बीएफ कॉमेडी शायरी

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सील तोडना: बीएफ कॉमेडी शायरी, उनके लंड के सामने की चमड़ी पीछे सरक गयी थी और उनका लाल लाल सुपारा साफ़ दिख रहा था, मानो इतनी देर कैद कर रखने की वजह से वो ग़ुस्से से लाल हो गया था.

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वो मेरे लिंग को ऐसे चूस रही थी जैसे किसी एग्जाम में अपना शत-प्रतिशत देने की कोशिश कर रही हो. इंग्लिश नंगामैंने उनके वीर्य को मुंह के अंदर ही रोक लिया और उठ कर बाथरूम में चली गई.

क्या गजब की चूची हैं मेरी बिटिया की!उसके बाद मैं अपनी बिटिया को बिस्तर पर लिटा के उसके पूरे नंगे और सेक्सी बदन को चूमने लगा. ब्रायन लारामेरे सामने जो मकान था उसके ग्राउंड फ्लोर के आँगन में कई बार मैं दो तीन अलग अलग उम्र की लेडीज देखता था.

शायद वो यही सोच रहा था कि इतनी बड़ी ब्रा क्या सच में इसे आती होगी या नहीं.बीएफ कॉमेडी शायरी: उसके चूचे बहुत ही मुलायम और बड़े बड़े थे, जिसे मैं अपने पूरी हथेली में भर के सहला रहा था.

फिर भैया ने पूछा- कैसा लग रहा है?‘ठंडा!’मेरी बचकानी बात से भैया हंसने लगे और बोले- ठीक है ये ठंडक अब अन्दर तक जाएगी.” मैं मुंह से तो कह रही थी लेकिन अंदर से मैं भी रवि से चुदने के मूड में थी.

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मेरी रोमांटिक कहानी के दूसरे भाग में अब तक आपने पढ़ा कि मैंने अपने प्यार का इजहार अदिति से कर दिया था, जिसको उसने बड़े ही प्यार से स्वीकार कर लिया था.घर आकर हम सभी ने थोड़ी देर बात की और अपने अपने कमरे में सोने के लिए चले गए.

उन्होंने मुझे बताया कि अगर उन्हें पता होता कि मैं इस घर में रहता हूं तो मैं तुम्हारे भैया से शादी कभी नहीं करती।इस पर मैंने उन्हें विश्वास दिलाया कि मेरी वजह से उनके वैवाहिक जीवन पर कभी कोई आपत्ति नहीं आएगी। भाभी ने मुझे बताया कि मैं तुमसे बहुत प्यार करती थी लेकिन तुमने मेरा विश्वास तोड़ दिया, इस वजह से मैं तुमसे दूर हो गई. बीएफ कॉमेडी शायरी मैं उनके मुड़े हुए घुटनों पर टंगा हुआ था और पंजों पर सर को एक तरफ करके लेट गया था.

देस बदलेंगे … काल बदलेंगे, जिस्म बदलेंगे … नाम बदलेंगे लेकिन आदम और हव्वा की एक-दूसरे के लिए प्यास का ये खेल यूं ही अनवरत चलता रहेगा … शायद सृष्टि के अंत तक.

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मैं काफी देर तक इस गाउन को पहन कर खुद को देखती रही और अपनी चूचियों को सहलाते हुए, अपनी चूत को रगड़ने लगी. फिर रूकते हुए बोली- तुम मेरे से सेक्सी बात करके मुठ तो नहीं मार रहे हो?पति- हां मेरा लंड मेरे हाथ में है और मैं ऐसा ही चाह रहा हूं. एक बात और भी समझ आ गई थी कि शोना पहले भी लंड ले चुकी थी, अन्यथा मेरा लंड इस पोजीशन में तो घुसने वाला ही नहीं था.

झाटें साफ होने के बाद क्या मुलायम चूत लग रही थी!मैंने जूली से कुर्सी पर बैठने के लिये कहा. भाभी ने टाईट होकर अपनी चुचियां मेरे सीने में गड़ा दीं और मुझे कसके जकड़ लिया. क्योंकि तीसरी बार क़ुबूल है कहते ही अगले एक झटका दे मारा और पूरे लंड को गटक गई.

वो किसी तरह मुझे छुपते-छुपाते अपने घर तक ले गई और जाते ही मैंने पहले खुद से ही गेट लाक करके अपने जूते और मोजे उतार कर अलग साइड में रख दिये. इस बार उसे दर्द नहीं हो रहा था तो दोनों एक इस चुदाई का भरपूर मजा लिया. हेलो, नमस्कार दोस्तो, कैसे हैं आप सब!मैं मनमीत रोहतक से एक बार फिर हाजिर हूँ अपनी नयी स्टोरी के साथ जो बिल्कुल सच है.

