सेक्सी बीएफ अंग्रेजी फिल्म

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बातचीत करते करते देवर ने अभी मेरी मैक्सी ऊपर सरका कर मेरी चूत पर हाथ फ़ेरना शुरू किया ही था कि दरवाजे की घन्टी बज गई. एसएस वीडियो बीएफवो टिकेट उसकी ऊँगली से टकरा कर बिल्कुल मेरे निप्पल के ऊपर आ गया जिसे अब ब्रा में हाथ डाल कर ही निकाला जा सकता था.

नौ इंच लम्बे और मोटे लंड की हर नस दिख रही थी। मेरा लंड आंटी की चूत के रस में गीला हो कर चमक रहा था।जोर लगा के हईसा …चोदो मुझ को अईसा …बुर मेरी फट जाये …गांड मेरी थर्राए …आंटी ने नया गाना शुरू कर दिया।मैं भी नये जोश के साथ आंटी की तरबूज जैसे चूचियों को दबाते हुए और तेज़ी से बुर को चोदने लगा. बीएफ सेक्सी फिल्म पंजाबीपर मैंने अपनी बात कहनी जारी रखी : तरकीब यह है कि हम दोनों एक ही कॉपी पर दो कवर चढ़ाएंगे एक पर तेरा नाम होगा और दूसरे पर मेरा.

जैसे ही वो दोनों अपने रंग में आए तो उन्होंने मुझे उठा कर सीट पर लेटा दिया और फिर अपना अपना काम बाँट लिया.सेक्सी बीएफ अंग्रेजी फिल्म: मैंने कभी भी मोना आंटी को गलत नज़र से नहीं देखा था, मैं उनके घर अक्सर आता जाता था.

उस की स्कूल में पूरी दहशत थी, हर लड़का उस से डरता था, स्कूल का चौकीदार, चपड़ासी वगैरा स्टाफ के लोग उस का पानी भरते थे, मन मर्ज़ी से स्कूल आता जाता! हमारा स्कूल बहुत बड़ा है, फ्री पीरियड में वो मुझे स्टोर रूम में बुला लेता, वहाँ बैठ बातें करतें, वो मेरी स्कर्ट में हाथ डाल कर मेरी जांघें सहलाता, मेरे बटन खोल मेरे मम्मे दबाता, चूमा चाटी करता, बदले में मैं भी उस का लौड़ा पकड़ लेती और मसल देती.और जब उनका लण्ड ऊपर निकल आता तो वो मेरे गुलाब जैसे लाल होंठों घुस जाता और उसके साथ लगी हुई शराब भी मैं चख लेती.

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लेकिन वो दोनों कुछ शरमा रहे थे इसलिए पहल मुझे ही करनी पड़ी और मैंने दीपू के गले में हाथ डाल कर उसके होंठ चूसना चालू कर दिए.एक दिन जब मैं उसके कमरे की सफाई कर रही थी तो पलंग के नीचे मुझे उसके सफ़ेद रंग का जांघिया दिखा.

एक छोटी सी घुंडी निकलने को आतुर हो रही थी… और उसके नीचे था कुछ दो-ढाई इंच का चीरा…छोटे-मोटे झरने की तरह बहता हुआ…मैंने नेहा के दोनों नितम्ब थामे और उस घुंडी को कुरेदने लगा…नेहा लगभग उछल रही थी… और उसी सामंजस्य में उसके दोनों घटक उछल रहे थे… कुछ देर तक योनि-कलिका को कुरेदने के बाद मैंने जीभ को पूरा चौड़ा करके दरार पे फ़िरा सा दिया. सेक्सी बीएफ अंग्रेजी फिल्म मैंने कहा- अरे! यह क्या कर रहे हैं आप दोनों?अरे कुछ नहीं भाभी! थोड़ा सा देख रहा था!ये भी बोले- बेचारे को हाथ लगा लेने दो! क्या फर्क पड़ता है तुम्हें?मनोज हाथ लगाने के बहाने दबाने लगा.

मैं उसे चोदता रहा !आप सब यकीन नहीं मानेंगे- उस बार मैंने उसे पूरे 50 मिनट तक चोदा जो कि मेरे लिए भी आश्चर्यजनक था कि इतनी देर चुदाई करने पर भी मैं झड़ा नहीं।यह उस गोली का ही असर लग रहा था!जब बहुत देर हो गई तो फिर से मैंने उसे अपने नीचे लिटा लिया और जोर से चोदने लगा और वो तो बस आःह्ह्ह….

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हाय हाय! क्या मस्त बड़ी बड़ी चूचियाँ थी! पूरी रस से भरी हुई लगती थी!राज ने एक चूची को मुँह में भर लिया और दूसरी को जोर जोर से दबाने लगा. मैंने अन्तर्वासना पर लगभग सारी कहानियाँ पढ़ी हैं और अब मैं अपनी कहानी भी भेज रहा हूँ. ?’ (ओह… प्रेम… मुझे कुछ… हो रहा है… कुछ करो ना?)‘देखो मेरी सिमरन… मेरी सिमसिम अब हम उस मुकाम पर पहुँच गये हैं जिसे यौन संगम कहते हैं और… और…’‘ओह…हवे शायरों वाली वातो छोडो आने ए…आह.

फिर धीरे से वो मेरे और करीब आया…उसने अपने दूसरे हाथ की उंगलियों से मेरे होंठों तक आती जुल्फों को मेरे कान के पीछे कर दिया. तो मैं झिझक गया…नहीं कुछ तो नहीं! आप इतनी सुन्दर हैं कि कोई भी आपको देखता ही रह जाएगा!उसने अपना हाथ गेयर की तरफ बढ़ाया और मेरी घुटने पर रख दिया. फिर उसके साथ सेक्स बहुत बार हुआ और वो मेरे जीवन से मस्त जुड़ गई और उसने अपना जिस्म मेरे सिवा आज तक किसी और को नहीं दिया.

