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मैंने वो गोली भी खा ली।तो दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी यह पहले सेक्स की घटना जिसमें मेरे चाचा ने मुझे यानि अपनी भतीजी को चोद कर कली से फूल बना दिया. बीएफ में हिंदी वीडियोआरती तो नहीं घबरा रही थी मगर प्रसंग का खड़ा लंड एकदम से ढीला होकर मूंगफली की तरह से हो गया.

मैंने अपनी नजरों को नीचे बेड पर झुका लिया और अपनी गर्दन को नीचे करके बैठी रही. सेक्स दिखाओ बीएफमैं ज्यादा अन्दर हाथ नहीं डाल सकता था क्योंकि उसने नाड़ा बांधा हुआ था.

मैंने हां कहा और हम दोनों एक चादर में आ गए और ऊपर से एक और चादर डाल ली.ठंडी बीएफ: दोस्तो, सुचेता को मैंने सिर्फ हवस का लिए इस्तेमाल नहीं किया बल्कि मैं उसे एक अच्छी दोस्त भी मानता था.

शाम को पांच बजे मेरी नींद खुली तो देखी कि वो सो रहा है और मेरी भाभी उसके लंड के साथ खेल रही है, चूस रही है.लेकिन फिर कुछ दिनों बाद कुछ प्रॉब्लम के कारण हम दोनों का ब्रेकअप हो गया.

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इस समय तक मुझे यह भी पता नहीं था कि किसी मर्द के लिए दूसरे मर्द के लिए आकर्षण समाज को स्वीकार नहीं होता है और इसे ‘गे’ अर्थात समलैंगिकता कहा जाता है.जिसकी वजह से मन में काम भावना तीव्र उठती और मेरे पास हसमैथुन के सिवाय कोई विकल्प नहीं होता.

और रही बात कि भाभी मुझसे चुदवायेगी या नहीं? तो पहली बात तो कि जब वह दीपक से चुदवा सकती हैं तो किसी और गैर मर्द से चुदवाने में वह बिल्कुल नहीं हिचकेंगी और भाभी मुझसे चुदवा लेगी. ठंडी बीएफ उसका सांवला रंग, अच्छी देह और सवा पांच फुट की हाइट, उस पर तने हुए मस्त बोबे, चौड़ी गांड … बड़ी मस्त माल में बदल चुकी थी वो.

उसके बाद हम अच्छे दोस्त बन गए, फिर मैंने उससे उसका फ़ोन नंबर मांगा और उसने बिना कुछ सोचे दे दिया.

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अंकल ने मेरे गोरे गोरे गालों पर किस करना शुरू किया, वह मेरे मुँह पर हर जगह पर किस कर रहे थे. मैंने अंतर पूछा तो सोनू कहने लगी- लंड का आगे का हिस्सा बड़ा नर्म और सॉफ्ट है जबकि बीच का और पीछे का हिस्सा बहुत सख्त है. वह लंड लेने के लिए पागल हुई जा रही थी जिसका अन्दाजा मुझे उसकी बार-बार ऊपर उठती गांड से होने लगा था.

पर मैंने अपने आपको संभाला, पर मन ही मन मैं ये सोच रहा था कि क्या ये वही लड़की है, जिससे मैं कल बात कर रहा था. होंठ गला पेट चुत गांड सबपे मैंने अपनी जीभ फिराई और उसे गर्म करने लगा. आशीष अपना मुँह ऊपर करके बोला- आह साली लगता है, तू तो बहुत बड़ी छिनाल बनेगी … ऐसा तो सिर्फ रंडियां ही करती हैं, जैसा तू कर रही है.

बस, ज़िन्दगी में पहली बार उन्होंने बड़ी संजीदगी से मुझे भाभी से मिलने को मना किया. आशीष मेरे पीछे तरफ आया और जैसे ही पीछे आया, वह एकदम से वो चीज बोला, जो मैं सोच नहीं सकती थी. मेरी तरफ से कोई प्रतिक्रिया ना होने पर अब चाचा की भी हिम्मत बढ़ी। उनका हाथ मेरी सलवार के नाड़े को टटोलने लगा.

