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सेक्सी गर्ल ग्रुप: हिंदी एचडी फुल बीएफ, सो मैं नम्रता के जांघों के बीच आ गया और लंड को चूत के मुहाने पर टिकाकर एक झटका दिया.

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मैं उसके काले बदसूरत जिस्म पर बहुत प्यारे और मीठे चुम्बन से उसके चेहरे को चूमती रही. सेक्सी किसभाभी ने चूत में लंड की ठोकर लेते हुए मुझसे कहा- आज पहली बार मुझे औरत होने का मजा आ रहा है.

वो काम वासना में गांड उठाते हुए बड़बड़ाने लगी कि आह मन्नी … मजा आ रहा है … तुम करते रहो … रुकना नहीं डियर … मैं इसी दिन का कब से वेट कर रही थी. क्सक्सक्स तेंतकिओं लिरिक्सतू अब तक कहाँ था, सोनू? सोनू मेरे राजा, अन्दर बाहर करना शुरू कर और आज अपनी आंटी को चोद दे.

रानी ने बाद में बताया कि मेरा झड़ने का समय बढ़ाने के लिए उसने ऐसा किया था, बोली- राजे लंड जब चूत में घुस कर तुनक तुनक करता है तो मुझे उसकी ताल से अंदाज़ लग जाता है कि तू अब झड़ने के करीब है तो उस वक़्त मैं तुझे धीमे कर देती हूँ.हिंदी एचडी फुल बीएफ: जब वो अपनी लड़कियों से मज़ा लेता था, तो मेरे जैसी लड़की से लिफ्ट पाकर तो फ़ौरन तैयार हो जाता.

मामी ने मुझसे लिपटते हुए कहा- मैं तुम्हारे साथ काफी पहले से ये सब करना चाहती थी, पर मैं बदनामी से डरती थी.मैंने उसके हाथ से सिगरेट लेकर दो कश खींचे और अपने लंड की चुसाई का मजा लेने लगा.

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मैंने काजल से पूछा- जल्दी बताओ … कहां निकालूँ?वो मचलते और गांड उठाते हुए बोली- आह … मेरी चूत में ही निकाल दो … मैं तुम्हारे बच्चे की माँ बनना चाहती हूँ.यह सोच कर मैं जानबूझ कर फिसल कर आंटी पर जा गिरा। आंटी पूरी की पूरी मेरे साथ लग गई, आंटी की गांड पर मेरा लण्ड लग गया। वाह … बहुत ही मजेदार पल था। मेरा लंड आंटी की गांड पर सटा हुआ था.

थोड़ी ही देर में मुझे भी लगा कि मेरा भी माल निकलने वाला है और ये बात मैंने मौसी को बताया. हिंदी एचडी फुल बीएफ नम्रता- तुमने मुझे बहुत बड़ा सुख दिया है, मुझे जिस सेक्स की चाहत थी, वो तुमने पूरी कर दी.

सोनल- मजा तो भाई आपको हम दोनों की चुत की धज्जियां उड़ाने में आया होगा.

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अब मुझे तो कहानी लिखना आता नहीं; तो मैंने यहीं अन्तर्वासना पर विभिन्न लेखकों को पढ़ना शुरू किया और श्री सुकांत शर्मा जी के लेखन को अपने अत्यंत निकट महसूस जिसमें उन्होंने अपनी बहू अदिति के साथ हुई सेक्स क्रीड़ाओं को विभिन्न कहानियों में विस्तार से लिखा है, जिन्हें पढ़ कर मैं हमेशा गीली हो जाती हूं और बरबस ही अपनी चूत सहलाने लगती हूं; जो कि मैंने सुकांत जी को ई मेल्स और फिर हैंगआउट्स पर बताया भी है. वो मेरे दोस्त के होंठों को हापुष के आम की तरह चूसे जा रही थी। दोनों एक-दूसरे में शक्कर और पानी की तरह मिल रहे थे। मेरा दोस्त उसकी चूचियों को मसल-मसल कर उसकी उत्तेजना को बढ़ाये जा रहा था।काफी देर बाद उसने गीतू का कुर्ता उतार कर एक किनारे फेंक दिया। दोनों पसीने में डूबे हुए थे. मेरे पांव चूमने और उंगलियां चूसने के बाद अंकल जी ऊपर की ओर बढ़ चले और जांघों तक चूमते चले गए.

