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तो वो भी मुस्कुराने लगी।कुछ देर बाद मैंने देखा कि वो अकेली खड़ी है.उसने मुझे ‘आई लव यू’ बोल दिया।इसके बाद दो महीने तक हमारी प्यार वाली बातें हुईं। फिर एक दिन उसने बोला- मैं तुमसे एकांत में मिलना चाहती हूँ।मैंने कैंट में इलाके में एक होटल में कमरा बुक किया और पहुँच गए।पहले हमने कॉफी आर्डर की.

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तो मैं उसे देखने उसके कमरे की तरफ गया।मैंने देखा कि उसने दरवाजा बन्द किया हुआ था। यह देखकर मेरा दिमाग़ खराब हो गया और मैं दरवाजा ठोकने लगा।करीब 5 मिनट तक मैं उसका दरवाजा ठोकता रहा. मज़ा नहीं आ रहा है।ये कह कर मैंने उसका सर पकड़ा और लण्ड उसके मुँह में डाल दिया।मैं उसका सर पकड़ कर हिलाने लगा अब वो मेरा लण्ड सही तरह से मुँह में ले रही थी। मैंने 10 मिनट तक उसके मुँह से ही मुठ मरवाई. ग्रीन सिग्नल है भाई।इतने में मैं बोला- मौसी क्या मैं ऊपर वाले कमरे में सो जाऊँ.

तभी अचानक से एक बम फटा और अनामिका डर से मुझसे चिपक गई और वो इतनी जोर से मुझसे चिपकी कि उसकी चूचियों का उभार मैं बहुत आसानी से महसूस कर सकता था।उसकी इस हरकत से मेरा मोटा और लम्बा लंड उसकी गाण्ड फाड़ने को बेचैन हो उठा था।मैं भी हरामी था. मुझे भी आपकी याद आ रही है।मैंने कहा- क्या मैं नागपुर आ जाऊँ?उसने कहा- पर मामी को क्या कहोगे?‘अरे यार पढ़ाई का बहाना मारो और कहो कि मैं दोस्त के यहाँ आज रुकने वाली हूँ।‘ठीक है. मैं बोला- मैं फेरा अलग स्टाइल में शुरू करूँगा।मैंने सुरभि को गोद में उठा लिया.

उनके लिए एक बार फिर से मैं पिछली कहानी का संक्षिप्त विवरण लिख देता हूँ।पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि मैं अपनी दोनों बहनों को चोद चुका हूँ. मज़ा आ रहा है आह्ह…उधर बाहर पुनीत बार-बार उस कमरे की ओर देख रहा था जिसमें पायल और सन्नी गए थे।विवेक- टोनी भाई. वो असल में जमे हुए यूरिन के क़तरे या खुश्क हुआ पसीना होता है।कुछ लम्हों बाद ही जब आपी को अपनी हालत का इल्हाम हुआ कि उनका सगा भाई अपने हाथों से उनके सीने के उभारों को दबा रहा है और उनकी शर्मगाह को अपने मुँह में दबाए हुए है.

वो मेरे पास बैठी थी और हम दोनों क्लास में बैठे पढ़ रहे थे।उसके पेन की इंक ख़त्म हो गई. मुझे अच्छा लगेगा।मैं हँस दिया।फिर उन्होंने आगे कहा- आज जिंदगी में पहली बार किसी और का टिकट कटा कर मुझे बहुत ख़ुशी हुई।मुझे यह बात सुनकर बहुत ख़ुशी हुई।ऐसे बातें करते-करते कब अँधेरा होने लगा पता ही नहीं चला। बस वाले ने भी अन्दर के सब लाइट्स बंद कर दी।कुछ सो चुके थे पर हम अब भी बातें करते रहे।फिर कुछ देर बातें करते हुए भाभी ने कहा- सूरज अब कुछ अलग बात करते हैं.

पर अभी तो तू मुझे अकेले ही सोनिया की चुदाई करने दे। मैं तुझ से वादा करता हूँ.

पर मैं अपनी उंगली चलाता रहा।उस अँधेरी और सर्द रात में उसका गोरा शरीर गजब का लग रहा था। उसकी आँखें बन्द थीं.

