बीएफ सेक्सी हिंदी में देसी

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मैंने उन दोनों से कहा- तुम दोनों पहले नहा लो, मुझे बाल हटाने में टाइम लगेगा. बच्चा कैसे पैदा करते हैंमैंने उनसे गिलास लेते हुए पूछा कि आपका गिलास कहां है?उन्होंने कहा- वो तुम्हारे पास है.

69 की पोजीशन में आकर मैंने दादी की चूत पर जीभ फेरी तो दादी तुरंत ही चुदासी हो गईं और टांगें फैलाकर लेट गईं. मराठी सेक्सी पोरीमैंने पूछा कि ये क्या कर रहे हो?वो मादरचोद बोला- मालकिन आप देखती जाओ … आपको बहुत मज़ा आएगा.

अब मेरा पूरा लंड मामी की गांड में था और मामी अपने सिर को बेड पर रख कर रो रही थीं.बीएफ सेक्सी हिंदी में देसी: ये कहते हुए रश्मि ने मेरे एक निप्पल पर अपनी जीभ चलाना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद मैं रुका और उन्हें अपनी ओर घुमा कर उनके होंठों को चूसने लगा.मैंने कहा- क्या बात है भाभी, नींद आ रही है तो सो जाओ?भाभी बोली- राज, नींद तो आ रही है लेकिन दिल नहीं मान रहा.

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फिर मेरी बॉडी को चूमते हुए उसने मेरी पैंट का हुक खोल दिया और पैंट को खींच कर मेरी टांगों से अलग कर दिया.नेहा ने सभी को चाय सर्व की और हम सभी चाय पीने लगे और बातें करने लगे.

उसमें पीछे से मेरी ब्रा की दोनों पट्टियां दिखाईं दे रहीं थीं लेकिन मुझे मालूम नहीं था. बीएफ सेक्सी हिंदी में देसी पिछले भागमेरा प्रथम समलैंगिक सेक्स- 2में अब तक आपने पढ़ा था कि कविता मुझसे बात करते हुए मुझे अपनी सेक्स क्रिया के लिए राजी होने की बात कह रही थी.

उसके देखने के बाद भी उसकी सेक्सी गांड को हवस भरी नजर से घूरता ही जा रहा था.

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दूसरी औरत जो कुछ ज्यादा तू तू करके बोल रही थी, उसकी उम्र करीब 50 वर्ष थी. मैं उनकी चूचियों के निप्पल बारी बारी से अपने मुँह में भर कर चूसने लगा. फिर भाभी ने ही चुप्पी तोड़ी और मुझसे सॉरी बोलने लगी कि ऐसे उन्हें नहीं बैठना चाहिए था.

मैंने कहा- यार एक बात बताओ आप एक अंजान लड़के से बात क्यों कर रही हो और क्यों बात करना चाहती थीं. क्योंकि वो‌ मुझे‌ अब नजर तो नहीं आ रही थी, बस पहले‌‌ की तरह ही खिड़की पर उसके कपड़ों की वजह से नीला सा प्रकाश फैला‌ हुआ नजर आ रहा था. मैं- आपके पति आपको संतुष्ट नहीं कर पाते हैं, तब भी आप मुझसे मिलना नहीं चाह रही हैं.

इसी तरह तीन चार दिन बीत गए।जब मैं स्तन पर साबुन लगाने के लिए हाथ लगाती तो दर्द होने लगता. हर किसी की जिन्दगी में अपने अपनी परेशानियां होती हैं … और हर एक मनुष्य उस परेशानी मैं अपनी खुशी ढूंढना चाहता है. नमस्ते दोस्तो, देसी गर्म चुत सेक्स स्टोरी के इस मादक संसार में मैं रुचिका आप सभी का स्वागत करती हूँ.

मैंने भी उनके बदन से उनकी टीशर्ट और लोअर को उतारकर उन्हें नंगा कर दिया. तो उसने मेरे दूसरे निप्पल को चूसा और पहले वाले निप्पल को अपनी दो उंगलियों से दबा कर मींजा.

आप लोग इमेजिन सकते हैं कि मैं इस ड्रेस में कितनी कयामत लग रही होऊंगी.

उनका दूध जैसा गोरा शरीर देखकर मैं खुद के नसीब पर खुश हो रहा था कि आज मैं अपनी पहली चुदाई साक्षात काम देवी के साथ करने जा रहा हूँ, वो भी उसके साथ सुहागरात मनाते हुए.

