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मैंने कहा- और कितनी देर तक नहीं झड़ना चाहते आप? एक बार मेरे ऊपर चढ़ते हो तो मेरी हालत जब तक खराब न हो जाए तब तक तो रुकते नहीं हो, आज क्या मुझे मार डालने का इरादा है?उन्होंने हँसते हुए कहा- अरे मेरी जान आज सुहागरात है न, देर तक मजा लेना है. एक्स एक्स एक्स वीडियो भोजपुरीदिन में न जाने कितनी बार शरारती मोनिका अपने जूतों के फ़ीते बांधती और अलग अलग पोज़ बना बना कर लड़कों को अपनी नन्ही चूत से लिशकारे मार मार कर दीवाना करती रहती थी.

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!’उनकी बातें सुन कर मेरा लंड फड़फड़ाने लगा।उसके बाद रानी ने फोन काट दिया मैंने उनके सारे बातें रिकॉर्ड कर लीं।उसके बाद रानी कुछ उदास हो गई उसको डर था कि उसका पति उसको चोदते वक्त उसको बहुत दर्द देगा।मैंने रानी से पूछा- तुम इतनी उदास क्यों हो?तो उसने कहा- कुछ नहीं.इधर उसने दीदी का पेटिकोट ऊपर करके अपने मुँह को दीदी की गाण्ड में घुसा दिया था और पीछे से उनकी गाण्ड का छेद और चूत चाट रहा था… और मेरी बहन एक गरम कुतिया की तरह रंभा रही थी.

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जो मेरे लिए किसी श्राप की तरह लगने लगे।मेरा कराहना और तेज़ हो गया और अब मेरे मुँह से निकलने लगा- धीरे करो.अब मैं नहीं छोडूँगी!फिर उसने मेरे लण्ड को अपने दुपट्टे से साफ़ किया और मुँह में लेने लगी।मैंने कहा- क्या कर रही हो?उसने कहा- चुप रहो.

अब तुम आराम से ऐश कर सकती हो, पर मुझे घर फोन करना है, क्योंकि मेरी श्रीमती साहिबा नाराज़ हो जाएँगी।’रानी- ओके. ससुर बहू की बीएफ वीडियो हिंदी में वैसे वहाँ और भी सेक्सी लड़कियाँ थी, सभी तकरीबन 19/20 साल की लग रही थी और सबने ही मिनी-स्कर्ट और रिवीलिंग टॉप पहने हुए थे। शायद हम सभी लड़कियाँ क्लब जाने के लिए ऐसी ही ड्रेस पहनती हैं लेकिन एक लड़की वहाँ पर ऐसी थी जिसकी क्लीवेज ज्यादा ही एक्सपोज़्ड थी, उसे देख कर महक ने धीरे से कहा कि वो तो कालगर्ल जैसी दिख रही है.

लेकिन जैसे ही प्रफुल्ला फोन पर आती, मेरी सारी समझदारी धरी रह जाती और उसके साथ बातों में मुझे भी रस आता था.

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!मैं जल्दी से वहाँ से भाग गई। आज पहली बार उन्होंने मुझे छुआ था, मैंने जल्दी से घर का काम किया और अपने कमरे में सांकल लगा कर के बैठ गई।करीब 11-30 बजे ससुर जी ने आवाज़ लगाई- बहू, कहाँ है?मैंने कहा- जी. मेरी दोनों सालियाँ तो अकेले ही जाने के लिए तैयार थी लेकिन जमाने को देखते हुए मेरे ससुरजी इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे. !तो उसने बिना कुछ बोले सीधे अपना हाथ मेरे लण्ड पर रख दिया और उसको दबाने लगी तो मैंने कहा- ऐसे मजा नहीं आएगा.

मुझे लगा कि वो चाहती है कि मैं अंकुर और दीपक को अपनी अधनंगी चुच्चियों पर हाथ लगाने दूँ इसलिए मैंने अपने दिल पर पत्थर रखकर खुद को और ज्यादा ज़लील करने का फ़ैसला किया, और दीपक का हाथ पकड़ कर अपनी चुच्ची के पास लाने लगी. उस रात के बाद अगले पन्द्रह दिन तक सोनिया ने हर रोज़ पति के जाने के बाद दिन के समय या फिर शाम को उनके वापिस आने से पहले मेरे साथ सेक्स ज़रूर करती थी. बस सुहागरात को तेल लगा कर उसकी चूत में लौड़ा घुसाया था, मगर उसकी सील बचपन में खेल-कूद में टूट गई थी, तो खून तो नहीं आया.

बहुत जानदार है चाचाजी आपका… मैं जानती थी… यही एक लंड है जो मेरी चूत की अगन ठंडी कर सकता है… चोद डालिये चचाजी… चोदिये आपकी बहू को. दोस्तो, मेरा नाम अचिन है, मैं देहरादून से हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।आज मैं आप लोगों के साथ अपने साथ घटित एक वाकया पेश कर रहा हूँ लेकिन उससे पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ।मेरी उम्र 23 साल है। मेरी लम्बाई 5’11” इंच है और मैं एक स्वस्थ और हृष्टपुष्ट युवक हूँ। मेरे लौड़े की लम्बाई जैसे सबकी होती है 5′ और मोटाई 2. सच बताऊँ मेरा दिल तो रोज ही चुदवाने को करता है, पर आपको तो चोदने की फ़ुर्सत ही नहीं… क्या कोई अपनी जवान बीवी को महीने में सिर्फ़ दो-तीन बार ही चोद कर रह जाता है?’‘तो तुम मुझसे कह नहीं सकती थी?’‘कैसी बातें करते हैं? औरत जात हूँ.

!’मैं वैसा ही करने लगी। अनुराग ने अपना एक हाथ मेरी गर्दन के ऊपर से घुमाया और मेरी टी-शर्ट के अन्दर डाल दिया। मेरा बायाँ मम्मा उसके हाथ में था। वो मेरे मम्मों को दबाने-सहलाने लगा, मुझे भी मज़ा आ रहा था।फिर अनुराग ने अपनी एक टाँग उठा कर सामने वाली कुर्सी की बैक पर रखी और मेरा सर नीचे को धकेला और मेरा सर अपने लिंग के पास ले गया।‘यह क्या कर रहे हो?’ मैंने पूछा।‘डार्लिंग, इसे मुँह में लेकर चूस. !तो उत्तर में आया- मैं एक पुरुष हूँ, शादीशुदा हूँ और पिछले सात वर्षों से वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहा हूँ। मेरे एक बच्चा भी है जो 5 वर्ष का है।मैंने कहा- मुझसे क्या चाहते हैं?इस पर उन्होंने कहा- मैं आपके साथ मिल कर मेरी पत्नी को चोदना चाहता हूँ।मैंने- आपकी पत्नी इसके लिए राज़ी है?उसने कहा- हाँ.

