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मेरा फोन ढूंढें: हिंदी में बीएफ सेक्सी फिल्में, मैं लिख देती हूँ…वेदांत ने कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी…मैं : अच्छा सुन मेरे दिमाग में एक मस्त खुराफाती तरकीब आई है इस होमवर्क नाम के कीटाणु से निपटने की.

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उसने धीरे से मेरे कान में कहा- भाभी, भोंसड़े को चोद दूँ… बहुत जी कर रहा है…!’विपिन तो बस मेरी गाण्ड के पीछे ही पड़ा था… जब उसने भोसड़ा चोदने की बात कही तो ‘मुझे सीधी तो होने दे… ऐसे कैसे भोंसड़े को चोदेगा?’ मैंने वासना भरी आवाज में कहा. देहाती सेक्सी वीडियो फूल हददर्द के बारे में बताने पर देवर मुझे उसी पोज में अपने ऊपर लिटा कर खुद ही नीचे से धक्के मारने लगा.

पर हाँ उनका लण्ड दूसरों की अपेक्षा छोटा है, यानि राहुल, रोशन, गोवर्धन, गोविन्द के लण्ड से तो छोटा ही है. भाई ने बहन को चोदा हिंदी सेक्सीराहुल अंकल जोर जोर से सिस्कार रहे थे- ओह! आह्ह्ह्ह्! बड़ा मजा आ रहा है! क्या मस्त चूसती है तू! आज तूने पागल कर दिया है! आज तो तेरी ऐसी गांड मारूँगा कि तू लौड़ा लेने के नाम से डरेगी.

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मेरे हाथ उसके चूचों को दबा रहे थे और मेरा लंड उसकी चूत में पिस्टन की तरह चल रहा था.मेरा दिल कर रहा है कि कोई मेरे इस जिस्म को अपनी मज़बूत बाँहों में लेकर इसे खूब ज़ोर से दबाए इसी निचोड़ डाले और मैं अपनी जवानी का मजा उसके जिस्म को दूँ.

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अब मेरे जिस्म पर वो हक़ ज़माने लगा, कभी मेरे चूचे मसलता, कभी मेरे मुँह में हाथ डाल देता.प्रेषक : राज कार्तिकसोनिया अब मस्त गांड उठा उठा कर मेरा लण्ड ले रही थी अपनी चूत में।करीब दस मिनट के बाद सोनिया का शरीर अकड़ने लगा और वो चिल्ला उठी- मैं तो गईईई.

मैंने कहा- आंटी, आप को गाण्ड भी बहुत प्यारी है और बड़ी भी! मुझे चोदनी है!आंटी ने कहा- पहले मेरी चूत का पानी निकाल दे, अभी तो सारी रात बाकी है, गाण्ड बाद में मार लेना!मोना जोर जोर से मेरे लण्ड पर वार करने लगी, जोर जोर से सिसकारियाँ ले ले कर आंटी ईईये ये ये यीईईई उईईई आआआ ऊऊऊऊ उफ्फ्फ्फ आयेच कर रही थी और धक्के लगा रही थी और मैं भी आंटी की कमर पकड़ कर आंटी को जोर जोर से चोद रहा था. हिंदी में बीएफ सेक्सी फिल्में जब मैंने सोनम से पूछा कि मैं तो तुमसे प्यार करता था फिर तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया?तो सोनम कुछ नहीं बोली और योगी की तरफ देखने लगी.

राजा ने लौड़े पे क्रीम लगाई और दो उंगली से सुनीता की गाण्ड में क्रीम लगा दी और धीरे से डाल दिया अपना लोहे जैसा लौड़ा।सुनीता- मर गई रे ! राजा क्या किया तूने? राजा तूने बजा दिया गाण्ड का बाजा।मौसी- नहीं रे ! अभी तो घुसा है ! बजाना तो बाकी है.

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हम दोनों बस एक दूसरे को दूर से ही देख कर संतुष्ट हो लिया करते थे…!!!अगली क्लास में मेरे पास एक कॉपी आई उसमें लिखा था- अभी इसी वक़्त हॉल में आकर मिलो. वास्तव में जब से मैंने अपने किरायेदार प्रशांत से उसे रात में चुदवा कर लौटते समय देख लिया था. ‘तो फिर आओ… आपकी इच्छा पहले!’ मैंने राधा को फिर से अपनी बाहों में उठा लिया और बिस्तर की ओर बढ़ चला.

‘अरे ये तो नचुरल है, मर्द और औरत का तो मेल है… फिर तुम क्या करती हो?’‘अरे चुप रहो ना!’ वो शरमाती जा रही थी. बोरीवली स्टेशन पर उतरने के बाद वो लोग ऑटो में चले गए, मैं उन्हें जाता देखता रहा पर अफ़सोस अनु से मैं उसका फोन नंबर नहीं ले पाया. ”फिर तुम…”मुझे तो पापा ने गोद लिया था, उस समय मैं दस साल की थी, पर मैंने मम्मी का पूरा साथ दिया है.

’ कहते हुए मेरे सर को अपने सीने पर दबाने लगी।मैंने अब उसकी साड़ी को निकालना शुरू किया. कैसे हो आप? मैंने अन्तर्वासना की हर कहानी पढ़ रखी है! आज मैं भी अपना एक ख़ुद का अनुभव लिख रहा हूँ, यह जो मैं कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी चाची और मेरी है।मेरा नाम सुशान्त है, कानपुर का रहने वाला हूँ, अभी पढ़ाई कर रहा हूँ। कॉलेज में मैं बहुत लड़कियों को चोद चुका हूँ। मेरी उम्र 23 साल है, कद 5 फीट 9 इंच है, अच्छा खासा व्यक्तित्व है, मेरा लंड 7. आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !तो मूतिये आंटी जी ! यह तो मेरे लिए प्रसाद है, चूतामृत यानि बुर का अमृत !”आंटी खड़ी हो कर मूतने लगी, मैं झुक कर उनका मूत पीने लगा। मूत से मेरा चेहरा भीग गया था। उसके बाद आंटी की आज्ञा से मैंने उनकी योनि का स्वाद चखा। उनकी चिकनी चूत को पहले चाटने लगा और फिर जीभ से अंदर का नमकीन पानी पीने लगा.