लेकिन हर मर्द से नहीं … केवल उसी मर्द से जो आपसे सच्चा प्यार करता हो और आपके विश्वास के लायक हो. तभी मैंने देखा कि धीरू अंकल मेरे पीछे पीछे रसोई में आ गए और उन्होंने आते ही मेरी गांड पकड़ ली. हल्की भूरी रंगत लिए फूली हुई चूत अभी भी ज्यादा बजी हुई नहीं लग रही थी.

मैंने दूसरी ब्राण्ड पसन्द की और गार्ड को बोला कि आप भी पीने वालों में से हैं. मैंने कहा- ऐसे नहीं, यहां साथ में ही एक कोठी के ऊपर मेरा रूम है, जब भी तुम चाहो पार्क की बजाए मेरे कमरे में मिल लिया करो. मैं उस दिन पक्के में दो तीन बार मुठ मार कर खुद को शांत कर पाता हूँ.

मैंने एक दो बार उसे स्टार्ट करने की भी कोशिश की मगर वो अब स्टार्ट ही नहीं हुई.

मैं उनके लंड पर आगे पीछे हिलने लगी और वो मेरी चूचियों को मसलने लगे. जब पानी की बूंदें डेज़ी के मम्मों के ऊपर से गिर रही थीं तो मैंने इस लम्हे को पूरा इस्तेमाल करना चाहा. भाभी उसी के बहाने अपनी बात कह रही थी।मैंने कहा- जैसा आपको ठीक लगे, अब तो मैं आपकी व्यवस्था का हिस्सा हूँ.

इससे मेरी शॉर्ट नाइटी और ऊपर की ओर हो गयी … जिससे मेरी गांड पर थॉमस के हाथ जम गए. जीजू कमरे के बाहर खड़े थे।दीदी गुस्सा होकर बोली- जब नर्स कह रही है तो दिखा दो ना!इतना कहते ही दीदी ने मुझे बैड पर लिटा दिया और मेरी सलवार का नाड़ा पकड़कर खींच दिया. इससे मेरी शॉर्ट नाइटी और ऊपर की ओर हो गयी … जिससे मेरी गांड पर थॉमस के हाथ जम गए.

मैंने भाभी से सीधा लेटने के लिए कहा, तो भाभी पैर खोल कर सीधी लेट गईंभाभी की गांड के नीचे मैंने एक तकिया लगा दिया और उनके दोनों पैरों को मोड़कर छाती पर लगा दिया.

सनी मान गया और पब्लिक सेक्स का प्रोग्राम हमने अगले दिन के लिए फिक्स कर दिया. बेहोशी से ज़्यादा होश में प्यार का रंग कुछ और ही होता है, ये सोचकर मैं वहीं भाभी से चिपककर लेट गया.

बीएफ सेक्सी हिंदी में देसी फिर बारी आई उन टिप्स को आजमाने की!कुछ दिन बाद नीरा ने मुझे बताया कि उसकी सहेली की शादी है. एकता ने कुछ इधर उधर की बातें कीं और फिर अपनी फ्रेंड से कहा- यार, अरमान को लेकर उसकी मालकिन आ गयी है.

बीएफ सेक्सी हिंदी में देसी फिर मैंने उनके लंड को अपनी चूत के छेद पर रखा और नीचे बैठने लगी तो मेरी जान निकल गयी. मैं अंजलि के साथ रात बिताना चाहता हूँ और उसके साथ तुम्हारे ही घर में तब तक रहना चाहता हूँ, जब तक यह लॉकडाउन नहीं खुल जाता.

बहुत मदहोश कर देने वाली महक थी वो!जिससे शायरा की चुत की महक लेते लेते मैंने अब उसकी गीली पैंटी को एक‌ बार जीभ से चाट भी लिया.

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गीतिका की चूत पर कहीं भी कोई काला रंग नहीं था, चूत का गोरा रंग ऐसा ही था जैसे गीतिका के गाल थे. मैंने बिना समय गंवाए भाभी को अपना लंड निकाल कर मुंह में पकड़ा दिया। आएशा शहरी लड़कियों की तरह लंड चुसाई कर रही थी, बहुत मज़ा आ रहा था।उकड़ु बैठने से भाभी की चूत से वीर्य के थक्के बाहर निकल आए जो दो राउंड की चुदाई में दीपक ने अंदर छोड़ा था।साक्षात काम की देवी को सामने पाकर मैं अपने को अब रोक न सका. अर्चना एक हाथ से ही धीरे धीरे लौड़ा सहला रही थी और मैं अपनी बहन को धीरे धीरे सिर से लेकर पैर तक उलट पुलट कर चूमने लगा.