आपनी प्यास बुझा लो आज !”मैं लगातार धक्के पर धक्का लगाये जा रहा था और मेरा लण्ड उनकी बच्चेदानी से टकरा रहा था और आंटी के मुख से अजीब अजीब आवाजें आ रही थी। उनकी सीत्कारों से पूरा कमरा भर गया था,”आई लव यू मेरे राजा…… आज मैंने खुद को तुम्हारे हवाले कर दिया है…… फाड़ डाल मेरी चूत को……कीमा बना दे इसका…… बहुत सालों से इसकी प्यास नहीं बुझी……आज बुझा इसकी प्यास…. । और जोर से चोदो मुझे मैं बरसों की प्यासी हूँ। वो रमेश का बच्चा तो एक दम ढिल्लु प्रसाद है। आह … ऊईई … शाबाश और जोर से प्रेम आह … याया आ…. भाभी के तबादले से पढ़ाई में मेरी मदद करने वाला भी कोई नहीं बचा था इसलिए मैं पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देने लगा.

नयन, धीरे से करो! मुझे दुःख रहा है!”हाँ मामी! मैं धीरे से करता हूँ!”मामी, एक काम करो! आप नीचे से गांड उठाओ और धीरे से अन्दर लेने की कोशिश करो!”लंड तो अब मेरा भी दुखने लगा था क्योंकि गांड का छेद बहुत ही छोटा था. मैंने जोश में गौरी के स्तन थाम लिए और गौरी ने राधा के!गौरी मुझे चूमती भी जा रही थी.

तुम जैसे चाहे हमें चोद सकते हो ! शादी के बाद तो हमारा पति हमें चोदेगा, उससे पहले कैसे चोदते हैं यह सीख लिया तो शादी के बाद परेशानी नहीं होगी।कैसे शुरुआत करें….

। जब तुमने मुझसे बाम मसलवाई थी तो मैंने तुम्हारी योनि देख ली थी। बस यूँ ही दिल चाहने लगा….

मुझे टेंट के बाहर से उसकी नंगी चूत तो नज़र नहीं आ रही थी मगर मैंने उसकी परछाई से उसकी गांड का अंदाजा लगा लिया था। सारे कपड़े निकालने के बाद ज़ाहिरा ने ढीला ढाला एक गाउन पहन लिया। मैंने सोचा कि कपड़े बदल कर ज़ाहिरा सो जाएगी इसलिए मैं भी वापस लड़कियों के तम्बू में आ गया।थोड़ी देर तक मैं भी लड़कियों की मस्तियों का मज़ा लेता रहा. ‘मेरे राजा… मुझे रोज चोदा करो… हाय रे…मुझे अपनी रानी बना लो… मेरे भैया रे…’उसकी कसक भरी आवाज मुझे उतावला कर रही थी. राधा के पति की मृत्यु हुए करीब एक साल हो चुका था, उनका छोटा सा परिवार था, उनके कोई बच्चा नहीं हुआ तो उन्होंने एक 10 वर्ष की एक लड़की गोद ले ली थी, उसका नाम गौरी था.

राहुल अंकल जोर जोर से सिस्कार रहे थे- ओह! आह्ह्ह्ह्! बड़ा मजा आ रहा है! क्या मस्त चूसती है तू! आज तूने पागल कर दिया है! आज तो तेरी ऐसी गांड मारूँगा कि तू लौड़ा लेने के नाम से डरेगी. मैंने भी देर न करते हुए दीदी के होंठो पर अपने होंठ रख दिये और हम दोनों पंद्रह मिनट तक एक-दूसरे को चूमते रहे. तब तुम्हारी तैयारी थी, अब ये हमारी तैयारी हैतब तुमने तड़पाया था, अब तड़पाने की हमारी बारी है !.

नयन, अगर तुमको तकलीफ ना हो तो थोड़ा इसे भी चाटो ना!”मैंने अपनी जीभ गांड के छेद पर रखी और धीरे धीरे अपनी जीभ का जोर बढ़ाया.

मुझे भी मजा आने लगा था तो मैंने अपनी जीभ को और अन्दर तक डाल कर उसकी चूत को टटोलने लगा. सुबह सवेरे अगर लौड़ा मिल जाये तो काम देव की आराधना भी हो जाती है, और फिर पूरा दिन मस्ती से गुजरता है. हम दोनों जोर जोर से आहें भर रहे थे- आआ ह्ह्ह ऊ म्मम्म आआ ह्ह्हह्ह सीईईईईए आआह्ह्ह और ऐसे ही हम दोनों अपने लंड और चूत को एक दूसरे से रगड़ते रहे। लगभग 5 मिनट के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और मैं भी अपनी चरम सीमा को पहुँचने वाला था, हम दोनों झड़ गए, अपनी अपनी चड्डियों में.

नाज़ुक-नाज़ुक नर्म हाथ और पांव, छातियाँ खूबसूरत और जवानी से सरशार जैसे मौसम-ए-बाहर में कोई ताज़ा कली अपना सिर उठाए तन कर ठंडी हवा में झूमती है ऐसे ही मेरी नाज़ुक और हसीन छातियाँ ज़रा सी जिस्मी तहरीक पर जाग उठती और तन कर यूँ खड़ी हो जाती जैसे कह रही हों कि. मैं खुद जीजू से लिपटने लगी, उनकी शर्ट उतारी, फिर उनकी जींस का बटन खोला और नीचे सरका दी. अरे… ये क्या हुआ?… उनका प्यारा लण्ड मेरे मुख श्री में!!! इतना मुलायम सा… मैंने उसे अपने मुख में कस लिया और उसे चूसने लगी.

मैंने बच्चे को अलग से सुला दिया और वहीं बैठ कर पापाजी के उस हथियार को निहारती रही जो वहाँ लेटे लेटे मुझे चिढ़ा रहा था.

वो समझ गया!ऐसे ही वो दोनों सहेलियाँ तो महान थीं, जहाँ दोस्त ठहरे हुए थे, वहीं पहुँच गईं. मैंने खड़े हो कर अपना बरमोडा खोल कर उसे नीचे किया अन्दर मैंने अंडरवियर नहीं पहना था.

सेक्सी बीएफ अंग्रेजी फिल्म !पवन मजाक में बोला- ओढ़ने-बिछाने की क्या जरूरत है, आंटी के पहलू में सो जायेंगे दोनों! एक तरफ तुम और एक तरफ मैं. एक तरह से वो मेरा मुंह चोदने लगा… मैं बहुत गरम हो चुकी थी… मेरा मुंह पूरी तरह से चिपचिपा हो गया था उसके पतले रस से.

