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और फिर मन में ये भी था कि शायद कोई और नजारा देखने को मिल जाये।ये सोच कर मैं उनके घर के अहाते में पहुंचा तो देखा कि उनके बरामदे की लाईट बंद है।उनके बरामदे की लाईट कभी भी बंद नहीं होती, रात को भी जीरो वॉट का बल्ब हमेशा जलता रहता है।मैंने ध्यान से खिड़की में देखा तो अंदर से रंग बिरंगी रोशनी आ रही थी।इसका मतलब टी. बीएफ चूत की बीएफकि तभी दो सिपाही आए और मेरे जिस्म से मेरे हाथों को अलग कर अलग अलग दिशा में थाम लिया।मैं नंगी खड़ी जमीन में गड़े जा रही थी!सब मंत्री खड़े होकर मुझ पर थूकने लगे और ठहाके लगा कर हंसने लगे.

चूत !और उसे चाटने लगे !चूत वैसे भी काफी गर्म हो रही थी और वो पानी छोड़ने लगी। मैंने कहा- अब आप ऊपर आ जाओ !वे शरारत से बोले- साफ बोलो कि मुझे क्या करना है?मुझे पता था अब ये मेरे मुँह से बुलवाकर छोड़ेंगे इसलिए मैंने जल्दी से अपनी आँखे बंद कर के कहा- आप मुझे चोद दो !पर वे कौन से कम थे, बोले- मैंने सुना नहीं ! जरा जोर से बोलो !मैं जोर से उन्हें अपने ऊपर खींचते हुए बोली- मुझे चोद दो ! चो…. बीएफ चले वालीराजू ने रीटा की हड्डी पसली एक कर दी थी और उसकी जवानी को चारों खाने चित कर दिया था.

एक रात जब हम दोनों सोये हुए थे तो मुझे नींद नहीं आ रही थी और मैं शालू की नाइटी में हाथ डाल कर उसकी चूची दबाने लगा.राजस्थान बीएफ फिल्म: उसने कहा- घर में कोई लेडी है?मैंने मना किया, तभी चित्रा आई और बोली- रुको मुझे खरीदनी है!मगर उसको पसंद नहीं आई और उसने मुझे शाम को उसके साथ मार्केट चलने को कहा तो मैंने हाँ कर दी.

और यह जलाने को बेक़रार और इस मुक़ाबले में चूत हार जाती है, ठंडी पड़ जाती है मर्द की मनी से भीग कर उसकी प्यास यूँ बुझ जाती है जैसे रेगिस्तान की प्यासी ज़मीन पर बारिश के क़तरे पड़ते हैं… लेकिन मर्द भी कहाँ यह दावा कर सकता है कि वो जीत गया.मेरा तोता उड़ने वाला ई …”कोई गल नई मेरे मिट्ठू… मेरी फूलकुमारी भी तुम्हारे अमृत के लिए तरस रही है ! अंदर ही उस रस की फुहार छोड़ दे.

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इस बारे में और अपने बारे में ज्यादा बात ना करते हुए मैं अपनी कहानी को आगे बढ़ाता हूँ.क्योंकि अब मैं पूरे लण्ड का मजा ले रही थी जो मेरी चूत के बीचों-बीच अन्दर-बाहर हो रहा था…उसका लण्ड मेरी चूत में जहाँ तक घुस रहा था वहाँ तक आज तक किसी का लण्ड नहीं पहुँचा था.

उसके बाद मैंने अपने कपड़े पहने और सोचने लगा- क्या सच में मैंने उसे चोदा है? मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा था कि मैंने प्रीति को चोदा है. राजस्थान बीएफ फिल्म राहुल ने मजाक किया –साहिल… कामिनी चाहे तो मुझ पर लाइन मार सकती है… ”और मैं… रीता पर… ” साहिल ने रीता को आँख मारते हुए कहा.

!!सोनिया के मुँह से यह सुन कर मैं हैरान हो गया। क्या सोनिया को मेरी और किरण की चुदाई का पता है??पर मुझे इससे क्या लेना, मुझे तो सोनिया की चूत चाहिए थी सो मिल गई थी।आज तो तेरी चूत को ऐसे फाड़ दूँगा जैसे तुम्हारी माँ की फटी हुई है… साली की चूत बहुत करारी है.

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राजू अब भी बुरी तरह से रीटा के होंटों के चबाये और चूसे जा रहा था और रीटा की चीखें गले में ही घुट कर रह गई थी और वो घूं घूं की आवाजें निकालने लगी. भाभी ने कहा- यह क्या?और मेरे लण्ड को गौर से देखा। इतना बड़ा नौ इंच लब्बा और दो इंच मोटा? हैं?मेरा लण्ड देख कर कोई भी यही कहेगा जो भाभी ने कहा…. प्रेषक : मनो प्रकाशयह मेरी पहली कहानी है, मेरा नाम रणजीत है, मैं 30 साल का हूँ और सीतापुर उ.

कि तभी अचानक राजा ने लण्ड निकाल कर मेरी गाण्ड में पेल दिया…राजा अब झड़ने वाला था… राजा ने एक झटके से अपना लण्ड फिर मेरी चूत में पेला और झड़ने लगा … आगे बढ़ कर मेरे होंठ चूसने लगा. हाय हाय करती रीटा अपनी प्यासी चूत से राजू के लौड़े को पूरा जोर लगा लगा कर चूस रही थी. मेरे घर से साथ वाले घर में एक सिख परिवार रहता था, उस परिवार में अंकल आंटी और उनका बेटा सनी रहता था, अंकल कनाडा में रहते थे, कभी कभी ही भारत आते थे.

तनहा रीटा अपनी मासूम चूत की ठरक पूरा करने के लिये ना जाने क्या क्या अपनी चूत और गाण्ड में सटका चुकी थी- बैंगन, कमल-ककड़ी, हेयर ब्रश, हेयर ड्रायर, सैंडल, कोका-कोला की बोतल, मोमबत्ती, केला, घीया, खीरा, छल्ली, तौरी, कचालू, टेलीवीज़न रीमोट, टैलीफ़ोन का हैंडसेट, फ़्लॉवरपॉट, पैन और पैंसिल. दोस्तो, अन्तर्वासना में मैंने जब कहानियाँ पढ़ी तो मेरा भी मन हुआ कि मैं भी अपने बारे में अन्तर्वासना के पाठकों को बताऊँ!मेरा नाम राज है तथा मेरी उम्र 26 साल है. जब दिखाने वाली को परहेज़ नहीं तो मैं क्यूँ बीच में बोलूँ?इस बीच ज़ाहिरा ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे यहाँ तक कि उसने अपनी पेंटी भी उतार दी थी.

