हिंदी में बीएफ देखना

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रांची का सेक्सी बीएफ: हिंदी में बीएफ देखना, फिर शीतल भाभी ने मुझे अन्दर हॉल में सोफे पर बैठाया और मेरे से पूछने लगीं- क्या लोगे?मैंने कहा- अभी तो फिलहाल पानी से काम चला लूंगा.

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मैं उसको चाय देकर जाने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरी तरफ प्यार से देखने लगी. सेक्सी जानवर लड़कीदस मिनट तक उसके मुंह को चोदने के बाद मैंने अपना सारा माल उसके मुंह में ही निकाल दिया.

मैं डर गया कि मम्मी को कुछ हो ना जाए इसलिए कुछ टाइम तक वैसे ही रुक गया. हिंदी पिक्चर फिल्म कोहरामआशा करता हूं कि मेरी यह कहानी सुनकर सभी मर्द अपना लंड हिलाने लगेंगे और लड़कियां अपनी चूत में उंगली करने लगेंगी.

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उसने एक हल्की मीठी सी सिसकारी ली- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आम्म … हह आहह हह्ह!वह आँखें बंद करके मजे लेने लगी.मैं तो उसी रात मिनी को अपने लंड के नीचे ले आता लेकिन हम दोनों पहली बार होने के कारण कुछ झिझक रहे थे इसलिए बात बढ़ नहीं पाई थी.

मेरे सामने चुटकी बजाते हुई बोली- ए मिस्टर, क्या देख रहे हो कहाँ खोये हो?मैं सकपका गया और बोला- अरे कुछ नहीं यार. हिंदी में बीएफ देखना सामने पम्मी आंटी साड़ी को घुटनों तक उठा कर अधलेटी सी पड़ी थीं और उनके प्यारे प्यारे दोनों दूध मुझे आकर चूस लेने का निमंत्रण दे रहे थे.

मुझको गुस्सा आया और मैं ये सोच कर नीचे आ गया कि और क्या तेरा अचार डालूँगा मैं.

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अपने ब्वॉयफ्रेंड को बोल देना कि जगह का इंतजाम कर ले और वहां आराम से अच्छे से उसके साथ सुहागरात मना लेना. इस तरह ऋजु मुझसे चुदने के लिए तैयार हो गयी। और मैं सही मौके की तलाश करने लगा।और जल्दी ही मुझे मौका मिल गया। हमारी रिश्तेदारी में किसी बुजुर्ग की मौत हो गयी थी, तो 4-5 दिन बाद उसकी तेरहवीं थी।एक दिन शाम को मेरी माँ ने बताया कि कल वो उसकी तेरहवीं में जाएंगी. मगर जब से मैंने तुम्हें नंगी देखा है मैं तुम्हारे बारे में सोच कर ही मुट्ठ मारता हूँ.

सोनू बोली- ज्यादा मोटा था क्या?नीरजा बोली- हां यार साले का मूसल जैसा था … जब जब अन्दर जाता … समझो जान ही निकाल देता. मैंने अपने अंडरवियर को निकाल दिया और मेरा काला ‘लाल’ मेरी जांघों के बीच में लटकर झुलता हुआ बाहर आकर चैन की सांस लेने लगा. उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझ पर चिल्लाकर बोली- ये क्या कर रहा है तू?मैं समझ रहा था कि इसको मजा आ रहा होगा.

बारह-चौदह बार मेरे लिंग वसुन्धरा की योनि के अंदर योनि के हाईमन को बस छू कर वापिस लौट आया. सन्जू बोली- अब छोड़ भी दो … खा जाओगे क्या?जब रोहित ने सन्जू के चूची से मुंह निकाली सन्जू की चूची पूरी लाल हो गयी थी।एकाएक रोहित को क्या सूझा कि नीचे उतरा और सन्जू की चूत जो अब काफी गीली हो गयी थी और पानी रिस रहा था, को चूसने और चाटने लगा.

मैं भी उसके सर के बालों को पकड़ कर जोर जोर से उसके मुँह में झटके देने लगा.

फिर मैंने ही बातों का सिलसिला शुरू करते हुए पूछा- सीमा ने क्या क्या बताया है मेरे बारे में?रश्मि मेरे पास बैठ कर बोली- सीमा बहुत तारीफ कर रही थी तुम्हारी … तुम्हारे स्टेमिना और सेक्स के नए नए तरीकों से जो तुम उसे सैटिस्फैक्शन देते हो.

