इंदौर बीएफ

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लेकिन उस सख्ती में एक मुलामियत का अहसास था… मैंने उन्हें दबाते हुए मेरी जीभ उसकी नाभि पर गोलाई में घुमाना शुरू किया. चोदा चोदी करेला सेक्सी वीडियोमैं उसकी क्लास में जा पहुंची और उसकी अध्यापिका के पास जाकर बोली- वेदांत को मिस मोनिका बुला रहीं हैं…!!!वो मेरे साथ बाहर आया.

मैं समझ गई थी कि वो क्या कहना चाहता है।उसने अपना हाथ बढ़ाया और मेरे हाथ पर रख दिया और बोला- भाभी अब काफी सर्दी लग रही है, अब क्या करूँ?उसका हाथ पड़ते ही मैं शरमा गई और बोली- क क. हरियाणा सेक्सी भेजोमैं बिहार प्रान्त के हाजीपुर जिले का रहने वाला हूँ। उम्र 25 साल होगी…काम के सिलसिले में लुधियाना अक्सर जाना रहता था! वहीं कुकरेजा साहब को नौकर की ज़रूरत थी तो सोचा क्यों न मैं ही लग जाऊँ! साहब का बड़ा कारोबार था! वो अक्सर विलायत में रहते थे और मेमसाहब हमेशा पार्टी क्लब में रहती थी! उनकी एक बेटी थी.

इतने दिनों से लण्ड की चाहत में तड़पती रही थी और अब अचानक ही जैसे मन चाही बात बन गई.इंदौर बीएफ: चित्रा के साथ सेक्स करते हुए पकड़े जाने के बाद दीदी की आग शांत करने की जिमेदारी मेरे मजबूत लौड़े पर आ गई.

फ़िर मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर रखा और अंदर करने लगा, निधि की चूत कुंवारी होने के कारण काफी टाईट थी.मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि जिसके बारे में सिर्फ सपने में सोचता था वो अचानक मेरी होने वाली थी.

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वो अपनी चूचियों को मेरे नज़रों से छुपाने की कोशिश कर रही थी, मैंने उसे थोड़ा परे किया और अब मैंने अपना चेहरा उसकी चूचियों पर रखा और उसके निपल मुँह में लिया.मम्मी अपनी बात जारी रखते हुए : बेटा कौन से स्कूल में पढ़ते हो? कहीं ट्यूशन भी लगा रखी है क्या.

नही… तो मैं तो बस… ऐसे ही?’‘हम्म… पर मैंने देखा था कि तुम तो अपने उसको पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से हिलाते भी हो?’‘वो. इंदौर बीएफ फिर कब मिलोगे?मैंने कहा- तुमने मुझे पहला सेक्स अनुभव कराया है! तुम जब बोलोगी, मैं हाजिर हो जाऊँगा.

लेकिन मैंने मजबूती से उसे पकड़ रखा था इस कारण वो कुछ नहीं कर पाई और उसका मुंह मेरे हाथ से बंद होने के कारण उसके मुंह से गूँ गूँ की आवाजें आने लगी और उसके आंसू बहने लगे.

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फिर तौबा रे, उसका सख्त लण्ड मेरे चिकने गोलों को चीरता हुआ पेटीकोट समेट चूतड़ों के मध्य घुस गया. मैं तेज़ क़दमों से टेंट के पास गया तो मैंने देखा कि ज़ाहिरा ने बड़े तम्बू में एक पर्दा लगा कर अपने लिए अलग कमरा सा बना लिया था और एक मोमबत्ती उसके कमरे में जल रही थी. नए पाठकों को बता दूँ कि मेरा नाम अमित अग्रवाल है और मैं रोहिणी, दिल्ली का रहने वाला हूँ, एथेलेटिक शरीर का मालिक हूँ और मेरा लण्ड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.

उसने फिर से 3-4 चांटे मेरे गाल पर मारे और जल्दी से मेरे दोनों बोबों को अपने मुँह में ले लिया और उन्हें तेजी से चूसने लगा. अब राजू की धक्को की स्पीड बढ़ने लगी थी और ट्रेन के हिलने की वजह से मुझे भी दोगुना मज़ा आ रहा था. मुझे लगा कि अगर सोनू को थोड़ा और उकसाया जाये तो वो खुल सकती है, शायद चुदने को भी राजी हो जाये.

आखिर उसने मुझसे वो पूछा जिसके बारे में मैंने नहीं सोचा था, उसने कहा- तुम मुझसे और बाकी मुसलमानों से नफरत क्यों करते हो?मैंने कहा- मैं नफरत नहीं करता. ?मैं अपना हाथ छुडाने की कोशिश करते हुए बोली- मैं बुरा नहीं मानूंगी… लेकिन मेरा हाथ तो छोड़ो!इस तरह यह पहला वाकया था जब किसी लड़के ने मेरा हाथ पकड़ने की कोशिश की थी, कोशिश क्या पकड़ ही लिया था…वो: नहीं पहले आप वचन दो कि बुरा नहीं मानोगी…मैंने परेशान होकर कहा- हाँ बाबा, मैं बुरा नहीं मानूंगी, तुम मुझसे जो कहना चाहते हो वो कह सकते हो लेकिन मेरा हाथ छोडो. अब वो फिर मेरी चूत में उँगलियाँ करने लगा… और मुझे अपना लण्ड चूसने पर मजबूर करने लगा…विश्वास रख.

जैसे ही चूत और लण्ड की गरमी एक हुई और बेहाल हुई रीटा ने निढाल सी होकर चूत ढीली छोड़ी तो कसाई राजू ने अधमुइ रीटा को रूई पिजंने वाली मशीन की तरह पिजंना शुरू कर दिया. उसके मुँह से आवाज निकलने लगी तो मैं समझ गया कि वो जाग रही है और सोने का नाटक कर रही है.

कभी तो चाची अपनी अंगुली मेरी गाण्ड में चलाती तो कभी जीभ को उसमे घुसाने का यत्न करती.

खाना शुरू करते हुए मैंने सोचा कि खाने के बीच मैं टीटी टिकेट चेक करने आ गया तो बीच में उठ कर टिकेट निकालना पड़ेगा ये सोच कर मैंने अपने पर्स में रखा टिकेट निकाल लिया.

