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फिर मैंने कहा- अगर रेजर से डर लग रहा है तो आप क्रीम से अपने बालों को हटा लिया करो. साडी ड्रेसरास्ते में हमें बहुत से जोड़े मिले, जो कुछ नवविवाहित थे … कुछ गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड … कुछ विदेशी भी थे.

आगे हमें कभी कोई मस्त जोड़ा मिला, तो हम उसे अपने साथ जोड़ने की सोचेंगे. गंदी रिकॉर्डिंगमैं नीचे झुक कर देखता तो कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था कि लंड के नीचे खाल किस जगह और कैसे फंसी हुई है.

इस वक्त निर्मला के चेहरे पर दर्द के भाव दिखने लगे, जब रवि अपना लिंग उसकी योनि में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था.बीएफ सेक्सी भाभी वाली: मैं तेजी से उनके पीछे आ गया और अपने लंड को उनके चूतड़ों के बीच घुसा के एक धक्का दे मारा.

उसने मुझे रोकते हुए कहा- सब कुछ यहीं करोगे क्या? चलो कमरे में चलते हैं.उसने टी-शर्ट के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने चालू कर दिए उसने टी-शर्ट उतारने की कोशिश की … लेकिन मैंने मना कर दिया और बोल दिया- यहां मत उतारो.

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मेरे पापा ने तो कभी चूत भी ढंग से नहीं मारी थी तो फिर गांड तो बिल्कुल कुंवारी ही थी.और पर मुझ पर सेक्स का भूत सवार हो चुका था तो मैंने उसे गंदी गंदी गालियां देते हुए चोदना शुरू कर दिया।वो उम्म्ह… अहह… हय… याह… करती हुई चुद रही थी.

तो भाबी बोली- निखिल, मैं इसके निचले हिस्से पर अभी पट्टी बांध देती हूं जिससे खून रुक जाएगा. बीएफ सेक्सी भाभी वाली मैं समझ नहीं पा रहा था कि यह क्या हो रहा है … क्योंकि उस टाइम पहली बार इस लड़की ने मेरे लंड को छुआ था और मुँह में लिया था.

मैंने अपनी जांघें उसके मुंह की ओर कर लीं और उसकी चूत पर लेट कर अपनी जीभ उसकी चूत में अंदर तक घुसा कर अंदर ही अंदर घुमाने लगा.

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जिस दिन मैं उसको नीचे से नंगी नहीं देख लेता था उस दिन मेरे मन में बेचैनी सी रहती थी. कांतिलाल ने भी उसके चूतड़ों में 3-4 जोरदार चांटे मारे और पहले से कहीं ज्यादा जोर से धक्के मारने लगा. वो बोली- यही कि स्पर्म कहां से निकलता है?उसकी बात सुन कर मैंने भी पूरा मन बना लिया था आज बिल्कुल भी नहीं हिचकूंगा क्योंकि मेरे मन में भी आज उस पोर्न मूवी के सीन ही घूम रहे थे.

उनका मुंह एक बार मेरी गांड में घुस जाता और अगली बार फिर होंठ मेरी चूत को चूस जाते. जिम के पास में खूबसूरत लड़की थी, जिसका नाम मैं नहीं लूंगा … लेकिन दिखने में वो जबरदस्त कमाल की लड़की थी. सब क्रोधित भी होने लगे, पर कमलनाथ ने सब से माफी मांगते हुए इसे एक तरह का केवल खेल बता कर स्थिति नियंत्रित कर ली.

जबकि कुछ देर पहले उसने मुझे न सिर्फ नंगी देखा था, बल्कि अपने मित्रों के साथ कामक्रीड़ा में संलग्न भी देखा था. मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि राजेश का लंड इसको देख कर भी खड़ा नहीं होता है. मैंने नजरें नीचे कर लीं और न जाने क्या समझ आया कि जेब से पेन निकाल कर एक कागज़ के टुकड़े पर अपना फोन नम्बर लिखा और कागज को अपनी मुट्ठी से मरोड़ कर फेंक दिया.