उसके करीब आते ही मैंने उसे अपनी बांहों में भर के एक बड़ा जोरदार किस किया. मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी ओर खींचा, अपना एक हाथ उसकी कमर में डाल दिया. मैं भी उसे गाली देने लगा- ले रण्डी कुतिया साली रांड छिनाल मादरचोद बहनचोद!आह आह आह …” उसके मुंह से आवाजें निकल रही थी, उसके बड़े बड़े मोटे चुचे हिल रहे थे। वो बस मुझे गाली दिए जा रही थी और कमर चला रही थी नीचे से!थोड़ी देर के बाद उसने मुझे नीचे पटक दिया और खुद ऊपर आ गयी, गाली दे दे के वो मुझे चोदने लगी, मेरी छाती को नोचने लगी.

उसी दिन उन्होंने मुझे ऐसे ही मिलने को बुलाया लेकिन मैं इतनी जल्दी मिलने से डर रहा था. मिसेस शर्मा पर क्यों इम्प्रैशन जमाना? ये नितिन भी ना कुछ भी बोलते रहता है. फटाफट अपना मोबाइल निकाला और उसे साइलेंट मोड पर किया और चुदाई की रिकार्डिंग करने लगा.

अंकल ने मेरी तरफ देखा और कहा- तभी से मैं एक बहुत बड़ा गाण्डू बन गया और अब मुझे तुम्हारे जैसे गबरू जवान पसंद हैं.

ये सोचते ही मैं एकदम गर्मा जाता था और अपनी मम्मा को याद करके मुठ मार लेता था. हम जब पटना उतरे तो वहां से सीधे एक ऑटो पकड़कर अपने घर पर पहुंचे मतलब कि चाची के मायके में आ गए. पापा ने मेरे चूचों को अपने दोनों हाथों पकड़ लिया और नीचे से मेरी चूत में धक्के देना चालू रखा.

शुभी को लंड चूसने में मजा आने लगा था और वह उसको लॉलीपोप समझ कर मजे से चूस रही थी. मैं एक फ़िल्मी गाना गा रहा था- तुम अगर मिल जाओ तो जमाना छोड़ देंगे हम. फिर मैंने 2 झटके और मारे और मेरा पूरा लंड उसकी फ़ुद्दी में समा चुका था, उसकी आँखों से पानी बह रहा था.

तभी वो मेरे लिए जूस और नाश्ता लेकर आईं और दस मिनट में वापस आने का बोल कर अपने परिवारजनों के पास चली गईं.

ब्लाउज का गला घटा होने से उसके दोनों स्तनों के बीच की दरार भी बड़ी मस्त दिख रही थी. अन्दर देखा तो भईया पूरे ऊपर से नीचे रंग में नहाए हुए भांग और दारू के नशे में धुत्त पड़े सो रहे थे.

हिंदी में बीएफ देखना दूसरे ही दिन जब पापा ऑफिस चले गए, तब मम्मी को किसी काम से मामा के घर जाना पड़ा. दोस्तो, मैं अन्तर्वासना साईट पर हिंदी सेक्स कहानियां पिछले 2010 से पढ़ रहा हूं.

हिंदी में बीएफ देखना जब मेरा वीर्य सोनू की चूत के अंदर पिचकारी मार रहा था तो सोनू को बहुत आनन्द आ रहा था. वो बहुत ज्यादा कामुक हो गए थे, मेरे होंठों पर अपने होंठों को लगा कर चूम रहे थे और साथ में काट भी रहे थे.

मुझे बाद में अहसास हुआ कि मम्मा के मन में मेरे लिए सेक्स वाली फीलिंग आती होगी.

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जा … जाकर बदल ले अपनी किस्मत!ऊषा तुरंत समझ गयी कि उसे क्या करना है. फिर मैंने भी एक हाथ से उसकी जीन्स का हुक खोलकर उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया. मैंने उससे कहा- यहां दर्द हो रहा है क्या?उसने कहा- नहीं रोहन … जरा और नीचे.

मैं नवाज भाई को यह बता नहीं पाया कि उनसे गांड मराए दो महीने हुए हैं, उन्होंने मेरी कसके रगड़ दी थी. उसके बाद मैंने उसे ओर भी बहुत बार चोदा, वो मैं अगली कहानी में बताऊंगा. वह बोली- क्या?मैंने कहा- हाँ, जैसे मैंने तुम्हारी चूत को चाटा है वैसे तुम भी तो मुझे मुंह में लेकर मजा दो.

