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माला अपनी स्टडी के कारण नहीं जा सकी थी, तो उसके घर वाले विजय के घर बोल गए कि आप माला के पास एक दिन के लिए रह जाना.नहीं नहीं … ऐसा नहीं … पर मीना तू मेरी मजबूरी समझ … मेरी तनखा इत्ती नई के वहां किराये का कमरा ले तुझे साथ रख पाऊँ.

मैं लंड को दीदी की सहेली की चूत में अन्दर बाहर अन्दर बाहर करने लगा. बीपी बीएफ हिंदी इसके अलावा वो मेरे मामा थे इसलिए लिहाज भी था और उनसे गन्दी बातें भी नहीं कर सकता था, क्योंकि डरता था.

कोलेज के उन दिनों में पता चला कि ये सिर्फ दोस्ती वाला लगाव नहीं है, ये जिस्म की प्यास भी है.

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लिफ्ट में पहुँचते उसने मेरे कूल्हों पर मस्ती से हाथ फेरना शुरू कर दिया था. मैंने उसकी दोनों टांगों को दोनों तरफ से पकड़ कर और ज्यादा फैला दिया. जब आधा लंड चूत में घुस गया तो मैंने हल्का सा धक्का दिया और पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया.

फिर मैंने ही हालात को समझते हुए बोल दिया कि अब आज आपके घर से जाने का मन नहीं कर रहा. इसके अलावा कार आगे वाले गांव जा रही थी और खेत उधर रास्ते में ही है. कहकर मैं अपना लंड सारा की गाँड पर रगड़ने लगा।देखो ज़रीना, अब सारा की गाँड भी फटने वाली है.

स्मार्ट हो और सबसे बड़ी बात सेक्स पावर अल्टीमेट होना चाहिये, बात करने में भी बॉस हो. फिर मैंने दूध को पीकर खत्म किया और खाली गिलास को उनकी तरफ बढ़ा दिया. यह सुन कर मैं उसकी गोद में जाकर बैठ गयी और बैडमैन को किस करने लगी, वो भी मेरे कुर्ते में हाथ डाल कर मेरी पीठ सहला रहा था.

अब हम लोग एक दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताते थे, वो इंस्टिट्यूट का बहाने मेरे से पार्क में मिलने आती थी, हम लोग खूब बातें करते थे. मैंने उसके आंसू पौंछे, उसे प्यार किया, उसके कंधों पर हाथ रख कर कहा- मेरी जान, मैं तुम्हें छोड़ कर कहीं नहीं जा रहा.

फिर हमने अपना अपना ग्लास उठाया और चियर्स करके गिलास होंठों से लगा लिए.

रात में सिर्फ आशीष को ही सोचती रही और अन्दर ही अन्दर उसे पसंद करने लगी.

मैंने एकदम से उसके एक बूब को अपने मुँह में भर लिया और जोर से चूसने लगा. चंद पलों में सलोनी ने नीचे से अपनी गांड उछालनी शुरू की और मैंने भी लण्ड को चूत के अंदर-बाहर करना शुरू किया. फिर मैंने मैडम को किस किया और कहा- मेरा मकान मालिक चिल्लाएगा, मुझे चलना चाहिए.

थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया; मैंने चंचल से कहा- तुझको चोदने का मन फिर से हो रहा है. सुधा ने ताना मारते हुए कहा- कलमुंही तू मिलने देगी तब न प्यास बुझ पाएगी. पर चपड़ चपड़ की आवाज साफ सुन रही थी मैं।दीदी बुरी तरह तड़पकर लगभग चिल्लाने लगी- जल्दी चोदो मुझे … बर्दाश्त नहीं हो रहा.

कुछ देर उसे मैंने अपनी सुंदरता का रसपान लेने दिया और फिर कड़े शब्दों में कहा- देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी?वो किसी दास की भाँति घबराते हुए बोला- सारिका जी, आप कमाल लग रही हो, मानो देसी गठरी में विदेशी सामान.

