटी की गांड में भर दी और जीभ नुकीली करके गांड में लगी आइसक्रीम को चाटने लगा.

क्या वो अधूरा काम खत्म करना चाहती है?ये सोचकर उसका लंड फिर से झटके मारने लगा. आप सबको मेरी ये देसी GF सेक्स कहानी कैसी लगी, कृपया कमेंट/ फीडबैक अवश्य दें. वो कराहते हुए बोली- आह जीजू आहिस्ता चोदो … मार डालोगे क्या!मैंने कहा- हां जान … आज तेरी निगोड़ी चूत की जान निकाल दूंगा.

उसके होंठों को चूसते हुए मैं लगातार चुचे दबाए जा रहा था और उसके कड़क हो चुके निप्पलों से खेल रहा था. कुछ दिन बाद अनीषा मैडम के यहां फर्नीचर बनने का काम शुरू हुआ, जो लगभग एक महीने तक चला. जेठजी मेरी दोनों टांगों के बीच घुटनों के बल बैठ कर अपना चौड़ा सीना लेकर मेरे ऊपर छा गए.

उसकी गोलियों से मेरा थूक नीचे टपकता, उससे पहले मैंने उसकी दोनों गोलियों को एक साथ अपने मुँह में भर लिया.

सारा बोली- डार्लिंग मूड बन रहा है अब मैं अकेले तो डांस करुँगी नहीं?फिर उसने कहा- क्या लकी तुम आओगे?लकी ने कमल से पूछा तो कमल ने हंस कर कहा- हां क्यों नहीं भई, जाओ जाओ … इंजॉय करो, तुम हमारे मेहमान हो।लकी सारा के पास गया और उसकी कमर में हाथ डालकर डांस करने लगा।वो सारा के नजदीक आता जा रहा था. इसके बाद उसने मेरी चूत पर लगा हुआ जूस चाटना शुरू किया, तो मेरी हालत और बुरी हो गयी.

बिहारी सेक्सी बीएफ भेजो मैं ऐसे ही पल्लू गिराए नज़रें झुकाए थोड़ी देर खड़ी रही और फिर चेहरा उठा कर देखा तो जेठजी की निगाहें मेरे गदराये स्तनों पर टिकी हुई थीं. मैंने सुनील को कहा कि हम दोनों पहले युविका को चोदेंगे और बाद में उसकी बहन को.

बिहारी सेक्सी बीएफ भेजो उसने मुझे एक लिफाफा पकड़ा दिया और बोला- इसमें जो लिखा है उसका जवाब जरूर देना. मेरे ऊपर शराब का नशा हावी हो गया था … सामने टीवी पर सेक्स सीन चल रहा था.

सुनील ने मुझसे कहा कि अगर मेरी बहन आपकी मदद से पट गयी, तो आप और आपकी बहन … और मैं और मेरी बहन सुरीली साथ में मिल कर कहीं सामूहिक चुदाई करेंगे.

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उसके बाद मैं आगे की कहानियों में अपनी और चुदाई की कहानियों से आप लोगों को अवगत करवाती रहूंगी. पिछले भागमेरी बढ़ती कामवासना ने मुझे पागल कर दियामें अब तक आपने पढ़ा था कि सत्यम नाम का एक जवान लौंडा मेरी जवानी पर मर मिटा था. आप इसे मेरे किसी भी छेद में जब चाहें, जैसे चाहें इस्तेमाल कर सकते हो.

यदि कमरे में लाइट बंद करके मेरे जिस्म को टटोला जाए तो किसी भी लौंडे को एक गदर माल के स्पर्श का मजा मिलेगा. मैंने बोला- जब मुझे हाथ से ही निकालना होता, तो मैं खुद ही निकाल लेता. अब ये तो पक्का था ही कि ये भी सिंधी होगी और सिंधी औरतों की बहुत मोटी मोटी गांड होती है.

मैंने ओके कह कर उसकी ड्रेसिंग टेबल से तेल उठाया और अच्छे से उसकी मालिश कर दी.