तब उसने मुझे पूरी नंगी किया और फिर आरती से कहा- तुम इसके मम्मों को चूसो और मैं चूत की सफाई करता हूँ. चूत कुछ टाइट थी तो उसकी हल्की सी चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’मगर चूत के अंदर लंड तो जा चुका था इसलिए अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.

वह चल कर पास आई और पूछने लगी- इतने गौर से क्या देख रहे हो?मैं ऐसे ही उसको देखता जा रहा था.

फिर मैंने किसी तरह उन दोनों को फिर से एक किया लेकिन उनकी इस लड़ाई से मैं और साक्षी कुछ ज्यादा खुल गए थे.

मैंने भी जल्दी से अपने अंडरवियर को पहना और फिर पैंट शर्ट डालकर कमरे से बाहर निकल कर आ गया. कमरे में जाकर मैं बेड पर बैठ गया और मैंने रीतिका को अपने पास बुलाया. ”वैसे भी दिन के समय सभी या तो आराम के लिए सोये होते हैं या डयूटी पर होते हैं.

दीदी के हाथ अनन्त की कमर पर थे और दीदी ने दोनों हाथों से अनन्त की कमर को संभाला हुआ था. तभी रानी मेरे बिल्कुल नज़दीक आ गयी और मेरा हाथ पकड़ के चूत के मुंह से लगा दिया. दुकान से बाहर निकलते समय मैंने ध्यान दिया कि सुखबीर मुझे कुछ अलग नजरों से छुप छुप कर देख रहा था.

जोश के मारे मेरा लौड़ा तनकर खड़ा था, उसके छेद से चिपचिपा पानी निकल रहा था.

उसके बाद मैंने एक हाथ को उसकी चूत पर लगाया और उसकी चूत को रगड़ना शुरू कर दिया. औऱ उसके बाद तुम्हारी चूत में अपना लंड डालकर तुम्हें जमकर चोदना चाहता हूं. उसके बाद मैंने उसके चेहरे को ऊपर किया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उनको चूसने लगा.

मैं तो सोच रहा था कि इसको दर्द होगा मगर यह तो आराम से पूरा लंड ले गई. हमने एक दूसरे के फ़ोन नंबर ले लिए थे और जरूरत के अनुसार बातें भी होती थी. जब मैंने मोनिका से पूछा कि वो तुम्हारे साथ बेड पर कैसा है?तब उसने बताया- साला झड़ने में बहुत टाइम लेता है.

इससे कहानी को पढ़ने में मज़ा भी आयेगा और चूत में गर्मी चढ़ेगी और लंड भी मस्त होकर खड़ा होगा.

उसने मुझे अपनी गोद में उठा कर बेड पर लेटा दिया और फिर से मुझे पूरा नंगा करके मेरे पूरे बदन को चूमना चालू कर दिया. मैंने भी झट से खड़े हो कर उनकी टॉवेल और लाल रंग की ब्रा और पैंटी उठा ली.

ठंडी बीएफ अब एक दिन रात को मैं मेरे सगे मामा, मामा का बेटा और रवि मामा शादी में गए. चुदाई के इस खेल में अब तक पत्थर की तरह कड़क हो चुकी नीना की चुचियां प्रशांत की मुट्ठियों में कैद थीं और प्रशांत का लंड नीना रानी की गहरी सुरंग में स्पीडी बोरिंग करने में जुटा हुआ था.

ठंडी बीएफ बात करते करते मैंने इंदु से कहा- आज का वादा तो याद है ना?उसने कहा- जीजा जी, सब याद है, मैं रात को फोन करूँगी, जैसे ही आस पास सूना हो जायेगा, आप आ जाना. थोड़ी देर उसके ऊपर पड़े रहने के बाद मैंने लंड उसकी चूत के बाहर निकाल लिया.