एक लड़का जो थोड़ा शर्मीला था उसका चरित्र अपनी फ़ुफ़ेरी बहन और सगी बहन के साथ सेक्स करने के बाद बदल चुका था क्योंकि जिस बहन की वो इज्जत करता था वो बहन अब उसकी तथाकथित बन चुकी थी. फिर थोड़े देर बाद उठी और आंटी ने मेरे गाल पर एक चुम्मा ले लिया और कहा- बेटा, बहुत मजा आया! आज काफी दिनों बाद चुदी हूँ, शरीर हल्का हो गया!मैंने कहा- आंटी, मैंने तो आपकी गांड भी चोदनी है. निकली। अब मैंने उससे कहा कि अपने कान की लम्बाई नापो। ये काम तो मुझे ही करना था। इस बार मैंने उसका दूसरा गाल भी छू लिया। क्या मस्त मुलायम चिकना स्पर्श था। साली के गाल इतने मस्त हैं तो चूचियाँ तो कमाल की होंगी। ख़ैर कान का नाप भी 9 से.

यह सभी कुछ हम बारिश में गीली छत पर ही कर रहे थे और मुझे लगा काम को आखिरी अंजाम देने के लिए हमे बेड पर जाना ही पड़ेगा. । कितनी ही पिचकारियाँ मेरे लंड ने दनादन छोड़ दी। सुधा तो जैसे निहाल ही हो गई उस अमृत को पी कर। उसका व्रत टूट गया था। उसने एक चटखारा लेकर कहा वह मजा आ गया मेरे लन्दोईजी !”आपका व्रत तो टूट गया पर मेरा कैसे टूटेगा ?”नहीं. मैं उसे बांहों में पकड़े हुई थी, तभी मैडम आ गई …घबरा कर हम दोनों अलग हुए, रोहित का लंड जैसे अन्दर से निकला सारा पानी फर्श पर बिखर गया.

मैं तो पहले ही झड़ने के करीब थी इसलिए उसका लंड आराम से झेल गई और चिल्लाते हुए झड़ने लगी,’ हाँ.

दीदी स्वाति और चित्रा के साथ सेक्स का मजा लेने और दीदी के साथ सेक्स करने की आजादी मिलने के बाद मैंने काफी दिनों तक उनके साथ सेक्स किया. अगली रात चली तो गई लेकिन अँधेरा होने की वजह से किसी और की बाँहों में जा बैठी!या सोचा समझा धोखा था? जो भी था, रहस्य है, दो के साथ? बहुत आया! क्या बहुत आया?जानने के लिए अगली कड़ी ज़रूर पढ़ना![emailprotected]. तब हड़बड़ा कर उन्होंने कहा- यह अभी-अभी सोया है, कच्ची नींद में है इसलिए इसे अभी यहीं सोने दे.

मेरा भाई-भाभी भी जॉब पर चले जाते थे और घर में मैं और चित्रा बचते थे मगर फिर भी मेरी चित्रा से बात करने की हिम्मत नहीं होती थी क्योंकि तब मैं थोड़ा शर्मीला था. और जोर से करो…मैं अपनी स्पीड बढ़ाने लगा और वो आह अह्ह चिल्लाने लगी।और फिर उसने दोनों हाथ मेरी पीठ पर लगा दिए और अपने नाखून मेरी पीठ पर चुभा दिए…मुझे पता चल गया वो झड़ गई है. ? तो तू क्या है? रण्डियो की रानी? जब सिपाही तुझे मसल कुचल रहे थे, तब कहाँ था तेरा सतीत्व.

अब मेरा लंड चूत के अन्दर-बाहर होने लगा।मेरा लौड़ा पूरा गर्म हो गया था, मुझे ज़िन्दगी का असली आनंद मिलने लगा था …….

मैंने देखा कि चूत पर एक भी बाल नहीं था शायद प्रिया ने अपनी चूत की ताजी-ताजी सफाई की थी. सुबह सुबह मम्मी ने बहादुर को रीटा के कमरे में रीटा का स्कूल बैग तैयार करने के लिये भेज दिया.

इंदौर बीएफ प्रिया फटाफट से खोल ! अब रहा नही जा रहा है।क्या खोलूँ राजा?मैंने कहा- फिलहाल तो सिर्फ़ बोतल खोल, बाकी तो मैं संभाल लूँगा…उसने बड़े ज़ोर से मुझे कोहनी मारी और कहा- बदमाश कहीं के !उसने बीयर की बोतल खोली, एक ग्लास भरा और दूसरा ग्लास लेने के लिए बोतल अपने टाँगों के बीच में रखी. वो बोला- जानेमन, अभी तो पूरा अन्दर भी नहीं गया…और तुम अभी से…?मैंने कहा- नहीं और नहीं… मेरी चूत फट जाएगी…उसने कहा- ठीक है, इतना ही सही…और फिर वो मेरे होंठों को चूमने लगा…मैं भी उसका साथ देने लगी…फिर वो आधे लण्ड को ही अन्दर-बाहर करने लगा, मेरा दर्द कम होता जा रहा था.

इंदौर बीएफ मैंने कहा -तुम्ही ने तो कहा था कि आप जो कहेंगे मै वो ही करूंगी, तो अब क्यों मना कर रही हो और ध्यान रखो कि अभी भी तुम्हारा वो लैटर मेरे पास है, मै उसे प्रिंसिपल को दे सकता हूँ. अच्छा चलो कोई बात नहीं कभी कभी मुट्ठ मारना भी अच्छा रहता है ?पर आप हैं कौन ?नाम जानकर क्या करोगे ?नहीं पहले अपना नाम बताइये !चलो, मैं तुम्हारी एक चाहने वाली हूँ !कोई नाम तो होगा ?मुझे मैना कह सकते हो ?मैना.

मेरा लंड लुंगी के बाहर झांकना चाह रहा था…चिकनी पीठ मानो मक्खन जैसे…घुटने और पिंडलियाँ… यौवन की मलिका.