सेक्सी बीएफ अंग्रेजी फिल्म क्यों नयन, मजा आया?”बहुत मामी…बहुत मजा आया!”अरे अभी कहाँ? मजा तो अब तुझे दूंगी जो तुम जिन्दगी भर नहीं भूलोगे!”और मामी ने मेरा मुरझाया हुआ लंड अपने मुँह में लिया और अपनी जबान से और दातों से उसे चूसने लगी. कोई है जो इनके हुस्न को अपने सीने से लगा कर और इनका मद भरा रस अपने गर्म होंठों से लगा कर पीना चाहता हो.

वो: मैं… मैं… बहुत असमंजस में हूँ…मैं: हाँ तो कहो ना किस असमंजस में हो…वो: अब क्या कहूँ… कैसे.

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बहादुर थूक सटकता, रीटा की शर्ट में हाथ डाल कर बैच लगाने लगा तो रीटा प्यार से बोली- ठहरो बहादुर, ऐसे नहीं!फिर रीटा ने लाहपरवाही से अपनी शर्ट के अगले तीन बटन खोल दिये और बोली- अब लगाओ, बड़ी आसनी से लगेगा. हल्का सा शावर लेने के बाद मैंने उसे बाहर भेज दिया। वो मुझे साथ ही ले जाना चाहता था पर मैंने कहा- तुम चल कर दूध पीओ मैं आती हूँ।मिट्ठू जब बाथरूम से बाहर चला गया तो मैंने दरवाजे की चिटकनी लगा ली। आप सोच रही होंगी अब भला दरवाजा बंद करने की क्या जरुरत रह गई है अब तो मिट्ठू को कहना चाहिए था कि वो गोद में उठा कर बेडरूम में ले जाए। ओह …. कहानी का पिछला भाग:मेरे बस के सफ़र से आगे का सफ़र-2मैंने मामी को नीचे खींचा और फिर से उनके मम्मे दबाने लगा.

चूत पानी छोड़ रही थी… चिकनी हो गयी थी… लंड फिसल कर अन्दर घुसता चला गया… कामिनी के मुंह से सिसकारी निकल पड़ी. मैं उसकी क्लास में जा पहुंची और उसकी अध्यापिका के पास जाकर बोली- वेदांत को मिस मोनिका बुला रहीं हैं…!!!वो मेरे साथ बाहर आया. मैंने राजू का लंड तैयार करते हुए उससे कहा,’चलो राजू तुम अपना अधूरा काम पूरा करो !’मेरी बात सुनते ही राजू हँसते हुए मेरे पीछे आ गया और बोला ‘क्यों नहीं मैडम अभी लो !!’अब सब लोगों ने अपनी अपनी पोज़िशन ले ली.

रात के करीब 11 बजे मुझे मेरी बहन ने उठाया और कहा- खाना खा लो!मैं उठा और हाथ मुँह धोकर खाने के लिए मेज़ पर गया, वहाँ अनीता दीदी भी बैठी थी.

लेकर बाबूलाल को देते हुए कहा- टाइम का ध्यान रखना! ठीक 10 बजे!बाबूलाल चला गया, ऑफिस का टाइम खत्म हो चुका था, मैं घर चली आई, घर आकर मैं खूब रगड़ रगड़ कर नहाई, कोई दस बार अपनी चूत को साबुन से धोया, आदत के अनुसार साड़ी के नीचे पेन्टी नहीं पहनी।घर में मैंने कह दिया कि जिमी के साथ शादी में जा रही हूँ।ठीक 9. अब वो मेरे पैर की तरफ सर करके लेट गई और मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाटने लगा, मतलब हम अब 69 तरीके में थे. योगी भी पीछे-पीछे आ गया, मैंने उसका सूट उतार दिया और फिर उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और फिर मैंने चित्रा की पेंटी भी निकाल दी और उसकी चूत चाटने लगा.

पहले पापा मेरी मम्मी बनने के लिए तैयार हो रहे थे। उन्होंने पहले औरतों वाली चड्डी पहनी, उसके बाद साए को सर के ऊपर से डाला। इसके बाद पापा ब्रा की बारी आई. मैंने बच्चे को अलग से सुला दिया और वहीं बैठ कर पापाजी के उस हथियार को निहारती रही जो वहाँ लेटे लेटे मुझे चिढ़ा रहा था. आज मैं अन्तर्वासना डॉट कॉम की एक महीने से पाठक बन चुकी हूँ, तभी से मुझे गैर मर्दों की चाहत पैदा हुई है.

?? हाँ, यह तुम्हारे शर्ट से झांकती तुम्हारी छाती… तुम्हारी घुटने से ऊपर हुई स्कर्ट में दिखती तुम्हारी जांघें … या फिर तुम्हारे मौज़े. प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे लगा जैसे कोई मूसल मेरी फूलकुमारी के अंदर चला गया है, मुझे लगा ज़रूर मेरी फूलकुमारी का छेद बुरी तरह छिल गया है और उसमें जलन और चुनमुनाहट सी भी महसूस होने लगी थी। मुझे तो लगा कि यह फट ही गई है। मैं उसे परे हटाना चाहती थी पर उसने एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया।मेरी जान….

फिर तो बहादुर के हथौड़े से लन ने रीटा को कसमसाने की भी जगहा नहीं दी और चूत की चूलें हिला दीं. पर मेरी उससे पूछने की हिम्मत नहीं हो रही थी… मैंने बात बदलते हुए कहा,” अच्छा सुन, तूने मैथ का होमवर्क किया है…???, कल वो चोट लग गई थी ना कोहनी और घुटने में, तो मैं ना स्टाडी टेबल पे बैठ पाई न मैं होमवर्क कर सकी. मैं अपनी बहन के बारे में बता दूँ!मेरी बहन का नाम शैली है और वो मुझसे तीन साल छोटी है, दिखने में बहुत सुंदर है, उसके मम्मे 32 इन्च के हैं और गांड के बारे में क्या बताऊँ! कोई भी लौड़ा खड़ा हो जाये उसकी मारने के लिए.

देवर ने पूछा- मजा आ रहा है भाभी…?कभी कभी आ रहा है, जब वो अन्दर टकरा रहा है!” मैंने कहा.