फिर जब उसका मन होगा और तुम वो करोगी, जो तुम्हारा पति चाहता है, तो वो दंग रह जाएगा और पक्का तुम दोनों के संबंध बदल जाएंगे.

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जैसे ही वो सामने आई, मैं तो चौंक गया, वो कोई और नहीं बल्कि मोहिनी जी थी जिनके साथ मैंने आन जाने में शारीरिक संबंध बनाया था, जिसका उलेख मैंने अपनी पिछली कहानी ‘गांडू लड़के की रंगीन मम्मी’ में किया है।मोहिनी जी- अरे प्रधान जी आप, वाह क्या बात है, आज तो पार्टी और भी रंगीन हो गयी. उन्होंने भाभी के मम्मों को लाल कर दिया था और बुरी तरह से मम्मों को मसल रहे थे. चाची बोलीं- साले … ऐसे देखना पसंद है क्या?मैं शरमाते हुए बोला- हां.

मैंने लंड को चूत पर अच्छी तरह से सेट कर दिया और भाभी की चूत में एक धक्का लगाते हुए भाभी के ऊपर लेट गया. मेरी देसी पोर्न कहानी के चौथे भाग में अब तक आपने पढ़ा कि मेरी पेंटी देने के बहाने मेरी सहेली के मामा मुझे एकांत में ले गए और मेरी चूत को सूंघने लगे. फिर ऐसे ही फोन करने का बहाना बनाने लगी ताकि वो समझे कि मैं किसी से फोन कर रही हूँ.

तो हमेशा की तरह बातों के बीच में मामी ने कमर दर्द की बात शुरू कर दी.

अब उसकी चूत में मेरे लंड ने प्रेवेश करना चालू किया और आधा ही लंड गया था और मेरा वीर्य निकल गया. भाभी बोलीं- तुम्हारे भैया बोल रहे थे तुमने रिश्वत ली है … मेरे को ले जाने के लिए?मैंने बोला- क्या भाभी?भाभी ने तुरंत कहा- तुमने उस रात पूरा तो निचोड़ लिया था उसको … अब क्या बचा है. मेरे पति का तो तेरे लंड से आधा ही है और वो तो कुछ कर भी नहीं पाता है.

एक तरफ एग्जाम में की हुई उनकी मदद याद आती, तो दूसरी तरफ उनकी यह अटपटी मांग. तब रूम बंद करके, लाइट बंद करके और अपने ऊपर ब्लैंकेट ले कर ही अपने अंगों को सहलाने लगती. मैं खुद पर गर्व महसूस कर रहा था कि ऐसी औरत, जिसको चोदने का सपना हर मर्द देखना चाहेगा, उन्होंने मुझे सामने से चुदवाने के लिए बुलाया है.

तभी मामी जी ने मेरी ओर करवट ली और उनके बड़े बड़े स्तन मेरे हाथों से टकराने लगे. जीजा जी इतनी देर से नई सील पैक फुद्दी को ठोक रहे थे तो कितनी देर रह सकते थे.

मेरी अधपकी हुई सी गोल-गोल मस्त चूचियाँ अब कुर्सी पर बैठे हुए सर की आँखों से कुछ ही उपर थी और उनके होंठों से कुछ ही दूर. फिर उन्होंने मुझे चूत चाटने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया और कम्बल के अन्दर घुस के उनको किस करने लगा और मम्मों को मसलने लगा. मैं भी उसकी चुत के बाहरी फांकों को कभी जोर से चूस लेता, जिससे उसे और मज़ा आने लगा.

मैंने देखा कि लंड पर खून लगा हुआ है और उसकी चूत में से भी खून निकल रहा था। लेकिन उसे पता नहीं चला।मेरी बहन अब मेरे लंड की चुदाई का मजा लेने लगी थी और उसके मुंह से सिसकारी निकल रही थी.