मैंने हंस कर आंख दबाई और कहा- हां फिर मैंने मलाई की चर्चा छेड़ दी थी. ट्रेन में भी उसने कहा था कि ससुर जी काश आप मेरी सुहागरात में मेरे साथ होते.

उसने बहुत ही प्यार से मेरे माथे पर किस किया और आगे बढ़ने की सहमति दे दी.

जैसे तैसे मैंने कंट्रोल किया और उनको चोदने की ठान ली।ऐसे ही समय बीत गया जुगत लगाते लगाते … पर ना मौका मिल पा रहा था, ना मैं उनसे अपने दिल की बात उनसे कह पा रहा था.

मुझे पता चल गया था कि मां को अपनी चूत के साथ इस तरह से छेड़खानी करवाने में मजा आ रहा है. नेताजी करीब 60 साल के होंगे, पर उनकी आंखों में वासना का खुमार भरा था और उसकी नजर मेरे स्तनों और नाभि पर घूम रही थी. हम जिस कमरे में खड़े थे, वहां काफी सामान होने की वजह से जगह बहुत कम थी.

इस तरह कमलनाथ यानि लड़के के भाई ने राजेश्वरी (लड़की की बहन) को राजी कर लिया. तीन महीने का 3 लाख दूंगी तुझे … बोल मंजूर है क्या और मेरा प्रोफेसशनल कोठा है, यहां कोई दिक्कत नहीं होगी. राज- अच्छा सुनो … अपन लोग कहीं बाहर घूमने चलें … कुछ बियर शियर हो जाएगी.

उसने कहा- क्या हुआ? अब तक तुम्हारा हुआ नहीं था क्या?मैंने कहा- देखो ना कितना खड़ा है.

फिर उसने मेरे हाथों को हाथों से पकड़ कर बिस्तर के दोनों तरफ फैला कर दबा दिया. तो दोस्तो, यह घटना मेरे साथ मेरी जिंदगी में वास्तविक रूप से हुई थी. मेरी उत्तेजना किसी भी पल कम नहीं हो रही थी … बल्कि बारी बारी से उन चारों ने मेरी वासना की आग में घी डाला था.

तो फिर उन्होंने थोड़ी कोशिश करी और आखिरकार पैंट की चैन मेरे लंड से अलग हो ही गई. तो क्या मैंने भाभी को चोदा?नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम विशाल है, मैं पंजाब का रहने वाला हूं और चंडीगढ़ में रहता हूं. मैं भाभी की चूत या किसी आंटी की चूत चोदने का कोई मौका अपने हाथ से नहीं जाने देता हूं.

काव्या ने बोला- अच्छा जी … मेरे साथ फ्लर्ट कर रहे हो, आप तो कुछ ज़्यादा ही एड्वान्स निकले.

मैंने उससे बोला- बहनचोद ये क्या हल्ला कर रही है … चुप रह … कोई सुन लेगा. फिर उसने मुझे पूछा- रात कैसी कटी तुम्हारी?मैंने उत्तर दिया- ठीक रही.

बीएफ सेक्सी भाभी वाली वो बार बार सिसकती हुई, सिर उठा कर अपनी योनि का स्वाद लेते हुए उसे देखने लगी. इसलिए वो अपनी सहेलियों से पीछा छुड़ा कर एक घंटे में ही बाजार से वापस घर आ गईं.

बीएफ सेक्सी भाभी वाली मैंने उससे बात की- प्रिया दी, आज कॉलेज नहीं जाना क्या?प्रिया- नहीं भाई … मेरी तबियत ठीक नहीं है, रात को मैं बाथरूम में गिर गई थी, मेरी कमर में दर्द हो रहा है. मैंने उससे कुछ नहीं कहा … क्योंकि उससे इस बारे में बात करने का कोई सबब ही नहीं था.

रोहण मुझसे बोला कि आज मैं एक नयी रंडी चोदने जा रहा हूँ, साली सील बंद माल है … उसकी चूत का उद्घाटन मैं ही करूंगा.

