घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ

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सेक्सी फिल्म नंगा फोटो: घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ, निर्मला जी के बारे में कुछ बताऊंगा; निर्मला जी बयालीस साल की महिला हैं, जो परीक्षित जी की दूसरी पत्नी हैं.

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और वो सिसकारने लगी थी- आह्ह … मार दी कती … आईई … आह्ह … रुक जा … आह्ह … स्स्स … मरगी मां … आह्ह … राज … चूस ले … आह्ह मजा आवै है … ओह्ह … चाटता रह।मौनी पूरी गर्म हो चुकी थी. कौन सा नशा करतेचोदते हुए मैं उसकी गर्दन, उसके कान की लौ और गालों पर प्यार से जीभ फिरा रहा था.

आहिस्ता आहिस्ता मैं हर धक्के के साथ थोड़ा थोड़ा लंड अदिति की चूत में और गहराई में उतारता रहा. सोनी एक्सअन्तर्वासना के पटल पर यह मेरी पहली सेक्स कहानी है, यदि कोई ग़लती दिखे तो प्लीज़ नजरअंदाज करते हुए देसी GF सेक्स स्टोरी का मजा लीजिएगा.

अब मेरा लंड रचना की गांड में घुसने के लिए बेताब हो रहा था- जानू, तैयार हो गांड मरवाने के लिए?रचना ने लम्बी सांस ली- हां, मैं तैयार हूँ.घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ: असली सेक्स वही होता है, जिसमें दोनों पार्टनर को चरम सुख की प्राप्ति हो.

उन्होंने अपने हाथ से उसकी चमड़ी को पीछे किया तो उसका सुपारा बाहर निकल आया।मैं बिना पलकें झपकाए उनके लंड को देखे जा रही थी। इसी बीच उन्होंने अपनी पोजीशन बदली और अचानक से उल्टे होकर मेरे ऊपर आ गए.वो एक नौकरानी के साथ बाहर आई और बोली- एक दिन लेट हो जाओगे तो कोई आपको काम से निकाल नहीं देगा.

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क्योंकि मेरा लंड जाएगा तो‌ ममता की चूत में, मगर पानी तो शायद शायरा की चूत से भी निकाल ही देगा.वैसे मैंने तो जो किया सो किया, शायरा ने भी तो इसमें मेरा साथ दिया था … तभी तो मेरी इतनी हिम्मत हुई.

मेरी जीभ के साथ साथ ममता ने अपनी कमर को हिलाना शुरू कर दिया था, जिससे मेरा जोश और भी बढ़ गया था. घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ वो बोली- आज रात यहीं रुकूंगी, फिर मैं कल सुबह की फ़्लाइट से दिल्ली चली जाऊंगी.

इसी बीच मनोज ने अपने लंड का माल मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैं उस माल को सारा पी गई.

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अब शायरा हमें सामने से तो‌ देख‌ नहीं सकती थी … और कमरे के अन्दर देखने के लिए कहीं और से कोई जगह थी नहीं. गुलाब जैसे पंखुड़ियों वाली चुत का स्वाद नमकीन और कसैला सा लग रहा था. गिलास पकड़ने की बजाए उसने अपना मुँह आगे किया और अपने गुलाबी होंठ गिलास पर चिपका दिए.

रेल सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि बैंक ट्रेनिंग में मेरी दोस्ती एक नवविवाहिता सहकर्मी से हुई. उसने विक्रम के लंड को फिर खड़ा देखा, तो उसके चेहरे पर कुटिल मुस्कान आ गई. फिर चाची जी दुखी होते हुए बोलीं- हमें तो अब काफ़ी दिन हो गए हैं किए हुए.

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फिर उस लौंडे ने अपने लंड का सारा माल मेरी बीवी के मुँह में ही निकाल दिया. हॉट कॉलेज गर्ल फक़ कहानी में मैंने एक स्पोर्ट्स गर्ल को अपने कमरे पर लाकर चोदा.

नेहा- कमाल है यार, मेरी चूची मसल रही है और कहती है कि मैं ये नहीं कह रही.