मैंने पूछा- तो फिर रात को आप मेरे साथ ही सोए हुए थे, मगर आपने तो मुझे छुआ भी नहीं. मुझे तो एकदम से धक्का लगा, मेरा सर चकराने लगा, कुछ देर के लिए तो मैं पागल सा हो गया. अन्दर दादाजी सोनल के पास बैठे थे और अपने हाथों से सोनल का गाउन ऊपर उठाया हुआ था.

नवीन का लंड झटके देने लगा था और उसने मेरी पैंट में पीछे से हाथ डालकर मेरे चूतड़ों को दबाना और मसलना शुरू कर दिया था. अब मैंने कहा- वैसे तुम्हारे पति को कभी पता नहीं चलेगा और मैं ऐसी बातें किसी को बताता भी नहीं हूँ. मेरा लंड तो बस फट रहा था कि अचानक ही उसने करवट ली और मेरा हाथ उसकी गांड को पकड़े नीचे दब गया.

कामुक सिसकारियों से भरी जोर की आवाज़ के साथ लण्ड ने आत्म-समर्पण करते हुए चूत में रस की बौछार कर दी और चूत ने भी अपने को समर्पित करते हुए अपने रस को छोड़ दिया.

घर की सारी ज़़रूरतें पूरी हो जाती हैं और बेटियों की पढ़ाई का खर्च निकलने के बाद भी हमारे पास पैसों की कमी नहीं होती है. फिर एक ने रिया को घोड़ी की पोज़िशन में करके अपने लंड को उसकी गांड के छेद में लगाया और हल्का सा झटका दे दिया.

बीपी बीएफ हिंदी तब रूम बंद करके, लाइट बंद करके और अपने ऊपर ब्लैंकेट ले कर ही अपने अंगों को सहलाने लगती. मैं- धन्यवाद! तुम कहाँ देखा मुझे?बैडमैन- तुमने ही तो अपनी फोटो दी है.

बीपी बीएफ हिंदी अब हमारी स्थिति ऐसी थी कि उसके स्तन मेरे चेहरे पर थे और हाथ मेरे ऊपर था. फिर मैंने अपने लंड को उसकी गांड से बाहर निकाला और अपनी मुट्ठ मारने के लिए कहा.

मैंने ऊपर भी लिखा था कि कहा जाता है कि दो समान विचारों वाले लोग जल्दी घुल मिल जाते हैं.

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उसने पूछा- क्या बात है आज इतनी प्यार भरी नज़रों से क्यों देख रहे हो?मैंने जवाब दिया- आज तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो. इस कहानी के पिछले भागचचेरी बहन की चुदाई-2में आपने पढ़ा कि मेरी चचेरी बहन मेरा लंड चूसा कर मजा ले रही थी और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था. मैं भी अपनी फुल स्पीड में आ गया और पूरी ताकत से उनकी चुदाई की मुराद पूरी करने लगा.

मैं समझ गया कि अब यह फिर से गर्म हो चुकी है और मेरे लंड को अपनी चूत में डलवाने के लिए बेताब है. तब दीदी ने आकर मुझे कन्धे से दबाकर जकड़ लिया और जीजू को इशारा किया, इधर अजय ने मेरी टांगों को दोनों ओर फैला कर थाम लिया, अब मैं आंखें भींचकर दर्द झेलने को तैयार थी। जीजू ने लन्ड को चूत पर टिकाया और जोरदार धक्का लगाया. मैंने अपनी चादर भी उसके ऊपर डाल दी और फिर धीरे से उसकी चादर में घुस गया.

सात इंच से ज़्यादा ही होगा … शायद साढ़े सात भी हो … मोटा भी बहुत है … आह मज़ा आ गया तेरे लंड को देख कर!मैडम ने लंड पर हौले हौले से हाथ फेरना शुरू कर दिया.