” रानी लौड़ा चूत में लिए बिल्कुल बिना हिले डुले मुझे हिदायतें दे रही थी.

अंकल ने कहा- फिर एक दिन सुलभ के साथ हम दोनों उनके खेत पर घूमने गए और शाम को लौटे, तो बहुत थक चुके थे. एक दो जगह से चूची को काट भी लिया जिसका निशान अभी भी पड़ा हुआ है मेरी चूची पर. मेरा लंड देखकर मेरी पत्नी खुश हो गयी, बोली- अभी रुक जाओ, मेरी बहन आयी है!उसे क्या पता कि मेरा लंड तेरे लिए नहीं साली के लिये तैयार था.

मैं भी उसे गाली देने लगा- ले रण्डी कुतिया साली रांड छिनाल मादरचोद बहनचोद!आह आह आह …” उसके मुंह से आवाजें निकल रही थी, उसके बड़े बड़े मोटे चुचे हिल रहे थे। वो बस मुझे गाली दिए जा रही थी और कमर चला रही थी नीचे से!थोड़ी देर के बाद उसने मुझे नीचे पटक दिया और खुद ऊपर आ गयी, गाली दे दे के वो मुझे चोदने लगी, मेरी छाती को नोचने लगी. ऐसा ही एक मेल मुझे मिला अजय का जो अपनी वाइफ के साथ पंजाब में रहता है, एक प्यारी सी बच्ची का बाप है. यहाँ पर मैंने बहुत सी सेक्सी कहानियां पढ़ी हैं।दोस्तो, आमतौर पर सब लोग यही मानते हैं कि सेक्स को लेकर लड़कों में बहुत ही जोश होता है.

मैंने एक टाइट लोवर पहना जिसमें मेरी गांड उभर कर आ रही थी और टी-शर्ट डाल कर उनका वेट करने लगा. कहानी शुरू करने से पहले मैं अपने बारे में बता दूं कि मेरा नाम अमित (बदला हुआ) है.

चुत तो मैं हर रोज चोदता हूं और गांड हफ्ते में दो बार ही चोदने को मिलती है. वे दोनों एक दूसरे को किस करने लगीं और मैं उन दोनों के इस गर्म सीन को देख कर सोनल की जांघ को सहलाने लगा, जिससे सोनल को भी मजा आ रहा था. मैंने भी डर का बहाना बनाते हुए आव देखना ना ताव … आंटी के कंधों को पीछे से पकड़ने के बहाने सामने की ओर ज़ोर से अपने आपको धकेला कि उनका मुँह अब सीधे मेरे लंड पर चला गया.

एक दिन मुझे ऑफिस में कुछ देर हो गई और वो मेरे पास आकर बोला- आज तो आप काम में फँस गई.

उसने मीरा की कमर पर क्रीम लगाई और उस पूरे हिस्से में हाथ फेरते हुए रितेश मीरा की मालिश करने लगा. लोगों की निगाहों से बचकर अपने प्रेमी या प्रेमिका से मिलने जाना एक गुदगुदी और सनसनाहट का मजा देती है. चिकनी चुत में अमर का मोटा लंड फांकों को चीरता हुआ घुसा तो पिंकी भाभी की एक तेज चीख निकल पड़ी.

मैंने अपनी मम्मा सौम्या के गले में मंगलसूत्र पहना दिया और उनकी मांग भर दी. मारे उत्तेजना के मेरा लिंग पत्थर सा सख़्त हो रहा था और उसमें से प्री-कम भी बहुत निकल रहा था जिस के कारण वसुन्धरा की उंगलियां मेरे प्री-कम से सनी सनी जा रही थी.

परी ने पूछा- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मैंने ना में सिर हिला दिया और वो हँसने लगी. थोड़ा समय बीतने के बाद निशा जोर जोर अपनी पूरी बॉडी को हिलाने लगी और एक जोर की सिसकारी लेते हुए वो भी शांत हो गई. इस कहानी को शुरू करने से पहले मैं आपको अपनी पिछली कहानी के बारे में संक्षिप्त जानकारी देना चाहूंगा ताकि आप इस कहानी को पिछली कहानियों के साथ जोड़ने में सहूलियत महसूस कर सकें.

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आगे जो कुछ भी हुआ उसे पूरी सच्चाई के साथ आप पाठकों के सामने लाऊंगी, यह मेरा आपसे वादा है.