चाची सुबह सुबह उठ गईं और रोज़ की तरह स्कूल के लिए तैयार होने के लिए बाथरूम में चली गईं. फिर भाई बोला- देखो, इसको मुँह में लेकर चूसो जैसे तुमने पिक्चर्स में देखा है. मेरा चेहरा ठीक अपने चेहरे के सामने पाकर उन्होंने तुरंत ही फिर से आंखों को बंद कर लिया.

वह लंड चूसते हुए मेरी ओर देख रही थी और मैं उसकी तरफ … पता नहीं क्यों लेकिन आज मुझे लंड चुसवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था. मैं लंड को दीदी की सहेली की चूत में अन्दर बाहर अन्दर बाहर करने लगा.

फिर भी मैंने जल्दबाज़ी करना ठीक नहीं समझा और वो जो कुछ पूछती गईं, मैं बताता गया. कुछ ही देर में वो फिर से गर्म हो गई और मेरा लंड भी मेरी फ्रेंची में पूरी तरह से तन गया था. मैंने उसे नीचे उतारा और अपनी तरफ घुमाया तो देखा कि उसकी आंखें भरी थीं.

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जब पहली बार गांव में पांच महीने पहले तू मिली थी, तो तेरे ठीक से दूध ही नहीं थे और अब तो कमाल के हैं.

उसे तुरन्त ही नींद आ गई क्योंकि दिन भर पैदल चलने की वजह से सभी लोग थक चुके थे. रात के करीब साढ़े ग्यारह बज चुके होंगे, सुनसान पगडंडी रास्ता, गर्मी की रातों की लम्बी हवाएं, चाँद की हल्की रोशनी में पैरों की स्पष्ट आवाज़ आ रही थी. मैंने कई बार अनुष्का की कामुक आवाजें वैन में सुनी थी मगर आज तो मैं खुद अपने मुंह से कामुक आवाजें निकालने पर मजबूर हो गया.

उस समय मेरी जवानी निखरनी शुरू ही हुई थी कि जब मैंने पहली बार अपनी बुर में 6″ से बड़ा और 2. गर्म-गर्म पेशाब जब फुद्दी पर लगने लगा तो उनकी मुनिया को गर्म कर दिया. बीएफ फिल्म नंगी ब्लूउसने पैंटी भी ब्रा के साथ वाली पहनी थी, जिसमें से मुझको उसकी चूत के दर्शन हो चुके थे … क्योंकि मैं उसकी जींस उतारने के लिए नीचे बैठा था.

अब आगे …उनकी बातों से मुझे अहसास होने लगा था कि सर की नज़र मेरी कच्ची जवानी पर है और मैडम भी उनके साथ मिली हुई है. मैंने उसे बताया कि जब पति की इच्छा हो, तो तुम अपनी इच्छा उसे बढ़कर दिखाना.

बीच में उसने अपने परिवार की प्रोब्लम्स भी बताई जिससे मुझे उससे हमदर्दी भी होने लगी. मेरे पापा मुंबई में काम करने चले जाते हैं, तो मम्मी के साथ ही रहती हूं. थोड़ी देर बाद जब उस से बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने अपने हाथ में लंड को पकड़ के चूत के छेद पर रखा और पीछे की तरफ जोर लगाया.

भाभी ने नॉर्मल ही पूछा- वैसे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?तो मैंने कहा- भाभी है तो, पर क्यों?भाभी बोलीं- अरे जब से आए हो, पर मोबाइल से नहीं लगे हो ना, इसलिए पूछा. मैं कितनी कमीनी हो गयी हूँ कि अपने ही पापा को पटाने पे लगी हूँ!इसके बाद मैं रोते रोते सो गई और अपने रूम का दरवाजा लॉक करना भूल गयी।रात को 3 बजे मेरे पापा मेरे कमरे में आये और मुझे उन्होंने उठाया. और वो धीरे धीरे लंड के ऊपर नीचे होकर चुदने लगी और आह आहहह उहहह उहह उफ उफफ करने लगी.

उन्होंने भाभी के मम्मों को लाल कर दिया था और बुरी तरह से मम्मों को मसल रहे थे.