अब तो किसी को कुछ नहीं कहना है ना?नीचे एक बड़ा सा गोल गद्दा बिछा हुआ था. जो आपी देख रही थीं।मैंने न्यू सीडी लगाई और अपने लण्ड को मुट्ठी में लेकर हाथ आगे-पीछे करने लगा।आज बहुत दिन बाद ये अमल कर रहा था. आपी ने रोते-रोते ही जवाब दिया- नहीं सगीर तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.

जो बाहर से खिड़की में लगा हुआ था।आयशा ने ढीला सा हरे रंग का टॉप पहना था और नीचे फुल लोअर पिंक कलर का. क्योंकि मुझे थोड़ी देर पढ़ाई करनी है।यह सुनकर मौसी के चेहरे पर अनोखी चमक आ गई और वो दोनों ऊपर चले गए।मैं भी चुपके से ऊपर पहुँच गया था. उसने मेरे सिर को अपनी फुद्दी के ऊपर पूरा दबा रखा था। फिर मैंने उससे लंड मुँह में डालने के लिए कहा और वो मेरे लंड को पागलों की तरह मुँह में लेने लगी।मैं उसके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा पानी पी गई। फ़िर थोड़ी देर हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे और मैं उसके मम्मों को दबाता रहा।फिर मैंन उसे उल्टा लेटा कर उसकी गाण्ड चाटने लगा.

जिससे मेरी चूत और खुल गई। दूसरी लड़की की उंगली अभी भी मेरी चूत में पड़ी हुई थी।उधर किसी ने फ़िल्म की आवाज थोड़ी और बढ़ा दी.

तो वो उठ जाएँ।लेकिन आपी ने यह देखा कि मैं ज्यादा अन्दर नहीं कर रहा हूँ. नहीं तो मुझे बहुत दर्द होगा और मैं चिल्लाऊँगी।मैंने कहा- तुम्हारी चीख में ही तो मज़ा है जानेमन. पर जरा जोर से चोदो।उसकी आवाज़ सुनकर मेरा कॉन्फिडेन्स बढ़ गया।चूंकि मेरा फर्स्ट टाइम था इसलिए तकरीबन 5-7 मिनट बाद मैं भी फ्री हो गया।मैंने जल्दी से अपना लंड साफ किया और बाथरूम में जाकर गर्म पानी से नहा कर बाहर आया।वो ऐसे ही बिस्तर पर चूत पसारे लेटी हुई थी।मैंने कहा- आई हॅव टू गो नाउ.

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सिर्फ़ मेरे जिस्म को यह महसूस हो रहा था कि मेरे जिस्म पर कुछ पहना हुआ है। देखने वालों को लगता था कि मैं बिल्कुल नंगी हूँ।अंकल मुझे लगातार निहार रहे थे।मैं मुँह से कुछ नहीं बोल रही थी.

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मैं आज आप लोगों को एक मस्त स्टोरी बताने वाला हूँ।हुआ यूँ कि मेरा एक दोस्त प्रभात. आज वो तुम पूरा कर दो प्लीज़।पायल- अरे आप बोलो तो सही?आप तो बस जल्दी से मुझे अपनी प्यारी-प्यारी ईमेल लिखो और मुझे बताओ कि आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है।कहानी जारी है।[emailprotected]. तो मैंने आगे बढ़ने की सोची और अब मैंने अपना हाथ उसकी टांगों पर रख दिया।इस पर वो कुछ नहीं बोली.

क्योंकि बदले की भावना इंसान को शैतान बना देती है और जहाँ शैतान होता है.

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उसके बाद हमने चाय पी और रात को बीच पार्टी देखने निकल गए।हमने वहाँ काफी कुछ देखा और रात को सागर के किनारे सैर करते हुए हमें बहुत अच्छा लगा। आगे चल कर हम एक बीच पार्टी में पहुँच गए. वो मुझे गली में मिली।मैंने उसको देखा तो वो अकेली थी, मैंने आस-पास देखा तो कोई नहीं दिखा. मैं तुझे राखी रंडी कहूँगी।माँ हँसने लगीं।आंटी ने कहा- पता नहीं तू क्या करती है तेरे मम्मे तो बहुत ही छोटे हैं।आंटी माँ के ब्लाउज के बटन खोलने लगीं। माँ उनका विरोध नहीं कर रही थीं। आंटी ने माँ के ब्लाउज के एक-एक करके सारे बटन खोल दिए और माँ का ब्लाउज निकाल दिया।फिर आंटी माँ की साड़ी खोलने लगीं और साड़ी खोलने के बाद आंटी कहने लगीं- राखी रंडी.