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बीच बीच में वो बोबों को भी मसल देता, चुचूक तो इतनी घायल हो चुकी थी कि अगर मेरा बच्चा भी होता तो छः महीने में उसको दूध नहीं पिला पाती. वो आःह ऊओह्ह्ह्ह आआह्ह! भाई और तेज करो! आह्ह्ह भैया मैं झड़ रही हूँ! कुत्ते, तेजी से मार अपनी बहन की चूत! आआह्ह्ह्ह मैं मर गई. फिर कुछ देर चूमने के बाद मैंने उसकी आँखों में देखा और उसको ‘आई लव यू ‘ बोला, वो शरमा कर नीचे देखने लगी और फिर उसने भी हिम्मत कर के ‘आई लव यू टू बोला’.

तुम स्पीड और तेज़ करो !फिर मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी…करीब बीस मिनट बाद मीनाक्षी झड़ गई…लेकिन मैं नहीं झड़ा। फिर मैंने भाभी की चूत में अपना 7. वास्तव में जब से मैंने अपने किरायेदार प्रशांत से उसे रात में चुदवा कर लौटते समय देख लिया था. फिर मैं अपने पैरों को धीरे धीरे ऊपर करने लगा, उसके पजामे के ऊपर से ही मैंने अपने पैरों से उसके घुटने सहलाने लगा.

मैंने उसे कहा कि मैं भी इसी समय ऑफिस से निकलता हूँ अगर आपकी फिर कभी बस मिस हो जाए तो मुझे कॉल कर दीजिएगा, अगर मैं ऑफिस में रहा तो आपको ले लूँगा.

। जब तुमने मुझसे बाम मसलवाई थी तो मैंने तुम्हारी योनि देख ली थी। बस यूँ ही दिल चाहने लगा…. ‘भाभी, देखो तो आपकी टांगें चुदने के लिये कैसी उठी हुई हैं… अब तो चुदा ही लो भाभी…!’‘देवर जी ना करो! भाभी को चोदेगा… हाय नहीं, मुझे तो बहुत शरम आयेगी…!’‘पर भाभी, आपकी टांगें तो चुदने के लिये उठी जा रही है’ उसने लण्ड को मेरी चूत की तरफ़ झुकाते हुये कहा. बाजी की इतनी बड़ी चूची थी कि राज अंकल के मुँह में नहीं आ रही थी, फिर भी राज अंकल बाजी की चूची को पी रहे थे.

मैंने उसको एक सेरिडान की गोली दी और बाहर आते हुये उसके कमरे का दरवाजा भी भेड़ दिया. और वोह सिसकारने लगी- डाल दे बेटा अपनी आंटी की चूत में अपना लंड !अभी लो आंटी ! यह कह कर मैंने अपना लंड घुसा दिया और घुच घुच करके चोदने लगा।और जोर से चोद. बड़े आये लण्ड वाले !”आभा की सहेली मिनी बहुत ही सेक्सी थी, कैसे उसने मुझे बुला कर अपनी अदम्य-वासना तृप्त की….

तुने मेरे ऊपर पेशाब किया है ना…’रोहित ने अपना लण्ड तुरंत बाहर निकाला और जोर लगाया… फ़िए एक झटके से लण्ड को मेरी गाण्ड में पेल दिया।‘कुत्ते… हरामी. तो दोस्तो, यह थी मेरी कहानी !वैसे तो मेरी बहुत सी कहनियाँ है पर वो सब फिर कभी …आपको मेरी कहानी कैसी लगी, यह जरूर बताएँ ![emailprotected].

जब मैंने उसको सहलाया, तब 1-2 मिनट बाद बोली- आज के बाद मैं तुम्हारा चेहरा भी नहीं देखना चाहती…मैंने उसको बताया- जान, पहली बार में तो दर्द होता ही है… देखो पूरा चला गया है अब दर्द नहीं, बस मज़ा है…. तेरा बाप फिर तेरी माँ नै उठा उठा कर चोदे सबेरे तैं …मैं : चलो मौसी यहाँ से …हम दोनों वहाँ से वापिस चलने लगे …मध्य रात थी …मैं : मौसी … मौसा जी भी तो हट्टे कट्टे है वो भी तो …मौसी : बस देक्खण मां ही …कुछ ना होत्ता उसतै ! फिस्सड्डी साला ! … ब्याह की पैल्ली रात नै मैं बूझ गी ती … मन्नै मज़ा देणा इसके बसकी बात नी …मैं : क्या ? सच में ?मौसी : हाँ … है के उसकै धोत्ती मै? जरा सा डण्डी सा. फिर उसके साथ सेक्स बहुत बार हुआ और वो मेरे जीवन से मस्त जुड़ गई और उसने अपना जिस्म मेरे सिवा आज तक किसी और को नहीं दिया.

मेरे घर से साथ वाले घर में एक सिख परिवार रहता था, उस परिवार में अंकल आंटी और उनका बेटा सनी रहता था, अंकल कनाडा में रहते थे, कभी कभी ही भारत आते थे.

उसकी पीठ पर हाथ फ़ेर कर उसे उत्तेजित करने का प्रयत्न करता था। उसके जिस्म की कंपकंपाहट मुझे भी महसूस होती थी। पर उसने कभी भी इसका विरोध नहीं किया। एक बार सर्वांग आसन कराते समय मैंने उसके चूतड़ों को भी सहलाया और दबाया भी। उसके चूत का गीलापन भी मुझे दिखाई दे जाता था…. प्रेम एक दैविक शक्ति है… और इस शक्ति से ही इस जीवन ओर सरे विश्व का निर्माण हुआ है…उसकी जलेबी सी बातें सुनकर एक बार तो मेरा भी सर घूम गया था…एक बार तो मुझे भी लगा कि कोई साध्वी टकर गई. मेरा नाम राजेश है, मैं अन्तर्वासना का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ और सभी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। मैं अपनी कहानी कई दिनों से आपसे कहने की कोशिश कर रहा था सो आज लिख रहा हूँ।मैं एक अच्छे घर-परिवार से हूँ। मेरी उम्र 25 साल, कद 6 फीट, मेरे लिंग की लम्बाई 6.