उधर जय ने भी आगे से साड़ी को हाथ से थामा, उसने भी लंड को बाहर निकाला और मेरी पैंटी को नीचे खींच कर मेरी चूत पर लगा दिया.

मैं दर्द में तड़प गयी थी और राज के धक्के थे कि रुकने का नाम नहीं ले रहे थे. अब सबसे पहले मैं उसके ऊपर झुका और उसके हाथों को थामकर चेहरे से अलग करते हुए बगल में किए. वो सांस लेने के लिए मुँह खोलती थी … मगर मैं उसके होंठों फिर से मुँह में भर के, कभी ऊपर के … कभी नीचे के होंठ चूसने लगता.

उनके कहने पर मैं मैक्सी और चड्डी निकाल देती थी और ऐसी कल्पना करती थी कि वह मेरे होंठों को चूम रहे हैं, मेरी छातियों को दबा रहे हैं, मेरी चूचियों को मसलते हुए दबोच रहे हैं और सचमुच में अपने मुँह से चीख भी निकाल देती थी. वो किसी से ज़्यादा घुलती मिलती नहीं थी … इसलिए ही शायद इतनी चिड़चिड़ी भी हो गयी थी. सुरेश अब मेरी बेटी सोनी की गांड और चूत को सहला रहा था और सोनी चुपचाप लेटी हुई थी.

पर इतना पक्का था कि हम दोनों में से किसी ने कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया था.

मैं इतना तो नहीं जानता था कि उसके मन में क्या बात चल रही थी … लेकिन इतना बता सकता हूं कि वंदना की मनोदशा देख कर मुझे लगने लगा था कि उन दोनों के बीच में आज तक कभी सेक्स नहीं हुआ होगा. उनके निप्पल और उसके पास का काला भाग देख कर मैं ललचा गया और मैंने दोनों बूब्स को दस मिनट तक खूब दबा कर चूसा. अदिति नीचे से गांड उठाकर मेरे लंड को अपने चूत में लेती हुई बोली- हां हर्षद, मैं भी यही चाहती हूँ.

उनका फिगर 34-30-36 है। वो लगभग मेरी ही उम्र की है। वो थोड़ी मोटी है. भाभी को कुछ दिनों तक आराम करने को बोला गया था ताकि कोई दिक्कत हो तो जल्दी से उन्हें अस्पताल लाया जा सके. थ्रीसम चुदाई की कहानी में पढ़ें कि मैंने कैसे अपनी गर्लफ्रेंड की दो सहेलियों को एक साथ चोद कर मजा दिया.

वो तुम्हें ज़्यादा कुछ परेशान नहीं करेगा, बस थोड़ा तुम्हारे शरीर को टच करेगा.

उसके मुँह से लगातार सिसकारियां निकल रही थीं जो बस की आवाज में ज्यादा नहीं महसूस हो रही थीं. मैं आनंद से सराबोर हो रही थी।लग रहा था कि जैसे मेरा पानी निकलने वाला है। मैं निहाल हो रही थी।फिर मुझे लगा जैसे कि अब खुद को झड़ने से रोक पाना मेरे वश में नहीं है.

घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ डॉक्टर मुझसे बोला- रानी मज़ा आया ना?मैंने शर्माते हुए हां में सर हिलाया. मगर उससे बात करके मेरे दिल में फिर से वही सब विचार आने लगे थे, इसलिए मैंने शायरा की जितनी हो सके उतनी तारीफ की, पर उससे ज़्यादा खुला नहीं.

घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ खुले आसमान में उड़ने की ख़्वाहिशों को दफ़न कर वो जमीं पर चलने में ही संतोष किये हुए थी. अगर तुम्हारे अंदर भी इतना दम है तो टांग देना तुम भी उसको ऐसे ही।मैं अपनी बीवी की बात सुनकर और हैरान हुआ मगर फिर वही नजारा याद आया और मैं फिर से उन दोनों की चुदाई देखने के लिए दौड़ा।सोनी की आँखें बंद थीं.