उसने कहा- मैं भी यही चाहती हूँ कि हम दोनों एक साथ उससे मज़ा लें और एक दूसरे के राज़दार बने रहें. सुबह से शाम तक संजय ऑफिस में बिजी रहता और कोमल मणि के साथ कालेज में ट्रेनिंग पर रहती थी.

मेरे रूममेट को भी शायद मुझसे ये ही जलन थी कि मेरे पास दोनों एक से बढ़कर एक माल हैं और उसके पास एक ही है, वो भी डेली अलग अलग लंड लेती है. फिर कुछ दिन बाद मैंने उसे परपोज़ किया और उसने भी हाँ कर दी और एक स्माइल देकर चली गयी. मेरी पिछली कहानियोंट्रेन में बुर्के वाली की चूत चुदाई कीभाभी की चुदाई के लिए वक्त नहीं था भाई के पासको आप लोगों ने खूब सराहा, इसके लिए आप सबका धन्यवाद.

मेरी उंगली उसकी गांड के छेद तक पहुंच जाती थी मगर वह अपनी गांड को भींच लेती थी और मैं फिर से उसकी गांड को ऊपर से ही सहलाने लगता था. मेरे साथ अन्तर्वासना से जुड़े रहिये, बस कल आपके साथ भाभी की चूत में लंड पेलने की सेक्स कहानी पूरी करता हूँ. मैंने तौलिया उठाकर बॉथरूम के बाहर से आवाज लगाई और अपना हाथ दरवाजे के अन्दर ले गया.

ठंडी बीएफ उसके होंठ मेरे लंड की जड़ पर जा सटे, उसके गले तक मेरा लौड़ा पहुंच गया था. सोनम के जाते ही आशीष बोला- मैं यहां से अब एक दो दिन में अपने गांव चला जाऊंगा, पर तुम्हें नहीं भूल पाऊंगा.

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कमरे में अन्दर जाते ही भाभी मुझ पर टूट पड़ी और मेरी शर्ट के बटन खोल कर छाती पर जोरदार किस करने लगी. वो भी रेस्पॉन्स देने लगी।सुचेता ने कहा- यार, मुझे कुछ हो रहा है।उसकी बात सुनकर मैंने कहा- आज जो होना है, होने दो!फिर वो मुस्करायी, मैंने झट से उसका टॉप उतारा और उसके बूब्स को चूसने लगा. मेरे मकान मालिक के वहां जो औरत झाड़ू पौंछा लगाने आती थी, उसने भी हमारी ही गली में किराए पर मकान लिया हुआ था.

किसी को नहीं मालूम था कि मैंने भी उन तीनों की ये चुदाई देखी। लेकिन तब से मैं दीदी के घर जाने से हिचकने लगी। मगर अनन्त का दीदी के घर पर आना-जाना आज भी जारी है. दिन भर ट्रेनिंग करने के बाद वो शाम को मेरे रूम में प्रोब्लम्स समझने के लिए आ जाया करती थी जब मेरा फ्लैटमेट भी साथ हुआ करता था. फॉरेनर बीएफदोस्तो, इस एक कहानी समझ कर ही पढ़िए और किसी की रियल जिंदगी से मिला कर ना देखिए.

मैंने चादर ओढ़ ली थी क्योंकि इस वक्त मैं सोने का नाटक नहीं कर पाती.

मैंने सोचा कि यदि मैं अपनी लुल्ली दिख देता हूँ, तो फिर मैं रवि मामा से अपना लंड दिखाने की जिद कर पाऊँगा. मैंने कहा- ठीक है!और रात को अपने कमरे की तरफ से दरवाजा खुला छोड़ दिया ताकि वो जब चाहे खोल कर अंदर आ जाए.

उसके हाँ करते ही मैं और मेरा दोस्त आर्यन दोनों ही जाने के लिए तैयार होने लगे. मेरे हाथ के स्पर्श से जैसे उन्हें करंट सा लगा और वो चौंक कर मुझसे और लिपट गईं. खैर उसने शाम में मुझे अपने फ्लैट में बुलाया और मैंने भी उसको तड़पाने की सोची.