”उनकी बातें सुनकर मेरी मन में लड्डू फूट रहा था, चेहरे के नीचे मतलब क्या था अंकल का?तुम कल आ रही हो, सुनकर मेरा बहुत बड़ा टेंशन खत्म हो गया, मैंने जानबूझ कर वहां पर हाथ नहीं रखा, गलती से चला गया. उस रात मैंने अजय और उसकी बीवी ने पहले दारू का मजा लिया, फिर डांस किया और उसके बाद चुदाई का खेल शुरू हो गया था. इसका कारण यह था की मैं दिमागी तौर से पूरी सेक्सी बन चुकी थी गंदी किताबें और नंगी फोटो देख देख कर.

उसने कहा कि इतना लेट रिप्लाई क्यों किया?मैंने उसे सब बताया कि मैंने उसका मेल देखा ही नहीं था. अब कैसी तबियत है आपकी?मैं- अब ठीक है कल इलाज के लिए चंडीगढ़ ही आ रहा हूँ. फिर उस पर दुनिया की सबसे खूबसूरत तेरी यह प्यारी सी सेक्सी नाक लगती है.

एक बार तो लगा कि मैं ज्यादा देर तक उसके मुंह में टिक नहीं पाऊंगा लेकिन मैंने कंट्रोल बनाए रखा. उसकी चूत का फूलापन देखकर मेरे लंड ने मेरी पैंट में तंबू बना दिया था.

अभी वह अपनी नाइटी को हटाने नहीं दे रही थी इसलिए मैं उसको कपड़ों में ही नाइटी के ऊपर से ही चूमने लगा. मेरा लंड भी उसकी चूत रस से गीला होकर अपनी ही भतीजी की चूत में जाने को तैयार था. वैसे तो मैं एक सीधा सा लड़का हूं, क्लास में भी लड़कियों से बहुत कम ही बात करता हूं.

मैंने पूछा कि जो आज समझाया था वो समझ आ गया था?तो उसने बतय- पूरा नहीं आया!और स्माइली भेज दी शर्माने वाली.

ननकू दो दिन ही घर में रहा, इन दो दिनों में मीना काफी खुश रही क्योंकि उसके तन की भूख को ननकू रात भर पेल कर शांत कर देता था. कोमल के मुंह में वीर्य छोड़कर मेरा लंड अपनी प्यास बुझाना चाहता था और शायद कोमल मेरा वीर्य अपने मुंह में निकलवाकर अपने होंठों की प्यास बुझाना चाहती थी. मुझे बड़ी ख्वाहिश थी कि मैं किसी मूवी का लेट नाईट शो देखूं, तुमने मुझे उसी वक्त मूवी दिखाई, मेरा साथ दिया.

सलोनी- आआह … ऊई ई ई … माँ …उसने गर्दन घुमा कर मेरी तरफ देखा, मगर हवस, वासना का आवेश ऐसा था कि मैं उसमें आनंद पा रहा था. उसे मैंने दीवार से टिकाया और उसका घाघरा ऊपर किया, तो देखा उसकी चूत बुरी तरह पानी छोड़ रही थी.

यह कहानी कुछ 2 साल पहले की है, जब मैं दिल्ली पुलिस की कोचिंग के लिए अपना गांव छोड़कर सोनीपत शहर में अपनी बुआ के घर रहने चला गया था. दीदी की पीठ मेरी तरफ थी … मतलब कि मैंने अभी तक उसके बूब्स देखे नहीं थे, सिर्फ फील किये थे. अब तक आपने पढ़ा था कि मैं सतना शहर में अपने प्रेमी आशीष के साथ उसकी बुआ के घर में उससे चुदाने की तैयारी में थी.

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दीदी ने जीजू से कहा- यार आज कुछ करना ठीक नहीं रहेगा, रचना यहीं है।जीजू- अरे यार, आज पहली बार तो तुमने हां बोली, अब इन्कार मत करो.

मामी जी के रसीले होंठ चूसने के बाद मैं उनके बड़े बड़े मुलायम स्तनों की तरफ बढ़ा. संजीव ने जूते उतारे और अपनी जैकेट उतार दीवार पर लगे हैंगर पर टांग दी. कुछ ही देर में वो फिर से गर्म हो गई और मेरा लंड भी मेरी फ्रेंची में पूरी तरह से तन गया था.