वो 10वीं के बाद से मुझसे हमेशा मेरी गर्ल-फ्रेंड के बारे में पूछती थी।पर मैं उससे ‘कोई नहीं है. शायद उनकी तबियत खराब थी और शायद इसलिए उन्होंने बच्चों को भी अभी तक नहीं जगाया था।मैंने पूछा- क्या हुआ चाची?तो वो बोलीं- मेरी तबीयत थोड़ी खराब है.

खूब चिकना होने और अंकल के पूरा ज़ोर लगा कर अन्दर ठेलने की वजह से गेंद सड़ाक से अन्दर चली गई. पर मेरी कोशिश बेकार गई। मामा ने मुझे कस के अपने नीचे दबाया हुया था।मामा धीरे-धीरे अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगे। अब मुझे भी मज़ा आने लगा था. लेकिन पहले मुझे बोलो कि जान मेरी चूत के अन्दर अपना लण्ड डाल दो और खूब मज़े से मुझे चोदो ज़ोर-ज़ोर से.

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मैं उसे क़िस करने लगा, कुछ देर चूमाचाटी करने के बाद उसने मेरे कपड़े निकाल दिए और उसने मेरा लंड देखा और बोली- अरे वाह. इसने पायल के बारे में क्या कहा अभी?सन्नी- हाँ सब सुना और ऐसा क्या गलत कह दिया. ऐसी मेल को तुरंत डिलीट किया जाएगा और बार-बार एक ही मेल आईडी से आने वाली ऐसी आईडी को ब्लाक कर दिया जाएगा। आप सभी दोस्तों का धन्यवाद।मेरी एक और कहानी ज़ल्द ही आपके लिए हाज़िर होगी।आपका दोस्त रवि स्मार्ट[emailprotected].

यहाँ तक की अपनी चुदाई की भूख शांत करने के लिए मैंने अपना जबर चोदन तक करवा लिया है।पति के अक्सर बाहर रहने के कारण मैं कभी-कभी कस्बे के सरकारी मकान में भी रुक जाती थी। भोपाल से आने-जाने के दौरान मेरी मुलाकात यहाँ एक स्कूल टीचर जिसका नाम माही था. जिससे प्रीत मेरे लंड को चूस रही थी और मैंने प्रीत की चूत को चाट-चाट कर लाल कर दिया था।करीब 10 मिनट हम दोनों हम एक-दूसरे के मुँह में पानी निकाल दिया।इसके बाद 5 मिनट तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे।प्रीत बोली- यार तुम तो काफी अच्छे खिलाड़ी हो।मैंने कहा- अभी खेल बाकी है जानेमन।अब मैं फिर से प्रीत को होंठों पर चुम्बन करने लगा और मैंने प्रीत से पूछा- कोई क्रीम मिलेगी डार्लिंग. नंगी फोटो बीएफजिसका बदला ये सब मिलकर ले रहे हैं।पायल- क्या रॉनी भी इनके साथ मिला हुआ है.

यार बता नहीं सकता।मेरे लण्ड की पैन्ट के अन्दर हालत ख़राब हो रही थी, मैंने झट से अपने कपड़े उतारे और केवल अंडरवियर में उसके ऊपर लेट गया और उसके हर अंग को चूमता रहा और चूसता गया।उसके पेट और उसकी नाभि और चूमना शुरू कर दिया. ’ की आवाज आ रही थी।मैं भी अपना लंड धीरे-धीरे आगे-पीछे कर रहा था। फूफाजी झड़ने वाले थे.

उस वक़्त मैंने रेड स्कर्ट और ब्लैक टॉप पहना हुआ था। मैं बिना जवाब दिए अपने कमरे में चली गई थी।मैं अपने कमरे में चली गई थी और खिड़की से उनकी बातें सुनने लगी थी।असलम अंकल अम्मी को कमरे में ले कर गए थे. और सुरभि के दोनों मम्मों को बारी-बारी से चूसने लगी।मैं भी सुरभि की गाण्ड के नीचे तकिया लगा कर उसकी चूत को चूसने लगा. तो उनकी चूची पीने लगा।ऐसे करते-करते मेरा लंड खड़ा हो गया।मैंने कहा- भाभी देख अब।भाभी ने लौड़ा देखा और चूम लिया।भाभी बोलीं- जल्दी बाड़ दे.