तीसरे दिन रात को मैंने बहन की गांड में खूब सारी बोरोलीन भरके फिर से लंड पेल दिया. मैं एक असली मर्द के नंगे जिस्म का स्पर्श पाने का सुख अनुभव कर रही थी. आंटी की सेक्स स्टोरी के अगले भाग में बताऊँगा आपको कि आंटी की चुदाई कैसे हुई.

जाकिरा मेरे लंड को चूसने में लग गयी और नीचे से आरिफा मेरे गोटों को चूसने लगी. मैं अपनी आगे की सेक्स कहानियों में अपने पति के साथ हुए सेक्स के बारे में बताऊंगी. सारा खुद तो मजे लेना चाहती थी लेकिन कमल के लिए वो चाहती थी कि कमल सिर्फ मुंगेरी लाल के सपने देखता रहे, उसे मिले कुछ नहीं.

एक दिन उन्होंने मुझे दोपहर में कॉल किया और बोलीं- यार आज मेरा तुम्हारे साथ सेक्स करने का बहुत मन कर रहा है. उसकी चूत खुल चुकी थी, इस वजह से उसकी चूत से फच्च फच्च की आवाज आ रही थी.

एक दिन मुझे रिया के रूम में सोना पड़ा क्योंकि उस दिन घर में अतिथि आए हुए थे. अब जेठजी ने अपने बाएं हाथ से मेरे सर के पीछे रख कर पकड़ लिया और दाहिने हाथ को नीचे ले जाकर मेरे बाएं स्तन को अपनी बड़ी हथेली में भर लिया. शेखर- बेटा तुम्हें कब निकलना है?रोहन ने जवाब दिया- जी कल सुबह छह बजे.

अभी वो स्कूल गयी थी तो आंटी सारा सजावट का सामान पहले से लेकर रख लिया था.

मेरी पत्नी बताए जा रही थी:आपने पीछे से अपने हाथों को आगे लाकर मेरी चूचियों को दबाने की कोशिश की, लेकिन मैंने आपका हाथ हटा दिया. इसलिए मैं लवली की चूत को बड़ी ही गौर से देख रहा थातभी लवली बोली- विशु तूने कभी किसी लड़की की चूत नहीं देखी जो इस तरह से घूर घूर के देख रहा है?तो मैंने कहा- पहली बार देख रहा हूँ. मित्रो, नमस्कार, मैं आकाश एक बार फिर से आकृति आंटी की बेटी रिट्ज की चुत चुदाई की कहानी को आगे लिख रहा हूँ.

मैंने कहा- अब जब भी तेरा मन हो तो मेरा लंड तेरी चुत के लिए हाजिर रहेगा. कुछ देर बाद वो बोली- वरुण प्लीज़ जल्दी कुछ करो, अब रहा नहीं जा रहा है.

मैंने अभी दूसरी सांस ही ली थी कि जेठजी ने एक उंगली मेरी गांड में डाल दी. वो दर्द से कराहते हुए बोलीं- आराम से डाल ना भोसड़ी के … मार डालेगा क्या!मैंने एक ओर झटका मारा, तो पूरा का पूरा लौड़ा चुत के अन्दर घुस गया और मैं जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा. मैंने कोमल के चेहरे पर अपने होंठ रगड़ना चालू कर दिए और बिना हिले डुले उसको सहलाता रहा.

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श्रुति की उभरी हुई गांड और तनी हुई चुचियों को देख कर कोई भी उसको खेली खाई लौंडिया समझने में भूल कर सकता था, जबकि वो अभी एकदम सीलपैक आइटम थी.