ये सेक्स फॉर मनी Xxx कहानी एक साल पहले की है, एक दिन राकेश जब शाम को घर आए तो वो बहुत खुश थे.

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तो हम दोनों बातें कर रहे थे और बातों बातों में राहुल भैया ने मुझसे कहा- प्रॉमिस करो, जो कुछ भी कभी भी हमारे बीच बातें होती हैं … वह तुम किसी को नहीं बताओगे. कहानी के पहले भागचालीस इंच की गांड थी साली कीमें अब तक आपने पढ़ा था कि रेशमा मेरे साथ ट्रेन के कूपे में एक झीनी सी नाइटी पहनी हुई मेरी बांहों में थी. मामी भी कुछ अदायें और जलवे दिखा रही थी लेकिन सब कुछ ऐसे था कि अनजाने में होता दिख रहा था.

योनिरस से भीगी हुई उंगली मैंने उस छिद्र में डाली तो रेनू का शरीर अकड़ सा गया. मगर वो जाने को तैयार नहीं थे और मुझे जबरदस्ती मेरी घुटनों पर बैठा दिया और अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया. कुछ देर बाद मैं भी वहां पहुंच गई और उससे बोली- अब सुनाओ, अनन्या को कैसे फुसलाया और उसकी चुत में अपना माल कैसे डाला?उसने कहा- सब तैयारी तो तुमने ही करवा दी थी.

अब मैंने सोचा कि क्यों ना अनन्या को अपनी राजदार बना कर खुल कर चुदूं और उसकी भी चुदाई करवाऊं.

फिर कुछ ही देर में मैं उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया।कुछ देर उसके ऊपर ऐसे ही लेटे रहने के बाद हम दोनों उठे. पैसे वापस लौटाने का हम लोगों ने वादा किया था लेकिन एक पैसा भी वापस नहीं कर पाए थे. खुशी चूत रगड़ने में इतनी मदहोश हो गई थी कि वो आह आह करती हुई मचलने लगी.

मैंने अपने दोनों हाथों को लाकर नीचे से उसकी गांड को कस कर थाम लिया और अपने पूरे शरीर का वजन मैंने उस पर ही डाल दिया ताकि वो इधर उधर न हो. जैसे ही चुदाई खत्म हुई, रूपा का फोन आया और बोली- लंच तैयार है, जल्दी से आ जाओ. उन चुचुकों का बढ़ता आकर ये साबित कर रहा था कि रेशमा अपनी वासना के चरम की तरफ बढ़ रही है.

अगली सुबह उसका फोन आया कि मुझे ‘वो’ (पोर्न) वाली फिल्म देखनी हैं तेरे फोन में. उधर साला सुरेश अपने नाक और मुंह से उसकी जवानी की खुदाई करने में लगा हुआ था.

कुछ तो महसूस भी होना चाहिए।फिर मैंने धीरे धीरे झटके लगाने शुरू कर दिए और पूछा- अब कैसा लग रहा है भाभी?उन्होंने कहा- अब पहले से कुछ ठीक लग रहा है।फिर धीरे धीरे मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और उनके होंठों को चूसने लगा. मेरा बिजनेस में बहुत बड़ा नुकसान हुआ था जिसके चलते मेरी जिंदगी में बहुत बदलाव आ गया था. मैंने कहा- अगर तुम्हें बुरा लग रहा है तो मैं तुम्हें टच नहीं करूंगा.

दो पल रुककर आधा लंड हल्के से बाहर निकाला और फिर जोर के झटके से चुत के अन्दर पेल दिया.

कुछ देर बाद मैंने रोहन के लंड को ढीला देखा तो उसने कहा- रूपा, मेरे लंड को खड़ा करो अब तुम्हारी चुत फाड़ने की बारी है. मगर हमारे इस चुम्बन का बाहर खिड़की पर खड़ी शायरा पर शायद कुछ और ही असर हो रहा था. उसकी बातें सुनकर अच्छा तो लगा पर दिमाग में अभी भी कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करूं?उस दिन के बाद धीरे धीरे हमारे बीच सब कुछ बदलने लगा.