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फिर मैंने उससे कहा कि ऊपर ही ऊपर करो, जो करना है … और जल्दी करो, फिर हमें यहां से चलना भी है. उसका नाम पूजा था वो मेरी मम्मी की स्टूडेंट थी और स्कूल के हॉस्टल में रहती थी। उसकी उम्र 19 की और हाइट 4 फुट 9 इंच होगी. उसी टाइम अचानक सीमा भाबी ने अपनी कमर थोड़ी सी हिलाई और मेरा लंड उनकी गांड की दरार में घुसने लगा.

अब मेरे मन में आया कि क्यों न इसकी गांड चुदाई कर दूं! मैंने लंड उसकी गांड के छेद पर लगा दिया और रगड़ने लगा. मैं बड़ा हैरान हुआ- कब?इंशा बोली- दो महीने हो गए, फुफू!मुझे बड़ा अफसोस हुआ कि मैं इन लड़कियों की फुद्दियों को फूल नहीं बना सका. मैंने उसकी गांड में से लंड निकाला और फिर से उसकी चूत में देकर चोदने लगा.

बाज़ार से वापस आने के बाद वो अपने काम में लग गई और मैं कमरे से बाहर निकल कर पोर्च में बैठ गया.

जब भाई मजे ले रहा है तो मैं क्यूं पीछे रहूं?मैंने कहा- तो मुझमें ऐसा क्या खास लगा तुमको?वो बोली- तुम काफी समझदार लगे मुझे. मेरा भारी भरकम शरीर रवि नहीं संभाल पाया और मैं उसके चंगुल से निकल गई. मैंने मम्मी की नीचे तकिया लगाया और उनके पैरों को अपने कंधे पर रख लिया.

रमा ने थोड़ी सी क्रीम को मेरी योनि में लगा दिया और कहा- कौन आएगा पहले. सुरेश अपना पूरा लंड अन्दर डाल कर मेरी चूत को चोद रहा था, जिससे मुझे और भी मजा आ रहा था और साथ में मुझे शांति भी मिल रही थी. मैंने इतना सुनते ही उसको अपनी तरफ खींचा और उसके चूचों पर हाथ रख कर उनको जोर-जोर से दबाने लगा.

उसके गले पर चूमा लेने लगा और बोला- शराब क्या पीऊँगा अब … तेरी इस बीवी में तो इससे भी ज़्यादा नशा है. कुछ देर बाद कांतिलाल उठा और अपना लिंग कविता के मुँह में देकर इसे चूसने को कहा.

कमलनाथ ने झट से राजेश्वरी को रोका और उसे पीठ के बल चित्त लिटा दिया. अब तक मैं ऊपर वाले से मना रही थी कि वो आदमी बिना कुछ किए चला जाए, पर अपना रूप देख यकीन हो चला था कि वो कोई भी हो, मुझे इस रूप में देख कर छोड़ेगा ही नहीं. धीरे धीरे करके मैंने आधा लंड उसकी गांड में घुसा दिया और फिर उसको चोदने लगा.

अब मैं भी उसकी मंशा समझ चुका था, इसलिए अब कोई खतरा नहीं था तो मैंने उसके चूचों पर हाथ रख कर उनको दबाना शुरू कर दिया.

मैंने अपना लम्बा और गज़ब के मोटे लंड से परी की चूत के दरवाज़े पर दस्तक दी और हल्का सा झटका दिया. वो निर्मला के पीछे जाकर अपना लिंग उसकी योनि में प्रवेश करा के किसी दुश्मन की भांति उसे धक्के मारने लगा था. वहीं मेरी उत्तेजना भी इस तरह बढ़ चुकी थी कि उसकी हर हरकत का मैं खुले मन से स्वागत करने लगी और साथ ही सभोग में बराबर की भागीदारी देने लगी थी.

लगातार सेक्स करने की बजाए मैं अपने लंड को जुबैदा की चुत से बाहर निकालता, बस मेरा सुपारा उसकी चूत में रहता … और फिर कसके झटका मार देता. उसके बाद उसने भाभी को फिर से पलटा और अपना खड़ा हुआ लंड भाभी की गांड में घुसाने लगा और आगे की तरफ हाथ ले जाकर भाभी के मोटे चूचों को दबाने लगा.