अब हम एक दूसरे की जीभ को चूस रहे थे और रश्मि मेरे निप्पल को जोर-जोर से मसल रही थी. मैंने तेजी से लंड चलाना शुरू कर दिया और 10-12 झटकों में मैं कांपते हुए मामी की गांड में झड़ गया. उधर सूरज मेरे लिए एक ऐसा लड़का ढूंढ रहा था जो मुझे तबियत से चोद सके.

हैलो फ्रेंड्स, मैं अंजलि शर्मा फिर से अपनी आगे की दास्तान के साथ आप सभी के सामने वापिस आ गयी हूँ.

तीसरा मेरे पिताजी चाहते थे कि मैं भी स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई में बेवजह टाइम बर्बाद करने की बजाय फैमिली बिजनेस को ही संभालूं. अनीता बोली- सच कह रहे हो!उसका पति बोला- हां रानी एकदम सच कह रहा हूँ. उन्होंने कहा- बच्चे जब से बड़े हो गए हैं और अपने दुनिया में व्यस्त हो गए हैं.

दीदी बोलीं- मेरी छिनाल बहन आज तो तेरी भी सारी गर्मी मेरे पति तेरी गांड से निकाल देंगे. मैंने उसके टॉप को ऊपर उठा कर चुचियों को बाहर निकाला और उन्हें दबाने और मसलने लगा. हम भी दोनों नीचे और ऊपर से झटके लगा रहे थे जिसकी वजह से नेहा और गीत को झटके लगाने की जरूरत नहीं हो रही थी.

जब भी मुझे ऐसा लगता कि लंड झड़ने को है, तो मैं चूत से लंड निकाल देता. उसके बाद अपने ममेरे भाई बहनों को विदा कर मैं अनु दीदी को अपने साथ लेकर बुआ के घर छोड़ दिया.

मैंने उस खिड़की का एक दरवाजा थोड़ा खोला और उसमें इतनी झिरी बना ली जिससे कोई आये तो दिखाई दे जाए. मुझे भी भाभी के करीब जाने के लिए उनके बच्चे से लगाव करना एक अच्छा उपाय दिखा. फिर मैंने अपना सामान इकट्ठा किया और धीरे धीरे जरूरत की सारी चीजें जुटा लीं.

फिर मेरी गांड के नीचे तकिया रखा और मेरे ऊपर आकर मेरी चूत में लंड पेल दिया.

शर्ट को उसने जीन्स में दबाया हुआ था जिससे उसकी चूचियों के निप्पल भी अलग से चमक रहे थे. मैंने एक छिपी नजरों से भाभी के चूचे देखकर अपनी नजरें इधर उधर कर लीं. खासकर तब तक नहीं जब तक कि वह अपनी चूत में तुम्हारी पूरी मुट्ठी ही न ले ले.

अब दोनों की (जिया और विनोद) का लव अफेयर चालू हुआ और उन्होंने शादी भी कर ली. कपिल ने डॉक्टर की सलाह मानते हुए मनीषा भाभी को गुड़गांव के ही एक हस्पताल में एडमिट करवा दिया.

लेकिन अब क्या हो सकता था … मम्मी को पता चल गया था।अगले दिन मम्मी मुझे लेकर अस्पताल गयीं जो कि मेरे घर से थोड़ी दूर था. रात को सोने का समय हुआ तो दादी ने मेरे लिए अमीश का लोअर टीशर्ट निकाल दिया. मैं- हां … आप भी कभी मौका दो तो‌ बताएं!मेरी इस बात पर वो लड़की भी झेंप गयी और उसकी आगे कुछ बोलने‌‌ की हिम्मत ही नहीं हुई.

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ये देख कर मैंने देर ना करते हुए लंड एक ही ज़ोर के झटके में चुत की जड़ तक अन्दर पेल दिया.

भाभी लाल साड़ी में पूरे मेकअप के साथ एकदम स्वर्ग की अप्सरा लग रही थी. अगर कहीं दीदी देख लेती तो पता नहीं क्या होता!और उनका लिंग तनाव में उठा हुआ था वे तो रात को अंडरवियर बनियान में ही सोते हैं।दोस्तो, एक बार पता नहीं कैसे मेरे पूरे शरीर में खुजली की बीमारी हो गयी. फिर थोड़ी देर फ़ोन पर बात करके मैंने फ़ोन काट दिया और मैं थॉमस के साथ अपनी चुदाई के दिन याद करने लगी.