मैं देखना चाहता था कि आखिर ये दोनों करते क्या हैं?मैं जब अंकल के घर के पास पहुँचा तो घर का दरवाजा अन्दर से बंद था पर अन्दर से बात करने की आवाज़ आ रही थी. मैं भी बस झड़ने वाला था फिर हम दोनों ने एक-दूसरे को कस के पकड़ किया और फिर अपना अपना पानी एक दूसरे में मिला दिया और उसके बाद हम एक-दूसरे में समा गए.

मैं सिर्फ चाहती थी कि वो अपने दिल की बात बस कह दे ताकि उसके दिल में चुभती सी हुई कोई भी बात उसे और परेशान न करे…वो बस में मेरे साथ ही बैठा था.

तो मेरे दिल में ख्याल आया- कौन पागल लड़का है जो इतनी सुन्दर और अमीर बाप की इकलौती लड़की को छोड़ सकता है!मगर शायद वो तान्या के नखरों से तंग आ गया होगा.

रीटा का स्कूल बैग साईकल के पीछे रख बहादुर ने रीटा की बगलों में हाथ डाल कर रीटा को उठा अगले डण्डे पर बैठाया. मैं जैसे झरने को आया, उसकी चूत में दना-दन 5-6 ज़ोर के धक्के दिए और उसके ऊपर ही लुढ़क गया, जिससे वो भी एक और बार झड़ गई. उसने फिर मेरा लौड़ा मुँह में डाल लिया और सुड़प … सुड़प … कर के चूसने लगी!मेरा माल निकलने वाला था तो मैंने अपना लौड़ा बाहर खींच लिया और उसे खड़ा कर दिया।अब मैंने उसकी सलवार भी उतार दी … हाय … उसने अन्दर कच्छी भी नहीं पहनी थी.

क्या हुआ सर ?कुछ नहीं चलता हूँ श्रेया …मैंने कहा- कुछ पियेंगे ??उसने कहा- हाँ दूध. कुछ बदमाश लड़के एक जगह बैठे थे और सिगरेट पी रहे थे। मैं उन्हें डांट लगाते हुए उधर गया तो देखा वो लोग छिप छिप कर दारू पी रहे थे. तो बोली- फिर बच्चा हो जाता होगा?तो मैंने समझाया- हम लोग जो कर रहे हैं जैसे तुम मेरे लंड को दबा रही हो, या अगर इसको चूसोगी और मैं तुम्हारी चूची चूसूंगा या होंठ को चूमूंगा और चुसूंगा तो बच्चा नहीं होगा.

अभी भी वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराती रही तो मैंने उसके गालों पर उँगलियाँ फिराना शुरू किया.

फिर उन्होंने अपना तन्नाया हुआ लंबा लण्ड माँ की गाण्ड में टिका दिया और उनकी कमर पकड़ कर अपना लण्ड पीछे से अन्दर घुसाने लगे. मैंने भी अपने दिमाग में सोचा कि भाभी भी जयपुर में हैं, उनसे भी मिल आऊँगा और क्या पता इस बार उन्हें फिर से चोदने का मौका ही मिल जाए. यह कह कर वो मेरे लौड़े को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी और अपने हाथों से मेरा मुठ मारने लगी.

आज हम दूर हो गए और कई लड़कियाँ मेरे बिस्तर पर आ चुकी हैं पर मोना और उसकी दीदी के साथ गुजरे सेक्स के वो पल और उन बहनों के नंगे जिस्म मुझको बहुत याद आते हैं. 5 इंच लम्बा है और बहुत मोटा है।मेरी चाची की उमर 31 साल है, नाम अनीता(बदला हुआ), ऊँचाई 5 फीट 5 इंच, वक्ष का आकार 38 लगभग, 38-29-38. उसकी आँखें डबडबा आई…मैं : लेकिन बोलो तो सही ऐसी क्या बात है…वो : मेरी परेशानी का कारण आप हैं…अब मेरी समझ में कुछ आया लेकिन फिर भी मैं बोली- क्या…!! मैं तुम्हारी परेशानी का कारण…वो फिर अचकचा गया.

कहानी शुरू करने से पहले बता दूँ कि यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली और सच्ची कहानी हैं.

मैंने हिम्मत करके अपने सीने पर ब्लाऊज का ऊपर का बटन खोल दिया था, ताकि उसे अपना हुस्न दिखा सकूं. ’ हरामज़ादी रीटा ने चाबी निकालने के बहाने बहादुर की पैंट की पाकीट में हाथ डाल कर बहादुर का अधअकड़ा लण्ड का आकार भांपा तो सिहर उठी.

हिंदी में बीएफ सेक्सी फिल्में थोडी देर तक उसका लंड चूसने के बाद उसने अपना लंड मेरे मुंह में से निकाल लिया और मुझसे बोला. जब उसने अपना लण्ड बाहर खींचा तो चूत से पर र र र र्र र्र र्र की आवाज के साथ साथ ढेर सारा वीर्य निकल कर फ़र्श पर गिर गया.

हिंदी में बीएफ सेक्सी फिल्में सोनम से अलग होने के बाद मैं अकेला-अकेला सा रहने लगा, मेरा किसी भी और काम में मन नहीं लगता था. क्या ?’‘अपनी मलाई मेरे कपड़ो में भी डाल दी। तुम भी एक नंबर के लोल हो। कभी उस मैना को ऐसे नहीं चुसवाया ?’‘ओह… सॉरी !’आगे की कहानी के लिए भाग-२ की प्रतीक्षा करें !.

मैंने अपना दाहिना हाथ अपनी चूत पर फेरते हुए कहा- मुनिया रानी ( चूत का यह नाम कॉलेज की लड़कियों ने रखा था) कल तुझे लंड की प्राप्ति होने वाली है! तैयार हो जा!मैं सुबह थोड़ा जल्दी उठी, अपनी चूत के आस पास के अनचाहे बालों (झांटों) को साफ़ किया, अच्छे से नहा धोकर तैयार हुई, सुन्दर सा सूट पहना और मम्मी से ‘कॉलेज जा रही हूँ’ कहकर घर से निकल पड़ी.