मेरी जीभ ने सीधा वहीं दस्तक दी और गांड के छेद के अन्दर बाहर जीभ होने लगी. दूध पीकर मुझे फिर जोश आ गया और मैंने दीपिका को फिर से बेड पर लिटा लिया और उसकी टांगों के बीच में बैठ कर टांगों को घुटनों तक मोड़ कर, लंड अंदर पेल दिया.

मैंने अपने दोस्त को भी नहीं बताया लेकिन अब आप सभी के साथ साझा कर रहा हूँ.

फिर थॉमस धीरे धीरे मेरी जांघों पर आ गया और मेरी जांघों पर किस करने लगा.

साथ ही शुभ्रा की चूत से निकलती हुई गर्माहट जो मेरी जांघों पर पड़ रही थी, उसका मजा ले रहा था और लगे हाथ शुभ्रा के कूल्हे को सहलाते हुए उसकी गांड को कोद भी रहा था. चुदी हुई भाभी मेरे बगल में आकर सो गईं, लेकिन मेरी आंखों से नींद कोसों दूर थी. एक हफ्ते बाद मैं जो करना चाहूंगी, वो सब मैं करूँगी, बस तुम्हारा साथ चाहिये.

तू तो ऐसे बात कर रही है जैसे सच में तेरी चूत में मेरा लंड चला गया हो. दीपाली- तो तुझे टाइम कब है? और हम लोग कहां मिलेंगे?मैं- आज का लेक्चर बहुत बोरिंग था, तो कल हम छुट्टी कर लेते हैं … चलेगा तुम्हें?दीपाली- हां ठीक है … कल तेरे घर पर मिलेंगे. उन्होंने अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा दिया और मेरे लबों को चूसना चालू किया तो मैंने एक बार उनको हटाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं हटे.

उस वक्त मैं काम के सिलसिले में दिल्ली में था और यहीं पर रहने लगा था.

फिर उसने खुद अपने पापा के लंड को पकड़ के अपनी बंद चूत पर लगाया और मैंने लंड से धक्का मारना चाहा पर नहीं घुसा. अदिति मेरी शर्ट के बटन खोलने लगी, जब उससे खुले नहीं, तो उसने तोड़ डाले. मौसी की बात सही थी, अगर कोई उधर आ जाता, तो सच में प्रॉब्लम हो जाती.

”क्यों अंकल?”आखिरी चैप्टर शुरू करना है ना!”मैं नीचे खिसकी और पैर नीचे छोड़ दिए, अब मैं सिर से कमर तक बेड पर लेटी थी और पैर घुटनों से फोल्ड करके जमीन पर रखे हुए थे. फिर उसने मेरे दोनों पैर ऊपर किए और अपने लंड को मेरी चूत पर रखकर रगड़ने लगा. मेरी आहें निकलनी शुरू हो गईं- आअह्ह्ह उउउफ्फ बेटा आई लव यू बेबी उउम्म्म … आह्ह माय डीयर हस्बैंड आई लव यू टू मच!उसने बड़ी बेदर्दी से पूरा लंड मेरी बच्चेदानी तक पेलना और ठेलना चालू कर दिया.

मेरे पूछने पर दीपिका ने बताया कि संजना और वो कॉलेज की सहेलियां हैं और अब शादी के बाद दोनों इस शहर में अपने पतियों की जॉब के कारण यहाँ आ गईं, दोनों के हस्बैंड एक ही ऑफिस में हैं.

मैंने काजल की पैन्टी को मेरे लंड पर लपेटा और ख्यालों में ही काजल की चूत को चोदने लगा. उस वक़्त उसने बहुत ही गहरे गले की टी-शर्ट पहनी हुई थी और एक घुटने तक आने वाला लोअर पहना हुआ था.

बीएफ कॉमेडी शायरी मुझे उसकी इस बात से कुछ अजीब सा लगा, पर उसकी किसी भावना को ठेस न पहुंचे, इसलिए मैं उसके साथ बातचीत करने लगा. हे भगवान्! कोई खुद को इतने साल मुतवातिर कैसे सज़ा दे सकता है? क्यों वसुन्धरा ने खुद को यह शाप दे दिया? इतने सालों से वसुन्धरा एक स्त्री से पत्थर बनी बैठी थी और इस सारे घोटाले की जड़ में था मैं … राजवीर! और मुझे इस का इल्म ही नहीं.