मैंने उसकी ब्रा नहीं उतारी बल्कि एक स्तन ब्रा को नीचे खींच कर बाहर निकाल लिया और चुचूक को चुसुकने लगा. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था… मैंने कहा प्लीज़ राहुल मुझे अब लण्ड चाहिए तुम्हारा… अपना लण्ड डालो मेरी बुर में.

अब हमारे सहपाठियों को और मौका मिल गया बोलने का… अब कक्षा में हमारे अलग होने की चर्चा होने लगी.

दीदी स्वाति और चित्रा के साथ सेक्स का मजा लेने और दीदी के साथ सेक्स करने की आजादी मिलने के बाद मैंने काफी दिनों तक उनके साथ सेक्स किया.

तभी मुझे उसके हाथ पर एक काला दाग दिखा, मैंने उसका झट से हाथ पकड़ कर पूछा- यह दाग कैसा है?वो उसके बारे में बताने लगी और मैंने उसका हाथ पकड़े रखा, और मैं हल्का हल्का मसल रहा था, बातों-बातों में मैं उसके करीब जा रहा था धीरे धीरे. हो सकता है तुम्हें छोटा मोटा फिल्म में रोल मिल जाये और हमारी किस्मत चमक जाये?मैं- लेकिन अंकल …. क्या तो मस्त बला लग रही थी वो!मैंने चूमते हुए उसके स्तन भी दबा दिए।फिर मैंने उसका कुर्ता उतारा!पहले तो थोड़ी देर मस्त स्तनों को ब्रा में से ही दबाने लगा फिर ब्रा उतार कर उसके स्तनों को आजाद कर दिया।उसके मोटे मोटे स्तन बड़े शानदार लग रहे थे। मैंने उसके स्तनों का दूध पीना शुरू कर दिया.

फिर मैंने उसकी छाती पर अपना हाथ रखा और उसे दबाने लगा, उसने भी वही करने की कोशिश की मगर उसे कुछ मिला ही नहीं, फिर उसके हाथ अपने आप नीचे को चले गए और जाकर मेरे लंड पर अटक गए. !मेरा लंड जैसे सलामी मारता हुआ उनकी चूत के नीचे जा कर रूक गया। वो हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी और बड़बड़ाने लगी- मादरचोद, इतना मस्त लौड़ा है और तू घोंट-घोंट कर गिरा रहा है !अब मेरे से बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था, मैं आंटी से लिपट गया और अ. जब हम अंदर पहुँचे तो दूसरे जोड़ों को देखकर भाभी शर्माने और हंसने लगी क्योंकि बाकी एक दूसरे को चूम रहे थे, मैं भी भाभी के मन की बात समझ गया और हम दोनों भी एक बेंच पर बैठ गए और फिर मैंने जबरदस्ती भाभी के होंठो पर होंठ रख दिए, कोई विरोध ना होता देख मैं ऊपर से ही उनके वक्ष मसलने लगा जिससे शायद भाभी थोड़ा गर्म हो गई थी और चुम्बन में मेरा साथ देने लगी.

मैं कभी टी वी पर फ़िल्म देखता तो कभी मेरी नज़रें रसोई में काम करती उस लड़की की छोटी स्कर्ट के नीचे उसकी गोरी टांगों पर चली जाती.

फिर रीटा बहादुर के हाथ से अपनी कच्छी लेकर अपने चूतड़ों को सहलाती बोली- उफ तुम्हारे डण्डे ने तो मेरा बुरा हाल कर दिया है. उसके चूचे मेरे सीने से रगड़ खा रहे थे, उसका दिल भी जोर से धड़क रहा था, वो मेरी आँखों में देखने लगी. वोह………कुछ देर वैसे ही रहने के बाद मैं धीरे धीरे अपने लंड आगे पीछे कर उसे चोदने लगा, थोड़ी देर बाद उसे भी आनंद आने लगा.

थोड़ी देर में दरवाजा खुला तो मैंने देखा कि एक बहुत ही सुंदर लड़की ने दरवाजा खोला है. जिस चीज़ की मुझे हवस थी यानि मर्दाना लण्ड, वो भला कोई लड़की कैसे दे सकती थी क़िसी को. ? चिंता मत करो, तुम चाहोगे तो तुम्हें निशा और मंजू की चूत भी दिला सकती हूँ। लेकिन उसके लिए पहले तुम्हें मुझे खुश करना पड़ेगा।”वो नहीं जानती थी कि दोनों पहले ही चुद चुकी हैं….

तस्वीरों में जो सुकून उन लड़कियों के चेहरे पर नज़र आता था जब वो किसी मर्द का लण्ड लिए होतीं थी, अब वही सुकून मेरी मंज़िल था जिस पर मुझे जाना था। लेकिन मेरे पास रास्ता ना था.

पापा… मैं गई… अरे रे… चुद गई… वो… वो… निकला… हाय रे… माऽऽऽऽऽ” कहते हुए कोमल ने अपना रस छोड़ दिया. बातचीत करते करते देवर ने अभी मेरी मैक्सी ऊपर सरका कर मेरी चूत पर हाथ फ़ेरना शुरू किया ही था कि दरवाजे की घन्टी बज गई.

राजस्थान बीएफ फिल्म शालू- 32″मैं- कभी दबवाई हैं या नहीं?वो ही जबाब जो हर रण्डी भी देती है- नहीं!फिर मैं अपना हाथ धीरे धीरे उसकी नाइटी में डालने लगा तो उसने मना कर दिया. ऊपर से मोनिका के दिये हुई ब्ल्यू मूवीज़ और मस्त राम के सैक्सी नावल देख और पढ़ कर रीटा की चूत ने ‘चोदा मरवाओ- चोदा मरवाओ!’ की बगावत कर दी.

राजस्थान बीएफ फिल्म नहीं, अब नहीं रुका जाता है! भाभी की खूबसूरती के सामने तो मैं ऐसे ही हो जाऊँगा! और फिर भाभी मना कर दे तो फिर ठीक है!अरे नहीं-नहीं! मनोज, मैं तो मजाक कर रहा था. पहले एक मिनट तो रीटा को लगा वह मर जायेगी, परन्तु तुरन्त ही रीटा का दर्द काफूर हो गया और वह अलौकिक स्वर्गिक सुख में विचरण करने लगी.