फिर बातों ही बातों में मैंने उसका हाथ पकड़ कर उसकी गर्दन में चूमना शुरू कर दिया. मैंने कहा- अब रुकना मत जब तक मैं झड़ ना जाऊं!विपिन ने अपना लंड एक झटके में अन्दर डाला और पट्ट-पट्ट जोर जोर से चोदने लगा.

बेबी क्या हुआ, कहां जा रहे हो?”मैं कुछ नहीं बोला और जाकर 4 रस्सी लेकर आ गया. फिर वो मेरे ऊपर आया और अपना लन्ड मेरी चूत के छेद में सेट करके एक जोरदार झटका मारा. जैसे ही मेरा लण्ड टनटनाया, मामी घोड़ी बन गई और बोली- उठ जा विजय, आज मुझे कुतिया बनाकर चोद.

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फिर मैंने उसके पैरों के बीच नज़र डाली … भाई कसम सामने जन्नत थी जन्नत.

वैसे भी इस समाज की औरतें ज़्यादातर घर में और बुरके में रहने के कारण ज्यादा ग़ोरी-चिट्टी होती है. इस दौरान उसके हाथ मेरे लिंग को सहलाते रहे।मैंने उसको उल्टा लिटा कर उसकी पीठ, क़मर और नितंबों की शिलाओं को सहलाते हुए होंठों से बहुत प्यार किया।वो पलट गई और अपने चूचक को मेरे मुँह में दे दिया. मैंने कभी ऐसा पहले किया नहीं था लेकिन आप मुझे इतना ज्यादा अच्छा लग रहा था कि मैंने सोचा कि यह जो भी कहेंगे, मैं करूंगा.

अब आगे सिस्टर सेक्स्क्स स्टोरी:मनीष के ऑफिस निकलते ही घर के अन्दर नेहा और स्नेहा दोनों बहनें सोफे पर आ गईं. कुछ ही देर में बुआ ने अपनी दोनों टांगों को कुछ इस तरह से फैला दिया, जिससे मुझे उनकी चूत की दरार साफ दिखने लगी थी. साडी मे चुदाईयह शायद इस वजह से हो सकता है कि मुझे बहुत दिनों बाद किसी मर्द का स्पर्श हुआ था.

ऊपर से मैं था नशे में, पांच बियर खींचने के बाद मैं निर्मला जी को सुन रहा था और यही सोच रहा था कि क्या किस्मत है परीक्षित की, ऐसी गज़ब शरीर और आवाज़ वाली बीवी पाई है. काफी देर तक उन्होंने मेरी गांड मारी, फिर गांड के अन्दर पूरा लंड जड़ तक पेल दिया.

मैं विजय को धीरे से बोली- विजय जी, दूसरों की बीवी के शरीर को इस तरह ताड़ना भी पाप है. वो भी थोड़ी सहज होती जा रही थी और मेरी बातों के सही तरीके से बिना हिचके जवाब देती थी. इस बार हम ज्यादा देर नहीं रुके और एक मिनट तक आराम करके फिर से चुदाई को तैयार थे.

अब मैं कुछ कहता या करता कि तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ मेरे गाल पर पड़ा और सीन बदल गया. उस पर मैं और शेखर जी सोने लगे तो गेस्ट साहब भी हमारे साथ लेटने लगे. तुमने अपनी बड़ी बुआ को इतना चोदा … कभी अपनी इस बुआ के बारे में नहीं सोचा योगी.

वैसे तो मेरा मन उनकी गांड मारने का था, लेकिन उनकी बच्चे की मांग पूरी करने के कारण मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया, जिससे उनकी चूत ऊपर उठ गई.

मैंने उसको संभाला मगर वो अनायास ही मेरे सीने पर सिर रख कर रोने लगी इसलिए मैंने उसे कस कर गले से लगा कर उसको चुप कराया और उसके साथ कहीं बाहर घूमने का प्रस्ताव रखा. ऑफिस गर्ल Xxx स्टोरी पर अपनी राय देने के लिए आप मुझे नीचे दी गए ईमेल पते पर मैसेज करें.