देखते ही देखते मैंने उसकी जीन्स खोल कर उतार दी।फिर मैं धीरे धीरे किस करते हुए नीचे बढ़ने लगा उसकी चूत से बड़ी ही मादक गंध आ रही थी।उसकी गीली पैंटी के ऊपर से ही मैंने किस किया उसकी चूत पर और फिर पैंटी भी उतार दी।उसकी चिकनी चूत को देख कर मैं तो पागल हो गया. उधर उसने अपना पज़ामा नीचे किया और मेरी टांगों के बीच में आकर बैठ गया. मैं जिस बिल्डिंग में रहता था, पास में एक अंकल और आंटी भी किराए पर रहने आये.

कुछ देर बाद उसने मेरी गांड पर थपकी दी और मुझे कुतिया बनने के लिए कहा. उससे ये दर्द सहन नहीं हुआ तो उसकी चीख निकल गई- आह मर गई पकंज आह बहुत दर्द हो रहा है … आह उई मां मर गई. भूत की कहानी दिखाइएमुझे पापा के साथ इस लिए आना पड़ा था क्योंकि मेरी फ्रेंड का घर दूर था.

पापा बोले- बेटा अब तुम खुद ही देख लो, मैं क्या करूं … मुझे भी ज़रूरी काम है. हम दोनों दस मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे। उसका लंड मेरी चूत में ही सिकुड़ कर बाहर आ गया था। अब वो उठ गया.

मैं आपसे बस इतना कहना चाहती थी कि आप मेरी ब्रा ले लीजिए … पर अगर चाची को पता चला कि उनकी ब्रा को आप हाथ लगाते हो, तो वो आप पर गुस्सा होंगी. चूंकि छत पर अंधेरा था तो पता नहीं लग सकता था कि कोई इन्सान सो रहा है या जाग रहा है।दीदी ने देखने की कोशिश तो की और मैंने सोने का नाटक किया।मैंने सोचा कि दीदी अब मामा को कुछ बोलेगी. कुछ देर बाद रमेश का लौड़ा फिर से खड़ा हो गया और इस बार रमेश ने मुझे घोड़ी बना दिया.

मैं उत्तेजित हुए जा रही थी … मुझे भी मर्द का साथ बहुत अच्छा लग रहा था. मुझे भी उसके घर के पास में ही कुछ दूसरे काम भी थे तो सोचा वहीं से उसे कॉपी देते हुए निकल जाऊंगा. फिर दो मिनट बाद मैं बोला- वो तो सेक्स हुआ … सेक्स और प्यार में जमीन आसमान का फर्क होता है.

जैसे ही उसने अपने होंठों को मेरे लंड पर चूमा, तो मुझे लंड पर ऐसे लगा, जैसे उसके होंठ नहीं … कोई गुलाब के फूल से मेरे लंड को सहला रहा हो.

मगर अभी मैं उसको अपना ब्वॉयफ्रेंड बनाए रखूंगी ताकि उसकी झांटें न सुलगें. उसने मेरी तरफ देखा और पूछा- पानी?मैंने कहा- प्यास तो लगी है लेकिन …अभी मैंने इतना ही कहा था कि उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में दबा लिए.

एक दिन ऐसे ही बातों बातों में उसने पूछा- क्या कर रहे हो?उस समय रात के 11 बज गए थे. मेरी वाइफ बोली- सच बताऊं … आप किसी को बोलोगे तो नहीं … माधवी भाभी बोल रही थीं कि अब उससे नहीं रहा जाता. बीवी मेरा लंड तना हुआ देखकर हॉट हो गई और वो तौलिया के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाने लगी.

रूम में काफी अंधेरा था, इस लिए मैंने अपना लंड अपने लोवर से बाहर निकाला और उसे हिलाने लगा. मेरी मॉम मेरा लंड लेकर मादक सिसकारियां लेने लगीं- आह … सिस्स … मादरचोद फॅक मी … ओर जोर से चोद माँ के लौड़े … आह और जोर से चोद दे. मम्मी पापा का कमरा ऊपर वाले तल पर एक किनारे पर था जबकि दूसरे किनारे पर मेरे छोटे भाई का कमरा था.