मगर मेरी चालू बीवी भी खेली खाई चुदक्क्ड़ थी, अगले दो मिनट के भीतर ही वह उछल कर बेड से बाहर आ गई और प्रशांत को जीभ निकाल कर ठेंगा दिखाने लगी.

आगे फूल की दुकान से गुलाब के फूल की बूके ली और पार्टी के अवेन्यु पहुँच गए. मेरे चूचुक चूमने और योनि में लगातार लिंग के कारण वो और भी ज्यादा उत्तेजित हो रही थी. मगर जल्दी ही उन्होंने मेरी चूचियों को छोड़कर मेरी पैंटी को मेरी जांघों से भी उतार दिया.

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अगले महीने जब मैं घर गया तो मैंने गले लगाने के बहाने उसे जोर से बांहों में भर लिया. मेरा लंड भी उसकी ऐसी हरकतों के कारण पहले ही उसे चोदने के लिए तड़प उठा था. पर तुम फिकर मत करो, हमारा एक दूसरा फ्लैट भी है, जो दूसरे अपार्टमेंट में है, हम दोनों वहां चले जाएंगे.

उसने निक्कर के नीचे नीले रंग की पैंटी पहनी हुई थी जो पहले से पानी छोड़ रही चूत पर रगड़ खाकर गीली होने लगी थी. वह बहुत धीरे-धीरे और बड़ी अदा से बात करती थी, आंखें हमेशा उनकी ऐसे रहती थी जैसे उन्होंने ड्रिंक किया हो. रात तो लगभग साढ़े दस बजे उसने दरवाजा खोला और अपने लॅपटॉप के साथ मेरे कमरे में आ गया.

मैंने जरूर कुछ अच्छे कर्म किए होंगे पिछले जन्म में जो उसकी चूत के दर्शन मुझे हुए. मैंने फिर पूछा- क्या तुम तैयार हो?उसने हाँ में सर हिलाया और धीरे से बोली- इसका इंतज़ार तो हर लड़की करती है. अब मैं उसके लंड के थपेड़े खा रही थी, हर एक धक्का पहले से जोरदार लग रहा था.

मेरा लंड का साइज़ साढ़े पांच इंच का है ये किसी मोटी मूली जितना मोटा है. मैं बोली- सच बोल रही हूं आशीष मुझे तुम्हारे अलावा किसी ने नहीं छुआ.

उसने उठ कर पहले अपना मंगलसूत्र उतारा और बोली- लो, अब मैं तुम्हारी पहले वाली मोनिका हूँ.

मैंने जिद करके उसे स्कूल छोड़ने के लिए मना लिया, जो उसके घर से 3 किलोमीटर था. सेक्सी बीएफ चूत में लंड घुसावो भी शाम में खुले गले की टीशर्ट पहन के आती थी जिसमें से उसके चूचे काफी अच्छा शेप बनाते हुए उसकी पुश उप ब्रा में दिखते थे. बीएफ सेक्सी गुजराती मेंइस बार उनके शरीर ने पहले से भी ज़ोरदार झटका लिया, और उनके गले से ऐसी आवाज़ निकली, जैसे उनकी साँस फँस गई हो. मैंने उनसे कहा- कल मुझे यूनिवर्सिटी जाना होगा, यदि आपको ऐतराज़ न हो तो मैं आज से ही आ जाता हूँ.

दस बीस धक्के के बाद भाभी भी अकड़न के साथ झड़ गईं और मैं भी 8-10 धक्कों में भाभी की चूत में झड़ गया.

मेरी हालत में सुधार लाने के लिए उसने मुझे एक दूसरी लड़की का नंबर दे दिया. जब वह चला गया, तो सोनम बोली- ये मेरा भाई है और साला खातिरदारी तेरी कर रहा है. इतना कहते हुए वो अपने पेंट की चैन खोलने लगे, लेकिन मैंने उनका हाथ पकड़ते हुए उन्हें रोक दिया.