उसकी गांड में दूध दही की बाढ़ आ गई !मैं झड़ रहा था, उसकी चूत भी टपक रही थी !लेकिन हमारा प्यार परवान चढ़ चुका था…मौक़ा मिला तो कैसे राधा की चूत की सील तोड़ी ! यह भी बताऊंगा !.

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बाजी ने लौड़े की चमड़ी को हटाया तो उनका सुपारा देख कर बाजी अपनी ज़बान से चाटने लगी. कहानी का पिछला भाग:मेरे बस के सफ़र से आगे का सफ़र-2मैंने मामी को नीचे खींचा और फिर से उनके मम्मे दबाने लगा. वो अभी अपनी गाण्ड ऊपर कर-कर के मरवा रही थी।मैंने कहा- देखा, कितना मज़ा आ रहा है !तो बोली- हाँ बेटे.

मैंने समलिंगी लड़कियों की भी तस्वीरें देखीं लेकिन मुझको उनमें वो बात नज़र ना आई। भला एक लड़की दूसरी लड़की को क्या सुकून दे सकती है. भाभी ने मुझे एक तरफ करते हुए कहा- क्या करते हो? सबके आने का समय हो गया है, किसी ने देख लिया तो?लेकिन मैंने भाभी की एक ना सुनी और उन्हें फिर चूमने लगा तो भाभी ने मेरे गालो पर एक थप्पड़ मार दिया और चली गई. मैं थोड़ी देर तक उनको मसलता रहा, फिर मैंने उसके चुचूक अपने मुँह में ले लिए और उनको पीने लगा.

मैं सोच रही रही थी कि यदि मैं देवर जी से चुदा भी लूँ तो किसी को क्या पता चलेगा? साला टुन्न हो कर चोद भी देगा तो उसे क्या याद रहेगा.

मैंने बाते करते हुए उसके हाथ में मोबाइल देखा और बोला- मोबाइल भी ले लिया और नंबर भी नहीं दिया…?बोली- सॉरी यार …अब तो दो नंबर…बोली नोट करो- 98********अब तो हम रोज़ मोबाइल पर भी बात किया करेंगे …. भेनचोद छोड़ ! बाहर निकाल … मैं मार जावाँगी… उईईईईईईई !”दर्द के मारे मेरा पूरा बदन ऐंठने लगा था, ऐसा लग रहा था जैसे कोई गर्म लोहे की सलाख मेरी गाण्ड में डाल दी हो।मेरी बुलबुल ! कुछ नहीं होगा…. वो इतनी प्यारी फीलिंग थी कि मुझसे रहा नहीं गया, मैंने थोड़ा सा दरवाजा खोल कर देखा तो पूरा बाथरूम खाली था.

मेरी शादी हुए दो साल हो चुके हैं। मेरी पढ़ाई बीच में ही रुक गई थी। मेरे पति बहुत ही अच्छे हैं, वो मेरी हर इच्छा को ध्यान में रखते हैं। मेरी पढ़ाई की इच्छा के कारण मेरे पति ने मुझे कॉलेज में फिर से प्रवेश दिला दिया था। उन्हें मेरे वास्तविक इरादों का पता नहीं था कि इस बहाने मैं नए मित्र बनाना चाहती हूँ। मैं कॉलेज में एडमिशन लेकर बहुत खुश हूँ। मेरे पति बी. ऽऽऽ करके रह गई पर अगले धक्के में लण्ड ने चूत की जड़ को छू लिया।मौसी की दबी सी चीख निकल गई- अ आ आ…वो धनुष बन गई। दोनों टांगें मेरे सीने के पीछे से ले जाकर वो मुझे लपेटे थी, उनकी आँखें वासना के ज्वर से बंद हो गईं थी, उनकी नाजुक कमर मेरी मजबूत बाजुओं में जकड़ी हुई थी। वो अपनी गाण्ड उठा-उठा कर लण्ड अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी।पूरा लण्ड बाहर तक खींच कर मैंने एक जोर का धक्का मारा और मौसी आआ. वो सीधे मेरे कंधे पर सर टिका कर मेरे गालों को चूमने लगी… मेरे हाथ की उँगलियाँ उसकी चूचियों पर भ्रमण कर रही थी.

बोर्ड के पेपर थे और पेपर करवाने के लिए मेरी सहेली ने तो सेंटर के सुपरवाइज़र से बाहर ही बाहर ही खिचड़ी पका ली थी और दोनों ने पेपर अच्छे दिए. तो ये चाची ही थी जो धीरे धीरे मेरे लण्ड को मेरी दोनों टांगों के बीच में से खींच कर बाहर निकाल कर सहला रही थी.

हरामी रीटा मासूमीयत से बोली- बहादुर, मुझे अकेले जाते तो बहुत डर लगता है, तुम साथ आ जाओ नाऽऽऽ!यह सुन कर ठरकी बहादुर के लण्ड की बांछें खिल गई और वह रीटा के पीछे कुते सा दुम हिलाता चल पड़ा. वो उसे बच्चे की तरह पीने लगा …आह्ह अहह ! मेरी सिसकियाँ निकलने लगी …उसने मेरी पैंटी में ऊँगली डाली !आह सर ! बस भी करो … !क्यूँ अखिल को तो नहीं रोकती …? बता दूँ क्या घर पे ?मैं डर गई और वहीं गार्डन में लेट गई, शाम हो रही थी घर पर कोई नहीं था. जब भी मन किया मुझे जहाँ मर्ज़ी वहा पटक कर मेरी चूत में अपना लंड डाल देते थे और मेरी जमकर धुनाई करते थे.

कहकर अन्दर डाला !अहह अह्ह्ह बस और अन्दर नहीं !बेबी, अभी तो सिर्फ टोपा गया है … लम्बी लम्बी सांसे लो.

मैंने बच्चे को अलग से सुला दिया और वहीं बैठ कर पापाजी के उस हथियार को निहारती रही जो वहाँ लेटे लेटे मुझे चिढ़ा रहा था. बहादुर के दाँत रीटा की चूच्चे में धंसे तो मदहोश रीटा को लगा जैसे वह बिना चुदे ही झड़ जायेगी. तब मेरे मन में आया कि मैं भी इसी कमरे में सो जाती हूँ और मैं उनके साथ वाले बेड पर लेट गई.