इसके बाद मैंने अपने घर से परमिशन ले ली और अगले मंडे से हम लोग भी उसी समय पर अभिषेक के साथ इंग्लिश पढ़ने जाने लगे. जब मैंने भाभी के हाथ को अपने हाथ में पकड़ कर पूछा तो बोली- राज, उस दिन जब मैं बिन्दू की पिटाई कर रही थी तो मेरी मम्मी भी थी. वेरी वेरी हॉट सेक्सी मूवीयार तुमको चोदने का मजा ही अलग है।”तुम जिस तरह से मेरा साथ दे रही थी … उससे चुदाई का मजा दुगना हो रहा था।”मुझे लग नहीं था कि तुमको पहली बार चोद रहा हूँ.

हम दोनों अब नाग नागिन की तरह एक दूसरे से लिपट कर पूरी ताकत से एक दूसरे को कचोटते मसलते हुए चूम रहे थे. वे मुझे इस तरह से चोदने या काटने से बिल्कुल भी मना नहीं कर रही थीं.

वो अपनी चूत मेरे लौड़े पर रखने ही लगी थी कि मैंने कहा- मेरी टांगों की तरफ मुंह करके अपने चूतड़ मेरे लौड़े पर रख कर बैठ. मैंने निशी को भी इस बारे में बताया, तो उसने कहा कि देख ये सब तो आजकल आम बात है … और सब करते भी हैं. सरोज की मम्मी ने पूछा- सरोज सोने का कैसे अरेंजमेंट किया है?भाभी कहने लगी- मम्मी, मैं तो अपने बेडरूम में ही सोऊंगी.

उसने मेरे जिस्म के किसी कोने को छोड़ा ही नहीं और न ही एक जगह ज्यादा देर रूकी. इस तरह इन बुजुर्गों के सामने हमारी भी इज्ज़त रह जायेगी और ये शांत हो जाएंगे. यह बात सुनकर मेरी तो हालत ही खराब हो गयी।फिर जीजू बाहर चले गये और थोड़ी देर बाद पास के ही एक क्लिनिक से महिला नर्स को बुला कर ले आये.

कुछ देर ही बीती होगी कि रश्मि ने अपने पैर को मेरे पैर पर चढ़ा दिया और पंजे को पंजे से मुक्त करके अपने कैदी, मतलब मेरे ढीले और मुरझा कर लटक चुके लंड को उसने अपनी मुट्ठी में कैद कर लिया.

वहां से उसने मुझे फोन किया और बोली- क्या नर्स से सैटिंग कर ली!मैंने कहा- हां, शराब पीने के लिए इन नर्सों के बैठने का कमरा है. अब बातें मत करो, मेरी चूत तड़प रही है … जल्दी से अपना लंड चुत में डाल दो.

गीतिका की चूत पर कहीं भी कोई काला रंग नहीं था, चूत का गोरा रंग ऐसा ही था जैसे गीतिका के गाल थे. मगर मैंने मौसी को नहीं छोड़ा और उन्हें पकड़े ही रहा और उनके मम्मे दबाने लगा. भाभी- उम्म्हा … मुझे मर्द की छाती पर बाल बहुत पसंद है संजय … रजत के कम हैं, तुम्हारे तो बहुत हैं.

मामी को भी अपनी गांड में गर्म गर्म वीर्य मिला तो उनकी गांड की सिकाई हो गई. मुझे इस तरह देखकर वो जरा भी नहीं घबराई, बल्कि मुझे देखते हुए चुत रगड़ कर बोली- मैं जानती हूं … तू बड़ा चोदू किस्म का है. मैंने उन्हें जबरदस्ती अपने से अलग किया और बोली- क्या कर रहे हो जीजू … पागल हो गए हो क्या!जीजू बोले- यार मैं जब भी तुम्हें देखता हूं … तो पूरा पागल हो जाता हूँ.

बीएफ सेक्सी हिंदी में देसी जैसे ही अपना हाथ मैंने चुत पर रखा, तो दोनों कसमसाने लगीं और ‘आह्ह्ह … उह्ह्ह …’ करने लगीं. वो मेरे साथ ऐसे बर्ताव कर रही थीं, जैसे वो मेरी पत्नी या प्रेमिका हों.

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प्यार से करो इसके साथ!तो उन तीनों ने मुझे मुझसे माफी मांगी और बोले- हम तुम्हारी जैसी जवान लड़की को देखकर फिसल गए थे. ऐसी कभी कल्प्ना मैंने अब तक कभी नहीं की थी कि एक औरत मेरे साथ जबरन मैथुन करने पर उतर आएगी. मगर मुझे कुछ कुछ हैरानी भी हो रही थी कि जब आज मौसा जी घर में नहीं हैं और मौसी को कहीं बाहर भी नहीं जाना हैं तो ये इतनी हॉट सी क्यों सजी धजी हैं.