मैं- कौन सी फोटो दी है मैंने?तो उसने सुबह वाली फोटो मेरे को भेजी। मैं देख कर शरमा भी गयी और गुस्सा भी आया कि वो मेरे ही घर में था और मुझे पता भी नहीं चला. उसने मुझे फिर से थैंक्स बोला और मैं वहाँ से अपने काम के लिए निकल गया. हम दोनों शादी से पहले भी बहुत बार चुदाई कर चुके थे, इसलिए हम लोगों में कोई शर्म नहीं थी.

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मैंने कहा- कौन है वो?उसने कहा- मेरा एक कज़िन है शोभन, उससे चुदवा कर तुम्हें मस्त करवा दूँगी. लगातार करीब 3-4 मिनट तक पैंटी के ऊपर से ही रगड़ता रहा और मुझे खा जाने वाली आंखों से देखता रहा. एक बात तो है …” उन्होंने बात अधूरी छोड़ दी और मेरे नितंबों की दरार टटोलने लगे.

मैं उसकी चूत को चाटने लगा तो उसने मेरे मुंह को अपनी चूत में दबा लिया और फिर दोबारा से मुझे नीचे लेटा दिया.

मेरे पापा मुंबई में काम करने चले जाते हैं, तो मम्मी के साथ ही रहती हूं.

मैं- मैडम यहां ऑफिस से घर जाने के बाद पार्ट टाइम काम करने की हिम्मत बिल्कुल भी नहीं हो पाएगी. हाँ … आआआ … ले … मुँह खोल …”मैंने अपना मुँह पूरा खोल कर उनके लिंग के सामने कर दिया. हिंदी बीएफ चाहिए एचडीमैं- ह्हम्म क्या मस्त गांड है आपकी … ऊऊऊ कल रात की चुदाई कैसे भूल सकता हूँ.

वो रात को 11-12 बजे तक ऑनलाइन रहती है, पर तब भी वो मुझको मैसेज नहीं करती. उपिंदर ने उसकी कमीज और ब्रा उतारी पीछे से दबोचा और गांड में लौड़ा पेल दिया और उसकी गांड ठोकने लगा. वह तो तुरंत ही लंड को चूत की सुरंग में ठेल देने को बेचैन हो गया मगर नीना के डर से ऐसा नहीं कर सका.

फिर एक दिन वो रात को मेसेज पर मुझसे बोली- मुझे वीडियो कॉल पर तुमसे बात करनी है. मैंने गांड में हाथ डालना चाहा, मगर नाड़ा टाइट बंधा था, तो मैंने कुर्ता ऊपर किया और पीछे से उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा.

पहले तो मुझे बुरा लगा, फिर मैंने भी सोचा कि ठीक है, मेरा बेटा नहीं है … बहू भी अकेली है … वासना की इच्छा सबको होती है.

लड़कों के अलावा कॉलेज के टीचरों की नजर भी मेरी चूची पर टिकी रहती है जब मैं उनके पास से गुजरती हूँ तो।मेरा भाई हीरो टाइप का है और उसकी एक गर्लफ्रैंड है जो मेरे क्लास में मेरे साथ पढ़ती है. मैंने उत्तर दिया- चलो बिस्तर पर पेट के बल लेट जाओ।नहीं मैं तुम्हें अपना इतना मोटा लंड मेरी गाँड में नहीं डालने दूँगी. जब वो लंड चूस रही थी, उस वक़्त वो अपनी चूत को मेरे पांव के अंगूठे से रगड़ रही थी.