वंश ने एक ब्लैक डॉग की बोतल लाने की कह दिया, जोकि वो कुछ ही देर में ले आया. मुझे कुछ अटपटा सा लगा, तो वह बोली- तू दोपहर में दरवाजा खुला रखना, मैं आ जाऊंगी. भरा हुआ बदन, गोरा रंग, बड़े-बड़े मम्मे, उभरी हुई गांड, फ़िगर 36-30-38 से कम नहीं था। सायमा मेरे सामने वाले घर में रहती थी और रोज अपने घर की बालकनी में गांड हिला-हिला के झाड़ू लगाया करती थी.

इसके बाद एक दौर वाइन का फिर से चला और हम दोनों फिर से अभिसार के लिए गरम हो गए. मैं सन् 2012 से ही इस साइट का नियमित पाठक हूं। अन्तर्वसना के बारे में मुझे तब पता चला जब मैं ट्रेनिंग ले रहा था। ट्रेनिंग के दौरान मेरी मुलाकत एक व्यक्ति से हुई जो हमारे साथ ही ट्रेनिंग ले रहा था। वह राजस्थान के किसी जिले का रहने वाला था। आज मैं सेंट्रल गवर्नमेंट में एम्प्लोई हूं और अच्छी पोस्ट पर काम कर रहा हूं. वहाँ मेरा कोई फ़्रेंड नहीं था। मैं समय काटने के लिए मैं फ़ेसबुक पर बहुत ऑनलाइन रहता हूँ और पहले भी कई लोगों से मुलाक़ात कर चुका हूँ। साथ में मैं ऑनलाइन सेक्स मूवीज़ भी देखता हूँ।फ़ेसबुक पर मैं बहुत सी लड़कियों और भाभियों को रिक्वेस्ट भेजता हूँ कि काश़ कोई मिले और मैं मज़े ले सकूँ.

मैंने अपनी पेंटी हटाकर चूत को देखा, तो लगा कि सारा मज़ा इसी खरबूजे की फांक में भरा रहता है. उसकी चूत को चोदते हुए मैं देख रहा था कि उसके चूचे यहां-वहां जा रहे हैं.

इस बार मैं आपको एक हसीन हादसा, जो मेरे साथ हुआ, उसके बारे में बताना चाहता हूँ.

मैंने अपने बेटे को अपने जवान जिस्म के कुछ जलवे दिखाए और उसके साथ शिमला घूमने जाने का कार्यक्रम बना लिया.

नम्रता जम्हाई लेते हुए हैलो बोली, तो दूसरी तरफ से आवाज आयी- नम्रता तुम आज स्कूल नहीं गयी क्या. वह बोली कि उसके कोई रिलेटिव अभी आने वाले हैं तो इसलिए अब तुम्हें यहाँ से चले जाना चाहिए. थोड़ी ही देर की चुदाई के बाद मैं झड़ गई, पर सौरव अभी भी मुझे चोदे जा रहा था.

उसने मुझे बोला था कि हम दोनों लोग घूम कर वापस आ जायेंगे लेकिन उसने तो मूवी की दो टिकट भी ले रखी थी. मां बोली- तो मैं भी चल पड़ती हूं तुम्हारे साथ, मुझे भी बाजार से सामान लाना है. करीबन 15 मिनट लगातार दिशा की हचक कर चुदाई की तो वो शांत हो गई … मैं भी उसकी चूत से लंड निकाल कर उसके पेट पर झड़ गया.

भाभी ने मुझे नीचे किया और किस करते करते वह नीचे मेरी पैन्ट तक आ गई.

वो बोली- तो खाने में क्या पसंद करेंगे आप?मैंने मजाक के लहजे में कहा- दिल तो आपको ही खाने का है. फिर पांच मिनट बाद जब सोनल थोड़ी सामान्य हुई, तब मैंने फिर से अपना लंड सोनल की चूत पर सैट कर दिया. ये बात रवींद्र को वनिता पहले ही बता चुकी थी कि उसका पति बाहर जाने वाला है.

मेरे ही बैडरूम में, मेरे ही बेड पर अपनी माँ समेत अंदर से दरवाज़े लॉक कर के अगले दिन 8 बजे तक सोती थी और मैं बेचारा, सुबह-सबेरे बाथरूम जॉब्स निपटाने के लिए कभी बच्चों के रूम का दरवाज़ा खटखटाता, कभी गेस्ट रूम का. फिर दिशा और सोनल ने बारी-बारी से मेरा लंड चूसा और मैं राधिका को घोड़ी बनाकर उसकी गांड मारने लगा. फोन दोस्त का था लेकिन मैंने नाटक करते हुए मां से कहा- मां शायद, शालू घर पहुंच गई है और आपको पूछ रही है.