मुझे थोड़ा अजीब लगा, पर सोचा चलो जब सब किया तो यह भी कर लेती हूँ, मैंने उनके मुँह से मुँह लगाया और सारा रस सुपारी के साथ उनके मुँह में डाल दिया.

!उसने मुझे घुटने के बल बिठा दिया और मैं एक कुतिया की पोज़िशन में गाण्ड ऊँची किए उसके लंड से अपनी गाण्ड की सुहागरात मनाने का इंतज़ार कर रही थी।फिर उसने मेरी गीली गाण्ड के मुँह पर लण्ड टिकाया और धीरे-धीरे अन्दर सरकाने लगा।उन्होंने दर्द से मेरी तो जान ही निकाल दी- उउउउह्ह्ह आआआह्ह्ह्ह्ह्ह आआआआ ह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह मर गईईईईई.

पर मैं उनका काम रस पीने के मूड में नहीं था इसलिए मैंने अपना मुँह उनकी चूत से हटाया और अपनी दो ऊँगलियों से उनकी चूत चोदने लगा. पर उसका कोई प्रेमी न होने की वजह से वो ये सब नहीं कर पाती।अब वो मुझसे भी पूछ रही थी कि क्या मैंने कभी सेक्स किया है?मैंने भी उसे ‘ना’ कर दिया। उस दिन तो हम ज्यादा कुछ बात नहीं कर पाए, पर इतना तो पक्का था कि अब वो भी मचलने लगी थी।इसी बीच चार-पाँच दिन बीत गए फ़िर एक दिन उसका मुझे फ़ोन आया।वो आज कुछ उदास लग रही थी, तो मैंने उससे पूछा।मैं- क्या हुआ. !’ उसने पूछा।मैंने कहा- यहाँ सही नहीं होगा, घर खाली पड़ा है।उसके लण्ड को लुंगी और अंडरवियर से बाहर निकाला, हाथ में पकड़ा, वो फूंकारे मारने लगा। इतना भयंकर लण्ड था साले का.

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आखिर छबीली रीटा की रसीली चूत ने छोटे छोटे पाँच छः झझाकों के साथ मूतना बंद कर, टप टप हीरे सी जगमगाती बूंदे टपकाने लगी.

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’ हंसते हंसते हम दोनों बाथरूम में गये और एक दूसरे के अंगों को अच्छी तरह धोकर साफ किया, तौलिये से पौंछने के बाद कामना बाथरूम से बाहर निकली, मैं भी कामना के पीछे पीछे बाहर निकला।तभी मेरी निगाह कामना के नितंबों के बीच के संकरी खाई पर गई मैंने चलते चलते ही उसमें उंगली करनी शुरू कर दी।कामना कूद कर आगे हो गई और बोली- अब जरा एक बार टाइम देख लो।’मैंने घड़ी देखी, 3.

आशु जैनमेरा नाम आशु है, मैं एक 23 साल का नौजवान हूँ जिसके मन में सेक्स और प्यार को लेकर बहुत सारी भावनाए हैं। मैं दिखने में आकर्षक हूँ और मुझे लोगों से मिलना-जुलना पसंद है। मेरी इसी आदत का मुझे एक दिन बहुत बड़ा इनाम मिला जब मुझे वो मिली…!आप सोच रहे होंगे कि वो कौन. रीटा और भी जोर से शर्माती सकुचाती बोली- ‘येसऽऽ भईया, अपनी सहेली के घर पर, पर भईया आप किसी को बताना नहीं प्लीज़ऽऽऽ.

ससुर बहू की बीएफ वीडियो हिंदी में मेरा काम हो गया है !तो मैंने कहा- पर मेरा काम तो नहीं हुआ है, पर आप रुको, मैं आ रहा हूँ।उसने कहा- ओके !और दो मिनट में मैं बैंक पहुँच गया तो गीता जी ने पूछा- आपने कुछ खाया या नहीं?तो मैंने कहा- गीता जी बैंक से निकलते ही मेरे सर का फोन आ गया था, तो उनसे बातें करने लगा और फिर आपका फोन आ गया तो मैं आपके पास आ गया।उसने कहा- प्लीज. बोर हो रही थी सो फोन कर लिया, आप बताओ कैसे हो। आपकी पत्नी और बेटी कैसी हैं?रणजीत- मस्त हैं सभी अपने-अपने काम में लगे हुए हैं।सीमा- यार.

ससुर बहू की बीएफ वीडियो हिंदी में मेरी चाची का फ़ीगर क्या बताऊँ दोस्तो, वो कद में मुझसे छोटी है पर दिखने में किसी कयामत से कम नहीं! मेरी और चाची की बहुत जमती थी और चाचा एक बिजनेसमैन हैं, चाचा मुझे बड़े बेटे की तरह कम और दोस्त ज्यादा रखते थे. मैं उसके कानों को चूमता चाटता हुआ उसकी गरदन तक आया और अपने पूरे होशोहवास खोकर उसकी गरदन को चूमने लगा.

फिर अंत में उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया जो स्वाद में खट्टा सा था।उसने जल्दी से लंड को चूत के अन्दर डालने को कहा।मैंने लंड को चूत के मुहाने पर रखा और हल्का सा झटका दिया, क्योंकि मैं चुदाई के तरीके जानता हूँ इसलिए उसके मुँह से हल्की ‘आहह.

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आधी बस खाली थी मैंने यहाँ वहाँ देखा और उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया, उसने फिर आना कानी की पर दूसरी बार पकड़ लिया. बहुत मस्ती करते हो! चलो, अब हम लोग चलें।’हम लोग बाजार के लिए चल दिए और बस में चढ़े।बस में बहुत भीड़ थी, सब एक-दूसरे से सट कर खड़े थे।मेरे आगे मेरे ससुर और पीछे मेरे कोई दूसरा आदमी था, जो बहुत ही मोटा और काला था, मेरी गाण्ड पर ज़ोर लगाए जा रहा था।जब भी बस के ब्रेक लगते, वो मेरे ऊपर चढ़ जाता और मैं ससुर जी के ऊपर हो जाती।‘बहू मज़े लो अपनी ज़िंदगी के. अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो!फिर उन्होंने मुझसे चोदने के लिए बोला और वो मेरे नीचे आ गई। मैंने उसकी चूत पर लण्ड रखा और धक्का मारा, चूत बहुत ज़्यादा तंग थी।लण्ड तो एक बार में पूरा चला गया, परन्तु अब उसको दर्द हो रहा था, तो बोली- इसको निकालो.

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गोरे-गोरे और बड़े थे।मैंने थोड़ा तेल मम्मों पर डाला और मसलने लगा था।आंटी गर्म हो गई थीं। वो मेरे लंड को सहला रही थीं।मैं उनको चूम रहा था।आंटी ने कहा- ले चूस ले. राजू रीटा के प्यासे मम्मों को बराबर मसलता रहा और प्यासी मस्ताई हुई रीटा राजू की आँखों में आँखों डाले होंटों में उंगली दबाये शर्माती सी चुच्चे खिंचवाती और दबवाती चली गई. !जैसे-तैसे मैंने लंड गांड में घुसेड़ दिया।मामी बहुत चिल्लाईं, पर मैं नहीं रुका और पूरा लंड डालने के बाद हल्के-हल्के झटके देने लगा।मामी की चीखें धीरे-धीरे ‘आहों’ में बदल गईं और फिर बस जरा सी देर बाद मामी ने खुद ही कहा- तेज़-तेज़ करो.