उसके बाद विनय जीजू को मेरा ख्याल आया और उन्होंने कहा- अनन्त यार, कुसुम बहुत चुदासी हो रही है इसे कुछ होश नहीं है, इसको यहां चोदना ठीक नहीं है. मेरा एक दोस्त मुझे अपने घर लेकर गया क्योंकि दस दिनों की छुट्टी थी तो इस बार उसके घर गया अपने घर नहीं गया. सेक्सी बीएफ पिक्चर वीडियो हिंदी मेंवो बहुत कोशिश कर रही थी कि उसकी आहें ना निकलें क्यूंकि आस पास के फ्लैट में हमारे ऑफिस के लोग रहते थे.

रात हुई तो मामी ने नाइटी बदल ली क्योंकि मामी रात में नाइटी पहन कर ही सोती हैं. वैसे तो मेरा पहली बार था, पर मैंने ब्लूफिल्म देख देख कर इतनी मुट्ठी मारी थी कि मुझे भी याद नहीं कि अब तक कितनी बात मुठ मार चुका हूँ.

दोस्तो, मेरा नाम दिव्या है और मैं अहमदाबाद गुजरात की रहने वाली हूँ. उसे उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उसके होंठों को चूसना चालू कर दिया. … आप कृपा करके मुझे एक ग्लास पानी दे दीजिए, मुझे बहुत तेज प्यास लगी है.

अनन्त जीजू को बगल के रूम में लिटाकर दीदी, जीजू और मैं हमेशा की तरह लेट गये। जीजू दीदी से कुछ बात कर रहे थे।फिर मैं सोने लगी, दीदी ने गौर से मेरी तरफ देखा और उनको ये लगा कि मैं गहरी नींद में सो गई तब वे बेफिक्र होकर बात करने लगे. इसके बाद मैंने फ़ोन पर उसे कुछ ब्रा, पैंटी और नाइटी के डिजायन दिखाए और उसे खरीदने को कहा. मैं क्लास खत्म होते ही जल्दी चला जाता था क्योंकि शाम की रेस का समय नहीं बचता था.

फिर बोला- आज नहीं, कल एक और पिक्चर दिखला कर फिर इसको मिलवा दूँगा इसके यार से … तब तक और गर्म हो जाएगी और अपने यार से मिलते हुए रोएगी कम और खुश ज़्यादा होगी.

एक दो बार अवश्य और कामुकता में आकर उसके चूतड़ों पर जोर से चांटे मार देता. सासू माँ- मैं तेरी मुश्किल समझ सकती हूं बेटा, पर तू तो जानती है कि हितेश को तुझसे कोई मतलब है नहीं और तू उसके लिए अपनी खुशियां क्यों बर्बाद कर रही है.

मुझे भी जानना था कि ऐसा क्या है वीडियोज में, जो मम्मी जी मुझे दिखाना चाहती हैं. नहाते हुए मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मैंने फिर से बाथरूम में उसकी चुदाई कर डाली. उसने बाद में बताया कि उसका पति चुदाई में इतना लंबा नहीं टिक पाता है उसे कभी बीवी के झड़ने की परवाह नहीं रहती.

मैंने मैडम की तरफ सिगरेट बढ़ाई तो देखा कि मैडम की साड़ी एकदम खुली पड़ी थी और उनके गहरे गले वाले ब्लाउज से उनकी मदमस्त चूचियां मुझे ललचा रही थीं. मगर बहुत इंतजार करने के बाद भी जब उन्होंने पलट कर नहीं देखा तो मुझे यकीन हो गया कि पहली रात के मेरे अरमान अब अधूरे ही रह जाएंगे. मेरे पूरे शरीर में बिजली दौड़ गई, मेरे स्तनों को हुआ पहला आदमी का स्पर्श.