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अपनी पहली व सच्ची कहानी लेकर हाजिर हूँ। कहानी में लड़की का नाम काल्पनिक है।बात उस समय की है. सो उन्होंने ज़ोर से मुझको जकड़ लिया और छिपकली की तरह मुझसे चिपक गईं।चूंकि मैं एकदम हट्टा-कट्टा नौजवान था.

तब भी प्रियंका ने सुरभि को एक बड़ा पैग बना कर दे ही दिया और जबरदस्ती उसको पिला भी दिया।जब सुरभि ने एक पैग गटक लिया और उसको कोई दिक्कत नहीं हुई तो प्रियंका ने अगला पैग अधिक बोदका मिला कर उसको दिया जिसे उसने बिना किसी विरोध के पी लिया।फिर हम खाना खाकर आराम से दीवान मैं ही बैठ कर बातें करने लगे. तो मैंने अब एक उंगली प्रीत की चूत में डाली और अन्दर-बाहर करने लगा। प्रीत कुछ ज्यादा ही मस्त हो रही थी ‘ऊऊऊहह ऊऊऊऊ. इसलिए मैंने शादी ना करने का फ़ैसला कर लिया।यह सुन कर मुझे बहुत दुख हुआ और मैं एकटक उनका चेहरा देखती रही। इतना खूबसूरत जवान मर्द.

दोस्तो मेरा नाम भाऊ है और मैं ग्रेजुएशन कर रहा हूँ। मैं अपने घर का इकलौता लड़का हूँ।मेरी एक गर्लफ्रेंड है. मैंने हम दोनों के लिए खाना बनाया और भाई को बुलाने के लिए उसके कमरे की तरफ गई। मैंने कुछ आवाजें सुनी. वो अभी भी कांप रही थीं।मैंने उनके गालों को चूमते हुए फिर से उनकी गर्दन को चुम्बन किया। जैसे ही मैं उनके पेट पर अपनी जीभ को फेर रहा था.

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सोनिया ने मदन का लण्ड पकड़ कर अपनी चूत के छेद में रखा और बोली- इतना बड़ा लौड़ा लिए घूम रहे और छेद नहीं मिल रहा. मेरी आँखों से पानी निकल रहा था।पर ये तो एक ना एक दिन होना ही था। जाते-जाते मैडम ने मुझे कहा- घर को ताला लगाकर चाबी प्रिंसिपल सर को दे देना।मैं ताला लगाने गया. तूने क्या कर डाला’दरअसल मर्द इस गलफहमी में रहते हैं कि वो चुदाई का मज़ा ले रहे हैं.

वैसे भी आज शॉपिंग में काफ़ी ‘मज़ा’ आया ना?ऐसा पूछते-पूछते उसने मुझे अजीब सी स्माइल दी। मैं सोच में पड़ गया कि क्या कहूँ। फिर उसने मुझे दोबारा पूछा. मेरी तरफ देख तक नहीं रही थीं।लेकिन मुझे अपनी बहन का ये अंदाज़ भी बहुत अच्छा लग रहा था. हिंदी बीएफ पिक्चर वीडियो फिल्म’ की गर्दन करते हुए आपी उठीं और अपनी क़मीज़ पहनने लगीं। मैंने आपी की कैफियत को समझते हुए उनको कुछ कहना मुनासिब नहीं समझा कि उनको अपनी इस हरकत पर बहुत गिल्टी फील हो रहा था और मेरा कुछ कहना हमारे इस नए ताल्लुक के लिए अच्छा नहीं साबित होना था।मैं और फरहान चुपचाप आपी को कपड़े पहनते देखते रहे.

और बच्चे अपने छोटे चाचा के साथ शादी में गए हैं, कल शाम तक आएंगे।यह सुनकर मैंने कहा- मैं आपको एक और दवा दे देता हूँ.

और उसके हाथ खोल दिए।मैं खुद बहुत निढाल हो चुका था तो उसी के पास पड़ा रहा। वो उठी और लंगड़ाते हुए बाथरूम में गई. मैंने भी अपना लण्ड पैंट में डाला और ज़िप बंद करते हुए कहा- अच्छा सच-सच बताओ आपी.