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उम्म्म्मममैं चूसता जा रहा था और वो मस्त हुई जा रही थी !शशांक : अब मैंने पीछे से ब्रा की स्ट्रीप खोल दी और दूसरे बूब को भी मुँह में भर लिया है…. और इधर माँ का बुरा हाल था- आआह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मह्ह्ह्ह अहाआअफिर मैंने उन की दोनों टांगें फैलाई और बीच में आ गया. वो शरमा गई और मैं उसके कपड़े उतारने लगा, उसका विरोध न के बराबर था पर उसने पेंटी और ब्रा नहीं उतारने दी और मैंने पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चूमना चालू कर दिया.

सोनम हमारे कॉलेज की मिस फ्रेशर भी रह चुकी थी, उसमें आत्मविशवास तो कूट-कूट कर भरा था और देखने में भी बहुत सुन्दर थी. ‘अरे वो… ओह क्या करूँ?’‘कुछ नहीं, मरद का लण्ड है, वो तो जोर मारेगा ही…’मैं बुरी तरह उसकी बातों से झेंप गया. वो भी क्या करता? बड़े दिनों से सेक्स का भूखा था और इस प्रसंग का पूरी तरह से रस लेना चाहता था… और बेचारी मोना अब्बास क नीचे दबी हुई अभी भी हिम्मत कर रही थी निकलने की… इस बार मोना ने महसूस किया कि अब्बास ने अपनी टांगों की मदद से मोना की दोनों टांगें खोल दी थी….

जीजू बोले- आओ बीयर लो!नहीं जीजू! कभी नहीं पी!”जान थोड़ी सी पी!”पूरा मग पिलवा दिया, खुद इतने में दो-तीन मग खींच गए.

ये सोच कर मैंने उससे कहा,’ आ मेरे राजा तेरा पानी तो मेरे मुंह में डाल मुझे पिला दे तेरा पानी. आखिर उसने मुझसे वो पूछा जिसके बारे में मैंने नहीं सोचा था, उसने कहा- तुम मुझसे और बाकी मुसलमानों से नफरत क्यों करते हो?मैंने कहा- मैं नफरत नहीं करता. और मैं सो गई……यह मेरी पहले दिन की चुदाई थी। उसके बात दूसरे दिन भोला से, थोड़े दिन बाद पति के दोस्त से, कुछ दिन बाद भोला और उसके दोस्तों से, दूधवाले से, अपने पति से मतलब मेरी चुदाई ही चुदाई….

वो… वो तो राते आवै है… कोई आठ बजे, बाकी तो साथ को नी रेहवै…”मतलब…?”म्हारे इनके हिस्से के पांती आयो है… सो अठै ही एकलो रहवा करे!”मैं अपने बिस्तर पर आराम कर ही रहा था कि मुझे छबीली की चीख सुनाई दी. लगातार निकल रहा था।उन्होंने मुझे थोड़ा रुकने को कहा। मैं रुक गया और उनके स्तनों को मुँह में भर लिया और चुभलाने लगा। दूसरे हाथ से मैं उनके दूसरे स्तन को मसल रहा था। थोड़ी देर में वो अपने चूतडों को ऊपर की ओर उछालने लगी और बोली- धक्के मार !मैंने अपना लण्ड खींच कर बाहर किया और एक जोरदार धक्का मारा।उई माँ…… मार डाला रे…. । सोरी मैम… ‘मैंने उसे गले लगा लिया। उसकी चुदाई से मैं गहराई तक सन्तुष्ट हो गई। महिमा भी मुझ से लिपट गई,’रोहित… तू तो ही-मैन है रे… मज़ा आ गया.

मैं उसे पलंग के कोने पर उलटा लिटा कर उस के पैर खोल कर फ़िर अपना लंड अन्दर करने लगा और इस बार लंड अन्दर-बाहर करने के साथ मैंने उसकी गांड में उंगली करनी शुरु कर दी. मैं अब एक हाथ से निधि कि चूचियां दबा रहा था और दूसरे से उसका स्कर्ट उपर करके उसकी जाँघों को मसल रहा था.

आप ही सोचिये कोई बीस साल की कुंवारी लड़की जो 4-5 इंच का लंड अपनी बुर में लेने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो, उसे आठ इंच लम्बा अच्छा खासा मोटा लंड दिख जाए तो वो घबरायेगी या नहीं?मुझे ख्यालों में खोया देखकर अमित बोले- क्या हुआ जान?मैं कुछ नहीं कह सकी, मैंने कहा कुछ नहीं. ” कहते हुए ठन्डे ने एक ऊँगली दुल्हन के अन्दर कर दी।दुल्हन मारे दर्द के कराह उठी,”हाय राम, मर गई मैं तो…. उसकी ससुराल ज्यादा दूर नहीं थी, हम वहाँ पहुँचे तो वहाँ हमारा खूब स्वागत हुआ और लगभग दो घंटे बाद हम अपने घर के लिए चल दिए.

फिर उसने मुझसे कहा- सब मैं ही उतारूंगी या तुम भी कुछ उतारने वाले हो?मैंने उसे बोला- मैंने तुम्हें कब मना किया है, तुम्हें जो उतारना है उतार दो.

‘प्यारी सी गाण्ड है!इसे ही चोद दूं क्या?’ मैंने उसकी प्यारी सी गाण्ड देख ललचाई नजरों से देखा. मैंने लण्ड निकाल कर उसकी गाण्ड की छेद पर थूक का लौन्दा लगाया और फिर से लण्ड घुसा डाला. तू घर पर अकेले क्या कर रहा है? ऐसे कविता ने पूछा।मैंने कहा- कुछ नहीं ! कम्प्यूटर पर काम कर रहा था…पर आज तुम तीनों मेरे घर अचानक.

फिर मैं दो गिलास में कोल्ड ड्रिंक लेकर आया, उसे एक गिलास दिया तो वो बोली- ऐसे नहीं! कोल्ड ड्रिंक अपने मुँह में लो और मुझे पिलाओ!मैंने मना किया तो वो बोली- वैसे ही पिलानी है तो पिलाओ, नहीं तो मैं जा रही हूँ!मैंने हाँ कही और कोल्ड ड्रिंक अपने मुँह में भर ली. ?” वो मेरे सामने गिड़गिड़ा रहा था। यही तो मैं चाहती थी कि वो मेरी मिन्नतें करे और हाथ जोड़े।ठीक है पर धीरे धीरे कोई जल्दबाजी और शैतानी नहीं ? समझे ?”ओह.