बीपी बीएफ हिंदी जब मुझको पता चला कि वो आई हुई है, तो मौका देख कर मैंने उसको कॉल किया. इसका नतीजा यह हुआ कि मेरी बुर पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और वो लंड को अपने में ले लेना चाहती थी.

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उस दिन चूंकि हम पार्क में थे, इसलिए किस और स्तन मर्दन से आगे कुछ कर नहीं सकते थे. उसने कहा कि इतना लेट रिप्लाई क्यों किया?मैंने उसे सब बताया कि मैंने उसका मेल देखा ही नहीं था. कुछ पल बाद उसने खुद ही मेरे हाथ को अपने हाथ से पकड़कर मेरे हाथ की मुट्ठी बनाते हुए अपने लंड पर चलाना शुरू कर दिया.

उसने तब मुझसे उपाय पूछा तो मैंने उससे कहा कि सबसे पहले तो किसी का रूप ही सब कर सकता है और तुम तो इतनी सुंदर हो कि किसी का भी मन मोह लो, पर पति तुम्हारा एक सा रूप देख ऊब गया होगा. इतना कहकर भाभी फिर से हंसने लगी।मैं- तो क्या हुआ? पिला दो ना भाभी जी।भाभी- क्यों देवर जी? कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैं- है तो सही, मगर वह आप जैसी नहीं है. सेक्सी बीएफ मशीन वालीमैंने डोर बेल बजाई तो भाभी ने दरवाजा खोला और आज भी मैं उन्हें देखता ही रह गया.

मैंने अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रख दिया और एक जोर का धक्का दे दिया.

भाभी बोली- देखूँ कि बड़ों जैसे काम करने वाले का कितना बड़ा हो गया है. कुछ देर तक हम दोनों पड़े रहे वहीं बेड पर और एक-दूसरे को किस करते रहे.

बल्कि उससे भी पहले से ही वो तकिये के साथ मैथुन करने में लगा हुआ था. मैं बोली- मैं कभी आप पे गुस्सा हो सकती हूं क्या, आपने मेरी इतनी मदद की है. अन्दर जाते ही मैंने देखा कि चाची तो एक सेक्सी सी नाइटी पहन कर बेड पर लेटी हैं.

जब मेरी जवान बेटी नहा कर बाहर निकली तो मैंने अपना फोन चेक किया और देखा पहले मेरी बिटिया आरज़ू ने अपनी काली लेगी उतारी.

मुझे लगा शायद आज इतना ही, पर जैसे ही मैं उठी, उसने मुझे फिर से अपनी ओर खींच लिया और मुझे चूमना शुरू किया. मैंने जल्दी से हाथ हटाया, तो उसने बोला- क्या हुआ?मैंने सोते हुए नाटक किया और नींद में बोला कि मेरा हाथ आपके नीचे हो गया था. लता भाभी थी तो बहुत सुन्दर परन्तु घर पर ढीली सी साड़ी, सर्दी के कारण सिर पर स्कार्फ, पैरों में जुराबें और गर्म स्वेटर पहनती थी, जिसमें उनका हुस्न छिपा हुआ रहता था.

देसी बीएफ जंगलमैं संजीव के पीछे-पीछे कमरे में अंदर दाखिल हुआ तो देखा कि फर्श पर तीन गद्दे बिछे हुए थे जिन पर कपड़े जहाँ-तहाँ बिखरे हुए थे. फिर मैंने उसे खड़ी कर दिया। उसका एक पैर सोफे पर रखा और उसको झुका कर पीछे से उसकी चूत में लंड को डाल दिया.

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मैं दोनों हाथों से उसकी चुचियाँ मसल मसल कर किसी बच्चे की तरह उसका दूध पी रहा था. मुझे पता चल चुका था कि चुदाई से पहले लड़की को कैसे ज्यादा गर्म किया जाता है और उसको कैसे ज्यादा मजा दिया जाता है. उनका सिर मेरे कन्धे पर आ गया, जिस वजह से उनके दोनों स्तन सामने की ओर उभर गए.