वैसे तो मैं सांस्कृतिक क्षेत्र से ज़्यादा जुड़ा हुआ था लेकिन फिर भी खेल में रुचि बराबर रही है. वहां जाकर मैंने उसको सामने से देखा तो वो बंदा काफी हैंडसम दिख रहा था. इसलिए क्यों ना उसे आज मेरी और ममता‌‌ की चुदाई का सीधा प्रसारण ही दिखा दिया जाए.

फोन काट कर मैं पीछे के रास्ते से नीचे गया और भैंसों वाले कमरे की छत से होता हुआ ऊपर चढ़ा. तो मैंने अपना अंडरवियर भी निकल दिया और ऐसे ही गेट खोलने चला गया उनको सरप्राइज देने!पर जैसे ही मैंने गेट खोला, सामने वही भाभी खड़ी थी. मगर मैंने चाची की एक ना सुनी और अपना लौड़ा चाची की चुत में धकापेल अन्दर बाहर करने लगा.

घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ मैंने अपने लंड पर भी साबुन लगया और मेरे बिना कहे ही उसने मेरे लंड को थाम लिया और मसलने लगी. फिर स्नेहा मुस्कुराते हुए नेहा की बढ़ती चूचियों की तरफ़ इशारा करके बोली- लगता है आज कर जीजू अच्छी खासी मेहनत कर रहे हैं.

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जानू आज रात नहीं, आज मैं बहुत थक गया हूं … और अगर आज हम चुदाई करेंगे तो मैं तुझे चुदाई का पूरा मजा नहीं दे पाऊंगा. पूजा बुआ के घर में रात बिताने के बाद अगले दिन मैं काम ढूंढने निकल गया पूजा बुआ भी वर्किंग लेडी थीं, तो वो भी अपने काम पर चली गईं. मैंने पूछा- मगर क्या!तब उसने मुझे अपनी बांहों में भींचते हुए बोला- इस तरह से.

तभी पीछे से रवि ने मेरी गांड को पकड़ा और मेरी गांड के छेद पर लंड लगाकर ठूंस दिया. आज रूबी के वो मदभरे चुचे मेरे हाथ में थे, जिनको देख कर मेरा लंड खड़ा हो जाता था. ब्लू फिल्म स्टोरीइस बार कॉलेज का एक टूर्नामेंट वाराणसी से दूर एक गांव में हो रहा था.

मेरी वाइफ, चाची से सात साल छोटी है लेकिन फिर भी वो चाची जी के साथ ऐसे रहती है, जैसे की वो उनकी सहेली हो.

सही में मेरा लंड अब फिर से खड़ा हो गया था … जो कि‌ खिड़की से शायद शायरा भी देख रही थी. मैं- अरे मेरी जान चुचे चूसना और उनका दूध पीना मेरी कमज़ोरी है, लेकिन उनसे दूध पीकर मैं पूरी रात चोद सकता हूँ.

मैं भाभी के होंठों पर अपने होंठों को रख कर चुम्मी करने लगा और एक हाथ उनके मम्मों पर रख कर दबाने लगा. मैंने कहा- जाने दो जानू, पहले तुम्हारी चूत की सील तोड़ी … और अब गांड को फाड़ना अच्छा नहीं. ’शायद रात गयी बात गयी इस रूल के हिसाब से चलना चाहिए और मुझे ही उसने आगे आकर बात करके एक नयी शुरूआत करनी चाहिये.

वो काफी दिन बाद चुद रही थीं और फूफा जी ने उनको कभी तृप्त नहीं कर पाया था, ये उन्होंने मुझे बाद में बताया था.

शायरा ने पता नहीं मेरी आवाज पहचानी भी थी या नहीं, ये तो मुझे नहीं पता. मैंने कहा- आपने भी चुदने का पूरा मूड पहले से बनाया हुआ था, इसी लिए चाय के लिए बुलाया था. उसने सोनी को इतना गर्म कर दिया था कि वो बेचैन हो उठी और उसके लण्ड को देखने के चक्कर में वो सारी शर्म भूल गयी.