और तेज……”हम दोनों पसीने से लथपथ हो चुके थे। सर्दियों की इतनी ठण्डी रात में भी हम बिना कपड़ों के पसीने से भीगे थे। मैं पूरी गति से लगा हुआ था। मेरी सांसें उखड़ रही थी। मैं उन पर काबू नहीं कर पा रहा था।ओह आंटी, अब मैं काबू नहीं कर पा रहा हूँ! प्लीज़ कुछ कीजिये !”बस अब तेज तेज धक्के मार……आह …… ओह… मेरे राजा…… मेरा तो हो गया…… अब मैं जाने वाली हूँ…… जल्दी कर… तेज तेज धक्के मार……. तो आंटी बोली- रुको सागर! चाय तो पी लो!मैंने कहा- ठीक है!फिर आंटी चाय बनाने के लिए रसोई में चली गई और मैं टीवी देखने लगा.

साथ ही मैंने नीना से कहा- तुम प्रशांत को मेरी जानकारी में इस खुलासे की कहानी मत बताना. क्या तो मस्त बला लग रही थी वो!मैंने चूमते हुए उसके स्तन भी दबा दिए।फिर मैंने उसका कुर्ता उतारा!पहले तो थोड़ी देर मस्त स्तनों को ब्रा में से ही दबाने लगा फिर ब्रा उतार कर उसके स्तनों को आजाद कर दिया।उसके मोटे मोटे स्तन बड़े शानदार लग रहे थे। मैंने उसके स्तनों का दूध पीना शुरू कर दिया. अंकल, भचीड़ लगाओ ना… मेरी मां को चोद दो ना!’‘अच्छी तरह से देख ले गौरी! अपनी मां को चुदते हुये, है ना मस्त चूत तेरी मां की!’मैंने राधा को चोदना आरम्भ कर दिया था.

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मैं समझ गई कि आज फिर से मेरी चूत का बाजा बजने वाला है लेकिन बाजा यह मुकेश बजाएगा, यह बात मेरे गले नहीं उतर रही थी.

सारे नजारे एक एक कर मेरी आँखों के सामने घूमकर खत्म होते ही मेरी नजर बबलू पर पड़ी उसकी निगाह मेरे ब्लाउज के ऊपर अटकी थी. सुबह नीचे आने के बाद मुझे बहुत ग्लानि महसूस हो रही थी कि मैंने अपनी बहन के साथ सेक्स किया मगर मुझे रह-रह कर उसकी उसकी मस्त चूचियों की चुसाई और उसकी चूत की खुशबू भी याद आती. आज की मेरी कहानी भी ऐसी ही एक शादीशुदा औरत की है जिसे चुदवाने की तो बड़ी इच्छा होती है लेकिन वो कभी किसी से भी बात नहीं कह सकी ….

उनके पीछे उनका बॉस श्यामलाल आया और चपरासी से तीन चाय कह कर मुझे और दीदी को अपने कैबिन में बुलाया. दर्द से मैं कराहने लगी, बीच बीच में मैं चिल्ला भी पड़ती थी मगर उसे कुछ फ़र्क नहीं पड़ रहा था। उसने तो आज अपनी बहन की चूत फ़ाड़ने का सोच ही लिया था…वो मेरे निप्पल चबाने लगा, मैं मदहोश हो चुकी थी पूरी तरह. सेक्सी हॉट फुल एचडी वीडियोविश्रांती की मादक मुस्कराहट ने और भी मजा भर दिया… फिर विश्रांती की पेंटी को एक ही झटके में खोल दिया….

मैं किसी को इस बात की खबर नहीं लगने दूंगी।आरती- भाभी, अगर यह बात किसी को भी पता चली तो मेरी शादी टूट जाएगी।मोना- तू फिकर मत कर. हो चुका था, मैंने गाँव में स्कूल ज्वाइन कर लिया, टीचर बन गई वहाँ भी और टीचर मुझ पर लाईन मारते, पर मैंने किसी को घास नहीं डाली।फिर मेरे पति को वापिस चेन्नई बुला लिया तो चले गए तो मैंने भी स्कूल छोड़ दिया और पीहर आ गई !पर मेरी असली कहानी तो बाकी है।[emailprotected].

’ कहते हुए उसने मेरी गांड में अपना 18 साल का जवान लंड चीरता हुआ अन्दर तक घुसा दिया। मैं चीख उठी। उसने फिर गांड फाड़ देने वाला धक्का लगाया। मैं फिर चीख उठी। उसके धक्के बढ़ते गए। मैं चीखती रह गई. । सोरी मैम… ‘मैंने उसे गले लगा लिया। उसकी चुदाई से मैं गहराई तक सन्तुष्ट हो गई। महिमा भी मुझ से लिपट गई,’रोहित… तू तो ही-मैन है रे… मज़ा आ गया. अभी कॉलेज जाते जाते एक महीना ही गुजरा था कि मेरे पड़ोस में रहने वाले एक लड़के की शादी हुई जिसका नाम विक्की था.

मैं झड़ने वाली थी… मेरा एक हाथ अपने आप उसकी जान्घ पर गया और हर धक्के में उसकी जान्घ को पकड़ कर अपनी तरफ़ खींचती और पीछे को धक्का मारती… आआआ स्सीईईई देवर जीईई मेरा आआ हो… स्सीईईई हो… आआस्स्सीईई हो… गयाऽऽऽ देवर जीईईईऽ. ‘और ये देख, साली इस चूत को… किसके किस्मत होगी मेरी ये चूत… प्यासी की प्यासी… रस भरी… वो भड़वा… भेन चोद… मेरा मरद नहीं चोदेगा तो और कूण फ़ोड़ेगा इन्ने…?’मेरा दिल जैसे मेरे उछल कर मेरे गले में आ गया. एक दिन जब मैं कमरे में सोने आया तो मैंने देखा कि चिंकी की फ़्रॉक ऊपर उठी हुई है और उसकी काली पेंटी साफ दिख रही है.

उसे सच में अब मजा आ रहा था… जैसे छोटा बच्चा लॉलीपोप लिए रहता है वैसे चूस रही थी…फिर उसने पॉउच में से नया कंडोम निकल कर लगाया!अब हम दोनों सेक्स के लिए तैयार थे… मैंने फिर उसकी चूत को चाटा क्योंकि मैं उसको और गर्म करना चाहता था… उसी सेक्स में मजा है.

कभी कभी रीटा लजीज गालियों के साथ राजू के थप्पड़ शप्पड़ भी ठोक देती थी, तो राजू ने हिंसक रीटा की गाण्ड को झाड़ू, बैट, चप्पल और बैल्ट से भी खूब पीटा और जंगली रीटा को भी पीट कर चुदने में खूब मजा आता था. मेरी मस्त साली शिखा 19 साल की है पर चूची 34, कमर 30 और गांड 36 तो कुल मिलाकर चोदने के लिये मस्त चूत थी.