ऐसा कहते हुए जीजा ने मेरी गर्दन को पकड़ लिया और अपने लंड का सुपाड़ा निपोर कर मेरी चूत के छेद में जैसे ही डाला तो बिना ताकत लगाए ही फच से उनका लंड मेरी चूत में पूरा का पूरा समा गया.

इधर मेरे मोटे लंड को सहन न कर पाने के कारण दिशा की आंख से आंसू निकल आए थे. यह सुनकर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया, पर मैंने किसी तरह कण्ट्रोल किया.

हिंदी एचडी फुल बीएफ उन्होंने मेरे दोनों बड़े बड़े दूध को दोनों हाथ से सम्हाला और मेरे गुलाबी निप्पल को चूसने लगे. अंकल बड़े ही शातिर थे, उन्होंने मेरी बुर को बहुत ही पास से जुबान अन्दर घुसेड़ घुसेड़ के चूसना जारी रखा … तो पता नहीं कब मैंने भी उनका लंड अपने मुँह में ले लिया.

हिंदी एचडी फुल बीएफ तो मैंने उससे पूछा- मुझे इतना दर्द क्यों हो रहा है?वो बोला- तुम्हारी सील मेरे एक ही झटके से टूट गई है इसलिए … पर अब दर्द नहीं होगा. उसके गोल-गोल जवान चूचे मेरे सख्त हाथों को मखमली अहसास दे रहे थे और टाइट होने लगे थे.

आंटी अंकल के लंड की चूस रही थीं, तभी मैंने आंटी का ब्लाउज खोल दिया.

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इधर मैं उसके मम्मों के साथ खेल रहा था और उसके होंठों पर अपनी जीभ चला रहा था, नम्रता भी मेरी जीभ को अपने अन्दर लेकर जोर से चूसती. फिर वो बोलीं- अजी आपका तो आज बड़ा फुदक रहा है, लगता है मेरी फ़ुद्दी की आज खैर नहीं. आशीष बोला- क्या बताया है तुमने उनको हमारे बारे में?मैंने आशीष से झूठ ही कह दिया कि मैंने कुछ नहीं बताया है.

बार के अन्दर पहुंच कर उस आंटी ने एक वेटर को बुलाया और खुद के लिए बियर आर्डर की. मैं उससे कुछ बातचीत होने की उम्मीद कर रहा था किंतु उसने आज भी कुछ नहीं कहा. कुछ देर तक उसके चूचों को चूसने के बाद मैंने उसकी पैंटी को निकलवा दिया और उसको नंगी कर दिया.

मगर वो अपनी गांड को मेरे लंड पर चलाती रही और मेरे लंड से चुदती रही.

बाद का किस्सा-ऐ-मुख़्तसर तो यह रहा कि प्रिया की शादी बहुत धूमधाम से हुई और शादी के बाकी के समारोह में वसुन्धरा का सब के साथ व्यवहार आश्चर्यजनक रूप से शालीन और मधुर रहा. आज मेरे ममेरे भाई से मेरी पहली सीलतोड़ चुदाई की कहानी रंग लेने जा रही थी. फिर मैंने अपना रात्रि में पहनने वाला गाउन पहना और बाहर आकर अपने बिस्तर पर लेट गई.

उनका वजन मेरी तरफ को हो गया, तो दारू के नशे में मैंने आंटी को पकड़ कर अपनी गोद में खींच लिया. मेरी बड़ी भगिनी हेतल नहीं जानती थी कि मानसी की चूत चुदाई की शुरूआत मेरे लंड से हो चुकी है. उसकी ऐसी कोई जगह मैंने नहीं छोड़ी होगी, जहां मैंने अपनी जीभ ना लगाई हो.

फिर मैंने उससे मिलने के लिए बोला, तो उसने बोला- यार मुझे खुद तुमसे मिलने की पड़ी है … मुझे मौका मिलते ही मिलने का पासिबल हुआ, तो मैं तुमको बता दूंगी. अब जब भी मैं लंच टाइम में बाहर जाता तो वो खूबसूरत लड़की भी एक बार नज़र भर कर मेरी तरफ देख कर नज़र फेर लेती थी.

मेरे भैया को ये बात पता भी नहीं थी कि उनका एक दोस्त उनसे मिलने आता है तो मुझे देखता रहता है. मैं कसम खा के कहता हूँ कि … आपका साथ मेरे लिए सज़ा नहीं, मस्सर्रत का वाईज़ है. उसने हंसते हुए कहा- क्या हुआ?मैंने कहा- तुम्हारा वीर्य मेरे अन्दर भी चला गया है … कुछ हुआ तो?ये सुनते ही वो ज़ोर से हंस पड़ा.