मैंने रानी के चूतड़ भींच के एक ज़ोरदार धक्का लगाया तो बचा हुआ माल भी झड़ गया. मैंने भी उसे भरोसा दिया अगली बार जब भी मिलेंगे उसकी इस फैंटेसी को जरूर पूरा करूंगा।तो दोस्तो, यह थी मेरी दूसरी कहानी. जब मैं खाली होता था तो गांव की औरतों को याद करके लंड को मसल लिया करता था क्योंकि मेरी अब तक कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी.

प्लीज़ मुझे मां बना दो!अमर ने पिंकी का मुँह अपनी तरफ उठाया और उसके आंसू पौंछते हुए पिंकी को मां बनाने का वायदा कर दिया. उसने मुझे पकड़ कर अपने ऊपर ले लिया और मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत में लगा लिया. मारवाङी सेक्सीमेरी माँ चाहती थी कि वह अच्छे से सिलाई व बुटीक का छोटा-मोटा काम सीख जाए। फिर मेरी मम्मी ने उसकी मम्मी को फ़ोन करके यहां रहने के लिए बोल दिया था और उसकी माँ मान भी गई थी।भावना के बारे में मुझे एक बात पता थी कि उसका कई लड़कों से चक्कर चल रहा था और अभी भी उसका एक बॉयफ्रेंड है। ये बात पता चलने के बाद मैं भी उसे चोदने की फिराक में लगा हुआ था.

अब एक हाथ से मैंने बीवी के चूतड़ फैला कर रख दिए, पूजा ने चूतड़ फैलाकर एक पैर पकड़ रखा था. इसीलिए मैंने नीरजा की चूत का भोसड़ा बनाने की नियत से एक बार में ही पूरा लौड़ा पेल दिया था.

मैंने अपने लंड को करीब आधा बाहर खींचकर अब एक जोर का धक्का और लगा दिया और अपने लंड को उसकी मखमली गहराई में जड़ तक ही उतार दिया जिससे मोनी जोरों के साथ चिहुंक गयी और अपने दोनों हाथों से उसने मेरी कमर को कस कर पकड़ लिया. वीर्य छूटने के वे कुछ क्षण ऐसे थे जैसे इसके अलावा जिंदगी में इससे बड़ा न तो कोई आनंद है और न ही कोई लक्ष्य. मेरी भी हिम्मत बढ़ी तो मैंने भी उसको अपने पास खींच लिया और उसके होंठों पर अपने होंठों को रख कर चूमने लगा.

आज मेरी जिंदगी का पहला गिफ्ट है, किसी अपने के द्वारा दिया गया ये गिफ्ट मुझे मानो जन्नत की ख़ुशी दे रहा था. और फिर कुछ देर के बाद मैंने उसकी बगलों को चाटा, वह पागल हो गयी और मुझे कस कर पकड़ लिया. मैंने ऊपर से ना नुकुर की मगर अंदर से मैं बहुत खुश थी कि आज इसके साथ जाने का मौक़ा मिला है और इसको किसी ना किसी तरह से फँसाना चाहिए और शादी के लिए तैयार करूँ.

उसके मुंह से यह कामुक बात सुनकर मैंने उसके पैरों को फैला दिया, अपना लंड उसकी चूत पर लगाकर अंदर करने की कोशिश करने लगा.

मैं भी थक गया था इसलिए हम दोनों नंगे ही सो गए!रात के करीब दो बजे नींद खुली तो राशि मुझ से चिपक कर सो रही थी, उसके मस्त गोरे चूचे और गोल-गोल गांड को देख कर लंड फिर खड़ा हो गया. मैं अन्य लोगों की तरह ये नहीं कहता कि मेरा लण्ड साढ़े 8 इंच या 9 इंच लंबा व साढ़े 3 इंच मोटा है.

फिर मैंने बातों ही बातों में सुषी से पूछा तो उसने बताया कि जिस लड़के से उसकी शादी होने वाली है वह उसको पसंद नहीं है. मैं- क्या हुआ आपको?कल्पना- पैरों के बीच दर्द कर रहा है … मुझसे चलते नहीं बन रहा है. फिर मैंने नीचे बैठ कर एलेक्स की पैंट को खोल दिया और जैसे ही मैंने पैंट को खोल कर उसे नीचे उतारा अंडरवियर में उसका लंड तना हुआ झटके दे उठा.