मैं इधर-उधर देखने लगा, मुझे यहाँ पार्टी जैसा कोई माहौल नहीं लग रहा था और मैं मन ही मन सोच कर खुश हो रहा था कि जो मैं घर से सोच कर चला था आज वो ही होने वाला है. तब तक मैं इसके नट बोल्ट खोलता हूँ !हवलदार- अरे छोड़ो साब, इसको गाड़ी पर लेकर चलते हैं… मेरे से तो बिल्कुल नहीं रुका जा रहा. !और फिर एक सीडी निकाल कर टीवी चला दिया, पहले थोड़ी देर जो देखा तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि क्या ये सच है।मेरे सामने ब्लू-फिल्म लगी थी। मैंने तब उनसे पूछा- क्या ये सच में हो रहा है.

कॉम को!फेस बुक के अलावा लोगों ने मुझ से याहू मेल पर भी संपर्क किया, उन में से ही एक युगल भी था, उन्हें भी कहानी पसंद आई और उस बारे में काफी बातें भी की और मुझे यह जान कर बहुत ही ताज्जुब हुआ कि उन दोनों पति पत्नी को सबसे ज्यादा उत्तेजक बात यह लगी कि पति की मौजूदगी में दूसरे मर्द के साथ सेक्स. प्लीज़ बाबूजी!मैंने अपनी आँखें नीचे की हुई थीं।ससुर जी- बहू, तू एक बार मेरी बात मान ले, आज के बाद तुझे कुछ पहनने को नहीं बोलूँगा.

और आप कुछ भी गलत नहीं कर रही हो, मैं आपसे वो प्यार करना चाहता हूँ जिसके लिए आप बहुत प्यासी हो।तो उनकी आँखों में आँसू आ गए, उन्होंने मुझे प्यार से गले लगा लिया और मेरे गाल पर चूमते हुए कहा- आई लव यू. इसीलिए मैंने भी सोच लिया था… कि उनकी सभी इच्छा पूरी करुँगी…नलिनी भाभी- और तेरे अमित भैया की क्या इच्छा थी?सलोनी- क्या भाभी आप भी… मुझ जैसे लड़की को नंगी देखकर एक लड़के की क्या इच्छा हो सकती है… हा हा…नलिनी भाभी- तो तुम दोनों ने सब कुछ कर लिया?सलोनी- ह्म्म्म बताती हूँ ना, रुको तो…और कुछ देर के लिए वहाँ चुप्पी सी छा गई।अब क्या राज खोलने वाली है सलोनी…????कहानी जारी रहेगी।. गोली इसीलिए देता हूँ कि अगर बच्चा हो गया तो ज़्यादा मुसीबत हो जाएगी। आस-पड़ोस को क्या जबाव दूँगा। उसके बाद तू बच्चे में लग जाएगी.

भाभी ने कहा- आदिल 18 साल का हो गया है पर इसने लड़की का मजा नहीं लिया अभी तक! तो आज हम तीनों के नाम की पर्चियाँ डलते हैं, जिसकी परची आदिल उठाएगा, उसी पर आदिल अपना कुंवारापन न्यौछावर करेगा.

नेहा तो नहीं जा रही है, बोल रही है कि अगर कोई दिक्कत ना हो तो आपे ऑफिस में रह जाऊँ?सुरेश जी बोले- नेहा आप कहीं भी रह सकती हो. फिर आगे देखते हैं।जमीन पर कालीन बिछा था, तो मैंने उनको उसी पर लिटा दिया और पीठ की मालिश दी और पैर की मालिश करवाने के बाद वह पलटी और बोली- अब जरा अन्दर की दे दो।मैं समझा कि वक्ष की मालिश की दरकार होगी। मैंने जैसे ही हाथ लगाया, वो जोर से बोली- अरे नहीं… यहाँ नहीं नीचे. साला एक मिनट में कैसे तन गया फ़िर से… मारने देगा?मैं कुछ बोलता इसके पहले काशीरा बोल पड़ी- मार लो ना चचा, आपके हक की है, सगे भतीजे की, आपको नहीं देगा तो किसको देगा?.

उस रात हमने 2 बार चुदाई की। सुबह 5 बजे वो बेड से उठी तो ठीक से चल नहीं पा रही थी फिर भी वो खुश थी। उसके बाद मैं घर चला आया। उसके एक साल बाद उसकी शादी हो गई। मैं उससे फिर कभी नहीं मिला।आज तक मेर लंड प्यासा है कि कब कोई फिर मुझसे मिले। अब मुझे सेक्स की बहुत इच्छा होती है लेकिन कोई नहीं है, मैं बहुत अकेला हूँ. जब मैंने पापाजी से बेटे को लेने के लिए हाथ बढ़ाया तो उनका ध्यान मेरी चूचियों की तरफ गया और वह उन्हें देखते हुए एकदम स्थिर हो गए.

फ़िर अचानक मैंने उससे पूछा- आपके पति क्या करते हैं?तो उसने मेरी बात बीच में ही काटते हुये कहा- चलो कोई फ़िल्म देखते हैं. फ़िर मैंने धक्के लगाने शुरू किए और वो बोलने लगी- आह्ह अम्म्म उह्ह्ह और जोर से चोद राजाआआ… फ़ाड़ दे आज मेरी चूत. मुझे दो जवान लण्डों से खेलने का मौका मिल रहा था पर दूर-दूर तक बदनामी हो रही थी, रमेश को भी शक था पर वो कुछ बोल नहीं पा रहा था.

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अगले दिन से रोजाना सुबह सुबह छह बजे मेरे फ़ोन पर उसके शुभ-प्रभात के और रात को दस बजे शुभ-रात्रि के सन्देश आने लगे, मैं भी उसे उन संदेशों क उत्तर शुभ-प्रभात तथा शुभ-रात्ति लिख कर भेज देता.

दोस्तों रीना एक अठारह साल की कमसिन लड़की है मानती हूँ उसने बाबा को उकसाया, पर बाबा तो इतने ज्ञानी थे, एक चूत के मोह में आ गए ! तो बस आगे आप खुद समझदार हो ! जल्दी एक नई कहानी लेकर आऊँगी !धन्यवाद।आपकी राय से अवगत कराने के लिए मुझे मेल अवश्य कीजिएगा।[emailprotected]. मैं उसके मुँह में लण्ड अन्दर बाहर करने लगा पर उसकी साँस फूलने लगी, उसने मुँह से लण्ड बाहर निकाल दिया और हांफने लगी. कुछ दिन बाद हमारी फोन पर भी शरारत भरी बातें भी होने लगी, जैसे क्या पहना है, क्या साइज़ है कितने बड़े है, किस रंग का है, और भी बहुत कुछ! इसमें यह भी मालूम चल गया की गाँव में उसका एक बॉय फ्रेंड भी बन गया था, और एक बार चोद कर छोड़ दिया था.