जंगल में मंगल वीडियो सेक्सीरूम के बाहर से ही- दीदू दीदू कितना टाईम लगेगा?नेहा- अन्दर आजा, अच्छा हुआ तू आ गई मेरी ब्रा का हुक लगा दे यार, लगता है दूसरी लेना पड़ेगी, ये भी छोटी हो गई. जब उसकी तरफ से मुझे कोई प्रतिरोध नहीं मिला तो मैंने उसकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया और सहलाने लगा.

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मजबूरी के चलते मुझे एक ऐसा कदम उठाना पड़ा जिसके बाद मेरी सोच कई तरह के रिश्तों को लेकर बिल्कुल ही बदल गयी. अनामिका ने उसे देखा और बोली- तू वहां क्या अकेले मजा ले रही है … इधर ही आ जा मेरी जान और मेरे हाथ खोल दे. वो देखने में अच्छी थी, पर मैंने ध्यान नहीं दिया क्योंकि मैं भी काफी थका हुआ महसूस कर रहा था.

मेरा लंड ठीक उसकी चूत के मुंह पर लगा था और वो उसको अंदर लेने के लिए चूत का दबाव उस पर डालने लगी. मेरी चूचियां मेरी साड़ी के ऊपर नंगी तनी हुई थीं और वो दोनों उनको उनके चार हाथों से मसलने में लगे हुए थे. ट्रेन पूरी रफ्तार में चली जा रही थी और उन दोनों ने भी अपनी चुदाई की ट्रेन मेरी चूत और गांड में चली दी थी.

इधर दिल्ली में तो मुझे और ममता जी को मिलने की कोई जगह नहीं मिल रही थी, इसलिए हमने इस टुअर पर ही जाकर चुदाई का प्लान बनाया. ब्यूटी मेरे लण्ड को पूरा मुँह में भरती, फिर हल्का बाहर निकाल कर लण्ड के टोपे को लॉलीपॉप जैसे चूसती।लंड चुसाई का ये अहसास मेरे लिए बड़ा ही सुखद अनुभव दे रहा था. बस अपनी स्पीड से चल रही थी और ललिता भाभी गपागप गपागप लंड चूस रही थी.

मैं फिर से बात को टालने की कोशिश की और बोला- अरे मैडम, आपको जरूर कुछ गलतफहमी हो रही है. अब धीरू अंकल ने मुझे बिस्तर पर उल्टा लिटा दिया और मेरी चूतड़ों को फैला दिया.

अगर आपने मेरी पिछली कहानी नहीं पढ़ी है तो आपको बता दूं कि आप इस कहानी को बेहतर ढंग से समझने के लिए मेरी यह कहानी पढ़ें.

मगर जब मुझसे वैसा ना हो सका, तो उसने मुझे नीचे करके चुत की धज्जियां उड़ा दीं. सैक्स विडीयोलेकिन फिर भी प्रियंका उसकी चूत में दे दना दन बिना रुके चूत में खीरा पेलती रही. मारवाड़ी भाई बहन का सेक्स वीडियोअपना एक हाथ उसकी चिकनी कमर पर रख कर उसको अपनी ओर खींच कर अपनी बांहों से लगा लिया. एक बार फिर से सोनी ‘आह्ह … अंकल … आह्ह अंकल …’ करती हुी चिल्लाने लगी और उसके लंड को अपनी कोमल, छोटी सी चुदी हुई चूत में बर्दाश्त करने लगी.

हम दोनों ऐसे ही बाथरूम में चले गए और खुद को साफ़ करके ऐसे ही नंगे रूम में आकर सो गए.

पर मैंने सोचा कि जब भाभी की चूत में आग लगी है और वो सामने से हाथ में लंड पकड़ रही हैं, तो मैं क्यों मना करूं. अब आगे सेक्सी लड़की हिंदी कहानी:फिर मैं एक दुकान पर सामान देखने लगी, तो उधर भी वो मेरे साथ था. उन्होंने मुझे तुरंत ही घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी गांड में लंड डालकर जोर जोर से हिलाने लगे.