इधर मेरा भी होने वाला था।उस तूफानी स्पीड में मैंने कहा- भाभी, मेरा झड़ने वाला है, मैं कहाँ निकालूँ?‘मेरे अंदर डाल दो. फिर मैंने धीरे से उसकी पेंटी उतार दी और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपना मुँह रखा वो सिसकारियाँ लेने लगी और रुकने के लिए बोलने लगी.

मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया. की मीठी सीत्कार सुनकर वो और भी जोश में आ जाता था। मैं तो यही चाहती थी कि ये सिलसिला इसी तरह चलता रहे पर आखिर उसके लंड को तो हार माननी ही थी ना ?मेरी रानी …. बोलते बोलते मैंने अपने खाना लगे हुए हाथों से उसको निकालने की नाकाम कोशिश की और इधर उधर से ऊँगली डाल कर टिकेट पकड़ने की कोशिश करते हुए उसे अपने बूब्स के दर्शन करवाती रही.

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उसने फिर से 3-4 चांटे मेरे गाल पर मारे और जल्दी से मेरे दोनों बोबों को अपने मुँह में ले लिया और उन्हें तेजी से चूसने लगा.

मुझे समझते देर न लगी और मैंने खिड़की से झाँका तो मैंने जो सोचा था उससे ज्यादा देखने को मिला. अरे फिर क्या हुआ सभी मर्द अपनी औरतों की गांड मारते ही हैं इसमें बुराई क्या है ?पर मैं ऐसा नहीं हूँ।आर यू श्योर ?ओह आप बड़ी बे-शर्म हैं ?एक बात पूछूं सच बताना ?क्या ?तुम ने कभी उसकी गांड मारने की कोशिश नहीं की ?नहीं ?ऐसा कैसे हो सकता है ?क्या मतलब ?इतने मस्त कूल्हे देखकर तो किसी नामर्द का भी लौड़ा उठ खडा होता है फिर तुम कैसे कह सकते हो की तुमने उसकी गांड मारने की कोशिश नहीं की ?वो. ।”मैं थोड़ा रुक गया और फिर एक बार अपनी सांसों को खींचा और पूरी ताकत से जोर का धक्का मारा…… आंटी बुरी तरह से चीख उठी।गनीमत थी कि आंटी ऊपरी मंजिल पर रहती थी और वहाँ कोई नहीं होता था ! नहीं तो आंटी की इस चीख से सबको पता चल जाता।उनकी आँखों में आंसू आ गए। मैंने उन्हें सॉरी बोला। मेरा लण्ड उनकी चूत में पूरा समां गया था। पर आंटी लगातार कराह रही थी, उनके मुँह से ओह्ह्ह….

ज़रा नीचे आ जाएँ! कमर पतली और बहुत चिकनी! ज़रा हाथ रख कर देखें, अगर फिसल ना जाए तो बोलिएगा. अन्दर रस भरी चूत की गुफ़ा नजर आई, उसने अपना लौड़ा पहले तो हाथ से हिलाया और फिर मेरी गुफ़ा में घुसाता चला गया. टीचर के साथ बीएफऔर जैसे ही उसने मेरे लंड को पकड़ा मैंने उसके बाल पकड़ लिये। और पकड़े-पकड़े ही ऊपर आ गया और जैसे ही वह चेहरा ऊपर आया, मेरी आँखे फटी की फटी रह गईं और मुँह खुला का खुला….

अब मैं सिर्फ़ एक चड्डी में था जिसको मेरा लंड फाड़ के बाहर आने को बेकरार हो रहा था. लेकिन एक काम तो कर सकते हैं?मैंने पूछा- हाँ…बोलिए…क्या काम?ज़ाहिरा ने सुझाव दिया- ऐसा करते हैं.

चूत अब गीली होने लगी थी, मुझे मेरी बेबसी पर तरस आने लगा कि आखिर मेरी चूत इतनी जल्दी हथियार क्या डाल देती है. अगले ही पल वो मेरे नीचे वाला होंठ चूस रहा था और मैं उसके ऊपर वाले होंठ को चूसने लगी. ’मुझे आलोक का स्टाइल अच्छा लगा…मैंने भी एक सेक्सी स्माइल दी, अपनी एक टांग ऊपर करके दूसरे घुटने पर रख ली और कहा,’ओह.

फिर माँ मेरे पास आई और मुस्कुराते हुये कहा- इतना परेशान मत हो, मिल जायेगी! चल सब सामान वापस रख दे अभी!इतना बोल वो वहाँ से चली गई और अपने काम में लग गई. फाड़ डालो मेरी चूत को ! बहुत मज़ा आ रहा है ! आज जी भर के चोदो मुझे, सारी रात चोदो. चारपाई टूटते हुऐ रीटा बहादुर के नीचे थी और ज़मीन पर गिरने से बहादुर का लण्ड का सुपाड़ा रीटा की बच्चेदानी में घुस गया तो रीटा चिहुंक कर दोहरी हो गई.

मेरी राजदार थी वो, मैं उसे हमेशा साथ ही रखना चाहती थी, सो मैंने उसे अपने पास अपनी सहायता के लिये रख लिया था.

एक बार रात को मैं बाथरूम जाने के लिए उठी तो देखा मम्मी पापा के कमरे की लाईट जल जल रही थी, उत्सुकता से खिड़की की झिर्री से देखा कि मम्मी नंगी लेटी हुई हैं और पापा अपने लंड पर कंडोम चढ़ा रहे थे. आखिरी बार क्यों! हमेशा मानने को तैयार हूँ!फिर मैं पूछता रह गया, मगर उसने कुछ बताया नहीं कि क्या बात है…खैर मैं उसे छोड़ने उसके घर तक गया, उसने कहा- चलो! अन्दर चलो! चाय पीकर चले जाना…मैंने भी सोचा- इसी बहाने कुछ और वक़्त मिल जायेगा.