बीएफ कॉमेडी शायरी मैंने उसकी पैंटी उसके मुँह से निकाल दी औऱ फिर उसके होंठ अपने होठों से दबाकर मैंने फिर से एक जोरदार झटके के साथ ही पूरा लंड उसकी बुर में उतार दिया. फिर हम तीनों ने एक साथ शावर लिया और मैंने शावर में ही जूली को किस करना शुरू कर दिया.

पर मैंने उसे समझाया- देख आधा दर्द तो तूने सह भी लिया है … बस और थोड़ा सा दर्द होगा फिर 100 रुपये भी तेरे और मजा भी आएगा.

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मैंने कहा- मैं किसका फैन हूँ?सीमा फिर बोली- भूल गये क्या? अभी दस मिनट पहले तो मुस्कान को चुदते हुए देख कर बहुत मस्त हो रहे थे. इसलिए पहले प्लान बनाया गया कि चलो कहीं बाहर घूमने के लिये जाते हैं और वहां मज़े करते हैं. उसके शरीर पर चढ़ने से उसके शरीर से जो गर्मी निकलती थी, उसमें काफी आनन्द आ रहा था.

बहुत ही सुन्दर नयन नक्श, बड़े बड़े मम्मे, बच्चा पैदा करने के बाद गदराया शरीर, नशीली आंखें यानी कि हर लिहाज से सुंदरता में अपनी माँ सरोज से इक्कीस थी. करीब सुबह के दस बज़े हम मेरे दोस्त के घर पहुंचे और साथ में कुछ सब्जियां और दूध भी ले गए कि अगर किसी ने पूछा तो बता देंगे कि मेरे दोस्त ने ये बोला है. मैं सच में चिल्लाए जा रही थी और आशीष समझ रहा था कि मैं फोन पर रोने की एक्टिंग कर रही हूं.

मैंने देखा कि उनके बूब्स साफ दिखाई दे रहे थे लेकिन दी के निप्पल देखने में थोड़ी परेशानी हो रही थी.

मैंने भी फ्रेश होकर तौलिया उठाया और मुँह हाथ पौंछते हुए टीवी वाले कमरे में घुस गया और टीवी देखने लगा. मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली, उसने अपनी आंखें बंद की और मजे लेने लगी. उस वक़्त उसने बहुत ही गहरे गले की टी-शर्ट पहनी हुई थी और एक घुटने तक आने वाला लोअर पहना हुआ था.

उसकी चूत एकदम आसमान में टंग गई, अब तो मैं घुटनों पर खड़ा होकर चोद सकता था. ऐसा हुआ कि एक दिन जब वो कोचिंग से बाहर आयी, तो हम कुछ खाने के लिए मैकडोनाल्ड चल पड़े. उसने पूछा- मम्मी आपका कोई आने वाला था, वो नहीं आया क्या?सीमा ने नितिन को आवाज लगाई, तो वो नीचे आ गया.

इस कहानी से पहले मेरी एक कहानीबिहारी नौकर ने मेरी कुंवारी चूत को चोदाप्रकाशित हो चुकी है. इसके कुछ देर बाद मैं नाश्ता करके ऑफिस निकल गया और अपने काम में लग गया.

मैंने उसे सहलाते सहलाते ही एक झटका और मारा तो लंड थोड़ा सा अन्दर और घुस गया. कुछ प्रोटेक्शन तो लेना पड़ेगा न। नहीं तो कल को नन्ही ‘प्रीति’ आ गयी तो क्या करूंगा।वो मेरी बात सुनकर हँसने लगी। मैं भी हँसने लगा। उसे फिर से हँसती हुई देख कर मुझे अच्छा लगा।फिर ये किस लिए?” उसने कंडोम दिखाते हुए पूछा।मैं बोला- ये दो दिन बाद के लिए. क्योंकि मैंने मेरे हाथ की बीच की उंगली को सीधा उसके क्लिट पर रगड़ना शुरू कर दिया था.

मुझे उसके मुलायम-मुलायम मम्मे दबाने में बहुत मजा आ रहा था और उसको मेरे लंड के खोल को खींचने में.

तब मैंने एक हाथ शलाका की चूचियों के अंदर डाल दिया और उसकी संतरे जैसी चूचियों को सहलाने लगा. मगर वहां जो शावर वाला स्थान इतना बड़ा नहीं था जिसमें तीन लोग फिट भी हो जाते और चोद भी लेते. अर्चना को धीरे धीरे चुदने में इतना मज़ा आने लगा कि उसकी मदभरी आवाजें ‘आह आह राहुल … और तेज चोदो उम्मह.