बिहारी सेक्सी बीएफ भेजो खाने में कई प्रकार के स्वादिष्ट और लज़ीज व्यंजन बनाये हुए थे। दोस्तो, सच पूछो तो खाना खाकर मजा ही आ गया. मुझे उससे बात करने में थोड़ा डर लग रहा था क्योंकि मैंने अब तक लड़कियों से ज्यादा बात नहीं की थी.

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अब कमल ने उसकी चूत चूम-चाट कर उसको मना ही लिया कि वो मना नहीं करेगी. ऐसे ही दो दिन चला और उसके बाद तीसरे दिन सोनू जब मेरा लंड चूस रहा था और मैंने उसके सर को अपने लौड़े पर दबा दिया था. मेरी बात सुनकर अब वो एकदम से थोड़ा खुश हुईं और बोलीं- सच में बेटा … तुम कर दोगे … उसके लिए मैं तुमको क्या क्या दे दूँ?मैंने बोला- मेरा घर यही पास में है और जो जो कागज़ मैं लिख देता हूं, वो आप मुझे दे दो.

उनके बूब्स के उभार साफ नजर आ रहे थे। उनकी चूचियों को देखकर मेरी पैंट के अंदर ही मेरा लंड टाइट होने लगा।मैं बेड पर बैठकर उनसे बातें करने लगा और न चाहते हुए भी मेरी नज़र उनके दूध पर जाकर टिक जाती थी।नेहा दीदी ये सब बार बार देख रही थी।दीदी की चूची देखकर मेरा मन उनको दबाने के लिए कर रहा था. फिर हम दोनों के होंठ मिल गये और हम दोनों एक दूसरे को चूमने चाटने लगे. सुहागरात वाली सेक्सी हिंदीइस बीच मैं आरिफा के होंठों को चूस रहा था जबकि जाकिरा ने आरिफा के हाथों को अपनी चूचियों पर रखवाया हुआ था.

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भाभी का स्वभाव इतना खुला हुआ था कि उन्होंने बहुत जल्दी मेरे घर वालों के साथ ऐसा रिश्ता बना लिया था कि जैसे हम सभी कई सालों से एक साथ रह रहे हों और वो हमारे घर की कोई सदस्य हों. अगले दिन जब मैं सोकर उठा, तो देखा कि आंटी का मेरे मोबाइल पर गुड मॉर्निंग का मैसेज था.

गांड मारने के बाद मैंने वीर्य अन्दर ही छोड़ा और उसकी पीठ पर ही ढेर हो गया. हमें सही वक्त भी नहीं मिल रहा था क्योंकि उस टाइम हम दोनों के एग्जाम थे तो हमने एग्जाम खत्म होने पर सेक्स करने का फैसला किया. इसी के साथ आंटी ने मेरी कुछ तारीफ भी की और रिट्ज से बोलीं- आज से तुम दोनों दोस्ती कर लो.

जेठजी अपने एक हाथ को नीचे लाए और अपने लंड को बीच में पकड़ कर सुपारे की चमड़ी को पीछे कर दिया जिससे उनका बैंगनी रंगत वाला सुपारा पूरा नंगा हो गया.

इतना कहते ही मैं अपना लंड घोड़ी बने हुए में ही उसकी चूत में डाल दिया. धीरे-धीरे वो मेरे लंड को आगे पीछे करके मुठ मारने लगी।उसके नर्म नर्म हाथों में आकर मेरा लंड अपनी पूरी जवानी पर आ गया।मैंने उसको अपनी बांहों में खींच लिया. आशा बिस्तर पर बैठी थी मगर उसने कोई फिल्मी स्टाइल में घूँघट नहीं निकाला था। वो बड़े आराम से बेड की पुश्त से पीठ टिका कर बैठी थी।मैंने मन में सोचा, चल बढ़िया हुआ यार तुम्हें भी चूत मिल गई, अब जम कर पेलना इसे!मगर अब वो मेरी बीवी थी, को बाजारू औरत तो थी नहीं.