मैं फ़िर से झड़ने के लिये तैयार हो गई तो मैंने देवर को रोक कर कहा- एक मिनट रुक जाओ ना… मैं फ़िर से बिना उसके ही झड़ जाऊँगी. मेरा जिस्म जलता रहता कितना ही ठंडा पानी क्यों ना हो, मेरा जिस्म आग बरसाता रहता और आख़िर पानी भी हार मान लेता और मैं जलती-सुलगती अपना टूटता हुआ जिस्म लपेटे बाहर आ जाती, दुनिया-जहाँ की हसरतें मचल रही होतीं मेरे सीने में, लेकिन क्या कर सकती थी. ” बॉस परेशानी की हालत में बोल रहे थे- अब अगर हमारा माल रिजेक्ट कर दिया तो बड़ा नुकसान होगा कम्पनी को!हाँ। लेकिन ऑफिसर को पटा क्यों नहीं लेते हैं सर! आप तो उन लोगों को पटाने में माहिर भी हैं!” मैंने हँसते हुए कहा।नहीं सानिया, ये ऑफिसर बड़ा रंगीन मिज़ाज़ है। और लोगों को तो बाज़ार की रेडीमेड चीज़ों से पटा लेता हूँ। लेकिन ये ऑफिसर … मालूम नहीं … क्यों घरेलू चीज़ें ही पसंद करता है.

मैंने लण्ड को बाहर निकाले बिना चाची को अपनी बाँहों में लिया और मैं सीधा लेट गया और चाची को मेरे ऊपर लिटा लिया।चाची पूरी तरह से थक चुकी थी और वो लगभग सो गई थी लेकिन मैं नहीं सोया था…. फिर एक दिन श्यामलाल का फोन आया और वो गुस्से में बोला- तान्या तेरे बच्चे की माँ बनने वाली है. मैंने रागिनी से कहा- अब तुम अपनी चूत मेरे लंड के ऊपर रखो और दोनों पैर मेरे पैरों के साइड में फैला लो.

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मेरे लौड़े से वीर्य की धार मेरी बहन की चूत में निकली तो उसकी गर्मी पाकर मेरी बहन बड़ी जोर से झड़ी. कि अनिरुद्ध का एक्सिडेंट हो गया है…अनिरुद्ध के हाथ पाँव टूट चुके थे उस दिन के बाद तीन महीने तक वो कॉलेज़ नहीं आया…!!!अब मेरा और वेदांत के रिश्ते में भी स्पष्टता आ गई… आखिर उसने अपने प्यार का इज़हार जो कर दिया था. बहादुर ने सोचा कि क्या किस्मत है, मेरे लण्ड को रीटा जैसी शहर की येंकी चूत चखने को मिली और वो भी स्कूल की टनाटन लौंडिया.

जैसे मैंने ऊपर लिखा कि किस तरह अपनी सहेली के साथ मैं लेस्बियन सेक्स का मजा ले लेती थी पर मुझे लड़कों से चक्कर चलाने से संकोच सा था इसलिए जब दाना कूदने लगता तो मैं वाशरूम में जाकर सलवार का नाड़ा खोल इंग्लिश सीट पर टांगें चौड़ी करके बैठती और उंगली गीली कर करके दाने को रगड़ खुद को शांत कर लेती. हमें करते हो मजबूर शरारतों के लिए, खुद ही हमारी शरारतों को बुरा बताते हो !!अगर इतना ही डरते हो तुम आग से, तो बताओ तुम आग क्यों भड़काते हो?. देसी बीएफ नयाफिर मैं बाइक पर बैठ गई और अपनी पेंटी थोड़ी नीचे कर दी और अपनी गाण्ड को बाइक के हैंडल से रगड़ने लगी यह सोच कर कि यह एक लण्ड है.

भगवान् ने मुझे उसकी दोस्ती से नवाज़ा … मैं इतने में ही खुश थी… सुखी थी…बाद में उसे एक लड़की पसंद भी आई थी.

‘हायऽऽऽ बहादुर! कितना सताओगे मुझे? कुछ करो नाऽऽऽ!’ नशीली अधखुली आँखों से देखती और अंगड़ाई लेती रीटा की छोटी छोटी मुट्ठियाँ अब भी हवा में ही थी. आज तुम भी इसका मजा लो!’उसने जल्दी से मेरे लंड को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और वो उसके सुपारे से घूँघट खोल कर उसे ऊपर नीचे करने लगी। सुपारा भी बहुत फूल गया था और उसके मुँह से लार टपक रही थी। रागिनी मेरे लंड को बहुत आहिस्ता आहिस्ता सहला रही थी.

‘नहीं जवान लड़की की गाण्ड ऐसे नहीं फ़टती है, बस दर्द ही होता है… अब इसे भी तो अपने लायक बनानी है ना… देख इसे भी चोद चोद कर मस्त कर दूंगा!’ जीजू हाँफ़ने लगे थे. की आवाज गूंजने लगी। एक हाथ से मैं उसके स्तन भी मसल रहा था। उसको तो तिहरा मज़ा मिल रहा था वो कितनी देर ठहर पाती। ऊईई … माँ आ. अमित को नंगा होते देख नीना मुझे प्यार से डांट पिलाने लगी और बोली- और तुम अपने लौड़े का अचार डालोगे क्या?बस सिग्नल मिलने की ही तो देरी थी.

लेकिन अचानक दीपू ने मेरे मुंह में धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और मेरा सर पकड़ कर अपना पूरा लंड मेरे मुंह में अन्दर बाहर करते हुए ज़ोर से चिल्लाने लगा ‘आ…ह….

वो कह रही थी- चोद बेटा चोद! हेयी ईए उईईईईए उफ्फ्फ्फफ्फ जोर से! मजा आ रहा है हैरी! और जोर से बेटा यीईईईईई आयीईईईई उईईईईए मर गयी हाय!फच फच कर रही थी आंटी की चूत चुदाई के वक्त!बहुत मजे से हम दोनों चुदाई कर रहे थे. मैं उसकी ये आवाज़ें सुनकर और भी जोश में आ गया और जोर जोर से उसकी चूत को खाने लगा, उसके दाने को अपने दांतों के बीच लेकर दबा देता बीच बीच में. वो मुझे उठा कर ले जाते हैं पीछे के मैदान में!मैदान का दृश्य :विक्की- देख यार जूली! यह तो एक्टिंग है! बस रिलैक्स रहना! हम कौन सा तेरा चोदन कर देंगे?जूली- देखो, ज्यादा होशियार मत बनो! मुझे तुम लड़कों का अच्छे से पता है!सुमित- फिर बेहतर होगा कि तुम जाओ और किसी और को मौका दो… श्रेया तुमसे तो बहुत अच्छी एक्टिंग करती है!जूली- ऐसी बात नहीं है, मैं बेहतर हूँ ….