तभी उसकी मम्मी का कॉल आया और वो उसे घर वापस आने के लिए बुलाने लगीं. मैं भाभी को रोज फोन करता और भाभी से भी मज़ाक करता कि आपको भैया की याद नहीं आती है क्या?भाभी मेरी शरारतों को समझ रही थी लेकिन हँस कर टाल जाती थी. आज ये वाकिया सगाई टूटने के करीब तीन महीने बाद का था, जब मुझे वो लड़की मिली थी.

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एक दिन उसने मुझे ज्योति से मिलवाया और बताया कि ये मुन्ने के पापा हैं, तुम्हारे जीजा जी हैं.

मैंने बहू को बेड पर पटका और उसके चूचों को दबाते हुए उसके होंठों के रस को पीने लगा. फिर एक दिन मैंने उनसे कहा कि आपने बच्चों के बारे में डॉक्टर से सलाह ली है क्या?मेरी बात को वो टाल गई. रोज रोज पति के उसी लौड़े को लेते लेते सब कुछ ही दिन में थक गयी थीं.

तुम क्या सोचते हो तुम बस ही मुझे पसंद करते हो और मेरे साथ सेक्स करना चाहता हो … मैं भी तुम्हें बहुत पसंद करती हूं … तुम्हारी ही तरह मेरा भी तुम्हारे से अपनी बुर और गांड को चुदवाने का मन होता है और मैं हर वक्त यही सपना भी देखती रहती हूं. मौलीश्री मेरे घर से कुछ दूरी पर रहती थी और वो अपनी स्कूटी से आती थी तो हम दोनों सहेलियां जिस दिन हम लोग की छुट्टी रहती थी, घूमने जाती थी. गूगल सेक्स करना हैवैसे आजकल के जमाने में तो कच्ची उम्र में ही सबको सेक्स का ज्ञान हो जाता है.

मुझे मेरी एक सहेली ने ही सुझाव दिया था, इस साईट के बारे में बता कर मुझे कहा था कि यहाँ पर अपनी समस्या लिख कर भेज. मेरी बीवी चुदाई की थकान से और नींद की गोलियों के नशे में घोड़े बेच कर सो गई.

मैंने उसके गले में हाथ डाल दिया और उसने मुझे कंधों से पकड़ कर अपनी ओर खींच लिया. पापा घर से बाहर रहते हैं तो मुझे लगता था कि उनकी प्यासी जवानी लंड के लिए तरसती होगी. मैंने भी आव देखा न ताव … अपने लंड का सुपारा उसकी चूत पर लगा कर एक झटका दे मारा.

मैंने चाची की गांड की चुदाई की सोची, जिससे कि वो चुदवाने को तरसे और गांड में मेरे लौड़े का दर्द झेल लें. मेरी यह हॉस्टल गर्ल की चुदाई की सच्ची स्टोरी अच्छी लगी या नहीं … मुझे बताइये ताकि मैं आपको मुंह की चुदाई वाली जो चाहत जोकि उसके घर में जाकर की, मैं उसे बता सकूं।धन्यवाद. फिर मैंने दूसरा धक्का मारा और अपने टट्टों तक को उसकी चूत से चिपका दिया.

उसकी बात सुनकर मैं सच में बहुत खुश हुआ और उसके बाद से हम दोनों रोज उसकी बीवी, काव्या को लेकर गंदी और कामुक बातें करने लगे.

मेरी बीवी की चूचियों का साइज तो सबको आकर्षित कर ही लेता है लेकिन उसकी चूचियों पर नोकदार घुंडियां तो उसके स्तनों को और भी ज्यादा रसीले बना देती हैं. मेरी यह कहानी मेरे और मेरे दोस्त की अम्मी के बीच बने शारीरिक संबंध की कहानी है.

मतलब?कमलनाथ- तुम्हें नहीं पता चोदने का मतलब क्या होता है?राजेश्वरी- नहीं मुझे नहीं पता चोदना क्या होता है. मैंने उसको शांत करने की कोशिश की लेकिन वो चुप नहीं हो रही थी और दर्द से कराह रही थी. साँसों के नॉर्मल होते ही सोनू बिस्तर से उठी और मुझे जोरदार किस करते हुए थैंक्यू कहने लगी.