अपना लंड इसमें फंसा दो, मुझे मजे में चीखने पर मजबूर कर दो … आह्ह … मुझे जोर से चोद दो।वो अब आगे की ओर झुक गयी जिससे उसकी गांड और चूत के होंठ दिखने लगे. वो कंपकपाती आवाज से बोली- जीजा अभी कुछ न बोलो … पहले मैं एक बार अपनी चूत की प्यास बुझा लूं, फिर बात करूंगी. हिंदी गाना सेक्सी वीडियो मेंमेरे बाहर आते वक्त दोनों चाचियों ने जोर का ठहाका लगाया और हंसने लगीं.

आप इन्हें भी इसी सोसाइटी में फ्लैट दिलवा दो, क्या आप ये सामने वाला ट्राई नहीं कर सकते?मैंने कहा- इसका मालिक तो विदेश में रहता है.

उसकी गोरी कमर पर वो लाल पैंटी देखकर मेरी नजर तो वहीं पर उलझ कर रह गयी. देसी सेक्स आंटी स्टोरी में पढ़ें कि मैंने अपनी बड़ी चाची को एक लड़के के साथ एक रेस्तरां में देखा.

मुझे गुदगुदी हो रही थी और जब दर्द होता तो मैं दाएँ-बाएँ हिल जाती जिससे चैकअप सही से नहीं हो पा रहा था. तभी भाभी ने मुझे रुकने के लिए कहा और बोली- मेरी जान थोड़ा सा आराम से … पहली बार है ना … इसलिए धीरे धीरे करना. मेरा भी मन करता था कि मैं भी अपनी लाइफ को ऐसे ही इंजॉय करूं लेकिन मैं ये सब बात बताकर भाईजान की नजरों में गिरना नहीं चाहती थी.

एक बार दोबारा से कमरा हमारी जांघों की थप थप और बेड खिच खिच की आवाजों से भर गया.

मैंने उसका हाथ पकड़कर लंड पर रख दिया।अब मेरा हाथ उसकी पैंटी के ऊपर आ गया।उसकी सिसकारियां निकलने लगी. आह्ह … दोस्तो, क्या चूचे थे उस भाभी के! एकदम से गोल गोल गेंद के जैसे और बहुत ही तने हुए. आगे भाभी बोली- अब बिन्दू की सुनो, उसकी फुद्दी में भी खारिश होने लगी है.

ब्लू सेक्सी वीडियो इंग्लिश सेक्सीमेरी आप सब पाठकों से, खासकर नए पाठकों से या … ज़ो मेरी कहानी पहली बार पढ़ रहे हैं, उनसे एक प्रार्थना है कि वे मुझसे जो भी सवाल करना चाहें, कर सकते हैं. खुद को गालियां देते हुए वो अपनी गांड को कामुक अंदाज में पीट रही थी.

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”अच्छा?”ए जान … एक बार वो ब्रा पेंटी दिखाओ ना … कैसी लग रही है तुम्हारे शरीर पर?” मैंने पेंट के ऊपर से उसकी बुर को मसलते हुए कहा।वो … मुझे शर्म आती है।यार अब शर्म की क्या बात रह गई है?”आपने तो मुझे बिल्कुल ही बेशर्म बना दिया. प्यासी चूत एक लड़की की … सेक्स के लिये ब्वॉयफ्रेंड की नहीं मर्द की जरूरत होती है … मुझे सेक्स चाहिये. इसके बाद उसने अपनी वो थैली खोली और उसमें से एक मोटा सा डिल्डो निकाल लिया.

चूड़ियों के आकार के बाला, उसके रूप को ऐसा निखार रहे थे … मानो ये कई नवयुवती ना होकर कोई काम की दवी हो. मेरे मुँह से अचानक निकल गयी- ये क्या कर रहे हो?इतने में मॉम बोलीं- क्या हुआ?सनी बोला- देखो न मासी … मैंने सिर्फ इस टेडीबीयर को उठाया, तो बोल रही है. उनकी आंखों पर, होंठों पर, लंबी सी गर्दन पर, फिर उनकी रसभरी चुचियों पर मेरे होंठ कलाबाजी दिखाने लगे.

मैंने कहा- मौसी जान … आपने मुझे कोई इशारा ही नहीं दिया, वर्ना अब तक तो कब का चोद चुका होता. उसने अपनी गर्दन को पीछे करके अपने गाल मेरे गालों से लगा दिए और लंबी लंबी साँसें लेने लगी. मैं बाथरूम के बहाने भाभी के बेडरूम में गया और धीरे से भाभी को कहा- भाभी कपड़े पहन लो, नेहा किचन में है.