जब भाभी आई तो मैं खड़ा हो गया और मैंने भाभी को खड़े-खड़े ही अपनी बाहों में लेकर उनकी टांगों को थोड़ा चौड़ा करके उनकी चूत के ऊपर अपने सुलगते लंड के सुपारे को रखा और इसी पोजीशन में उनके उभरे हुए गोल और चिकने चूतड़ों को अपने हाथों से दबाता रहा. एक तो हिना की छोटी सी फ्राक थी, जिस वजह से एक लड़का तो हिना के चूतड़ चौड़े कर रहा था. अब मेरी पारदर्शी नाइटी में से मेरी ब्रा और पैंटी साफ दिखाई देने लगी थी.

वो बिल्कुल पागल सी हो गई और तेज तेज आवाज निकलने लगी और बोलने लगी- जानू आई लव यू … अअअअअ सी सी … ओहह आह उम्म उम्म!फिर वो झड़ गई. कभी एक तो कभी दूसरा, मैंने लगातार मामी के दोनों मम्मों के निप्पलों को बारी बारी से चूस रहा था और उन्हें हल्के से बाइट भी कर रहा था. वो कपल दिल्ली में रहते थे, शुरूआत में तो हमने एक दूसरे के बारे में पूछा, एक दूसरे की पसंद नापसंद पूछी.

थोड़ा रुक कर मुझे फिर से समझाने लगे- नीतू बेटा, तुम्हें तो पता है, मैं तुम्हें कितना प्यार करता हूँ. उसने जब दो तीन बार मेरे सामने आकर मुझे पेप्सी दी, तब मैंने उसे नोटिस किया.

अब सासू माँ उस नेटवाले परदे के उस तरफ थी और हमारा सेक्स देखने वाली थी.

नमस्कार दोस्तो, यह मेरी पहली कहानी है; यह एक सच्ची‍ घटना पर आधारित है किन्तु गोपनीयता के लिये नाम परिवर्तित किये गए हैं. हिंदी सेक्सी बीएफ कुंवारी लड़कियों कीफिर हम दोनों एक दूसरे को चाट कर अच्छे से साफ़ किया और उठ कर एक दूसरे से चिपक कर मजा लेने लगे. बीएफ पिक्चर मराठी सेक्सीउसने तुरंत ही मेरी ब्रा खोल दी, अब मेरे खुले हुए वक्षों को उसने प्यार करना शुरू कर दिया, मुझे गोदी में लिया और अपने मस्त होंठों से उन्हें पुचकारने लगा. com/teen-girls/jatni-ki-sawari/में पढ़ा था कि कैसे नीरजा मेरे रूम में आकर मुझसे चुद कर गई.

जब मैंने उस आदमी से पैसों के बारे में पूछा तो मेरी खुशी का ठिकाना न रहा.

मैंने एक बार फिर लंड बाहर निकाला औऱ फिर दूसरे जोरदार झटके के साथ पूरा लंड अन्दर उतार दिया. सोनल मेरे सीने पर बैठ गई, वह भी अपना चेहरा मेरे पैरों की तरफ करके … यह 69 की पोजीशन थी, जो कि मुझे सोनल ने ही बाद में बताया था. इसलिए सिर्फ मम्मी और पापा ही गांव चले गए और दादाजी को मेरे साथ रुकने को बोला.

इन्हें भी लंड का मज़ा लेना था, पर पहली बार के दर्द का डर भी उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था. अब मेरा भी लंड जवाब देने वाला था, मैंने भी जोर जोर से धक्के जारी रखे और आहह हहह उहहह हहह करते इंदु और मैं दोनों एक साथ ही झर गये. इस तरह मेरा मन व्याकुल होने लगा, पर दुविधा ये थी कि मैं अब यहां और जोखिम नहीं उठा सकती थी.