নাতাশা হট ভিডিওवो दर्द से पगल हो रही थी और बोल रही थी- राज़, प्लीज इसे बाहर निकाल लो … नहीं करना मुझे कुछ भी. अगर इन सब जगहों को किस किया जाए या उसको हाथों से धीरे धीरे मसल दिया जाए, तो लड़की की चुदवाने की इच्छा इससे एकदम से बढ़ जाती है.

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मैं और रिट्ज सबसे पीछे वाली सीट पर जा बैठे और बस में अंधेरे का फायदा उठा कर रिट्ज मेरी गोद में मेरे सीने लग कर बैठ गयी. मादक सिसकारियां लेती हुईं भाभी अपने दूध के निप्पलों को अपनी उंगलियों से मसलने लगीं. ऐसा लग रहा था जैसे कि वो बहुत बड़ी जंग जीतकर एकदम से थक कर सो गयी हो.

मुझे सुबह से बहुत ज़्यादा मन कर रहा था तो आज मैंने सोचा कुछ ना कुछ आज करके रहूंगी क्योंकि बहुत दिन हो गये थे सेक्स किये।तभी उसने मुझे बोला- एक बिल बनाना है. फिर इस तरह धीरे धीरे हम दोनों की दोस्ती हो गई और बातचीत भी होने लगी. एक बार फिर से मैंने उसकी चूत में बहुत सारी क्रीम भर दी और खूब सारी लौड़े पर भी लगा ली.

मेरे धक्कों की रफ्तार धीरे धीरे बढ़ने लगी और उसके पूरे बदन पर मेरे हाथ और होंठ घूमने लगे. दो मिनट तक सहलाने के बाद चाची से रुका न गया और वो मेरे लंड पर झुक कर उसको किस करने लगी. दूध वाले की आंखें फट गईं और वो सरिता भाबी की गोल मस्त उभरी हुई गांड और काली रसदार चिकनी चूत देखकर पागल हो गया.

तो शीना ने पूरा जोर लगाकर तीन बार बोला- आपका लौड़ा … आपका लौड़ा … आपका लौड़ा बहुत बड़ा है. ये रियल फैमिली सेक्स कहानी उस वक्त की है जब मैं अपने कॉलेज के पहले साल में था.

तो मामी जी ने कहा- चुप कर तू … मैं सब जानती हूं, तूने जानबूझकर ऐसा किया था।मैं- नहीं मामी जी, वो गलती से हो गया था। प्लीज आप मामाजी को मत बताना।मामी जी- तू चिंता मत कर। मैं किसी को नहीं बताऊंगी। लेकिन अपने आप पर काबू रख। ऐसी हरकतें करना तुझे शोभा नहीं देता.

मुझे भी उसके घर के पास में ही कुछ दूसरे काम भी थे तो सोचा वहीं से उसे कॉपी देते हुए निकल जाऊंगा. सेक्सी वीडियो फुल मूवी सॉन्गमैं समझ गई कि जेठजी मुझे घुटनों के बल बैठा कर लंड चूसने को कह रहे हैं. बढ़िया ब्लू फिल्म सेक्सीवो अपनी गांड उठाते हुए अपनी चुत की दरार में लंड का सुपारा घिसने लगी. लंड बहन की गांड से बाहर आते ही उसकी गांड के छेद से पक्क की आवाज आई और छेद धीरे धीरे बंद होने लगा.

इस एरिया के सारे लड़के और बूढ़े भी मुझको घूरते हैं लेकिन मैंने किसी को घास नहीं डाली.

रूपाली का पहली बार था इसलिए वो इस हमले को सह नहीं पाई और उसकी जोरदार चीख निकली जो बाथरूम में दब गई. मुझे काफ़ी तेज़ दर्द हो रहा था, पर कुछ देर के दर्द के बाद मज़ा भी आने लगा था. उसने कहा- ठीक है, प्यार मत करो लेकिन प्यार से सेक्स तो कर सकते हो!मैंने कहा- करके तो देखो, फिर बताना कि प्यार से हुआ या बिना प्यार से हुआ.