अर्चना का तुरंत जवाब आया, जैसे वो इंतजार ही कर रही थी- वेलकम राहुल. अंकल जी अपनी दूसरी बात पर भी खरे उतरे और उन्होंने कभी भी मुझसे सेक्स के लिए नहीं कहा.

फिर भी मैंने उसकी पेंटी में हाथ डाल कर देखा, तो उसकी चड्डी पूरी गीली और चिपचिपी थी. मेरे इस रियक्शन से वह एकदम आग बबूला हो गई और मेरे हाथ को पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खींचा और मुझे पागलों की तरह चूमने और चाटने लगी. पूनम को मौका कभी-कभी ही मिलता है लेकिन उन दोनों में से किसी एक को भी अगर मैं कभी अकेला दिखाई दे जाऊं तो वे मेरे लंड को खाने के लिए दौड़ पड़ती हैं.

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वह मेरे लंड से ऐसे खेल रही थी जैसे बच्चा अपने मन पसंद खिलौने से खेलता है.

रीना के साथ रणविजय- (रणविजय के ही शब्दों में)जैसे ही मैंने अंदर से लॉक खोल कर कमरे के अंदर चाबी लगाकर प्रवेश किया तब पता चला कि रीना बाथरूम में है. उधर राधिका और दिशा दोनों एक-दूसरे से अलग हो गईं और मैं भी अपना लंड हाथ लेकर खड़ा हो गया. हां अगर आप ने मेरी बात मान ली होती तो शायद मैं आपके लिए कुछ कर भी सकता था.

मैंने कहा- अगर आप सभी को ठीक लगे तो इस राउंड में सभी लड़कियों की गांड में लंड डाले जाएँ?मुस्कान बोली- नहीं यार, दर्द होगा और मज़ा भी नहीं आयेगा. शुभ्रा भी मुझे इस तरह से गिरता हुए देखकर अपनी तरफ से मुझे सम्भालने की कोशिश करने लगी।मैं वापस पलंग पर आ गया और शुभ्रा के बगल में लेटते हुए बोला- यार, मूवी में तो लंड बुर के अन्दर बड़ी आसानी से चला जाता है और यहां पर तो बार-बार लंड फिसल जा रहा है। चल कोई बात नहीं, हम लोग पहली बार कर रहे हैं शायद इसीलिए नहीं जा रहा. तेरी अखियां का काजलबिन्दू- लेकिन आप प्लीज ये दोनों ही बातें मेरी मम्मी को नहीं बताना वर्ना वो मेरी जान निकाल देगी.

मैंने लहँगे के नाड़े की वसुन्धरा की कमर पर मुनासिब जग़ह गाँठ लगाई और हम दोनों घर से शादी वाले होटल की ओर रवाना हुए. लगभग 1 मिनट तक मैं रुका रहा और फिर से धीरे-धीरे लिंग को अंदर डालने लगा.

एक बात और बताना चाहता हूँ कि मैं कोई साहित्यकार नहीं हूँ, बस अपनी बात अपने शब्दों में लिखने की कोशिश करता हूँ. जब एक बार वीर्य निकालने के बाद भी लंड शांत नहीं हुआ तो दूसरी बार लगातार मुट्ठ मारी तब जाकर मुझे नींद आई. हम्म … ठीक है अंकल जी!”सोनम बेटा, अगर तेरे पास टाइम हो तो कभी आना मुझसे मिलने!”जी अंकल जी, आ तो जाऊँगी मैं … पर डर भी बहुत लगता है, कोई देख लेगा तो?” मैंने हिचकिचाते हुए कहा.

‘ओह मेरी जान … वंश … उफ्फ … इस्ससी … उउफ्फ …’वो धीरे धीरे मेरे ब्लाउज़ के बटन खोलने लगा. मैंने अमित को फोन किया, तो उसने बोला- हां बस मैं 15 मिनट में पहुंच जाऊंगा. ताकि मैं उसके मटकते चूतड़ों को देख सकूँ। अरे हाँ, हॉल से लेकर अभी तक वो नीचे से नंगी थी.

इधर उंगली से मेरी चूत का भी पानी निकल चुका था।इस सब में मैंने एक काम कर लिया था कि सुमीना और मेरे ससुर की रासलीला की वीडियो अपने मोबाइल से बना ली थी.

विशाल के शब्द:मुझे उसे चोदने का बड़ा मन कर रहा था लेकिन मैंने उसे आराम करने दिया. वो आई-पिल दिखाते हुए बोली- तुम बस जो चाहते हो, खुल के करो मेरे साथ, अब मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ। तुम मेरे लिए पति से भी बढ़ कर हो।अपनी बड़ी बहन को ऐसा बोलते देख मैं उत्तेजित हो गया। मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों पर होंठ रख दिए.