जब वो रस मेरी योनि तक पहुंचता, तो अपना मुँह मेरी योनि से लगा कर सारा थूक अपने मुँह में भर लेती और दोबारा जुबान से सारा थूक समेटते हुए वापस मेरे गुदा तक आ जाती और दोबारा थूक देती. मैंने बड़े प्यार से भाभी के चूतड़ों के बीच के किशमिशी छेद पर होंठ लगा दिए.

ठीक एक दिन बाद मुझे कॉल आया, तो मैंने कॉल उठा कर पूछा- कौन?तो वह बोली- मैं डेज़ी हूं.

निशु का शरीर एकदम चिकना था और उसकी स्किन बहुत ही मुलायम मालूम पड़ रही थी. सेक्सी वन वीडियोमैंने गीतिका से पूछा- तुम्हारे हसबैंड का लण्ड कितना बड़ा है? और तुम्हारी सेक्स लाइफ कैसी है?गीतिका कहने लगी- यदि मेरे हसबैंड का लण्ड किसी काम का होता या मेरी सेक्स लाइफ रंगीन होती, तो क्या तुम्हें मेरी चूत इतनी साफ और चमकीली मिलती? मेरे हसबैंड का लण्ड नहीं है, उसकी तो लुल्ली है और वह भी मौके पर काम नहीं आती. सेक्सी मूवी बफ पिक्चरठरकी डॉक्टर की कहानी में पढ़ें कि एक दिन मुझे मेरी चूची में दर्द महसूस हुआ. उन दोनों का हाल ये था कि रोहन को कुछ करना नहीं आ रहा था औ र… बस केवल मुठ मरवाने में ही मज़ा ले रहा था.

मैं क्या बताऊं कि कैसे वो मेरी चिकनी बिना झांटों की चूत को चूस और चाट रहा था.

उसके निप्पलों को काट काटकर मैं चूस रहा था और दीदी सिसकारती जा रही थी. मैं तो बस शायरा का हालचाल पूछने और उसके साथ पहले के जैसी दोस्ती करने आया था. फिर अपनी बॉडी की चमक देखना।मैं बोली- अब मैं नहीं रुक सकती यार … पहले ही बहुत देर हो गई है। सन्नी पहुँचने वाला है। मुझे जाना होगा।फिर वो बोला- यार बॉडी को सुखाना जरूरी है।तभी वो बोला- एक काम हो सकता है।मैं बोली- क्या?उसने पूछा- तुम अपनी गाड़ी से आई हो ना?मैं बोली- हाँ … क्यू?तो वो बोला- तुम बिन कपड़े पहने चली जाओ। इतने में तुम्हारा जिस्म सूख जाएगा.

लेकिन दो-तीन दिन बात करने के बाद जब उन्हें विश्वास हो गया कि मैं उनके विश्वास के लायक आदमी हूं. चाचा जी की फरमाइश के अनुसार ही मैंने उनके द्वारा दी हुई वही सेक्सी ड्रेस पहन ली और बाल खोल कर कर्ल कर लिए और स्टाइल से बांध लिए. मैं- माँ, अभी समय ही नहीं मिल पा रहा है कि किराये का कोई फ्लेट देख सकूँ.

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उसने लंड को निकाला और रिया को नीचे पटक कर उसके मुंह के पास लंड को लाकर जोर जोर से मुठ मारने लगा- आह्ह साली कुतिया … आह्ह ये ले रंडी … आह्ह सस्स … आह स्स्स … करके वो तेज तेज मुठ मारने लगा. दारू गटकने के बाद वो उठी और आंखों से मुझे बाथरूम में चलने का इशारा किया. मल्लिका को गये दूसरा ही दिन था कि दादी का फोन आया- विजय, मुझे मूव क्रीम लाकर दे दो.

दीपिका- आप उस दिन इतने नाराज क्यों हुए थे?मैंने कहा- दीपिका जी, मैं लेडीज की इज्जत करता हूँ और आपके हस्बैंड आपसे बद्तमीज़ी से पेश आ रहे थे जो मैं सहन नहीं कर पाया था.

करीब 11 बजे तक नर्स ने सासू माँ की ड्रिप उतार दी और दवाइयाँ भी दे दी.