अब वो फ़ायरिंग करने को बेताब था…… मेरा लंड गीला होता जा रहा था और दीदी की चूत की प्यास बढ़ती जा रही थी। अब उसे रोकना नामुमकिन सा लग रहा था………. कौन पिंकी?’‘वही जिसके नाम के ऊपर तुम अपना वो पकड़ कर गोल गोल घुमाते हुए सू सू करते रहते हो?’वो बिना बोले सिर नीचा किए खड़ा रहा।‘कहीं तुम्हारी प्रेमिका-व्रेमिका तो नहीं?’‘न… नहीं तो !’‘शरमाओ नहीं… चलो सच बताओ?’ मैंने हँसते हुए कहा।‘वो… वो. मैं उसके ऊपर झुक कर उसके हाथों को हटाते हुए चूमने लगा और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा। उसका बदन ऐंठने लगा। उस दिन उसने अपनी झांटें साफ़ कर रखी थी, उसकी बिना बालों की गुलाबी चूत बहुत सुंदर लग रही थी।मैंने पूछा- इसके पहले तो हमेशा नीचे बाल रहते थे? आज तो बहुत चिकनी लग रही हो ?उसने कहा- आज सुबह साफ़ की है सिर्फ तुम्हारे लिए !मैंने कहा- जान क्या बात है….

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मैंने कोशिश की लेकिन उसकी चूत इतनी तंग थी कि जा ही नहीं रहा था … 2-3 बार कोशिश करने के बाद भी नहीं गया तो वो बोली- जाओ, रसोई से तेल ले आओ….

मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, मेरा कद 5 फ़ुट 9 इन्च है। मेरे शरीर का रंग गोरा है और 7″ का लंड है. एक चुम्बन ने क्या कर दिया… या फिर शायद यह यौवन ही था जिसने यह सब करा दिया…मैं उसकी ओर थोड़ी टेढ़ी होकर लेट गई. अब जीजू ने मुझे उल्टा किया और वो मेरी गांड को थपथपाने लगे, फिर उन्होंने अपनी एक अंगुली मेरी गांड के छेद में घुसा दी.

पहुंचा तो छवि की फोन दोबारा आया।फोन उठाते ही सुरीली सी आवाज आई- हेल्लो राकेश … राकेश बोल रहो हो?हाँ… राकेश बोल रहा हूँ. मैंने उसे मस्ती दिलाई।अब देर मत करो… प्लीज़ जल्दी डाल दो… चाट चाट कर गांड में खुजली कर दी है तुमने … प्लीज़ डालो ना. हरीश सेक्सी वीडियोमम्मी उनका लंड देख कर चौंक गई और बोली- बाप रे! इतना मोटा लौड़ा मेरे लिए?अंकल का लंड आठ इंच लम्बा और चार इंच मोटा था.

तो मैं उसके साथ बैठ गई।वैसे भी लड़का इतना सेक्सी था कि उसको मना करना मुश्किल था। रास्ते में उसने अपना नाम अनिल बताया। मैंने भी अपने बारे में बताया। थोड़ी आगे जाकर उसने कहा- भाभी अगर आप गुस्सा ना करो तो यही पास में से मैंने अपने दोस्त से कुछ किताबें लेनी थी. मैंने उसके दोनों स्तनों को ज़ोर से पकड़ लिया और धक्के लगाते हुए झड़ गया और उसके ऊपर ही निढ़ाल पड़ गया.

लेकिन मुझे पता नहीं था कि मेरे द्वारा दी जाने वाली आज़ादी का जीजू गलत मतलब निकल रहे हैं और वो अब मुझे चोदने की योजना भी बना चुके हैं. मम्मी ने कहा- बहन जी, मेहरबानी कैसी? यह भी तो आपके बेटे जैसा है!मम्मी ने मुझे आवाज़ लगाई, कहा- हैरी, तुम आंटी के घर जा कर सो जाया करो कुछ दिन! आंटी की तबीयत ठीक नहीं है. बुआ की बेटी प्यार में पड़ कर चुद गईसे आगे की कहानी!असल में शालू तो बस एक काम चलाऊ चीज थी, मुझे तो अमिता को चोदना था.

फ़िर मैंने उसका पूरा पायजामा उतार दिया अब वो पूरा नंगा लेटा था मुझे उसे देखने में शर्म आ रही थी. उसने फिर से 3-4 चांटे मेरे गाल पर मारे और जल्दी से मेरे दोनों बोबों को अपने मुँह में ले लिया और उन्हें तेजी से चूसने लगा. पिछला भाग:जीजू के साथ मस्त साली-1जीजू मेरी गांड मारने लगे, मैं बोली- जीजू, रहम करो! आप मेरी गांड को बख्श दो, मेरी फ़ुद्दी चोद लो!मुझ बावली को क्या पता कि मेरा जीजा तो चाहता ही यह था.

मेरा लण्ड पैंट से बाहर आने के लिए बेताब हो रहा था…मैंने अपने खड़े लंड को छुपाने की पूरी कोशिश की…हालांकि रिश्ते में वो मेरी दीदी जैसी थी पर उसके गोरा बदन ने सब कुछ भुला दिया ….

धूर्त बहादुर अपने खड़े लौड़े की टोटनी को अंगूठे और उंगली में रगड़ता हाथ को रीटा की नमकीन व चांदी सी चपडगंजी चूत को मुट्ठी में जोर से भींचता बोला- बेबी अब कुछ आराम आया?रीटा अब बोलने वाली हालत में नहीं थी- ओर जोर से बहादुर सीऽऽऽ ऊईऽऽऽ सीऽऽऽऽ. मैं समझ गया और उसको बाहों में लेकर एक प्यारा सा किस किया और समझाया कि यह सब जरूरत है, आपने कुछ गलत काम नहीं किया है.

मेरी बहन खुद खूबसूरत जिस्म की मालकिन है वो 24 साल की है कोई भी उसे देख ले तो चोदे बिना ना छोड़े! उसका पूरा बदन कसा हुआ है. तब तक बाहर लोग आने लग गए थे। मैंने अनु को कहा- पहले तुम जाओ, मैं थोड़ी देर में आता हूँ. ’‘बेटा तू तो पागल है! जो मज़े इस कच्ची उम्र की लड़की के साथ है, वो दूसरी किसी में कहाँ?’‘नहीं चाचा… वो तो तुम्हारे बच्चो जैसी है और तुम… चाचा आजकल तुम बहुत ठरकी होते जा रहे हो।’‘बेटा, अगर तूने मेरा यह काम करवा दिया तो तुझे एक ऐसा तोहफ़ा दूँगा कि पूरी जिन्दगी में चाचा को नहीं भूलेगा।’‘हाँ…मुझे मालूम है कि बदले में क्या मिलने वाला है… पिटाई मिलने वाली है वो भी सारे गाँव की.