फिर वो फ्रेश होकर बाहर आई और मुझे बोली- तू भी फ्रेश होकर और झांट निकाल कर आना. जैसे ही भैया जोर से कमर से शॉट मारते, लंड घप से भाभी की चूत में घुस जाता और भाभी के मुँह से जोरदार आह निकलती और पायल की आवाज़ आती. आह-आह करते हुए पतिदेव बोले- कैसा लगा मेरा माल?नम्रता- बहुत टेस्टी है.

बाली रानी के गर्म, गीले मुंह में जाकर सुपारी में भीषण उत्तेजना छा रही थी. इस तरह होंठ चूसते हुए उसने अचानक से अपनी जीभ निकाल कर मेरे मुँह डाल दी. मेरा भी निकलने वाला था, नीचे से झटके मारते हुए मैं उसकी चूत में ही झड़ गया.

बीएफ कॉमेडी शायरी दोस्तो, काफी दिनों बाद मैं फिर से एक नई सेक्स कहानी लेकर हाज़िर हूँ. हम लगातार किस किये जा रहे थे, तभी मैंने हल्का सा धक्का उसकी चुत पे लगा दिया.

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इस पर खुशी ने कहा- नहीं यार वो भी अच्छे होते हैं, उन पर भी भरोसा किया जा सकता है. इतने में भी जब मन नहीं भरा तो मैंने रात को सोते समय फिर से उसकी योनि की चुदाई के आनंद के बारे में सोच कर फिर से लिंग को तेजी के साथ हिलाते हुए मुट्ठ मारी. लेकिन मैं क्या बताऊं दोस्तों, मेरी गांड इतनी फटती थी कि कहीं मैंने कुछ किया और भाभी ने मुझे नहीं झेला तो क्या होगा.

भाभी ने अन्दर ले जाकर मुझे पूरा नंगा कर दिया और शावर चला कर हम दोनों नहाने लगे. शायद वह अपने शरीर पर बॉडी लोशन लगा रही थी। मेरे अंदर आने की आहट को उसने समझा कि मैं राजवीर हूं. करिश्मा की सेक्सी फोटोचाची ने मेरी चड्डी में हाथ डाला और बोली- गौरव तेरा घोड़ा तो ताव में आ गया है।मैंने चाची के बूब्स पर हाथ रखते हुए कहा- चाची चूत दे दो प्लीज!चाची बोली- हरामी मैं जानती हूं.

मैंने भी देर करना ठीक नहीं समझा और मौसी को मैंने मेज़ पर बैठने का इशारा किया.

मैं बोला- तो तुम हमें चुदाई करते देखती हो, तो तुम्ह़ारा मन नहीं होता?इस पर वो शर्मा गई. उसने मेरी तरफ सवालिया नजरों से देखा तो मैंने कहा- अर्चना जी आप खाना खा लीजिए … मैं ऑफिस में बैठा हूं.

मेरा काम है कि जो क्लेम आते हैं, उन्हें जाचूं और सही होने पर उसका क्लेम अपने ग्राहक को दिलाऊं. ”मत जाओ … कहने को तो दो … महज़ दो लफ्ज़ ही थे लेकिन इन के मायने बहुत वसीह थे. उसके बाद मनोज मुझे ढूंढने के लिए बाथरूम की ओर आ रहा था लेकिन उससे बचने के लिए मैं भी बेडरूम में मनीषा के पास भाग गया.

हरकेश मेरे पास आया और एक ग्लास उठाकर पैग पिया और अपने कपड़े पहनने लगा।मैंने पूछा- क्या हुआ भाई? कहां चल दिए?तो उसने कहा- बस भाई, आज के लिए काफी है.

जब मेरे धक्के तेज होने लगे तो उसके मुंह से उम्म्ह… अहह… हय… याह… की आवाजें निकलने लगीं. कुछ देर बाद मैंने सुमन से पूछा- तुम तो ग्रुप सेक्स के लिए मना कर रही थी. उन्होंने मेरी चूचियों को जोर से मसला और मेरी गर्दन को पकड़ कर अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया.

काजल राघवानी की सेक्सी फोटोरमेश- क्या चाहिए कुत्ती खुलकर बोल? रमेश उसके बाल खींचते हुए बोला।रिया- लण्ड … आपका लण्ड मुझे मेरी गांड में चाहिए डैडी। मुझे अपने लंड का ईनाम दे दो डैडी।रमेश- भीख मांग लण्ड के लिए।रिया- प्लीज डैडी, मैं आपके लंड की भीख मांग रही हूं. मैंने भी मजाक करते हुए कहा कि दिखने में तो पहले जितने ही बड़े दिखते हैं, लेकिन दबा कर देखने से सही मालूम चलेगा.