मैंने अपने दोनों हाथों से पूजा के चूतड़ फैलाकर पकड़ रखे और लंड को गांड में धकेलने लगा. शर्मा सर ने मुझे बियर का कैन दिया उसे मैंने बड़े बियर गिलास मैं खाली किया और फिर तीनों ने चियर्स किया. इससे पहले मैंने कभी नहीं पी थी मगर उनकी ज़िद के आगे में झुक गया और मैंने थोड़ी सी पी ली.

हिंदी में बीएफ देखना हालांकि मैं भी सेक्स का मजा लेना चाहती थी लेकिन पहली बार के होने वाले दर्द से डरती थी. फिर मैं तो कुलीन को पसंद करती थी, इसलिए मैं उससे ही ज्यादा बात करती थी.

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मम्मी अपने दूध पिलाते हुए कहने लगीं- आआह … पी लो… मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ … आआह. मैंने शर्म छोड़कर कह दिया कि डाक्टर साहब दो-तीन दिन से नीचे खुजली हो रही है. उसके बूब्स बहुत ही सॉफ्ट थे जो मेरे एक हाथ में अच्छे से समा भी नहीं पा रहे थे.

सलोनी- पर आज तक मेरे से किसी ने कहा क्यों नही? मेरा भी दिल करता था कि कोई मेरी तारीफ करे. इस पूरे मजे के लिए आप सभी दोस्तों को मेरी कहानी के अगले भाग का इन्तजार करना होगा, जो मैं आप सभी के मेल आने के बाद लिखूँगा. हिंदी सेक्सी फिल्म हिंदी आवाज मेंजब मैंने उसे आई लव यू बोल दिया तो वो बोली- मगर मैं किसी और से प्यार करती हूँ.

अन्तर्वासना पर चुदाई की कहानी के शैदाई सभी पाठक दोस्तो, मेरा नाम निशा है.

फिर धीरे से वो मेरे लंड के पास अपना मुँह ले आए और मेरे तने हुए लंड को मुँह में भर कर धीरे धीरे चूसने लगे. उसके घर की रास्ता पीछे वाली गली में खुलती थी … और मेरे घर की रास्ता आगे वाली गली में खुलती थी.

अंदर जाते ही उसने भीतर से दरवाजा बंद कर लिया और मेरे पैरों पर गिर पड़ी. आज मैं अपने यौवन के सुख का अहसास करना चाहती हूँ।उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली- आज अपनी इच्छा से अपने लिये कुछ कर रही हूँ और मेरे परिवार में किसी को कुछ नहीं मालूम है।मैंने कहा- कोई बात नहीं, अगर तुम नहीं चाहती तो कोई बात नहीं, कोई जबरदस्ती नहीं है. पजामी की साइड से उसकी बड़ी सी गांड देखकर मेरा लंड पेंट में ही उफान मारने लगा.

मैंने उसकीछोटी बहन की चूतकैसे मारी, यह मैं आपको अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.

अब वो कभी भी बाहर निकल सकती थीं, इसलिए मैं जाकर बाहर बरामदे में बैठ गया. मैं सोनू के ऊपर चढ़ा हुआ उसकी चूत को ठोकता रहा और सोनू मेरे नीचे लेटी हुई मेरे पूरे मोटे लंड को अपनी चूत में लेती रही और मजे से कुछ-कुछ बोलती रही. आनन्द के मारे अपने आप ही आंखें बंद हो गईं और मुँह से आनन्दमयी सीत्कारें फूट पड़ीं.

मारवाड़ी सेक्सी इंडियनजब कुछ देर इसी तरह से मैं उससे चिपकी रही तो मुझे पता लग गया कि उसके लंड ने भी घंटियाँ बजानी शुरू कर दी हैं. नम्रता- मौका भी तो नहीं मिल रहा है, जो तुम्हारी बांहों में समाने के लिये मचल जाऊं.

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कुछ दिन बाद बहन के एग्जाम भी पूरे हो चुके थे, तो मम्मी ने कहा- जाओ, अपनी दीदी को घर ले आओ. मेरे पति का लंड मेरी चुत में जिस मस्ती से अन्दर बाहर हो रहा था, उससे मेरी चुत से ‘पचपच. मैंने कहा- देखती हूँ अगर कोई सवारी मिलती है तो!उसने कहा- चलिए आज मैं आपको छोड़ देता हूँ.