बेडरूम में पहली बार लड़के के साथ थी, मुझ से रुका नहीं गया और मैं नीचे बैठ उसका लौड़ा चूसने लगी. फिर राजू के डैडी की ट्रांसफर किसी और शहर में हो गया और राजू वहाँ से दूसरे शहर में चला गया. अब तो सुधीर और मेरी प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी… और फिर प्यार के अन्तरंग माहौल में हम दोनों उतरने लगे… मेरी फिर से चुदाई चालू हो गई… मेरे जिस्म को फिर से एक तन मिल गया था भोगने के लिये…[emailprotected].

अब वो सच कहते थे या अपने आपको और मुझे कल्पना की दुनिया में ले जा रहे थे यह तो नहीं मालूम लेकिन मैंने सोच लिया था कि अपने जिस्म की आग बुझाने का सबसे आसान और महफ़ूज़ ज़रिया यही है कि मैं अपने एक साल छोटे भाई के जिस्म को इस्तेमाल करूँ. राजू रीटा के घुटने मोड़ कर रीटा को कंधों से मिला दिये और बोला- जाती कहाँ है साली! माँ की लौड़ी, अभी तो तेरी मां की चूत भी मारनी है.

अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा नमस्कार और ढेर सारा प्यार! कहानी के बारे में जानने के लिए कहानी के पिछले भाग जरूर पढ़िए, मैं उम्मीद करता हूँ कि आप मित्रों और लड़कियों को मेरी कहानी जरूर पसंद आएगी. मैं नीचे गिर गई मगर राणा अंकल ने मेरी गाण्ड को तब तक नहीं छोड़ा जब तक उनके वीर्य का एक एक कतरा मेरी गाण्ड में ना उतर गया. और इधर माँ का बुरा हाल था- आआह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह मह्ह्ह्ह अहाआअफिर मैंने उन की दोनों टांगें फैलाई और बीच में आ गया.

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? कविता बोली।मैंने फिर परची डाली और रेशमा को कहा- एक एक कर के तीनों को उठाओ।रेशमा ने उठाई तो पहली परची में पिंकी का नाम था, दूसरी में रेशमा का और तीसरी में कविता का नाम आया।मैंने कहा- देखो, परची में जैसे नाम आएँ हैं, वैसे ही मैं एक एक को चोदूँगा….

मैं बार-बार उनके दाने को अपनी जीभ से सहला रहा था और हर बार वो मुँह से सेक्सी आवाज़ निकालती जो मुझको मस्त कर देती. उसकी सफ़ेद निकर ढीली सी नीचे खिसकी हुई थी, और उसके चूतड़ों के ऊपर की दरार नजर आ रही थी. वाकई उसका लंड गज़ब का मोटा था मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन उसने मेरी एक भी नहीं सुनी और धक्का लगाना चालू रखा.

आज मैं आपको वो दास्तान सुनाने जा रही हूँ जो अपने अंदर और कई दास्तां छुपाए हुए है। मैंने अपनी ज़िंदगी में जो कुछ किया, जो पाया, जो खोया सब आपके सामने रखूंगी। यह मत समझिएगा कि यह कोई गमगीन दास्तान है. शुक्रिया… आपका नाम क्या है?”थाने नाम कांई करनो है… छबीली नाम है म्हारो, ओर थारा?”नाम से क्या करना है… वैसे मेरा नाम छैल बिहारी है!” मैंने उसी की टोन में कहा. भोजपुरी एक्स एक्स बीएफ वीडियोयह बात सुनकर ज्योति घबरा गई, मगर अनिल काफी शातिर खिलाड़ी था, उसने देर ना करते हुए ज्योति का सूट उतार फेंका और ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध मसलने लगा.

अब्बास ने कब अपना पायजामा उतारा और कब अपने लण्ड को मोना के गाण्ड के पास फेरने लगा… मोना को कुछ खबर ही नहीं हुई. उसके बाद मैं चाय लेकर ज्योति के कमरे में गया और जब मैं पहुँचा तो नजारा देख मुझे गुस्सा आ गया क्योंकि ज्योति अपने ही घर में सिगरेट जला कर बैठी थी और दोनों बैठ कर सिगरेट पीते हुए बातें कर रहे थे.

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’यह कह कर मैंने अपना खाने का डिब्बा नीचे रख दिया और टिकेट ढूँढने का नाटक करने लगी. मैं थोड़ा हैरान हुई!उसने कहा- सेक्स में यह सब करना पड़ता है! तेरा पति भी करवाया करेगा!मुझे उसका चूसना अच्छा लगने लगा. मैं- जा जा! तुझ में इतनी हिम्मत नहीं कि किसी औरत का सतीत्व बिना उसकी मर्जी के तोड़ सके! इतनी हिम्मत होती तो क्या औरतों पर जुल्म करता? उन्हें मजबूर करके अपनी रखैल बनाता? अपने फरमान से प्रजा को दुखी करता? नहीं, तू तो एक नपुंसक है, जब तेरी कोई भी पत्नी माँ नहीं बन सकी तो तूने बाहरी औरतों का शोषण किया, तेरे जैसा बुज़दिल और बेगैरत इन्सान मैंने आज तक नहीं देखा.

और रीना के मुँह से चीख निकल गई- ऊई माँ … मर गई … मेरी चूत फट गई … बाहर निकालो अपना लौड़ा!मगर अब मैंने उसका मुँह अपने होठों में बंद कर लिया और कमर को ऊपर कर के फिर से ठोक दिया.

जब मैंने देखा कि वो अब खूब मजे लेने लगी है तो मैंने उसे डौगी के पोज़ में उल्टा कर दिया और फिर चोदता गया…करीब ३० मिनट बाद वो बोली, देव अब मैं नहीं रोक सकती, मैं झड़ने वाली हूँ।”यह सुन के मैंने जोर जोर से धक्के लगाना चालू कर दिया…और कुछ देर बाद कशिश की चूत से ढेर सारा पानी निकला और वो निढाल हो कर लेट गई।मेरा भी बाँध टूटने वाला था तो मैंने झट से लंड को चूत से बाहर निकाला और जोर जोर से मूठ मारने लगा. दीदी ने कहा- क्या हुआ? क्या सोच रहे हो? चोदासन सिखा रहे हो या मैं सिखाऊँ?अब मुझे ग्रीन सिग्नल मिल चुका था पर मैंने ऐसे ही कह दिया- तुम्हारे भाई को पता चल गया तो?फिर दीदी ने बताया- वो नेपाल गया है….