करीना कपूर का सेक्सी वीडियो बीएफउसने डरते डरते मेरे लंड को पजामे के ऊपर हाथ में लिया तो मैं समझ गया कि वो पहली बार कर रही है और डर भी रही है…तो मैंने पजामा उतार के उसके हाथ को अपने से पकड़ के लौड़े को कस कस के मसलने लगा तो वो डर के बोली- इतनी ज़ोर से?तो मैंने कहा- मजा तो आ रहा है ना…?मैंने उसको बोला- चाँदनी, देख मैं तेरे सामने बिना कपड़ों के नंगा पड़ा हूँ तो तू भी तो कपड़े उतार के दिखा. ये मुझे अच्छा नहीं लगता। हाँ एक बार जब मुझे ‘बुड्ढा किधर गया’ फिल्म ऑफर हुई थी तो उसके प्रोड्यूसर ने शर्त रखी थी कि वो बिना गांड मारे रोल नहीं देगा तो उसके साथ किया था.

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मैं नाइटी तो उतार दूँ ?”मैंने अपनी नाइटी निकाल फैंकी। वह तो पहले से ही नंग-धड़ंग था, उसने झट से मुझे अपनी बाहों में भर लिया। वो मेरे मम्मों को चूसने लगा और अपना एक हाथ मेरी लाडो पर फिराने लगा। मैं अभी उसका लण्ड अपनी लाडो में लेने के मूड में नहीं थी।आप हैरान हो रहे हैं ना ?कहानी अगले भागों में जारी रहेगी।आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना). चाय पीने के बाद मैं कंपनी के गेट से निकला तो मुझे याद आया कि मैं अपनी चाभी तो दीदी के बॉस के कमरे में छोड़ आया. 15-20 मिनट तक झटके मारने के बाद मैं तान्या की चूत में ही झड़ गया मगर इस बीच तान्या पहले ही झड़ चुकी थी.

मैं कभी टी वी पर फ़िल्म देखता तो कभी मेरी नज़रें रसोई में काम करती उस लड़की की छोटी स्कर्ट के नीचे उसकी गोरी टांगों पर चली जाती. एक दूसरे को साफ करते वक़्त मैंने उसे कई बार चूमा भी जिससे मेरा लंड फिर खड़ा हो गया, मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और वो उसे दस मिनट तक चूसती रही. कहानी का पिछला भाग :मेरी बीवी की पहली चुदाईदोस्तो, मैं आज अपनी चुदैल बीवी नीना की वह दास्तान बताने जा रहा हूँ, जिसके बाद हम दोनों की जिंदगी में बहार आ गई.

अब ये आ गये- क्यों जानू? कैसा लगा मेरे भाई के साथ सेक्स?मैंने कहा- मजा आ गया! पर अब तुम्हारा छोटा पड़ेगा!मैंने ऐसे ही मजाक में कहा था. उन की इस हरकत को देख मैंने उन्हें अपने ऊपर खींच लिया, अपनी बाहों में समेट लिया और उन की चूचियाँ दबाता, चूमता तो कभी उन की ग़ाण्ड पर हाथ फेर उसे दबाता. मेरा टोपा अंदर था और फिर मैंने लंड को बाहर निकाला और एक झटके में पूरा उसकी चूत में डाल दिया। शाजिया की हल्की चीख निकल गई, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए।अब मेरा लंड और उसकी चूत आपस में एक दूसरे के साथ चुदाई का खेल खेल रहे थे। उसकी चूत कसी हुई थी क्योंकि उसने काफी दिनों या सालों से किसी के साथ कुछ किया नहीं था.

कितने दिनों के बाद मिली तू!दोनों सहेलियाँ एक दूसरे से बात करती रही और मैं रागिनी को देख रहा था. मुझे वो दृश्य बार बार याद आ रहा था और मैं समझ गया था कि अंकल और मम्मी अभी और मिलेंगे, इस कारण मैं घर पर ही पढ़ाई करते बैठा हुआ था.

फिर मैंने सोनम और योगी से पूछा- बाकी सब कहाँ हैं?तो योगी और सोनम ने बताया कि योगी के माता-पिता और योगी की बहनें गाँव चले गए हैं.

मैं पूरे जोर से पेले जा रहा था- हाँ रानी… ले… खा ले … पूरा मेरा खा जा … ले … ले … पूरा ले …आह …राजा…. हिंदी बीएफ सेक्सी फिल्म एचडीबहरहाल पीछे के दरवाजे से कमरे में घुसा तो देखता हूँ कि नीना है ही नहीं और दोनों बच्चे सो रहे हैं. ब्लू पिक्चर बीएफ मेंपापा मार दो गाण्ड… जरा जोर से मारना… मेरी गाण्ड भी बहुत प्यासी है…अह्ह्ह्ह्ह”मैंने लण्ड खींच के निकाला और दबा कर अन्दर तक घुसा डाला… कोमल ने अपने होंठ भींच लिये… उसे दर्द हुआ था…हाय राम… मर गई… जरा नरमाई से ना…”ना अब यह जोश में आ गया है… मत रोको इसे… मरवा लो ठीक से अब!”दूसरा झटका और तेज था. वो भी फिर से मस्ती में आने लगी और कहने लगी- बहुत मजा आ रहा है और जोर से चूस… काट कर खा जा बस!मैंने उसके कहने के साथ ही उसके निप्प्ल को हल्के से काट लिया.

चूँकि सभी सदस्य घर पर थे इसलिए उस दिन प्रिया भाभी से अकेले में बात ही नहीं हो पाई.

वो 1-2 मिनट में ही झड़ गई लेकिन मेरा काम अभी बाकी था…मैंने उससे तेल मंगवाया और उसकी गांड में तेल लगा कर उसकी गांड मारने लगा…वो बहुत मज़ा लेकर सीत्कार कर रही थी…आखिर मैं भी 4-5 मिनट में झड़ गया… मेरा सारा वीर्य उसके कूल्हों पर निकल गया।और फिर हम काफ़ी देर तक बिस्तर में ही लेटे रहे, मैं उसकी चूचियों से खेलता रहा।फिर हमने कपड़े पहने और मैं वहाँ से निकल गया. मैं उठा और चित्रा के कमरे की तरफ बढ़ा मगर चित्रा के कमरे का दरवाजा बंद था और अंदर से आवाजें आ रही थी. तभी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये जिससे मेरी बची हुई शर्म भी चली गई और मैं भी उनके होंठ चूसने लगा.