इस दूसरी चुदाई में पता नहीं मैं कितनी बार झड़ चुकी थी और अब मन कर रहा था कि अंकल हट जाएँ तो मैं लेट कर चैन की सांस लूं. मैंने कॉफी का कप टेबल पे रखा और जाने के लिए उठ खड़ा हुआ, तो नैना भी उठ गयी. शायद मेरा लंड आंटी के पैरों में गड़ने लगा था क्योंकि आंटी अपना पर थोड़ा इधर उधर सरका कर एडजस्ट करने लगी थीं.

रात को उसने चैट में बताया कि वह बहुत खुश था कि उसको किसी ने बर्थडे विश किया था. अब मेरे मन में भी एक जिज्ञासा पैदा होने लगी थी कि पापा मेरी माँ की चूत को किस तरह चोदते होंगे. यही सब सोच सोच कर मेरा मन मौसी की तरफ आकर्षित होने लगा और मैं मौसी को चोदने का सपना देखने लगा.

उसे देख कर मेरे अन्दर एक अजीब सी हलचल हुई, मेरा लंड फुंफकार मारने लगा. फिरर वैसे ही उठा के मुझे पलंग पर पटक दिया और कूद के वो भी पलंग में आ गया.

आह … सोनम बेटा, शाबाश … बस ऐसे ही चाटती रहो और फिर चूसो इसे!” अंकल जी खुश होकर बोले.

चिकनी चुत में अमर का मोटा लंड फांकों को चीरता हुआ घुसा तो पिंकी भाभी की एक तेज चीख निकल पड़ी. ट्रांसजेंडर सेक्स वीडियोमेरी गांडू कहानी के तीसरे भागदिल मिले और गांड चूत सब चुदी-3में अब तक आपने पढ़ा कि मेरी बहन शैली भी उपिंदर से चुद ली थी. पंजाबी सेकसी विडियोपहले मैंने उनकी ब्रा से दूध के गुब्बारों को आजाद किया, फिर उनकी पैंटी को पकड़ कर नीचे किया. मैं- अभी तो ये शुरुआत है मेरी जान … अब आ जा, तेरी चूत को लंड से मजा देता हूँ.

जब भी लंड बाहर निकालता, उनके मुँह से सिसकारी निकलती और जब झटके से अन्दर डालता, तब उनकी आह बाहर आ जाती.

हाय दोस्तो, मैं प्रतिभा, चुदाई की कहानियां आपको बहुत पसंद है, मैं इस बात को भली भांति जानती हूँ. रूपा ने इस पहली चुदाई में अब तक तीन बार पानी छोड़ दिया और मेरा भी पानी निकलने वाला हो गया था. जब काफी देर हो गई तो मुझे रोहन की आवाज आई- अंजलि कितनी देर और लगेगी?मैंने कहा- आ रही हूं बस!मैं थोड़ी नर्वस हो रही थी और शर्म भी आ रही थी.

उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और मुझे अंदर तक डीप किस करने लगा. अंकल ने मेरी तरफ देखा और कहा- तभी से मैं एक बहुत बड़ा गाण्डू बन गया और अब मुझे तुम्हारे जैसे गबरू जवान पसंद हैं. इतना कहकर वह बेड पर जाकर मेरे सामने लेट गई और मुझे अपने ऊपर आने के लिए कहने लगी.

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मैंने हिम्मत करते हुए अपने सारे कपड़े उतारे और सिर्फ चड्डी में होकर बाथरूम में घुस गया. मैंने भी एक बार में अपना लंड बिना कंडोम के, उसकी गीली चुत में धकेल दिया. मैंने नितिन की तरफ ग़ुस्से से देखा … मैं बियर लेती थी, पर उसके बॉस के सामने मैं बियर लेने में ऑकवर्ड महसूस कर रही थी और उनकी मिसेज भी नहीं थी.

मुझे ऐसा लग रहा था कि किसी भट्टी में लंड पेला हो!अगला झटका मारते ही मेरा लंड चूत की गहराई में जैसे किसी दीवार से टकराया। श्रद्धा अभी कसमसा रही थी। मैं उसकी चूत में अपना लंड अंदर बाहर कर धीरे धीरे चोद रहा था।जब वो दोबारा गर्म हुई तो कमर चूतड़ हिला-हिला कर मेरा साथ देने लगी। मैं पूरा दम लगाकर उसे चोदने लगा.

अब तो मैं अक्सर उसके रूम पे जाती रहती थी और कभी उसका रूम साफ करने में मदद करती.