फिर जैसे ही पूजा को ध्यान आया और वो हंसते हुए बाथरूम में वापस घुस गई और दरवाजा बंद कर लिया.

आगे सुमेर बोला- देख आमिर, तेरा लण्ड तो तगड़ा है और पहली चुदाई ख़ास होती है, उसे यादगार बनाना चाहिए. पता नहीं मेरी चूत में एक अजीब सी सनसनी सी होने लगी थी उनको इस हालत में देख कर. तो मैंने डरते डरते लण्ड की स्किन पीछे की ओर की तो बड़ा सारा गुलाबी रंग का चमकदार सुपारा बाहर निकल आया जैसे कोई छोटा वाला टमाटर हो.

उसके बाद मैंने कई चूतों की चुदाई की मगर अंजलि की देसी कुंवारी चूत को चोदने का वो अहसास आज भी भुलाये नहीं भूलता मैं. मैं दिन भर बहुत चुद चुकी थी तो नींद आ गयी और वो भी सो गया।घण्टे भर बाद राकेश आया और उसने मुझे साइड में लिया तो मैंने उसे थोड़ा रुकने को कहा.

अब अंकल आधे लंड को ही अन्दर बाहर करते रहे और कोई पांच मिनट बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा. मैंने उसे ये बताया कि मैं एक मेल एस्कॉर्ट भी हूँ … और एक मेल एस्कॉर्ट क्लब चलाता हूँ. वो जानता था कि इससे अच्छा मौका मुझे शायद ही फिर मिलेगा, सो वो ज़िद करके निकल गया.

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भाभी किचन में जाने लगी, तो पीछे से उसकी ठुमकती गांड बहुत सेक्सी लग रही थी.

मैंने उनकी तरफ डिब्बी बढ़ाई, तो उन्होंने कहा- एक ही जला लो, उसी से ले लूंगी. वनिता की उम्र 26 साल की है और उसकी फिगर भी मेरे जैसे ही 34-26-36 की है. काफी देर तक एक-दूसरे को होंठों का रसपान करने के बाद मानसी ने जीजू को उठाया और उनको नीचे पटक दिया.

मैंने भाभी को सोफ़े पे लिटा दिया और उनका ट्रेक सूट उतार कर अलग कर दिया. मैं स्टिक को उसके मुंह के पास ले गया जिसको वो झट से चाट गयी। वो थोड़ी सी शांत हुई. हिंदी बफ दिखाइयेमैंने भी मौसी के ताल से ताल मिलाने के लिए, मेरे से जितना तेज़ हो सकता था उतना तेज़ धक्के लगाने लगा.

यह जानकर‌ जिससे मुझे अब कुछ राहत मिल गयी।पेशाब करने के बाद मोनी ने वापस बिस्तर के पास आकर अब एक बार तो मेरी तरफ देखा फिर चुपचाप वो बिस्तर के दूसरी तरफ सो गयी। पहले मोनी अन्दर दीवार की तरफ सो रही थी और मैं बाहर किनारे की तरफ. विशाल तुम मुझे बहन समझने की गलती मत करना। आज पूरी तरह से तुम्हें समर्पित हूँ। एक रखैल की तरह चोदो मुझे।मैंने कहा- जैसा तुम कहो मेरी जान!कहानी जारी रहेगी.

हालांकि वसुन्धरा की पलकें तो झुकी हुई थी लेकिन आवाज़ में हल्की सी सत्तात्मक लरज़ बता रही थी कि शेरनी वापिस चैतन्य हो रही थी. उसने मेरा चेहरा पकड़ कर मेरे होंठों पे अपने होंठ लगा लिये और जोर जोर से चूसने लगा. प्लीज मेरी आपसे इल्तजा है कि आप पहले मेरी पहली वाली कहानी पढ़ लें, फिर इस अगली कहानी को पढ़ें.

मौसी मुझसे बोलीं कि अब और कोई ट्रेन नहीं है तो सामने उस होटल में रुक जाते हैं और कल कुछ कपड़े लेकर चलेंगे. इस पर दिलिया ने कहा- तो कर लेना, आओ तो सही, मैं चैलेंज देती हूँ तुम हार जाओगे. इस बीच नम्रता अपने आपको हिलडुल कर एडजस्ट करते हुए बातें करती जा रही थी.

ये बात वसुन्धरा बड़ी अच्छी तरह से जानती थी … तो भी? चक्कर क्या था? कोई न कोई तो ऐसी बात जरूर थी जिस का अभी मुझे इल्म नहीं था, इसी उधेड़-बुन में डूबता-उतरता मैं शादी वाले होटल वापिस पहुँच गया.