हम बस स्टॉप उतरे और बाहर आकर उसने कहा- हम यहाँ से मेरे फ्लैट और वहाँ से आपको आपके एड्रेस पर छोड़ दूंगी. हो सकता है कि किसी कहानी में आपको ज्यादा मज़ा न आए क्योंकि मेरे साथ घटना जैसे घटी होती है उसको मैं वैसे ही लिखता हूँ और इसलिए हर कहानी अलग होती है और उसका रोमांच निर्भर करता है घटना किन परिस्थितियों में घटी और कैसे घटी…तो आपका ज्यादा समय न लेते हुए मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ. हो सकता है वहाँ से और भी मज़ेदार चीजें मिल जाएँ?मोईन बोला- तेरा दिमाग खराब है.

इससे मेरी इच्छा प्रीत को चोदने की और भी ज्यादा हो जाती थी।सच में प्रीत कल खूबसूरती की जितनी भी तारीफ करो.

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अब थोड़ा तो मज़ा लेने दे।रॉनी- टोनी, ये यहाँ खाना बनाने के लिए आई है. तो उसने मुझसे कहा- यार कल पक्का सोनिया मुझसे चुदवाने आएगी न?तो मैंने उसे देख कर कहा- मदन सोनिया ने कहा है. उनका लण्ड अब तक मेरी बुर पर वैसे ही टाइट डंडे की तरह खड़ा था।उसका मुण्ड मेरी योनि में पेवस्त था.

लेकिन थोड़ी देर में वो भी होंठ चूमने लगी।फिर मैंने उसे सोफे पर लिटा दिया और मैंने भी सोफे पर बैठकर बबीता का सिर गोद में ले लिया और हमने चूमना शुरू कर दिया।अब तो बबीता पूरे जोश में आने लगी. बस यही सोचता था कि कब मौका मिले और मामी की चूत बजा दूँ।साथियो, मैं मामी की चूत को चोदने में बहुत व्याकुल हो चला था. इस काम के दौरान अर्जुन पायल की गाण्ड को अच्छे से दबा कर उसका मज़ा ले रहा था। जब पैन्ट घुटनों तक आ गई तो पायल ने कुर्ता नीचे कर दिया जिससे उसके पैर नंगे होने से बच गए।पैन्ट निकल जाने के बाद पायल ऐसे बैठ गई कि लग ही नहीं रहा था वो नीचे से नंगी भी हुई है।टोनी- वाह पुनीत वाह.

’ करती हुई झड़ गई।अब हम दोनों ने ही गद्दे पर कुछ देर आराम किया और फिर से एक बार और प्रीत की जी-जान से चुदाई की और अब कुछ ज्यादा ही थक गए थे सो नीचे चलने को हुए।मैंने गद्दे को सूखने के लिए ऊपर ही रहने दिया।नेहा को जैसे ही लगा कि अब हम दोनों नीचे कमरे में जा रहे हैं. ये ठीक नहीं हो रहा है।मुझे भी होश आया और मैंने उनकी बातों पर ध्यान दिए बिना उन्हें पकड़ कर नीचे उल्टा ज़बरदस्ती बैठा दिया और एक हाथ से अपने कपड़े उतारने लगा… जिसे मौसी देख नहीं पाईं.

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वैसे ही हल्की बारिश होना चालू हो गई। मेरे मन में और भी ख़ुशी जागृत हो गई. बीएफ इंग्लिश पिक्चर दाखवालोअर नीचे सरका कर अपने लौड़े को बाहर निकाला।उस वक्त तो मुझे पता नहीं था कि मेरा यौनांग कुछ छोटा था।मुझे थोड़ा अजीब जरूर लग रहा था. सनी लियोन बीएफ ओपनलुत्फ़ लीजिए।मेरा नाम सगीर है और मेरी उम्र इस वक़्त 35 साल है। कहानी है इस बारे में कि कैसे मैं और मेरी परिवार में चुदाई से आशनाई हुई।जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती जाएगी. तो मौसी बोलीं- प्रीत और यश ना सुबह ही अपने दरवाजे के सामने टकरा गए थे।तो मौसा बोले- अरे.

इसी लिए मैं इस आखिरी चुदाई का पूरा मजा लेने लगा।फिर मैडम घोड़ी बन गईं.