मैं भी अब लौड़े की अभ्यस्त हो गई तो मैंने भी अपनी गांड को नीचे से हिलाना शुरू किया ताकि चूत और लौड़े का संगम अच्छी तरह से हो सके. मस्ती में आ रीटा अपनी चिकनी चूत और गाण्ड को भींचने और खोलने लगी तो बहादुर ठगा सा टकटकी बांधे शहर की लौंडिया की कयामत सी खूबसूरत, तन्दरूस्त, पनीयाई हुई और गुलाबी सुकड़ती फैलती चूत और गाण्ड देखता रह गया. कभी दाना दबाता… मेरी फ़ांकें खोल कर उसमें गिटार बजाता…मैं बस अपनी आँखें बंद कर अपने जिस्म के मज़े ले रही थी…कि तभी वो मेरे ऊपर से हट गया…!!!” क्या हुआ.

तूने भी तो लण्ड के मज़े लेने को ही मेरे से अपनी चूत चुदवाई है तो फिर मुझे क्यों नहीं अमिता की चूत दिला सकती है तू?वो बोली- नहीं!फिर मेरे जिद करने पर वो राज़ी हो गई पर बोली- मेरी चूत भी मारनी होगी! कहीं उस रण्डी के चक्कर में मेरी चूत को ही भूल जाये?मैंने कहा- नहीं मेरी जान! तेरी चूत को कैसे भूल सकता हूँ मैं?तो अगली रात उसने अमिता को भी साथ में सुला लिया और अब हम तीनों साथ में थे. 5-6 धक्कों में लंड पूरा अन्दर चला गया और वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी- हाय मैं मर गई! मुझे और तेज चोदो!मुझे भी मजा आने लगा और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. ?उसने कहा- नहीं भाभी…मैंने कहा- फिर इतना डर क्यों रहे हो…उसने कांपते हुए होंठों से कहा- नहीं भाभी, डर कैसा…?मैंने कहा- मुझे तो ऐसा ही लग रहा है…फिर मैंने चम्मच फेंक दी और अपनी ऊँगली से उसको आईसक्रीम चटाने लगी…वो डर भी रहा और शरमा भी रहा था और चुपचाप मेरी ऊँगली चाट रहा था.

इंदौर बीएफ बैठते ही रीटा की फुद्दी ने फीच्च शीऽऽऽऽऽऽ से पिशाब का शिशकारे की मस्त आवाज सुन बहादुर के लण्ड ने ‘चोद डालो, चोद डालो!’ के नारे लगाने शुरू कर दिये. ”मैं गुस्से से पागल हो गई और वहीं दरवाजे के सामने खड़े हो कर बोली- तू कौन सा शरीफों वाला काम कर रही है…….

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फिर वो पेड़ का सहारा लेकर घोड़ी बन गई और मैंने अपना लंड पीछे से उसकी चूत में डाल दिया. क्या तो… तू भी… ऐसे ही…?”हाँ पापा… मेरे मन में भी तो इच्छा होती है ना!”देखो तुम भी दुखी, मैं भी दुखी…” मैंने उसके मन की बात समझ ली… उसे भी चुदाई चाहिये थी… पर किससे चुदाती… बदनाम हो जाती… कहीं???… कहीं इसे मुझसे चुदना तो नहीं है… नहीं… नहीं… मैं तो इसका बाप की तरह हूँ… छी:… पर मन के किसी कोने में एक हूक उठ रही थी कि इसे चुदना ही है. मैं घूमते हुए उसके पास गयी, उसके कंधे पर हाथ रख कर बोली,”रोहित कुछ मुश्किल है क्या…” मैंने उसका कन्धा दबा दिया.

उसके चूचे मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे, उसका दिल भी जोर से धड़क रहा था, वो मेरी आँखों में देखने लगी. और मैं सो गई……यह मेरी पहले दिन की चुदाई थी। उसके बात दूसरे दिन भोला से, थोड़े दिन बाद पति के दोस्त से, कुछ दिन बाद भोला और उसके दोस्तों से, दूधवाले से, अपने पति से मतलब मेरी चुदाई ही चुदाई…. घोड़े लड़की की सेक्सीउसने अपनी एक टांग मेरी कमर पर डाल दी और आंखे बन्द किये हुये बोली- सखि रे, सारा कस बल निकाल दिया.

रंडी कह या सासू माँ, या चाची कह कर पुकार…मैंने तो जो सचाई थी तेरे सामने रख दी। एक रिश्ते से तो मैं तेरी सास ही हुई और दूसरे रिश्ते से तेरी सौत भी हुई। तू जो रिश्ता मेरे साथ निभाना चाहे तू निभा सकती है….

उसके बाद शीतल ने मुझे कंडोम पहना दिया और फिर मैं उसे दनादन चोदने लगा। मेरा चिक बहुत जल्दी निकल गया था। मगर थोड़ी ही देर में मैं अच्छे से चोदने लगा। उसे मैं बहुत जबरदस्त शारीरिक सुख दे रहा था और वो उससे आनंदित हो रही थी।सच में जब लंड चूत में जाता है तब जो आनंद मिलता है उससे कोई आनंद बड़ा नहीं।हाए ओह ओह ओह…. चित्रा और मैं काफी थक गए थे इसलिए हम दोनों मेरे कमरे में जाकर एक ही बिस्तर पर सो गए.

अब उसके बाद मैंने उसके हाथों को पकड़ कर अपनी कमर पर रख दिया और उसकी कमर को अपनी तरफ और कस दिया और उसके होंठों को और चूसने लगा. उफ़ अब तो मुझे बहुत दर्द हो रहा था, मेरा दिल चिल्लाने को कर रहा था मगर थोड़ी ही देर में चुदाई फिर शुरू हो गई। मैं दोनों के बीच चूत और गाण्ड की प्यास एक साथ बुझा रही थी और वो दोनों जोर जोर से मेरी चुदाई कर रहे थे।मैं दो बार झड़ चुकी थी. राजू ने रीटा की हड्डी पसली एक कर दी थी और उसकी जवानी को चारों खाने चित कर दिया था.