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आपने मेरी पिछली कहानियों को खूब पसंद किया जिसमें मैंनेजीजा के साथ सेक्सकिया था. जब मुझे लगा कि इसका दर्द दूर हो गया है, तो मैंने मुँह हटा लिया और अब तेज तेज से धक्के देना चालू कर दिया. साली जी ने अपनी जांघें पूरी तरह से खोल लीं थीं और उनकी कसी हुई चूत में मेरा लंड रक्त से नहाया हुआ धंसा पड़ा था.

उसने अपनी ड्रेस न पहन कर वार्डरोब से मेरी एक शर्ट पहन ली थी और नीचे सिर्फ पैंटी में थी. उनकी तरफ से कोई ऐतराज ना पाते हुए मैं भाभी की गांड को धीरे धीरे सहलाने लगा था. मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरे लिये चादर ही किसी बुर से कम नहीं है और मैं शुभ्रा की चूत चाटने के साथ-साथ अपनी कमर उठा-उठाकर लंड को सेट कर रहा था.

जब से मैंने भैया को देखा कि वह मेरे बदन पर नजर रखते हैं तो उसके बाद से ही मैंने भी भैया की हरकतों पर नजर रखना शुरू कर दिया. इसलिए मैंने एक चौथाई हिस्सा ही लंड का बुर में डाले रखा और उसको अंदर-बाहर करने लगा. अब उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरी उंगलियाँ अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

थोड़ी देर तक टीवी देखते रहने के बाद, नम्रता अपनी बुर पर हाथ फेरते हुए बोली- शरद, अपने कपड़े उतारकर पीठ के बल लेट जाओ, तुम्हारी गांड में कुप्पी डालकर मुझे मूतना है. फिर कुछ देर चैटिंग करने के बाद पता चला कि वो एक शादीशुदा भाभी है और उसका नाम क्यारा है.

वो अब नितिन से विनती करने लगी- अब अपना लंड निकाल लो, अन्दर जलन मच रही है.

फिर कुछ देर टीवी देखने के बाद मां बोलीं- चलिए मैं खाना लगाती हूँ … नौ बज गए हैं. सेक्सी गाने हिंदी मेंलंड को हाथ में लेकर कुछ देर सहलाने के बाद उन्होंने मेरे लंड को मुंह में ले लिया. मिया खलीफा एक्स वीडियोमंत्र-मुग्ध होकर नम्रता उठी और गोल-गोल होकर नाचने लगी, उसकी पायल की झनकार मेरे कानों में रस घोल रही थी. तभी कुछ लड़के वहां पर दौड़ते हुए आये और उन्होंने दोनों के जोड़ को छुड़ाने के लिए उन पर कंकड़-पत्थर फेंकने शुरू कर दिये.

फिर उसे चुदाई का मजा आने लगा तो …अब आगे की सेक्सी साली की जवानी की चुदाई स्टोरी:बस हो गया न यार … दर्द तो पहली बार होता ही है साली डार्लिंग!” मैंने उनके आंसू अपने होंठों से चूम लिए और फिर उनके पैर जो मैंने अपनी कोहनियों से लॉक कर रखे थे उन्हें रिलीज कर दिया.

तब तक मेरे मन में ऐसा कुछ नहीं था, पर अब मुझे अपनी सलहज काजल का पूरा जिस्म मेरे आंखों के सामने आ गया, जिसमें मेरे लाए ब्रा और पैन्टी पहन कर वो मेरे सामने खड़ी थी. फिर धीरे से उन्होंने अपनी जीभ को मेरी गांड के छेद के नीचे रखा और उसे चाटना शुरू कर दिया. फिर अंकल जी मेरे पास ही आ गए और धीमे से मुझसे बोले- सोनम बेटा, तुझे मेरी कसम है अगर तू नहीं आई तो!अंकल जी की कसम के आगे मैं मान गयी और सोचा कि चलो आखिरी बार मिल लेती हूं; फिर आगे से कभी भी नहीं मिलूंगी चाहे कुछ भी हो.

वो बिन पानी की मछली की तरह तड़पने लगी और मेरे मुँह को अपने चुच्चों पर जोर जोर से दबा रही थी. उनके मुलायम से हाथ का स्पर्श मिलते ही मेरा लंड एकदम से जैसे भड़क सा गया. मैं धीरे से अपना एक हाथ ले जाकर शोना के चेहरे पे चलाने लगा … उसने भी अपना हाथ बढ़ाकर मेरे चेहरे पे रख दिया और मैं उसकी उंगलियाँ मुँह में लेकर चूसने लगा.