पर सोचा उससे पहले कुछ खा पी लूँ।कुछ खाने के लिए मैं जब स्टेशन की कैंटीन की तरफ जा रहा था कि तभी मेरी नजर हमारी एक पड़ोसन सुषमा जी पर पड़ी। सुषमा जी हमारी ही सोसायटी में सामने वाली बिल्डिंग में रहती थीं।‘हाय. टी के अंडरवियर में उसका लंड मेरी आंखों के सामने तना हुआ मचल रहा था. तो हम दोनों को साथ में आगरा जाना पड़ा।हमारे परिवार पड़ोसी और अच्छे दोस्त होने की वजह से हमें पहले भी साथ में भेजते रहे थे। मैं तो बहुत खुश था.

मैं सुशान्त एक बार फिर आपके सामने उसी कहानी के आगे की घटना को लेकर हाज़िर हूँ।लेकिन अपनी आपबीती आगे ले जाने से पहले मैं उन सब लोगों को धन्यवाद बोलना चाहता हूँ जिन्होंने मेरी स्टोरी को पढ़ा और मुझे सराहा। उन सभी को बहुत शुक्रिया जिन्होंने मुझे ईमेल करके कहानी के अगले भाग को जल्दी से लिखने को बोला है।उन लोगों की ही मांग पर पेश कर रहा हूँ आगे की आपबीती।लेकिन जो लोग पहली बार मेरी कहानी पढ़ रहे हैं. तो मैंने देखा चादर पर खून की बूँदें गिरी हुई थीं।वो तो यह देख कर घबरा गई. पर मैंने भी उसे किसी तरह मना लिया, हम स्कूल से बंक मार कर थोड़ी देर इधर-उधर घूमते रहे।मैं सोनिया को मदन के घर ले गया, मैंने मदन से उसके घर की चाभी पहले ही ले ली थी।अब तक तो सोनिया भी समझ चुकी थी कि मैं आज उसे चोदने वाला हूँ। लगता था उसका भी मन था चुदने का.

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’उसने कहा- एक सवाल पूछूँ?‘हाँ पूछो?’‘आदमी के नीचे जो होता है… उसे क्या कहते हैं?’मैंने कहा- हम सभी उसे लिंग कहते हैं। लड़की को जीवन का सुख यहीं से मिलता है।दीपा- वो कैसे?‘जब पास आओगी. । वहाँ टेबल के दराज से उन्होंने चाबी निकाली और अपना बेडरूम खोला। मुझे लिए हुए वो अपने बेडरूम में दाखिल हो गए। बेडरूम का डोर अपने आप लॉक हो गया।यहाँ का नज़ारा देख तो मेरी नज़रें झुक गईं. अल्फ नंगे। मैं उनके मस्त मम्मे चूस रहा था और वो मेरा लण्ड को हाथ में ले कर मसल रही थीं। उनके होंठ.

हम दोनों भाई कंप्यूटर पर ट्रिपल एक्स मूवी देख रहे थे कि अचानक दरवाजा खुला और आपी अन्दर आईं।और हमारे पास पड़े हुए सोफे पर जा बैठीं।आपी बोलीं- फरहान दरवाज़ा बंद कर दो।अब आगे.

जैसे कोई सुंदरी अपनी कमर घुमा-घुमा कर डांस कर रही हो।मैं सोनाली के कानों को पी रहा था और हाथों से उसके चूचों का मर्दन कर रहा था।सोनाली की ‘आहों.

मगर सन्नी जल्दी से पीछे हट गया।पायल अचम्भित सी होकर सन्नी को देखने लग गई- क्या हुआ छूने दो ना. जब हम लाहौर के बहुत ही कमर्शियल एरिया रंग महल में रहते थे।मैं अपने पेरेंट्स की इकलौती बेटी हूँ, मेरी उम्र उस वक्त 20 साल थी। मेरा फिगर 36-26-38 का था. हिंदी बीएफ दीजिए वीडियोउसने गाण्ड मराने के लिए ‘हाँ कह दी।अर्जुन ने उसको घोड़ी बनाया और उसकी गाण्ड पर लौड़ा सैट करके उसकी जाँघों को मजबूती से पकड़ लिया और वैसे ही जोरदार शॉट मारा।अबकी बार पहले से ज़्यादा उसको दर्द हुआ और वो बेतहाशा रोने लगी।पुनीत बाहर छटपटा रहा था.