जब पूरी साड़ी ऊपर तक आ गई तो मैं अपने पैरों को उसकी जांघों से घिसने लगा. मैं कुछ कहती कि तभी उन्होंने खुद आगे बढ़कर कहा- तू भी राहुल के साथ में मजे कर लेना. तभी मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली तो वो दर्द से उछाल गई और बोली- उंगली डालने से दर्द हो रहा है तो लंड कैसे झेलूँगी?मैंने कहा- डरो नहीं मेरे जान, मैं उंगली से तुम्हारी चूत को सहलाउँगा तो वो थोड़ी गीली हो जाएगी और शुरू में थोड़ा सा दर्द होगा.

बीएफ सेक्सी भाभी वाली अगर ट्रेन में हमें मौका न मिलता तो हम बाहर किसी गेस्ट हाउस में जाकर चुदाई के मजे लेते थे. वैसे मुझे जहां तक लग रहा था कि वो भी मेरे मन की इच्छा को जान चुकी थी लेकिन कुछ कह नहीं रही थी.

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मैं अपनी फर्स्ट टाइम सेक्स की ट्रू स्टोरी बताने जा रही हूँ, यह मेरी पहली कहानी है जो मेरे ब्वॉयफ्रेंड के साथ उस वक्त की है, जब उसने मुझे पहली बार लंड के नीचे लिया था. मैंने करीब आकर भाभी को अपनी गोद में उठा लिया और ले जाकर बिस्तर पर पटक दिया. मैं बुरी तरह थक चुकी थी और ऐसा लग रहा था, जैसे मेरी योनि की नसें सुन्न हो गई हैं.

जैसे ही मैं उसकी चूंचियों को काटता, डॉली की आवाज बदलकर ‘हूँउउउ हूँउउउ ऊँ ऊ सीई … की आवाज निकलने लगती थी. मैं भी पूरा गर्म हो चुका था और उसे गालियाँ बके जा रहा था- तेरी माँ का भोसड़ा मारूं … हरामजादी कल से लंड तड़पा रखा है … कुतिया … रात भर तेरे गदराये बदन ने मेरी नींद उड़ा रखी थी साली … अब भुगत लंड का कहर. নেপালি বফঁजब मैं आया था तो घर का मेन गेट खुला हुआ था और घर पर भी कोई नहीं था.

मैं एक पल के लिए सोचने लग गया कि ऐसा कौन है, जो मुझे कॉल कर रहा है.

वो मेरी योनि में अपनी बीच वाली उंगली घुसा कर उसे तेज़ी से अन्दर बाहर करते हुए मजा ले रहा था और मेरी योनि के दाने को मुँह में भरते हुए चूसना और काटना शुरू कर दिया था. मेरा तो मन हुआ कि अभी के अभी उसकी पेंटी फाड़ कर लवड़ा उसकी गीली चूत में घुसा दूं … लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल किया.

अब मैंने आगे बढ़ते हुए पूछा- क्या तुमने भी कभी ऐसा किया है?वो बोली- नहीं सर, मैंने किया तो नहीं मगर देखा है. अनु को मैंने वहीं पर दीवार के सहारे लगा लिया और उसके ऊपर झुक कर उसकी चूत चोद दी. फिर उन्होंने कहा- कुछ दवाइयां आपको आज ही मिल जाएंगी और बाक़ी दवाइयां आपको दो दिन बाद उपलब्ध हो पायेंगी।मैंने उनसे कहा- लेकिन आप जरूर यह दवाई मंगवा दीजिए।मैं अपने घर आ गया और घर पर मैंने वह दवाई अपनी मम्मी को दे दी। मैंने अपनी मम्मी को सारा कुछ समझा दिया था.

इसके बाद कुछ समय आराम करने के बाद जब मैं जागी, तो कान्तिलाल मेरे साथ सम्भोग करने को आतुर हो रहा था.

उसने बहुत ही प्यार से मेरे माथे पर किस किया और आगे बढ़ने की सहमति दे दी. फिर हम चारों ने मिल कर एक प्लान बनाया कि हम सब कहीं बाहर घूमने चलते हैं. फिर खाना ख़ाकर मैं अपने दोस्तों के साथ बिज़ी हो गया और वो अपनी महफ़िल में व्यस्त हो गई.