भाभी बोली- क्यों, मुझसे बात नहीं कर सकते क्या?भाभी की बात सुनकर मेरे अंदर का कामदेव जागने लगा था. पर मैं करूं तो क्या ये मेरी समझ में नहीं आ रहा था क्योंकि मैं इन चक्करों से बिल्कुल अनजान थी. डॉग सेक्सी व्हिडिओउसने मुझे फिर बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी चूत में अपना लंड डालने लगा.

मैं लगातार ललचा रहा था और ज़रीना के हाथ के ऊपर से अपने लंड को दबाने लगता था. सन्जू बोली- थोड़ा देर रुको, मैं भी झड़ने वाली हूँ।पर अब वो रुकने वाला कहाँ था, सन्जू की पूरी चूत वीर्य से भर गयी।परंतु सन्जू को कुछ एहसास हुआ, वो बोली- अरे वाह … तुम्हारा लंड तो वीर्य निकलने के बाद भी नहीं सिकुड़ा है. बस उसने कुछ धक्के लगा कर मेरी सील तोड़ी और उसका दम निकल गया और वह शर्म के मारे भाग गया.

इसलिए राशि मेरे लंड को चूसते हुए मेरे जिस्म के हर उस हिस्से को चाटती और चूसती रहती थी जहां उसका दिल करता था. मैंने स्कर्ट और ब्रा पहनी, शैली ने एक टाइट टॉप और नीचे सिर्फ पैंटी.

कुछ ही देर में मैं झड़ गया और चादर से ही अपने लंड को पौंछ कर सो गया.

मैंने मौके को समझा और उसके कंधे पकड़े हुए लंड पर प्रेशर बना कर पूरा जोर से झटका उसकी चूत में दे मारा. उनका हाथ लंड पर लगते ही मैं एकदम सकपका सा गया और इसी वजह से मेरा बैलेंस बिगड़ने लगा. फिर मैंने उसको दोनों हाथों से एक घेरा बना कर उस से चिपक गई और अपने दोनों हाथ इस तरह से रखा कि वो उसके लंड के आस पास ही रहें.

एक बकरी के सात बच्चे पहली बार आज हाथ से लंड को पकड़े हुए थी, मैं बता नहीं सकती उस पल मुझे क्या फील हो रहा था. यह स्थिति आग में घी का काम करती है कुछ ऐसा ही हाल था!मैंने धीरे से मीना का हुड और टीशर्ट उतार दी.

मेरे लंड में दर्द सा हो गया था और जब लंड बाहर आया तो मेरे लंड पर खून लगा हुआ था. मेरी बहन के मुँह से ये शब्द सुनकर मैं चौंक गया और ज्यादा जोश में भी आ गया. अब अगली सुबह की बात बता रहा हूँ:प्रीति ने ट्रे से ब्रैड उठाया और मुझसे बोली- आज मैं ही तुम्हारा नाश्ता हूँ जान, आ जाओ, खा लो मुझे.

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मैंने सुबह 4:00 बजे चाय बनाई तो छोटू को उठाया ही नहीं और सुमन को चाय देने चला गया. मैंने सोनू को नीचे खड़ा किया और खुद कुर्सी के ऊपर बैठकर सोनू की चूचियों को बारी-बारी से पीता रहा और उस के नंगे गोल चूतड़ों को अपने हाथों से सहलाता रहा. वसुंधरा की केले के पेड़ के तने सी चिकनी दोनों टाँगें और घुटनों के ऊपर दो मरमरी दूधिया जांघें, दोनों जाँधों के ऊपरी जोड़ पर छोटी सी, गुलाबी जाली वाली साटन की डिज़ाईनर पेंटी जिस के जाली के बाद वाले गुलाबी साटन के कपड़े में ठीक बीच में से उठे हुए धरातल का एक त्रिभुज का आकार और उसके बीचों-बीच से शुरू होकर एक नीचे की ओर घुमाव लेती एक रेखा … सबकुछ साफ़-साफ़ नुमाया हो रहा था.

मेरी पिछली कहानीचंडीगढ़ में देसी अनचुदी फुद्दी चोदीसे आगे की यह पंजाबी चूत की कहानी है. मैंने सोच लिया था कि आज इसकी चूत को चोदने के साथ-साथ इसकी गांड को भी अपने लंड से फाड़ दूंगा.