फिर बातें करेंगे।’ फरहान ने ऊपर कमरे की तरफ जाते हुए कहा।फिर पहली सीढ़ी पर रुकते हुए कहा- बाक़ी सब तो सो गए होंगे?‘हाँ. मज़ा आ रहा है आह्ह…उधर बाहर पुनीत बार-बार उस कमरे की ओर देख रहा था जिसमें पायल और सन्नी गए थे।विवेक- टोनी भाई. अब मैंने उसकी बुर में 2 उंगलियाँ डाल दीं, उसकी मस्त बुर गीली हो गई थी। साथ ही पीछे से मैं गाण्ड चाट रहा था और आगे हाथ करके बुर में 2 उंगली पेल रहा था।जैसे जैसे मैं अपनी हाथ की स्पीड बढ़ा रहा था.

मैंने पैंट की जिप खोल दी।लण्ड के बाहर निकलते ही वो ध्यान से देखने लगी। मैंने उसका एक हाथ लण्ड पर रखकर खुद ही उसके हाथ को आगे-पीछे करने लगा. सिर को पीछे की तरफ नीचे झुका दिया। फिर मैंने फरहान के मुँह में अपने खड़े लंड को डाला और उसके ऊपर झुकते हुए फरहान के लण्ड को अपने मुँह में भर लिया। अब हम 69 की पोजीशन में थे।‘नाइस पोजीशन.

दूसरी बार मिलने का वादा करके।यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !जब वो जा रही थी.

वो देखो कैसे पुनीत बार-बार उधर देख रहा है।टोनी- अबे पुनीत क्या सोच रहा है अभी तो सन्नी उसको लौड़ा चुसा रहा होगा. सचमुच बड़ा ही मुश्किल था। लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरे जीवन की जवानी की शुरुआत का सावन. तो उन्हें अपने मुँह में कुछ अजीब सा महसूस हुआ और जब वो अपने को ठीक करने लगीं.

ससुर बहू की सेक्सी बीएफ चुदाई साथी ही पानी की तेज़ धार उनकी सुराख से नीचे गिरने लगी।धीरे-धीरे वह पाइप को अन्दर आगे बढ़ाने लगे. मैं उसे चोदता ही जा रहा था। कुछ देर की चुदाई के बाद मुझे लगा अब मैं झड़ने वाला हूँ।इस बीच रिया 3 बार झड़ चुकी थी।मैंने लण्ड बाहर निकाला और उसके मुँह में लण्ड दे दिया और उसे खूब लौड़ा चुसवाया। बाद में उसके मुँह में ही मेरा पानी निकल गया।फिर वो फ्रेश होने बाथरूम गई.

घबराने की कोई जरूरत नहीं है।फिर उसने अपनी चूत साफ की और मैंने अपना लण्ड साफ़ किया, हम दोनों ने कपड़े पहने।मैंने उसको थोड़ी देर और रुकने को बोला. तो कभी नीचे!उसके निप्पल इतने कड़क हो चुके थे कि कुरते के अन्दर से ही एक नुकीला निशान बना रहे थे।मुझसे रहा नहीं गया और मैंने टिया को अपनी गोदी में लेकर उसे किचन के संगमरमर के पत्थर पर बैठा दिया। उसकी टांगों को खोलकर अपना मुँह उसकी स्कर्ट के अन्दर डाल दिया और अपने दाँतों से उसकी चड्डी को उतारकर उसकी चूत को एक कुत्ते की तरह चाटने लगा।जैसे ही मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर घुमाई. तो मैं भी वहीं बैठ गया।मैं प्रियंका के पीछे जाकर बैठ गया और उसके घर वालों से बातें करने लगा। प्रियंका की पीठ मेरी तरफ थी.

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हमसे एक बार मालिश ही करवा लो।उसने तरस खा कर कहा- आखिर तुम्हें चाहिए क्या है?‘तुम्हें चोदना…’ये सुनकर तो उसकी आँखें खुली की खुली है रह गईं. इसको चूसने से औरत को होंठ चुसाने से भी ज्यादा मजा आता है।मैं- तो क्या मैं इसे अभी चूस लूँ?रसीली भाभी- नहीं. और हाथ से मसलने लगी।उसकी आँखों में एक अजीब सी मस्ती थी।दो पल बाद उसने मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर बहुत अन्दर तक भर कर चूसना शुरू कर दिया।मेरा लौड़ा चूसने के साथ ही वो तिरछी नजरों से मेरी तरफ़ देख भी रही थी और मैं भी उसके मुँह में जर्क लगाने लगा, कुछ ही धक्के लगाए होंगे कि मैं खलास हो गया।उसने कहा- इतनी जल्दी?मैंने कहा- मेरा पहली बार ऐसा मौका है।वो बोली- वाउ मजा आ जाएगा.