कुछ मिनट चाटने के बाद मां ने भाई का लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी. पहले झटके में आधा और दूसरे झटके में पूरा लण्ड मामी की चूत में समा गया. और हम दोनों तो बता कर आए हैं ना!मैं जानबूझ कर उसको परेशान करने के लिए नकली नखरे करती रही और उसे कुछ ऐसे ही टालती रही.

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मैं चूत का रस चूसने लगा; साथ ही मैं आंटी की चूत को अन्दर तक चाट रहा था. उन्हें यूँ ही ऊपर कंधों पर और बीचों बीच में किस करते करते मजा लेने और देने लगा. अब मैं उसकी ख़ूबसूरती को निहारने लगा और मेरी निगाहें उसकी चौंतीस साइज के मम्मों पर टिकी हुई थीं जो ऊपर से दिख भी रहे थे.

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अन्तर्वासना के माध्यम से मिली भाभी की चुदाई करने मैं उसके घर पहुंचा.

अब आगे जवान लड़की की सेक्सी कहानी:चिराग चाय पीकर सीधे बाथरूम में गया और नहा धोकर जल्दी से तैयार हो गया. फिर आंटी की चूत पर लंड का सुपाड़ा सेट कर दिया और एक झटके में उसकी चूत में लंड को घुसा दिया. उज्जैन की सेक्सीआआ आआहह … आअहह … हाआय यइईई … बस्स … अब कुछ आगे भी करऊओ ओह आग लग गई है.

मैं धीरे धीरे करके उनकी लाई हुई आधी से ज़्यादा ब्राउनी खा गया, जो कि सच में बहुत स्वादिष्ट बनी थी. एक दिन वो बोली- आपने अपनी सेक्स चैट में जो बताया है, क्या आप सच में ऐसा करते हो?मैं बोला- मैं एकदम से आपको खुलकर ये सब कैसे बताऊं? मुझे थोड़ा असहज लग रहा है. वहां लोग भी काफ़ी मिलनसार हैं, ख़ासकर मेरी चचिया सास और मेरे चाचा ससुर, जो कि मुझसे फ्रैंक रहते हैं.

मैंने मीना बुआ से मस्ती की तो उसी समय मीना बुआ ने मुझको अपने साथ बिस्तर में खींच लिया था और चुदाई करवाते समय बड़ी बुआ ने बताया था कि ये दोनों भी चुदवाने को मचलती रहती हैं. मैं उसके मुंह में लंड देकर धक्के मारने लगा और उसके मुंह को चोदने लगा.

एक दिन मैं अपनी कुर्सी पर बैठा झूल रहा था, तभी मेज़ पर रखा फ़ोन एक बार बजा.

मेरी नजरों का पीछा करते हुए उसने अपने मम्मों की ओर देखा तो शर्मा गई. ड्रेस का गला थोड़ा बड़ा था, तो उसकी उठी हुई चुचियों के बीच की दरार एकदम घाटी जैसी लग रही थी. फिर वह मेरा लंड पकड़कर अपने बट बड्स बट्स के ऊपर सहलाने लगी और हाथ से मेरी डिक को ऊपर से सहलाने लगी.

विद मेट एप्स गाना लोड करने वाला इससे वो एकदम से गर्मा उठीं और अलग होकर मना करते हुए बोलीं- इससे बड़ी सनसनी हो रही है. अब देसी आंटी सेक्स कहानी:अच्छे नम्बरों से प्लस टू पास करने के बाद मुझे पीएमटी की तैयारी के लिए कोटा भेज दिया गया.

पता नहीं उसे कितने पैसों की जरूरत थी और क्यों!मगर मैंने फिर भी पूछा- तुमको पैसों की आवश्यकता क्यों है? कोई परेशानी है क्या?मगर उसने बस ‘नहीं’ शब्द ही कहा।उसकी आँखों से आँसू लगातार बहे जा रहे थे।अब मुझसे उसके आँसू देखे नहीं गए और मैंने कार सड़क के बगल में खड़ी कर दी. उसे क्या नहीं पता कि लड़का और लड़की जब अकेले हों और वो भी दोनों पूरी तरह से भूखे, तो क्या करेंगे. पर अब उसकी रेनू को देखने के बाद तो वैभव मुझे अपने सगे से भी अधिक प्रिय हो गया.