मैंने कहा- अब क्या होगा भाभी? मेरे चेहरे का तो तुमने पोस्टर बना दिया है, यह तो आसानी से साफ भी नहीं होगा, किसी ने देख लिया तो?भाभी ने कहा- पहले किसी कपड़े से पौंछ लो फिर साबुन से धो लेना, आसानी से साफ हो जायेगा. !मैं उसके होंठों को चूसता रहा और साथ साथ उसके मम्मों को दबाता रहा। कुछ समय के बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो उसने नीचे से चूतड़ों को उचकाना शुरू किया और कहने लगी- सर. સુપર સેક્સ વીડિયોभाभी अपनी चूत को पहले ही मसल चुकी थीं, इसलिए ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं और मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगीं.

से पैसा निकाल कर लाया। अंकल को देने के लिए आवाज लगाई, लेकिन ऊपर से कोई जबाब नहीं मिला क्योंकि टीवी की आवाज तेज आ रही थी।उसने मुझसे कहा- ऊपर जाकर पैसा दे आ. शुरू शुरू में रीटा को मोनिका की गुन्डी हरकत पर बहुत गुस्सा आया, पर बाद में जब शातिर मोनिका ने रीटा की टांगों को चौड़ा कर जबरदस्ती रीटा की चूत को आम की गुठली की तरह चूसा तो रीटा मोमबत्ती सी पिघलती चली गई.

मेरी योनि में एक अजीब सा कोलाहल हुआ और फिर मेरा शरीर शांत हो गया।इस दौरान भोंपू ने अपना वज़न मेरे ऊपर से पूरी तरह हटा लिया था। मेरे शांत होने के बाद उसने प्यार से अपना हाथ मेरी पीठ पर कुछ देर तक फिराया। मेरे लिए यह अभूतपूर्व आनन्द का पहला अनुभव था।इसके आगे क्या हुआ कुंवारी भोली–4” में पढ़िए !शगन. मौके को देखते हुए मैंने हाथ नीचे ले जाकर दीदी की सलवार खोल दी, सलवार खुलते ही नीचे गिर गई, उसकी मस्त और चिकनी टांगों को देखकर मैं मदहोश हो गया और नीचे बैठ कर जाँघों पर चुम्बन करने लगा. लो…लो!यह कहते हुए ही मेरा पानी उसके लण्ड पे बहना शुरू हो गया।उसने मुझे एक जोरदार झटका लगा कर गालियाँ देते हुए अपनी स्पीड बढ़ा दी- आह.

गीली चूत की फचर-पचर, रीटा की मधुर ईस्सऽऽऽऽऽ ईस्सऽऽऽ सिसकारियाँ और बहकी बहकी बेतरतीब साँसें कमरे के वातावरण को रंगीन बनाने लगी. नहीं तो मैं पागल हो जाऊँगी।मैंने एक ही झटके में लंड को चूत में पेल दिया और लंड चूत में आसानी से चला गया।मैं तो सोच रहा था कि मैं उसको पहली बार चोद रहा हूँ. बाद में भाभी ने भेद खोल दिया था कि उन्होंने तीनों पर्चियाँ मेरे नाम की डाली थी!बुआ की चुदाई की इंडियन सेक्स स्टोरीज कैसी लगी?[emailprotected].

तुम्हें पता नहीं कि लण्ड को बुर में घुसाना होता है?कृपा ने कहा- मुझे मालूम है, पर बुर का छेद नहीं मिल रहा है।तभी हेमा बोली- हाँ.

हर प्रमोशन से पहलेडॉक्टरों ने मुझे खूब चोदा।आमतौर से लोगों के लंड का पानी 5 मिनट में ही निकल जाता है मगर मैंने पढ़ा था कि लंड को डालने के बाद रुक-रुक कर झटके दोलेकिन लड़की को चूमते-चाटते रहो. ! फिर मैंने अपने मुँह को ज्यों ही उसकी चूत पर रखा, वो उछल पड़ी।मैंने पूछा- क्या हुआ?तो बोलने लगी- सर… गुदगुदी होती है.

ओह आआह्ह्ह…’ की आवाज पूरे कमरे में गूँज रही थी।मैंने ऐसा थोड़ी देर ही किया था कि उसने कहा- अर्पित मेरी चूत से कुछ निकलने वाला है. ?चूत के साथ-साथ, चुंबन करने के लिए गुलाबी होंठ, नरमदार बड़े-बड़े चूचे और उन पर गुलाबी चूचुक, इन सबका रसपान का आनन्द मूठ मारने में कहाँ मिलेगा. सीस्सीसीस्सी !रीना वहीं खड़ी-खड़ी अपनी उंगली मुँह में लेकर गीली करती है और बुर की फाँक खोल कर उसको रगड़ने लगती है।रीना- आ.

!उसने कहा- उसकी फ़िक्र मत करो, मैं तुम्हारे लिए कुछ भी झेलने को तैयार हूँ।फिर मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और जोर का धक्का मारा। तक़रीबन 2 से 2. उतना जितना अभी तक नहीं हुआ होगा, पर तुमको बर्दाश्त करना होगा।तो वो बोली- इतने समय से बिना चुदाई के बर्दाश्त कर रही हूँ. बाकी अब आप लोग खुद ही समझ लो कि आगे क्या-क्या हुआ।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, जरूर मेल करना।मैं कसम खाता हूँ कि सिर्फ सच्ची कहानियाँ ही लिखूँगा।.

ससुर बहू की बीएफ वीडियो हिंदी में !रेहान का लौड़ा जूही ने चूस-चूस कर पूरा गीला कर दिया था। रेहान ने चूत पर टोपी टिकाई और धीरे से लौड़ा अन्दर सरका दिया। 3″ लौड़ा तो आराम से घुस गया, पर जूही को दर्द भी बहुत हुआ।जूही- अएयाया एयाया उ मा. कुछ दिन बाद दोस्त अपने भैया के पास पैसा लेने चला गया अब मैं अकेले देवर था भाभी का… अब भाभी चूची छूने देती थी और जब तक टीवी देखते थे रजाई में पैर डालकर उनकी बुर से गर्मी लेता रहता था.

xxii मात्रा

जब राजू के हाथ रीटा की चूत के पास पहुँचते तो सुरसुराहट से रीटा की लीची सी लाल चूत के रौंगटे खड़े हो जाते और वह लिसलिसा उठती. इधर उसने दीदी का पेटिकोट ऊपर करके अपने मुँह को दीदी की गाण्ड में घुसा दिया था और पीछे से उनकी गाण्ड का छेद और चूत चाट रहा था… और मेरी बहन एक गरम कुतिया की तरह रंभा रही थी. !वो बोली- नहीं मुझसे नहीं होगा।तब मैंने उसकी पैन्टी भी उतार दी और अब हम दोनों बेड पर नंगे थे और एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। मैंने उसकी चूत पर हाथ रख और एक उंगली चूत के अन्दर घुसेड़ दी।वो तड़प उठी और मेरे लंड को ज़ोर से दबा कर पकड़ लिया।ओऊऊ.