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अब आगे:मीना को बिस्तर में शांत पड़ी देख मैं समझ गया कि उसको कल रात हुए हवस के खेल से उबरने में समय लगेगा. अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था, मैंने उसके पैर फैलाये, थोड़ा सा तेल उसकी चूत पर गिराया, लन्ड का सुपारा उसकी चूत पे टिकाया और जोर का एक शॉट लगाया. वह कहती रही कि एक बार निकालो, मेरी जान निकल रही है, बहुत जलन हो रही है, ऐसा लगता है जैसे चूत के अंदर सबकुछ फट गया है.

मैंने पूछा- कोल्ड ड्रिंक या बीयर?वह बोली- अगर बीयर है तो बीयर ले आओ.

फिर घर के सारे सदस्यों के साथ हमने खाना खाया और बैडमैन और मैं मेरे रूम में आ कर आराम से लेट गए और रात की प्लानिंग करने लगे.

इस बीच उसका मुँह मेरे लंड की तरफ आ रहा था, पर उसने खुद से रोक ही लिया. अचानक चिन्टू मीना के एकदम पास आया और बोला- मौसी, तुम बहुत सुंदर हो?चिन्टू की यह बात मीना को अजीब सी लगी, पहले तो मीना चौंकी, उसके बाद हंसकर टालती हुई बोली- चिन्टू बेटा, तुम मजाक अच्छा कर लेते हो. बीएफ चोदने वाला सेक्सी वीडियोमेरी ऐसी खुली बातें सुन कर सरदारजी और जोश में आ गए और उन्होंने अपनी एक बीच की उंगली मेरी योनि में घुसा दी.

सोनम की बात से मैं उसके लिए इंप्रेस हुई कि कोई गांव का ऐसा वैसा ठुर्रा नहीं है, शहर में पढ़ने वाला लड़का है. मैं दौड़ के अम्मी के पास गयी और उनको बताया तो वो खुश हो कर बोली- जा अंदर बुला ला, चाय नाश्ता करा!मैंने उसे अंदर बुलाया और अब्बू को हिंट कर दिया की यह वही नेट वाला फ्रेंड है. खाना खाते समय मैडम बोली- यार, मुझे ऐसा लग रहा कि अब भी तुम्हारा औजार मेरे अन्दर ही है, सच में मैं बहुत खुश हूँ.

कुछ समय के बाद उनकी बीवी मतलब मेरी मामी पैसों और जायदाद की लालच में अपने पिता के घर चली गयी और रवि मामा लगभग 25 साल की उम्र में ही अकेले रह गए. मैं- जानेमन, अगर तू कुंवारी है तो दो दो उंगलियां तेरी चूत में कैसे जा रही हैं.

तुम समझ रही हो या नहीं? तलाशी तो तुम्हें देनी ही पड़ेगी अगर तुम यू.

कुछ देर के बाद भाभी खुद ही अपनी गांड को नीचे से उठा कर मेरे लंड की तरफ धकेलने लगी. जाने से पहले शैली ने उपिंदर को एक भरपूर चुम्बन दिया, मेरी चुचियां मसली और जल्दी वापस आऊंगी कह कर चली गयी. पर तुम फिकर मत करो, हमारा एक दूसरा फ्लैट भी है, जो दूसरे अपार्टमेंट में है, हम दोनों वहां चले जाएंगे.

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पूनम के बूब्स को चूसते-चूसते मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसकी चूत को अपने मुंह में भर कर चूसने लगा. फिर भाभी ने भाई के लंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और भाई उसकी चूत में उंगली करने लगा. जब मस्ती से चलती थी तो अड़ोस-पड़ोस के आदमी उन्हें देखे बगैर नहीं रहते थे और पड़ोस की लेडीज उनसे चिढ़ती थी, परन्तु वह मस्त रहती थी.

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तंग आकर मैंने बॉटली खोली और सोच रहा था कि फिर से दोस्तों की महफ़िल जमाऊं … लेकिन कल का आलम याद करके मैंने वो विचार छोड़ दिया. इससे पहले सिर्फ हैंगर पर टंगे उनके कपड़ों को सूंघकर ही काम चलाना पड़ता था. तभी अनन्त के कमरे से दीदी की चीख सुनाई दी और जीजू तुरन्त उस रूम की तरफ चले गये।अब मैं बिल्कुल अकेली थी.