मियां खलीफा का सेक्समुझे भाभी की डीपी देखने की जल्दी थी लेकिन उनकी डीपी में कुछ उर्दू में लिखा हुआ एक धार्मिक सा लगने वाला शब्द लिखा था. फिर मैंने दीदी से कहा- दीदी, अन्दर ही निकल जाऊं?उन्होंने आंखें खोलीं- साले … दीदी भी कह रहा है और दीदी को चोद भी रहा है.

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दूसरी बात ये कि निर्मला राजशेखर का संभोग में परस्पर साथ नहीं दे पाती थी. मेरी इस हरकत से राजशेखर ने झटके मारने बंद कर दिए और उसकी जगह एक गति से तेजी के साथ धक्का मारना शुरू कर दिया. उस टाइम तो बस खड़े खड़े मन कर रहा था कि जल्दी से गांड में लंड घुसा दूँ.

इस पहले ही तगड़े धक्के से मेरा आधा लंड भाभी की चूत में अन्दर घुस गया. मैं लगातार उसकी बुर को चाटता जा रहा था और बीच बीच में अपनी जीभ उसकी बुर के काफी अन्दर तक डाल कर उसे अन्दर ही घुमाता और चूत की दीवारों को अपनी खुरदुरी जीभ से चाट देता. एक दिन पढ़ते हुए मुझे एक चीज़ समझ में नहीं आ रही थी, तो दिमाग चकराने लगा.

इन सबके बीच संगीता मेम सेक्सी आवाजें निकाल रही थीं ‘उम्म्ह … अहह … हय … ओह … यस बेबी उहहह. उसका सुपारा मेरी योनि के भीतर अब तेज धार धार तलवार सा महसूस होने लगा था, जिससे मैं और अधिक ताकत और मस्ती में अपनी कमर हिला हिला उसके लिंग को अपनी योनि से मलने लगी थी. वैसे बता दूं कि मेरे कई ऐसे वयस्क मित्र हैं, जो जीवन में हर तरह से परिपूर्ण हैं और कामक्रीड़ा को एक अलग तरीके से आनन्द लेने में भरोसा रखते हैं.

दूसरी टांग मैंने खुद ही उठा कर उसकी कमर में रख दी ताकि धक्के अन्दर गहरायी तक जाएं और किसी तरह की रुकावट न हो. उसके बाद पिंकी ने अपनी टांगों को फैला दिया और मुझे अपनी टांगों के बीच में आकर चूत पर लंड लगाने के लिए कहा.

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मैंने कहा- कहो अम्मा क्या बात है?अम्मा ने कहा- अपनी बड़ी बीजी चाची थोड़े दिनों के लिए एक हफ्ते के लिए हमारे घर रहने आने वाली हैं. काजोल का सेक्सीअब मैं अपने भीतर नए तरह का जोश, ताकत और कामोत्तेजना महसूस करने लगी थी. साड़ी वाली लड़कियों की फोटोचुदाई के समय भी मेरी गांड फट रही थी।हम कमरे में लौटे तो कपडे़ उतारे जब अंडरवीयर बनियान में थे. इसमें रिश्तों में चुदाई की कुछ हिंदी सेक्स स्टोरी का लिंक पर क्लिक किया, तो सामने भाई बहन, बाप बेटी की सेक्स स्टोरी आ गईं.

क्योंकि वो सिर्फ मैडम को ज़िम्मेदार मानता है कि मैडम के अन्दर कमी है.

अब मैं उसके ब्लाउज को खोलने ही वाला था कि तभी मुझे लगा कि कोई हमें देख रहा है. इतना मैं समझ चुका था कि यहाँ किसी को मसाज नहीं चाहिए, ना ही शायद मुझे मसाज जैसे काम के लिए बुक किया गया है. मैं गुस्से में थी और उसे अपने ऊपर से हटाने का प्रयास करते हुए बोली- कोई इतनी बेरहमी से चोदता है क्या, मैंने क्या मना किया था आपको … मैं आपको सम्भोग तो खुद मर्जी से करने दे रही थी.