इतना कहते ही दोनों के हाथ मेरे लंड पर आ गए।रोशनी ने मेरे कान में कहा- यश, मेरी योनि में दर्द हो रहा है।तो मैंने कहा- इस बार चुदाई होगी तो दर्द मिट जायेगा।उसने कहा- इस बार धीरे धीरे करना यार !मैंने कहा- अब बातें नहीं, बस प्यार करो. अचानक मेरी तरफ़ से हुई इस हरकत से वो घबरा गई और उसने मुझे कुछ कहा तो नहीं पर अपना हाथ हटा कर अपने सीने से लगा लिया और हल्की सी मुस्कराई. नंगे फोटो वीडियोआपी बोली- देख, मैंने अभी तक तेरे नौशे भाई से गांड नहीं मरवाई थी, तूने सबसे पहले ही मेरी गांड मारी है.

अच्छा लगा तो ठीक है वरना मना कर दूँगी।मैंने उसका हथियार हाथ में पकड़ा, पर यह क्या… मेरे हाथ कांप रहे थे।थोड़ा डर लगता है यार और मैंने धीरे से मुँह में डाला.

सम्पादक – इमरानफिर ऐसे ही मस्ती करते हुए हम शादी वाली जगह पहुँच गए।यहाँ तो चारों ओर मस्ती ही मस्ती नजर आ रही थी, बहुत ही शानदार होटल था, सभी कमरे ए सी थे और 3-4 लोगों के लिये एक कमरा सेट था।हम चारों ने अपना सामान एक कमरे में सेट कर लिया था, अरविन्द अंकल और हम. वैसा सुख उन्हें आज तक नहीं मिला था।लेकिन उनकी कहानी मैं आपको नहीं बता सकूँगा, क्योंकि ये राज की बातें हैं।इस कहानी को पढ़कर आपकी बुर में पानी आया कि नहीं.

जल्दबाजी नहीं ! ध्यान रखो ये प्रेमी-प्रेमिका का मिलन है ना कि पति पत्नी का। इतनी बेसब्री (आतुरता) ठीक नहीं। पहले ये देखो कोई और तो नहीं है आस पास ?”ओह … सॉरी…. भाभी- अह्ह धीरे…आआ अह्ह!मेरा लंड अंदर जा रहा था, लेकिन मैंने उसे बाहर खींचा और एक झटके में पूरा अंदर डाला. मैं उसकी कुर्ती के ऊपर से ही उनको मसलने लगा !और फिर ऋज़ू ने कमाल कर दिया… उसने अपनी स्लैक्स अपने पैरों से पूरी निकाल दी…भरी स्टेज पर ऐसा शायद कोई रण्डी भी नहीं करती मगर ऋज़ू ने तो खुलेपन की हद ही कर दी थी.

वो उस कोने में ताला-चाभी रखी है, अगर मेरे आने से पहले तुम लोग निकलना चाहो तो वो जो कोचिंग के पास अमर की पान की दुकान है.

मैंने भी उनकी हाँ में हाँ मिला दी, जिससे कि हम पर रूचि को शक न हो।हम ठंडा पी ही रहे थे तभी विनोद भी केक और होटल से खाने के लिए खाना वगैरह सब लेकर आ गया था।फिर उसने बताया- ट्रैफिक की वजह से जरा देर हो गई।मैंने बोला- चलता है यार. ऐसे ही चूस मेरे राजा !’‘तो इमरान की मार लो चचाजी, मेरे से कम नहीं है, एकदम गोरी गोरी और कसी हुई है, मजा आयेगा आपको, सोचो अगर आप अपने भतीजे पर चढ़ कर उसकी मार रहे हो तो कैसा लगेगा !’ काशीरा ने उनको उकसाया‘हाँ. यह देखते ही उस आदमी ने अपने पर्स में से एक एटीएम कार्ड निकाल कर दीदी को दे दिया और बोला- लो, आज से यह एटीएम तुम्हारा ! जो सामान खरीदना हो, खरीद लेना.

सेक्सी चुदाई भोजपुरी!मैं उसके पास गया और पूछा- यहाँ कैसे?तो वो बोली- डिनर पर बुला कर खुद भूल गए?तो मैंने कहा- ओह ‘सॉरी’ मैं तो भूल ही गया था।फिर हमने होटल के रेस्टोरेंट में ही डिनर किया।हमें काफी देर हो गई थी तो मैंने उससे कहा- इतनी रात को तुम कहाँ अपने होटल जाओगी, आज यहीं रुक जाओ!उसने कहा- यहाँ कहाँ? मेरा रूम आलरेडी बुक है। मैं एक और कमरा क्यूँ लूँ?तो मैंने कहा- मत लो एक और कमरा. मन करता था अभी उसको कस कर दबा दूँ लेकिन डर लगता था, तब भी उसको नंगी देखने का बहुत मन करता था।मेरे दिमाग में एक शरारत आई, मैंने अपने दोस्त अनिल जो मेरे ही साथ रहता था, उसकी नजर बचा कर अपने कमरे में एक कैमरा छुपा दिया।अब मैं बाहर चला गया लेकिन मेरे दिमाग में अभी भी पूजा को नंगी देखने का मन कर रहा था।खैर.

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सदके जावां? मेरे भोले बलमा!’‘थैंक यू माया’ कहते हुए मैंने अपनी बाहें उसकी ओर बढ़ा दी।‘जीजू तुम सच कहते थे. !”उस दिन शाम 5 बजे जब मैं कॉलेज से लौटा तो देखा कि आंटी की बेटी अमृता अपने छत पर से मुझे देख रही थी, वो काफ़ी देर तक मेरे रूम तरफ़ मुझे देखती रही थी।अगले दिन सुबह जब वो कॉलेज जा रही थी तो मुझे देखकर प्यारी सी मुस्कान दी. जैसे तैसे खुद रीटा ने लगभग तीन चौथाई लौड़े को अपनी गाण्ड में सटक ही लिया और हाँफती बोली- आहऽऽऽ! बस भईया, और नहीं ले सकती मैं.