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मेरी चूत चिकनी होने की वजह से उसका लंड धीरे धीरे मेरी चूत को खोलता हुआ उसमें समाता जा रहा था. मानो बेड पर सच में युद्ध चल रहा हो। उसका हर झटका लिंग को उसकी योनि की दीवारों से टकराता था. मेरे बैठते ही वो घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लंड पर ऐसे टूट पड़ी, जैसे उसने आज लंड पहली बार ही देखा हो.

मुझे लगा कि मैंने उससे मदद के लिए कहा भी, तो कहीं वो अभी मुझे ही पकड़ कर गाली ने दे दें. दस मिनट बाद वो बोली- तेरा होने वाला है कि नहीं, मेरी चूत में जलन होने लगी है.

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूसने लगे.

फिर मैंने उसकी पैंटी उतार दी और हल्की रोशनी में उसकी चूत को देखने लगा। उसकी चूत बिल्कुल चिकनी थी जो गीली हो जाने के कारण चमक रही थी. ’ मैंने बोला और उनके जाने के बाद गेट बंद करके फिर से अमेज़न प्राइम देखने लगा. तब मैंने उससे ये कहा- तुम दोनों औरत हो, तो प्रीति के घर पर भी मिल सकती हो, जब उसका पति घर पर न हो.

मैंने चूत की चुदाई का मजा लिया अपने पड़ोस की एक भाभी को चोद कर! वो भाभी अंधविश्वासी थी तो मैंने इसका फायदा उठा कर उसे अपने पाश में फंसाया. दोस्तो … इनके बीच ये नॉर्मल बात है, ये एक दूसरे को पूरा नंगा (न्यूड) देख चुके हैं. उसी पल उसका वीर्य मेरे मुँह में ही झड़ने लगा, उसकी तेज तेज पिचकारियां मुझे अपने मुँह में महसूस हो रही थीं और कुछ ही पलों में मेरे होंठों के किनारे से वीर्य रिस कर भी आने लगा था.

मैं आहिस्ता आहिस्ता लंड अन्दर बाहर करने लगा और अदिति से बोला- अदिति दिल करता है कि मेरा लंड हमेशा तुम्हारी चूत में ही पड़ा रहे.

घड़ी बीएफ बीएफ बीएफ: रुखसार- मैं ये सवारी नहीं रोकने वाली … कशिश, तू ही मेरे कपड़े उतार दे. मेरी हां मिलने के बाद उन्होंने प्लान फाइनल कर लिया और दो दिन बाद मैं उनके बताए पते पर पहुंच गया.

ट्रेनिंग के बाद जब वो काम करने लगी तो उसको थोड़ी दिक्कतें आने लगीं. भैया जोर-जोर से मुँह से लॉलीपॉप आगे पीछे कर रहे थे और मैं रो रहा था क्योंकि मेरा मुँह दुख रहा था. नेहा पलट कर जाने लगी, तो स्नेहा को पता चला कि नेहा ने आज चड्डी भी नहीं पहनी थी.

इस बार लंड सीधा अन्दर चला गया और मैंने धीरे धीरे चुदाई का खेल शुरू कर दिया.

वो मेरी गिरफ्त से छूटने की नाकाम कोशिश करने लगी। मैंने उसके होंठों पर अपने होंठों का पहरा दे रखा था ताकि आवाज न निकले और एक हाथ से मैं उसकी चूची दबाने लगा. फोन सेक्स ही कर लिया करो कभी? तुम्हारी चूत चाटने और तुम्हें चोदने का बहुत मन करता है. उसने अपने दोनों पैर मेरी गांड से चिपका दिए और दोनों हाथ पीछे टेक लेकर अपनी चूत को मेरे लंड में पेलने की कोशिश करने लगी.