मैं समझ गया कि अब मृणालिनी को दर्द नहीं हो रहा।मैंने धीरे-2 धक्के मारने शुरू किए तो वो भी मेरे साथ मस्ती में झूमने लगी। काफी देर तक चुदाई करने के बाद जब मुझे लगा कि छूटने वाला है तो उसकी चूत से निकालकर उसकी मुँह में दे दिया. मैंने सोचा कि यह अभी कुंवारी है, किसी से चुदी नहीं है … यहां पर पूरा खेल नहीं हो पाएगा. जब उन्होंने खुद ही अपना हाथ नहीं हटाया, तो मैंने भी उनके हाथ को हटाने का प्रयास नहीं किया.

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मेरी चुदाई से उनको एक बेटा हुआ, जो बाद में उन्होंने मुझे बताया कि ये मेरा ही बच्चा है. मैंने कहा- वो कैसे?अम्मा- मैं घुटनों पर बैठ कर कुतिया बन जाती हूँ … तू भी कुत्ते जैसे मेरे ऊपर चढ़ जा और मेरी गांड में अपना लंड पेल दे. वहां उन लड़कियों ने मुझे केवल ब्रा और पैंटी में लिटा दिया, फिर अपना काम शुरू कर दिया.

फिर उसने धीरे-धीरे अपनी चूत से अपनी पैंटी का पर्दा हटाना शुरू कर दिया.

दो साल के बाद मेरी चूत में लंड गया था, इसलिए मुझे बहुत दर्द हो रहा था.

क्योंकि शुरू में मैं बहुत शरमाता था … जिसके चलते मैं उनके साथ कुछ कर ही नहीं पाया. मैंने उसकी चूत की दरार को उंगली से फैला कर अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू किया. दिवाली गानाकविता ने बिना समय बर्बाद किए झट से अपने हाथों को कांतिलाल के सीने पर रखा और घुटनों पर वजन डाल कर अपने मदमस्त चूतड़ों को आगे की तरफ धकेलते हुए लिंग पर अपनी योनि को रगड़ना शुरू कर दिया.

मैं तो बहुत दिनों से इस मौके की तलाश में था कि भाभी के साथ कुछ करने का मौका मिल जाये. वो ये सब देखते हुए बोलीं- छोटू को बोलो कि थोड़ा इंतजार करे … उसकी छोटी थोड़ी नखरेबाज है … अभी तैयार होकर आती है. इसी दौरान मैं अपनी कुहनी से उनके मम्मों को साड़ी के ऊपर से दबा रहा था और वो बार बार पीछे को हट रही थीं.

मैं समझ गया कि इसको कल भी दो गाड़ी वाले इसके हॉर्न दबा दबा कर इसका मजा लेंगे. तभी उसकी चाचा की बेटी ने उसकी तरफ करवट ली जिससे मेरी साली थोड़ा सा अलग हो गई.

उसके धक्के लगातार एक सांस में चल रहे थे और जब कभी उसे थकान लगती, तो लिंग मेरी योनि के भीतर दबा कर मेरे स्तनों, चूतड़ों और जांघों को सहलाकर मेरे बदन का आनन्द लेते हुए थोड़ा सुस्ता लेता.

रमा आज बहुत सुंदर दिख रही थी और हो भी क्यों न … वो हफ्ते में 3 दिन पार्लर जाने वाली महिला थी. मेरे अन्दर भी जोश चढ़ गया … मेरा छोटू भी अन्दर से बाहर आने के लिए तड़पने लगा. कविता के आग्रह पर राजशेखर ने कविता की योनि से अपना लिंग बाहर निकाल लिया और उसे सोफे पर थोड़ा आराम करने दिया.

सास और जमाई की सेक्सी एक घंटे बाद वो मुझसे अलग होकर सो गया, पर जाते वक्त उसने मेरी चूचियां सहला दीं और मेरे होंठों पर चुम्बन रख दिया. भाभी से मैंने कहा कि अब मैं जरा खाना खाने के लिए बाहर जा रहा हूं क्योंकि मुझे काफी भूख लगने लगी थी.