मैं भाभी की दोनों चूचियों को चूसने चाटने काटने लगा और भाभी का विरोध ना के बराबर हो गया.

तभी मैं झड़ने वाला था तो उसने कहा- जीजू, प्लीज मुंह में छोड़ना!मैंने सारा माल उसके मुंह में छोड़ दिया, वो बहुत खुश हो गयी. इसके बाद जब तक शीतल भाभी के पति अपनी बिजनेस ट्रिप से वापस लौट कर नहीं आ गए, मैं शीतल भाभी को रोज़ चोदता रहा. मैंने फिर पूछा- अमीषी व्हाट हैपेंड?उसने मेरे पास आकर लंड को अपने हाथ में लिया और बोलने लगी- बाबू, ये अन्दर कैसे जाएगा?मैंने उसे दीवार से उल्टा लगा कर उसकी गांड की दरार में अपना लंड रखा और कहा कि डार्लिंग वो तुम मुझ पर छोड़ दो.

लेकिन कुछ भी हो, मीना एक स्त्री है उसका सम्मान हर हाल में होना चाहिए, उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ संभोग करना उचित नहीं था. मैंने उससे कहा- मेरी जान, मेरे रहते तुम्हें इतना तड़पने की जरूरत नहीं!अब वो मुस्कुराई. और भाभी पोर्न मूवी जैसे नीचे बैठ गयी, मैंने अपना माल भाभी के मुँह में गिरा दिया और भाभी उसे पूरा पी गयी।भाभी- आह तेरा माल मस्त है, पीकर के मज़ा आ गया।उसके बाद हम दोनों साथ में नहाये।और वहाँ एक बार और मैंने भाभी को चोदा। मैंने उनकी गांड भी मारी शैम्पू लगा के उनकी गांड में! उसके बाद उन्हें तकलीफ हुई चलने में तो मैं उन्हें सहारा देकर बेड तक ले गया और कपड़े पहने.

फिर कुछ टाइम बाद हम सोशल मीडिया पर बात करने लगे और हमने अपने नंबर एक्सचेंज कर लिए.

हिंदी में बीएफ देखना: अगले दिन मैं जानबूझ कर सुबह सवेरे अपने घर के आगे टहलने लगी, साढ़े पांच बजे वही अंकल जी फिर मेरे घर के सामने से निकले, वही छवि, हाथ में रूलर लिए हुए, मेरी ओर बिना देखे नीची नज़रें किये हुए फुर्ती से निकल गए. मैंने भी अपनी बहन रूपा के मम्मों को मुँह में लेकर चूसना चालू कर दिया.

एकदम गोल-गोल पके हुए खरबूजे की तरह!” सर ने मेरे नितम्बों पर थपकी सी मारने के बाद उनको अलग-अलग करने की कोशिश करते हुए कहा- हाय … बिल्कुल एक नंबर का माल है … कितनी चिकनी चूत है तेरी … मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि इंडिया में भी ऐसी चूतें मिल जाएँगी … क्या इंपोर्टेड पीस है यार …”पिंकी ने अपना चेहरा दूसरी ओर घुमा लिया. इतना बोलते ही करण ने पैंटी मेरी तरफ बिस्तर पर फेंक दी।मैंने उठकर पैंटी उठाई और कारण के पास जाकर अपनी सोती हुई मम्मी को देखा। मम्मी बिल्कुल नंगी बिस्तर पर सो रही थी और खिड़की से आ रही धूप की रोशनी में वे काफी सुंदर लग रही थी। हम दोनों के लण्ड मम्मी की ऐसी हालत देखकर ओर उनकी पैंटी सूंघकर फिर खड़े होने लगे थे। हम दोनों एक दूसरे को ही देख रहे थे. प्रिया- उम्म्म्म!मैं प्रिया की जांघों के बीच बैठ गया और उसकी चूत को चूसने लगा.

मेरी पैंट पर हाथ ले जाकर उसने मेरे लंड को टटोला और उस पर हाथ रख कर रगड़ते हुए मुझे चूमती रही.

जंगल में हम दोनों चुदाई के लिए सही जगह खोजने लगे … लेकिन हमें डर भी था. अंकल ने ब्रा के कप पर अपना मुँह रखा, मेरे स्तनों पर उनके मुँह का दबाव महसूस हुआ. कुछ पल बाद जब लगा कि उसको अच्छा लगा रहा है तो मैंने देर ना की और हल्के से धक्के मारते हुए लंड को अन्दर करने लगा दिया.