ही कर पाया था। आंटी के झुके होने से उनके बड़े बाटलों की झलक साफ दिख रही थी।अब मैं भी नंगे होने के बावजूद उनके बाटलो को घूर रहा था। आंटी समझ गई और बोली- दूध को क्या घूर रहा है बे ?मैं एक पल को सकपका गया और नजर नीचे कर ली।तभी आंटी मेरे लौड़े को अन्डकोषों के नीचे से सहलाते हुए बोली- वाह… कितना मस्त है रे. तो मम्मी ही ऐसा करने लगी थी फिर इसमें अंकल का क्या दोष?मैं खिड़की के थोड़ा और नजदीक आ गया. शादी से एक दिन पहले की बात है, रात के दस बज चुके थे, सब सो गए थे, मैं और मेरा दोस्त जगह न होने के कारण छत पर सोने चले गए.

हिंदी में बीएफ सेक्सी फिल्में !”मैं दर्द के मारे कसमसाने लगी थी पर वो मेरी कमर पकड़े रहा और 2-3 धक्के और लगा दिए।मैं तो बिलबिलाती ही रह गई !आधा लण्ड अंदर चला गया था। उसने मुझे कस कर पकड़े रखा।ओह… जस्सी बहुत दर्द हो रहा है. यह सुन कर मुझे शर्म आने लगी और मैं कमरे से बाहर आ गया और रोने लगा क्योंकि आज तक कभी मुझे कोई भी लड़की शादी लायक नहीं लगी थी और जब लगी तो वो भी मजाक निकला.

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थोड़ा उठ कर उसके रसीले होंठों को फ़िर से चूमा- रागिनी कैसा रहा यह अनुभव?’‘बुरा नहीं था!’ उसने मुस्कुराते हुए कहा ‘लेकिन तुम्हारे इस मोटे और लंबे लंड ने मुझे आज पहली बार चुदाई का मजा क्या है, यह दिखा दिया।’ कहकर उसने मेरे लंड पर हाथ रखा और उसे दबाया।‘रागिनी क्या पहली बार तुमने अपने पति के सिवा किसी दूसरे का लंड लिया?’‘हाँ. उफ़्फ़ ! लाल रंग की ब्रा में उसके सफेद दूध जैसे स्तन ! एक अदभुत सुन्दरता थी उसके स्तनों में ! वैसे भी मेरा मानना है कि स्तन किसी भी लड़की के शरीर का सबसे खूबसूरत अंग होते हैं. काम की बात बोल…!!!मैं: तो मैं सोच रही हूँ कि प्रार्थना और साक्षात्कार हाल, प्रधानाचार्य के कक्ष के सामने हैं और तीसरा क्रियाकलाप हाल उनके कक्ष के ठीक पीछे… ऐसे में वहाँ पर कोई बच्चा नहीं फटकता…तो हम क्या करेंगे कि.

मैंने बीस मिनट तक उनकी गांड मारी फिर मैंने पानी छोड़ दिया और निढाल होकर बिस्तर पर लेट गया. जिन्दा तो तू उसको कभी नहीं लेकर जा सकेगा और अगर मेरे पुलिस स्टेशन में आएगा तो तेरा तो मैं वो हाल करूँगी कि कभी चल नहीं पाएगा !!इतना बोल कर मोना फ़ोन काट देती है और उधर आरती को होश आता है और वो मोना को बुलाने को कहती है।आगे जानने के लिए अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर आते रहिए…. हिंदी सेक्सी वीडियो औरत कीमेरा दिल जीजू के प्यार में रंगने लगा था, मुझे लगने लगा था कि जीजू के बिना अब मैं नहीं रह पाऊँगी.

उनकी बातें और अनुभव सुनकर मेरे अन्दर भी किसी से प्यार करने की इच्छा जागृत हो गई, सीधे शब्दों में कहूँ कि मैं चुदवाने के लिए बेताब होने लगी.

हम दोनों की जुबान बाहर थी और एक दूसरे से रगड़ खा रही थी।मैं ऊपर था इसलिए मेरे खुले मुँह से लार टपकने लगी जो मेरी जीभ से होती हुई उसके जीभ और फिर उसके मुँह में जाने लगी. बलवंत_सीडी: अभीक्या कर रहे होबलवंत_सीडी: फिर से बतानाबलवंत_सीडी: नम्बरबज़!!!!अनामिका : मैं जा रही हूंबलवंत_सीडी: नम्बर बता दोबज़!!!!बलवंत_सीडी: हेलोअनामिका : *************बलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंअनामिका : मैं बस नहाने जा रही हूंअनामिका : १० मिनट बाद करोबलवंत_सीडी: कितनी देर में काल करूंबलवंत_सीडी: हेलोबज़!!!!0357.

मैंने राजू का लंड तैयार करते हुए उससे कहा,’चलो राजू तुम अपना अधूरा काम पूरा करो !’मेरी बात सुनते ही राजू हँसते हुए मेरे पीछे आ गया और बोला ‘क्यों नहीं मैडम अभी लो !!’अब सब लोगों ने अपनी अपनी पोज़िशन ले ली. ”सच…तो पहले क्यों नहीं बताया…”शरम और धरम के मारे… आज तो बस सब कुछ अपने आप ही हो गया और मैं आपसे चुद बैठी. मोना कहने लगी- हैरी, मुझे मालूम है कि तू उस समय भी जग रहा था जब मैं तेरा लण्ड चूस रही थी, फिर यह नखरा क्यों?मैंने कहा- पर आंटी!मोना ने कहा- पर-वर कुछ नहीं! मजे कर! मैंने भी बहुत दिनों से चुदवाया नहीं है, तुझे तो मालूम है तेरे अंकल इंडिया आते हैं, तभी वो चोदते हैं.