कुछ देर बाद उन्होंने मेरी मदद से दुकान का शटर गिराया और फिर हम दोनों अपने अपने घर चले गए. मैंने उसकी गर्दन के पास अपना मुँह ले जाकर कहा- मुझे तो बहुत कुछ हो रहा है. उसके बाद क्या हुआ?दोस्तो, आज मैं भाई ने बहन की गांड मारी की घटना को सेक्स कहानी के रूप में लिख रहा हूं.

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मैं उसको गोदी में उठा कर दूसरे कमरे में ले गया और वहां उसके ऊपर चढ़कर फिर से किस करने लगा. मैं इस लॉकडाउन में दिल्ली में रहकर परेशान हो चुका था, क्योंकि यहां छोटे से घर में बंद होकर रहना पड़ रहा था. मैंने भाभी को फिर से पकड़ लिया और उनको बेडरूम में ले जाकर मैं भाभी को किस करने लगा.

जैसे ही मैंने कमरे में प्रवेश किया, उसने उठकर सबसे पहले मेरे पैर छुए.

मैं- और बताएं, सब काम ठीक शुरू हुआ या नहीं!नासिर जी- नहीं अनीसा, ठीक नहीं हुआ.

वो भी जब मैंने पहले उससे उसकी चूचियों का नाप पूछा तो उसने ब्रा का साइज़ बता दिया था. मैं उनके सामने मैं नंगी होकर उनके आशिक के लंड को अपनी चूत में लिए थी. लड़कियों कुत्ते की सेक्सीमुझे खाना बनाना नहीं आता था तो मैंने वहीं पर एक जगह अपना 2 टाइम का खाना खाने के लिए मेस लगा दी.

फिर उन्होंने मुझसे कहा कि मैं आपके लिए दिल्ली तक ट्रेवल करके आ सकता हूं. फिर मैंने एक सिगरेट सुलगाई और कश खींचते हुए सुहैला की नंगी जवानी को देख कर मस्त होने लगा. इसलिए आप लोग चले जाओ, मैं घर पर ही रुक जाती हूं।मेरी यह बात मम्मी मान गई.

अब मैं अपनी बीवी से मुखातिब हुआ- तो क्या करना चाहिये मुझे?मेरी बीवी ने कहा- अच्छा रहेगा, आप रानी को पढ़ा दोगे तो क्या दिक्कत है!मैं- ठीक है, तुम रानी से बात करके बता देना कि उसको पढ़ने के लिए कौन सा टाइम सही रहेगा. तभी पीयूष ने बैठ कर अपनी बहन शीना की स्कर्ट के नीचे से उसकी पैंटी उतार दी और उसकी स्कर्ट उठा दी.

मैंने हरदीप को बोला कि चलो यार अभी कमरे में चलते हैं।हरदीप और मैं दोनों कमरे में आ गए।कमरे में आते ही मैंने हरदीप को पकड़ा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये। मैं उसके होंठों का रस चूसने लगा।वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी क्योंकि आग दोनों तरफ बराबर की लगी हुई थी.

मैं नाजिया की चिल्लपौं को नजरअंदाज करते हुए अपने लंड को लगातार अन्दर बाहर करने लगा. इसके बाद वो मेरा दूसरा हाथ भी अपनी कमर पर रखवा कर मेरे सीने से अपनी मोटी मोटी चुचियों को चिपका कर हिलने लगीं. मैंने तुझे देख लिया था।मैंने कहा- दीदी मैं तो ये देखने गया था कि कहीं आपकी तबियत तो खराब नहीं है, क्योंकि आप अजीब सी आवाजें कर रही थी.

कार्टून सेक्सी वीडियो पिक्चर रोज की तरह मैं मम्मी के कमरे में जाकर उनकी ब्रा ले आया और बाथरूम में चला गया. ये सब देख कर धीरे से उसने अपनी जीभ निकाली और मेरी गांड की छेद को चाटना शुरू कर दिया.