वाह! क्या मजा था उसके होंठों का! एकदम मीठा-मीठा जैसे अभी अभी वो कोई मिठाई खा कर आई हो. उसका गुस्सा ठंडा ही नहीं हो रहा था…!!!उसकी माँ चोदूँगा न तब साले को पता चलेगा गाण्ड में डंडा कैसे किया जाता है…बहुत स्याना बनता है. ! बेवकूफ कहीं का…!मैं चुपचाप अपने कमरे में चला गया… मैंने अपना लंड निकला… खड़ा था और रस टपक रहा था।चल बैठ जा.

चुदाई करते हुए रात के ग्यारह बज चुके थे और सन्नाटे में घपच-घपच और घुच-घुच की आवाज़ आ रही थी. मैं तुम को अच्छी नहीं लगती क्या…?तो वो बोला- नहीं भाभी, आप तो बहुत अच्छी हैं…मैंने कहा- तो फिर तुम मुझसे हमेशा भागते क्यों रहते हो…?वो बोला- भाभी, मैं कहाँ आपसे भागता हूँ?मैंने कहा- फिर अभी क्यों मेरे कमरे से भाग आये थे, शायद मैं तुम को अच्छी नहीं लगती, तभी तो तुम मुझसे ठीक तरह से बात भी नहीं करते।‘नहीं भाभी, अभी तो मैं बस यूँ ही अपने कमरे में आ गया था. पर मैं एक सार्वजनिक-स्थल में था… भीड़भाड़ में।शाम चार बजे लहरें(वेव्स) शुरू होते हैं। ऐसा कृत्रिम माहौल बनाया जाता है जैसे समुद्र तट हो….

सेक्सी बीएफ अंग्रेजी फिल्म !! इतनी मादक, तीखी, खट्टी, कोरी पुस्सी की महक मेरे तन मन को अन्दर तक भिगो गई। मैंने उस पर अपनी जीभ लगा दी।आईला…. अब उसके बोबे बिल्कुल आजाद थे, मौसमी जैसे उसके भरे-पूरे बोबे और उन पर बारीक़ से चुचूक तो कयामत ढा रहे थे.

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चाची ने अपनी एक अंगुली में थूक लगाया और उसे धीरे से मेरी गाण्ड के दरार के बीचोंबीच छेद पर रख दिया. ? मज़े लो ना ! फिर कहाँ मौका मिलेगा …उसने मेरा स्कर्ट ऊपर किया और पैंटी उतारने लगा …नहीं अखिल ! आह. उधर सुनील फ्लॅट का दरवाजा बंद करते ही … अपनी शर्ट और पैंट उतारता है और अपने बेडरूम में जाता है … जहाँ सोनिया पहले से ही उसका इंतजार कर रही है … पर अभी भी उसे पूरे कपड़ों में देखकर सुनील बहुत नाराज़ होता है और उसको भी अपने कपड़े उतारने के लिए कहता है.

ओ के पद पर हूँ। वैसे तो हमारा फार्महाउस गाँव में है और वहाँ पापा जी खेती-बाड़ी के काम की देखभाल करते हैं, मैं भी आता जाता रहता हूँ, क्योंकि अमृतसर शहर में हमारी बहुत बड़ी कोठी है, मेरा बड़ा भाई यू. पर रात भर मैं अपनी बहन की चुदाई के बारे में ही सोचता रहा कि वो कौन खुशनसीब होगा जिसे मेरी बहन की चूत को फाड़ने का मौका मिलेगा. बीएफ बीएफ दिखाइएक्यूँकि मेरी चूत की प्यास मेरे भाई ने बुझा दी थी…मैंने कहा- नहीं ! मुझे नहीं चुदवाना…उसने मुझे बेड पे पटक दिया और मेरे ऊपर लेट गया मेरे दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से कस के पकड़ लिया ताकि मैं हिल ना सकूँ और फ़िर मुझे किस करने लगा….

निष्पाप, निष्काम, पहला आकर्षण…आज भी दिल में महसूस होता है…!!!हमारा अब रोज का यही हो गया.

वो कह रही थी- पी जाओ मेरा सारा दूध! जोर जोर से चूसो! ओह्ह्ह उईईईए मीईईए अह्ह्ह्ह सीईईई!मैंने फिर एक हाथ को उसके पेट से सरकाते हुए उसकी सलवार को उतारा और पेंटी के ऊपर से ही हाथ फ़िराने लगा, वो मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही सहला रही थी. रो मत प्लीज़ !किसी तरह वरुण ने अक्षरा को चुप कराया और फिर उसको बाजार की ओर छोड़ कर घर चला गया।कहानी जारी रहेगी।.

मेरी इच्छा हो रही थी की मेरी चूत में भी कोई चीज डाल लूँ लेकिन वो दीपू का बच्चा तो खेल बीच में ही छोड़ कर चला गया था. उसके लंड का रंग बिल्कुल स्याह काला था और लम्बाई करीब छः इंच थी लेकिन मोटाई काफी ज्यादा थी करीब तीन इंच मोटा था. वैसे उसको पहनने का कोई फायदा नहीं था क्योंकि उसमे से सब कुछ साफ़ नज़र आ रहा था और उससे ज्यादा मज़ेदार बात ये थी कि अन्दर पहनी हुई ब्रा और पेंटी भी जालीदार थी.

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लगभग दस मिनट तक ऐसा करने के बाद हम अलग हुए तो मैंने पूछा- आपकी मम्मी आने वाली होंगी?तो वो बोली- अभी उनका ही फ़ोन था, उनको आने में देर होगी तो हम मज़े कर सकते हैं. जब मैंने सोनम से पूछा कि मैं तो तुमसे प्यार करता था फिर तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया?तो सोनम कुछ नहीं बोली और योगी की तरफ देखने लगी. फिर मैं उसको पकड़े-पकड़े ही पीछे की तरफ चलने लगा और धम्म्म्म से सोफे पर बैठ गया और वो मेरी गोद में आ गिरी.

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देवर ने पूछा- मजा आ रहा है भाभी…?कभी कभी आ रहा है, जब वो अन्दर टकरा रहा है!” मैंने कहा. ये ख्याल इंच दर इंच मेरे लंड की लम्बाई और मोटाई को और बढ़ा रहे थे।मैंने कहा- रागिनी, मुझे इन्हें जी भर के देखने और प्यार करने दो. खुश इसलिए क्योंकि भाभी मान गई थी और भाभी सभी को मना सकती थी और दुःखी इसलिए क्योंकि अभी शादी में कम से कम एक महीना और लगना था.