उसने भी मुझे मुस्कुराते हुए देखा और मेरी योनि को फिर से चूमा और मुझे उल्टा लिटा दिया, फिर मेरे कूल्हों को प्यार करने लगे. मुझे नहीं पता था कि खून निकल रहा है, मुझे भी दर्द हो रहा है और मैं चड्डी तक नहीं पहन पा रहा हूँ।मैं उससे शाम को सिर्फ झगड़ती ही रही।अगले कुछ दिनों तक मेरी योनि में दर्द रहा, साथ ही योनि के ऊपर और नाभि के नीचे का हिस्सा भी सूजा हुआ रहा, योनि 2 दिन तक खुली हुई दिखाई देती रही।मैं अगले 2 हफ्ते तक सम्भोग के नाम से ही डरती रही।अपने प्यारे ईमेल मुझे लिखें।. !फिर दोनों हँसने लगे।नारायण ने मधु के दोनों पाँव ऊपर किए, मधु ने अपना साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर लिया था और नारायण ने फिर 25 मिनट तक चुदाई की।उसके बाद मधु बोली- बस.

मज़ा आएगा…मेरी बात सुनकर पापा हँसने लगे और मेरे ऊपर आ गए, मेरे होंठ चूसने लगे।मैं भी उनका साथ देने लगी. !मैंने वही किया। अब मनोज भैया ने अपना लौड़ा मेरी गांड के छेद में डालना शुरू किया। मैंने चिल्ला कर कहा- प्लीज भैया मेरी गांड मत मारो, चूत फाड़ दो मेरी पर गांड मत मारो. यह देखकर मैं बहुत खुश था कि मैं अपनी बहन को रंडी की तरह चुदते देख रहा हूँ और मेरे दिल की तमन्ना आज पूरी हो गई कि मैं अपनी ही बहन को चोद सकूँ और उसको एक रंडी बना दूँ.

फ़िर मैंने उसके कान के पास अपना मुँह ले जाकर कहा- आई लव यू जान!इतना सुनकर उसने अपनी हाथों की पकड़ ढीली की, अपनी आँखें खोलकर मेरी तरफ़ देखा और मेरे होंठों पर अपने होंठों से चूमा और कहा- आई लव यु टू जान!और मुझसे लिपट गई और मेरी छाती और गले को चूमने लगी. लो इसे ! आह !”पर विनायक ने मेरी बात को जैसे सुना ही नहीं और अभी मैं पहले झटके के दर्द से उबर भी न पाई थी कि दूसरा झटका लगा। इस बार लंड हम दोनों के बदन से निकली चिकनाई के सहारे जड़ तक मेरी चूत में समा गया.

मैं अपनी बाईक पर था और घर से कुछ जल्दी निकला था, तो मेरे पास समय काफ़ी था, मैं आराम से सड़क के किनारे से अपनी ही धुन में चला जा रहा था.

कुछ ही देर बाद का नजारा यह था कि मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में उतर चुका था, अब उसने अपनी आँखें खोली, मेरी तरफ़ देखकर मुस्कुराई और मेरे ऊपर झुक कर मेरे माथे को चूम लिया. मुसलमान एक्स एक्स एक्सअब मेरा नम्बर ले लो और कभी भी जरूरत हो तो आप मुझे फ़ोन कर लेना।फिर हमने एक-दूसरे का नम्बर ले लिया। घर जाते ही आंटी का फ़ोन आ गया कि घर पहुँच गए?तो मैंने कहा- हाँ…जी।फिर हमारी रोज़ फ़ोन पर भी बात होने लगी थी।मुझे उन्होंने बताया कि उनके पति किसी कंपनी में बहुत अच्छी पोस्ट पर हैं और वो अकेली होने के कारण ही जॉब करती हैं।बुधवार को आंटी का कॉल आया- मौसम बारिश का है. बाप ने बेटी कोफिर वह मेरे पास आकर मुझसे लिपट गई और मेरे होंट को चूसने लगी, फिर बोली- कोई जग गया तो मुसीबत हो जाएगी, हम फिर कभी करेंगे!और चली गई. आप को सर जी ने अन्दर बुलाया है।मैं उठी और उसी केबिन की तरफ चल दी और केबिन के दरवाजे पर दस्तक दी, अन्दर से ‘कम इन’ की आवाज आई और मैंने दरवाजे खोला।मैं देखती रह गई, सामने एक बहुत ही जवान और आकर्षक युवक बैठा था।वो एकदम गोरा स्मार्ट था, उसे देख मेरी गरम चूत में पानी आ गया और मैं भूल गई कि वो भी मुझे देख रहा है।तभी वो आदमी बोला- आइए नेहा जी.

मैंने उसके होंठों के साथ साथ उसके माथे, आँखों, नाक, गालों, ठोड़ी और गर्दन को भी चूमा जिससे वह बहुत गर्म हो गई.

थोड़ी देर के बाद पूजा ने कमरे का दरवाज़ा खोला और कमरे में घुसते ही मोनू पर चिल्लाई- इतना शोर क्यो कर रहे हो, तुम्हारे इस शोर की वजह से मैं पढ़ नहीं पा रही हूँ. अपने मन से सारा डर निकाल दो और आराम से पीठ के बल लेट जाओ… मैं तुम्हें बहुत प्यार से ‘प्यार’ करूँगा… तुम्हें बहुत मज़ा आएगा।‘ठीक है. !’‘बिल्कुल… मेरी फॅवरेट, चॉक्लेट आइस्क्रीम की तरह…!’ ये कह कर मैं घूम कर उसके पीछे जा खड़ा हुआ, अपने दोनों हाथ उसके कंधो पर रख कर उसके कान में धीरे से बोला- जी करता है कि आज तो तुम्हें सर से लेकर पाँव तक चाट जाऊँ.

फ़िर आँखें बन्द करके लौड़ा मुँह में लेकर चूसने लगी।मैं उसकी पीठ पर हाथ फ़िरा रहा था।उसके चूसते-चूसते जब मैं झड़ने लगा. शायद यह लण्ड महाराज चूमने और चाटने से खुश होने वाले नहीं थे और उसे तो चुसाई चाहिए थी, इसलिए उसने हिलना शुरू कर दिया. मैं उसके कानों को चूमता चाटता हुआ उसकी गरदन तक आया और अपने पूरे होशोहवास खोकर उसकी गरदन को चूमने लगा.

भाभी के साथ रोमांस

आखिर मुकाबला करने को तैयार रीटा ने दाँत भींच कर जैसे तैसे मेज का पाया पकड़ और पोजीशन सम्भाल कर अपनी शानदार गाण्ड और ऊपर उठा दिया. फ़िर कुछ देर तक वो बैड पर शान्त लेटी रही, मैं भी उसके बगल में लेट गया और उसकी चूचियों के साथ खेलने लगा. रिया की सुन्दरता और शरीर के बारे में कुछ भी कहने के लिए तो मेरे पास शब्द ही नहीं हैं, वह तो एक अप्सरा थी जिसके शरीर का पैमाना था 36-26-36 और जब वह चलती है तो मानो क़यामत आ जाती है.

हम दोनों काफ़ी देर तक एक दूसरे से चिपके खड़े रहे, उसकी चूत का पानी और मेरे लंड के पानी का मिश्रण उसकी चूत से टपक रहा था.