फिर उन्होंने मेरी ब्रा को भी खोल दिया और मेरे दोनों स्तन आजाद हो गये। उन्होंने अपना लण्ड दोनों स्तनों के बीच में नीचे से घुसा दिया। उनका लण्ड शायद सबसे लम्बा लग रहा था मुझे.

थोड़ी देर वहीं खड़े रहने के बाद नेहा अपने कमरे में चली गई और उसके कमरे का दरवाजा बंद हो गया, जिसकी आवाज़ मुझे अपने कमरे तक सुनाई दी. नताशा!’ कहते ही कहते उसने फटाक से मेरी बाएँ गाल पर एक चुम्बन जड़ दिया…‘आउच!’ मैंने नाटक किया…’तुम बड़े शरारती हो!’ मैं मंद-मंद मुस्कुरा रही थी…उसी वक़्त आलोक बिल्कुल मेरे बगल पर आ चुका था और उसने मेरे हाथ को अपने हाथों में ले लिया,’नताशा. कभी कभी रीटा लजीज गालियों के साथ राजू के थप्पड़ शप्पड़ भी ठोक देती थी, तो राजू ने हिंसक रीटा की गाण्ड को झाड़ू, बैट, चप्पल और बैल्ट से भी खूब पीटा और जंगली रीटा को भी पीट कर चुदने में खूब मजा आता था.

सेक्सी वीडीययह बात सुनकर ज्योति घबरा गई, मगर अनिल काफी शातिर खिलाड़ी था, उसने देर ना करते हुए ज्योति का सूट उतार फेंका और ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध मसलने लगा. थोड़ी देर के बाद मैंने भाभी से पूछा- आपने कल ऐसा क्यों कहा कि कोई देख लेगा? क्या आपको इस पर ऐतराज नहीं था?तो वो बोली- मुझे पता है कि तुम और स्वाति पहले सेक्स कर चुके हो.

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अब वो सच कहते थे या अपने आपको और मुझे कल्पना की दुनिया में ले जा रहे थे यह तो नहीं मालूम लेकिन मैंने सोच लिया था कि अपने जिस्म की आग बुझाने का सबसे आसान और महफ़ूज़ ज़रिया यही है कि मैं अपने एक साल छोटे भाई के जिस्म को इस्तेमाल करूँ. इतने में मैंने फिर से पाना लण्ड जाकर ज्योति में मुँह में रख दिया और वो उसको बड़े मजे से चूसने लगी. लण्ड पूरा चूत में गड़ चुका था और आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह वीर्य छूट पडा… सोनू ने अपनी चूत जोर से पटकने लगी और उसका भी यौवन रस निकल पडा.

मेरे जीजाजी विपुल काफी खूबसूरत और लम्बे तगड़े थे, हमारे यहाँ यह समझा जाता है कि अगर जीजा थोड़ा बहुत अपनी साली के साथ मस्ती कर ले तो उसका बुरा नहीं मानना चाहिए. अब मैं सोचने लगी कि यदि अब कोई आकर दरवाजा खटखटाए तो हम दोनों को इस तरह अकेले देखकर क्या सोचेगा. उन्होंने मुझसे पूछा- घर चलना है?मेरे हाँ कहते ही उन्होंने कार का दरवाजा खोला, मैं उनके बगल की सीट पर बैठी और थोड़ी ही देर में घर पहुँच गई.

‘सोनू, शरम मत करो अब… तुम बेवफ़ा नहीं हो… अपनी प्यास बुझाने से बेवफ़ा नहीं हो जाते!’‘ना रे… मत करो ना…!’पर मैंने उसका पेटीकोट नीचे सरका ही दिया और लण्ड से चूत टकरा ही गई. मैंने मौका देखा और बिना किसी हिचक चाची की भारी चूचियाँ पकड़ ली और दबाने लगा- चाची, आप जो हो ना, प्लीज मेरा कंवारापन तोड़ दो!वो मेरा हाथ अपनी चूचियों से हटाने लगी. उसका गुस्सा ठंडा ही नहीं हो रहा था…!!!उसकी माँ चोदूँगा न तब साले को पता चलेगा गाण्ड में डंडा कैसे किया जाता है…बहुत स्याना बनता है.

‘ करते हुए उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया।मैंने अपनी जीभ उसी चूत पर फेरते हुए गांड से ऊँगली निकाल ली और फ़िर उसकी चूत का पानी उसकी गांड पर लगाने लगा. झांक कर देखा तो मौसी सिर्फ चोली पहने हुई थी, नीचे बिलकुल नंगी टिन के संदूक के ऊपर जांघें फैलाए बैठी थी … वो बार बार एक लकड़ी के डंडे को अपनी योनि में अन्दर-बाहर कर रही थी … वो उस डण्डे को बार बार पास रखे तेल भरे डिब्बे में डुबो रही थी …मैं : मौसी, यह क्या कर रही है ?मौसी बिलकुल पसीने पसीने थी….

’‘रोहित तूने आज मेरी जान ही निकाल दी…’ रोहित तुरन्त रुई और पट्टी लाया। उसने मेरी टांगें उंची की और रुई पानी से मेरी चूत और गाण्ड को अच्ची तरह से पौंछा। मैंने उसे कहा,’ वहां से दवाई उठा कर मेरे अन्दर दोनों जगह लगा दे !’रोहित उंगली पर दवाई लेकर मेरी चूत के अन्दर और गाण्ड के छेद में लगाने लगा। लेकिन ये क्या… मेरी चूचियाँफ़िर से खड़ी होने लगी.