उस दिन उसने गहरे नीले रंग की कसी जींस पहनी थी और गुलाबी रंग का कसा टॉप पहना था। क्या मस्त लग रही थी ! मुझे तो इच्छा हो रही थी अभी बाहों में लेकर चोदना शुरू कर दूँ. हम दोनों एक दूसरे से लिपटे हुए गहरी साँस लेते हुए लेटे हुए थे। उसका नरम और गदराया बदन मेरी बांहों में था। मैं उसे हल्के-हल्के चूम भी रहा था। उसके सख्त उरोज मेरे सीने में दबे हुए थे।मेरी बीवी को इस तरह सीने से लगाने पर उसकी चूचियाँ मेरे सीने में दब कर चपटी हो जाती है. इसलिए मम्मी बुआ के घर मदद के लिए सुबह ही चली जाती थी और मेरी बहन स्वाति भी जॉब पर चली जाती थी.

और जोर से !मैंने भी मामी को कहा- लो मेरी प्यारी मामी ! यह जोर का झटका और लो और लो आआआआआ. और तेज……”हम दोनों पसीने से लथपथ हो चुके थे। सर्दियों की इतनी ठण्डी रात में भी हम बिना कपड़ों के पसीने से भीगे थे। मैं पूरी गति से लगा हुआ था। मेरी सांसें उखड़ रही थी। मैं उन पर काबू नहीं कर पा रहा था।ओह आंटी, अब मैं काबू नहीं कर पा रहा हूँ! प्लीज़ कुछ कीजिये !”बस अब तेज तेज धक्के मार……आह …… ओह… मेरे राजा…… मेरा तो हो गया…… अब मैं जाने वाली हूँ…… जल्दी कर… तेज तेज धक्के मार……. हेलो दोस्तो, आपको श्रेया का नमस्कार… फिर से आपके सामने पेश है एक लण्ड कठोरी फ़ुद्दी पिपासु कहानी!यह कथा है मेरी सहेली जूली की ….

’मम्मी ने विनोद की अंगुली गाण्ड से निकाल के बाहर कर दी और अपनी एक टांग उठा कर स्टूल पर रख दी. और पहली बार तब मुझे लगा कि उसके अंतर्मन में भी भावनाएँ हैं जिन्हें प्रेम कहते हैं…हालाँकि उसकी पसंद कुछ ख़ास तो नहीं थी.

निकला। फिर मैंने उसकी नाक पर फीता रख कर नाप लिया। इस दौरान मैं उसके गाल छूने से बाज नहीं आया। काश्मीरी सेब हों जैसे। उसकी नाक का नाप भी 7 से.

और इतना भीतर तक आज तक कुछ नहीं घुसा’मैंने पूछा- मोहन (उसका पति) का छोटा है क्या’?उसने कहा- तुम्हारे लंड का आधा भी नहीं होगा. एक्स एक्स बीएफ ब्लू फिल्म वीडियो!तो मैंने पूछा, तो उसने बताया कि उसने ‘यह’ पहली बार देखा है, पर उसकी दूसरी सहेलियाँ उनके बॉय-फ्रेंड्स के साथ इससे खेलती हैं और बताती है कि खूब मजा आता है. बीएफ सेक्सी लंड और चूतमैंने बोला- ठीक है, जब तक तुम नहीं चाहोगी मैं सेक्स नहीं करूँगा … लेकिन मैं तुमसे प्यार करता हू और तुम्हारे पूरे बदन को मैं चूमना चाहता हूँ…यह सुनने के बाद उसने मुझे नहीं रोका।फिर मैंने उसका कुरता उतारा, काले रंग की ब्रा में क्या चूचियाँ थी बिल्कुल मक्खन जैसी…. मुकेश अब नीचे झुका और उसने मेरी चूत के होंठों पर अपने होंठ लगा दिए, वो मेरी चूत को चाटने लगा, उसने अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर घुसा दी.

वाऽऽऽ ! अब भाई मेरे दोनों स्तनों को बारी बारी चूसने लगा। वो मेरे चूचकों को जोर से काटने लगा.

हम दोनों एक दूसरे से लिपट पड़े। दोनों की बाहें कस गई। काम रस चूत के द्वार से पांव के सहारे नीचे बह चला। मैं आभा के गालों और होंठो को चाटने लगा। उसके मुझे झटके दे कर दूर किया।आपके लण्ड में जोर है …. मैंने कहा- ठीक है।शाम को जब उसका भाई आया तो तरुण ने उससे मुझे मिलवाया…अगले दिन 13 जनवरी थी तो मैंने रक्षिता के भाई से पूछा- कल मैं आपके साथ आपकी छत पर पतंग उड़ा सकता हूँ?तो बोले- हाँ क्यों नहीं ! मुझे भी कोई साथी मिल जाएगा. वह मेरे चूचों का मर्दन करने लगा… चूत का दाना बीच बीच में सहलाने लगता !अब वो अचानक से पलटा और मेरे ऊपर आकर मेरी चूत पर अपने लण्ड का हक़ साबित करने लगा.

मैं यह सुन थोड़ा हैरान रह गया क्योंकि वैसे तो मैं और योगी एक दूसरे से कुछ नहीं छुपाते थे मगर योगी ने मुझे यह बात नहीं बताई थी. तो मेरे दिल में ख्याल आया- कौन पागल लड़का है जो इतनी सुन्दर और अमीर बाप की इकलौती लड़की को छोड़ सकता है!मगर शायद वो तान्या के नखरों से तंग आ गया होगा. डी देने के लिए उसके घर गया। मैंने बाहर से आवाज़ लगाई पर कोई बाहर नहीं आया। मैं दरवाज़े के पास गया तो दरवाज़ा खुला था। अन्दर जाने पर लगा कि घर पर कोई नहीं था। तभी मुझे बाथरूम से कोई आवाज़ सुनाई देने लगी। मैंने सोचा कि थापा नहा रहा है, इसलिए मैं उसके कमरे में जाकर बैठ गया। थोड़ी देर में मैं बोर होने लगा.