मैंने ब्रा-पेंटी को छोड़कर उसके सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी कपड़े उतार कर फेंक दिए और अंडरवीयर में हो गया, और फिर उसकी ब्रा के ऊपर ही अपना मुँह रख दिया और उसकी ब्रा चाटने लगा ताकि उसको अच्छा लगे और फिर अपने दोनों हाथो से उसके दोनों चूचे पकड़ लिए.

उसकी अप्सराओं वाली सुन्दरता और उसकी इस हरकत से मेरी ७” वाली लंड धीरे खडा होने लगा. साला ठरकी …उसकी नज़र मेरे ऊपर थी।सर : यह देखो श्रेया… अब पता चला कि कैसे घुस जाता है… तुमने तो घुसवाया होगा…? शहरी हो… बॉयफ्रेंड भी होंगे…!साला ठरकी ! मन में तो आया पापा को सब बता देने का ! आज मैं तीनो की पोल ऐसा खोलूँगी कि याद रखेंगे तीनों … क्लासरूम जैसे पवित्र स्थान में यह कर रहे हैं. आखिर लण्ड और उंगलियों में कुछ तो फर्क होगा, तभी तो सब औरतें लण्ड की दीवानी होती हैं… वरना उँगलियाँ तो औरतों के पास भी हैं…!!!मैंने उसे कहा- तुम लेट जाओ.

सेक्सी छोड़ि छोडा वीडियोजब मैं वापिस घर आया तो मैं मनीषा को ढूंढने लगा क्योंकि मैं मनीषा की तरफ काफी मोहित हो चुका था. फिर शराब का सहारा किस लिए ? वैसे भी डॉक्टरों का मानना है कि शराब लिंग के लिए उत्तेजक नहीं बल्कि एक अवरोधक का काम करता है। शराब के बाद पुरुष सेक्स के बारे में बातें तो बहुत कर सकता है पर उसकी पौरुष शक्ति कमज़ोर हो जाती है और कई बार वह सम्भोग में विफल भी हो सकता है।हाँ, एक और बात….

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तकरीबन हर जगह चूमा…सिर्फ़ योनि को जान बूझ के छोड़ दिया…!!!नेहा की उतेजना का कोई ठिकाना नहीं था… आहें…कराहें… और सिसकारियों का समां था… मैं नेहा को उसकी सहनशीलता की हद तक पहुँचा चुका था… ज्वालामुखी बस फटने ही वाला था…अचानक नेहा ने मेरे सर के बाल पकड़े… मुझे झुकाया और अपने जांघों के बीच पहुँचा दिया… और जैसे ही मेरी नाक उस उभरी हुई योनि से टकराई… नेहा ऐंठने लगी. मनोज ने कहा- भाभी, आप मुँह में ले लोगी क्या?मैंने कहा- क्यों नहीं मनोज! तुम्हारा इतना सुंदर लिंग मैं मुँह में ना लूँ? ऐसा हो सकता है क्या?मैंने मनोज का लौड़ा मुँह में लिया ही था कि इतने में इन्होंने मेरी योनि में अपना लण्ड पिरो दिया. फिर मैं मीनाक्षी को चूमने लगा और भाभी मेरा लंड मुँह में लेने लगी … मैंने मीनाक्षी के पूरे कपड़े उतार दिए। अब हम तीनों नंगे थे, मैं मीनाक्षी की चूत चाट रहा था, मीनाक्षी भाभी की चूत चाट रही थी और भाभी के मुँह में मेरा लंड था …बड़ा मजा आ रहा था इस तरह करने में !फिर हमने जगह बदल ली ! मैं भाभी की चूत चाटने लगा ! भाभी मीनाक्षी की चूत और … मीनाक्षी ने मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया.

फिर वो टी वी का रिमोट मुझे देकर बोली- तुम टी वी देखो, मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर लाती हूँ. कभी कभी रीटा लजीज गालियों के साथ राजू के थप्पड़ शप्पड़ भी ठोक देती थी, तो राजू ने हिंसक रीटा की गाण्ड को झाड़ू, बैट, चप्पल और बैल्ट से भी खूब पीटा और जंगली रीटा को भी पीट कर चुदने में खूब मजा आता था. लंड चूत में!मैंने उसे चूमते हुए कहा- आई लव यू रागिनी! मैं बहुत दिनों से तुम्हें पाना चाहता था!’वो मुस्कुराई और कहा- मैं यह तो नहीं कहूँगी कि मैं तुम्हें पाना चाहती थी.

!!”बस इतना कहकर स्वाति को हमेशा के लिए छोड़ आया और आज ऐसी कितनी ही राण्डें मेरे लण्ड को सलामी दे चुकी हैं।. ‘आह भाभी… प्यार से सहलाओ!’उन्होंने कहा- अरे, मैंने तो सुना था कि मर्द को दर्द नहीं होता…? तुम्हारा बहुत लम्बा और मोटा है… तुम आज मुझे बर्बाद करके छोड़ोगे…मैंने कुछ नहीं कहा और उनके गोरे पेट को सहलाते हुए जीभ से गीला करने लगा. विश्रांती की मादक मुस्कराहट ने और भी मजा भर दिया… फिर विश्रांती की पेंटी को एक ही झटके में खोल दिया….

मुँह में भी दूँगा… अपना बच्चा भी तुझसे पैदा करवाऊँगा और यहाँ से नंगी तुझको उठाकर सबके सामने बाहर भी लेकर जाऊँगा…. देवर बोला- अब क्या करोगी मेरी जान…मैंने शांत रहते हुये कहा- अब मैं क्या कर सकती हूँ… जो कुछ करोगे तुम ही करोगे…मेरे ऐसा बोलते ही वो धीरे धीरे हिलने लगा और मौका पाकर मैं नीचे से एक तरफ़ सरक गई और बेचारा फ़िर से लण्ड अन्दर डालने की कोशिश में लग गया.

उसकी ब्रा को नीचे किया तो उसके उरोजों को गुलाबी रंग के चूचुक काफी सुंदर लग रहे थे.

”जी मैम… मुझे जरूरत तो है…पर आपका घर का पता नहीं मालूम है…”रोहित तुम कहाँ रहते हो?…” उसने अपने घर का पता बताया. देहाती ब्लू सेक्सी देहाती ब्लू सेक्सीमुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया. एक्स एक्स की सेक्सी वीडियोमेरी चूत तब तक दो बार झड़ चुकी थी… और बहुत चिकनी भी हो गई थी…इसलिए अब उसका लण्ड फच फच की आवाजें निकाल रहा था…मैं फिर से झड़ने वाली थी. मैंने उससे पूछा- मुझे घर फोन क्यों मिलाया था?तो वो बोला- हमें घर वापिस आने में 3-4 दिन लग जायेंगे तो मम्मी पापा चाहते है कि तब तक तुम हमारे घर और मेरी बहनों का ख्याल रखो.