उसने बताया कि वह मुझसे दो दिन बात नहीं होने से टेंशन में था और माफी मांगने लगा कि मैंने जोश में आ कर आई लव यू का मैसेज किया था. कल रात पहली बार किसी ने मेरे आर्मपिट्स चूसे थे। ऐसा मजा मुझे मेरे बॉयफ्रेंड ने भी नहीं दिया कभी। यह सब सोच कर मैं सोचने लगी कि आज क्या करेगा भाई मेरे साथ।मैं इमैजिन कर रही थी कि मैं पुल-अप बार से लटकी हूँ.

वो न जाने क्या-क्या बड़बड़ा रही थी, पता नहीं उसकी चूत चुदाई के मजे में कुछ सुनाई ही नहीं दे रहा था. वसुन्धरा की दोनों कलाईयों पर ढ़ेरों बाल नुमाया थे तो यक़ीनन टांगों का भी यही हाल होगा. उस औरत ने धमकी देते हुए एक बैग और कपड़े नीचे फेंक दिए और बोली- देख ले साली तुझे नंगी ही जाना है या बात मानेगी?फिर मैंने लंड को मौसी की गांड में डाल दिया.

जबकि वास्तव में उसकी गांड में मेरा लंड घुसा हुआ उसकी गांड मार रहा था. उसने आगे बताते हुए कहा कि इसको मैंने भी किसी शादी में सैट किया था और मैं इसको बहुत बार चोद भी चुका हूँ. जब भी कोई छोटा सा गड्डा आता, तो वे मेरी पीठ पर अपनी चूचियों को कुछ ज्यादा ही रगड़ देती थीं.

हिंदी एचडी फुल बीएफ उसने कहा- आप मेरे घर में आराम से रहना और आपको वहाँ पर कोई परेशान भी नहीं करेगा. मैंने दरवाजे के पास कान लगाकर सुना तो अंदर से सेक्सी आवाजें आ रही थीं.

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मैंने मामी से पूछा- आपको मजा आ रहा है?वो बिना कुछ बोले मेरे बाल पर अपना हाथ फिरा के मेरा साथ देने लगीं. हम लोगों ने खाना खाया, साथ में एक एक पैग भी पिया और फिर से चुदाई की तैयारी करने लगे. कुछ देर तक बाहर गांड के छल्ले पर उंगली चलाने के बाद उसने एक उंगली मेरी गांड में अंदर डाल दी.

जब राज हमारे घर पर आया हुआ था तो उस दिन माँ और पापा कहीं काम से बाहर गये हुए थे. उसने मेरे लंड पर और खुद की चूत पर खुद का थूक लगाया और लंड को चुत में डाल ही दिया. भाई बहन की चूत मारीकुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद मैंने उसको कुतिया बनने को बोला … क्योंकि उसकी गांड इतनी मस्त है कि चोदते समय उसको देखने का अपना ही मज़ा है.

जिस चूत को मोटे लंड से आधा आधा घंटा रगड़वाने की आदत हो, उस चूत में उंगली क्या काम करती.

उसकी माँ की चूत को देख कर मेरे लंड में तनाव आ गया और वो खड़ा हो गया. इतना कहने के साथ ही मैं बिछौने पर लेट गया और नम्रता ने मेरे सीने पर थोड़ा तेल गिराते हुए मेरी मालिश शुरू कर दी.

मुझे उसका यूं तारीफ़ करना अच्छा लगा और मैं अभी कुछ कहती कि तभी बस ने फिर से एक हिचकोला लिया और मैं फिर से उसकी गोद में गिर गई. अब कम्यूटर मेरी लाइन थी और वसुन्धरा के पापा अंदर के आदमी थे तो उन्हें मेरा ख़्याल आया, इसीलिए वो मेरे पास बिज़नेस ऑफर ले कर आये थे. थोड़ी देर में नग्न दृश्य और फिर जब सनी लियोन के सम्भोग दृश्य शुरू हुए तो कसमसाने लगी.

मेरा मन नहीं लग रहा था और तुमसे बात होने के बाद मेरा लंड ढीला होने के नाम नहीं ले रहा था और सबके सामने मैं इस तरह रह भी नहीं सकता था, बार-बार तुमसे हुई बात मेरे जहन में आ रही थी, इसलिए मैं तुरन्त होटल आया और नंगा होकर तुम्हारा नाम लेते हुए मुठ मारने लगा.