अरे हाँ तुम ही मेरे मामा बन जाओ और मेरे वार्डन से कहो कि मैं अपनी बिटिया को कल सुबह भेज सकता हूँ।रणजीत ने वार्डन को फोन किया और उससे कहा- रानी गुड़गाँव से दिल्ली 9 बजे तक नहीं आ सकती। प्लीज़ उसे एक दिन की छुट्टी दे दें, सुबह 9 बजे तक आ जाएगी।वॉर्डन मान गई।रानी सोफे से उछल पड़ी, रणजीत भी खुश हो गया।दोनों अब हाथ में हाथ डाले पूरे कमरे में डांस करने लगे।‘देखा तुम्हारा काम कर दिया.

प्लीज़ चुम्बन ना करें।रणजीत भी स्थिति को समझ गया- ठीक है, लो मैं भी नहीं पियूँगा।सीमा खुश हो गई।अब दोनों खाना खाने लगे। सीमा ने एक कौर रणजीत को खिलाया और रणजीत ने उसी कौर को उसे खिलाया।ऐसे चलते-चलते दोनों की चुदाई का दौर शुरू हो गया।रणजीत ने उसके तौलिया को खींच कर दूर फेंक दिया और खुद भी एकदम नंगा हो गया।एक हाथ से अपने लंड को सहलाते हुए वो सीमा की तरफ बढ़ा।‘कम ऑन डार्लिंग. !मैं रेखा पर चढ़ गया, वह बुर हाथ से रगड़ रही थी। अवि का वीर्य निकल चुका था। उसकी चिकनाहट से युक्त बुर में मैंने अपना लण्ड डाल कर चोदने लगा, साथ ही मैं अन्दर उंगली करके उसके भगनासे को मसलने लगा। उसने अपने अंगों को ऐंठ लिया और चूत को भींच लिया। मैनें भी अपने को झाड़ दिया। रेखा थक कर लेट गई और अवि तो औंधा सो गया था। फिर हम लोग जगे, फ्रेश हुए और बैठे। अब अवि बोला- आज मजा आ गया. এক্স এক্স এক্স এক্স ই ভিডিওअपनी स्कूल स्कर्ट ऊपर उठा कर सुर्ख लाल नाईलोन की कच्छी में अपने कसमसाते यौवन को निहारते ही रीटा की आँखों में लाल डोरे खिंच गये और गाल तमतमा उठे.

जहाँ मुझे पता था कि सलोनी ने कच्छी भी नहीं पहनी है…मैं तुरंत अपनी उपस्थिति बताने के लिए पहले मेन गेट तक गया और तेजी से दरवाजे को खोलते हुए ही अंदर आया. चूचियों को तो देखते ही दबाने का मन होता था… लगता था कि अभी दूध बाहर आ जाएगा।उनका नाम था पल्लवी था।मैंने जब से उनको देखा, उनकी चूत और गांड मारने का मन पक्का हो गया था, पर मैं बार-बार उनके मदमस्त जिस्म को चोदने की सोच कर अपने हाथ से ही काम चला लेता था।मैंने धीरे-धीरे उनसे बात करना शुरू किया और कहते हैं ना भगवान के घर देर है अंधेर नहीं. इसमें रोने की क्या बात है?उसने कहा- अगर यह हालत तुम्हारी होती तब तुम्हें पता चलता!और ऐसा कह कर वो और रोने लगी। मेरे को भी उस पर तरस आने लगा। एक तो वो प्रॅक्टिकल के दिन नहीं आ पाई थी, ऊपर से उसका साल्ट भी खत्म हो गया था और हमें सफेद अवक्षेप या तलछट (प्रेसिपिटेट) लाना था।वो झुक कर रोने लगी ताकि दूसरे लोगों को पता न चले। तब मैंने उसके मम्मे देखे.

मेरे पूरे बदन मे करंट दौड़ रहा है…मेरे पूरे शरीर के अन्दर आग लगी हुई है जानू… अब सहा नहीं आता… जानू … मेरे अच्छे जानू… कुछ कीजिए ना… मेरी चूत की आग बुझा दीजिए… अपना लण्ड मेरी चूत में पेल दो…प्लीज़ जानू…‘लेकिन रूबी, तुम तो कह रही थी कि मेरा लण्ड बहुत मोटा है. जब हम गली के सामने पहुँचे तो हमने देख़ा कि बुआ का लड़का संजू हमारे स्वागत के लिये गली के मोड़ पर ख़ड़ा है.

मैं ऐसे ही सब जगह भाग दौड़ कर रहा था…ऋज़ू के जरा से प्रयास से ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया…तभी मैंने सलोनी की ओर देखा, वो आदमी बहुत तेज धक्के लगाने लगा… इसका मतलब वो चरम पर था…कमरे में तेज आहें ओर धक्कों की आवाजें गूंजने लगीं.

पर मैं तुम्हें बताने से डरता था… पर तुम ये सब क्यों पूछ रही हो?मनीषा- असल में मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, पर मैं भी तुम्हें बताने से डरती थी। कहीं तुम बुरा न मान जाओ!मैं- अरे उसमें डरने की क्या बात है… चलो जो हुआ सो हुआ, अब तो हम एक हुए ना!मनीषा- हाँ. भतीजे के लाड़ दुलार चल रहे हैं, उसे मलाई खिलाई जा रही है, चलो अच्छा हुआ, मैं भी कहूँ कि ये कहाँ का न्याय है कि बहू पे इतनी मुहब्बत जता रहे हो और बेचारे भतीजे को सूखा सूखा छोड़ दिया कल रात !’ चाची की आवाज आई।कहानी चलती रहेगी।2873. बाथरूम से लौट के आई तो सोनिया ने कहा- सायरा खाना बन चुका है, तू नंगी होकर सबको खाना परोसेगी, अपनी चोली उतार कर अपनी चूचियाँ नंगी कर और बाहर आ जा!मेरी चूचियाँ मेरी पारदर्शी चोली के कारण वैसे ही कुछ खास नहीं छुपी हुई थी इसलिए मैंने अपनी चोली उतार कर अपनी चूचियाँ बिल्कुल नंगी कर ली.

सनी लियोन वीडियो सेक्सी एचडी मेरी सिसकारियों से दोनों जोश में आ गए और तेज़ी से लौड़े आगे-पीछे करने लगे।अजय तो पहले से ही किनारे पर था ज़्यादा देर तक मेरी गाण्ड की गर्मी ना सह पाया और मेरी गाण्ड में ही झड़ गया।अजय- अईयाया मैं ग्ग्ग. मेरे दिमाग में एक नया आसन आया! कमोद के ऊपर मैंने भाभी को झुकाया दोनों हाथ कमोड के ऊपर रखवाए…भाभी- यह क्या कर रहे हो?मैं- मैं तुम्हें और मजा दूंगा जानेमन.