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अचानक मुझे कल उनको दी हुई पैंटी की याद आयी- अंकल वो मेरी कल दी हुई पैंटी कहां है?अंकल ने अपना हाथ गद्दे के नीचे डाला और मेरी पैंटी बाहर निकाली, पर मुझे देने की बजाय उन्होंने उसे अपने नाक के पास ले जाकर उसे सूंघने लगे. दीपिका सिहर उठी और बोली- कितना अच्छी तरह से प्यार करते हो आप … राज … आह्ह! काश आप मुझे पति के रूप में मिल जाते. अंकल ने किस तरह मेरे बदन को मसला था, किस तरह मेरे होंठों की चुसाई की थी, कितनी बेदर्दी से मेरे स्तनों को रगड़ा था और आखिर में किस तरह उन्होंने अपना विशाल लंड मेरी कमसिन चुत में घुसाकर मेरी चुदाई की … ये सभी प्रसंग याद आते ही मेरी चुत पानी छोड़ने लगती है.

तभी मेरी नजर संजना पर पड़ी, जो हम दोनों के सामने आकर टॉयलेट सीट के पीछे अपना एक पैर ऊपर लेकर अपनी चूत में उंगलियां डालकर मुझे उकसा रही थी.

मुझे अब भी बहुत दर्द हो रहा था, जैसे तैसे मैं अपने घर गयी और बेड पर लेट गयी.

अमित ने खड़े हुए ही मेरे सलवार का नाड़ा खोल दिया, जिससे सलवार नीचे गिर गयी. ”क्या?” मैंने महसूस किया नताशा के दिल की धड़कन बहुत बढ़ गई है और वह अपनी जाँघों के साथ अपने नितम्बों को भी दबा रही है।नताशा सच कहूँ तो तुम्हारे नितम्ब इतने खूबसूरत हैं कि एक बार मुझे उनके बीच अपने लंड को डालने का बहुत मन कर रहा है. चिल्ड्रन कारफिर रंजना ने मेरा लिंग पकड़ा और तेजी के साथ सहलाने लगी। उसके हाथों द्वारा मेरे लिंग को सहलाने से मुझे और जोश आने लगा.

शादी के बाद जब हम हनीमून पर गए थे, तो तुमने ऐसे ही मुझे दिन रात चोद चोद कर मज़े दिए थे. उसने मेरा लंड चूत में डालने से पहले पूछा- सर कंडोम लगाना है क्या?मैंने उसकी नशीली आंखों में देखकर कहा- मुझे तो बिना किसी रूकावट के तुम्हें पाना है, तुम अगर मुझे बुरका (कंडोम) पहनाना चाहो, तो मेरे बैग में रखा है. अब मुझे लगने लगा कि अगर अगले कुछ पल तक नम्रता ऐसे ही मेरे लंड से खेलती रही, तो मेरा माल कभी भी बाहर आ सकता है.

उनके पास जाकर मैंने उनसे अपनी समस्या के बारे में बताया कि मुझे यहां पर इतनी दूर स्कूल में आने में समस्या हो रही है. नम्रता ने बात छेड़ते हुए कहा- अच्छा ये बताओ, तुम्हें कैसे शौक हुआ कि तुम अपनी बीवी को सेक्सी कपड़े पहनाओ?मैं- अरे ये कोई शौक नहीं है, बस मेरी कल्पना थी.

मैंने गाड़ी साइड में लगाई और कार में से अपना सूटकेस निकला और वसुन्धरा के पीछे-पीछे अंदर चला गया.

मुझे भी काफी आग लगी थी, उसकी चूत के चिकने पानी से मेरा लंड बड़ी तेजी अन्दर बाहर होने लगा था. कई साल पहले मेरी एक हॉट सेक्स स्टोरी इन हिंदीरसीली चूत में मेरा लवड़ाअन्तर्वासना पर आई थी. जब हम रास्ते में जाते थे, तो आपस में थोड़ा एडल्ट जोक्स भी सुना देते थे.

सेक्सी फोटो माधुरी दीक्षित फिर रात को निहारिका का फोन आया और मुझे निहारिका की चुदाई की आवाज़ साफ साफ सुनाई दे रही थीं. लेकिन पता नहीं क्यों शायद नारीसुलभ लाजवश वह मुझे अपनी चूत को भोगने नहीं दे रही थी.