मैं भी अपनी कॉलेज लाइफ में बिजी हो गया था मगर काजल से फोन पर बात होती रहती थी. मैं किसी का मोटा लंड अपनी चूत में डलवाकर अपनी चूत चुदवाना चाहती थी. मैं धीरे धीरे अपना हाथ उनकी कमर पर फिराने लगा … और अपने हाथ को बुआ की चूची तक ले गया.

सीसीसीडीएक्सउसने मुझे बताया है कि अब उसकी एक साथ तीन उंगलियां गांड में जाने लगी हैं. मां को मेरी बात का यकीन हो गया क्योंकि उसके मन में ऐसी कोई नहीं थी हमारे खुराफाती इरादे क्या हैं.

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मैंने इस साइट पर प्रकाशित की गयी सभी स्टोरीज़ को पढ़ा है। मैं बहुत दिन से अपनी एक रीयल स्टोरी अपको बताना चाह रहा था पर टाईम न होने की वजह से लिख नहीं पाया. … मुझे बहुत मज़ा आ रहा है … यू आर अ लवली सकर … आआह … आआह … बस करते रहो … आह रुकना नहीं. अंततः मैंने मन पक्का कर लिया और अंकल जी से मिलने जाने का फैसला कर लिया.

जीजा-साली दोनों ही एक दूसरे के जिस्म को ऐसे भोग रहे थे जैसे इससे पहले न तो जीजू ने किसी महिला को नंगी देखा हो और न ही मानसी ने किसी मर्द को नंगा देखा हो. मां बोली- हां, बात तो तू सही कह रहा है सुमित। कई दिनों से मैं सोच ही रही थी फार्म हाउस पर कोई गया नहीं है. हालांकि कुछ ही करारे धक्कों के बाद मेरी गांड ने मस्ती करना शुरू कर दिया था.

उसने मुस्कराते हुए जवाब दिया- हां, अपने मम्मी-पापा और भाई के साथ रहती हूं. मैं उसके गीले चूचों को चूस रही थी और वो भी मेरे चूचों को छेड़ने लगी थी. वह अक्सर मेरी तरफ देखती रहती थी मगर मैंने कभी उस पर ध्यान नहीं दिया था.

उसने मेरी चूत को चाटने के बाद अपना लंड मेरी चूत में दुबारा डाल दिया और मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरी चूत को चोदने लगा. इसी तरह मुझे अब इतने से कहाँ सब्र होने वाला था, मोनी ने मुझे अब भी कुछ कहा नहीं तो मेरा दिल अब और भी आगे बढ़ने के लिये कहने लगा।मैंने कुछ देर तो पेंटी के उपर से अपने लंड को मोनी के नितम्बों पर घिसा, फिर पता नहीं मुझमें इतनी हिम्मत कहाँ से आ गयी कि मैंने धीरे से उसकी पेंटी के किनारों से अपने लंड को अन्दर ही घुसा दिया जो कि सीधा ही उसके नंगे नितम्बों की गहराई में घुस गया.

उसके जैसा ब्लोजॉब मुझे अब तक कभी किसी लड़की या भाभी ने नहीं दिया था.

वो मेरे पास आया और बोला- आशना … मुझे पता है कि अभी तुम मेरे रूम के बाहर खड़ी थीं. लड़की लड़का चूचीपर मेरे हाव भाव से वो भी समझ गया था कि अन्दर ही अन्दर मुझे भी चुदवाने की चुल्ल है. ऐश्वर्या राय कि सेक्सी व्हिडिओऔर अलग अपनी मम्मी के घर के आसपास रहने लगी।ऐसे दस पन्द्रह दिन बीत गए। मेरा जबलपुर जाना हुआ तो उनसे मिलने के लिए पूछा तो वे तैयार हो गई लेकिन मुझे किसी काम के कारण मैं उससे नहीं मिल पाया और वापस आ गया. मैंने कहा- अब अपनी बहन को अपने सामने चुदते देखेगा? भाग भोसड़ी के!मैंने महेश को डांट कर भगाया तो महेश ने सिर झुकाया और वहां से भाग गया।अब मैं और गीतू एक-दूसरे क साथ थे अकेले।मैंने फिर से गीतू की चूचियों को हल्का सा दबाया और जैसे ही गीतू की स्स्स्स्स्… की आवाज मेरे कानों में पहुंची तुरंत ही 7 इंच के लण्ड को एक झटके में मैंने अपनी प्यारी गीतू की कुंवारी चूत में घुसेड़ दिया.

मैं जाने लगा, तो आंटी ने मुझे रोका और बोली- कल वैसे भी संडे है, तुम्हें ऑफिस तो जाना नहीं है, तो आज डिनर के लिए मेरे साथ चलो.