मैंने सोचा कि उस दिन भाभी मुझसे कप को साफ़ करके चाय पिलाने को कह रही थीं … आज देखो अपने बिस्तर में मेरे सामने एकदम नंगी हैं और आज ये मेरे लौड़े का पानी भी पियेंगी. पर उसने मुझे क्रूर नजरों से मुस्कुराते हुए ऐसे देखा मानो उसके मन में बरसों की कोई शत्रुता छिपी हो … और अब उसे प्रतिशोध लेने का अवसर मिल गया हो. मोबाइल नंबर लड़की काशायरा की पैंटी से हाथ निकालने से वो कुछ रिलैक्स हो गयी थी, इसलिए उसने फिर से अपनी आंखें खोलकर मेरी ओर देखा, मगर जब उसने मुझे इस तरह अपनी चुतरस से सनी उंगलियों को चाटते देखा, तो वो शर्मा गयी और फिर से अपनी आंखें बन्द कर लीं.

मैं उस हर एक पल को जीना चाहता था और शायरा के साथ बिताए हर एक क्षण को यादगार बनाना चाहता था, इसलिए मैं भी शायरा को किस करता गया और शायरा मुझे किस करती गयी. उसने एक काली जीन्स, जो उसकी टांगों में बुरी तरह से फंसी हुई थी, पहन रखी थी. उसने दरवाजा खोला और मुझे देख कर मुस्कुराते हुए बोला- मुझे पता था कि तुम जरूर आओगी.

कविता बहुत कम समय में ही मुझे उत्तेजित कर चरम सीमा के पास ले आयी थी. दीपिका ने मेरी आँखों में देखते हुए अपनी दोनों आंखें बंद करके सहमति दे दी.

वे जाने लगी तो मैंने पूछा- आँटी दुबारा लाइट कब जायेगी और रात को कब आओगी?आँटी बोली- थोड़ा दिमाग लगाओगे तो कभी भी लाइट जा सकती है.

मैंने जैसे ही अपने हाथ को फिराते हुए उनकी छाती पेट और फिर नीचे चूत पर फिराया तो भाभी ने एकदम अपनी टांगों को चौड़ा किया और बोली- आओ!मैंने अबकी बार नीचे खड़े हो कर भाभी को दोनों टांगों से पकड़ा और बेड के किनारे की ओर खींच लिया. मेरे आंसू पौंछकर वे बोले- मेरी जान, कैसा लगा?तो मैंने कहा- बहन के लोड़े … अगर मैं मर जाती तो तेरी मां चोद देती! बहन के लंड … मादरचोद … ऐसे भी कोई करता है क्या? साले मैं भागी थोड़ी ना जा रही थी कहीं! तू मुझे चोदने ही तो आया था. मैंने फिर कहा- आपने बताया नहीं दीपिका जी?दीपिका धीरे से बोली- मुझे नहीं पता, अब फोन पर कैसे बताऊं?मैं- चलो, आ कर बता देना.

क्सनक्स सेक्सी विडिओ उन्हें गर्म लगने के कारण वो घबरा गईं और उन्होंने वहीं पर अपनी साड़ी निकाल दी. मैंने जिया के मम्मे दबाते हुए उसकी चुत को जीभ से चोदना शुरू कर दिया.

थोड़ी देर में ही उन्होंने लंड चूस कर उसे खड़ा कर दिया और बोलीं- आज रात मैं तेरी कुतिया हूँ. रिया- हाँ बोल रेहाना, इतनी सुबह-सुबह कैसे याद किया?रेहाना- मुझे तुझसे मिलना है।रिया- ठीक है 1 घंटे में आती हूँ तेरे घर पर!रेहाना- मुझे तुझसे अभी मिलना है।रिया- अभी?रेहाना- हाँ अभी, बहुत ही अर्जेंट काम है।रिया- अब इतना भी अर्जेंट क्या है, तू मुझे फ़ोन पर ही बता दे।रेहाना- अरे यार, यह फ़ोन पर बताने वाली बात नहीं है।रिया- ऐसा भी क्या है जो तू मुझे फ़ोन पर नहीं बता सकती. बदले में मम्मी भी उनसे कह रही थीं- आह भड़वे साले मादरचोद … चोद दे कमीने … क्या हुआ आज तेरे लंड में बड़ी सुर्खी आई हुई है … आह चोद अन्दर तक लंड पेल दे हरामी.