पतले नक़्श, लंबे स्याह बाल, बड़ी-बड़ी आँखें जिनमें गुलाबी डोरे तैरते दिखाई देते थे और इन आँखों में हसीन और रंगीन ख्वाबों का पता देते थे.

मेरे बुर से रस की धार बह रही थी! न जाने क्या हो गया था मुझे … काश सर मान गए होते! मुझे भी चुदने का पागलपन हो गया था … बावली हो गई थी. रीटा की प्यासी चूत में अब जैसे असंख्य बुलबुले से फूटते जा रहे थे, रीटा बोली- बहादुर तुम मुझे बहुत पसन्द हो. मैं और उछल उछल कर अपनी चूत में उसका लण्ड घुसवाने लगी… फिर मेरा लावा छुट गया और मैं बेहाल होकर उसके सामने लेटी रही.

उस पर मेरा और उसका दोनों का रस लगा हुआ था और उसकी चूत से भी मेरा क्रीम बहते हुए उसकी गांड की तरफ़ बह रहा था।उसकी चूत एकदम लाल हो चुकी थी. वेदांत : आ जा ! मैं भी अकेला हूँ ! साथ में खाते हैं…मैंने लंच उठाया और उसकी क्लास में चली गई. वो: मैं… मैं… बहुत असमंजस में हूँ…मैं: हाँ तो कहो ना किस असमंजस में हो…वो: अब क्या कहूँ… कैसे.

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वो बेचारा मेरी ब्रा में हाथ डालने में डर रहा था इसलिए मैंने उसको इशारा किया और बोली ‘हाँ. मैं बहुत खुश हुआ, सोचा कि शायद उससे बात करने का और समझाने का मौका मिल जायेगा…और मैं निर्धारित समय, 28 अप्रैल शाम के 5 बजे उसके बताए हुए स्थान (मधुबन रेस्तरां) पहुँच गया…उसने काले रंग का सलवार-सूट पहना था और बहुत ही कमाल लग रही थी…हम दोनों साथ में कुछ जलपान करने लगे और बातों का सिलसिला चल निकला. मैंने अपनी अंगुली पर थूक लगाया और शुकू की गांड के छेद पर लगा दिया। वह तो उछल ही पड़ी।…….

मैंने एक बार जोर से चूत को रगड़ लगाई और मुझे लगा कि मेरी चूत से कोई द्रव निकला और मैं शांत हो गई.

मेरी बात मानो, अभी के लिए इसको भूल जाओ, कहीं ऐसा न हो कि यह यहीं आपको मार डाले, इसका कोई भरोसा नहीं है।अब्बास- बस कर साले….

देखो ये सुन कर मेरा लण्ड तो खड़ा होने लगा है !”यदि आपने ये सब किया तो फिर चोद लेना मुझे ?…. आप ठीक तो है न… मेम?तेल लगा दूँ…?वो पूरी रात मैं मेम की फटी हुई बुर पर तेल मालिश करता रहा…मेम, एक बात कहूँ…हाँ राजू बोलो!कहकर अपनी टांगें जोड़ ली और मुझे बिस्तर में बैठा लिया…छोटी मेम आइ लव यू…[emailprotected]. सेक्स मूवी हिंदी सेक्सीजी हाँ, यह विपिन मेरे पति का छोटा भाई है, यानि मेरा देवर… जालिम बहुत बहुत कंटीला है… उसे देख कर मेरा मन डोल जाता है.

उन्होंने मुझसे पूछा- घर चलना है?मेरे हाँ कहते ही उन्होंने कार का दरवाजा खोला, मैं उनके बगल की सीट पर बैठी और थोड़ी ही देर में घर पहुँच गई. फिर माँ मेरे पास आई और मुस्कुराते हुये कहा- इतना परेशान मत हो, मिल जायेगी! चल सब सामान वापस रख दे अभी!इतना बोल वो वहाँ से चली गई और अपने काम में लग गई. सभी अन्तर्वासना के पाठकों को मेरी और मेरी चिकनी गीली चूत, गोल-मोल गांड, मम्मो की तरफ से टाँगें चौड़ी करते हुए नमस्कार!गुरुजी आप सच में बहुत महान हो जो ऐसी वेबसाइट शुरु की है जिस पर सर्फिंग कर कोई भी इंसान बोर नहीं होता, लोग अपने बिस्तर की कहानियाँ सबके सामने लाते हैं, जिन्हें पढ़ कर औरतों की चूतें गीली होती हैं, मर्दों के लंड हिल-हिल कर सलामियाँ देने लगते होंगे.

फिर हमने कपड़े पहने, उसने बिस्तर की चादर बदली, मैंने उसे चूमा और बाहर आकर अपने कमरे में सो गया. फिर सुनील मेरे सामने आ गया और उसने मुझे अनिल के लौड़े पर बिठा दिया। अब अनिल मेरे नीचे था और मैं अनिल का लौड़ा अपनी गाण्ड में लिए उसके पैरों की ओर मुंह कर के बैठी थी.

छोटा भाई यानि देवर जी जिसे हम बॉबी कहते थे उसका काम अपनी जमीन जायदाद की देखरेख करना था.

उसकी सिसकारियाँ सुन-सुन कर मेरा जोश बढ़ जाता और मै उनको ज्यादा जोर से दबा-दबा कर चूसने लगता. कारण यह कि अमित का लंड करीब 8 इंच लम्बा और काफी मोटा था, मुझे मालूम था कि यह मेरी चूत का भुरता बना देगा. उसकी आहें निकलने लगी- आह ओह्ह आह!फिर मैंने कहा- अब तुम मुझे इन कपड़ों से आजाद करो!तो वो बोली- अभी लो मेरी जान, तुझे अभी नंगा कर देती हूँ.