मैंने रात को ही अपने शरीर के सब बाल साफ कर लिए और अगले दिन ग्वालियर के लिए चल दी. और सुमेर का हाथ पकड़ कर बोली- गुलाबो को हमारे सामने शर्म आयेगी इसलिए चलो हम उधर चलें. मेरे होंठों पर किस किया।मैंने उससे पूछा- मैं अंदर नहीं झड़ सकता न?वो हँस कर बोली- तुम मेरे जिस्म में किसी भी जगह झड़ सकते हो क्योंकि तुम मेरी जान हो।इतना बोल कर उसने मेरे माथे पर किस किया और मेरा सिर सीने में दबा कर मुझे अपनी चूचियों में समा लिया।सेक्स के बाद लड़की से ऐसे गले लगने का अहसास ही कुछ और होता है। मैं कुछ देर उसकी बांहों में ऐसे ही पड़ा रहा.

मैंने काजल से पूछा- कैसी लगी मेरी चॉइस?वो शर्मा कर आंख बंद करके बोली- आप बड़े बेशर्म हो. वो मस्त होने लगी और उसने अपने हाथ फैला दिए और अंगड़ाई लेना शुरू कर दिया. मैं धीरे धीरे चाची की चुचियों पे किस करता हुआ नीचे आने लगा और रबड़ी को चाटने लगा, जो चाची ने अपनी चूत की फांकों के बीच लगाई हुई थी.

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माँ के मुँह पे हाथ होने के कारण उनकी आवाज नहीं निकली, मगर आंसू निकल आए, जो मेरे हाथ को छू कर नीचे गिरे. भाभी ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और मैंने भाभी के होंठों को चूसना शुरू कर दिया. मैंने हल्के से मुस्कुराते हुए उसे मना कर दिया और उठ कर सीधी बैठ गयी.

आह … उसका गोरा जिस्म … कड़क उठे हुए चुचे, उन पे गुलाबी निपल्स, सपाट पेट, नंगी पीठ, गोरी बांहें, सुराही दार गर्दन, पतली कमर, उठे हुए चूतड़ और कसी हुई गांड.

मैंने तुरन्त नम्रता को उठाकर उस टेबिल पर इस तरह लेटा दिया कि उसकी कमर टेबिल के बाहर थी और इस तरह से मेरे खड़े होने की सही पोजिशन बन पा रही थी.

फिर मैं पीछे आया और उसकी गांड पे हाथ फेरते हुए मैंने उसके चूतड़ पर एक जोर की चपत लगा दी. अंदर गए तो एक गलियारा था जिसके दोनों तरफ अलग अलग कमरों में प्रवेश करने के द्वार थे. देवता सेक्सीजिस कमरे में उनकी बहन बैठी थी उसी में मैं और भाभी भी बैठ कर बातें कर रहे थे.

दोस्त की बात सुनकर मेरा लंड भी खड़ा हो गया और अब मुझको भी उसे चोदने का मन हो गया था. मैं मेले में निहारिका को ढूंढ रहा था, पर निहारिका अपनी भाभी के साथ रात आठ बजे आई. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कोई गर्म चाकू मेरी बुर में डाल दिया गया हो.

उन्होंने कपड़े पूरे पहने हुए थे लेकिन उनके मुंह से आह्ह … स्स्स … आह मानसी … हम्म … जैसी कामुक आवाजें निकल रही थीं. धकापेल चुदाई के बाद इससे पहले मैं खलास होता, मैंने नम्रता को पेट के बल लेटाकर उसकी गांड मारने लगा.

फिर भाभी बोली कि क्या तुम्हारे लिए एक गर्लफ्रेंड की व्यवस्था करूं?मैंने कहा- आप हैं ना, काम चला लूंगा.

नागिन की तरह मुझसे लिपटे लिपटे उसने मेरा लोअर नीचे खिसकाना चाहा तो मैंने अपना लोअर और टी शर्ट उतार दिये और दोनों फिर से लिपट गये. तभी उसने गुस्से में मेरा लंड पकड़ा और खुद ही चुत में सुपारा सैट करके ज़ोर से गांड ऊपर की तरफ करके झटका दे दिया. स्कूल में जब लड़के हमें छेड़ते थे, तो मैं शरमा जाती थी, वहीं नीना चंचल हो जाती थी और इठलाने लगती थी.

भाभी देवर का आदाब दोस्तो, आपने मेरी कहानी ‘आपा का हलाला’ पर आप सब की ढेर सारी ईमेल भेजी, आप सबका इस प्यार के लिए बहुत शुक्रिया. मैं अब और बड़ा साहब बन चुका था, परन्तु प्रमोशन के साथ ट्रान्सफर भी हो गया था.