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फ़िर भी मैंने उसे गोद में उठाया और बेड पर ले जाकर पटक दिया। बेड पर उसने अपने पैर फैला दिए. मैं राधा को सब्जी मण्डी से सब्जी दिलवा कर लौट रहा था तो एक अच्छे रेस्तराँ में उसने मुझे रोक दिया कि मैं उसके लिए इतना काम करता हूँ, बस एक कॉफ़ी पिला कर मुझे जाने देगी. इतनी मुलायम चूचियाँ को सहलाना, नीचे लंड का विश्रांती से चुसवाना… सच्ची काफ़ी बढ़िया कॉम्बिनेशन है…मैं- विश्रांती, लंड चुसवाने में इतना मजा आज तक नहीं आया… विश्रांती मेरा मुँह भी रसपान के लिए तड़प रहा है, विश्रांती उल्टा-पुल्टा करें….

मैंने सोनम से बोला कि हम दिल्ली पहुँचते ही शादी कर लेंगे तो किसी को भी पता नहीं चलेगा कि तुम पहले से ही गर्भवती हो.

मैं दिन भर या तो अन्तर्वासना पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता था या फिर पोर्न साईट पर चुदाई के वीडियो देखता रहता था.

मैंने भी एकदम प्रफुल्लित होकर उसको कस के पकड़ा और चूमने लगा… मैं उसके नरम होंठों का रस पिए जा रहा था…फिर मेरे हाथ पहले उसकी गांड पर पड़े… आये हाय…. वो भी एकदम गरम हो गई और उसने मेरे सारे कपड़े एक मिनट में उतार दिये और अपना गाउन भी उतार दिया. राजस्थान की चुदाई दिखाओऔर जोर से करो…मैं अपनी स्पीड बढ़ाने लगा और वो आह अह्ह चिल्लाने लगी।और फिर उसने दोनों हाथ मेरी पीठ पर लगा दिए और अपने नाखून मेरी पीठ पर चुभा दिए…मुझे पता चल गया वो झड़ गई है.

मेरा कोई विरोध ना देख कर उसने अपनी चप्पल उतार कर नंगे पैर को मेरे पांव पर रख दिया. सामने वो खड़ा था… उसके हाथ में कुछ नहीं था… मेरा चेहरा थोड़ा उदास जरूर हुआ पर उसे करीब देख कर फिर भी मन में संतुष्टि थी…कहाँ है मेरा तोहफा?” मैंने आंखें बंद कर उसके सामने हाथ बढ़ा दिया…उसने मेरा हाथ हाथों में भर लिया. और मैं अपने डबल बेड में फिर लेट गया…वहाँ से चाँदनी खिड़की में खड़ी साफ दिख रही थी, उसकी फ्रॉक घुटने के ऊपर तक की होने की वजह से उसकी सुडौल जांघें और थोड़ी सी चड्डी भी दिख जा रही थी तो मेरा लंड खड़ा होने लगा.

मैं सोनम के और करीब गया और उसे कस कर बाहों में जकड़ लिया क्योंकि हम दोनों ही एक-दूसरे से शादी के लिए राजी थे तो सोनम ने इसका कोई भी विरोध नहीं किया. वैसलीन लगाई ! मैंने अपने आधे लंड को उसकी चूत में घुसाया ही था कि वो तेजी से चिल्लाने लगी, उसकी चूत खून से लथपथ हो गई, मेरा जोश और बढ़ गया और मैंने धमाधम चुदाई शुरू कर दी …….

छोड़ दे मुझे… लण्ड को निकाल ले अब…’ पर उसने अनसुनी कर दी और धक्के बढ़ते गए…’मेरे हाथ में अब कुछ नहीं था। मैंने अब अपने को रोहित के हवाले कर दिया.

मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई और जब उठा कर देखा तो आंटी मेरी मम्मी से बात कर रही हैं. मैं हाथ पैर मारने लगी……तो कमल ने वहीं कबाड़ से एक पुरानी साड़ी उठा कर मेरे दोनों हाथ पीछे करके बाँध दिए…. बहादुर रीटा के सामने बैठा तो शरारती रीटा ने अपना अपने नन्हे नन्हे सुडौल और सुन्दर पैर बहादुर की गोदी में रख दिये.

ತೆಲುಗು ಸೆಕ್ಸ್ ಕನ್ನಡ बहादुर रीटा का खुला आमन्त्रण पाकर डरते डरते रीटा के सन्तरों को पौं पौं कर दबाने लगा और दूसरे हाथ से रीटा की दहकती और रिसती चूत में उंगली करने लगा. दस बारह मिनट चूसने के बाद मेरा लण्ड फिर से तैयार हो गया।वो बोली- अब नहीं रहा जा रहा है, प्लीज़ अपना लण्ड मेरी चूत में डाल कर मेरी छम्मो की प्यास बुझा दो।मैंने अपने लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और हल्का सा उस पर रगड़ने के बाद उसकी मुनिया में दबा दिया.

गोमती ने मेरी ओर देखा और मुस्करा दी, जैसे कह रही हो मिल गये ना मस्त लण्ड, देखो लण्डों की बहार ही आ गई है. चल जा ना यहाँ से… बड़ी बेशर्म हो गई है!”क्या मम्मी, मैं आपको कहाँ कुछ कह रही हूँ, मैं तो जा रही हूँ… अंकल लगे रहो!” उसने मुस्करा मुझे आंख मार दी. एकदम तने हुए और गुलाबी चुचूक…मैंने अपनी बनियान निकाल दी। मेरे बालों से भरे सीने में उसके गुलाबी स्तनाग्र रगड़ने खाने लगे…उसने मेरी तरफ़ देखा और कहा- तुम बहुत बदमाश हो! एक दम गंदे!’ और फ़िर मेरे सीने से लग गई.