फ़िलहाल चलो, देर हो रही है।तब विजय ने मुझे देखा और मुस्कुराते हुए कहा- मैं तुम्हारा यह खूबसूरत जिस्म चखने के लिए बेताब हूँ!मैंने उसे मुस्कुराते हुए जवाब दिया- ठीक है. गाँव में बहुत सारी भाभियाँ थी, बस मुंह से मजाक हुआ करता था मगर कभी और कुछ कहने की हिम्मत नहीं पड़ती थी. ना जाने क्यूँ पर आपको जान कर शायद हैरानी होगी कि आपके बारे में सोच कर ना जाने कैसे कैसे अपने आपको शांत करता हूँ। उन्होंने ठहाका मारते हुए कहा- तुम मजाक भी तक करते हो रिचर्ड.

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यह इतनी लम्बी साड़ी…अंकल- अरे हाँ बेटा, जब चाहे बुला लेना…अंकल चले गये…सलोनी- हाँ जानू, चलो कहीं बाहर चलते हैं खाने पर. मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को पकड़ कर थोड़ा जोर लगा कर लंड को दबाया तो ‘फक्क’ की आवाज करते हुए उसका सुपारा अन्दर घुस गया. तो बौड़म राजा हमने चार दिन से अपने पति को चूत में लंड घुसाने ही नहीं दिया। तो हो गई ना आज फ्रेश तेरे लिये !मैंने शिखा रानी के चूचों पर एक एक चुम्बन दागा और पूछा- शिखा रानी हो तो गई चूत फ्रेश.

वो आपके मुँह में है।वो बोली- पर ये तो फीका है।मैं समझ गया कि आंटी खुद चुदवाना चाहती है।मैं बोला- अब इसे चूसो तो इसमें से क्रीम निकलगी. ऑन्टी जी मैं ठीक हूँ।वो बोली- फिर तुम्हारा ध्यान किधर था?शायद वो सब जानते हुए भी मुझसे सुनना चाह रही थी तो मैंने उनके उरोजों की तरफ देखते हुए कहा- ऑन्टी जी आज तो आप बहुत ही हॉट लग रही हो.

मैंने उन्हें बिस्तर पर सुला दिया अब सोच रही थी कि मैं अगर बिस्तर पर सो गई, तो हेमंत कहा सोयेगा?तभी हेमंत बोला- तुम बिस्तर पर सो जाओ, यह सोफा काफी बड़ा है, मैं यहाँ सो जाऊँगा.

नहीं तो मैं खाली हाथ न जाता।मैंने रूचि से बोला- मैं अभी थोड़ी देर में आता हूँ।तो वो बोली- भैया आप कहाँ जा रहे हो? भाई अभी आता ही होगा, केक काटने में पहले ही इतनी देर हो चुकी है और देर हो जाएगी।मैंने उससे बोला- मैं तुम्हारी माँ के लिए कुछ गिफ्ट लेने जा रहा हूँ. मैंने करहाते हुए अन्नू से पूछा- माल पीना है या डाल दूँ चूत में ही?अन्नू ने भी दर्द भरे स्वर में कहा- मुझे पीना है. बताओ ना प्लीज़ !विमला- यहाँ से 60 किलोमीटर दूर एक गाँव है सोनीपुर (बदला हुआ नाम) वहाँ एक छोटे से घर में बाबा जी रहते हैं। मुझे मेरी नौकरानी ने बताया था।उनके बारे में तब मैं शारदा को वहाँ लेकर गई। तीन दिन में उन्होंने शारदा के दिमाग़ को अच्छा कर दिया। अब भगवान का शुक्र है, सब अच्छा हो गया है !राधा- ओह ये तो अच्छी बात है, पर तुम ऐसे घबरा क्यों रही थी !विमला- व.

मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-1मेरी दीदी का सत्ताईसवां लण्ड-3दीदी बोली- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं है. !मैं कुछ देर सोचती रही, पर उसके दोबारा कहने पर मैंने अपनी जुबान बाहर निकाल दी। उसने तुरन्त मेरी जुबान को चूसना शुरु कर दिया।कुछ देर के बाद मैं भी उसका साथ देने लगी। कभी वो मेरी जुबान चूसता और मेरी लार पी जाता, तो कभी मैं. भूली नहीं जाता? कई गाड़ी थी, केवू, केटला वगे आवशो?’ (वो सब ठीक है पर आप कब आओगे? आने से पहले मुझे बता देना.

” मैं बिलबिलाई।मेरी जान तुम्हें मरने कौन साला देगा… बस हो गया…” कहते कहते उसने 2-3 धक्के और लगा दिए और उसका 6.

ससुर बहू की बीएफ वीडियो हिंदी में: मैं तो सिर्फ़ इसका दीवाना हूँ, ये ही दे दीजिए।’ मैं भाभी की चूत पर हाथ रखता हुआ बोला।‘अरे वो तो तेरी ही है… जब मर्ज़ी आए ले लेना, आज तू जो कहेगा वही करूँगी।’‘सच भाभी. मैं किसी को भी शिकायत नहीं कर सकती थी, वो अपनी गोरी सुनक्खी बीवी का दूसरे आदमी से चुदना बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था कि इतनी सुन्दर और चिकनी बीवी को दूसरा कोई उसकी आँखों के सामने ही चोद दे.

उसकी आँख़ें बड़ी शरारती थी, बालों को बांध कर जूड़ा बनाया हुआ था जिससे वो बहुत कामुक लग रही थी, उभरे हुए स्तन, गुलाबी होंठ, आँख़ों में सुरमा. थोड़ी देर के बाद पूजा ने मुझे संभलने तक का मौका ना देते हुए अपनी चूत का सारा पानी मेरे मुँह पर झाड़ दिया. ’‘अब 6 महीने तक इस खूबसूरत चूत की प्यास कैसे बुझाओगी?’‘आपके इस मोटे लंड के सपने ले कर ही रातें गुजारूँगी।’‘मेरी जान, तुम्हें चुदवाने में सचमुच बहुत मज़ा आता है?’‘हाँ.

पर उस दिन के बाद रमेश बहुत उदास रहने लगा, उसे बहुत अफसोस हुआ कि सब बर्बादी का कारण उसकी शराब और बुरी आदत है.

फिर वो रुकी और शांत हो कर बोली- मैं यह सब क्या बोल रही हूँ… आप तो मेरे भगवान है… हमारी शादी हो न हुई हो पर मैं आपको पति मानकर आज आपके साथ सुहागरात मनाऊँगी।फिर हम एक-दूसरे में खो गए।दोस्तो, आप बताइएगा कि मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी?आप मुझे ईमेल कीजियेगा।[emailprotected]. अंजलि राजपूतहाय दोस्तो, मेरा नाम अंजलि राजपूत है, मेरे वक्ष बड़े हैं, मेरी लम्बाई 5 फुट 3 इन्च, 39 किलो वजन है। मैं आपको आज अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ।मेरा जब बी. तेरे सर की मालिश जरूरी है, ऐसे में कैसे करूँ?रीना- बाबा आपका लौड़ा चूत में डाल दो मेरा दिमाग़ अपने आप ठीक हो जाएगा.