वो बोल रही थी- और कितना तड़पाओगे डियर … अब अपना ये मूसल मेरी चुत में डाल कर इसकी गर्मी को शांत कर दो, साली बहुत तड़पाती है मुझे. इतना सुनते ही मामा ने कहा कि मान गया बंध्या कि तू बहुत सेक्सी लड़की है … बहुत चुदक्कड़ है.

मैंने अन्तर्वासना की लगभग सारी कहानियाँ पढ़ी हैं।चलिए मैं अब आपको अपने जीवन में घटी एक कहानी बताता हूं जो मुझे हमेशा याद रहेगी।मेरी एक गर्लफ्रेंड थी जिसका नाम था सुचेता; वो मेरे घर से कुछ दूरी पर रहती थी। दोस्तो, वो इतनी सुंदर थी कि क्या बताऊँ … उसको देख के अच्छे अच्छे का लंड खड़ा हो जाये.

भाभी ने एक लंबी सांस ली और मुझे अपनी छाती के ऊपर हाथों से खींच लिया और ज़ोर से जकड़ कर आह … आह … करते हुए अपना पानी छोड़ दिया और टांगें सीधी कर दी. मेरा लंड भी उसकी चूत रस से गीला होकर अपनी ही भतीजी की चूत में जाने को तैयार था. करीब 20-25 जबरदस्त शॉट लगाने के बाद मैं उसकी गांड में ही झड़ गया और उससे लिपट कर कुछ देर शान्त हो गया.

अपनी कमर और पीठ पर मेरे हाथ का स्पर्श पाकर भाभी और बेचैन सा होने लगीं और मुझसे कसके लिपट गईं. आज मैं छब्बीस साल का हो गया हूं, दिल्ली में नौकरी करता हूं और मैंने मामी के बाद चार चूत और चोदी हैं, लेकिन मामी की चूत चुदाई का मजा ही कुछ और था. मैं सीन देखकर एकदम से डर गया कि अब क्या होगा … कैसे निकले यहां से, किससे हेल्प मांगू.

मेरी बात सुनकर उसके भीतर एक आत्मविश्वास सा जागृत हो गया और वो भीतर से प्रसन्न हो गयी.

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मेरे मन में चूत के प्रति जो जिज्ञासा थी मैं उसको पूरी तरह से शांत कर देना चाहता था. आरती ने मेरी तरफ इशारा करके कहा- वो क्या है? उसे देखा नहीं?फिर मेरी तरफ देख कर वो बोला- वाउ … क्या माल ढूँढा है आरती तुमने. उसने दो पैग बनाए और मुझसे गिलास उठाने का कह कर मुझसे चियर्स बोल कर दारू पीने लगी.

इंदु ने वीर्य के एक एक कतरे को पी लिया और मेरे लंड को बिल्कुल साफ कर दिया.

अब मैं उनका मोबाइल नहीं छूती हूँ। लेकिन तुम लोगों को मिस करती हूँ बहुत रात को।उन्होंने कहा- तू अपने पापा का मोबाइल से किया कर अगर मम्मी ने मना किया है तो?तो मैंने कहा- नहीं यार, पापा से और डर लगता है. मुझे गांव में रहने की आदत नहीं थी तो वहां इधर मुझे सब अलग सा लग रहा था. मैंने सोनू से पूछा- फिर तुम्हारा दिल किया था करवाने को?सोनू ने बताया- कल तक तो आपसे मिलकर मैंने यह सोचा था कि मैं यह काम नहीं करूंगी, परंतु रात को जब मैंने मम्मी पापा को देखा तो मेरा फिर दिल किया और मैंने उंगली से करके अपनी प्यास बुझाई और मन में सोचा कि कल अगर आप कुछ करेंगे तो मैं मना नहीं करूंगी.