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रोहन मेरी पीठ सहलाते हुए मुझे शांत करवाने लगे और बोले- तुम चिंता मत करो, मुझे पता है तुम सब संभाल लोगी. हम दोनों पसीने से लथपथ हो गये थे लेकिन चिपक कर लेट गए।30 मिनट बाद वो उठी बाथरूम चली गई मैं भी उसके पीछे पीछे चल दिया।दोनों ने पेशाब की मैंने उसे गोद में उठाया और बिस्तर पर ले आया।उसने मुझे अपनी बांहों में खींच लिया और चूमने लगी मैं भी उसके पीछे से हाथ फेरने लगा।मेरा लौड़ा फिर से खड़ा होने लगा. तो दोस्तो, जब उस दिन हम पहली बार मिले तो हमारे बीच में इतना ही सब कुछ हुआ था जो मैंने आपको बताया.

मौसी को लेकर कभी भी मेरे मन में उनके लिए कोई गलत विचार नहीं आया था. दोनों चाची अब मेरे खाने पीने का कुछ ज्यादा ही ख्याल रखने लगी थीं और दोनों मुझे हर वक़्त अपने साथ रखने लगी थीं.

अब मुझसे उनके धक्के बर्दाश्त नहीं हो रहे थे क्योंकि मजा सिर्फ तभी आता है जब आग दोनों तरफ लगी हो.

उसकी गर्दन चाटते ही उसके मुख से निकल पड़ा- अमन प्लीज़ यार … अंदर डालो! तड़पाओ मत!लेकिन मैं कठोर बन उसकी गर्दन, उसके कंधे चाट रहा था. हल्की भूरी रंगत लिए फूली हुई चूत अभी भी ज्यादा बजी हुई नहीं लग रही थी. मैंने कैसे उस बुर्कानशीं लड़की की मदद की?प्यासी चूत एक लड़की की कहानी के पिछले भागमज़हबी लड़की निकली सेक्स की प्यासी- 1अब आगे की एक लड़की की प्यासी चूत कहानी:मुझे लगा कि वह खुद ही श्योर नहीं थी कि उसे चाहिये क्या।मुझे लगा था कि अब वह कल ही शकल दिखायेगी.

जिससे गीलापन बना रहता था और थोड़ी देर तक ठंडा ठंडा लगता था, मज़ा भी आता था. मामी बोलीं- छह दिनों से इस चुत के अन्दर तेरा लंड नहीं गया है, तूने इसे चाटा भी नहीं है. mp3मेरी गांड से बहुत ही गंदी आवाजें आ रही थी- फोचच चच फोचच्च्च!उनका हर एक धक्का किसी हथोड़े की तरह मेरे चूतड़ों पर लग रहा था।वो झुक कर मेरे गालों को चूमते हुए मेरी गांड चोदे जा रहे थे।करीब 15 मिनट की चुदाई करने के बाद उन्होंने अपना सारा माल मेरी गांड में भर दिया।उनके लंड निकालने के बाद ऐसा लग रहा था कि मेरा छेद खुला ही है.

आंटी ने मुझसे पूछा- अच्छा यह बताओ, ये जो नीचे मेरी गाय घूम रही हैं इनमें से तुम्हें कौन सी पसंद है?मैं आंटी की आंखों की तरफ देखने लगा.

बीएफ सेक्सी हिंदी में देसी: मैंने नाटक करते हुए थॉमस को साधारण सा ‘हैलो’ बोला और उसे अन्दर बुला लिया. ब्रा मुझे टाइट आ रही थी, उसमें सिर्फ मेरे आधे बूब्स ही आ रहे थे और मेरे मम्मों की दरार पूरी दिख रही थी.

मैंने पूछा- आपकी चूत रानी भी तैयार हो तो … हो जाए एक और चुदाई का दौर?आँटी कहने लगी- नहीं, बस अब सो जाते हैं. वो भी कह रही थी कि मैंने बहुत से इंडियन बॉय से चुदाई करवाई है लेकिन अरमान की तरह किसी ने नहीं चोदा. अनीता बोली- अभी पहले मैं दो घंटे नींद लूंगी, तुम बच्चों को तैयार करके स्कूल भेज देना … और हां स्कूल छोड़ कर आते समय, फूफाजी के लिए व्हिस्की की चार पांच बोतलें अलग अलग ब्रांड की लेते आना.

सरोज बोली- लेकिन मुझे अपने बेड पर भी किसी दूसरे के साथ नींद नहीं आती.

उनके जाने के बाद मैं दीपिका के बारे में ही सोचता रहा, उसके सेक्सी गुदाज बदन के हर अंग को मैं कल्पना में छूता रहा. कोई पेंशन लेने आया था, तो कोई एटीएम कार्ड लेने, कोई आधार जमा करवाने. मेरे इन उन्नत चूचों को मसल दे … इनको अपने होंठों में ले कर खूब चूसे.