चूतड़ों के बीच में लंड डाल कर घिसने का मजा ही कुछ और है…उसके वापिस आते ही मैंने कहा ‘रागिनी मुझे तुम्हारे चूतड़ और गांड देखना है. !! इतनी मादक, तीखी, खट्टी, कोरी पुस्सी की महक मेरे तन मन को अन्दर तक भिगो गई। मैंने उस पर अपनी जीभ लगा दी।आईला…. उसके बाद मैं चाय लेकर ज्योति के कमरे में गया और जब मैं पहुँचा तो नजारा देख मुझे गुस्सा आ गया क्योंकि ज्योति अपने ही घर में सिगरेट जला कर बैठी थी और दोनों बैठ कर सिगरेट पीते हुए बातें कर रहे थे.

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रीटा की तो खुशी को मारे किलकारियाँ सी निकल पड़ी- उई ई ईई आहऽऽऽ आहऽऽऽ आज से पहले किसी ने मेरे कबूतरों को इतनी बुरी तरह नहीं रगड़ा! आहऽऽऽ! शाबाश मेरे राजाऽऽऽ!दस इंच का लम्बा लण्ड देख कर लौंडिया की चुदास ठरक अब काबू से बाहर हो चुकी थी. मैंने इशारे से कहा- क्या मुझे बुला रही है?आप अटे कई कर रिया हो?”आप मुझे जानती हो?”हीः… कई बाबू जी, मन्ने नहीं पहचानो? अरे मूं तो वई हूँ हवेली वाली, अरे वो पीपल का पेड़…”ओह, हाँ… हा… बड़ी सुन्दर लग रही हो इस कपड़ों में तो…”अरे बहू, काई करे है रे, चाल काम कर वटे, गैर मर्दां के साथ वाता करे है. नयन, धीरे से करो! मुझे दुःख रहा है!”हाँ मामी! मैं धीरे से करता हूँ!”मामी, एक काम करो! आप नीचे से गांड उठाओ और धीरे से अन्दर लेने की कोशिश करो!”लंड तो अब मेरा भी दुखने लगा था क्योंकि गांड का छेद बहुत ही छोटा था.

मैं नहीं जानता था कि ऐसा मजा भी होता है! मैं तो बस उड़ रहा था और यह शायद उसे भी समझ आ रहा था इसलिये वो बस आराम से बैठी थी.

रुमाल ही लाओ ! पर दूर से दो !मेरा लंड मीनार हो चुका था, हगासी गांड चोदने का अपना मज़ा है।मैंने हाथ बढ़ाया, जैसे ही उसने रूमाल लेना चाहा…दूसरे भाग में पढ़ें कि क्या हुआ !.

एक बार रात को मैं बाथरूम जाने के लिए उठी तो देखा मम्मी पापा के कमरे की लाईट जल जल रही थी, उत्सुकता से खिड़की की झिर्री से देखा कि मम्मी नंगी लेटी हुई हैं और पापा अपने लंड पर कंडोम चढ़ा रहे थे. बेल बजते ही तू क्रियाकलाप हाल में अपना और मेरा खाना लेकर पहुँच जाना ! मैं बेल बजते ही वह आ जाऊँगी. बीएफ सेक्सी देवर भाभी की बीएफsandeep13जिन लोगो ने मुझे पहले जोड़ा था, कृपया वो फिर से जोड़ लें, पुराना अकाऊँट फेसबुक ने बंद कर दिया है।.

कभी दाना दबाता… मेरी फ़ांकें खोल कर उसमें गिटार बजाता…मैं बस अपनी आँखें बंद कर अपने जिस्म के मज़े ले रही थी…कि तभी वो मेरे ऊपर से हट गया…!!!” क्या हुआ. मैंने झट से उसका लौड़ा निकाला और अपने हाथों में ले लिया और फिर मुँह में डाल कर जोर जोर से चूसने लगी। मैं सोफे पर ही घोड़ी बन कर उसका लौड़ा चूस रही थी और अनिल मेरे पीछे आकर मेरी चूत चाटने लगा. मुझे कुछ भी समझ नहीं आया और जब मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो भी हंसने लगी और बोली कि उसने बाकी सभी से शर्त लगाई थी कि वो मुझे शादी के लिए मना लेगी और मैं इतनी जल्दी मान गया.

उस रात तो अँधेरे में कुछ देख नहीं पाया, आज जी भर के देखूंगा भी और चोदूंगा भी!वो शरमा कर पीछे घूम गई. यह क्या हो रहा है अखिल ??उसने मुझे ऊपर से नीचे देखा …मेरी पतली टाँगें और भरी हुई जाँघें … मेरी चिकनी फुद्दी और गोरी चिकनी बुंड देखकर चुप हो गया.

फिर मैं बाइक पर बैठ गई और अपनी पेंटी थोड़ी नीचे कर दी और अपनी गाण्ड को बाइक के हैंडल से रगड़ने लगी यह सोच कर कि यह एक लण्ड है.

अनीता दीदी नेहा से पूछ रही थी- हाय नेहा, ये कहाँ से मिली तुझे? ऐसी किताबें तो तेरे जीजा जी लाते थे पहले, जब हमारी नई-नई शादी हुई थी!अच्छा तो आप पहले भी इस तरह की किताबें पढ़ चुकी हैं?”हाँ, मुझे तो बहुत मजा आता है. ओह छोड़ ना, तू मुझे बिल्कुल मत छूना, वर्ना पिट जायेगा!उनकी धमकी से मैं डर गया और उनसे छिटक गया. मुझे फिर से दर्द होने लगा था… आधे से ज्यादा लण्ड अंदर जा चुका था… मेरा दर्द बढ़ती जा रहा था। मैंने फिर से उसका लण्ड पकड़ लिया और रुकने को कहा.

बीएफ फिल्म चलाओ जैसे ही मैंने अपना लण्ड हटाया, अनिल ने अपना लण्ड उसके मुँह में घुसा दिया और मैं उसके दूध मसलने लगा. ‘आऊचऽऽऽ सारी बहादुर, लाईट कहाँ है?’बहादुर ठिठकी हुई रीटा के पीछे से हाथ बढ़ा कर टायलट की लाईट का बटन टटोलते टटोलते रीटा की गाण्ड पर अपना लण्ड घिस कर उचक कर एक घस्सा मार दिया- यही तो थी कहाँ गई? ये है लाईट.