जैसे ही उसने मेरा हाथ हटाया मैंने उसी पल दोनों हाथ कमर पर रख उसकी पैंटी को खींचकर नीचे कर दिया। जब तक वो कुछ समझ पाती तब तक देर हो चुकी थी. उस रात मैंने उनका फॉर्म भरा और जब एक दो बार उनके नंबर पर ओटीपी गयी तो उसके लिए मैंने उनको मैसेज करके पूछा. उसका सात इंच का लंड अभी इरेक्ट हो गया था जिसको मैंने काफी देर तक चूसा.

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मैंने उसकी लैगी और पैंटी को थोड़ा नीचे किया और अपनी उंगली को उसकी बुर में डाल दी. उसकी चंचल निगाहें मुझे समझ आ रही थीं कि लौंडिया चुदने को मचल रही है. पीयूष बोला- मैं क्या बेशर्म हूँ … बताओ न, किसकी बात कर रही हो?शीना बोली- मुझे शर्म आ रही है.

उसके बाद मैं लेटी रही और सोचती रही।मैं सोच रही थी कि काश कोई लंड मेरी चूत के लिए भी होता। मैं समीर के बारे में सोचने लगी। समीर का लंड मैंने नहीं लिया था।ऐसे ही सोचते हुए मुझे नींद आ गयी. कोमल के हाथ अब मेरे सर के बालों पर आ गए थे और वो अपने हाथों को मेरे बालों में घुमा रही थी.

जरा सा झुकने पर मेरे दूध तो दिखते ही थे, बल्कि मेरा पूरा पेट भी खुला दिख जाता था.

उसका लंड एकदम इसी तरह गरम लोहा था और मेरी चूत की गर्म भट्टी और उससे निकले पानी मेरे बुर का कामरस उसे ठंडा करने को व्याकुल था. मैंने हंस कर उससे कहा- बोलिए क्या इनाम चाहिए?वो मुझे पीछे की सीट पर ले गया. मैंने भी मुस्कुरा कर कहा- मुझे आपके स्वाभाव ने बहुत खुश किया है, आप बहुत ईमानदार आदमी हैं.

मैंने उसकी छाती सहलाते हुए पूछा- अब बोल न … मेरे लिए क्या काम है?इकबाल बोला- मेरे पहचान का एक डायरेक्टर है, जो ब्लू-फिल्म बनाता है. उसने कतर नज़र से मेरी ओर देखा और बोली- मार ही डालोगे क्या? तड़पाना बंद करो और अपने लंड को मेरी मुनिया रानी में डाल दो. मेरी इंग्लिश काफी अच्छी थी और इस बात को कॉलोनी के सभी लोग जानते भी थे.

वो अपनी जीभ से मेरी चूत के अन्दर के दाने को रगड़ते हुए मेरी चूत का पानी निकालने लगा.

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मैंने अपने लौड़े की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ तेज़ झटकों से चोदने लगा।जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने अपने होंठ उसके होंठों से हटा दिया और उसके बूब्स मसलने लगा।अब ट्रेन की रफ्तार और मेरे लौड़े की रफ्तार तेज होने लगी।वो फुसफुसाती हुई बोली- राज चोदो मुझे … चोदो मुझे … आह आह हह उहह हह उम्मह आह!मैंने लंड की रफ्तार और बढ़ा दी.

कमल ने वैसलीन लगा कर सारा की चूत में घुसे लकी के लंड के बराबर से ही अपना लंड भी पेल दिया. ये सुनकर तो मेरी बांछें खिल गईं कि भूखी भाभी को तृप्त करना भी मेरा धर्म होगा और इनके साथ रासलीला आसानी से रचाई जा सकती है. मैं खुद से सत्यम के लंड पर अपनी गांड उठा उठा कर कूद कूद कर उससे चुदने लगी थी.