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”तो दोस्तो! कैसी लगी मेरी आगे की कहानी?अब तो मैं इतना चोदने का आदि हो गया हूँ कि जब तक दो बार झड़ता नहीं, मैं नीचे उतरता ही नहीं. राजा ने लौड़े पे क्रीम लगाई और दो उंगली से सुनीता की गाण्ड में क्रीम लगा दी और धीरे से डाल दिया अपना लोहे जैसा लौड़ा।सुनीता- मर गई रे ! राजा क्या किया तूने? राजा तूने बजा दिया गाण्ड का बाजा।मौसी- नहीं रे ! अभी तो घुसा है ! बजाना तो बाकी है. अक्सर ऐसे में रशेज़ या दाने और खुजली जैसी परेशानियाँ होती हैं इसीलिए वो जगह हमेशा साफ़ रखना.

की आवाज आने लगी।मुझे बहुत मज़ा आया।मैंने भाभी की चूत को अपने मुँह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा, भाभी के मुँह से आह. जब वो जाने लगी तो उन्होंने मुझसे कहा- मुझको पता नहीं था कि तुम ऐसे हो! वरना मोना से पहले तुम्हारे लंड का स्वाद मैं ही चखती! और आज मैं सोच कर आई थी कि मैं आज तुम से अपनी प्यास बुझा ही लूंगी.

मैंने सोनम की तरफ इसलिए भी ध्यान नहीं दिया क्योंकि सोनम एक मुस्लिम लड़की थी और उसके तीन भाई भी थे और आप सभी लोग तो जानते ही हैं कि मुस्लिम लड़की को उसकी मर्जी के खिलाफ छेड़ना मतलब मौत को दावत देना!हमारे पास आकर सोनम बोली- हमारे सारे क्लासमेट जयपुर घूमने जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं, क्या तुम दोनों भी चलोगे?मैं कुछ बोलता, इससे पहले ही योगी ने हाँ कर दी.

!’‘जी?’ मैं मुस्करा रही थी।उसने मेरी हाथों की ऊँगलियों को सहलाते हुए कहा,’तुम्हारे ये लंबे नाख़ून, ये गहरे लाल रंग का नेल-एनेमल इन गोरी-गोरी ऊँगलियों पर कितनी सेक्सी लग रहा है…’ मुझे आलोक का सहलाना और ऐसी बातें करना बहुत ही अच्छा लग रहा था…‘नताशा, तुम अपने सौन्दर्य का बहुत ध्यान रखती हो!’. चाय पीने के बाद मैं कंपनी के गेट से निकला तो मुझे याद आया कि मैं अपनी चाभी तो दीदी के बॉस के कमरे में छोड़ आया. मैंने देखा कि चूत पर एक भी बाल नहीं था शायद प्रिया ने अपनी चूत की ताजी-ताजी सफाई की थी.

प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे लगा जैसे कोई मूसल मेरी फूलकुमारी के अंदर चला गया है, मुझे लगा ज़रूर मेरी फूलकुमारी का छेद बुरी तरह छिल गया है और उसमें जलन और चुनमुनाहट सी भी महसूस होने लगी थी। मुझे तो लगा कि यह फट ही गई है। मैं उसे परे हटाना चाहती थी पर उसने एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया।मेरी जान…. क्यों नयन, मजा आया?”बहुत मामी…बहुत मजा आया!”अरे अभी कहाँ? मजा तो अब तुझे दूंगी जो तुम जिन्दगी भर नहीं भूलोगे!”और मामी ने मेरा मुरझाया हुआ लंड अपने मुँह में लिया और अपनी जबान से और दातों से उसे चूसने लगी. तभी विनोद अंकल मुस्कराते हुये आगे बढ़े और राजेश का लण्ड पीछे से आ कर थाम लिया और उसकी मुठ्ठ मारने लगा.

ऑटो चलते समय भी वो किसी के ऑटो के एकदम सामने आ जाने पर माँ-बहन की गालियाँ दिया करता था.

हिंदी में बीएफ सेक्सी फिल्में: मौका देख बहादुर ने रीटा की बगल में हाथ डाल कर रीटा के चूचों को सरेआम अपनी मुट्ठियों में भींच कर रीटा को साईकल से नीचे उतारा तो रीटा के मुंह से मदभरी सिसकारी निकल गई. उसके बाद मैंने इत्मिनान से उसका ब्लाऊज खोला, उसके संतरों को प्यार से आज़ाद किया और उसके निप्पल मसलते हुए उसके नितम्बों को नंगा किया.

मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया. वो मेरे लंड को आगे पीछे करने के बजाए दबा रही थी, मैं गरम हो कर बोला- चाँदनी, चूस ना मेरा!तो वो बोली- ‘क्या’तो मुझे लगा कि पहले इसको समझा देना ज़रूरी होगा कि सेक्स कैसे करते हैं ताकि मजा आए. मैं और उछल उछल कर अपनी चूत में उसका लण्ड घुसवाने लगी… फिर मेरा लावा छुट गया और मैं बेहाल होकर उसके सामने लेटी रही.

मैंने कहा- माँ, आप क्या कर रही हो?माँ बोली- मैंने तेरी वो फिल्म कल ही देख ली है, मुझ से कुछ मत छुपा!मेरे पास कोई जवाब नहीं था, उन्होंने एक सेक्सी मुस्कान देते हुए कहा- घबरा मत! मुझे सब पता है.

हुम्म… आह!फिर मैंने उन्हें सोफे पर ही लिटा दिया और उनके पूरे शरीर को दबोचने लगा। चाची भी पूरे जोश में थी और मेरे बालों में तो कभी मेरे हाथों को सहलाती। अब चाची चुदने के लिये बिल्कुल तैयार हो चुकी थी, वो ऐसे तड़प रही थी जैसे सालों से भूखी हों।मैं उनकी नाईटी खोलने लगा कि अचानक दरवाज़े पर घण्टी बजी, घण्टी की आवाज़ सुनते ही हम दोनों घबरा गये और रुक गये। तभी हमरी नज़र सामने लगी घड़ी पर पड़ी, शाम के 5. मैं एक मध्यम वर्ग का लड़का था, मुझे घर चलने और अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए टीचर बनना पड़ा था. मेरी दीदी की शादी हो गई है लेकिन अब भी जब हमें मौका मिलता है, दीदी मुझसे चुदवा ही डालती हैं।अब आप सब बताये कि इसमें मेरा कुसूर कहाँ है? अगर मैं नहीं चोदता तो दीदी कहीं और चुदाने जाती.