मैंने उसी पोजीशन में ड्रिंक का एक सिप लिया तो दीपिका ने उसे भी पिलाने का इशारा किया. मेरे मुंह से जोर जोर की कामुक आवाजें निकलने लगीं- आह्ह … मर गयी … ओह्ह सर … आह्ह … मैं तो गयी. रितेश को थोड़ा अजीब लगा, लेकिन फिर भी उसने अपने साथ कुछ नींद की गोलियां रख लीं.

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अब आगे:नम्रता आगे बोली- उनकी नजरें नाईटी को भेदते हुए मेरे अर्धनग्न जिस्म को घूरे जा रही थीं और वे अपने हाथ हिलाये जा रहे थे. आखिर मैं गांव उसी से तो मिलने और उसकी चूत चुदाई करने आया था।हम दोनों ने पहले बाथरूम जाकर हाथ मुँह धोये, जिससे सारी थकान मिट गयी और दोनों वापस बेड पर आ गए।फिर मैं गर्लफ्रेंड के साथ बेड पर लेट गया। गर्लफ्रेंड ने भी अपने दुपट्टे और बैग उतार कर लेट गई।मैंने उसको ‘आई लव यू’ बोला उसने भी ‘आई लव यू’ में ही जवाब दिया।अब मैंने आगे बढ़ने की सोची. बोलते हुए ही उन्होंने अपना लंड बाहर खींचा और फिर जोर से अन्दर पेल दिया.

इसलिए मेरी शादी इस घर में पक्की हो गयी क्यूंकि ये लोग कुछ नहीं मांग रहे थे. मैंने उसकी चूत में लंड के धक्के लगाना शुरू कर दिया और मेरे लंड व उसकी चूत के मिलन से फच फच… थप-थप… फट-फट… की आवाज होने लगी.

उसके होंठों को मैंने लिपलॉक कर के पूरी तेजी से उसकी चुदाई शुरू कर दी.

दैटस गुड बेटा; एक बात और है कि अब से हमारे बीच कोई सेक्स सम्बन्ध नहीं होगा. लेकिन राज मेरी पेंटी के अंदर हाथ डाल कर मेरी छोटी छोटी झांटों पर सहलाने लगा. मेरे पिताजी तो काम करके आते ही खाना खाकर सो जाते हैं क्योंकि वो काफ़ी मेहनत का काम करते हैं और उनकी उम्र भी हो चुकी है.

जब भाभी के पास गया तो भाभी बोलीं- इतना क्यों डर रहे हो, मैंने तुमसे कुछ कहा क्या?तो मुझे थोड़ी राहत की सांस मिली. मैंने गुप्ताइन की साड़ी और पेटीकोट एक साथ ऊपर उठा दिये और उसके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा. जब ग्यारह बज गये तो मैंने सोचा कि अब तक जीजू और हेतल दोनों सो चुके होंगे.

दस मिनट की चुदाई के बाद भाभी मेरे ऊपर आ गई, चूत में लंड खुरस कर बोलीं- देख साले … कैसे चुदाई करते हैं … चूत कैसे चोदते हैं, तू देख भोसड़ी के.

बीएफ कॉमेडी शायरी: हालांकि मेरा सुपाड़ा चादर से रगड़ रहा था और एक मीठी जलन हो रही थी, लेकिन इस तरह दूध पीने का मजा भी मिल रहा था. मैं भी उसको चोदने लगा, लेकिन यह क्या, फिर वही कहानी, 10-12 धक्के के बाद वो अलग हुई और जमीन पर नागिन की भाँति लेटकर रेंगने लगी और अपनी जीभ को छत पर भर चुके पानी पर चलाने लगी.

लंड कितना अंदर गया ये तो नहीं कह सकता लेकिन शुभ्रा ने कस कर पलंग के सिरहाने को पकड़ लिया. बस चुदाई की मस्त आवाजें आ रही थीं- चप … चप … चप …तब मैंने उसको नीचे लिटा दिया और उसकी टांगें उठाकर चोदने लगा. साथ ही उसके बूब्स भी दबाने लग गया। उस के बूब्स बहुत बड़े और काफी नर्म भी थे और मुझे बहुत मजा आ रहा था.

उसको खड़ी कर पेटीकोट के नाड़े को खींचा, एक बार में पेटीकोट सीधा नीचे गिरा.

रितेश जीजू कभी मेरे साथ मेरे रूम में सो जाते थे तो कभी हॉल में सो जाते थे. तभी सोनल की टास्क देने की बारी आ गई थी- भाभी, आप दोनों बहनें एक दूसरे के मम्मे दबाओ. वो कूल्हे उठा कर चल रही थी। रिया गाण्ड को मटकाती हुई सीधी बाथरूम की तरफ़ चली गई।रमेश आराम से लेटा हुआ था.