तुम हंस रहो हो ?तुम्हारे तो मज़े ही मज़े हैं !अच्छा तुम्हारी मलाई निकालने में कितनी देर लगती है ?चूत में या मुट्ठ मारने में ?चलो दोनों में ही बता दो !चूत में १५ मिनट और मुट्ठ मारने में १० मिनट !कभी चूत चूसी है ?हाँ एक दो बार !चूत में आइस क्यूब डाल कर चूसी है कभी ?नहीं …. सेक्सी वीडियो पंजाबी चलने वालीअब मैं उसे मेरे दोस्तो से चुदवाता हूँ और वो मेरे लिये नई नई आण्टियाँ चोदने के लिये दोस्ती कराती है. वीडियो बीपी सेक्सी एचडीऔर मैं अपने डबल बेड में फिर लेट गया…वहाँ से चाँदनी खिड़की में खड़ी साफ दिख रही थी, उसकी फ्रॉक घुटने के ऊपर तक की होने की वजह से उसकी सुडौल जांघें और थोड़ी सी चड्डी भी दिख जा रही थी तो मेरा लंड खड़ा होने लगा. उसने मुझ से पूछा कि मेरी कोई गर्ल-फ़्रेन्ड है क्या?मैंने कहा- नहीं!उसने पूछा- कोई मिली क्यों नहीं अभी तक?मैंने कहा- जो मिली, उसकी शादी हो चुकी है.

!”नहीं, अभी अभी तो तुम कह रहे थे कि तुम अकेलेपन के शिकार हो और 15 दिनों से बेरोज़गार हो.

बहादुर रीटा का खुला आमन्त्रण पाकर डरते डरते रीटा के सन्तरों को पौं पौं कर दबाने लगा और दूसरे हाथ से रीटा की दहकती और रिसती चूत में उंगली करने लगा. दीदी कहने लगी- तुम मुझे ये सब सिखाओगे? अभी बताती हूँ तुम्हारे घर में !अब मेरे लण्ड का जोश ठंडा पड़ रहा था…………. उसने ऊपर आते ही मेरी टाँगें खोल लीं और बीच में बैठ अपना लौड़ा मेरी सील बंद चूत पर रखते हुए झटका मारा.

क्या हुआ ?मेरा तो निकालने वाला है ?मुझे तो अभी समय लगेगा !कितना ?अभी तो ५-६ मिनट लगेंगे क्यों ?मैं भी तुम्हारे साथ ही झडना चाहती हूँक्या तुम्हारा पति नहीं है घर पर ?वो हुआ ना हुआ एक बराबर है !वो कैसे ?साले का उठता ही नहीं ?फिर तुम कैसे काम चलाती हो ?तुम्हारे जैसे चिकने लौंडों को याद करके काम चला लेती हूँ अईई …. कुछ दिन बीत गए, एक दिन मोना आंटी रात को घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी- बहन जी, सनी के जाने के बाद बिल्कुल भी दिल नहीं लगता अब! और मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से अच्छी नहीं चल रही है. रेशम सी मुलायम चूत तन्दूर सी गरम और दहक रही थी और पहली चुदाई के पानी से अभी भी पच्च पच्च गीली थी.

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पार्टी खत्म होने के बाद मैं और योगी पार्टी से निकलने लगे कि तभी हमारे कॉलेज की एक लड़की सोनम हमारे पास आई. फिर गुस्सा आने लगा, मैंने सोचा कि यार ऐसी भी क्या नींद जो अभी घंटे भर के भीतर नीना उठ नहीं रही. मैंने उसे शांत रहने का इशारा किया, फिर मैंने फ्लश चला दिया ताकि बाहर वाले को लगे कि अंदर कोई है.

फिर हम लगभग हर सप्ताहाँत पर चुदाई करते थे क्योंकि काम के दिनों पर उसे जल्दी फ्लैट पर जाना होता था.

फिर आंटी ने कहा- तुम लेट जाओ!आंटी मेरे ऊपर आ गई और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी और लंड के ऊपर बैठ कर ऊपर-नीचे होने लगी.

डालना…’राजू ने गांड के छेद पर निशाना लगाया और एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया लेकिन उसका लंड मेरी चूत के पानी से चिकना हो रहा था इसलिए फिसल गया और नीचे चला गया. ??वेदांत : नहीं आंटी, ट्यूशन तो नहीं है, 3-4 दिन पहले ही दाखिला लिया है अमिटी में. kaki सेक्सीवैसे तो भाभी की उम्र 26 साल थी लेकिन कामकाजी महिला होने के कारण उन्होंने अपने आपको काफी अच्छा संवार कर रखा था.

मैंने अपना लण्ड चाची की चूत पर टिकाया और एक जोरदार धक्का लगा कर आधा से ज्यादा लण्ड चाची की पनियाई हुई चूत पर जड़ दिया। चाची मस्ती और दर्द के मिले जुले आनन्द के साथ चीख पड़ी- फाड़ दी रे बहन चोद तूने तो मेरीईईई… धीरे धीरे कर राजा… तेरा लण्ड बहुत मोटा है रे. अब मेरे लिप्स तुम्हारी जाँघो पर हैं… बहुत सुंदर हो तुम मेरी जान… मुझे आज इस पूरी सुंदरता को भोगने दो. ‘बस चुप… तू तो बस मेरी है जान… ये लण्ड भी तेरा है…’‘जीजू, मेरे साथ शादी कर लो ना… छोड़ो ना दीदी को…’ मेरा मन जैसे तड़प उठा.

! प्लीज़ !मैं उसके नंगे चूतड़ों और चूचियों को कस कर मसलने लगा, वो उत्तेजित हो चुकी थी. ”अगर तेरा मन करने लगा कि आज चाची के साथ वो सब कर डालूं जो एक पति अपनी पत्नी के साथ करता है तो तू कर डालेगा.

?पर क्या ???सिर्फ मेरे चाहने से क्या होता है ?मेरे पास आ जाओ या मुझे बुला लो !अभी नहीं मुझे थोड़ा समय दो फिर करवा लूंगी, अभी तो अपनी ही अंगुली से काम चला रही हूँ आईईईइ ….

अरे तुम तो घर गयी थी ना… ?” राहुल ने पूछा।हाँ पर भइया आ गए थे… वो ही मुझे अभी छोड़ कर गए हैं… ”तुम रात का खाना हमारे यहाँ खाना… बना लिया है… ”साहिल भी बाथरूम से आ गया था. अगले दिन प्रिया भाभी सुबह ही अपने मायके से वापिस आ गई क्योंकि रविवार था, प्रिया भाभी कि छुट्टी थी. मुस्तफ़ा अपने बिल से खुद बाहर निकल कर भी सोनिया से मुक़ाबला कर चुका था … पर नतीजा उसको बुरी तरह मुँह की खानी पड़ी … उसको अब कोई भी रास्ता नहीं सूझ रहा था कि कैसे वो इन कानून के रखवालों से खुद को और अपने गैंग को बचाए.