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प्रेषक : गोटीमेरा नाम गोटी है, बचपन से लेकर जवानी तक मैं मुट्ठीमार ही रहा, जब मैं मुठ्ठी मारता तो सभी की तरह यही सोचता कि काश मेरे पास कोई हसीना होती और मैं भी उसकी चूत मार पाता ! मैं मूल-रूप से बड़ौत का रहने वाला हूँ। बारहवीं तक तो मैं वहीं रहा और उसके बाद मेरठ आ गया।अब मैं आपको अपनी आप-बीती बताता हूँ कि चूत का लालच क्या-क्या करवा सकता है। यह बात तब की है, जब मैं १० वी क्लास मैं था. शाम को जब मैं अपनी गाड़ी से घर वापस जा रहा था तो मैंने देखा कि नहर किनारे एक लड़की पेशाब कर रही थी और गाड़ी की रोशनी उसके चूत पर पड़ गई थी जिससे मुझे मूत निकलती चूत के दर्शन हो गए।यह देख अचानक ही मेरा लौड़ा पैंट में खड़ा हो गया और मुझे लगा कि अगर मैंने आज चूत नहीं मारी तो शायद मेरा लंड फूल कर फट जायेगा।बस मैंने योजना बनाई और गाड़ी रोक कर लड़की के पास चला गया।मुझे वहाँ खड़ा देखकर वो शर्मा गई. होली है ही मस्ती का त्यौहार! हर एक के अन्दर की कामुकता को, अन्तर्वासना को बाहर लाने वाला!लोग हाथों में रंग लेकर गालियाँ गाते हैं जैसे :समधन की मेढ़ी पर सुआ बोले.

तुमने मेरे चूत को फाड़ डाला……वो दर्द से कराह उठी, मैं समझ गया कि इसकी चूत की आज पहली बार चुदाई हो रही है।दूसरा धक्का बिना देर किये मैंने मार दिया जिससे मेरा लंड सपना की चूत की गहराइयों को नाप गया।हाय आह………. ”‘इन्तजार कर रहा था…’ बोला नहीं गया। बोलकर स्वीकार करना अपने गर्व के विरुद्ध था।क्या तुम लड़कियों के बारे में कुछ भी कल्पना नहीं कर सकते?” उसने एक क्षण को जैसे रोष में मुझको देखा और दूसरी ओर मुड़ गई।मैं उसे देखता रह गया। लड़कियों के बारे में क्या? क्या माँ बाप के कारण आने का मौका नहीं निकाल पाई? लेकिन यह तो पहले से ही था, फिर कल के लिए वादा कैसे कर गई?समझ में नहीं आ रहा था, कहीं वो अभी….

दीदी के बॉस का नाम श्यामलाल था और उनकी उम्र 48 थी मगर फिर भी वो काफी जवान दिख रहा था.

मैं तो मस्त ही हो गई। जैसे ही वो मेरे नितम्बों पर चपत लगता तो मेरी गांड का छेद खुलने और बंद होने लगता। मैं आह उन्ह्ह …. हील वाले सेन्डिल के अलावा रीटा अब बिल्कुल नंगधड़ंग थी और बेइन्तिहा सैक्सी लग रही थी. नही… तो मैं तो बस… ऐसे ही?’‘हम्म… पर मैंने देखा था कि तुम तो अपने उसको पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिलाते भी हो?’‘वो.

अगर कोई एम एम एस ‘वाट दा फ़क’ के नाम से मिले समझना कि वो आपकी श्रेया की है …मैंने फिर जोजो का फ़ोन नहीं उठाया … आपका फोन ज़रूर रिसीव करुँगी पर आप तो ऐसा धोखा नहीं दोगे ना?. वैसे भी मेरी साली को आये चार दिन हो गये थे और मैं अपनी बीवी को भी नहीं चोद सका था. मैं कुछ नहीं सुन पा रही थी, कुछ नहीं समझ पा रही थी। कानों में यंत्रवत आवाज आ रही थी- निशा… बी ब्रेव…! यह सिर्फ हम तीनों के बीच रहेगा….

मेरी मॉम, मेरे डैड से अलग रहती हैं… पहले हम साथ साथ रहते थे… फिर पता नहीं क्यों… मेरे मम्मी पापा अलग हो गए…तीन साल तक केस चला.

सेक्सी बीएफ अंग्रेजी फिल्म: कुछ देर के बाद हम बाथरूम में गए और एक दूसरे को साफ़ करने लगे मगर आयशा ने फिर मेरा लण्ड पकड़ लिया और वहीं चूसने लगी. अब तक उन्होंने भी मुझे कपड़ों से अलग कर दिया था और मेरे बदन पर सिर्फ मेरा अंडरवियर ही बचा था!तभी उन्होंने अपने नाज़ुक हाथों से मेरे लण्ड को पकडा और उसे सहलाने लगी.

” बॉस परेशानी की हालत में बोल रहे थे- अब अगर हमारा माल रिजेक्ट कर दिया तो बड़ा नुकसान होगा कम्पनी को!हाँ। लेकिन ऑफिसर को पटा क्यों नहीं लेते हैं सर! आप तो उन लोगों को पटाने में माहिर भी हैं!” मैंने हँसते हुए कहा।नहीं सानिया, ये ऑफिसर बड़ा रंगीन मिज़ाज़ है। और लोगों को तो बाज़ार की रेडीमेड चीज़ों से पटा लेता हूँ। लेकिन ये ऑफिसर … मालूम नहीं … क्यों घरेलू चीज़ें ही पसंद करता है. तभी राज ने कहा- यार राहुल, लौंडिया तो ज़बरदस्त है! पेलने में बड़ा मजा आएगा!क्यूँ नहीं यार! बड़ी मुश्किल से मानी है! बहुत दिनों से सोच रहा था इसकी गांड मारने की! आज इसकी ऐसी गांड मारूँगा कि याद रखेगी कि कोई लौड़ा मिला था. शायद मेरी योनि में कुलबुलाहट सी हो रही थी इसलिये!वो अपने हल्के हाथों से मेरे चूचक को मलने लगी, मेरे शरीर में तरंगें उठने लगी थी.

शन्नो बहुत ही सेक्सी है, उसकी चूची और गांड बहुत बड़ी है, एकदम बाहर की तरफ निकली हुई!जब वो चलती है तो उसके कूल्हे ऊपर नीचे हिलते रहते हैं.

मैं खुश था कि मैंने ऐसी लड़की चोद दी जिसकी चूत में अभी तो अच्छी तरह बाल भी नहीं आए हैं और कल यह खुद से गाण्ड भी मरवाएगी. !तो मैंने पूछा, तो उसने बताया कि उसने ‘यह’ पहली बार देखा है, पर उसकी दूसरी सहेलियाँ उनके बॉय-फ्रेंड्स के साथ इससे खेलती हैं और बताती है कि खूब मजा आता है. प्रेषक : रिन्कू गुप्ताप्रिय पाठको,मेरा नाम रिंकू है जैसा कि आप लोग पहले से ही जानते हैं.