चाची मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थीं, मगर मेरी मजबूत पकड़ की वजह से उनको कोई मौका नहीं मिल पा रहा था. हो सकता है कि मेरे कुछ साथियों को मेरी ये बात कुछ फेंकालॉजी लगे, मगर ये सही बात है. हम दोनों अब चरम शिखर पर पहुंचने को तैयार थे और एक दूसरे को चूमना छोड़ कर एक दूसरे की आंखों में आंखें डाल कर देखते हुए धक्कों की गिनती बढ़ाने लगे.

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उसने पहले तो मुझे एक टी-शर्ट और स्कर्ट पहनने को कहा, पर वो मुझे जंच नहीं रहे थे. लेकिन जब वो सिसकारियाँ ले रही थी तो पता नहीं क्यों मुझे अंदर से सुकून मिल रहा था. मुझसे सब्र नहीं हुआ और मैंने गरम श्रेया आंटी की चूत को अपने होंठों से पकड़ लिया और उसकी चूत के रस को चाटने लगा.

मेरी शादी को दो साल हुए हैं, मेरी उम्र 40 साल है और कद 6 फुट, भुजाओं की माप 17 इंच है, छाती 44 इंच की है और कमर 34 की है. मैंने उसकी पीठ पर झुक कर उसकी चूचियों को भींचना शुरू कर दिया और उसकी गर्दन के पास पीठ पर चूमना शुरू कर दिया.

मैंने अपनी लोअर को भी निकाल कर एक तरफ डाल दिया और मैं केवल अब अपनी चड्डी में आ गया था.

अब उसका खड़ा मस्त लंड मेरी खुली गांड से टकरा रहा था और मुझे करवट दिलाने की कोशिश में उसके लंड का सुपारा बार बार मेरी गांड के छेद से टकरा रहा था. चूंकि वह असल में तो सिंगल बेड ही था अतः हम दोनों चिपक कर ही सोते।मेरा रूम मेट भी यही कोई तेईस चैबीस साल का रहा होगा, मेरे से ज्यादा गोरा … बहुत माशूक बन ठन कर रहता. मेरा लंड तो एकदम धीरे धीरे गर्म होने लग जाता और लोअर के अन्दर ही धीरे धीरे अकड़ने लगता.

मेरे पति जब अपने काम पर चले जाते हैं, तो उस बच्चे को संभालना भी होता है और फिर घर के काम भी करने होते हैं. मुझे मजा आ रहा था; मैं चाह रहा था कि वह मेरा अंडरवीयर नीचे कर मेरी गांड में पेल दे. एकदम गोरी, योनि की फांकें चिपकी हुईं और किनारे फूले हुए … मानो उसने कभी संभोग किया ही नहीं था.

गीले होंठों को चूसते हुए मैंने अचानक से उनके मादक बोबे जोर से दबा दिए, जिससे उनकी चीख निकल गयी.

बीएफ सेक्सी भाभी वाली: आह्ह … पहली बार नंगी चूत को छूकर ऐसा तूफान उठा कि मुझसे रहा न गया और मैंने दीदी की योनि में उंगली ही डाल दी. चाची मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थीं, मगर मेरी मजबूत पकड़ की वजह से उनको कोई मौका नहीं मिल पा रहा था.

मैंने तुरंत उसके होंठ पर अपने होंठ रख दिए और अपने हाथों को उसके मम्मों पर रख कर उन्हें दबाने लगा. वह बहुत ही गोरी भी हैं देखने में। मतलब कि उन्हें देख कर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो सकता है. वो अपना काम चालू ही कर रहा था कि तभी मैं वहां पहुंच गया और चिल्लाने लगा.

और वैसे भी मैं अपने कमरे में अकेली ही सोऊंगी। मुझे अकेले नींद भी नहीं आती है, अजीब सा लगता है.

उसके बाद मैंने अपना अंडरवियर निकाल दिया और आंटी के हाथ में अपना लंड दे दिया. उस दिन के बाद से अनु मेरी दीवानी हो गयी और जब भी मैं उसे बोलता तो वो चूत देने के लिए तैयार हो जाती थी. बल्लू का लंड भाभी की गांड के नीचे उसकी चूत में जाने के तड़प रहा था.