इंडिया सेक्सी वीडियो नंगी देखने के बाद मैंने डिम्पल से गुड नाईट कहा और सोने चला गया, दरवाजा बन्द किया। आज मैंने पानी नहीं लिया क्योंकि मुझे मालूम था कि कल की तरह मुझे लाइव शो देखने को मिलेगा।और मैं एक बजने का इंतज़ार करने लगा।जैसे ही घड़ी में 12. मैं उसकी क्लास में जा पहुंची और उसकी अध्यापिका के पास जाकर बोली- वेदांत को मिस मोनिका बुला रहीं हैं…!!!वो मेरे साथ बाहर आया.

कुछ दिन बीत गए, एक दिन मोना आंटी रात को घर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी- बहन जी, सनी के जाने के बाद बिल्कुल भी दिल नहीं लगता अब! और मेरी तबीयत भी कुछ दिनों से अच्छी नहीं चल रही है. मैंने धक्के लगाने शुरु किए और अब लण्ड प्यार से अंदर-बाहर चल रहा था और कमरे में मेरी, अमिता और शालू की सिसकारियाँ गूंज रही थी. मर गई ईईईईईईईई !”मुझे लगा जैसे कोई मूसल मेरी फूलकुमारी के अंदर चला गया है, मुझे लगा ज़रूर मेरी फूलकुमारी का छेद बुरी तरह छिल गया है और उसमें जलन और चुनमुनाहट सी भी महसूस होने लगी थी। मुझे तो लगा कि यह फट ही गई है। मैं उसे परे हटाना चाहती थी पर उसने एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया।मेरी जान….

बहन भाई का सेक्सी रोमांस

यह दूसरी रात की बात है, जब सब सो रहे थे कि अचानक मुझे अपने पैर पर किसी का हाथ महसूस हुआ. वो मेरे पूरे कपड़े उतार कर मेरे बराबर में लेट गई और अपने हाथों से मेरे पूरे बदन को सहलाने लगी. मैंने मन ही मन सोचा कि अब इन लोगों ने मुझे नंगा तो देख ही लिया है और अभी तक अपना काम भी नहीं हुआ है.

”फिर अनीता दीदी ने पूछा- अच्छा नेहा एक बात बता, तूने कभी किसी लण्ड से अपनी चूत की चुदाई करवाई है क्या?”नहीं दीदी, आज तक तो मौका नहीं मिला है. अन्दर का दृश्य और कोमल की हरकत ने मेरा लौड़ा खड़ा कर दिया… मेरा खड़ा लण्ड उसकी चूतड़ों की दरार में रगड़ खाने लगा.

अब मामी ने धीरे से अपने पैर उठाये और अपनी छाती के पास ले गई जिससे अब उनकी गांड का छेद मेरे सामने आ गया था.

तब तक तुम दोनों आपस में मस्ती करो…फिर दोनों बहनें आपस में एक दूसरे की चूत में हाथ डालने लगी…मैं पाँच मिनट बाद फिर से चोदने आ गया … फिर भाभी को झड़वा कर मीनाक्षी को मस्त चुदाई की. ज़ब हम गेट के पास पहुँचे तो उसने फिर से मुझे पकड़ लिया और एक प्यारी सी पप्पी दी और बोली- अगली बार और मजे करेंगे. मेरा नाम मुक्ता है, आज मैं आपको अपने जीजू के साथ की पहली चुदाई की बात बता रही हूँ.

थोड़ी देर बाद हमने एक बार और सेक्स का मजा किया और मैंने उनकी गांड भी मारी ज़िस कारण थोड़ी देर तक तो वो ठीक से चल भी नहीं पाई. सर को स्टाफ ने घेर लिया खूब गाली-गलौच हुई… और सर के लण्ड पर मुक्के चले, डंडे बरसे … नंगा परेड के लिए निकला गया… देखने लायक था. मैंने भी उनकी हंसी में साथ दिया और पूछा- तो फिर आप ही बताओ कि क्या व्यवस्था की जाए.

वो पूरी तरह मेरे ऊपर लेट कर मुझे चोद रहा था…उसकी छाती मेरे दोनों स्तनों को दबा रही थी और वहाँ पे बॉस-रस होने की वजह से चिपक भी रही थी…वहाँ से अभी फच फच फच की आवाज आ रही थी….

इंदौर बीएफ: तुमने तो ए सी और डी सी दोनो ही सही कर दिए… पर हवा-पानी बदलने के लिए कल फिर आना पड़ेगा !”कोई गल नई जी, मैं कल फेर आ के ठीक कर जावाँगा जी !”जस्सी अगले दिन फ़िर आने का वादा करके चला गया और मैं एक बार फिर से बाथरूम में चली गई।आपको मेरी यह गाण्ड चुदाई कैसी लगी?मुझे और प्रेम गुरु को ज़रूर बताना !आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना). प्रेषिका : अंजलिमेरा नाम सुमित है 19 साल उम्र है। चुदाई का बहुत प्यासा रहने वाला लौंडा हूँ, देखने में भी अच्छा ही हूँ।यह बात उन दिनों की है जब मैं बी.

फिर मैंने हल्के-हल्के अंदर डालना चालू किया और बीच-बीच में हल्का धक्का भी मार देता जिससे उसकी चीख निकल जाती. अक्सर वो मेरे नहाने के समय मुझे तौलिया देने आ जाती थी और मुझसे छेड़खानी भी करती थी. ?”तो तू कोई उपहार नहीं ला सकता था?”क्या इससे बेहतर कोई और उपहार हो सकता था तेरे लिए.

करीब दस मिनट की चुदाई के बाद उनका शरीर अकड़ने लगा मुझे पता चल गया कि अब वो झड़ने वाली है.

मन ही मन मैं भी उसकी बहुत इज्जत करने लगा था क्योंकि उसने मुझ पर भरोसा रखा और मेरे घर आई. ”ठीक है तू माल ला और मुझे मस्त कर दे… बस…” हम दोनों एक दूसरे का राज लिये मुस्कुरा उठे. दो मिनट में रोहण को पूरा नंगा कर के उसके सात इंच के मोटे लंड से खेलने लगी…रोहण को भी काफी मज़ा आ रहा था.