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वह किसी भी हालत में चिन्टू से अपने सम्बन्ध तोड़ने की बात नहीं सोच सकती थी. मैंने भाभी को बोला कि दो दिन साथ रहेंगे, तो मैं एक नियम बना देता हूँ, हम दोनों में से कोई भी कपड़ा नहीं पहनेगा. जैसे जैसे मैं ज़ोर लगा रहा था, उनकी दबी आवाज में चीख निकलती जा रही थी- आराम से डाल ना साले, आअहह … मर गयी … चोद दिया रे इसने तो … बहुत दर हो रहा है राजा, बाहर निकाल इसे.

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अलग कमरे में आकर जल्द ही मेरी झिझक खत्म हो गयी, अब मैं अजय का साथ देने लगी. अब रात तो रात, दिन में भी कई दंपति मित्र मुझे अपनी संभोग क्रिया कैमरे पर दिखाने लगे. मुझे उंगली का अहसास बहुत ही मजेदार लग रहा था पर मैं आने वाले दर्द से अनजान थी। उन्होंने कुछ क्रीम अपने लंड पर भी लगाई और चुत के होंठों पर अपने लंड को रगड़ने लगे।मैं तड़फ रही थी, मैंने कहा- प्लीज चाचा जी, अंदर घुसा दो ना!वो बोले- अभी लो मेरी प्यारी भतीजी!और यह कहते हुए अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए और लंड को चुत पर सेट करके एक झटका मारा.

वही तो मेरे दोस्त थे, मुझे जीजू पर तरस आया और मैं अजय से हटकर जीजू के सीने से लिपट गई।कुछ पल बाद अजय ने मुझे फिर खींच लिया. मैं उन्हें सामने देख कर एकदम से घबरा गया, जैसे मेरी चोरी पकड़ी गई हो.

मैं बड़बड़ाने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… सुखबीर जी … बस भी करो अब आ जाओ, वरना मैं झड़ जाऊंगी.

इंदु भी मुझसे लिपट गयी जैसे किसी भूखे को रोटी मिल जाती हो।मैंने अंदर के रूम की भी कुंडी बंद की और उनके बेड पर चला गया, बोला- इंदु जी, आपके लिए ये गिफ्ट!उस गिफ्ट में एक बहुत सुन्दर साड़ी, एक पतली सी डोरी वाली सेक्सि पैंटी औए पार्दर्सि नाईटी थी. मैंने उसके सारे कपड़े उतारकर उसे बिल्कुल नंगी कर दिया था और खुद भी अंडरवियर में आ गया. वो कराहने लगी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मुझे ऊपर से धकेलने की कोशिश करने लगी.

आशा को मुँह में लंड लेना अच्छा नहीं लगता था तो वह लंड मुँह में नहीं लेती थी. उसकी योनि बहुत टाइट थी, लेकिन मेरे धक्के के कारण मेरा लिंग का टोपा अन्दर प्रवेश कर गया. सुबह 5 बजे मेरी नींद खुली, मैंने उसे जगाया और एक राउंड फिर चुदाई की.

भाभी मेरे सामने घोड़ी बन गई, उनकी चिकनी गांड और उसमें से बाहर आई हुई चूत बहुत ही सुंदर लग रही थी.

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अम्मी भी अब्बू के लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी और 69 पोजीशन में आकर अब्बू का लंड चूसने लगी. उस दिन माँ, बाबा गांव चले गए थे तो मैंने ही उसे अपने घर सोने के लिए बुला लिया. बस उसी के साथ सेक्स करने के सपने देखता रहता था, पर उसे कभी ये बात बता नहीं पाया.

मेरे सीनियर सर लोग मुझे बहुत प्यार करते हैं और मुझे बहुत कुछ समझाते भी हैं.

ऐसा करने से तुम गर्म हो रही होगी ना? सर ने कहा और अपना हाथ एकदम ऊपर चढ़ा कर कच्छी के ऊपर से ही मेरे मांसल नितंबों में से एक को मसल दिया. लेकिन रवि मामा यह कहते हुए नहीं उतरे कि उन्हें खेत पर जाना है और वो वहीं सोएंगे. मैं वहां जाके खड़ा हो गया, सामने से एक रेड कलर की कार आयी और उसका गेट खुला.