ताऊ जी ने अपने लंड को हिलाना शुरू किया और तेजी से लंड की मुट्ठ मारने लगे. मैं नजर बचाते हुए उसके पास पहुंचा और अंदर साइड में होकर मैंने उससे पूछा- क्या बात है? आज तुम यहां कैसे रुकी हुई हो?मनमीता ने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड पर हाथ फिराते हुए उसको सहला दिया और मेरे सीने से लिपट गई. मेरी पिछली कहानियों में भी आपने पढ़ा ही था कि मैंने पहला सेक्स अपने जीजा जी के साथ किया था.

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जीजू की जांघों पर बैठते हुए उसने जीजू की छाती पर हाथ फिराते हुए उसको सहलाना शुरू किया तो मानसी के कोमल हाथों की मदहोशी में आनंदित होते हुए रितेश जीजू उसके चूचों को मसलने लगे. ओह्ह्ह ओह्ह्ह्ह आह आह मजा आ रहा है … और चूस मादरचोद! और चूस!” रवि बड़बड़ाते हुए कहने लगा. मुझे जांघों में किस करते हुए मेरी चुत चाटने लगे और अपना लंड अंकल ने मेरे मुँह में दे दिया.

डॉली को पीठ के बल लिटा दिया, उसके चूतड़ उठाकर गांड़ के नीचे एक तकिया रखा और कमरे की लाइट जला दी. वो जोश में मुझे गालियाँ दे रहा था।करीब 8-10 मिनट तक मैं उछलती रही, फिर वो झड़ गया और मैं उसके ऊपर लेट गयी।इतना चुदने के बाद मुझमें और चुदने की हिम्मत नहीं थी.

वैसे भी यहाँ पर इतनी भीड़ है कि कुछ अच्छा नहीं लग रहा। रात को संगीत ही होगा.

सुमन ने अपने हाथ बाथरूम की दीवार से पीछे की तरफ सटा लिये और उसकी चूत आगे की तरफ मेरे मुंह की तरफ आने लगी. मैंने आधा लंड निकाल के एक बार में ही पूरा लंड झटके से उसकी गांड में डाल दिया. मैंने कामिनी को सुनाने के लिए फोन स्पीकर पर रख कर मेरी उस क्लाइंट से बात करने लगा.

मुझे नहीं पता काजल ने मेरी पैंट में तने हुए लंड को देखा या नहीं लेकिन मैं खुद ही अपने तनाव को अपने दूसरे हाथ से छिपाने की कोशिश करने लगा. तभी मैंने अपनी पैन्ट की चैन खोल दी और फिर उसने मेरे लिंग को चैन से बाहर निकाल लिया. फिर हम दोनों अलग हुए … पीठ के बल लेट कर हम दोनों कमरे की छत की तरफ़ देखकर बुरी तरह से हांफ़ रहे थे.

मैंने पूछा- क्या खाना हो गया?सरला जी- हां, तुम्हारा?मैंने जबाव दिया- हां!हम दोनों बात करने लगे और करीब 11 बज़े मेरे बेडरूम में ही सरला सो गई.

हिंदी एचडी फुल बीएफ: मैंने कहा- दीदी मैं आपकी टी-शर्ट उतार दूं?तो दीदी ने हां में सिर हिलाया. अनुषी ने अपने हाथ मेरी पीठ पर बांध लिए और मेरा पूरा लंड चूत के अन्दर लेने की कोशिश करने लगी.

दोस्तो, मैं ये तब की बात बताने जा रही हूँ, जब मैं बारहवीं कक्षा की तैयारी कर रही थी. मैंने इवेंट के लिए साड़ी और हाफ स्लीव का ब्लाउस पहना था और मेकअप भी अच्छा किया था. आज जीजा जी शायद सेक्स करने में पगला गये थे इसीलिए वो आज बुरी तरह दीदी को ठोक रहे थे.

मुझे टावल में देख कर भाई भी काम के नशे में बोला- अमीषा मुझे नहीं पता था कि तू इतनी हॉट है.

उन्होंने बुर मसलते मसलते ही अपनी पेन्ट और चड्डी नीचे कर दी और मेरे ऊपर 69 की पोजिशन में आ गए. विकी खामोश बैठा रहा, मेरे हाथ का नींबू पानी था, इसलिए वो बड़े प्यार से पी रहा था. आज मैंने उसकी सलवार पूरी नहीं उतारी थी क्योंकि मुझे उसके शरीर पर काली सलवार बहुत सेक्सी लग रही थी और मुझे कुछ ज्यादा जोश चढ़ा रही थी.