मेरे मामा जी की पत्नी यानि मेरी मामी का अकस्मात निधन हो गया था। मामाजी अट्ठाईस साल के खूबसूरत वयक्तित्व वाले हैं। उनकी पत्नी भी पढ़ी-लिखी सुंदर औरत थी। निधन के समाचार से मेरी मम्मी और परिवार के सभी सदस्यों को बहुत दुःख हुआ था। मामाजी की एक दो साल की लड़की थी।थोड़ा अपने बारे में बता दूँ!मेरी उम्र 18 से कुछ ज्यादा है, बला की खूबसूरत हूँ मैं! मुझे देखते ही आदमी की आह निकल जाती है। बी. उसने अपनी एक टांग मेरी कमर पर डाल दी और आंखे बन्द किये हुये बोली- सखि रे, सारा कस बल निकाल दिया. मैंने मुकेश से कहा- अब तू चला जा!मुकेश ने मेरे आठ-दस कस कर चुम्बन लिए और उठ खड़ा हुआ.

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मैं भी आँखें बंद करके मजे लेने लगा…मुस्कान तो मेरे लंड को छोड़ ही नहीं रही थी…मैंने साथ में उन सबकी पैंटी भी उतार दी और चूत में ऊँगली डाल कर मसलने लगा…तीनों ने मुझे तब तक नहीं छोड़ा जब तक लंड का पानी बाहर नहीं आ गया. आह अआह आहाह आः आह आह की ध्वनि फ़ूटने लगी।मैंने उसके टॉप को निकाल दिया और उसके स्तनों को ब्रा के ऊपर से चूसने लगा। उसकी सेक्सी आवाजें ओह आह आह आहा आह आह …. उसने पूछा- क्यों?तब मैंने बोला- मेरा दिल आप पर आ गया है, इसलिए!वो मुस्कुरा दी और आगे चलने लगी.

मैंने सोचा कि उस से खुशी का और जल्दी स्कूल आने का कारण पूछता हूँ, जिससे उसके पास बैठने और बात करने का मोका भी मिलेगा. उसने शरमाते हुए सर झुकाया और अपनी चूत को हाथों से ढक लिया। उसकी गुलाबी चूत मुझ से कुछ इंच दूर थी, मैंने धीरे से उसके हाथ हटाये और चूत पर मेरे होंठ रख दिए.

अब हम दोनों सिर्फ चड्डियों में थे, उसने चड्डी की बगल से मेरे लंड को बाहर निकाल कर पकड़ किया और मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी और आगे पीछे करने लगी.

अब मोना के पास ज्यादा कुछ छुपाने को बचा नहीं था… तो वो अपना हाथ छुड़ाने की बहुत कोशिश कर रही थी अब्बास से. जानने के लिए पढ़ेंका अगला भाग शीघ्र ही आपकी अपनी अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर !अपनी बात इस कहानी की लेखिका वृंदा को कहने के लिए[emailprotected]पर मेल करें !. उस घने जंगले में पानी का स्रोत ढूंढने लगा… मेरी चूत को अपनी हथेलियों में भरकर उसने दबा दिया.

20 साल की उम्र में शादी के बाद मेरी जिंदगी बहुत खूबसूरत रही थी, ऐसा लगता था कि जैसे यह रोमान्स भरी जिंदगी यूं ही चलती रहेगी. ईईईईईईईईईई !”उसने 4-5 धक्के ज़ोर ज़ोर से लगाए और फिर मेरी गाण्ड के अंदर ही उसकी पिचकारियाँ फूटने लगी. तुम जैसे चाहे हमें चोद सकते हो ! शादी के बाद तो हमारा पति हमें चोदेगा, उससे पहले कैसे चोदते हैं यह सीख लिया तो शादी के बाद परेशानी नहीं होगी।कैसे शुरुआत करें….

सोमा ने मुझे देखते हुए कहा।कमल ने बिना देरी किये अपना सात इंच का मूसल मेरी चूत में रखा और मेरे दाने को रगड़ने लगा।मैंने आँखे बंद कर ली………फिर कमल ने अपना सुपारा मेरी चूत में घुसाया तो मैं मचल गई …….

राजस्थान बीएफ फिल्म: कारण यह कि अमित का लंड करीब 8 इंच लम्बा और काफी मोटा था, मुझे मालूम था कि यह मेरी चूत का भुरता बना देगा. मामी, मैं निकलता हूँ! आपने आज मेरा सपना पूरा कर दिया! अब मैं आप से दोबारा कुछ नहीं मांगूंगा!”नयन भले ही तुम मुझे दोबारा कुछ नहीं मांगो, लेकिन तुमने आज जो ख़ुशी मुझे दी है, अब मैं तुमसे रोज तुम्हारा लंड मांगूंगी! तो फिर नयन कल दोपहर को आओगे ना? मैं तुम्हारा इंतजार करुँगी.

बेल बजते ही तू क्रियाकलाप हाल में अपना और मेरा खाना लेकर पहुँच जाना ! मैं बेल बजते ही वह आ जाऊँगी. ” की आवाजों के साथ उसने मुझे कस लिया और अपने कूल्हे उठा-उठा कर लण्ड गटकने लगी।धक्कों की रफ़्तार अपने चरम पर पहुँच गई. आंटी ने हल्का सा उई किया बस!मैं अब धक्के लगाने लगा, आंटी भी मेरे हर धक्के का जवाब अपने धक्के से दे रही थी.

कम से कम मैंने अपना सब उसे सौंपा, जिससे मैं प्रेम करती हूँ और जो मुझ से प्रेम करता है.

प्रेषिका : सिमरन सोधीहाय दोस्तो, मेरा नाम सिमरन है, मैं 32 साल की शादीशुदा महिला हूँ, मुझे एक 11 साल का बेटा कुंदन और 10 साल की बेटी सिया है। मैं मेरे पति और बच्चों के साथ पूना में रहती हूँ। मेरे पति संजय कोलेज में प्रोफ़ेसर हैं, मैं सायंस ग्रेजुयेट हूँ और मैं एक हॉस्पिटल में काम करती हूँ, बीमार मरीजों की सेवा करना मुझे अच्छा लगता है।मेरा पहला सेक्स…. सबको लगता था कि हम दोनों प्रेमी हैं… मुझे भी मेरी क्लास की लड़कियाँ उसके नाम से चिढ़ाती थी. । क्या बताऊँ दोस्तो, उनकी नर्म-नर्म उँगलियाँ ऐसा जादू कर रहीं थी कि मुझे वैसी अनुभूति तब तक कभी भी किसी भी लड़की या औरत से नहीं मिली थी। जब तक मैंने उनके बदन को पौंछ कर सुखाया तब तक वो फिर से पूरी तरह से जोश में आ चुकीं थी….