वो वैसे भी मुझसे बहुत बार तुम्हारे बारे में पूछ चुका है।मैंने कहा- नहीं यार. अभी कल भी आई थी और हम दोनों के लिए उसने आकर चाय भी बनाई और कुछ देर बात करके चली गई।‘हम्म.

उल्टे ऐसा लग रहा था कि बस अंकल इसी तरह अपने सीने से लगाए मुझे ज़िंदगी भर चोदते रहें।मेरी मस्ती बढ़ती जा रही थी.

पर छत पर कोई देखेगा तो नहीं न?मैं बोला- क्या अपार्टमेंट वालों को कभी छत पर देखा है?प्रीत बोली- नहीं यार उनके पास इतना टाइम ही कहाँ है।मैं बोला- फिर बेफिक्र रहो।अब मैंने सीड़ियों जा कर छत का दरवाजा खोल दिया और फिर छत पर चारों ओर देखने लगा. आप मुझे मेल कर दीजिए।फालतू मेल में आपका और मेरा कीमती वक्त जाया मत होने दीजिए।मेल करते वक्त कहानी का टाइटल क्या है. ’ कूदने लगी।मेरे लण्ड के ऊपर कूदने से उसकी चूत में आता-जाता लण्ड साफ़ दिख रहा था। जिसे देख कर मैं और भी पागल हो गया था। सुरभि मेरी ओर देखते हुए और तीखी मुस्कान के साथ अपना टॉप उतारने लगी और उतार कर फेंक दिया।अब दोनों सुरभि और प्रियंका मेरे ऊपर चढ़ कर तांडव कर रहे थे.

वो एक आवाज में ही भागता हुआ हमारे पास आया और बोला- चलो रेलवे पुलिस के पास. तो चलो सब उस कमरे में चलते हैं।सन्नी- अबे चुप साला चूतिया वहाँ जाने की जरूरत नहीं है. तो वो पूछने आई थी।टॉपिक था बच्चा कैसे होता है। मेल और फीमेल कैसे बनता है। मैं उस दिन घर पर अकेला ही था.

बस 4-5 झटकों के बाद मैं भी चूत के अन्दर ही झड़ गया, मैं मामी के नंगे बदन के ऊपर ही लेट गया।अब मामी ने मेरा लौड़ा चाट कर साफ़ किया और चूसा.

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तो रिया ने बोला- गाड़ी साइड में रोक दो।मैंने गाड़ी साइड में रोक दी।रिया ने मुझसे पीछे वाली सीट पर आने को कहा. ’ आपी ने चाय की घूंट भरते हुये लापरवाही से जवाब दिया।मैंने भी चाय की आखरी घूंट भरते हुये आपी के मम्मों पर एक भरपूर नजर डाली और ठण्डी आह भरते हुए उठ खड़ा हुआ।अब आगे. क्योंकि मैं एक बार झड़ चुका था।इसलिए मैं जोर-जोर से धक्का दे रहा था मैडम की ‘आह.

हम थोड़ा ठीक से बैठ गए और बातें करने लगे।तब उसने बताया कि उसका नाम सपना है और वो नागपुर की ही रहने वाली है.

साले रुक अभी तुझे बताता हूँ।पुनीत गुस्से में टोनी की तरफ़ लपका तो सन्नी ने उसका हाथ पकड़ लिया।सन्नी- पुनीत ये क्या हो रहा है. तो उसने मेरा सर कस के अपनी बुर में दबा दिया।मैं अपने दोनों हाथों से उसके दोनों मांसल चूतड़ों को दबा रहा था। साथ में उसकी चूत के कामरस को चाट रहा था। मेरा पूरा ध्यान उसको पूरी मस्ती देने पर था. अपने दूध नहीं पिलाओगी क्या?’अंकल अम्मी को गुदगुदाते हुए दूध पीने लगे।‘हुंह.